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 छत्तीसगढ़ में अब छात्रों को मिलेंगे 5 किलो वाले गैस सिलेंडर, बस करना होगा ये काम

छत्तीसगढ़ में अब छात्रों को मिलेंगे 5 किलो वाले गैस सिलेंडर, बस करना होगा ये काम

 

 रायपुर। एलपीजी गैस से जुड़े मुद्दों को लेकर कलेक्टरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर  कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के एलपीजी वितरकों की बैठक ली। अपर कलेक्टर राठौर ने कहा जिले में निवासरत विद्यार्थियों को 5 किलो का छोटा सिलेंडर गैस एजेंसी द्वारा आधार कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रदान किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को सिलेण्डर का वितरण किया जा रहा है। यह ध्यान रखें कि वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही यदि कोई तत्व वितरण में बाधा पहुंचाता है या एजेंसी कार्यालय में नियम के विरूद्ध सिलेण्डर लेने की कोशिश या डिलिवरी मैन से दुर्व्यवहार करता है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही कीजाएगी।

सिंह ने कहा कि सभी वितरक व्यवस्था बनाए रखें एवं किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचना दें। उन्होेंने कहा कि अस्पताल जैसे एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम एवं अन्य समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में भी गैस की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन की लिमिट रखी गई है जिसके बाद अगली बुकिंग की जा सकेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि अभी नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश आने पर रायपुर जिले के इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विकास मरकाम ने आम उपभोक्ताओं से अपील की, कि पैनिक न हों जिले में इस समय पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर किसी प्रकार   का व्यवधान न उत्पन्न करें, हमारे कार्यों में सहयोग करें। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलेण्डर दिया जाएगा।

कोरबा की जीवनदायिनी को मिलेगा ’अमृत’: 165 करोड़ से संवरेगी हसदेव की धारा….

कोरबा की जीवनदायिनी को मिलेगा ’अमृत’: 165 करोड़ से संवरेगी हसदेव की धारा….

 रायपुर: ऊर्जाधानी कोरबा की जीवनरेखा मानी जाने वाली हसदेव नदी अब प्रदूषण के काले साये से मुक्त होकर फिर से कल-कल बहेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘अमृत मिशन 2.0’ योजना ने कोरबा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ दी है। छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से भारत सरकार ने शहर के दूषित जल के वैज्ञानिक उपचार हेतु 165 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

सालों से शहर के 11 बड़े नालों का दूषित सीवरेज जल सीधे हसदेव नदी में मिलकर उसकी शुद्धता को प्रभावित कर रहा था। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए 20 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

प्रतिदिन लगभग 3 करोड़ 30 लाख लीटर दूषित जल को नदी में गिरने से पहले ही रोककर अत्याधुनिक तकनीक से उपचारित किया जाएगा। इससे नदी के प्रदूषण में भारी कमी आएगी और उसका जल पुनः स्वच्छ बनेगा। परियोजना के पूर्ण होते ही कोरबा उन चुनिंदा 12 शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहाँ जल शोधन की ऐसी उन्नत और वैज्ञानिक व्यवस्था उपलब्ध है।

यह परियोजना केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगी। उपचारित किए गए करोड़ों लीटर पानी को बर्बाद करने के बजाय एनटीपीसी द्वारा निर्धारित दरों पर खरीदा जाएगा। इससे उद्योगों को स्वच्छ जल उपलब्ध होगा, नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी और भू-जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इसे कोरबा जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों का पालन करते हुए नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा तैयार किए गए इस वैज्ञानिक समाधान को अब वास्तविक रूप मिलने जा रहा है। वर्तमान में निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है और जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। अमृत मिशन 2.0 के तहत यह प्लांट न केवल हसदेव नदी को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की नई मिसाल भी पेश करेगा। इसके माध्यम से कोरबा औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरणीय स्वच्छता के क्षेत्र में भी अग्रणी बनेगा।

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली तस्वीर, अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदान…..

नक्सलवाद के खात्मे के बाद बदली तस्वीर, अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना बनी ग्रामीणों के लिए वरदान…..

