BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |
मुख्यमंत्री साय की घोषणा का त्वरित असर, कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 नि:शुल्क सिलाई मशीनें

मुख्यमंत्री साय की घोषणा का त्वरित असर, कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 नि:शुल्क सिलाई मशीनें

 00 कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान महिलाओं की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने दिए थे निर्देश, एक दिन में पूरा हुआ वादा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 नि:शुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।

मुख्यमंत्री  साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी। महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री   साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य  गुरु सौरभ साहेब एवं जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष  ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया।

ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दी सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य  यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई।

मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनआईए में जाने की संभाावना

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनआईए में जाने की संभाावना

 जगदलपुर। बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर आईजी सुंदरराज पी. केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। उनकी पदस्थापना एनआईए में होने की चर्चा है। आईपीएस के वर्ष-2003 बैच के अधिकारी सुंदरराज पी. बस्तर में अब तक सबसे लंबी अवधि तक एसपी-आईजी जैसे पदों पर काम करने वाले अधिकार हैं। बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने में उनके रणनीति की अहम भूमिका रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के कार्यशैली की बस्तर के अधिनस्थ कर्मचारियों से लेकर सभी राजनैतिक दलों एवं मीडिया तक प्रशंसा करते हैं। इसी सामंजस्य ने उन्हे बस्तर में एक निर्विवाद अधिकारी के रूप में स्थापित किया है। 

गौरतलब है कि नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण के उनके योगदान को देखते हुए कांग्रेस एवं भाजपा के शासनकाल में बस्तर आईजी के रूप में अपनी रिकार्ड लंबी अवधि तक अर्थात नक्सलवाद के खात्में तक उन्हे हटाना उचित नही समझा गया। इससे पहले भी बस्तर आईजी सुंदरराज पी. की हैदराबाद पुलिस अकादमी में पोस्टिंग हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान के चलते उनकी प्रतिनियुक्ति को मंजूरी नहीं दी। अब बस्तर में वातावरण एकदम बदल चुका है। ऐसे में उनको केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति मिल सकती है।

 

 

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की चर्चा के बीच उनकी जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सौजन्य मुलाकात भी हुई थी। इसके बाद से उनकी एनआईए में जाने की अटकलें लगाई जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. से चर्चा में उन्होने सिर्फ इतना ही कहा कि पोस्टिंग का विषय शासन का है, वह इसमें कुछ नहीं कह सकते। उन्होने कहा कि वर्तमान दायित्व को बेहतर ढंग से निभाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

बस्तर सांसद ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर से की भेंट, गौर मुकुट से किया अभिनंदन

बस्तर सांसद ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर से की भेंट, गौर मुकुट से किया अभिनंदन

 जगदलपुर। आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय बैंगलोर आश्रम के प्रवास पर पंहुचे बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने आध्यात्मिक गुरु  रविशंकर से भेंट की। शनिवार को इस मुलाकात के दौरान बस्तर सांसद कश्यप के साथ उनकी धर्मपत्नी भी उपस्थित रहीं, जहां दोनों ने उनका आशीर्वाद और क्षेत्र की खुशहाली के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि पूज्य गुरुदेव  रविशंकर का सानिध्य पाना और उनकी दिव्य ऊर्जा को महसूस करना एक अलौकिक अनुभव है।

सांसद महेश कश्यप ने इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु  रविशंकर को बस्तर अंचल की अत्यंत समृद्ध,गौरवशाली और अनूठी जनजातीय संस्कृति के वैश्विक प्रतीक गौर मुकुट भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही,आदर भाव के साथ गुरुदेव को पारंपरिक शाल ओढ़ाई गई। इस दौरान सांसद कश्यप ने संपूर्ण बस्तरवासियों की आस्था के केंद्र और अंचल की अधिष्ठात्री देवी,आराध्य मां दंतेश्वरी की पावन छवि गुरुदेव को भेंट की।

आध्यात्मिक गुरु रविशंकर ने बस्तर की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, वहां की जनजातीय कलाओं और बस्तर के सीधे सच्चे लोगों की प्रशंसा की। उन्होने सांसद महेश कश्यप को उनके जनसेवा के संकल्पों के लिए शुभ आशीष दिया और बस्तर अंचल के सर्वांगीण विकास,वहां सुख समृद्धि,शांति और लोक कल्याण के लिए अपनी विशेष शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए पूरे प्रदेश को अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

आकाशवाणी रायपुर में स्वरोत्सव का आयोजन, संगीत साधकों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

