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भूपेश बघेल की संवेदनशील सरकार द्वारा जनजातीय युवाओं को विशेष शिक्षक की नियुक्ति प्रदान करना प्रशंसनीय -कांग्रेस

भूपेश बघेल की संवेदनशील सरकार द्वारा जनजातीय युवाओं को विशेष शिक्षक की नियुक्ति प्रदान करना प्रशंसनीय -कांग्रेस

रायपुर | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने भूपेश बघेल सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के पढ़े-लिखे युवाओं को विशेष शिक्षक का दर्जा देकर नियुक्ति प्रदान करने की प्रक्रिया को सराहनीय एवं संवेदनशील कदम बताया है। जशपुर जिले के पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति युवाओं की नियुक्ति से जनजातियों की सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में व्यापक परिवर्तन आएगा। छत्तीसगढ़ में बैगा, कमार, बिरहोर, पहाड़ी कोरवा और अबूझमाड़िया को विशेष जनजातिय का दर्जा प्राप्त है।

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यह जनजातियां अपना अस्तित्व बचाने संघर्ष कर रही थी।सरकार के संरक्षण से अब बड़े पैमाने पर सुधार आ रहा है। गरीबी अशिक्षा और बेरोजगारी के दलदल में फंसी- धंसी इन विशेष जनजातियों को विकास के जिस मुकाम की जरूरत थी, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भूपेश बघेल की सरकार ने इन वर्गों को मुख्यधारा में लाने हेतु एड़ी चोटी लगा दिया है। सभी योजनाओं का लाभ ना सिर्फ इन जनजातियों तक पहुंच रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार प्रदान करने में सरकार की विशेष भूमिका कारगर सिद्ध हो रही है। विकास कार्यों के लिए ना बजट की कमी आड़े आ रही है और ना ही शिक्षा तथा कुपोषण को लेकर कोई लापरवाही बरती जा रही है।  

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि जहां यह जनजाति विलुप्त हो रही थी, अब जनसंख्या में उत्तरोत्तर वृद्धि से स्पष्ट हो रहा है कि ना सिर्फ इनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है अपितु कुपोषण से निजात मिल रही है और संक्रामक रोगों से होने वाली मौतों को भी सरकार की सक्रियता से मात दी गई है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कबीरधाम, सरगुजा, नारायणपुर, बिलासपुर, बस्तर जिले में इन विशेष जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, विकास की जिम्मेदारी इसी तरह शिक्षित युवाओं को प्रदान की जा रही है। सरकार द्वारा विशेष जनजातिय क्षेत्रों में शिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करके इन वर्गों को सुदृढ़ बनाए जाने की दिशा में किया जा रहा प्रयास मील का पत्थर साबित होगा।
 
NSS की स्थापना दिवस पर दुर्गा महाविद्यालय के NSS की कार्यक्रम अधिकारी प्रो.सुनिता चंसोरिया द्वारा सेवा कार्य किया गया

NSS की स्थापना दिवस पर दुर्गा महाविद्यालय के NSS की कार्यक्रम अधिकारी प्रो.सुनिता चंसोरिया द्वारा सेवा कार्य किया गया

रायपुर | आज 24 सितम्बर राष्ट्रीय सेवा योजना की 51 वाँ स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर दुर्गा महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी प्रो.सुनिता चंसोरिया द्वारा चौक चौराहों (पचपेड़ी नाका, पुरानी बस्ती, महोबाबाज़ार, कालीबाड़ी, बुढ़ातालाब, शीतला चौक, नगर निगम, कचहरी चौक) पर पुलिस कर्मियों  व नगर निगम कर्मचारियों को चाय बिस्कुट का वितरण किया गया ।

छत्तीसगढ़ से दो श्रेष्ठ स्वयंसेवकों को मिला  राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार, समारोह में राज्यपाल वर्चुअल रूप से हुई शामिल

छत्तीसगढ़ से दो श्रेष्ठ स्वयंसेवकों को मिला राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार, समारोह में राज्यपाल वर्चुअल रूप से हुई शामिल

रायपुरनई दिल्ली में आज राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार 2018-19 समारोह का वर्चुअली आयोजन हुआ, इसका आयोजन खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद थे। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में शामिल हुई।

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उन्होंने पुरस्कार प्राप्त सभी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर केन्द्रीय खेल मंत्री श्री किरण रिजिजू भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस समारोह में सम्मानित छत्तीसगढ़ के बीसीएस शासकीय महाविद्यालय धमतरी के छात्र श्री सत्येन्द्र साहू एवं शंकराचार्य इंजीनियरिंग महाविद्यालय भिलाई के छात्र श्री राकेश कुमार को भी शुभकामनाएं दी है।

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राज्यपाल ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ के दो छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुए हैं। एन.एस.एस. युवाओं में राष्ट्रप्रेम तथा नेतृत्व की भावना का विकास करता है। उनके कार्यों से पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है। उल्लेखनीय है कि श्री सत्येन्द्र शर्मा तथा श्री राकेश कुमार को श्रेष्ठ स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना का राष्ट्रीय पुरस्कार (स्वयंसेवक श्रेणी के अंतर्गत) प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत राशि रू. 50,000/- व प्रशस्ति पत्र वर्चुअली प्रदान किया गया।

राजधानी में लगे लॉक डाउन का जायजा लेने निकले मंत्री रविन्द्र चौबे, पढ़ें पूरी खबर

राजधानी में लगे लॉक डाउन का जायजा लेने निकले मंत्री रविन्द्र चौबे, पढ़ें पूरी खबर

रायपुर कृषि मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ने राजधानी में लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर बयान दिया है। मंत्री रबिंद्र चौबे ने कहा कि वर्तमान में सात दिन के लगाए गए लॉकडाउन की समीक्षा करने के बाद ही इसे आगे बढ़ाने पर फैसला लेंगे।

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राजधानी में लॉकडाउन के तीसरे दिन भी प्रभारी मंत्री श्री चौबे व जिला प्रशासन ने सड़क पर उतरकर स्थिति का जायजा लिया। लॉकडाउन में प्रशासनिक व्यवस्था और लोगों के सहयोग बारे में जानकारी ली और मंत्री ने पुलिस कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था की तारीफ भी की। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दौरा किया है। राजधानी रायपुर में और पूरे जिले में लॉकडाउन करने का जो निर्णय लिया गया है। इसका जायजा लेने संसदीय सचिव विकास उपध्याव, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष और विधायक कुलदीप जुनेजा जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के साथ पूरे शहर में भ्रमण के लिए निकला था, अभी लॉकडाउन इकी जो स्थिति है, सबसे पहले हमारे प्रशासन के अधिकारियों को बधाई देना चाहूंगा। मैं अपने जनप्रतिनिधियों को विशेष रूप से बधाई देना चाहूंगा, समाजसेली संगठनों का भी जो रास्ते में गरीबों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।

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मैंने कई जवानों से भी बात की 6 महीने में जिस तरीके प्रशासन के लोगों, नगरी निकाय के अधिकारीऔर कर्मचारियों ने मेहनत की, निश्चित रूप से बड़ा अनुकरणीय है। श्री चौबे ने कहा लॉकडउन के बाद मुझे महसूस हुआ कि टेस्ट लगातार उतने ही हो रहे हैं, लेकिन मामले थोड़े से कम हुए हैं। प्रशासन, पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करता हूं आप सब के प्रति आभार व्यक्त करता हूं आप सबकी मदद से हम कितना कोरोना पर कंट्रेाल कर पाए, यह 5 दिन के बाद ही पता चलेगा। अभी तो 3 दिन ही हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी यही कहना है कि संक्रमण के आंकड़े हम 5 दिन के बाद ही पता लगा सकते हैं, वक्त बीत जाने दीजिए उसके समीक्षा की जाएगी।

 बड़ी खबर: मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. आदिले की संविदा नियुक्ति खत्म

बड़ी खबर: मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. आदिले की संविदा नियुक्ति खत्म

