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गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड रायपुर में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया

गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड रायपुर में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया

रायपुर।  गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड रायपुर में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति द्वारा संचालित गुरुकुल महिला महाविद्यालय, लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, कमला देवी संगीत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्रा कुमारी त्रिवेणी सोनकर बीकॉम सेकंड ईयर को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऑल इंडिया सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम के लिए गोल्ड मेडल प्राप्त करने के लिए  शासी निकाय अध्यक्ष श्री अजय तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत संचालिका समिति के समस्त सदस्य एवं संस्थाओं के प्राचार्य उपस्थित हुए। महाविद्यालय में मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर बसंत पंचमी का भी आयोजन किया गया। इस उपलक्ष में छात्राएं एवं समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित हुए।
बड़ी खबरः आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिल सकता है तोहफा, बढ़ सकता है मानदेय

बड़ी खबरः आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिल सकता है तोहफा, बढ़ सकता है मानदेय

 रायपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है। राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

बता दें कि राज्य सरकार ने घोषणा पत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का नर्सरी शिक्षक के रूप में उन्नयन कर कलेक्टर दर पर मानदेय भुगतान की घोषणा की थी।

केंद्र सरकार की तरफ से संचालित आईसीडीएस परियोजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की पदस्थापना की जाती है। इन कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को केंद्र सरकार की तरफ से मानदेय के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त अंशदान के रूप में मानदेय का भुगतान किया जाता है।

अभी दी जा रही राशि

छतीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या 46660 है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केंद्र की तरफ से कुल राशि ₹4500 दी जाती है। जिनमें केंद्र 60% यानी ₹2700 और राज्य सरकार 40% यानी 1800 देती है। राज्य सरकार की तरफ से ₹2000 रुपए अतिरिक्त मानदेय भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ₹6500 मानदेय मिल रहा है।

उसी तरह आंगनवाड़ी सहायिकाओं की कुल स्वीकृत संख्या 46660 है, उन्हें कुल ₹2250 रुपये केंद्र सरकार की तरफ से दिये जाते है, जिनमें से केंद्र 60 प्रतिशत यानी 1350 और राज्य सरकार 40% यानी ₹900 का भुगतान करती है। राज्य अंश के रूप में अतिरिक्त ₹1000 मिलते हैं यानी अभी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को ₹3250 मानदेय मिलता है।

उसी तरह मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या प्रदेश में 5814 है। केंद्र सरकार की तरफ से कुल राशि ₹3500 दी जाती है जिनमें से 60% केंद्रांश ₹2100 और 40% राज्य ₹1400 होता है। अतिरिक्त राज्यांश के रूप में ₹1000 का भुगतान किया जाता है यानी कुल मानदेय ₹4500 दिए जाते हैं।

जानें सरकार का प्रस्ताव

Raman Taunted Bhupesh Like This – रमन बोले कांग्रेस का घोषणापत्र सिर्फ आखिरी 6 महीनों के लिए था

Raman Taunted Bhupesh Like This – रमन बोले कांग्रेस का घोषणापत्र सिर्फ आखिरी 6 महीनों के लिए था

 रायपुर / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने CM भूपेश बघेल पर तंज कस्ते हुए प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को कांग्रेस के घोषणापत्र के मुताबिक 4 साल से बकाया ₹12000 करोड़ तत्काल देने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नज़दीक आते ही दाऊ भूपेश को प्रदेश के बेरोजगारों के भत्ते की याद आने लगी है।

लगता है कांग्रेस और भूपेश सरकार का घोषणापत्र में किया सभी वादा महज़ आखरी के 6 माह के लिए था। विधायक अजय चंद्राकर ने भी भूपेश सर्कार पर पलटवार किया है उन्होंने भी बेरोजगारों के भत्ते और शराबखोरी का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार को घेरा है।

रमन सिंह ने कहा चुनाव सामने देखकर दाऊ @bhupeshbaghel को बेरोजगारी भत्ता याद आ गया। 52 महीनों तक युवाओं के ₹2500 का जिक्र नहीं किया, क्या कांग्रेस का घोषणापत्र सिर्फ आखिरी 6 महीनों के लिए था? @RahulGandhi के वादे के अनुरूप 4 साल से बकाया ₹12000 करोड़ तत्काल बेरोजगार युवाओं को दिए जाने चाहिए।

विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस ने अपने जन घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। और यह बेरोजगारी भत्ता यदि दिसंबर 2018 से ही लागू कर दिया जाता है तब तो बेरोजगारों को इसका फायदा मिलेगा।यदि नहीं दिया जाता तो इसे बेरोजगारों को झुनझुना पकड़ा कर चुनावी घोषणा माना जाएगा। अजय चंद्राकर ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने यहां दारू टूरिज्म शुरू की है मिजोरम का कपल यहां आकर राजधानी की सड़कों में शराब पीकर मस्ती करता है।

राजधानी में 28 जनवरी से होगा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव, 3 हजार युवा लेंगे हिस्सा

राजधानी में 28 जनवरी से होगा राज्य स्तरीय युवा महोत्सव, 3 हजार युवा लेंगे हिस्सा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ी खेल फुगड़ी, भौंरा और गेड़ी दौड़ के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोक गीत और लोक नृत्य करमा, राउत नाचा, पंथी, सरहुल, सुवा, बस्तरिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में दिखाई देगी।

साथ ही छत्तीसगढ़ी संस्कृति से संबंधित चित्रकला, छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा और व्यंजनों का फूड फेस्टिवल का आयोजन महोत्सव में किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 28 जनवरी से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर के 3 हजार प्रतिभागी विविध कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी।

राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के पहले दिन 28 जनवरी को राजधानी रायपुर के साइंस काॅलेज मैदान खेल संचालनालय परिसर में दोपहर 2 बजे से 6 बजे तक मुख्य मंच में लोकनृत्य एवं करमा नाच, द्वितीय मंच में बस्तरिया नाच तथा ओपन मंच में राउत नाचा की प्रस्तुति होगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम के 1500 सीटर हॉल में दोपहर 2 बजे से शाम 6.30 बजे तक लोकगीत और तात्कालिक भाषण, 100 सीटर हॉल में दोपहर 2 बजे से 6 बजे तक शास्त्रीय संगीत हिन्दुस्तानी और कर्नाटका संगीत, 60 सीटर हॉल में दोपहर 2 बजे से 7 बजे तक तबला और गिटार वादन की प्रतियोगिताएं होंगी।

खेल संचालनालय के ऊपर के हॉल में दोहपर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालय खेल परिसर के शारीरिक शिक्षा शिक्षण विभाग खुला मैदान और हॉल में दोपहर 1 बजे से खो-खो महिला एवं पुरुष, कबड्डी महिला एवं पुरुष तथा कुश्ती महिला एवं पुरुष वर्ग की प्रतियोगिताएं होंगी।

युवा महोत्सव के दूसरे दिन 29 जनवरी को खेल संचालनालय परिसर के मुख्य मंच में सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक पंथी नृत्य और सरहुल नृत्य, दूसरे मंच में सुबह 9 बजे से 5 बजे तक सुवा नृत्य और पारंपरिक वेशभूषा और ओपन मंच में सुबह 9 बजे से दोपहर 4.30 बजे तक फुगड़ी और भौरा की प्रतियोगिता होगी।

पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम के 1500 सीटर हॉल में सुबह 9 बजे से शाम 7.30 बजे तक एकांकी नाटक, 100 सीटर हॉल में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे शास्त्रीय नृत्य भरत नाट्यम, कत्थक, ओडिसी, कुचीपुड़ी और मणिपुरी नृत्य और 60 सीटर हॉल में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बांसुरी वादन, हारमोनियम, मृदंगम, सितार और वीणा प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा

खेल संचालनालय के ऊपर के हाल में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिता तथा खेल परिसर डोम में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक फूड फेस्टिवल तथा विश्वविद्यालय खेल परिसर मैदान में खो-खो महिला वर्ग सेमी फाइनल और फाइनल राऊंड, कबड्डी महिला वर्ग सेमी फाइनल और फाइनल राऊंड, कुश्ती महिला वर्ग सेमी फाइनल और फाइनल राऊंड और गेड़ी दौड़ का आयोजन होगा।

राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के अंतिम दिन 30 जनवरी को खेल संचालनालय परिसर साइंस कॉलेज मैदान के मुख्य मंच में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक रॉक बैंड, विश्वविद्यालय खेल परिसर के शारीरिक शिक्षा शिक्षण विभाग खुला मैदान और हॉल में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक खो-खो महिला एवं पुरुष वर्ग का फाइनल राउंड एवं हार्ड लाइन मैच, कबड्डी महिला एवं पुरुष वर्ग का फाइनल राउंड एवं हार्ड लाइन मैच तथा कुश्ती महिला एवं पुरुष वर्ग की फाइनल राउंड प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दिन शाम 4 बजे से खेल संचालनालय परिसर साईंस कालेज मैदान के मुख्य मंच में समापन समारोह का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में 15 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रदेश भर के तीन हजार प्रतिभागी भाग लेंगे।

पीएम मोदी आज करेंगे “परीक्षा पे चर्चा”, छत्तीसगढ़ की 1 शिक्षिका और 2 छात्र से होगी बात…

पीएम मोदी आज करेंगे “परीक्षा पे चर्चा”, छत्तीसगढ़ की 1 शिक्षिका और 2 छात्र से होगी बात…

 रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज “परीक्षा पे चर्चा” करेंगे। छग की 1 शिक्षिका और 2 छात्र से पीएम मोदी बात करेंगे। यह छात्रों से चर्चा सुबह 11बजे से शुरू होगी। बस्तर से छात्र रूपेश कश्यप, राजनांदगांव से छात्रा रश्मि प्रजापति और धमतरी की शिक्षिका ज्याति मगर से पीएम मोदी “परीक्षा पे चर्चा” करेंगे।

देशभर से लगभग 20 लाख सवाल आए हैं। इनमें से ज्यादातर सवाल परिवार से मिलने वाले तनाव को दूर करने को लेकर पूछे गए हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ से 11 हजार विद्यार्थी व शिक्षक इसमें शामिल हैं। इनमें में दो विद्यार्थी और एक शिक्षिका पीएम मोदी से सीधे बात करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए देशभर से 200 विद्यार्थी चयनित किए गए हैं। इनमें से देशभर से 120 और कला उत्सव के विजेता 80 छात्रों को शामिल किया जा रहा है।
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की कक्षा नौवीं की छात्रा रश्मि प्रजापति परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होंगी। रश्मि का चयन ‘अवर कल्चर अवर प्राइड पर लिखे गए लेख के आधार पर हुआ है। कलेक्टर जगदीश सोनकर ने वीडियो काल कर रश्मि को बधाई देते हुए प्रोत्साहित किया है।

बस्तर के दरभा के छोटे से गांव कोयेपाल के रहने वाले रूपेश कश्यप भी प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछेंगे। रूपेश ने बताया कि कुछ दिन पहले ही स्कूल प्रबंधन ने एक लिंक देकर इसे भरने की जानकारी दी थी। उन्होंने इस लिंक में पूरी जानकारी भरने के बाद सवाल के हिस्से में लिखा था, एग्जाम क्यों होता है? इसका क्या महत्व है? इसके बाद उन्हें स्कूल प्रबंधन की तरफ से ही जानकारी मिली कि उनका चयन परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए में हुआ है।

अग्रसेन कालेज ने बसंत पंचमी मनाई गई

अग्रसेन कालेज ने बसंत पंचमी मनाई गई

 रायपुर। अग्रसेन महाविद्यालय में  बसंत पंचमी मनाई गई। कार्यक्रम में सभी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डा. वी.के. अग्रवाल ने कहा कि माँ सरस्वती की उपासना विद्यार्थी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती का आशीर्वाद सभी को मिले, यही कामना है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना का पर्व है। यह पौराणिक मान्यता है कि सरस्वती के आशीर्वाद से ही हमें सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।  प्राचार्य डा युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है जब वे आज के दिन अपने गुरुओं से प्रेरणा ले सकते हैं और ज्ञान प्राप्ति से अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने भी सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बसंत पंचमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।

 


RAIPUR NEWS : CM बघेल ने मां दंतेश्वरी का दर्शन कर, प्रदेश के उन्नति और खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

RAIPUR NEWS : CM बघेल ने मां दंतेश्वरी का दर्शन कर, प्रदेश के उन्नति और खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

 रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय जगदलपुर के राजमहल परिसर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर माईंजी का दर्शन कर प्रदेश के उन्नति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा।

इस अवसर पर सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद  फूलोंदेवी नेताम, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, महापौर सफीरा साहू, सभापति कविता साहू, कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज, कलेक्टर चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

रेप पीड़िता को सुरक्षा के निर्देश, सीएम ने कहा – पूरा वीडियो देखा, आरोपी की जल्द होगी गिरफ्तारी

रेप पीड़िता को सुरक्षा के निर्देश, सीएम ने कहा – पूरा वीडियो देखा, आरोपी की जल्द होगी गिरफ्तारी

 रायपुर। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पलाश पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती को धमकियां मिल रही हैं। प्रेस कांफ्रेंस कर युवती ने भाजपा नेताओं को उसके परिजनों और रिश्तेदारों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। यह बयान सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेप पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने के निर्देश दिये हैं। वहीं आरोपी की गिरफ्तारी भी जल्द से जल्द करने को कहा गया है।

पीड़िता के आरोपों पर हुए सवाल को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, उसका वीडियो देखा है। मैंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उसको और उनके परिजनों को सुरक्षा दी जाए। वहीं आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इधर कांग्रेस भी इस पूरे मामले को लेकर हमलावर है।

नामीबिया से लाए चीतों में एक मादा की तबीयत खराब, कूनो अभयारण्‍य पहुंची स्‍पेशल टीम

नामीबिया से लाए चीतों में एक मादा की तबीयत खराब, कूनो अभयारण्‍य पहुंची स्‍पेशल टीम

 नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में लाए गए 8 चीतों में से एक मादा चीते की तबीयत बिगड़ गई है । मादा चीता शाशा की हालात बिगड़ने से उसकी सेहत को लेकर कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के अफसरों की चिंताएं बढ़ गईं हैं। मादा चीता शाशा की तबियत खराब होने का पता कूनो के अफसरों को उस वक़्त लगा, जब नामीबिया के चीतों की रूटीन मॉनिटरिंग में लगी टीम के सदस्यों को शाशा की सेहत कमजोर दिखी।

किडनी में इंफेक्शन और डिहाइड्रेशन
कूनो में चीतों की विशेष निगरानी करने वाली डॉक्टरों की टीम ने शाशा को मेडिकल परीक्षण के लिए बड़े बाड़े से निकाला । शाशा के हेल्थ चेकअप के बाद टीम को उसकी किडनी में इंफेक्शन नजर आया। साथ ही उसे डिहाइड्रेशन भी था। इसके बाद शाशा का इलाज शुरू करने के लिए नामीबिया और साउथ अफ्रीका के वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों से बातचीत करके उसका इलाज शुरू तो कर दिया पर इलाज से जुड़ी हुईं मशीनें नहीं होने के चलते भोपाल से एक टीम मशीनों के साथ श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के लिए भेजी गई है।

खुले जंगल मे छोड़ने की तैयारियां चल रही थीं
वन विहार नेशनल पार्क के मुख्य पशु चिकत्सक डॉ. अतुल गुप्ता को श्योपुर भेजा गया है। 17 सितम्बर को PM मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से भारत लाए गए 8 चीतों को छोड़ा था । लंबे वक्त क्वॉरंटीन रहने के बाद 28 नवम्बर को कूनो नेशनल पार्क में छोटे बाड़े से बड़े बाड़े के 5 नंबर कंपार्टमेंट में तीन मादा चीता सियाया, सवाना ओर शाशा को छोड़ा गया था। जल्द ही चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल मे छोड़ने की तैयारियां भी चल रही थीं। फिलहाल, कूनो नेशनल पार्क में बीमार मादा चीता शाशा को किडनी इन्फेक्शन के चलते विशेषज्ञों ने ऑब्जर्वेशन में रखा है। कुछ ही दिनों पहले एनडीटीवी से खास बातचीत में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि फरवरी से कूनो में चीतों के देखने पर्यटक आ सकेंगे।

ट्रक की चपेट में आया साइकिल सवार मजदूर, मौके पर हुई दर्दनाक मौत, लोगों में भारी आक्रोश

ट्रक की चपेट में आया साइकिल सवार मजदूर, मौके पर हुई दर्दनाक मौत, लोगों में भारी आक्रोश

 धमतरी। CG ACCIDENT NEWS : जिले में बुधवार शाम रत्नाबांधा चौक पर एक ट्रक ने साइकिल सवार मजदूर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जिले में 24 घंटे के अंदर हुए अलग-अलग 4 सड़क हादसों में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें से 4 मौत कुरूद थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। पुलिस ने चारों शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव उनके परिजनों को सौंप दिया है।

जानकारी के मुताबिक, काम खत्म कर मजदूर अपनी साइकिल से घर वापस लौट रहा था, तभी रत्नाबांधा चौक पर ट्रक ने उसने अपनी चपेट में ले लिया, इससे मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। उसकी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। इधर लगातार हो रहे सड़क हादसों से गुस्साए लोगों ने चक्काजाम कर दिया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर चक्काजाम खत्म कराया।

इंद्रावती भवन में आबकारी आयुक्त ने किया ध्वजारोहण, गणतंत्र दिवस पर कर्मचारियों ने संविधान के अनुरूप कार्य करने लिया संकल्प

इंद्रावती भवन में आबकारी आयुक्त ने किया ध्वजारोहण, गणतंत्र दिवस पर कर्मचारियों ने संविधान के अनुरूप कार्य करने लिया संकल्प

 रायपुर। नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन बडे ही हर्षोल्लास से किया गया। इस अवसर पर आबकारी आयुक्त निरंजन दास द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, साथ ही सभी उपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय गान गाकर देश के 74 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्र के प्रति सम्मान व देश प्रेम की भावना प्रकट की गयी।

इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक आबकारी आयुक्त निरंजन दास ने अपने उद्बोधन में सभी कर्मचारियों, उनके परिजनों व सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दी। निरंजन दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में विभागाध्यक्ष कार्यालय की अहम भूमिका है। शासन के विभिन्न योजनाओं के कार्ययोजना बनाने के साथ ही क्रियान्वयन कराने की प्रमुख रूप से विभागाध्यक्ष कार्यालय का योगदान रहता है। इस अवसर पर कमल वर्मा प्रांतीय संयोजक छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस दिन देश का संविधान लागू हुआ था।संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित दस्तावेज है।इस पवित्र दस्तावेज के कारण हम हम सब देशवासी एक सूत्र में बंधे हुए है। प्रदेश के कर्मचारियों को संविधान के अनुरूप कार्य करते हुए प्रदेश के तरक्की में योगदान करने की अपील की गई।

इस अवसर पर मातेश्वरन व्ही,दिलदार सिंह मरावी, के के ध्रुव, मनकू ध्रुव, रामसागर कौशले, संतोष वर्मा, सत्येद्र देवांगन, जय साहू, जगदीप बजाज, रवि देवांगन, राजेंद्र शर्मा, सुरेश ढीढी, राजकुमार सोंधिया, विरेन्द्र देवदास के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस 2023 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का मूलपाठन

गणतंत्र दिवस 2023 : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का मूलपाठन

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज जगदलपुर के लाल मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री भूपेश ने प्रदेश को संबोधित किया। आज आमचो संविधान के जय-जयकार करतो दिन आय। आज सब रहतो बिता मानुक चो जय-जयकार करतो दिन बले आए, काय आय कि गणतंत्र चो बिचार ने सबचो अधिकार आसे। येई आमचो संविधान चो सुंदरता आए, जेचो काजे आमचो पुरखा मन बलिदान दिला अउर अंगरेज मन के खेदुन आमके रैयतराज दिला। हुनचो बाद असन संविधान बनाला, जाके खुद ‘आम भारत चो लोग‘ मन खुद के सौंपलू। माने हर मनुक चो संविधान आय, जेचो काजे मतदाता मन चो बोट ले सरकार बनेसे। असन संविधान अउर रैयतराज के बचातो जवाबदारी आमचो आउर एतो बीती पीढ़ी चो आए।

आज गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मैं सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर का सादर स्मरण करता हूं जो हमारे आदिवासी समाज से आते हैं। इन वीर जवानों का बहुत बड़ा योगदान हमारे राष्ट्रीय आंदोलन में रहा, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के दुर्गम अंचलों में रहकर छत्तीसगढ़ महतारी के मान को भारत माता के सम्मान के साथ जोड़ा। भारत माता के लाखों सपूतों और सुपुत्रियों की शहादत को याद करना हमारा परम कर्त्तव्य है। मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतीबाई लोधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, लाल-बाल-पाल और उनके सहमार्गियों से देश कभी उऋण नहीं हो सकता।

बहनों और भाइयों, हमें गर्व है कि हम महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं के वंशज हैं। हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई में, देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए, देश में समरसता के मूल्यों और संस्कारों को बचाए रखने के लिए कुर्बानियां दी हैं। जो लोग इस भावधारा से जुड़कर अपने आप को देखते हैं, वे लोग ही हमारी विरासत के महत्व को समझ सकते हैं। इसलिए मैं चाहूंगा कि आप सब नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के मूल्यों से अवगत कराएं। जब तक देश, इस संविधान के अनुसार चलता रहेगा, तभी तक हम सबकी और देश की आजादी सुरक्षित रहेगी। हमारे संविधान की बदौलत ही हमारा देश, लोकतंत्रात्मक गणराज्य कहलाता है। इससे नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समता, गरिमा, और बंधुता का वरदान मिलता है।
आधुनिक भारत के संस्कार और स्वरूप को गढ़ने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद, लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसी विभूतियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

वहीं पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणीबाई परगनिहा, केकतीबाई बघेल, श्रीमती बेलाबाई, इंदरू केंवट, उदयराम वर्मा, खिलावन सिंह बघेल, घसिया मंडल, बंशीलाल बघेल, रामलाल वर्मा, अयोध्या प्रसाद कश्यप, डोरीलाल बघेल, सखाराम तिवारी, खूबीराम कश्यप, रमाकांत दुबे, रामप्रसाद पोटाई, धनीराम वर्मा, परसराम सोनी, लाल कालेन्द्र सिंह, हेडमा मांझी, धुरवाराम माड़िया, असवाराम वर्मा, केजऊ कोटवार, दौलत राम साहू, रामेश्वर वर्मा, चुगनूराम वर्मा, लखन राम वर्मा, सिरासिंह निर्मल जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की थी, मैं इन सभी को सादर नमन करता हूं।
बहनों और भाइयों, हमारे संविधान में लिखी गई इबारतों को बहुत ही साफ मन और न्याय के अटूट इरादों से ही समझा जा सकता है। मुझे खुशी है कि विरासत में हमें न्याय के लिए जो अडिग साहस मिला है, उसी को हमने अपनी सरकार का मूलमंत्र बनाया है।

सबसे कमजोर तबकों को सबसे पहले और सबसे ज्यादा तवज्जो देकर न्याय दिलाना हमने अपना प्रथम कर्त्तव्य माना है, जिसके कारण हम बिना किसी संशय के विगत चार वर्षों से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा पूरी लगन से कर पा रहे हैं। मेरा मानना है कि जनता को अधिकार और न्याय दिलाने के लिए शासन-प्रशासन को पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता, नाकाम परिपाटियों में बदलाव के साहस के साथ काम करना पड़ता है। किसी मसले को उसकी समग्रता में देखते हुए उसके हर आयाम को लेकर समुचित व्यवस्था करनी पड़ती है। इसी तरीके से हमने काम किया और बड़ी सफलताएं हासिल की हैं।
हमें विश्वास था कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन से आदिवासी बहुल अंचलों के अनमोल संसाधनों का लाभ स्थानीय जनता को देने के नए रास्ते बनेंगे लेकिन विडम्बना है कि ऐसा नहीं हो पाया था। बड़े निवेश लाने के नाम पर हसीन सपने दिखाए जाते थे, न निवेश हुआ, न सपने पूरे किए गए। हमने यह साबित किया कि बड़े निवेश के नाम पर आदिवासी अंचलों का विकास रोके रखना कदापि उचित सोच नहीं थी। प्राकृतिक संसाधनों, वन संसाधनों और स्थानीय मानव संसाधन की शक्ति से भी बड़ा बदलाव किया जा सकता है। राज्य सरकार में आने के बाद हमने पहले दिन से बदलाव के लिए ईमानदार प्रयास शुरू किए, जिसका नतीजा आप सबके सामने है।

आपको याद दिलाना चाहूंगा कि आजाद भारत में आम जनता को जितने भी महत्वपूर्ण अधिकार दिलाए गए और न्याय देने के काम किए गए, वे सब स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने वालों और उनके वंशजों की बड़ी सोच के कारण संभव हुआ। वन अधिकार अधिनियम भी ऐसा ही एक कानून है जो हमारे नेताओं ने देश में लागू किया था, जो अनुसूचित जनजातियों एवं परंपरागत वन निवासियों की जिंदगी संवार सकता था, लेकिन प्रदेश में इस कानून पर अमल सही इच्छा-शक्ति से नहीं हुआ था। वन अधिकार के दावों को बड़े पैमाने पर खारिज किया गया था और अनेक प्रावधानों को लागू ही नहीं किया गया था। आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने सिर्फ चार वर्षों में वन अधिकार पत्रों के तहत दी गई भूमि को 11 लाख से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र तथा नगरीय क्षेत्र में वन अधिकार पत्र देने की पहल प्रदेश एवं देश में पहली बार हमने की। इस तरह अनेक प्रयासों से हमने 5 लाख से अधिक परिवारों को अनिश्चितता से उबारा, रोजगार और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया है।

हमने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के लिए वन अधिकार पत्र धारियों को पात्रता दी है। वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 13 हजार 586 ग्रामस्तरीय वन अधिकार समिति के साथ उपखंड एवं जिलास्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इसी तरह विशेष रूप से कमजोर जनजातियों को पर्यावास का अधिकार देने की शुरुआत भी हमने धमतरी जिले से की है।
हमें यह देखकर बहुत अफसोस होता था कि प्रकृति और वनोपज की रक्षा करने वाले लोग अपनी आमदनी के लिए अपने ही अधिकारों से वंचित थे। हमने आदिवासी भाई-बहनों को न्याय दिलाने के लिए लघु वनोपज उपार्जन के सभी पहलुओं पर काम किया, 7 से बढ़ाकर 65 वनोपजों के लिए समर्थन मूल्य देने तथा मूल्यवृद्धि के साथ उपार्जन केन्द्रों में समुचित व्यवस्था भी की। जिसके कारण अब हम देश की कुल वनोपज खरीदी का 75 प्रतिशत हिस्सा खरीद रहे हैं। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2 हजार 500 से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसके कारण संग्राहकों को मिलने वाली राशि 1 हजार 500 करोड़ रुपए से बढ़कर 2 हजार 521 करोड़ रुपए हो गई।

 