आकाशवाणी रायपुर में स्वरोत्सव का आयोजन, संगीत साधकों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

 रायपुर। आकाशवाणी की गौरवशाली 90 वर्ष की यात्रा के उपलक्ष्य में आकाशवाणी रायपुर द्वारा उपशास्त्रीय एवं सुगम संगीत समारोह स्वरोत्सव का आयोजन किया गया। स्थानीय विनायरा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही तथा देर तक सभागार तालियों की गूंज से सराबोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत सुप्रसिद्ध कलाकार श्वेता शिवाले एवं उर्मी दुबे की युगल प्रस्तुति से हुई। दोनों कलाकारों ने दादरा, मिर्जापुरी कजरी, सावनी नगमा तथा विभिन्न गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। आन मिलो सजना और मिर्जापुर कजरी जैसी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने विशेष सराहना दी। इसके पश्चात प्रसिद्ध गायक पद्मश्री मदन चौहान ने सुगम संगीत की प्रस्तुति दी। कबीर भजन, गजल तथा सूफियाना कलाम की उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक और संगीतमय वातावरण से भर दिया।

आकाशवाणी रायपुर के उपमहानिदेशक एवं क्लस्टर प्रमुख श्री वी. राजेश्वर ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि स्वरोत्सव आकाशवाणी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकसेवा प्रसारण की परंपरा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता पूर्व से लेकर आज तक आकाशवाणी ने समाज को जागरूक करने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय के साथ भी आकाशवाणी अपने ध्येय वाक्य बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के सिद्धांत पर निरंतर कार्य कर रही है।

आकाशवाणी रायपुर के कार्यक्रम प्रमुख एवं सहायक निदेशक (कार्यक्रम) पंकज मिश्र ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं और कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वरोत्सव जैसे आयोजनों का उद्देश्य श्रोताओं को उनकी पसंदीदा प्रस्तुतियों और कलाकारों से सीधे जोडऩा है, जिससे भारतीय संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

संगीत और सुरों से सजे  स्वरोत्सव का यह आयोजन उपस्थित श्रोताओं के लिए लंबे समय तक यादगार बना रहेगा।

सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा कल, 13 हजार 319 कैंडिडेट्स देंगे एग्जाम

सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा कल, 13 हजार 319 कैंडिडेट्स देंगे एग्जाम

 रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा कल को होगी। पहली पाली में सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक और दूसरी पाली में दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक होगी। पहली पाली के लिए सुबह 9 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 2 बजे परीक्षा केंद्र का मेन गेट बंद कर दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ में रायपुर और बिलासपुर में एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं, जहां 13 हजार 319 कैंडिडेट्स एग्जाम देंगे।

रायपुर जिले में 22 एग्जाम सेंटर हैं, जहां करीब 8 हजार 449 कैंडिडेट्स प्रीलिम्स एग्जाम देंगे। वहीं बिलासपुर में 14 सेंटर है जहां 4 हजार 870 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इस बार परीक्षा में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया है। कैंडिडेट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले फेस ऑथेंटिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। यानि कैंडिडेट्स जब सेंटर पहुंचेंगे तो उनका फेस स्कैन किया जाएगा। वेरिफाइड होने के बाद उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अभ्यर्थियों से परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले सेंटर पहुंचने की अपील की है। तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं मिलेगी। कलेक्टर ने एग्जाम सेंटर के 500 मीटर दायरे में ध्वनि प्रदूषण और किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के निर्देश दिए हैं। गोपनीय सामग्री का वितरण जिला कोषालय से किया जाएगा और परीक्षा के दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी रखेगी।

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम-जेरीकेन में बिक्री पर रोक

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम-जेरीकेन में बिक्री पर रोक

 रायपुर :- पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।

राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।

ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट
राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।

हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।

पैनिक खरीदारी से बचने की अपील
सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, पैसों का लेन-देन और पुरानी रंजिश बताई जा रही वजह

कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार, पैसों का लेन-देन और पुरानी रंजिश बताई जा रही वजह

  जांजगीर चांम्पा। जिले में कांग्रेस नेता के घर घुसकर हत्या करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने पिस्टल और मैगजीन के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे की वजह उधारी का विवाद, आपसी जलन और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा बताई जा रही है।