रायपुर। पंडित जवाहर लाल चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थ रहे पूर्व डीन डॉ. एस.एल. आदिले की संविदा नियुक्ति राज्य शासन स्वास्थ्य विभाग ने रद्द कर दी है। ज्ञातव्य है कि डॉ. आदिले डीन पद से 31 मार्च 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे। एक वर्ष के लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा संविदा नियुक्ति पर पदस्थ किया गया था। मेडिकल कॉलेज की एक छात्रा को घर बुलाकर उसका यौन शोषण करने का आरोप उक्त छात्रा द्वारा लगाए जाने के उपरांत एवं एफआईआर दर्ज करने के बाद डॉ. आदिले के खिलाफ पुलिस में की गई रिपोर्ट एवं स्वास्थ्य विभाग की जांच के उपरांत उन्हें यौन शोषण का दोषी पाया गया। दोष सिद्ध होने के उपरांत राज्य शासन ने आज महानदी भवन से जारी आदेश के अनुसार उनकी संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी है। 
 
 कृषि विधेयक का विरोध कर बिचौलियों के साथ खड़ी है कांग्रेस: बृजमोहन अग्रवाल

कृषि विधेयक का विरोध कर बिचौलियों के साथ खड़ी है कांग्रेस: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा कृषि विधेयक के विरोध के संबंध में दिये गए कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया के बयान के जवाब में भाजपा विधायक व पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तगड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों, अवैध भंडारण करने वालों और लूट खसोट करने वालों के साथ खड़ा होना कांग्रेस की संस्कृति है।
 
 
कांग्रेस अपनी उसी संस्कृति के अनुरुप कृषि विधेयक का विरोध कर बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों का साथ दे रही है। उन्होंने कहा कि नये किसान विधेयक में किसानों को उनकी फसल को अच्छी कीमत पर बेचने की पूरी स्वतंत्रता प्रदान की गयी है। न्यूनतम समर्थन मूल्स जारी रहेगा, मंडिया बंद नहीं होगीं तो फिर आखिर विरोध किस बात का हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हो रहे रेत खनन, शराब बिक्री जैसे मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों का हित नहीं चाहती है।
 
 
कांग्रेस उनका हित चाहती है जो बिचौलिए हैं, जो अवैध भंडारण करते हैं। इसलिए वह इस कृषि विधेयक का विरोध कर रही है। उन्होंने किसानों के हित में उठाये गये इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का धन्यवाद ज्ञापित किया है। 
 बड़ी खबर: राजधानी के ब्लू स्काई कैफे में लॉकडाउन के दौरान हुक्का पीते 28 गिरफ्तार

बड़ी खबर: राजधानी के ब्लू स्काई कैफे में लॉकडाउन के दौरान हुक्का पीते 28 गिरफ्तार

रायपुर। आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान सट्टा खिलाते ब्लू स्काई कैफे में छापा मारकर पुलिस ने दो लोगों से 1 लाख 23 हजार रुपयें नगदी एवं दो सेट मोबाईल जब्त कर आरोपियों गिरफ्तार किया है। वहीं छापामार कार्रवाही के दौरान बड़ी संख्या में अलग-अगल 4 टेबल पर हुक्का पीते 28 लोगों को पकड़ गया है।  कोविड़ 19 महामारी के दौरान लॉकडाउन का उल्घंन करते पाये जाने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाही किया है। 

रायपुर पुलिस के सीविल लाइन थाना की बड़ी कार्यवाही थाना सिविल लाइन अंतर्गत ब्लू स्काई कैफ़े में छुप छुप कर कुछ युवाओं...

Posted by Mahendra Giri Goswami on Wednesday, 23 September 2020
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिविललाईन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार की रात्रि 10 बजे सिविल लाईन में जब्बाल टॉवर के चौथी मंजिल स्थित ब्लू स्काई टॉवर में पुलिस टीम ने छापा मारकर चार अलग-अलग स्थानों पर टेबल लगाकर तम्बाकु युुक्त हुक्का पीते पकड़े जाने पर सहबाज मोहकाबी ,देवास ठाकुर व सोयेब रहिस एवं संचालक सहित अन्य 118 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये सभी आरोपियों के खिलाफ  कोरोना महामारी के दौरान शासन के नियमों का उल्घंन करते ताये जाने पर धारा 270,269,34 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
 
 
कार्यवाही के दौरान हीरक बारमेडा एवं हिलोर बारमेडा के मोबाइल मे लगातार काल एवं मैसेज आ रहा था। जिसे चेक करने पर हीरक बारमेडा के द्वारा क्रिकेट एक्सचेंज एवं क्रिक बज एप के माध्यम से एवं हिलोर बाडमेरा के द्वारा क्रिक बज एवं क्रिकेट लाइन गुरू एप के माध्यम से आईपीएल क्रिकेट मैच मुंबई इंडियन एवं कोलकाता नाईट राइडर्स का प्रत्येक ओवर रन एवं बाल को देखकर रूपये पैसो का हार जीत का दांव लगाकर क्रिकेट सट्टा (जुआ) खिलाते पाये जाने पर घटना स्थल पर हीरक बाडमेरा  के पास से जब्त  एक आई मोबाईल  एवं 49 हजार रुपयें  नगद व आरोपी हिलोर बाडमेरा के पास से सैमसंग कंपनी का मोबाइल एवं नगदी रकम 74 हजार रुपयें जब्त किया है। दोनों ओरापियों के पास से कुल 1 लाख 23 हजार रुपयें एंव दो मोबाईल फोन जब्त कर उनके खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 4 (क) के तहत कानूनी कार्रवाही किया गया है। 
 कोरोना की गंभीरता को जनता ने समझा: रायपुर जिले में लॉकडाउन का हो रहा सख्ती से पालन

कोरोना की गंभीरता को जनता ने समझा: रायपुर जिले में लॉकडाउन का हो रहा सख्ती से पालन

रायपुर। रायपुर जिले में लॉकडाउन के आज तीसरे दिन भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस बार के लॉकडाउन में जनता भी कोरोना संक्रमण को लेकर गंभीर दिख रही है। यही वजह है कि सड़कों पर पुलिस के न होने के बाद भी लोग स्वस्र्फूत अपने-अपने घरों में कैद हैं। सड़कों पर एक्का-दुक्का लोग ही निकल रहे हैं, वो भी ऐसे लोग जिन्हें बेहद जरूरी काम है। 
 
 
राज्य में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण ने अपना पैर पसारना शुरू किया है, इससे सभी वर्ग खासे भयभीत हैं। कोरोना संक्रमण से पीडि़त मरीजों की संख्या और आंकड़े डराने वाले हैं। विगत दो दिनों से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा हजारों में आ रहा है। इस बात को लेकर आम लोगों में भी भय का माहौल देखा जा सकता है। शायद यही वजह है कि इस बार के लॉकडाउन को लोगों ने गंभीरता से लिया है और इसका सख्ती से पालन कर रहे हैं। इसके लिए पुलिस अथवा प्रशासन को ज्यादा हाथ-पैर मारने की जरूरत नहीं पड़ रही है। रायपुर कलेक्टर ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर जनता से लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की अपील की थी। दूसरी ओर लॉकडाउन के आज तीसरे दिन शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लॉकडाउन की सख्ती का लोग इस कदर पालन कर रहे हैं कि चोरी-छिपे खुलने वाले दुकान और चाय-पानी की टपरियां भी बंद है।
 
 
गली-मोहल्लों में मिलने वाली सब्जियां और छोटे-छोटे किराना की दुकानें भी पूरी तरह से बंद है। इस बार लोग किसी भी कीमत पर रिस्क नहीं उठाना चाहते। शहर के कालीबाड़ी चौक में जरूर थोड़ी हलचल नजर आती है, लेकिन यह कोविड-19 केन्द्र में जांच के लिए आने वाले लोगों के चलते हैं, यहां कोविड-19 जांच शिविर संचालित हैं, लिहाजा यहां जरूरतमंद लोग और संदिग्ध मरीज ही आ रहे हैं। इसके अलावा शहर के अन्य चौक-चौराहों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी लगातार लॉकडाउन की मॉनीटरिंग कर रहे हैं, लिहाजा इस बार के लॉकडाउन को पूरी तरह से सफल माना जा सकता है। हालांकि आज लॉकडाउन का तीसरा दिन है और यह लॉकडाउन अभी 28 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद हालातों का जायजा लेने और वरिष्ठ अफसरों के मंथन के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि लॉकडाउन आगे रहेगा अथवा समाप्त होगा। 
  राजधानी रायपुर में पदस्थ डीएसपी लक्ष्मण चौहान की कोरोना से मौत