 रायपुर: कभी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जिन गांवों के लोग अपने ही क्षेत्र में सीमित रहने को विवश थे, आज वही ग्रामीण निर्भय होकर शहरों तक आवागमन कर रहे हैं। माओवाद के खात्में और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने के साथ-साथ शासन की जनहितकारी योजनाओं ने सुकमा जिले के दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिखनी शुरू कर दी है।

इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के रूप में सामने आया है, जिसने वनांचल और अंदरूनी क्षेत्रों के जनजीवन को नई गति प्रदान की है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम सहित आसपास के गांवों के लिए अब दोरनापाल तक पहुंचना सहज और सुरक्षित हो गया है।

पूर्व में ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। ग्राम लखापाल के निवासी श्री कूड़ाम जोगा बताते हैं कि बस सेवा प्रारंभ होने से पहले चिंतलनार तक पैदल जाना उनकी मजबूरी थी। कई बार बस छूट जाने के कारण पूरा दिन व्यर्थ चला जाता था और आवश्यक कार्य अधूरे रह जाते थे। अब दोरनापाल-नागाराम मार्ग पर नियमित बस सेवा प्रारंभ होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है।

अब गांव से शहर तक आसान हुआ सफर

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत संचालित बस सेवा अब पोलमपल्ली, कांकेरलंका, चिंतागुफा, चिंतलनार, लखापाल, केरलापेंदा और नागाराम जैसे गांवों के समीप से गुजर रही है। इससे ग्रामीण अब आसानी से बस के माध्यम से दोरनापाल पहुंचकर अपने दैनिक कार्य समय पर पूर्ण कर रहे हैं और उसी दिन सुरक्षित वापस भी लौट पा रहे हैं। यह सुविधा विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।

जहां पहले नक्सलियों के भय के कारण ग्रामीणों का बाहर निकलना भी कठिन था, वहीं अब सुरक्षा वातावरण में सुधार के चलते वे निर्भय होकर रोजगार, व्यापार, शिक्षा और उपचार के लिए शहरों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। बस सुविधा ने न केवल आवागमन को सुगम बनाया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।

इरकमपल्ली निवासी  मोहनरंजन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। इससे न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिला है।
कलेक्टर  अमित कुमार के अनुसार, पूर्व में नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 10 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 5 ‘हक्कुम मेल’ बसें भी नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। बस संचालन को प्रोत्साहित करने हेतु शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है तथा तीन वर्षों के लिए रोड टैक्स में छूट भी दी गई है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अब केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सुकमा जिले के ग्रामीण अंचलों में विश्वास, सुरक्षा और विकास का प्रतीक बन चुकी है। नक्सलवाद के अंधकार से निकलकर यह क्षेत्र अब प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर अग्रसर है, जहां हर सफर अब नई संभावनाओं की ओर ले जा रहा है।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं, गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य…..

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं, गृह उद्योग और हस्तशिल्प से संवर रहा भविष्य…..

 रायपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रभावी क्रियान्वयन से रायगढ़ जिले की ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और सामाजिक पहचान भी प्रदान कर रही है।

रायगढ़ जिले के ग्राम बड़ेभंडार की निवासी मथुरा कुर्रे इसकी उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के पश्चात उन्हें रिवॉल्विंग फंड एवं कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहयोग से उन्होंने घर पर ही अचार, पापड़, बड़ी एवं मसाला निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने उत्पादों का बाजार में विक्रय कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।

इसी क्रम में ग्राम रूमकेरा, तहसील घरघोड़ा की जमुना सिदार की कहानी भी प्रेरणादायक है। पूर्व में वे एक गृहिणी थीं, किन्तु बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्होंने बांस शिल्प का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण उपरांत उन्होंने टोकरी, सूपा एवं अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का निर्माण प्रारंभ किया। उन्हें विभिन्न मेलों, विशेषकर ‘सरस मेला’ में अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय का अवसर प्राप्त हुआ, जिससे वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं ग्रामीण महिलाएं

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि कौशल विकास, उद्यमिता और आत्मगौरव का अवसर भी प्रदान कर रहा है। जिले में अनेक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार के माध्यम से अपने जीवन को नई दिशा दे रही हैं। शासन के मंशानुरूप जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न योजनाओं से जोड़कर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे वे न केवल अपने परिवार की आय में वृद्धि कर रही हैं, बल्कि समाज में एक सशक्त भूमिका भी निभा रही हैं।