इतना ही नहीं, हमने आदिवासी परिवारों को ऐसी फसलें लेने के लिए प्रेरित किया, जो बाजार में बहुत अच्छे दामों पर बिकती हैं और इस तरह हमने आदिवासी समाज के लिए उन्नत खेती का रास्ता खोलकर, उन्हें प्रगतिशील किसान की नई पहचान भी दिलाई। लोहंडीगुड़ा में जमीन वापसी के साथ ही हमने पूरे प्रदेश में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया था। अब प्रदेश में ऐसे 50 केन्द्रों में 134 प्रकार के हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के साथ ही राज्य स्थापित संजीवनी केन्द्र, सी-मार्ट आदि में हो रही है। मात्र चार वर्षों में प्रदेश के 112 विकासखंडों में भूमि का चिन्हांकन और 52 विकासखंडों में भूमि हस्तांतरण हो चुका है। प्रदेश में 562 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।
लघु धान्य या मिलेट्स की ज्यादातर खेती वन अंचलों में की जाती है लेकिन उचित दाम व विपणन सुविधाओं के अभाव में इसका लाभ आदिवासी तथा ग्रामीण जनता को नहीं मिल पाता था। हमने मिलेट्स के साथ इसकी खेती करने वाले किसानों को भी मान दिलाया है। कोदो, कुटकी, रागी खरीदी के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया, इसे ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ से भी जोड़ा गया है। ‘छत्तीसगढ़ मिलेट्स मिशन’ का गठन किया। 14 जिलों में मिलेट्स की उत्पादकता सहित आवश्यक शोध व अनुसंधान हेतु एम.ओ.यू. किया गया। मुझे विश्वास है कि मिलेट्स को लेकर देश और दुनिया में जो सकारात्मक वातावरण बना है, उसका लाभ छत्तीसगढ़ के आदिवासियों और किसानों को दिलाने के लिए हमने सही समय पर सही कदम उठा लिया है।

 

हमने अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए नए-नए उपाय किए हैं। ‘आदर्श छात्रावास योजना‘, ‘एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना‘, ‘शिष्यवृत्ति योजना‘, ‘छात्र भोजन सहाय योजना‘, ‘राजीव युवा उत्थान योजना‘, ‘राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा योजना‘, ‘जवाहर विद्यार्थी उत्कर्ष योजना‘ जैसे अनेक प्रयासों में सहायता राशि, हितग्राहियों की संख्या तथा सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी किए जाने से विद्यार्थियों में नई आशा और विश्वास जागा है।
‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव’, ‘विश्व आदिवासी दिवस’ पर सार्वजनिक अवकाश व ‘शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय’ जैसी पहल से इन वर्गों का गौरव और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली है।
हमने देवगुड़ी तथा घोटुल के महत्व को आत्मसात करते हुए इनके विकास हेतु आर्थिक सहायता में भी बढ़ोतरी की है। विभिन्न परंपरागत काम करने वाले समुदायों की आयवृद्धि हेतु समुचित पहल करने के लिए मंडलों का गठन किया है। वहीं ‘चिराग परियोजना’ के माध्यम से 14 आदिवासी बहुल जिलों में कृषि एवं इससे जुड़े अवसरों का लाभ स्थानीय लोगों को दिलाने का कार्य भी शुरू किया गया है।
देश के जिन कानूनों का लाभ प्रदेश के आदिवासी समाज को राहत देने के लिए पूर्व में नहीं किया गया था, हमने उस दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं। पेसा कानून के लिए नियम बनाने के मामले में हम देश के पांचवें राज्य बने हैं। जेल में बंद व अनावश्यक मुकदमेबाजी से टूट रहे आदिवासी परिवारों को राहत व रिहाई दिलाने का वादा भी हमने निभाया है।

 

आदिवासी बहुल अंचलों में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, पोषण, रोजगार, सड़क निर्माण, ‘बस्तर फाइटर्स’ बल में भर्ती जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए हमने विशेष रणनीति अपनाई, जिससे समस्याओं का समाधान तत्काल हो और लोगों को शासन-प्रशासन की नजदीक उपस्थिति महसूस भी हो। समन्वित प्रयासों एवं एकीकृत योजनाओं से स्थल पर हल मिलना शुरू हुआ तो नक्सलवाद की जड़ें भी कमजोर होती चली गईं। जन-जीवन सामान्य हुआ। 13 वर्षों से बंद 300 स्कूलों का जीर्णोद्धार और पुनः संचालन संभव हुआ। यही वजह है कि बस्तर अब नक्सलगढ़ नहीं बल्कि ‘विकासगढ़’ के रूप में नई पहचान पा रहा है। बस्तर में अब नियमित हवाई यात्रा की तरह नियमित विकास की ऊंची उड़ान भी देखने को मिल रही है।

 

बहनों और भाइयों, छत्तीसगढ़ राज्य गठन से किसानों और ग्रामीणों के मन में यह उम्मीद जागी थी कि उनको आर्थिक स्वावलंबन के साथ सम्मान भी मिलेगा लेकिन हकीकत में उन्हें धोखा ही मिला था। चार साल पहले हमने यह बीड़ा उठाया कि ‘धानी धरती के धानवान किसानों को धनवान’ बनाएंगे। डेढ़ दशक तक उनके साथ हुए धोखे के दुःखों को भुलाकर उन्हें खुशहाल जिंदगी का हकदार बनाएंगे। मुझे खुशी है कि हमने मात्र चार वर्षों में धान खरीदी को 56 लाख 88 हजार मीटरिक टन से बढ़ाकर एक करोड़ मीटरिक टन से अधिक पहुंचा दिया और हर वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
मैं कहना चाहता हूं कि इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का हाथ रहा है। उदाहरण के लिए चार साल पहले समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के हताश होने के कारण मात्र 15 लाख 77 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था जो अब बढ़कर 25 लाख हो गया है। धान बेचने के लिए पहले पंजीकृत रकबा मात्र 24 लाख 46 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 32 लाख से अधिक हो गया है। खरीदी केन्द्रों की संख्या पहले मात्र 1 हजार 899 थी, जो अब बढ़ाकर 2 हजार 497 कर दी गई है। इसके अलावा बारदाने की कमी, टोकन, तौल, भुगतान जैसी समस्याओं के कारण किसानों को मंडी में बेहद अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता था। हमने ऑनलाइन टोकन शुरू किया और ऐसे अनेक इंतजाम किए, जिससे धान खरीदी बहुत ही सम्मानजनक, शांति और व्यवस्थित तरीके से हो पाई। इस तरह सुविधाएं देने के कारण हम देश में सर्वाधिक किसानों का धान खरीदने वाले राज्य भी बने हैं। हमने संग्रहित धान को सीधे मिलिंग के लिए भेजने की नई व्यवस्था की, जिससे धान के नुकसान पर अंकुश लगा, वहीं मिलिंग क्षमता बढ़ने से हम केन्द्रीय पूल में सबसे ज्यादा चावल देने वाले राज्य बन गए हैं।

धरती को हम माता मानते हैं, तो हमारा यह कर्त्तव्य हो जाता है कि माता की सेहत का भी पूरा ध्यान रखें। रासायनिक जहर से माटी की शुद्धता को बचाएं। हमने तो ‘नरवा-गरुवा- घुरुवा-बारी’ की पहचान छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी के रूप में की है और ‘सुराजी गांव योजना’ के तहत इस चिन्हारी को बचाने-बढ़ाने- सजाने-संवारने और आने वाली पीढ़ी को अच्छी से अच्छी स्थिति में सौंपने के लिए बहुत बड़ा अभियान छेड़ा है।
मुझे खुशी है कि हमारा यह काम सही दिशा में, सही गति के साथ चल रहा है। जगह-जगह से भूमि जल स्तर बढ़ने की खबरें आ रही हैं। जैविक खाद और जैविक खेती को लेकर छत्तीसगढ़ ऊंची उड़ान भर चुका है। लगभग 28 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से हमारे गौठानों ने ऐसा बड़ा कीर्तिमान बनाया है, जिसके सामने बड़ी-बड़ी कंपनियां कहीं नहीं ठहरतीं। गौठान को हमने सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा था। 11 हजार 267 गौठान निर्माण की स्वीकृति, 9 हजार 716 गौठानों का निर्माण, 4 हजार से अधिक गौठानों का स्वावलंबी होना और 300 से अधिक गौठानों में ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ का शिलान्यास हो जाना, अपने आप में सफलता की पूरी कहानी है।

मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हम स्वावलंबी गांव तथा गांव को सक्षम गणराज्य बनाने का सपना देखने वाले अपने पुरखों महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। हजारों गौठान जब ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ के रूप में गांवों में ही गोबर से बिजली बनाएंगे, पेंट सहित विभिन्न आवश्यक चीजों का उत्पादन करेंगे, तेल मिल, दाल मिल, आटा मिल, मिनी राइस मिल जैसी हजारों छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयों को चलाएंगे तो इससे हमारे गांवों में जो ताकत पैदा होगी, उसका अनुमान लगाकर मैं असीम आनंद की अनुभूति करता हूं। मैं इसे अपने सार्वजनिक जीवन और अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करता हूं।
इन्हीं प्रयासों के एक घटक, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से न सिर्फ पशुधन विकास को नई ऊंचाई मिली है बल्कि गोबर के सांस्कृतिक महत्व के साथ ही आर्थिक महत्व को भी रेखांकित करने में बड़ी सफलता मिली है। इस योजना से प्रदेश के 3 लाख से अधिक लोगों को आय का नया जरिया मिला है और अब तक 362 करोड़ रुपए से अधिक की आय भी हुई है, जिससे हितग्राही परिवार अपने आवास, वाहन, स्वास्थ्य, जीवन स्तर उन्नयन, मांगलिक कार्य, स्थायी संपत्तियों का निर्माण, आजीविका के साधनों के विकास जैसे अनेक काम कर पा रहे हैं, जिससे हितग्राहियों के बढ़़े उत्साह और उद्यमिता से भी विकास का नया वातावरण बना है।