राजधानी रायपुर में पदस्थ डीएसपी लक्ष्मण चौहान की कोरोना से मौत

रायपुर। राजधानी रायपुर में पदस्थ डीएसपी लक्ष्मण राम चौहान का कोरोना उपचार के दौरान निधन हो गया है। 

मिली जानकारी के अनुसार डीएसपी लक्ष्मण चौहान कोरोना  संक्रमित होने के साथ अन्य दूसरी बीमारियों से भी पीडि़त थे। उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती किया गया था, जहां उनका निधन हो गया। स्व. चौहान 1989 में राजनांदगांव के लालबाग थाने में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के बतौर काम करने के बाद वे जिले में कई थानों में प्रभारी रहे। कवर्धा, बेमेतरा दुर्ग जिलों में सेवाएं देने के बाद वे रायपुर में सेवा दे रहे थे। बताया जा रहा है कि स्व. चौहान का अंतिम संस्कार राजनांदगांव जिले में स्थित उनके गृहग्राम में किया जाएगा। 
छत्तीसगढ़ के इस शहर में शव के अन्तिम संस्कर के लिए अब लेना होगा टोकन

छत्तीसगढ़ के इस शहर में शव के अन्तिम संस्कर के लिए अब लेना होगा टोकन

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों के मौत के साथ साथ सामान्य मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है इस कारण मुक्तिधाम में शव के दाह संस्कार के लिए शेड कम पड़ जा रहा है। शेड के लिए लोगों के बीच में विवाद भी हो जा रहा है जिसके कारण अब बिलासपुर के सरकण्डा मुक्तिधाम में टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। मृतक के घर से एक व्यक्ति मुक्तिधाम पहुंचकर शेड बुक कराता है जिसको टोकन नंबर दिया जाता है जिसमें शेड का नंबर लिखा रहता है।

आपको बता दे पिछले कुछ दिनों से शव को जलाने के लिए शेड कम पड़ जा रहा है। एक व्यक्ति शेड के पास लकड़ी रखकर गया था और दूसरे ने उस शेड में शव को जला दिया जिसके कारण विवाद हो गया था। इसलिए अब यहां टोकन सिस्टम लागू कर दिया गया है। मृतक के घर के एक व्यक्ति मुक्तिधाम के चौकीदार से नाम बताकर टोकन लेगा। टोकन में बकायदा शेड का नम्बर लिखा रहता है। उसके हिसाब से शेड में शव को जला सकता है।
 

 राजधानी के गली-मोहल्लों में बाइक पेट्रोलिंग शुरू, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्यवाही

राजधानी के गली-मोहल्लों में बाइक पेट्रोलिंग शुरू, बेवजह घूमने वालों पर होगी कार्यवाही

रायपुर। राजधानी में लॉकडाउन के दौरान गली मोहल्लों में भीड़ लगाकर बैठने वालों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। साथ ही गलियों में बेवज़ह घूमने वालों को टोका टाकी करने मोटरसाइकल पेट्रोलिंग जयस्तंभ चौक से रवाना किया गया है। इस दौरान सिटी एसपी लखन पाटले ने मोटरसाइकल पेट्रोलिंग को रवाना किया है। इतना ही नहीं, जिन गलियों में बेवजह घूमने की शिकायत मिल रही है। उन पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए है। 
छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार करने की अपराधी है भाजपा की केंद्र सरकार: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार करने की अपराधी है भाजपा की केंद्र सरकार: कांग्रेस

रायपुर। केंद्रीय मंत्रियों से  भाजपा सांसदों द्वारा  की जा रही  शिकवा शिकायतों के दौर पर  तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए  कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मनरेगा प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं से लाभान्वित हो रहे छत्तीसगढ़ वासियों के खिलाफ भाजपा के सांसद षड्यंत्र कर रहे हैं राजनैतिक फायदा उठाने की मानसिकता के चलते भाजपा के सांसद इतना गिर गए हैं कि केंद्र सरकार से झूठी शिकायतें करके केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ से छत्तीसगढ़वासियों को वंचित करने की चाल चलना शुरू कर दिया है।


प्रदेश की जनता के हक और अधिकार की लड़ाई लडऩा हर जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है। लेकिन मानसिक कुंठा के शिकार भाजपा सांसद करोना आपदा काल में बहुत बेहतर काम कर रही राज्य सरकार पर तथ्यहीन और तर्कहीन झूठी शिकायत कर रहे हैं। कांग्रेस का विरोध करते-करते अब भाजपा सांसदों का रवैया छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढिय़ा विरोधी बन चुका है! 

विपदा के समय भी भाजपा सांसद केवल राज्य सरकार की शिकायत करने और मोदी के झूठे महिमा गायन में लगे हुए हैं। राजनीतिक स्वार्थ के चलते संवेदनहीन हो चुके भाजपा सांसद छत्तीसगढ़ के गरीबों मजदूरकिसानों गाँववालों के दुखदर्द के प्रति संवेदनहीन बन चुके हैं। एक ओर केंद्र सरकार के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने और संसद में कांग्रेेेस के सभी  सांसदों ने छत्तीसगढ़ के हकों और हितों की बात को पुरजोर तरीके से उठाया है।

वहीं भाजपा सांसद केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर झूठी शिकायत और चुगल खोरी करके राज्य में संचालित गिने-चुने केंद्रीय योजनाओं को भी बंद करवाने प्रयासरत रहे।

करोना के संकट काल में लॉक डाउन होने के बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार ने देश में सबसे अच्छा काम किया और यह बात केंद्र सरकार के आंकड़ों से  प्रमाणित हुई है। भाजपा के सांसद अपनी ही केंद्र सरकार के आंकड़ों को झूठलाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की झूठी शिकायत मनरेगा के मामले में करने लगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में यदि मजदूरों को मनरेगा में काम मिला तो यह भाजपा के सांसदों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

भाजपाई सांसदों ने पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर छत्तीसगढ़ में कोरोना से लड़ाई को कमजोर करने झूठी शिकायत की, यही नहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों के द्वारा केंद्रीय योजनाओं में लापरवाही का झूठा आधारहीन आरोप प्रदेश सरकार पर लगाया गया! 

14वें वित्त आयोग की राशि जिसका उपयोग रमन सिंह जी के कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के द्वारा राजनैतिक रैलियों में भीड़ जुटाने और सभाओं के लिए गाडिय़ों और डीजल पेट्रोल में फूकने के लिए किया जाता रहा, उस 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग आपदाकाल के विपरीत हालात में 7 लाख 14 हज़ार से अधिक वापस लौटे छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों के लिए क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था और गौ सेवा की दिशा में स्थापित किए जा रहे गौठानों पर खर्च किए जाने पर आपत्ती किया जाना भाजपा सांसदों के मानसिक दिवालियापन का प्रमाण है! 

छत्तीसगढ़ की उपेक्षा और भेदभाव के खिलाफ संसद में आवाज  उठानेे के बजाय मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के 25 लाख़ किसानों को किसान सम्मान निधि के लाभ से दुर्भावना पूर्वक वंचित किए जाने पर भी भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रदेश सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं! 

हकीकत यह है कि भारतीय जनता पार्टी की नीति किसान विरोधी है मजदूर विरोधी है युवा और बेरोजगार विरोधी है आदिवासियों और महिला विरोधी है पूंजीवाद की समर्थक अधिनायक वादी मोदी सरकार का प्रत्येक निर्णय जनविरोधी निर्णय है!

संघीय व्यवस्था में सांसद (लोकसभा और राज्यसभा सदस्य) राज्य की जनता के केंद्र में प्रतिनिधि होते हैं! प्रदेश के हित और हक की लड़ाई लडऩा, उनकी मांगों को प्रभावी तरीके से केंद्र सरकार के समक्ष रखना इनकी राजनैतिक और नैतिक जिम्मेदारी है! आपदा काल में कांग्रेस के सांसद लगातार केंद्र की मोदी सरकार से प्रदेश की जनता की हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं! 