बिहान योजना आज जिले में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध -वन मंत्री केदार कश्यप…

राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध -वन मंत्री केदार कश्यप…

 रायपुर:  वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान नारायणपुर को 17 करोड़ 59 लाख 57 हजार रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के विकास को नई गति प्रदान की।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से जिले के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और अबूझमाड़ सहित नारायणपुर के बच्चे भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर इंजीनियर, डॉक्टर एवं शासकीय सेवाओं में स्थान प्राप्त कर सकेंगे। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस अवसर पर नेशनल हाईवे 130डी के मजबूतीकरण कार्य, नालंदा परिसर (सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन) सहित डीएमएफ और नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत कुल 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि के 03 हितग्राहियों को 20-20 हजार रुपए का चेक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 अंतर्गत 25 हितग्राहियों को अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा मार्ग के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 130 डी के मजबूतीकरण कार्य को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह टीमवर्क के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। वन मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का संकल्प साकार हुआ है, जिससे अब नारायणपुर और अबूझमाड़ के विकास का मार्ग और अधिक सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं, बच्चों और युवाओं सहित सभी वर्गों के विकास एवं समृद्धि के लिए सतत प्रयासरत है।

कार्यक्रम में राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष  नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, उपाध्यक्ष श्रीजयप्रकाश शर्मा, संध्या पवार, गौतम एस. गोलछा, बृजमोहन देवांगन सहित पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत , वन मंडल अधिकारी, अपर कलेक्टर, एसडीएम, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रामचंद्र यादव सहित जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र अजय बिसेन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नियुक्त किए गए राज्य सैनिक बोर्ड के डायरेक्टर

छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र अजय बिसेन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नियुक्त किए गए राज्य सैनिक बोर्ड के डायरेक्टर

 रायपुर। राजधानी रायपुर के लिए गर्व का क्षण है। छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र कमोडोर अजय सिंह बिसेन (रिटायर्ड) ने 7 अप्रैल को छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक बोर्ड के डायरेक्टर का पदभार ग्रहण कर लिया है। कमोडोर अजय बिसेन ने भारतीय नौसेना में करीब 35 वर्षों तक सेवा देते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

बता दें कि, अपने लंबे करियर में उन्होंने देश की सुरक्षा और नौसेना के आधुनिकीकरण में अहम योगदान दिया। छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक बोर्ड के डायरेक्टर के रूप में अब वे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Commodore Ajay Bisen: उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। जिसमें  नेवल डॉकयार्ड, मुंबई में जनरल मैनेजर, नेवल प्रोजेक्ट्स, मुंबई में डिप्टी डायरेक्टर जनरल, नेवल क्वालिटी एश्योरेंस, नई दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर जनरल, अंडरवाटर रेंजेस के डायरेक्टर, नेवल कमांड और हेडक्वार्टर में सीनियर स्टाफ पद शामिल है। उनके सफल कार्यकाल के लए पूर्व सैनिक समुदाय और  सेंट पॉल स्कूल के मित्रों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल — कई थाना प्रभारियों का ट्रांसफर

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल — कई थाना प्रभारियों का ट्रांसफर

 बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले में पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया गया है, जहां पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने आदेश जारी कर कई थाना प्रभारियों का तबादला किया है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव दो थाना प्रभारियों के रायपुर ट्रांसफर के बाद किया गया है, जिसके चलते जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।जारी आदेश के अनुसार लखेश केंवट को कोतवाली थाना प्रभारी बनाया गया है, प्रमोद सिंह को सुहेला थाना की जिम्मेदारी दी गई है, धीरेन्द्र नाथ दुबे को सिमगा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है, वहीं प्रवीण मिंज को कसडोल थाना की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव को पुलिस विभाग में कार्यप्रणाली सुधार और बेहतर नियंत्रण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा ह

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, भेंट की बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, भेंट की बेल मेटल निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की कलाकृति

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती बेल मेटल से निर्मित ‘माता कौशल्या के राम’ की अद्वितीय कलाकृति भेंट की।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ वह पावन धरा है, जहाँ भगवान श्रीराम का ननिहाल स्थित है और यह भूमि प्रभु श्रीराम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भेंट की गई यह कलाकृति प्रदेश की आस्था, परंपरा और सृजनशीलता का सजीव प्रतिरूप है, जो जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकौशल को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर रहे हैं, जिससे आस्था और श्रद्धा को जन-जन तक जोड़ने का कार्य निरंतर हो रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार सेवा, संस्कार और सुशासन के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