हमने किसानों तथा अन्य जनहितकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लगभग 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए की राशि प्रदान करते हुए न्याय योजनाओं को सार्थक बनाया है तो इस राशि को हितग्राहियों के बैंक खातों में डालने की व्यवस्था भी की है। ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की संख्या विगत चार वर्षों में 50 प्रतिशत बढ़कर 81 लाख 22 हजार हो गई है। साथ ही ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में बैंकिंग की सुविधाओं में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है। मार्च 2021 तक बैंक मित्रों की संख्या मात्र 18 हजार 323 थी, जो अब बढ़कर 35 हजार से अधिक हो गई है। बैंक शाखाओं की संख्या 22 प्रतिशत बढ़कर 573 हो गई है।
प्रदेशवासियों की गाढ़े पसीने की कमाई को उच्चस्तरीय संरक्षण से कोई लूटकर ले जाए, इस स्थिति को हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, इसलिए हमने सरकार में आते ही ‘चिटफंड कंपनियों’ के खिलाफ मोर्चा खोला। छत्तीसगढ़ में विगत चार वर्षों में 207 चिटफंड कम्पनियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर, 650 से अधिक संचालकों और उनके पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। अब-तक 82 प्रकरणों में 43 कम्पनियों के विरुद्ध 73 करोड़ 24 लाख रुपए की संपत्ति कुर्की, नीलामी, वसूली का अंतिम आदेश माननीय न्यायालय द्वारा दिया जा चुका है। इस तरह 36 हजार 239 निवेशकों को 24 करोड़ 87 लाख रुपए की राशि लौटाई गई है। निकट भविष्य में और भी बड़ी राशि लौटाई जाएगी। ऑनलाइन जुआ की रोकथाम के लिए ‘छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध विधेयक-2022’ पारित होना भी प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि है।

निश्चित तौर पर धान के किसानों की खुशहाली से छत्तीसगढ़ महतारी के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आई है लेकिन हमने धान के साथ हर तरह की फसल लेने वाले किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ लागू की। इसके अंतर्गत तीन वर्षों में 16 हजार 442 करोड़ रुपए की आदान सहायता दी गई है। इस योजना से उद्यानिकी फसलों को जोड़ने से प्रदेश में साग-सब्जी तथा फलों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और इसी के साथ उनके संरक्षण हेतु कोल्ड स्टोरेज की स्थापना, फल, सब्जी मंडी तथा प्रसंस्करण इकाइयों में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में ‘किसान कुटीर’ विकसित किया जा रहा है। इन तमाम प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब खुशहाल किसानों का प्रदेश बन रहा है।
इस वर्ष से समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी का वादा भी निभा रहे हैं। भूमिहीन मजदूरों को न्याय कैसे दिलाया जाए, इस संबंध में प्रदेश तो क्या देश में कोई सोच नहीं थी। हमने ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ लागू कर 4 लाख 66 हजार से अधिक लोगों को वर्ष में सुनिश्चित न्यूनतम आर्थिक मदद देने का सपना साकार किया है।

 

हमने विगत चार वर्षों में विभिन्न तरह के काम करने वाले श्रमिकों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली अनेक योजनाएं शुरू की और उनमें लाभ का दायरा भी बढ़ाया है। ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केन्द्र योजना’, ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक निःशुल्क कार्ड योजना’, ‘मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना’, ‘निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कापी योजना’, ‘खेलकूद प्रोत्साहन योजना’, ‘ई-श्रम पोर्टल’, ‘कारखाना श्रमिक प्रशिक्षण योजना’ आदि से श्रमिक परिवारों को बहुत राहत दी गई है। ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना’ के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को दोगुना करने, ‘मुख्यमंत्री आधारभूत शिक्षा प्रशिक्षण सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना’, निर्माण श्रमिकों के लिए ‘निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना’ शुरू करने की घोषणा भी की गई है।
धान की धरती में भूख और कुपोषण का तांडव कैसे चलता रहा, यह सोचकर देखिए। हमने इस कुचक्र को तोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ चलाया। जिसके कारण चिन्हांकित 4 लाख 34 हजार बच्चों में से 2 लाख 65 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा एक लाख 50 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्त किया गया है। इसके अलावा हमने गर्भस्थ शिशुओं से लेकर सुरक्षित प्रसव, माताओं और शिशुओं के स्वस्थ विकास के विभिन्न पहलुओं पर समुचित ध्यान दिया है।
हमारे विभिन्न प्रयासों से मातृत्व मृत्यु दर 159 से घटकर 137 हो गई है। दूसरी संतान भी बेटी होने की स्थिति में किसी भी तरह की मदद का प्रावधान पूर्व में नहीं था। इस अंतर को पाटने के लिए हमने ‘कौशल्या मातृत्व सहायता योजना’ शुरू की। इसी तरह ‘बाल कोष’, ‘बाल सक्षम नीति’, ‘मिशन वात्सल्य’ सहित ‘छत्तीसगढ़ महिला कोष’, ‘नवा बिहान’, ‘सक्षम योजना’, ‘सखी वन-स्टॉप सेंटर’ जैसी अनेक योजनाओं से नारी शक्ति को मजबूत किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ते हुए हमने स्थानीय खान-पान की विशेषताओं और रुचियों का विशेष ध्यान रखा, जिससे सकारात्मक नतीजे प्राप्त हुए हैं। पोषण सुरक्षा के लिए आयरन फोलिक एसिड युक्त फोर्टिफाइड चावल का वितरण अभी 12 जिलों, ‘मध्याह्न भोजन योजना’ तथा ‘पूरक पोषण आहार योजना’ हेतु किया जा रहा है। मैं घोषणा करता हूं कि अप्रैल 2023 से सभी जिलों में पीडीएस के राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण प्रारंभ किया जाएगा।

 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 64 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक निर्धारित मासिक पात्रता एवं अतिरिक्त पात्रता का चावल निःशुल्क वितरण किया गया। मैं घोषणा करता हूं कि इस वर्ष जनवरी 2023 से दिसम्बर 2023 तक मासिक पात्रता का चावल निःशुल्क प्रदाय किया जाएगा।

हमने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ‘सार्वभौम पीडीएस’ के तहत 2 करोड़ 61 लाख हितग्राहियों को अर्थात् शत-प्रतिशत खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पूरा कर लिया है। राशनकार्डधारी अपनी सुविधा से छत्तीसगढ़ अथवा देश के किसी भी राज्य की उचित मूल्य दुकान से राशन सामग्री प्राप्त कर सकंे, इसके लिए ‘वन नेशन वन राशनकार्ड योजना’ पर अमल किया जा रहा है। 13 हजार 518 उचित मूल्य दुकानों में से 13 हजार 451 उचित मूल्य दुकानों में ‘ई-पॉस मशीन’ स्थापित करके आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

बहनों और भाइयों, मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं, बल्कि सुखद अहसास होता है कि हमने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक, वाणिज्यिक, औद्योगिक विकास पर पूरा ध्यान दिया है। हमारे गांव निर्माण का केन्द्र बनंे और शहर विक्रय का, इस सोच को धरातल पर उतारने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा हमने छत्तीसगढ़ को नए जमाने के अनुरूप, नए औद्योगिक विकास के लिए भी आदर्श राज्य बनाया है। इसके लिए हमने स्टील क्षेत्र जैसी अपनी पुरानी ताकत को फिर से जगाया है, तो खाद्य प्रसंस्करण, दवा, लघु वनोपज, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूट, प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक वाहन, चार्जिंग स्टेशन सेवा केन्द्र, बीपीओ, थ्रीडी प्रिंटिंग, टेक्सटाइल, पर्यटन, मनोरंजन सेवा केन्द्र, बीज ग्रेडिंग जैसे क्षेत्रों को भी छत्तीसगढ़ में भागीदारी निभाने के लिए आमंत्रित किया है। यही वजह है कि विगत चार वर्षों में प्रदेश में एक हजार 856 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनमें 19 हजार 700 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश सुनिश्चित हुआ।
हमने शासन-प्रशासन की सेवाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए जो घोषणाएं की थीं, उन सबको पूरा कर दिया है। विगत चार वर्षों में 6 नए जिले, 19 अनुविभाग और 83 तहसीलों का गठन किया है। शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन योजना, छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि योजना का लाभ देने हेतु हम अपने निर्णय पर अडिग हैं और इसके लिए समुचित कदम उठाए जा चुके हैं। आम जनता को ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए हमने लोक सेवा केन्द्रों को सशक्त बनाया, जिसके कारण विगत चार वर्षों में लगभग एक करोड़ 14 लाख आवेदनों का निराकरण इस प्रणाली से किया गया। इसके अलावा परिवहन, नगरीय निकायों तथा विभिन्न शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन प्रणालियों को बढ़ावा दिया गया है, जिसका लाभ लाखों लोगों को हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री मितान योजना’ के तहत सभी 14 नगर निगमों में जनता को घर में जाकर प्रमाण-पत्र, लाइसेंस जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसका लाभ 40 हजार से अधिक लोगों को मिला है।