15 साल के कुशासन में छत्तीसगढ़ को गरीबी रेखा में नंबर वन पर पहुंचाने के जिम्मेदार भारतीय जनता पार्टी के द्वारा दुर्भावना पूर्वक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार योजना में शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस के सांसदों ने पुरजोर आपत्ति की लेकिन भाजपा सांसद मौन बने रहकर मेजें ही थपथपाते रहे।
रायपुर : निजी चिन्हांकित अस्पतालों के 50 प्रतिशत बिस्तरों में मरीजों के लिए आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए- स्वास्थ मंत्री

रायपुर : निजी चिन्हांकित अस्पतालों के 50 प्रतिशत बिस्तरों में मरीजों के लिए आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए- स्वास्थ मंत्री

रायपुर, राज्य में कोविड 19 के मरीजों की सुविधा के लिए निजी अस्पतालों में कुल संचालित बिस्तरों कोविड एवं नान कोविड सहित, में से 50 प्रतिशत बिस्तरों में आक्सीजन की 24x7 उपलब्धता कराया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि विभिन्न जिलों में निजी चिकित्सालयों में कोविड 19 मरीजों के उपचार हेतु चिन्हांकित अस्पतालों के कुल संचालित बिस्तरों कोविड एवं नान कोविड सहित में से 50 प्रतिशत बिस्तरों को आवश्यकतानुसार आरक्षित कर इन बिस्तरों का उपयोग कोविड -19 मरीजों के उपचार हेतु लाया जा सकेगा। इस संबंध में निजी चिकित्सालयों के संचालकों को अवगत कराया जाए और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

 

 राज्य सरकार की चेतावनी: कोरोना मरीजों से अधिक वसूली की तो लायसेंस होगा निरस्त

राज्य सरकार की चेतावनी: कोरोना मरीजों से अधिक वसूली की तो लायसेंस होगा निरस्त

रायपुर। राज्य सरकार के द्वारा पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क लेने की अगर शिकायत प्राप्त होगी तो उस चिकित्सालय को इलाज के लिए अनुमति निरस्त की जा सकती है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ ने इस संबंध में सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देश में कहा गया है कि निर्धारित शुल्क से अधिक लेने की शिकायत प्राप्त होने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897,छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट १९४९ तथा छत्तीसगढ़़ एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत कार्यवाही करें । इस आशय की जानकारी जिला कलेक्टर को दी जाए और उनके निर्देशानुसार आवश्यकता पड़ने पर उस चिकित्सालय को कोविड 19 के इलाज के लिए प्रदान की गई अनुमति निरस्त की जाए।

राज्य शासन ने 5 सितंबर को आदेश जारी कर निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए दर का निर्धारण किया है। निजी अस्पतालों में उपलब्ध सुपरस्पेशियालिटी सुविधाओं के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए-श्रेणी में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जिले के अस्पतालों को रखा गया है। बी-श्रेणी में सरगुजा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, कबीरधाम एवं बस्तर जिले के अस्पतालों को रखा गया है। शेष जिलों के अस्पताल सी-श्रेणी में शामिल हैं। निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज में होने वाला व्यय मरीज को स्वयं वहन करना होगा।

ए-श्रेणी वाले जिलों के एन.ए.बी.एच. मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मॉडरेट स्थिति वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें सर्पोर्टिव केयर आइसोलेशन बेड के साथ आक्सीजन एवं पीपीई किट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए रोजाना 12 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें वेंटिलेटर केयर के बिना आईसीयू और पीपीई किट शामिल है। अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 17 हजार रूपए प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर केयर के साथ आईसीयू एवं पीपीई किट शामिल है। वहीं एन.ए.बी.एच. से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए, दस हजार रूपए एवं 14 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है।

बी-श्रेणी में शामिल जिलों के सुपरस्पेशियालिटी सुविधा वाले अस्पताल तीनों स्थिति (मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर) के मरीजों के इलाज के लिए ए-श्रेणी के लिए निर्धारित दर का 80 प्रतिशत और सी-श्रेणी वाले जिलों के अस्पताल 60 प्रतिशत शुल्क ले सकेंगे।

सभी अस्पताल डायग्नोसिस के लिए आयुष्मान भारत एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आई.पी.डी. मरीजों के लिए निर्धारित शुल्क ही लेंगे। जहां ये योजनाएं लागू नहीं है वहां सीजीएचएस दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। सभी अस्पतालों में दवाईयों की कीमत वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार ही लिए जाएंगे।
आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में मेयर और सभापति शिकायत करने पहुंचे एस पी कार्यालय

आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में मेयर और सभापति शिकायत करने पहुंचे एस पी कार्यालय

रारयपुर। सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट करने को लेकर नगर निगम के मेयर एजाज ढेबर और सभापति प्रमोद दुबे ने रायपुर एसएसपी अजय यादव से मुलाकात कर बीजेपी नेता व प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है एसएसपी ने मामले की जांच सीएसपी से कराने और बाद में एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। मेयर और सभापति के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता ने की है तथ्यहीन टिप्पणी।

आपको बता दे की अपने फेसबुक पोस्ट में गौरीशंकर श्रीवास ने लिखा है कि सेनेटाइजर छिड़काव के नाम पर महाचोर लोगों ने करोड़ों रूपए फूंका, इसका नतीजा आज सब भुगत रहे हैं इसमें पानी ज्यादा और सेनेटाइजर नाम मात्र का था इस खेल में सभापति भी कहाँ पीछे रहने वाले थे इस पानी छिड़काव में अपने घर के बस (शारदा ट्रेव्लस) को लगाकर लाखों रूपए का बिल आहरित किया गया ? कोरोना तो जैसे महाचौरों के लिए अवसर बनकर आया है। मिट्टी को ब्लीचिंग पाउडर के नाम से प्रति बोरा 500 रूपये में खरीदा गया |ये वक्त की मार ही तो है |मिट्टी खरीदने वाले कमीशनखोर अधिकारी जान बचाने भागे भागे फिर रहे है। 

यह टिप्पणी यही नहीं रूका, जब महापौर और सभापति ने एसएसपी से इसकी शिकायत की, तो बीजेपी नेता गौरीशंकर श्रीवास ने इसे बकायदा अपने फेसबुक में पोस्ट किया है। जिसमें लिखा है कि आप दोनों ने शिकायत करने के लिए कीमती समय निकाला है उसके लिए धन्यवाद इतना समय कोरोना से निपटने के लिए निकाला होता, तो मुझे और खुशी होती सच बोलने पर जो भी विधिसम्मत कार्रवाई होगी उसके लिए तैयार हूं।
 शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हो अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था: भूपेश बघेल

शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हो अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था: भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य शासन द्वारा प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वीकृत किए गए स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर बनाने के साथ ही यहां पर बच्चों को उच्च क्वालिटी की शिक्षा मिले इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण के लिए डीएमएफ मद की राशि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय में शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत एवं संचालित स्कूलों की व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डाॅ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी,संचालक लोक शिक्षण जितेंद्र शुक्ला ,उप सचिव सौम्या चैरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के जिला मुख्यालयों में स्वीकृत एवं संचालित शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बच्चों के दाखिला को लेकर मिले रूझानों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इन स्कूलों में एडमिशन के लिए पालक एप्रोच करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों से कमतर न हो। यही इसकी सफलता पर मापदंड होगा। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में हमारी मंशा प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने की थी, जो बाद में बढ़कर 40 हो गई। पालकों एवं बच्चों की डिमांड तथा स्थानीय प्रशासन के उत्साह के चलते अब यह संख्या बढ़कर 51 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से राज्य के सभी ब्लाॅक मुख्यालयों में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने शासन की मंशा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 51 स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आगामी शिक्षा सत्र से ब्लाॅक मुख्यालयों में शुरू होने वाले 146 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए भी समानांतर प्लानिंग के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की नियुक्ति एवं उनके प्रशिक्षण पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कही। बैठक के प्रारंभ में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हो रहे अधोसंरचना विकास के कार्यों सहित इसके विस्तृत प्लान, प्राचार्यों की प्रतिनियिुक्त एवं शिक्षकों की भर्ती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 51 शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें दुर्ग जिले में सर्वाधिक 10, बलरामपुर जिले में 4, रायपुर, कोरबा और बिलासपुर में 3-3, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सरगुजा में 2-2 तथा शेष जिलों में 1-1 स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने इन स्कूलों में विज्ञान विषयों के प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, म्यूजिक एवं आर्ट रूम, रोबोटिक्स लैब, कम्प्यूटर एवं लेंग्वेज लैब, खेल मैदान एवं इंडोर गेम की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में उपलब्ध स्थान को ध्यान में रखते हुए लेबोटरी, लाइब्रेरी एवं खेल के लिए बेहतर अधोसंरचना का निर्माण हो सके। उन्होंने बताया कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापना का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। शिक्षकों की भर्ती स्कूल समितियों द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों के लिए योग्य एवं अनुभवी प्राचार्य एवं शिक्षक की भर्ती की जा रही है। अक्टूबर माह के अंत तक भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में 27 हजार 741 बच्चों का दाखिला दिया गया है और इनकी आनलाइन क्लास भी शुरू हो चुकी है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अधोसंरचना का कार्य 128 करोड़ रूपए की लागत से तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने अधोसंरचना विकास के लिए 81 करोड़ रूपए की आवश्यकता बताई और मुख्यमंत्री से इस राशि को डीएमएफ मद से उपलब्ध कराए जाने का आग्रह किया। बैठक में राज्य के सभी 51 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के बच्चों के एक समान ड्रेस,मोनो के संबंध में भी चर्चा की गई। 