दरअसल, 23 और 24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उसके छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए “ऑपरेशन हंट” शुरू किया और जांच का दायरा 7 राज्यों तक फैलाया। इस दौरान 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने उधारी के पैसों को लेकर चल रहे विवाद, मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन के चलते इस हत्या की साजिश रची थी।
घटना की रात आरोपी पहले से ही घर के आसपास मौजूद थे। CCTV कैमरा तोड़ने के बाद उन्होंने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया गया, फिर आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई।

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

इस पूरे मामले के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की है। वहीं पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
नहर किनारे मिली युवक की लाश : पास में पड़ी थी ये चीज, हत्या या फिर

नहर किनारे मिली युवक की लाश : पास में पड़ी थी ये चीज, हत्या या फिर

 जांजगीर चांपा। जिले के कोटमी सोनार से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां युवक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। शव के पास में ही महुआ शराब भी मिला है। यह घटना अकलतरा थाना क्षेत्र की है। युवक की मौत कैसे हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम के बाद ही होगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

दरअसल, मृतक की पहचान लक्ष्मी नारायण ओग्रे के रूप में हुई है, जो कि ठडगाबहरा गांव का रहने वाला था। शनिवार सुबह उसकी लाश कोटमी सोनार में क्रोकोडायल पार्क के पीछे नहर के पास पड़ी मिली, जिसके बाद लोगों ने इसकी सूचना अकलतरा पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु की तो पास में ही महुआ शराब पड़ा मिला। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा भेज दिया। पुलिस का इस मामले में कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आसमान से बरस रही आग : भीषण गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, दुनिया के 50 गर्म शहरों में छत्तीसगढ़ के चार शहर भी, जानिये कौन ये चार शहर

आसमान से बरस रही आग : भीषण गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, दुनिया के 50 गर्म शहरों में छत्तीसगढ़ के चार शहर भी, जानिये कौन ये चार शहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। जेठ की इस भीषण गर्मी से फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं, लेकिन इस बार सबसे बड़ा खतरा ये है कि दिन की भीषण लू के बाद रातें भी गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहा है। दुनिया में सबसे ज्यादा गर्मी भारत में ही पड़ रही है। दुनिया के 50 शहरों में छत्तीसगढ़ के चार शहर भी शामिल हो गया है।

देश में मौजूदा दौर में गर्मी अपने चरम पर है। साल 2026 की यह गर्मी कितनी भयानक रूप ले चुकी है. इसी को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गंभीर अलर्ट जारी रखा है। देश में गर्मी ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। शुक्रवार को मौसम विभाग ने दुनिया के 50 सबसे गर्म शहरों की सूची जारी की, और इस लिस्ट की सबसे बड़ी बात यह रही कि इसमें शामिल सभी शहर भारत के ही हैं। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा गर्म 50 जगहें सिर्फ भारत में दर्ज की गईं। खास बात ये कि इस सूची में कोई भी विदेशी शहर दूर-दूर तक नहीं है।

ओडिशा का बलांगीर 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे ऊपर रहा. इसके बाद महाराष्ट्र का चंद्रपुर और उत्तर प्रदेश का प्रयागराज 44 डिग्री सेल्सियस के साथ रहे. इसके अलावा छत्तीसगढ़, बिहार, तेलंगाना, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई शहर भी इस सूची में शामिल रहे, जहां तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है, अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में यह जानलेवा हीटवेव (लू) ऐसे ही जारी रहने वाली है, जिसके लिए कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

उत्तर से दक्षिण तक लू का असर बढ़ा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार चल रही सूखी उत्तर-पश्चिमी हवाएं, साफ आसमान और मानसून में देरी इस भीषण गर्मी की बड़ी वजह है। इसी कारण देश के बड़े हिस्से में तेज गर्मी का दबाव बना हुआ है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है, आगामी पांच दिनों तक बिलासपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में हीट वेव चलने की प्रबल आशंका है। हालांकि राहत की बात यह है, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यानी पारा मौजूदा स्तर के आसपास ही बना रह सकता है।

जानिए लू लगने के प्रमुख लक्षण

लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी-मितली, सिरदर्द, बेहोशी और त्वचा का लाल व सूखा होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर व्यक्ति को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए।

साथ ही पानी या ORS पिलाने की सलाह दी गई है। स्थिति गंभीर होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने और डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी गई है।

मौसमी फल और हरी सब्जियों का करें सेवन

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दिनभर अधिक मात्रा में पानी, ORS, छाछ, नींबू पानी समेत अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। तरबूज, खीरा, ककड़ी, मौसमी फल सहित हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा मात्रा में करने कहा गया है।