मेरा मानना है कि सेहत, समृद्धि और खुशहाली का सीधा रिश्ता होता है। कहा गया है-‘एक स्वास्थ्य हजार नियामत’। हमारी सरकार ने जन-स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए हैं। नए अस्पताल खोलने, अस्पतालों के उन्नयन जैसे सारे योजनाबद्ध कार्य तेजी से हों, यह सुनिश्चित करने के साथ ही हमने हर हालत में समुदाय तक पहुंचने की रणनीति अपनाई। इस तरह चलित चिकित्सालयों को हाट-बाजारों, बसाहटों, तंग बस्तियों और उन सभी जगहों तक पहुंचाया गया, जहां तत्काल आवश्यकता थी।

जन-स्वास्थ्य सुविधाएं नियम प्रक्रियाओं के चक्कर में उलझकर विलंबित न हों, यह हमारी सबसे बड़ी चिंता थी। यही वजह है कि विगत चार वर्षों में हमने ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’, ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना’, ‘मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना’, ‘हमर लैब’ जैसी योजनाओं से एक करोड़ 90 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य रक्षा की है। ‘श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना’ के तहत राज्य के 169 नगरीय निकायों में 193 दुकानें संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम 43 लाख से अधिक लोगों को 75 करोड़ रुपए से अधिक की बचत हुई है। धन राशि किसी के इलाज में रूकावट न बने इसके लिए हमने ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ और ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ के माध्यम से बहुत बड़े पैमाने पर निःशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था की है।
चार वर्ष पूर्व तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों में जिस तरह से बीमारियां और महामारी फैली थी उसे तत्काल प्रभाव से रोकने में हमें बड़ी सफलता मिली है। मलेरियामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान से प्रदेश में परजीवी सूचकांक 5.31 प्रतिशत से घटकर 0.92 प्रतिशत रह गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि नवा छत्तीसगढ़, स्वस्थ छत्तीसगढ़ के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाए।

हमने शिक्षा के माध्यम से राज्य की नई पीढ़ी को सक्षम बनाने की दिशा में भी क्रांतिकारी उपाय किए हैं। पहली कक्षा की पढ़ाई मातृभाषा से शुरू करने के लिए राज्यव्यापी भाषाई सर्वे करने वाले हम पहले राज्य हैं। बस्तर के गांव-गांव में कहानी-उत्सव के माध्यम से मातृभाषा में शिक्षा देने के अभियान को गति दी गई है। सरकारी शालाओं के बच्चों का आत्म-बल बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को संवारने हेतु पब्लिक स्कूलों से बेहतर अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम’ की 247 शालाओं और हिन्दी
माध्यम की 32 शालाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 2 लाख 15 हजार बच्चों को प्रवेश मिला है। आगामी सत्र से 422 नई शालाओं को उत्कृष्टता के इस अभियान में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
‘सुघ्घर पढ़वैया’ योजना भी शुरू की गई है, जिसमें विद्यालयों को ही शैक्षिक उन्नयन में भागीदार बनाकर पुरस्कारों की घोषणा की गई है। अल्प समय में ही 22 हजार से अधिक अर्थात् 51 प्रतिशत विद्यालयों ने इस योजना में शामिल होने की अनुमति देकर बड़े सुधार की दिशा में कदम उठा लिया है। मैं अपील करता हूं कि सभी विद्यालय अपनी सहमति प्रदान करें। लंबे समय से जिन शासकीय शाला भवनों की मरम्मत अथवा जीर्णोद्धार नहीं किया जा सका था, इसके लिए हमने 780 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, ताकि तत्काल यह कार्य हो सके।

उच्च शिक्षा को हमने युवाओं के अनुशासन, संस्कार और उनके रोजगार की क्षमता बढ़ाने के नजरिए से देखा और समुचित कदम उठाए हैं। आवश्यकता के अनुरूप हमने सह-शिक्षा और बालिकाओं के लिए विशेष महाविद्यालय शुरू किए तथा सीटों में भी बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि महाविद्यालयों में सकल नामांकन अनुपात पांच गुना बढ़ गया है। वहीं छात्राओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। इस तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का आगे बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि है। मैं बेटियों को उनके उत्साह, जागरुकता और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा-शक्ति के लिए सलाम करता हूं। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों’ की तर्ज पर महाविद्यालय खोलने का निर्णय भी लिया गया है, जो उच्च शिक्षा के उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में नए प्रतिमान बनेंगे।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक ओर जहां शासकीय, अर्द्धशासकीय विभागों, निगमों, मंडलों, आयोगों, समितियों आदि में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई, वहीं निजी क्षेत्रों में भी रोजगार और स्वरोजगार की समुचित व्यवस्थाएं की गईं। राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापम में परीक्षा शुल्क माफ किया गया। निर्माण विभागों में ई-पंजीयन के माध्यम से सीमित निविदा प्रक्रिया का लाभ दिया गया। गांवों से लेकर शहरों तक आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हुई, जिसमें बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए। इस तरह छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर को 0.1 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर तक लाने में मिली सफलता का श्रेय मैं राज्य के विकास में भागीदार बने आप सभी लोगों को देता हूं। मैं कहना चाहता हूं कि व्यापक जनभागीदारी, नवाचार और समावेशी विकास की हमारी रणनीति से बना ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ अब देश को दिशा दे रहा है।

मैंने पहले भी कहा है कि विकास का हमारा मॉडल सजावटी और दिखावटी न होकर बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए जन-जन को सशक्त बनाने वाला होगा। इसी सांचे में हमने अधोसंरचना विकास को भी ढाला है, जिसका निर्माण समय-सीमा में पूर्ण हो और जिसका लाभ जनता को तत्काल मिलना शुरू हो, ऐसी सड़क, जल संसाधन, बिजली प्रदाय आदि की अधोसंरचना का विकास किया गया है।
स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए कोरोना काल में ‘राज्य आपदा मोचन निधि’ तथा अन्य मदों से समुचित राशि दी गई। जब नगरीय निकायों को जरूरत थी तब उन्हें एकमुश्त बड़ी आर्थिक सहायता दी गई। जब अस्पताल और स्कूलों को जरूरत थी, तब उनके लिए एकमुश्त सहायता राशि की घोषणा की गई, वैसे ही बरसात के बाद में जब सड़कों पर गड्ढे उभरे तो अभियान चलाकर 6 हजार किलोमीटर सड़कों की मरम्मत हेतु घोषणा की गई कि इसमें बजट की कोई कमी नहीं होगी। समय पर कार्य पूरा होना ही प्राथमिकता होगी।

‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2020 तक 9 लाख 39 हजार 335 आवासों की स्वीकृति देकर 8 लाख 33 हजार 488 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा शेष का निर्माण शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा। वर्ष 2021-22 में 1 लाख 57 हजार 815 आवासों के लक्ष्य अनुरूप शत-प्रतिशत स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। मुझे खुशी है कि आर्थिक तंगी के कठिन दौर में भी हमारी रणनीति से चहुंओर राहत पहुंचाई गई और विकास को गति दी गई।
बहनों और भाइयों, 26 जनवरी 2024 को हम 75वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे। यह हमारे गणतंत्र का अत्यंत गौरवशाली पड़ाव होगा। जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, गणतंत्र जन-जन के अधिकारों और गौरव का दिन है। यह भारतीय संविधान के प्रति आस्था ही नहीं बल्कि हमारी एक-दूसरे के प्रति आस्था, विश्वास, सद्भाव और विकास में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के संकल्प का भी दिन है। इसलिए मैं आप सबसे आह्वान करता हूं कि संविधान के सिद्धांतों, मूल्यों और इसके पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत बनाने की दिशा में रचनात्मक कार्यक्रमों का सिलसिला सभी लोग अपने-अपने स्तरों पर शुरू करें।
हमारे पुरखों ने सिखाया है कि अपनी माटी, परंपराओं और संस्कृति से जुड़कर हम एकजुटता के सेतु बनाते हैं। इन मूल्यों के विपरीत चलने का खामियाजा पहले भी बहुत भुगता जा चुका है इसलिए हम छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्वाभिमान और स्वावलंबन की अलख जगाने के लिए छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, जो जाति-धर्म-संप्रदाय से ऊपर उठकर छत्तीसगढ़ियत के आदर्शों का विस्तार करेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य को ही यह सौभाग्य मिला है कि इसके नाम के साथ महतारी शब्द जुड़ता है, जो मातृशक्ति के प्रति हमारी गहरी आस्था का प्रतीक है। इसीलिए हम कहते हैं ‘बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के’। मैं चाहूंगा कि सार्वजनिक आयोजनों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा, उनका चित्र, राजगीत, राजकीय प्रतीक छत्तीसगढ़िया गमछा, बोरे-बासी तथा छत्तीसगढ़िया खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाए। छत्तीसगढ़िया त्यौहारों पर घोषित किए सार्वजनिक अवकाशों का उपयोग त्यौहार के महत्व के अनुरूप आयोजनों में किया जाए।
‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ के माध्यम से पारंपरिक ग्रामीण खेलों के प्रति चेतना जगाने और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाने में हमें अपार सफलता मिली है। इससे बने वातावरण से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के अभियान को गति मिलेगी तथा इसका लाभ युवाओं को खेलकूद में भी बड़ी सफलताओं के रूप में मिलेगा।