BREAKING : साय सरकार का बड़ा ऐलान, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 12 दिन की स्पेशल छुट्टी, आदेश जारी

BREAKING : साय सरकार का बड़ा ऐलान, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी 12 दिन की स्पेशल छुट्टी, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के अधिकारी-कर्मचारी विपश्यना ध्यान के 10 दिवसीय आवासीय शिविर में भाग लेने के लिए विशेष अवकाश प्राप्त कर सकेंगे।

राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित राज्य सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में अधिकतम 6 बार विशेष आकस्मिक अवकाश ( स्पेशल कैजुअल लीव) मिलेगा। हर शिविर के लिए यात्रा समय समेत अधिकतम 12 दिन का अवकाश स्वीकृत होगा।

प्रवेश पत्र और प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य

आदेश के तहत अवकाश के लिए आवेदन करते समय संबंधित केंद्र द्वारा जारी प्रवेश पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। वहीं शिविर पूर्ण होने के बाद प्रमाण-पत्र कार्यालय में जमा करना होगा। अन्यथा संबंधित अवधि को अन्य अवकाश में समायोजित किया जाएगा। यह अवकाश संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत किया जाएगा। शासन के इस निर्णय को कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करने और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य दिवस....स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विश्व स्वास्थ्य दिवस....स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।  मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

 00 कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी से स्वास्थ्य विभाग को मिले 2,220 आधुनिक चिकित्सा उपकरण

रायपुर। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में राजधानी रायपुर के शासकीय अस्पताल, पंडरी में चिकित्सा उपकरणों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

aसरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध


इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए शासन लगातार प्रयासरत है और इसी कड़ी में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन आधुनिक उपकरणों के माध्यम से मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं प्रभावी उपचार का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 2,250 चिकित्सा उपकरण स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराए गए, जिससे अस्पतालों में उपचार सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाती हैं, बल्कि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में भी सहायक होती हैं।

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी से स्वास्थ्य विभाग को मिले 2,220 आधुनिक चिकित्सा उपकरण


उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उक्त चिकित्सा उपकरण भारतीय स्टेट बैंक द्वारा अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (ष्टस्क्र) मद के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए हैं, जो समाज और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संस्थागत सहयोग का एक सराहनीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से की सौजन्य भेंट, स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से की सौजन्य भेंट, स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के मूल्यों पर आधारित एक सशक्त विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की भावी रणनीतियों, संगठनात्मक विषयों तथा देश के समग्र और समावेशी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

 
 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन के मार्गदर्शन में भाजपा संगठन निरंतर सशक्त हो रहा है और देशभर में जनसेवा के कार्यों को नई गति एवं दिशा मिल रही है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  नितिन नवीन के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक रूप से और अधिक सुदृढ़ होकर राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वहन करती रहेगी तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

 

CG – भिलाई स्टील प्लांट में भीषण धमाका! टरबाइन ब्लास्ट से दहला प्लांट, मची अफरा-तफरी… कई मजदूर झुलसे…

CG – भिलाई स्टील प्लांट में भीषण धमाका! टरबाइन ब्लास्ट से दहला प्लांट, मची अफरा-तफरी… कई मजदूर झुलसे…

 भिलाई। भिलाई से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भिलाई स्टील प्लांट में भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक BSP के PBS-2 यूनिट के टरबाइन में अचानक ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। इस हादसे में 2 BSP कर्मी और 3 ठेका मजदूर झुलस गए हैं। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी व मजदूर जान बचाने के लिए पीछे के रास्ते से भागते नजर आए।

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंची। संयंत्र प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन की टीम भी तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने युद्ध स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की, जिसके बाद धीरे-धीरे हालात पर नियंत्रण पाया जा रहा है।

प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से ब्लास्ट होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही असली वजह सामने आएगी। घटना के बाद प्लांट के अंदर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आग पूरी तरह बुझने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान और कारणों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

CG : जल विभाग में कुर्सियों का बदलाव, शंकर ठाकुर को अहम जिम्मेदारी, कई मुख्य अभियंता इधर-उधर, देखें लिस्ट…!!