धूप में बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हल्के, ढीले कपड़े पहनने, खाली पेट धूप में बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चाय, कॉफी समेत अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की अपील की है।

इनका करें विशेष देखभाल

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लू के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। ऐसे में उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ये है छत्तीसगढ़ के चार शहर जो इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है

. बिलासपुर, छत्तीसगढ़ – 44°C

. दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 44°C

. भिलाई, छत्तीसगढ़ – 43°C

. रायपुर, छत्तीसगढ़ – 43°C

जंगली सुवर का शिकार करते 2 आरोपी गिरफ्तार, 4 अन्य आरोपियों की तलाश जारी

जंगली सुवर का शिकार करते 2 आरोपी गिरफ्तार, 4 अन्य आरोपियों की तलाश जारी

 राजिम।  राजिम क्षेत्र से वन्यजीव शिकार का मामला सामने आया है, जहां जंगल में जंगली सुवर का अवैध शिकार करते हुए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने 6 पालतू कुत्तों की मदद से एक नर जंगली सुवर का शिकार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामला राजिम बेसिन के जंगल क्षेत्र का है, जहां कुछ लोग अवैध रूप से शिकार करने पहुंचे थे। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिक बालक को भी पकड़ा गया है। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से लाठी-डंडे समेत एक पिकअप वाहन जब्त किया है।
मामले में भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार 2 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, वहीं फरार 4 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जाएगी
सड़क हादसे में भाजपा नेता की मौत, तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मारकर 20 मीटर तक घसीटा

सड़क हादसे में भाजपा नेता की मौत, तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मारकर 20 मीटर तक घसीटा

 सरगुजा। अंबिकापुर-रायगढ़ मुख्य मार्ग पर शांतिपारा के पास शुक्रवार रात तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार भाजपा नेता को टक्कर मार दी। ट्रक के नीचे फंसने पर करीब 20 मीटर तक घसीटते चले गए। गंभीर अवस्था में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मामला बतौली थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, बतौली के ग्राम पोकसरी निवासी भाजपा बूथ अध्यक्ष शिवमंगल दास (50) शुक्रवार दोपहर बाद किसी काम से बतौली आए थे। वे रात करीब 9.30 बजे अपने बाइक से वापस घर लौट रहे थे। नेशनल हाईवे-43 पर शांतिपारा के पास अज्ञात ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। जब वे सड़क पर बाइक सहित गिरे तो ट्रक ने करीब 20 मीटर तक घसीट लिया।
ड्राइवर फरार
हादसे में शिवमंगल दास गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर डायल 112 की टीम ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। गंभीर अंदरूनी चोटों की वजह से इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसे के तत्काल बाद ट्रक का चालक गाड़ी लेकर भाग निकला। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे ट्रक का नंबर नोट नहीं कर सके। बतौली पुलिस ने मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से ट्रक के शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। शनिवार को मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण

 राजधानी रायपुर को मिली बड़ी सौगात, लाखों लोगों को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत

रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित किया। साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से बने शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से कचना, खम्हारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खुशी का दिन है। जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। अब यहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे कार्यालय, स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारी एवं व्यवसायियों को भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त निधि के माध्यम से इस ओवरब्रिज का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के लिए बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि इस ब्रिज की लंबाई 787 मीटर एवं चौड़ाई 13 मीटर है तथा 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज के बनने से रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा समय की बचत भी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्य में जुड़े अधिकारियों एवं एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने के साथ ही सीधे लोगों के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। वे स्वयं अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार 2.0 के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है तथा 55 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है और उसी के अनुरूप सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।

सुशासन तिहार में जनता के बीच पहुँची सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोसरंगी चौपाल में पीएम सूर्य घर, सौर सुजला और स्वामित्व योजना का लाभ लेने किया आह्वान

सुशासन तिहार में जनता के बीच पहुँची सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोसरंगी चौपाल में पीएम सूर्य घर, सौर सुजला और स्वामित्व योजना का लाभ लेने किया आह्वान

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी के बाजार चौक में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में संचालित सुशासन तिहार आगामी 10 जून तक जारी रहेगा, जिसके माध्यम से अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का विशेष उल्लेख करते हुए ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत घरों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली बिल में कमी आएगी और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सूरज केवल रोशनी नहीं, बल्कि नई संभावनाएं भी लेकर आया है और ग्रामीणों को इस योजना का अधिकाधिक लाभ लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने किसानों को सौर सुजला योजना की जानकारी देते हुए सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक, किफायती और टिकाऊ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान बनाने की प्रक्रिया भी आसान होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छह हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टे वितरित किए। इनमें रूपचंद साहू, जीवराखन साहू, गोविंदराम साहू, हीरालाल साहू, रघुराम तथा गीताबाई साहू शामिल हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ है।