मुझे विश्वास है कि विकास के हमारे ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ ने प्रदेश में जीवन स्तर उन्नयन, समृद्धि, खुशहाली और स्वावलंबन की दिशा में जो उपलब्धियां दिलाना शुरू की हैं, वह अभी प्रारंभिक दौर में ही है, इनके बहुत ऊंचाइयों और कई शिखरों पर जाने की संभावनाएं हैं। मुझे विश्वास है कि आप सबके सहयोग, समर्थन और भरोसे की पूंजी से हम छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध और सबसे खुशहाल राज्य बनाने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात, बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा बेरोजगारी भत्ता…

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात, बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा बेरोजगारी भत्ता…

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज जगदलपुर के लाल मैदान में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हलबी और छत्तीसगढ़ी में संबोधित किया।वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी।

1. अगले वित्तीय वर्ष से बेरोजगारों को हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा ।

2. आगामी वित्तीय वर्ष से बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा।

3. महिला समूहों महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने हेतु नवीन योजना आरंभ की जायेगी ।

4. छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने और संजोने के बाद छत्तीसगढ़ को प्रगति पथ पर अनवरत आगे बढ़ाने के लिये राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन किया जायेगा ।

5. रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोजगार सृजन के लिये स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एरोसिटी विकसित किया जाएगा।

6. छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिये ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जायेगी।

7. उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त किया जायेगा ।

8. रायपुर और दुर्ग जिले की जीवनदायिनी और जन आस्था का केंद्र खारून नदी व्यापार और मनोरंजन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फंट विकसित किया जाएगा।

9.बिजली बिल हाफ योजना को मिले उत्कृष्ट प्रतिसाद के बाद बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये अत्याधुनिक ऑनलाईन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित की जायेगी ।

10.छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लगातार तीन साल पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने हेतु 50 हजार रूपये अनुदान देने की योजना लाई जायेगी।

11. छत्तीसगढ़ की जनता की अगाध आस्था भांचा राम और माता कौशल्या में है । प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय रामायण / मानस मंडली महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

12. छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है अतः प्रतिवर्ष चंदखुरी में कौशल्या महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

POLITICAL NEWS : सीएम भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात

POLITICAL NEWS : सीएम भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात

 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी बड़ी सौगात :-

1. अगले वित्तीय वर्ष से बेरोजगारों को हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा ।

2. आगामी वित्तीय वर्ष से बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रूपये प्रतिवर्ष प्रदान किया जाएगा।

3. महिला समूहों महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने हेतु नवीन योजना आरंभ की जायेगी ।

4. छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने और संजोने के बाद छत्तीसगढ़ को प्रगति पथ पर अनवरत आगे बढ़ाने के लिये राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन किया जायेगा ।

5. रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोजगार सृजन के लिये स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एरोसिटी विकसित किया जाएगा।

6. छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिये ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जायेगी।

7. उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त किया जायेगा ।

8. रायपुर और दुर्ग जिले की जीवनदायिनी और जन आस्था का केंद्र खारून नदी व्यापार और मनोरंजन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फंट विकसित किया जाएगा।

9.बिजली बिल हाफ योजना को मिले उत्कृष्ट प्रतिसाद के बाद बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये अत्याधुनिक ऑनलाईन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित की जायेगी ।

10.छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लगातार तीन साल पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने हेतु 50 हजार रूपये अनुदान देने की योजना लाई जायेगी।

11. छत्तीसगढ़ की जनता की अगाध आस्था भांचा राम और माता कौशल्या में है । प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय रामायण / मानस मंडली महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

12. छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है अतः प्रतिवर्ष चंदखुरी में कौशल्या महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

Republic day 2023 : राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में किया ध्वजारोहण, परेड का निरीक्षण कर ली सलामी

Republic day 2023 : राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजभवन में किया ध्वजारोहण, परेड का निरीक्षण कर ली सलामी

 रायपुर। Republic day 2023 : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल अनुसुईया उइके ने 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उनके परिजनों तथा बच्चों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटे।

समारोह में राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, राज्यपाल के उपसचिव दीपक अग्रवाल, एडीसी द्वय विवेक शुक्ला तथा मेजर सिद्धार्थ सिंह सहित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उनके परिवार के सदस्यगण उपस्थित थे। राजभवन में आयोजित परेड का नेतृत्व परेड कमाण्डर सौरभ उइके ने किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लालबाग मैदान में किया ध्वजारोहण, देखें गणतंत्र दिवस समारोह LIVE

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लालबाग मैदान में किया ध्वजारोहण, देखें गणतंत्र दिवस समारोह LIVE

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में किया ध्वजारोहण। जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परेड का निरीक्षण कर रहे हैं। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री शहीद स्मारक स्थल से 11.15 बजे प्रस्थान कर 11.20 बजे मां दंतेश्वरी मंदिर का दर्शन करने के बाद दंतेश्वरी मंदिर परिसर से कोतवाली तक 'हाथ से हाथ जोड़ो' कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात दोपहर 12.05 बजे जगदलपुर सर्किट हाउस पहुंचेंगे और वहां से दोपहर 12.35 बजे आमागुड़ा चौक में आमागुड़ा चौक और अमर वाटिका का लोकार्पण करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री दोपहर 1.40 बजे ग्राम तुरेनार में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम पश्चात दोपहर 3.15 बजे पुलिस ग्राउंड हेेलीपेड रायपुर आएंगे।

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RepublicDay 2023: रमन सिंह ने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में फहराया तिरंगा

RepublicDay 2023: रमन सिंह ने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में फहराया तिरंगा

 रायपुर/ दिल्ली। RepublicDay 2023 पर पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने दिल्ली स्थित बीजेपी कार्यालय में तिरंगा फहराया। समारोह को संबोधित करते हुए रमन सिंह ने कहा कि मुझ जैसे साधारण कार्यकर्ता के लिए यह गौरव व सम्मान का विषय है कि राष्ट्रीय कार्यालय में तिरंगा फहराने का अवसर मिला। भारतीय जनता पार्टी ने मुझे यह दायित्व सौंपकर न केवल संगठन के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया बल्कि छत्तीसगढ़ महतारी का भी सम्मान किया है। आइए इस #गणतंत्र_दिवस पर हम सभी मिलकर अपने संघीय ढांचे को मजबूत बनाने का संकल्प लें और उत्कृष्ट भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

भारत आज 26 जनवरी को 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार कर्तव्य पथ पर परेड होगी. इससे पहले इस जगह को राजपथ के नाम से जाना जाता था. इस परेड में 'न्यू इंडिया' की झलक दिखेगी. इसके साथ ही स्वदेशी सैन्य पराक्रम और नारी शक्ति का प्रदर्शन होगा. राज्यों की झांकियां में सांस्कृतिक विविधता दिखेगी. साथ ही वायुसेना के 50 विमान पराक्रम दिखाएंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ से राष्ट्र का नेतृत्व करेंगी. इस बार गणतंत्र दिवस पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी (Abdel Fattah El-Sisi) मुख्य अतिथि होंगे.

 

गणत्रंत दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए CM भूपेश बघेल, परेड की ले रहे सलामी, देखें लाइव वीडियो

गणत्रंत दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए CM भूपेश बघेल, परेड की ले रहे सलामी, देखें लाइव वीडियो

 जगलपुर/रायपुर । Republic Day 2023 : CM भूपेश बघेल जगदलपुर के सर्किट हाउस में ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। देश के 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सीएम बघेल आज ध्वजारोहण करने जगदलपुर पहुंचे है। बता दें की मुख्यमंत्री बघेल आज कई कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 
नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को प्रताडि़त करते रही भाजपा सरकार-भूपेश

नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को प्रताडि़त करते रही भाजपा सरकार-भूपेश

 0- आज बस्तर बदल रहा है,बस्तर में शांति और विकास की बयार बह रही
जगदलपुर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को प्रताडि़त करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 15 साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने आदिवासियों पर फर्जी केस बनाकर जेल में ठूंसने का काम किया। पहले यही जवान आदिवासियों को नक्सली समझते थे। आज इनका एक दूसरे के प्रति व्यवहार बदल गया है। आज बस्तर बदल रहा है। बस्तर में शांति और विकास की बयार बह रही है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एक भी फर्जी एनकाउंटर नहीं हो रहा है।
दो दिन के बस्तर प्रवास पर बुधवार को बकावंड विकासखंड के ग्राम गिरोला में आयोजित सिरहा, गुनिया, गायता, पुजारी, मांझी, बाजा-मोहरिया, आठ पहरिया, राजीव युवा मितान क्लब, गोठान समिति और पंचायती राज प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि पुलिस के जवान ग्रामीणों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। बीते साल में बस्तर में सबसे कम हिंसा की घटनाएं हुई हैं। इसके लिए पुलिस के अधिकारियों और जवानों और बस्तरवासियों को बधाई। आज बस्तर की संस्कृति की चर्चा देश और दुनिया में फिर से हो रही है। नक्सली घटना बीते दिनों की बात हो गई है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने डेढ़ दशक से बंद स्कूलों को खोलने का काम किया है। जनता का विश्वास दोबारा जीता है। सभा में मुख्यमंत्री ने बकावंड विकासखंड के ग्राम बजावंड में जिला सहकारी बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया।