 
 राजधानी में जारी है कोरोना का प्रकोप: जाने कटोरा तालाब, संतोषी नगर सहित और कहां-कहां बना कंटेंटमेंट जोन

राजधानी में जारी है कोरोना का प्रकोप: जाने कटोरा तालाब, संतोषी नगर सहित और कहां-कहां बना कंटेंटमेंट जोन

रायपुर। प्रतिदिन देशभर में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। अब रोकना असंभव सा हो गया है, इसलिए हम अपनी सुरक्षा के लिए सावधानी पूरी बरते, देखे कहाँ कहाँ मरीज मिले बीती रात में 659 पॉजिटिव मिले। इसमें परसदा से 35, गोविंद नगर से 10, वॉलफोर्ड सिटी व दुबे कॉलोनी से 6-6, संकल्प हॉस्पिटलस से 4, रावतपुरा कॉलोनी से 3, बीएसएफ कैंपस से 2 मरीज शामिल है। ये सभी मरीज आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराए जा रहे हैं। 

छोटापारा, गोबरा नवापारा (10 लोग), चौबे कॉलोनी (5 लोग), संकल्प हॉस्पिटल (4 लोग), चंगोराभाठा (10 लोग), प्रियर्दशनी नगर 2, आम्रपाली सोसायटी, न्यू राजेंद्र नगर (3 लोग), राजातालाब, डंगनिया, मठपारा, महादेवघाट, हांडीपारा, तेलीबांधा (10 लोग), टिकरापारा, बैरनबाजार, पचपेड़ी नाका (2), कचना, लक्ष्मी नगर, एचबी कॉलोनी-सेजबहार, हनुमान नगर, संजय नगर (3 लोग), रोहणीपुरम (6 लोग), कृष्णा नगर-देवपुरी (5 लोग), टैगोर नगर, लाभांडी, रावतपुरा कॉलोनी (3 लोग), भाठागांव (4 लोग), भीम नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, महावीर नगर (4 लोग), डीडी नगर, दुबे कॉलोनी (6 लोग), संतोषी नगर (8 लोग), अटल नगर, कुशालपुर, गोंदवारा, जल विहार कॉलोनी, एचबी कॉलोनी-बोरियाकला, मंदिरहसौद, काशीराम नगर, सुंदर नगर 2, अश्वनी नगर, आदर्श नगर (5 लोग), अवंति विहार (4 लोग), लालपुर, बिरगांव (6 लोग), शंकर नगर (6 लोग), बालाजी हॉस्पिटल, रामेश्वर नगर, शांति विहार कॉलोनी-डंगनिया, गुढिय़ारी (7 लोग), श्याम नगर (4 लोग), मुजगहन, न्यू शांतिनगर (4 लोग), वीवाय हॉस्पिटल, सरोरा, शांति विहार कॉलोनी-डंगनिया, अमीनपारा-पुरानी बस्ती, आरंग (6 लोग), अमलीडीह (9 लोग), आजाद चौक, एच क्यू कोसा परसदा (35 लोग), जागृति नगर, शैलेंद्र नगर (2 लोग), मोवा (18 लोग), दलदल सिवनी, समता कॉलोनी (5 लोग), कटोरा तालाब, बंजारी चौक, ब्रम्हपुरी, रवि नगर, हिमालया हाईट्स, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी-बोरियाकला (4 लोग), कुम्हारपारा-मठपुरैना, प्रशासनिक एकेडमी-निमोरा, मौदहापारा, एसबीआई कॉलोनी-फाफाडीह, पुलिस लाइन-बैरनबाजार, खमतराई (6 लोग), धनेली, गिरौद, आमापारा, टैगोर नगर (4 लोग), वीआईपी कॉलोनी-विधानसभा, डंगनिया, पंडरी (3 लोग), बूढ़ापारा, टाटीबंध (6 लोग), मठपुरैना, मोहबाबाजार, डीडीयू नगर 2, पीजी हॉस्टल, सरोना 2, आनंद नगर, शिव नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी-खम्हारडीह (3 लोग), स्टेशन रोड, पल्लवी विहार कॉलोनी, अविनाश आशियाना-कबीर नगर, राजभवन, कबीर नगर (5 लोग), वाल्फोर्ट (6 लोग), राजेंद्र नगर (3 लोग), आनंद नगर, सड्डू (5 लोग), रवि नगर (4 लोग), गोविंद नगर (10 लोग), स्टेशन रोड, शांति नगर (4 लोग), गीतांजली नगर (4 लोग), श्री परशुराम नगर, बीएसएफ कैंपस (2), चरौदा, मंदिरहसौद, धनेली, तिल्दा (26 लोग), धरसींवा (8 लोग), दोंदेखुर्द, अभनपुर (16 लोग), राजिम, भनपुरी, उरकुरा, देवेंद्र नगर, लॉ यूनिवर्सिटी, बंजारी नगर, सतनामीपारा, कमल विहार, लाखे नगर, फॉरेस्ट कॉलोनी (3 लोग), विधायक कॉलोनी, बैजनाथपारा (3 लोग), अवधियापारा, सिटी कोतवाली, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, चौरसिया कॉलोनी, इंदिरावती कॉलोनी (3 लोग), कोटा (4 लोग), अरिहंत नगर, बड़े भवानी नगर, छोटा भवानी नगर, यूको बैंक, कृष्णा पुरी, नहरपारा, लोधीपारा, पंचशील नगर, नर्सिंग हॉस्टल-एम्स, बाजार चौक, महामाया पारा, थाना-टिकरपारा, डुुंडा, सेजबहार, सिटी पैराडाईज, शीतलापारा, सिविल लाइन, जोरा।
 आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्य की मदिरा लाते दो व्यक्ति गिरफ्तार

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्य की मदिरा लाते दो व्यक्ति गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुए आबकारी आयुक्त रायपुर ने शराब तस्करी की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त निरंजन दास और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन एपी त्रिपाठी ने अन्य प्रांत के मदिरा परिवहन में रोक लगाने के लिए आदेशित किया था, इसी क्रम में कलेक्टर कबीरधाम रमेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी कबीरधाम जीपीएस दर्दी के निर्देशन में आज प्रातः मध्यप्रदेश के बालाघाट से मदिरा परिवहन होने की सूचना मिली। सूचना अनुसार तत्काल आबकारी विभाग कबीरधाम के द्वारा सहायक जिला आबकारी अधिकारी नितिन कुमार खंडूजा के निर्देशन में एक टीम द्वारा नाका लगाकर सहसपुर लोहारा पेट्रोल पंप की तिराहा में वाहन क्रमांक सीजी 04 एच 4977 शेवरलेट एवीओ V5 को रोककर तलाशी लेने पर मध्यप्रदेश में विक्रय हेतु निर्मित विदेशी मदिरा गोवा व्हिस्की 21 पेटी, मैकडॉवेल नंबर वन 3 पेटी ,रॉयल स्टैग 3 पेटी व 1 पेटी रॉयल चैलेंज व्हिस्की कुल 28 पेटी /252 बल्क मदिरा बरामद कर कब्जे आबकारी लिया गया। उक्त 28 पेटी जब्त मदिरा का बाजार मूल्य लगभग 180000 है । मौके पर वाहन चालक संजय वर्मा पिता ददन वर्मा उम्र 26 वर्ष निवासी हथखोज भिलाई 3 जिला दुर्ग तथा एक अन्य व्यक्ति विजय कुमार यादव पिता रामविलास यादव उम्र 26 वर्ष निवासी देवादा जिला राजनांदगांव को आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) व 36 के तहत गिरफ्तार किया गया एवम रिमांड में जेल भेजने की कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही में कुल जब्ती 150000 की वाहन सहित लगभग 330000 की है। 

