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राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव-2021 : नाइजीरिया और फिलिस्तीन के कलाकारों के जीवंत नृत्य की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव-2021 : नाइजीरिया और फिलिस्तीन के कलाकारों के जीवंत नृत्य की प्रस्तुति से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
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रायपुरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के द्वितीय आयोजन के शुभारंभ अवसर पर आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में नाइजीरिया और फिलिस्तीन के कलाकारों के अद्भूत और जीवंत प्रस्तुति ने दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव में झारखरण्ड के मुख्यमंत्री तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रीमण्डल के सदस्यों, विधायकों की उपस्थिति में नाइजीरिया की कला दलों ने अनेकता में एकता पर आधारित इंक्काबी नृत्य प्रस्तुत किया। यह नाइजीरिया की इडेम और इनाया नदी की जलदेवी को समर्पित किए  जाने वाला नृत्य है। इंक्काबी नृत्य की अद्भृत शैली ने दर्शकों के बीच एक अलग पहचान छोड़ते हुए मन मे उमंग और उत्साह का संचार कर दिया। मंच में फिलिस्तीन के कलाकारों ने पारंपरिक दाबका नृत्य प्रस्तुत किया। मनमोहक लय, धुन और ताल से ताल मिलाकर की जाने वाली इस नृत्य ने पूरी तरह फिलिस्तिन की संस्कृति में दर्शकों को डुबकी लगाने पर मजबूर कर दिया। 

तीन दिवसीय इस आदिवासी महोत्सव में आज पहले दिन एक के बाद एक छत्तीसगढ़ की प्राचीन कला, संस्कृति एवं पंरपराओं पर आधारित नृत्य कला के साथ-साथ देश के विभिन्न प्रांतों तथा विदेशी कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मानो विश्व पटल पर पारंपरिक कला-संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेर रही थी।

आदिवासी नृत्य महोत्सव में झारखण्ड के कलाकारों ने कड़सा नृत्य प्रस्तुत कर दर्शको को भाव विभोर कर दिया। छत्तीसगढ़ के बस्तर के माड़िया जनजातीय कलाकरों ने गौर नृत्य की प्रस्तुति दी। फसल कटाई के बाद की जाने वाले इस विश्व प्रसिद्ध नृत्य से हमे बस्तर की संस्कृति को टटोलने पर मजबूर कर दिया। आज के इस प्रदर्शन सांस्कृति कार्यक्रमों में त्रिपुरा के कलाकारों ने होजागिरी महोत्सव पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी। 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला संस्कृति को सहेजने, उनके संवर्धन तथा देश के विभिन्न प्रांतों तथा विदेशों के आदिम कला-संस्कृति और परम्परा को विश्व पटल पर एक साथ जोड़ने के उद्देश्य से 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक तीन दिवसीय भव्य राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में देश के 27 राज्य, 06 केन्द्र शासित प्रदेश सहित सात अन्य देशों के कलाकार हिस्सा ले रहे है।   



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