स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों के लिए फ़ीस का किया निर्धारण, देखें आदेश…

स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों के लिए फ़ीस का किया निर्धारण, देखें आदेश…

 रायपुर। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय स्कूलों के लिए फीस का निर्धारण कर दिया है। शिक्षा विभाग के सहायक संचालक का कहना है कि निजी स्कूलों को भी इससे मिलता-जुलता फ़ीस निर्धारित करने का निर्देश होता है। देखिए स्कूल शिक्षा विभाग का यह आदेश :


मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को देश के 74वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने भारत की आजादी के लिए त्याग और बलिदान देने वाले अमर सेनानियों को नमन किया है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर साल हम लोग 26 जनवरी को भारत के एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य के रूप में स्थापित होने का पर्व मनाते हैं। यह दिन भारतीय लोकतंत्र का महापर्व है, जो अनेकता में एकता लिए भारत देश को एक सूत्र में बांधता है। बघेल ने कहा कि हमारे पुरखों ने कड़ी मेहनत और पूरी जिम्मेदारी के साथ संविधान के रूप में सभी नागरिकों की गरिमा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करते हुए उनके लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय व समता की राह तैयार की, जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। भारतीय संविधान द्वारा रखी गई मजबूत आधारशिला का ही परिणाम है कि देश ने आजादी के 75 साल पूरे कर लिए हैं। यह हमारी महती जिम्मेदारी है कि त्याग और बलिदान से हमें जो लोकतंत्र का उपहार मिला है, वह लगातार मजबूत हो। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारतीय संविधान का मूल तत्व उसकी प्रस्तावना के पहले वाक्य ‘हम भारत के लोग‘ में समाहित है। संविधान की मूल भावना को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़, सजग और प्रतिबद्ध है और उसने पुरखों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को मजूबत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश में नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने लाने के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गाँधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरूआत की गई है। गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्व-सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों एवं अन्य पारंपरिक कुटीर उद्योगों के उत्पादों के विक्रय के लिए सी-मार्ट खोले गए हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह : रायपुर में राज्यपाल सुश्री उईके करेंगी ध्वजारोहण

गणतंत्र दिवस समारोह : रायपुर में राज्यपाल सुश्री उईके करेंगी ध्वजारोहण

 रायपुर । राजधानी रायपुर में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह कल 26 जनवरी को पुलिस परेड ग्राउण्ड में सुबह 9 बजे से आयोजित होगा। राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके मुख्य समारोह स्थल में ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड की सलामी लेंगी। इस बार गणतंत्र दिवस पर पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित मार्च-पास्ट में पड़ोसी राज्य झारखंड की सश्स्त्र पुलिस बल की प्लाटून भी शामिल होगी। ध्वजारोहण के बाद आर्कषक मार्च-पास्ट और पदक अलंकरण समारोह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, साथ ही शासकीय योजनाओं की उपलब्धियों पर आधारित झाकियों का भी प्रदर्शन होगा।

गणतंत्र दिवस पर परेड कमाण्डर सुश्री पुजा कुमार के नेतृत्व में, सुरक्षा बलों की 12 प्लाटूनों के साथ बैंड प्लाटून ने भी कदम से कदम मिलाकर मार्च-पास्ट करेंगे। समारोह में सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, झारखंड राज्य सशस्त्र बल (पुरुष), छ.ग. सशस्त्र बल (पुरुष), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), छत्तीसगढ़ पुलिस (महिला), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला), छत्तीसगढ़ जेल, नगर सेना पुरूष एवं महिला तथा बैण्ड प्लाटून के जवान मार्च-पास्ट में शामिल होंगे।

राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगे पचास से अधिक अधिकारी-जवान

गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य समारोह में राज्य के पचास से अधिक पुलिस अधिकारियों-जवानों को विभिन्न पदकों और पुरुस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों के विरूद्ध अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति का ‘पुलिस वीरता पदक‘ से अलंकृत किया जाएगा। समारोह में   उत्कृष्ट सेवा लिए राष्ट्रपति का ‘विशिष्ट सेवा पदक‘ से भी पुलिस अधिकारियों और जावानों को सम्मानित किया जाएगा। आपदा राहत एवं बचाव कार्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सैनिकों को नागरिक सुरक्षा पदक से अलंकृत किया जाएगा। पुलिस प्रशिक्षण कार्य में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रशिक्षकों को ‘यूनियन होम मिनिस्टर मेडल‘ से अलंकृत किया जाएगा। इसी तरह बहादुरीपूर्ण कार्य करने के लिए दो बच्चों को भी 15 हजार रूपए एवं प्रशंसा पत्र और वीरता पदक प्रदान किया जाएगा।

 
विदेशी फंडिंग से हो रहा छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण : बृजमोहन

विदेशी फंडिंग से हो रहा छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण : बृजमोहन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ मे हो रहे धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग का उपयोग किया जा रहा है ऐसा करने वालों को राज्य की भुपेश बघेल सरकार का संरक्षण प्राप्त है। राज्य सरकार इसे सुनियोजित तरीके से बढ़ावा दे रही है। राज्य के गृहमंत्री सिंर्फ दिखावे के लिए चिंता करते है जबकि वो चाहे तो धर्मान्तरण के हो रहे इस अनैतिक कार्य पर कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकते है । ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नही है कि कांग्रेस का हाथ मिशनरियों के साथ है। मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर मिशनरियों के साथ परम आत्मीयता से फोटो सेशन करवाते हैं। उन्हें भरोसा दिलाते हैं। उन्हें बताते हैं कि उनकी पुलिस धर्मांतरण का विरोध करने वाले आदिवासियों पर क्या क्या कार्रवाई कर रही है। उनके मंत्री कवासी लखमा धर्मांतरण करने वालों के वकील बनकर चुनौती देते हैं। उनके विधायक चंदन कश्यप ईसाई मिशनरी के पक्ष में बोल रहे हैं। अब और क्या सबूत दें कि कांग्रेस सरकार इस धर्मांतरण की सूत्रधार है।

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि धर्म बदलने वाले देश के विरोध में काम करते हैं। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विदेशी फंड पारदर्शिता लाने के लिए कानून कड़े किए तो 16 हजार एनजीओ ने अपने पंजीयन रद्द करवा लिये। यह प्रमाणित करता है कि विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण हो रहा है।

भूपेश बघेल आपको मालूम है की नही कि गांधीजी भी लोभ, प्रलोभन देकर धर्मांतरण के बहुत खिलाफ थे ? पूर्वमंत्री बृजमोहन ने कहा कि समूचा बस्तर जल रहा है। धर्मांतरण को लेकर आदिवासी समाज सड़कों पर हैं। भूपेश बघेल की सरकार में ईसाई मिशनरियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विदेशी धन का उपयोग करके वहां धर्मांतरण हो रहा है। ये सिर्फ धर्मांतरण नहीं बल्कि राष्ट्रांतरण हो रहा है। पूर्व मंत्री बृजमोहन ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति पर मिशनरी का आक्रमण हो रहा है। आदिवासी अपनी संस्कृति की रक्षा न कर सकें, इसके लिए उनका दमन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में बेरोकटोक धर्मांतरण के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का दुरुपयोग किया जा रहा है।

शहीद दिवस के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का निर्देश, सायरन बजते ही होना होगा खड़े, आदेश जारी

शहीद दिवस के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का निर्देश, सायरन बजते ही होना होगा खड़े, आदेश जारी

 रायपुर। 30जनवरी को शहीदों की स्मृति में शहीद दिवस (Martyrs Day) का आयोजन किया जायेगा। इसे लेकर जीएडी ने सभी विभागों, कलेक्टर, कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ को निर्देश जारी कर दिया है। जारी निर्देश के मुताबिक 30 जनवरी को सुबह 11 बजे सारे देश में स्वतंत्रता दिवस में प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया है।

मौन के पहले सायरन बजाकर व आर्मी गन से सूचना दी जायेगी। सायरन 10.59 से 11 बजे तक बजाया जायेगा। जिसके बाद 2 मिनट का मौन रखने के बाद 11.02 बजे से 11.03 बजे तक दोबारा क्लीयर सारयन बजाया जायेगा। सायरन और सिग्नल सुनकर सभी व्यक्ति खड़े हो जायेंगे और मौन धारण करेंगे।

राज्य सरकार ने निर्देश को गंभीरता से लेने और शहीद दिवस पर अनिवार्य रूप से दो मिनट का मौन रखने का निर्देश दिया है। इस संदर्भ में स्कूल संस्था और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को निर्देश जारी करने को कहा गया है। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया गया है।

 

सीएम ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की दी बधाई, कहा- इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी की आराधना करते हैं

सीएम ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की दी बधाई, कहा- इस दिन विद्या, कला और संगीत की देवी की आराधना करते हैं

 रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की बधाई दी है। सीएम बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि बसंत पंचमी के दिन हम विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना करते हैं। यह ऋतु परिवर्तन का भी दिन है

इस दिन से ऋतुराज बसंत का आगमन होता है। इस समय प्रकृति अपना सर्वोच्च निखार लिए होती है इसलिए बसंत पंचमी को हरियाली और फसल के त्यौहार के रूप में भी मनाते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कामना की है कि बसंत पंचमी का पर्व सभी के जीवन में नई उमंग, ऊर्जा और उत्साह लेकर आए।

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