उपरोक्त कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक नागेश राज श्रीवास्तव,योगेश सोनी, मनीष कुमार साहू व तुलेश देशलहरें तथा आरक्षक हेमचंद कौशिक व ड्राइवर डायमंड साहू शामिल थे।
 मोदी सरकार अगर किसान हितैषी है तो वह किसानों से सीधे फसल लेकर निजी कंपनियों को बेचे: विकास उपाध्याय

मोदी सरकार अगर किसान हितैषी है तो वह किसानों से सीधे फसल लेकर निजी कंपनियों को बेचे: विकास उपाध्याय

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा प्राइवेट प्लेयर्स को कृषि क्षेत्र में लाने की योजना जब अमरीका और यूरोप में फेल हो गई तो भारत में कैसे सफल होगी, वहां के किसान तब भी संकट में हैं जबकि सरकार उन्हें सब्सिडी भी देती है। विकास ने कहा रूस्क्क को लेकर मोदी सरकार की मंशा यदि साफ है तो फिर इसे क़ानूनी रूप क्यों नहीं पहना दिया जाता कि इतने से कम दाम में किसी फसल की खऱीदारी नहीं होगी।

विकास उपाध्याय ने नए कृषि बिल को लेकर आज एक बयान जारी कर कई तर्क के साथ कहा किसानों के साथ यह बिल धोखा व बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा भाजपा शहरी क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाने ग्रामीण परिवेश में मुश्किल के दौर में घाटे में खेती कर रहे किसानों को और भी कमजोर करना चाह रही है।विकास उपाध्याय ने कहा अमरीका जैसे देशों में अगर किसानों के लिए ओपन मार्केट इतना अच्छा होता तो वहां पर किसानों को सब्सिडी क्यों दी जा रही होती। उन्होंने एमपीएस को लेकर मोदी सरकार की झूठ को इस तरह से उजागर करते हैं कि जब ये बिल लोकसभा में पेश किया गया तब इस सम्बंध में बिल में कोई जिक्र ही नहीं था और जब इस विधेयक को लेकर देश भर में व्यापक विरोध होना शुरू हो गया तो आनन फानन मोदी केबिनेट में रूस्क्क देने की बात कही गई, बावजूद सरकार सदन में इसे कानून बनाने कोई विधेयक लाने की बात केन्द्र अब भी नहीं कह रही है। विकास उपाध्याय ने कहा कृषि बिल कानून बन जाने के बाद एक साल निजी कंपनियां अच्छे दामों में किसानों से फ़सल खरीदेंगी, उसके बाद जब मंडियां बंद हो जाएंगी तो कॉर्पोरेट कंपनियां मनमाने दामों पर फ़सल की खरीद करेंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा सरकार ने जो भी क़ानून में कहा है वैसा तो पहले भी होते रहा है, कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग और अपनी फ़सलों को बाहर बेचने जैसी चीज़ें पहले भी होती रही हैं,इसके बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह जैसे किसान सिर्फ इसलिए अपनी धान को मंडी में बेचते थे ताकि रूस्क्क के साथ भूपेश सरकार के बोनस का भी लाभ ले सकें। पर अब यह बिल सिफऱ् 'अंबानी-अडानी' जैसे व्यापारियों को लाभ देने के लिए लाया गया है। विकास ने कहा नए कानून में किसान अब कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग करता है तो कोई विवाद होने पर वह सिफऱ् एसडीएम के पास जा सकता है जबकि पहले वह कोर्ट जा सकता था। इस तरह की पाबंदी क्यों लगाई गई। इससे तो लगता है कि सरकार किसानों को बांध रही है और कॉर्पोरेट कंपनियों को खुला छोड़ रही है। उन्हें अब किसी फ़सल की खऱीद के लिए कोई लाइसेंस की ज़रूरत नहीं है। विकास उपाध्याय ने कहा मंडी के बाहर एमएसपी की व्यवस्था न होना ही सबसे बड़ा विवाद का बिंदु है। इसमें मंडी के बराबर कोई दूसरी व्यवस्था बनाने का कानूनी रूप से प्रावधान नहीं किया गया है। अगर कोई 'प्राइवेट प्लेयर' इस क्षेत्र में उतर रहा है तो उसके लिए भी एमएसपी की व्यवस्था होनी चाहिए। विकास उपाध्याय ने बिहार का हवाला देते हुए कहते हैं कि अगर किसानों को लेकर बाज़ार की हालत ठीक होती तो अभी तक बिहार के हालात क्यों नहीं सुधरे हैं, वहां पर प्राइवेट मंडियां, निवेश आदि की बात कही गई थी लेकिन हर साल वहां के किसान अपनी फ़सल लाकर पंजाब-हरियाणा में बेचते हैं। अब यही हालत पूरे देश के किसानों के लिए होगी। 2006 में बिहार में इस सिस्टम को जब लागू किया गया तो वहाँ धीरे-धीरे मंडी सिस्टम समाप्त हो गया इसके बाद किसानों की हालत ठीक नहीं है और उनसे मनमाने दामों पर फ़सल खऱीदी जाती है। विकास ने कहा मोदी सरकार अगर किसानों की हितैषी है तो वह किसानों से सीधे फ़सल लेकर निजी कंपनियों को बेचे।
   बड़ी खबर: कोविड़ 19 का कारगर इंजेक्शन लगाने के नाम पर हजारों रुपयों की वूसली, मामला दर्ज

बड़ी खबर: कोविड़ 19 का कारगर इंजेक्शन लगाने के नाम पर हजारों रुपयों की वूसली, मामला दर्ज

रायपुर। कोविड 19 संक्रमण के नाम पर कारगर वैक्सीन लगाने की बात कहकर 3 हजार रुपयें ठगी किये जाने की रिपोर्ट सिविल लाईन थाने में दर्ज की गई है। 

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक के सामने कटोरातालाब निवासी संतोष तोलवानी 39 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि प्रार्थी के बड़े भाई सुनील तोलवानी के मोबाईल नंबर पर 19 सितंबर को किसी ने स्वयं को नगर निगम रायपुर से बोल रहा हु कहकर कॉल किया व परिवार के किसी भी सदस्य को सर्दी,खांसी या बुखार कोरोना का लक्ष्ण होने पर जानकारी देने कहने पर सुनील तोलवानी ने अपनी पत्नी व छोटे भाई की पत्नी को सर्दी,बुखार होना बताया। इसके बाद कॉल करने वाले ने कोरोना टेस्ट कर सेंपल लेने वाले का मोबाईल नंबर 80858-11117 पर कॉल करने पर सेंपल लेने घर आ जाएंगा। मिले मोबाईल नंबर पर संपर्क करने पर पूर्णेद वर्मा नामक व्यक्ति ने घर आकर पीडि़त की पत्नी व भाभी का सेंपल कलेक्ट कर जांच करने को ले गया व 20 सितंबर को रिपोर्ट पाजिटिव आने का मोबाईल पर मैसेज भेजा। दूसरे दिन इलाज के संबंध में पूर्णेद वर्मा से बात किया। इस पर उसने राकेश चंद्र सिंहसार व्यक्ति का मोबाईल नंबर 8817066000 देकर ये डीके हास्पिटल से है होम आइशोलेशन के लिये किट लाकर देगें कहने पर कॉल करने पर राकेश चंद्र हिंसार ने अपनी पत्नी दीपा दास मेकाहारा में स्टाप नर्स है कहकर दूसरे दिन 21 सितंबर को घर भेजा,जिसके बाद दीपा दास घर पर आकर इलाज करने के नाम पर कार में रखे एक इंजेक्शन लाकर लगाया। इलाज का चार्ज 11 हजार रुपयें मांगने पर प्रार्थी ने 3 हजार रुपयें दिये जिसके बाद बाकी रकम बाद में देने की बात कहकर आरोपी चले गये। दोस्त से राय लेने के बाद संदेह होने पर घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज करायी गई है। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। 
 रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर के अध्यक्ष डॉ एस.के. शर्मा जी को दी गई ऑनलाइन श्रद्धांजलि

रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर के अध्यक्ष डॉ एस.के. शर्मा जी को दी गई ऑनलाइन श्रद्धांजलि

 रायपुर। रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर द्वारा मंगलवार 22 सितम्बर 2020 को क्लब के अध्यक्ष डॉ एस.के. शर्मा के निधन पर ऑनलाइन श्रद्धांजलि सभा ज़ूम एप्प पर आयोजित की गई। इस श्रद्धांजलि सभा में रोटरी परिवार की ओर से उन्हें अमिता आहुलवालिया द्वारा शांति पाठ,पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित कविता पाठ एवं अनुराग शर्मा और तूलिका शर्मा द्वारा गीत गाकर करके श्रद्धांजलि दी गई। डॉ एस.के. शर्मा को श्रद्धांजलि देते हुए रोटरी क्लब 3261 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ऍफ़ सी मोहंती ने कहा कि उनका निधन रोटरी क्लब के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अत्यंत ही बहुत मृदुभाषी, मिलनसार व सबके लिए सुलभ सहज थे। ज्ञात हो कि डॉ एस.के. शर्मा सफल व्यवसायी तथा समाजसेवी के रूप में प्रतिष्ठित थे। रोटरी परिवार के उड़ीसा, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सदस्यों के अलावा क्लब  पदाधिकारियो एवं सदस्यों ने भी डॉ एस.के. शर्मा को अपनी अपनी श्रद्धांजलि सुमन अर्पित किया एवं उनके द्वारा रोटरी के समाजसेवा के लिए किये गए कार्यो को याद किया गया।  

ऑनलाइन श्रद्धांजलि सभा में रोटरी क्लब ऑफ़ रायपुर ग्रेटर के उपाध्यक्ष ऋषि गुप्ता, सचिव अमित अग्रवाल, सहसचिव रविकांत यादव, के. पाणिग्रही, पंकज चोपड़ा, सुनील फाटक, सुभाष साहू, असीम जिंदल,  स्वाति सोनी, नीलम शारदा, मुनीश सग्गर, सुशील बड़वानी, एस के अग्रवाल, रंजीत सिंह सैनी,  रंजन नथानी, योगेश बेरीवाल, हरजीत हुरा, विवेक रंजन गुप्ता, बसंत अग्रवाल, विजय गर्ग, संकल्प वरवंडकर, शिरीष शर्मा, राहुल जाधव, राजेश चौरसिया, शशि वरवंडकर, राज दुबे, राजू राठी, अजय तिवारी, रितेश जिंदल, सिद्धार्थ वरवंडकर, प्रीतपाल अरोरा, आलोक महावार, विनय अग्रवाल, मिथलेश बुरमारकर, आशीष अहलुवालिआ, मनीष अग्रवाल, विनय अग्रवाल, एस के श्रीवास्तव, राजेश बैशा, मंजीत सिंह, पुतुल राहुल, अखिलेश मिश्रा, सोनिया नथानी, प्रीति मंधना, प्रदीप धूत सहित क्लब के अन्य पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण उपस्तिथ थे । 
ट्रेड यूनियनों द्वारा निजीकरण के खिलाफ एवं श्रम कानूनों में बदलाव को देशव्यापी धरना प्रदर्शन 24 को

ट्रेड यूनियनों द्वारा निजीकरण के खिलाफ एवं श्रम कानूनों में बदलाव को देशव्यापी धरना प्रदर्शन 24 को

रायपुर | छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियनों का कल देशव्यापी प्रतिरोध-निजीकरण और श्रम कानून में बदलाव का करेंगे जबर्दस्त  विरोध बी एम एस को छोड़कर देश के अन्य समस्त केंद्रीय ट्रेड यूनियन, राज्य, केंद्र, बैंक, बीमा और अन्य क्षेत्र के कर्मचारी संगठन मोदी सरकार की मजदूर विरोधी श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण की मुहिम का तीव्र विरोध करते हुए संसद में इससे सम्बन्धित विधेयकों का 23 सितम्बर को समूचे देश में पुरजोर विरोध करेंगे । इंटक के अध्यक्ष संजय सिंह, एच एम एस के कार्यकारी अध्यक्ष एच एस मिश्रा, एटक के महासचिव हरनाथ सिंह, सीटू के अध्यक्ष वी सान्याल व महासचिव एम के नंदी , ऐक टू के महासचिव बृजेन्द्र तिवारी, सी जेड आई ई ए के महासचिव धर्मराज महापात्र, बैंक कर्मी नेता शिरीष नलगोडवार, डी के सरकार , तृतीय वर्ग शास कर्म संघ अध्यक्ष राकेश साहू, केंद्रीय कर्मचारियों के नेता दिनेश पटेल, मानिक राम पुराम, आशुतोष सिंह, राजेन्द्र सिंह, बी एस एन एल के महासचिव आर एन भट्ट, एस टी यू सी के एस सी भट्टाचार्य ने एक संयुक्त विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आपदा के समय लोगो की मदद करने की बजाय इसे पूंजीपतियों के लिए अवसर में बदलकर देश के मजदूर वर्ग  को गुलाम बनाने के रास्ते पर आमादा है इसके लिए वह संसद तक का दुरुपयोग कर रहे है  जिसके खिलाफ  समूचे देश के मजदूर कल सड़कों पर उतरेंगे ।

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20 सितंबर 2020 को इसे छत्तीसगढ़ म सफल बनाने संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच के आनलाईन मीटिंग साथी श्री संजय सिंह प्रदेश अध्यक्ष इंटक के अध्यक्षता में संपन्न हुई । मीटिंग में इंटक,,एटक,,सीटू,,एकटु, एचएमएस,तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ,,छत्तीसगढ़ जीवन बीमा,,रेलवे कर्मचारियों के संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए बैठक में सर्व सम्मत से निर्णय लिया गया कि मोदी सरकार के द्वारा सार्वजनिक उद्योग एवं वित्तीय संस्थानों को निजीकरण किए जाने के अभियान को रोकने के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के द्वारा 23 सितंबर 2020 को राष्ट्रव्यापी विरोध दिवस मनाने का आवाहन किया गया है उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए कोरोनावायरस की महामारी से लडऩे के लिए बनाए गए नियमों को पालन करते हुए पूरे राज्य में संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा । चूंकि राज्य में कोविड-19 का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और उसी के संदर्भ में राज्य के कई जिलों में लॉक डाउन का ऐलान किया गया है, उसको पालन करते हुए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार  कार्यस्थल, यूनियन कार्यालय परिसर , अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 3 लेबर कोड को लोकसभा में वापस लेने के बाद मोदी सरकार ने शनिवार को ही आनन फानन में नए नाम से 3 लेबर कोड को पुन: लोकसभा में पेश कर दिया।
 