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया।

इस अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, संभाग आयुक्त  श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 हेतु नामांकन आमंत्रित, 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 हेतु नामांकन आमंत्रित, 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे

 रायपुर।  बच्चों की असाधारण प्रतिभा और उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष भारत के राष्ट्रपति द्वारा उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार के लिए वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसी श्रेणियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों को मान्यता दी जाएगी।
विभाग ने बताया कि इच्छुक बच्चे, अभिभावक, संस्थाएं अथवा अन्य व्यक्ति योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। स्व-नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध है। सभी आवेदन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in/ पर विजिट किया जा सकता है।

राज्य शासन ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है, ताकि उनकी उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर कोपरा जलाशय में जागरूकता कार्यक्रम

 स्वच्छता अभियान, बर्ड वॉक और सीड बॉल निर्माण से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर :- अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कोपरा रिजर्वायर परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था।    
आयोजकों ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

स्वच्छता से हुई शुरुआत 

कार्यक्रम की शुरुआत क्लीनलीनेस ड्राइव से हुई। नागरिकों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने जलाशय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।

बर्ड वॉक में पक्षियों का अवलोकन  

इसके बाद आयोजित बर्ड वॉक में प्रतिभागियों ने क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पक्षियों का अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में पक्षियों की अहम भूमिका है। उन्होंने पक्षियों और जैव विविधता के पारस्परिक संबंधों की जानकारी दी।

सीड बॉल निर्माण बना आकर्षण  

वृक्षारोपण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित सीड बॉल निर्माण गतिविधि आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल तैयार किए। यह पहल वन क्षेत्र विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हस्ताक्षर अभियान से जताई प्रतिबद्धता  

जैव विविधता संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई। सभी ने पर्यावरण बचाने और भावी पीढि़यों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के संदेश के साथ हुआ।

सहकार से समृद्धि की ओर : नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

सहकार से समृद्धि की ओर : नवा रायपुर में छह राज्यों की क्षेत्रीय सहकारिता कार्यशाला संपन्न

 डेयरी, मत्स्य और बहुउद्देशीय पैक्स को सशक्त बनाने पर मंथन, अनाज भंडारण योजना की प्रगति की समीक्षा

रायपुर :- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।

सचिव डॉ. भूटानी ने की अध्यक्षत 

कार्यशाला की अध्यक्षता केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने की। इसमें सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारी कार्यशाला में शामिल हुए।
यह कार्यशाला ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सहकारिता आधारित योजनाओं से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक आत्मनिर्भर बनेंगे।

केंद्रीय योजनाओं की हुई समीक्षा  

बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री  अमित शाह की पहल पर संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ।

पैक्स को बहुउद्देशीय बनाने पर जोर

डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

व्यवसायिक विस्तार पर मंथन  

कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
कार्यक्रम में केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव  सिद्धार्थ जैन, संयुक्त सचिव  रमन कुमार, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक  महादेव कावरे, एनडीडीबी आनंद, गुजरात के डॉ. वी. धर एवं सीनियर मैनेजर  ऋषिकेश कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा अपर पंजीयक सावित्री भगत, संयुक्त पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डी.के. गवली, डीजीएम  ध्रुप राज सिंह, सहायक प्रबंधक  मयूर चव्हाण, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक  युगल किशोर, मार्कफेड के महाप्रबंधक  दिलीप जायसवाल, अपेक्स बैंक के डीजीएम भूपेश चंद्रवंशी, एजीएम  अरुण पुरोहित, एल.के. चौधरी तथा प्रबंधक  अभिषेक तिवारी सहित सहकारिता, नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम-जेरीकेन में बिक्री पर रोक, किसानों को छूट

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम-जेरीकेन में बिक्री पर रोक, किसानों को छूट

 रायपुर। पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।

राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।

ड्रम-जेरीकेन में बिक्री प्रतिबंधित, किसानों को छूट

राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी। हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।

पैनिक खरीदारी से बचने की अपील

सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई उड़ान, नंदनवन जू और जंगल सफारी में शुरू हुई इलेक्ट्रिक सफारी और बोटिंग सुविधा

छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई उड़ान, नंदनवन जू और जंगल सफारी में शुरू हुई इलेक्ट्रिक सफारी और बोटिंग सुविधा

 00 पर्यावरण संरक्षण और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, वन विभाग ने पहली बार लागू किया राजस्व साझेदारी मॉडल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को आधुनिक, रोमांचक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नया रायपुर स्थित नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों और नई बोटिंग सेवाओं का आज वन मंत्री  केदार कश्यप ने शुभारंभ कर किया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई मजबूती प्रदान करेगी।

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक  इंद्र कुमार साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पहली बार राजस्व साझेदारी मॉडल लागू
वन विभाग ने इस परियोजना में नवाचार करते हुए पहली बार राजस्व साझेदारी मॉडल को अपनाया है। इसके तहत सरकार द्वारा भारी-भरकम खर्च कर वाहन खरीदने के बजाय निजी कंपनियों के सहयोग से ये सेवाएं शुरू की गई हैं। इस मॉडल से सरकारी खर्च में बड़ी कटौती होगी और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण- पीएम मोदी के संकल्पों को गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत, ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जंगल सफारी में शत-प्रतिशत इको-फ्रेंडली वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों के चलने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। ईंधन की बचत होगी और वन्यजीवों के लिए जंगल का प्राकृतिक वातावरण शांत व सुरक्षित रहेगा।
पर्यटकों को मिलेंगी ये अत्याधुनिक सुविधाएं
जंगल सफारी में पर्यटकों के रोमांच और सुविधा को दोगुना करने के लिए कई नए आकर्षण जोड़े गए हैं। पर्यटकों की सैर के लिए 7 नई इलेक्ट्रिक बसें और 5 इलेक्ट्रिक जिप्सी बेड़े में शामिल की गई हैं, जिनकी संख्या भविष्य में और बढ़ाई जाएगी। जल पर्यटन का दायरा बढ़ाते हुए अब पर्यटकों के लिए पॉटून बोट और बांस राफ्ट्स की शुरुआत की गई है। आने वाले समय में यहाँ कायक और वाटर साइकिल जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। सफारी परिसर में एक विशेष शोवेनियर शॉप तैयार की गई है, जहाँ पर्यटक छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला, बस्तर आर्ट और हस्तशिल्प से जुड़ी खूबसूरत वस्तुएं खरीद सकेंगे।

स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिलेगा रोजगार
यह परियोजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी। इन सेवाओं के संचालन से सीधे तौर पर 15 से 20 स्थानीय युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे करोड़ों रुपये के निवेश से इस क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं खुलेंगी।
नंदनवन जू एवं जंगल सफारी में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों और नई बोटिंग सेवाओं के शुभारंभ के अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय, प्रबंध संचालक छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघअनिल कुमार साहू, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  गुरुनाथन एन., और संचालक जंगल सफारी  थेजस शेखर सहित वन विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

’प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना, कच्चे घर से पक्के मकान तक पहुंची जिंदगी’…..

’प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना, कच्चे घर से पक्के मकान तक पहुंची जिंदगी’…..

 रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही अनीता निषाद से संवाद किया। आवास निषाद की सास सुकलहीन निषाद के नाम से स्वीकृत हुआ है। अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था।

बारिश और मौसम की मार के कारण घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें कुछ समय तक आंगनबाड़ी केंद्र में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। उन्होंने कहा कि अब बारिश और अन्य मौसम की चिंता नहीं रहती तथा बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण मिला है।

अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री  साय एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन और नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी परिवार असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर न हो।

जनता की सेवा हमारा परम धर्म- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

जनता की सेवा हमारा परम धर्म- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: हम सभी जनता के सेवक हैं और जनता के कार्य करना हम सबकी जिम्मेदारी है। किसानों और ग्रामीणों के छोटे-छोटे कार्यों को संवेदनशीलता के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए। राजस्व से जुड़े मामलों को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और निर्विवाद प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उक्त वक्तव्य उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम खड़ौदाकला में आयोजित सुशासन तिहार में दिए।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं, आवेदन प्राप्त किए तथा अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का संवेदनशीलता और तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना हमारा परम धर्म है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का उद्देश्य हैं।

खड़ौदाकला के सुशासन तिहार में नागरिकों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा

सुशासन तिहार शिविर में निःशुल्क दस्तावेज सुविध

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम सचिवों को निर्देशित किया कि पंचायतों में इसकी मुनादी कराई जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिल सके और वे इसका लाभ उठा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख परिवारों को आवासों की स्वीकृति दी गई थी। उन्होंने बताया कि आज के शिविर में शामिल 26 ग्राम पंचायतों के 4 हजार से अधिक हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति मिली है। उन्होंने आवास निर्माण में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएं

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3 डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है। दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

खड़ौदाकला के सुशासन तिहार में नागरिकों के बीच पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ, जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचीं सड़क और आवास सुविधाएं

उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों के गांवों तक सड़क और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिले के बैगा समुदाय तक अब सड़क संपर्क पहुंच चुका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

100 करोड़ के कुसुमघटा-बैजलपुर-राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पहुंचेगा पानी

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा-बैजलपुर-राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

अन्नप्राशन संस्कार में शामिल होकर शिशुओं को दिया शुभाशीष

सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल हुए और शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष दिया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेन्द्र साहू,  रूपा राजकुमार धुर्वे, जनपद अध्यक्ष बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नंद श्रीवास, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे, जनपद अध्यक्ष पूर्णिमा मनीराम साहू ,जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  गोपाल वर्मा सहित  विभागों के अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

कृषि महाविद्यालय का 66वां स्थापना दिवस मनाया गया

कृषि महाविद्यालय का 66वां स्थापना दिवस मनाया गया

 महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान

वार्षिकोत्सव और छात्र संघ शपथ ग्रहण भी आयोजित 

आकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान
महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान
महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों सहित पूर्व अधिष्ठाताओं एवं पूर्व छात्रों का किया गया सम्मान

रायपुर,-- कृषि महाविद्यालय रायपुर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक तथा अविस्मरणीय रहा जब यहां इतिहास, वर्तमान एवं भविष्य का संगम देखने को मिला। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिवार की तीन पीढ़ियां एकत्र हुई जिनमें कृषि महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता एवं प्राध्यापक, वर्तमान कुलपति, कुलसचिव एवं प्राध्यापकगण और वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थी सम्मिलित थे। इस अवसर पर महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व अधिष्ठाता सम्मान तथा पूर्व छात्र सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया जिसके तहत महाविद्यालय के प्रथम बैच के तीन विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के खास मुकाम हासिल करने वाले भूतपूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महाविद्यालय के सात पूर्व अधिष्ठाताओं और इसी महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति, कुलसचिव तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का भी सम्मान किया गया। सम्मान समारोह के पश्चात आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह में कृषि महाविद्यालय, रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक रंगा-रंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शक-दीर्घा का मन मोह लिया। 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषक सभागार में आज दोपहर  आयोजित स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल थे। डॉ. चंदेल ने इस अवसर पर नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद सन्निष्ठा एवं अनुशासन की शपथ दिलाई। एम.एससी. कृषि सांख्यिकी विभाग की छात्रा पुण्य श्री ने अध्यक्ष तथा बी.एससी. चतुर्थ वर्ष की छात्रा अनुष्का चौरसिया ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय, रायपुर विश्वविद्यालय से भी पुराना एवं ऐतिहासिक संस्थान है, जिसने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश को अनेक उत्कृष्ट कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशासक दिए हैं। समारोह में महाविद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. आरती गुहे ने महाविद्यालय के 66 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा, उपलब्धियों एवं स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कृषि नेतृत्व गढ़ने वाली एक सशक्त परंपरा है। 

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रथम बैच के पूर्व विद्यार्थियों एवं सेवानिवृत्त प्राध्यापकों डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू एवं डॉ. वी.एन. साहू को सम्मानित किया गया। साथ ही पूर्व अधिष्ठाताओं डॉ. एस.एस. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा एवं डॉ. जी.के. दास को उनके शैक्षणिक एवं अनुसंधान योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले पूर्व छात्रों का सम्मान भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा। सम्मानित पूर्व छात्रों में  अनिल कुशवाहा (सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक), गोपिका गबेल (संयुक्त संचालक कृषि एवं महाविद्यालय की प्रथम महिला छात्रा), के.आर. बढ़ई (मुख्य वन संरक्षक),  मनमोहन सिंह (उद्यमी),  हर्ष चंद्राकर (प्रगतिशील कृषक),  आर.के. कश्यप (संयुक्त संचालक कृषि) एवं  यशवंत केराम (कुलसचिव, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग) शामिल थे। महाविद्यालय पूर्व छात्र  अनिल कुशवाहा एवं  के.आर. बढ़ई ने अपने प्रेरक अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टूटेजा भी इसी महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र रहे हैं अतः इस अवसर पर उनको भी सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि कृषि महाविद्यालय रायपुर की स्थापना 22 मई 1961 को हुई थी। शुरूआत में यह महाविद्यालय कवर्धा बाड़ा बैरन बाजार में लगता था। वर्तमान भवन में यह महाविद्यालय वर्ष 1964 से संचालित किया जा रहा है। प्रारंभिक दौर में यह महाविद्यालय डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के अंतर्गत संचालित था जो वर्ष 1964 में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और उसके पश्चात 20 जनवरी 1987 से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत संचालित हो रहा है।