CG : जल विभाग में कुर्सियों का बदलाव, शंकर ठाकुर को अहम जिम्मेदारी, कई मुख्य अभियंता इधर-उधर, देखें लिस्ट…!!

  रायपुर:  छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, जिसके तहत विभाग ने आदेश जारी कर प्रमुख अभियंता से लेकर कई मुख्य अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेश के अनुसार, शंकर ठाकुर (मुख्य अभियंता, सिविल) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग का प्रभार दिया गया है।

वहीं 6 मुख्य अभियंताओं की नई पदस्थापना की गई है, जिसमें मक्सी कुजूर को मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना रायपुर, शंकर राव सोने को मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना बिलासपुर, जितेन्द्र कुमार नेताम को हसदेव कछार बिलासपुर, अलेक्जेंडर ग्राहम को गोदावरी कछार जगदलपुर, अनिल कुमार खलको को हसदेव गंगा कछार अंबिकापुर और सतीश कुमार टीकम को महानदी-गोदावरी कछार रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल को विभागीय कार्यों में गति और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से अहम माना जा रहा है।

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बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

बस्तर 2.0 की शुरुआत: मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

 बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस

पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

इंसानियत हुई शर्मसार, राजधानी में गाय के साथ कुकर्म, वीडियो वायरल होने के बाद बजरंगदल ने दर्ज कराई FIR

इंसानियत हुई शर्मसार, राजधानी में गाय के साथ कुकर्म, वीडियो वायरल होने के बाद बजरंगदल ने दर्ज कराई FIR

 रायपुर। राजधानी रायपुर से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक युवक द्वारा गाय के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना भांठागांव स्थित दुर्गा मंदिर के पास की है। आरोपी की पहचान गोगा सोनकर के रूप में हुई है, जिस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है।

 घटना को लेकर बजरंग दल द्वारा FIR दर्ज करवाई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है। यह मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की। साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर सुश्री अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व स्वास्थ्य दिवसस्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विश्व स्वास्थ्य दिवसस्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर;-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। 

आर.टी.ई. के तहत प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता होगी रद्द….

आर.टी.ई. के तहत प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों की मान्यता होगी रद्द….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, अप्रैल 2010 से प्रभावी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर, दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिलाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

​प्रतिपूर्ति राशि का पारदर्शी भुगतान

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों को नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इसके बदले राज्य सरकार प्रति बच्चा व्यय के आधार पर स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करती है। यह राशि सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे पर होने वाले खर्च या निजी स्कूल की वास्तविक फीस (दोनों में से जो भी कम हो) के आधार पर निर्धारित की जाती है।

​अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रतिपूर्ति

छत्तीसगढ़ में शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर या उनके समकक्ष है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से ही कक्षा 1 से 5 तक 7000 रूपए और कक्षा 6 से 8 तक 11 हजार 400 रूपए वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित है। तुलनात्मक रूप से देखें तो मध्य प्रदेश में 4,419 रूपए बिहार में 6,569 रूपए, झारखंड में 5,100 रूपए और उत्तर प्रदेश में 5,400 रूपए वार्षिक दिए जाते हैं। यद्यपि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, किंतु समग्र मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि संतुलित और उचित है।

​साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे ले रहे लाभ

वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष भी कक्षा पहली की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। चूंकि सभी निजी विद्यालयों को आर.टी.ई. अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही मान्यता दी गई है, अतः यह उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करें।

​नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

यदि कोई निजी विद्यालय आर.टी.ई. के तहत प्रवेश देने से इंकार करता है या प्रक्रिया में व्यवधान डालता है, तो राज्य शासन उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। इसमें विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तक का प्रावधान शामिल है। शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस संबंध में फैलाई जा रही किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही विश्वास करें।

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई, दंतेवाड़ा में लिख रही हैं बदलाव की इबारत….

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई, दंतेवाड़ा में लिख रही हैं बदलाव की इबारत….