 
पहले वाले लेबर कोड का नाम मे 2019 जुड़ा हुआ था ।नए वाले में 2020 । नए नाम हैं। 
कोड ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशन2020।  कोड ऑन सोसल सेकुरिटी 2020। कोड ऑन ओक्यूपेशनल सेफ्टी,हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन्स 2020।  
लेबर कोडों की वापसी की घोषणा के कुछ ही घंटों में अफ रा-तफ री में 3 लेबर कोडो को नए नाम से लोकसभा में पेश कर दिया गया।कोड ऑन सोसल सेकुरिटी 2020 का तो प्रस्तावना तक भी खाली है । इस बावत श्रम मंत्री ने कहा कि इसका प्रस्तावना अभी तैयार हो रहा है। यानी वगैर प्रस्तवना के बिल पटल में रखा गया। यह पूंजीपतियों की चाकरी का उसका नग्न चेहरा ही दिखता है । प्रदेश के मजदूर कल इसका तीव्र विरोध कर प्रदर्शन में इसकी प्रतियां भी  जलाएंगे । ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने प्रदेश के मजदूरों से कल जबर्दस्त प्रतिरोध का आव्हान किया है । संयुक्त मंच ने प्रदेश के एन एच एम मजदूरों के आंदोलन का भी समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार से दमन के बजाय उनसे बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान किए जाने कीं मांग की है । उक्त जानकारी धर्मराज महापात्र संयोजक ट्रेड यूनियन संयुक्त मंच ने दी। 
 
कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों में अधिक शुल्क लेने की शिकायत मिलने पर इलाज की अनुमति निरस्त हो सकती है : स्वास्थ्य संचालनालय ने जारी किए निर्देश

कोरोना मरीजों से निजी अस्पतालों में अधिक शुल्क लेने की शिकायत मिलने पर इलाज की अनुमति निरस्त हो सकती है : स्वास्थ्य संचालनालय ने जारी किए निर्देश

रायपुर निजी अस्पतालों द्वारा  कोविड-19 के मरीजों से इलाज के लिए शासन द्वारा पूर्व में निर्धारित शुल्क से यदि अधिक शुल्क लेने की शिकायत प्राप्त होगी तो आवश्यकता पड़ने पर उस चिकित्सालय को इलाज के लिए प्रदान की गई अनुमति निरस्त की जा सकती है। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड़ ने इस संबंध में सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

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     जारी निर्देश में कहा गया है कि निर्धारित शुल्क से अधिक लेने की शिकायत प्राप्त होने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट 1897,छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट1949तथा छत्तीसगढ़़ एपिडेमिक डिसीज कोविड 19 रेगुलेशन एक्ट 2020 के तहत कार्यवाही करें । इस आशय की जानकारी जिला कलेक्टर को दी जाए और उनके निर्देशानुसार आवश्यकता पड़ने पर उस चिकित्सालय को कोविड 19के इलाज के लिए प्रदान की गई अनुमति निरस्त की जाए।

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     राज्य शासन ने 5 सितंबर को आदेश जारी कर निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए दर का निर्धारण किया है। निजी अस्पतालों में उपलब्ध सुपरस्पेशियालिटी सुविधाओं के आधार पर इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए-श्रेणी में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ जिले के अस्पतालों को रखा गया है। बी-श्रेणी में सरगुजा, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा, कबीरधाम एवं बस्तर जिले के अस्पतालों को रखा गया है। शेष जिलों के अस्पताल सी-श्रेणी में शामिल हैं। निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज में होने वाला व्यय मरीज को स्वयं वहन करना होगा।


   ए-श्रेणी वाले जिलों के एन.ए.बी.एच. मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मॉडरेट स्थिति वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें सर्पोर्टिव केयर आइसोलेशन बेड के साथ आक्सीजन एवं पीपीई किट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए रोजाना 12 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें वेंटिलेटर केयर के बिना आईसीयू और पीपीई किट शामिल है। अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 17 हजार रूपए प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर केयर के साथ आईसीयू  एवं पीपीई किट शामिल है। वहीं एन.ए.बी.एच. से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6200 रूपए, दस हजार रूपए एवं 14 हजार रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है।


  बी-श्रेणी में शामिल जिलों के सुपरस्पेशियालिटी सुविधा वाले अस्पताल तीनों स्थिति (मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर) के मरीजों के इलाज के लिए ए-श्रेणी के लिए निर्धारित दर का 80 प्रतिशत और सी-श्रेणी वाले जिलों के अस्पताल 60 प्रतिशत शुल्क ले सकेंगे।
   सभी अस्पताल डायग्नोसिस के लिए आयुष्मान भारत एवं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आई.पी.डी. मरीजों के लिए निर्धारित शुल्क ही लेंगे। जहां ये योजनाएं लागू नहीं है वहां सीजीएचएस दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा। सभी अस्पतालों में दवाईयों की कीमत वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार ही लिए जाएंगे।


लॉक डाउन रायपुर : राजधानी में लॉक डाउन के दुसरे दिन भी दिखी पुलिस की सख्ती, बेवजह घुमने वालों पर हो रही कार्यवाही

लॉक डाउन रायपुर : राजधानी में लॉक डाउन के दुसरे दिन भी दिखी पुलिस की सख्ती, बेवजह घुमने वालों पर हो रही कार्यवाही

रायपुर | लॉकडाउन के आज दूसरे दिन भी राजधानी में पुलिस की सख्ती नजर आई। चौक-चौराहों में पुलिस की सख्त पहरेदारी और बेरिकेटिंग के चलते सड़कों पर बेवजह निकलने वाले लोगों पर लगाम कसा है। इधर लॉकडाउन का असर भी अब लोगों के जीवन पर पडऩे लगा है। 

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राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लगाम कसने के लिए इस समय राज्य का आधा से ज्यादा हिस्सा लॉक हो चुका है। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दिनों से जारी लागू लॉकडाउन 28, 29, 30 सितंबर और 02 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान इन जिलों में कोरोना संक्रमण की संख्या का विश्लेषण होगा, लॉकडाउन के पहले यहां से कितने मरीज औसतन मिल रहे थे और लॉकडाउन के बाद यहां से कितने मरीज मिले? इन आंकड़ों के विश्लेषण के पश्चात जिला कलेक्टर यह तय करेंगे कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाएगा अथवा नहीं। इन आंकडों को बकायदा राज्य सरकार तक भी पहुंचाया जाएगा और पूरे तथ्यों के साथ अवगत कराया जाएगा। इसके बाद फिर से उच्च स्तरीय बैठक होगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि आगे लॉकडाउन होगा या नहीं इस बात पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं है।
 
लेकिन जानकार सूत्रों की माने तो सकारात्मक परिणाम मिलने पर लॉकडाउन एक सप्ताह के लिए और बढ़ाया जा सकता है। इधर राजधानी में लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। सड़कों और चौक-चौराहों में पसना सन्नाटा, सख्त बेरिकेटिंग और पुलिस की पहरेदारी से सड़कों पर बेवजह निकलने वालों पर लगाम कस गया है। वहीं दूसरी ओर सबसे ज्यादा बुरी स्थिाति रोज कमाने-खाने वाले तबके को हो रही है। लॉकडाउन के चलते इस वर्ग की हालत सबसे ज्यादा दयनीय हो चुकी है। रोजगार न मिलने के कारण इनके समक्ष भूखे मरने की नौबत आ गई है। पिछली बार की तरह सामाजिक संगठनों की सक्रियता भी कम हो गई है। 
 
 कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए राहत की खबर: अब एक क्लिक पर मिलेगी कोरोना रिपोर्ट

कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए राहत की खबर: अब एक क्लिक पर मिलेगी कोरोना रिपोर्ट

रायपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। टेस्ट कराने के बाद उन्हे अब अपनी रिपोर्ट एक क्लिक पर मिल जाएगी। छत्तीसगढ के स्वास्थ्य विभाग एवं एन आई सी द्वारा तैयार किए गए स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल `सीजीहेल्थ.एनआईसी.इन` https://cg.nic.in/covidtest/ पोर्टल पर जाकर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति जिसने इस माह की 5 तारीख के बाद कोरोना टेस्ट कराया हो वह अपनी रिपोर्ट देख सकता है और उसका प्रिंट भी ले सकता है।
 
 
एनआईसी के अधिकारी टीएन सिंह ने बताया कि इस पोर्टल को खोलकर उसके दांए तरफ ’चेक योर कोविड टेस्ट रिजल्ट’ में क्लिक करने पर उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर पूछा जाएगा जो उसने कोरोना जांच कराते समय दिया हो। फिर उस नंबर में ओ टी पी पूछा जाएगा, जिसे डालने पर व्यू योर रिपोर्ट आएगा जिसे सेव कर के प्रिंट लिया जा सकता है।
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