 

सुशासन तिहार 2026 के तहत कल बड़ाकरौंजा में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर

सुशासन तिहार 2026 के तहत कल बड़ाकरौंजा में लगेगा जनसमस्या निवारण शिविर

 0-ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों का होगा त्वरित समाधान

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में  'सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के जनपद पंचायत जशपुर अंतर्गत ग्राम बड़ाकरौंजा में 23 मई 2026 को शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

इस शिविर में बड़ाकरौंजा, नीमगांव, रातामाटी, पैकू, पीड़ी, बघिमा, गलौण्डा, टेकूल, तुरीलोदाम, झरगांव, गिरांग, घोलेंग, देवीडडग़ांव, जशपुर एवं जुरगुम सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

सुशासन तिहार के तहत नागरिकों से लिखित आवेदन प्राप्त कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा शिविरों को शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कलेक्टर  रोहित व्यास ने शिविर के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी समस्याओं के समाधान हेतु आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है.

CG : छत्तीसगढ़ में 526 प्रशिक्षु SI की जिलों में पोस्टिंग, व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए PHQ ने जारी की लिस्ट

CG : छत्तीसगढ़ में 526 प्रशिक्षु SI की जिलों में पोस्टिंग, व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए PHQ ने जारी की लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 526 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय नया रायपुर द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जारी सूची में प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के नाम और उनकी प्रशिक्षण हेतु निर्धारित जिलों का उल्लेख किया गया है।

बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों को कानून व्यवस्था, अपराध जांच, पुलिसिंग व्यवस्था और मैदानी कार्यों का व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

 00 सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों से किया सीधा संवाद

रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी ली।

शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत अनेक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत प्रदान की गई। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और लंबित बिजली बिल की चिंता काफी हद तक कम हुई है। बलौदाबाजार जिले के ग्राम बिटकुली निवासी आशाराम को 11 हजार 625 रुपये, श्री बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपये, जगदीश को 9 हजार 832 रुपये, बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपये तथा श्री चोवाराम को 13 हजार 325 रुपये की छूट प्राप्त हुई।

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि पहले बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।

शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें - मंत्री वर्मा

शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें - मंत्री वर्मा

 0 औचक निरीक्षण में दिए व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश, छात्रों के लिए बनेगा हेल्प डेस्क

रायपुर। राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और आगामी शिक्षा सत्र से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस कदम से जहां लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं छात्र हित में सरकार की संवेदनशीलता एक बार फिर खुलकर सामने आई है।

निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। साथ ही, स्टाफ की उपस्थिति में भी भारी कमी देखने को मिली; वहां केवल 3 सहायक प्राध्यापक और कार्यालयीन स्टाफ के महज 2 कर्मचारी ही उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, मौके पर महाविद्यालय के वित्तीय लेखा-जोखा (एकाउंट्स) की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी, जिस पर मंत्री श्री वर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार का साफ संदेश है शासकीय संस्थाओं में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता का अभाव दिखने पर मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए।

नए सत्र से पहले छात्र-सुविधाएं होंगी सर्वोपरि: बनेगा हेल्प डेस्क
नवीन शिक्षा सत्र जल्द ही प्रारंभ होने वाला है, इसलिए सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि नए प्रवेश लेने वाले और पुराने छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मार्गदर्शन के लिए तत्काल एक हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी सत्र के मद्देनजर कॉलेज में पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक छात्र-सुविधाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की कड़ी हिदायत दी है।
जनता और छात्रों के प्रति सजग सरकार
उच्च शिक्षा मंत्री का यह औचक निरीक्षण केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर काम करने में विश्वास रखती है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह उच्च स्तरीय सुविधाएं और कड़ा प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

+ Load More