 रायपुर: बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद अब हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगा है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल बीजापुर की शर्मिला पोयामी बनकर उभरी हैं, जिन्होंने कभी हाथों में बंदूक थामी थी, लेकिन आज वे लाइवलीहुड कॉलेज में सुई-धागे से अपने और अपने परिवार के भविष्य के सपने बुन रही हैं।

​हिंसा के रास्ते से मुख्यधारा का सफर

बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की रहने वाली 19 वर्षीय शर्मिला कभी भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थीं। गुरिल्ला युद्ध और हथियारों का प्रशिक्षण लेने वाली शर्मिला को जल्द ही अहसास हो गया कि प्रगति का मार्ग बंदूक से नहीं, बल्कि शांति और शिक्षा से निकलता है। इसी संकल्प के साथ उन्होंने 07 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।

​कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर

राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शर्मिला को दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया। बीते 45 दिनों से वे यहाँ सिलाई का गहन प्रशिक्षण ले रही हैं। अब वे आधुनिक परिधान जैसे सूट और ब्लाउज सिलने की बारीकियां सीख रही हैं। प्रशिक्षण के बाद उनका लक्ष्य अपने गाँव लौटकर सिलाई केंद्र खोलना और अपनी 4 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर आधुनिक खेती (टमाटर, मूली व भाजियाँ) कर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है।

नक्सलवाद का अंधेरा छोड़ शर्मिला ने थामी स्वावलंबन की सुई

​सुविधाओं ने बदला नजरिया

​शर्मिला ने बताया कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें पहली बार शासन की ओर से इतनी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, ​पौष्टिक आहाररू कॉलेज में नियमित रूप से अंडा, मछली, चिकन और हरी सब्जियां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ है। ​सक्रिय सहभागितारू बढ़ते आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि उन्होंने हाल ही में जगदलपुर में आयोजित मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया। ​पारिवारिक प्रेरणा- शर्मिला की दीदी मुड़ो पोयामी (पूर्व नक्सल सदस्य) भी मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भरता की राह पर हैं।

​गाँव के विकास की उम्मीद

शिक्षा और कौशल की ताकत को समझने के बाद शर्मिला अब अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के प्रति भी सजग हैं। वे चाहती हैं कि उनके गाँव की कच्ची सड़कों और पेयजल की समस्याओं का जल्द निराकरण हो ताकि विकास की यह लहर सुदूर अंचलों तक पहुँचे। ​शर्मिला पोयामी का यह संघर्षपूर्ण सफर हिंसा से विकास की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की एक सशक्त पहचान बन गया है।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का  संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत  चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, संयोगिता सिंह जूदेव,  सुनील गुप्ता,  उपेंद्र यादव,  सुनील अग्रवाल, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश में की वृद्धि, इतने वर्ष बढ़ाई गई अवधि

ब्रेकिंग : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकल पीजी पाठ्यक्रम के लिए अध्यन अवकाश में की वृद्धि, इतने वर्ष बढ़ाई गई अवधि

 रायपुर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सेवारत चिकित्सकों के लिए पी.जी. पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन अवकाश की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया है। डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है।

दरअसल, फेडरेशन द्वारा लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे सेवारत चिकित्सकों को पर्याप्त अध्ययन अवकाश प्रदान किया जाए. शासन के इस निर्णय से प्रदेश के सैकड़ों चिकित्सकों को सीधा लाभ मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने हुए कहा कि यह हमारे संगठन के निरंतर प्रयास, संवाद और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। हम लंबे समय से इस मुद्दे को शासन के समक्ष प्रमुखता से रखते आए हैं और आज यह निर्णय हमारे सामूहिक प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी भी एक महत्वपूर्ण वर्ग इस निर्णय के लाभ से वंचित है। वर्ष 2025 से पूर्व उच्च शिक्षा (पी.जी.) हेतु अध्ययन अवकाश पर गए नियमित चिकित्सकों को इस संशोधित नीति का लाभ नहीं मिल पाया है, जिसके कारण वे आज विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं और असमानताओं का सामना कर रहे हैं।

आगे कहा कि वर्ष 2025 में ये नियम आने के समय पीजी कर रहे (बैच 2021/2022/2023) अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के साथ न्याय किया जाना आवश्यक है। उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि उनके साथ न्याय होगा। लेकिन आजतक उनकी फाइलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। उन्हें भी इस बढ़े हुए अध्ययन अवकाश के अनुरूप क्षतिपूर्ति एवं समुचित लाभ प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की असमानता समाप्त हो सके।

