कोरोना अपडेट 29 नवम्बर: प्रदेश में आज रायगढ़ और रायपुर में मिले सर्वाधिक मरीज, 21 जिलो में नहीं मिले कोई मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    BREAKING NEWS: हंगामे के बीच कृषि कानून वापसी बिल पारित    |    कोरोना अपडेट 28 नवम्बर: प्रदेश में आज कम टेस्ट के बावजूद ज्यादा मिले मरीज, दुर्ग और रायपुर में मिले सर्वाधिक मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    BIG NEWS: मस्जिद में कृष्ण की मूर्ति स्थापित करने की महासभा की धमकी के बाद मथुरा में धारा 144 लागू    |    टिकैत ने फिर दी धमकी: दिमाग ठीक कर ले भारत सरकार, नहीं तो 26 जनवरी दूर नहीं…    |    कोरोना अपडेट 27 नवम्बर: प्रदेश का ये जिला बना हुआ है कोरोना का हॉटस्पॉट, आज मिले इतने मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    मौसम अलर्ट: इन राज्यों में हो सकती है भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट    |    कोरोना अपडेट 26 नवम्बर: प्रदेश में आज मिले इतने मरीज, रायगढ़, रायपुर और जशपुर में लगातार बढ़ रहे है मरीज, देखें जिलेवार आंकड़े    |    बड़ी खबर: कोरोना के नए स्ट्रेन के चलते छह अफ्रीकी देशों से विमान सेवा हुई रद्द    |    26/11 Mumbai Attack की 13वीं बरसी पर राजनेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि    |

छत्तिसगढ़ में इस कांग्रेस विधायक ने बनवाई फर्जी डिग्री, जानें क्या है कारण...

छत्तिसगढ़ में इस कांग्रेस विधायक ने बनवाई फर्जी डिग्री, जानें क्या है कारण...
Share

कोरिया। मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जयस्वाल के मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालय से फर्जी प्रमाण पत्र (रिजल्ट) बनवाने का मामला सामने आया है। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं दी है।


इस मामले में चर्चा के दौरान डॉ. जयस्वाल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि पैसे लेकर प्रमाण पत्र बनाने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने खुद का प्रमाण पत्र बनवा कर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले बिचौलिए से संपर्क किया और अपने नाम से ही डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) का एक फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया। प्रमाण पत्र सर्वपल्ली राधाकृष्णन विश्वविद्यालय भोपाल के नाम पर जारी किया गया। विधायक विनय जायसवाल ने प्रकरण की शिकायत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की है।


चर्च चर्चा के दौरान डॉ विनय जयस्वाल ने बताया कि उन्होंने 2001 में एमबीबीएस और 2007-08 में एमएस का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। वर्तमान में वे एक विधायक हैं और उन्हें किसी भी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि जैसे उन्हें पैसे लेकर प्रमाण पत्र बनाए जाने की जानकारी मिली, तो उन्होंने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत तथ्य समेत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ई-मेल के माध्यम से की है, लेकिन प्रकरण की शिकायत के 3 महीने बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।



Share

Leave a Reply