जुड़ा अध्यक्ष डॉ रेशम सिंह ने राज्य शासन से आग्रह किया है कि इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए पूर्व में अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और उन्हें उचित राहत प्रदान की जाए।

फेडरेशन ने यह आश्वस्त किया है कि वह भविष्य में भी चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

CG : ट्रैफिक से राहत की तैयारी—प्रदेश में 9 बायपास सड़कों के लिए 448 करोड़ मंजूर

CG : ट्रैफिक से राहत की तैयारी—प्रदेश में 9 बायपास सड़कों के लिए 448 करोड़ मंजूर

 रायपुर।   छत्तीसगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को तेज व सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में नौ बायपास सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिले।

इस योजना के तहत रायगढ़ जिले को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जहां तमनार बायपास मार्ग के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से लगभग 6 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपये और खरसिया क्षेत्र में कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए 7 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इन परियोजनाओं से औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

धमतरी जिले में भी दो महत्वपूर्ण बायपास परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिसमें 4 किलोमीटर लंबे भखारा बायपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपये और 1.50 किलोमीटर लंबे नारी बायपास के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं बलौदाबाजार जिले में लटुवा और पनगांव होते हुए 15 किलोमीटर लंबे बायपास मार्ग के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपये और 7 किलोमीटर लंबे रिसदा बायपास के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

बिलासपुर जिले में 13.40 किलोमीटर लंबे कोनी-मोपका फोरलेन बायपास के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा। इसके अलावा बेमेतरा जिले में 1.20 किलोमीटर लंबी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि राज्य सरकार सुरक्षित, तेज और निर्बाध यातायात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे आवागमन और अधिक सुगम और व्यवस्थित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक सड़क अधोसंरचना के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास को गति दी जा रही है, जिससे व्यापार, उद्योग और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

BREAKING : रायपुर में थाना प्रभारियों के तबादले, कई TI इधर से उधर, देखें आदेश

BREAKING : रायपुर में थाना प्रभारियों के तबादले, कई TI इधर से उधर, देखें आदेश

 रायपुर।  राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है। कई थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है। इसका आदेश आज पुलिस कमिश्नर, रायपुर कमिश्नरेट छत्तीसगढ़ ने जारी किया है।

जारी आदेश के मुताबिक, राजेश कुमार मरई टिकरापारा थाना प्रभारी बनाए गए हैं। जितेंद्र जायसवाल खमतराई, अजय झा तेलीबांधा, शक्ति सिंह मौदाहापारा, रितेश मिश्रा आजाद चौक, विनय सिंह बघेल पुरानी बस्ती, शिवनारायण सिंह पंडरी, गौतम चंद्र गावड़े डीडीनगर थाना प्रभारी बनाए गए हैं।

 

 

 
 “एक गलती, 9 लाख का नुकसान: साइबर ठग गिरफ्तार”

 “एक गलती, 9 लाख का नुकसान: साइबर ठग गिरफ्तार”

कांकेर :-  कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मोबाइल पर भेजे गए एक APK फाइल लिंक के जरिए ठग ने फोन हैक कर लाखों रुपये पार कर दिए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार, पीड़ित बिरेंद्र खलको (50), जो मूल रूप से ग्राम महुआ टोली के निवासी हैं और वर्तमान में नेहरू नगर, कांकेर में रह रहे हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध APK लिंक आया था। अनजाने में उन्होंने उस लिंक को डाउनलोड कर लिया, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।बताया गया कि पीड़ित का मोबाइल नंबर उनकी पत्नी के बैंक खाते से लिंक था, जिसमें फोन पे, गूगल पे और एसबीआई योनो जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सक्रिय थीं। आरोपी ने इसी का फायदा उठाते हुए खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 9 लाख 28 हजार 500 रुपये निकाल लिए। जब खाते से लगातार रकम कटने लगी, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी निखिल राखेचा के निर्देश पर एडिशनल एसपी आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी शेरबहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य चौहान (21) के रूप में हुई है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इससे मोबाइल हैक होकर बैंक खाते खाली हो सकते हैं।

 
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