<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" version="2.0"><channel><title>Just 36 News Feed</title><link>https://just36news.com/cg</link><description>Just 36 News Feed Description</description><item><title>CG  3 की मौत : सड़क पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, दो नाबालिग और अधेड़ ने गंवाई जान</title><link>https://just36news.com/cg/cg-3-dead:-speeding-like-death-on-the-road,-two-minors-and-</link><description>कोरबा/अभनपुर। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया है। कोरबा और अभनपुर में हुए दो सड़क हादसों में दो नाबालिग समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसों के बाद दोनों घटनास्थलों पर मातम पसरा रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मामले में मर्ग कायम किया है। फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं की जांच में जुटी है।
पहली घटना कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम लिटियाखार की है, जहां तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे बाइक में सवार दो नाबालिगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान करण चौहान (16) पिता बृजलाल और राजा नेटी (14) पिता कैलाश के रूप में हुई है। दोनों तिवरता से लिटियाखार लौट रहे थे।
मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण बाइक बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराई। सिर पर गंभीर चोट लगने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर दीपका पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को जब्त किया। पीएम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा.
दूसरी घटना अभनपुर के मानिकचौरी रेलवे क्रॉसिंग के पास राजिम-रायपुर मुख्य मार्ग पर हुई, जिसमें अज्ञात वाहन की ठोकर से 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान नायकबांधा अभनपुर निवासी देवाराम साहू (48) के रूप में की गई है। अभनपुर पुलिस ने घटना में अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।</description><guid>cg-3-dead:-speeding-like-death-on-the-road,-two-minors-and-</guid><pubDate>05-Sep-2026 1:21:54 pm</pubDate></item><item><title>ब्रेकिंग : AAP को बड़ा झटका, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दिया इस्तीफा, इस वजह से छोड़ी पार्टी</title><link>https://just36news.com/cg/breaking:-a-major-blow-to-aap,-state-executive-president-uttam</link><description>रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ में संगठन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और छत्तीसगढ़ प्रभारी मुखेश अहलावत को भेजा है।
उत्तम जायसवाल ने इस्तीफा पत्र में कहा है कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और पार्टी की कार्यप्रणाली को देखते हुए अब उन्हें अपने उद्देश्य की पूर्ति होती दिखाई नहीं दे रही है।
इस्तीफा पत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने संगठन की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि आम आदमी पार्टी से जुड़ने का उनका उद्देश्य कभी पद या व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ हासिल करना नहीं था। उनका लक्ष्य प्रदेश में पार्टी को मजबूत करना और आम लोगों के हित में संघर्ष करना था। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए गांवों से लेकर प्रदेश स्तर तक लगातार मेहनत की। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रति निष्ठा के बावजूद मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी की दिशा स्पष्ट नजर नहीं आ रही है।
उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में 2023 विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रदेश के पुराने, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं ने जिस तरह की उपेक्षा और अपमान महसूस किया, उसका असर संगठन पर पड़ा। चुनाव के बाद भी पार्टी की कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के इतने महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद उन्हें छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी का कोई स्पष्ट रोडमैप दिखाई नहीं दे रहा है। उनके अनुसार, पद से अधिक उनके लिए आत्मसम्मान, संघर्ष और वर्षों से साथ खड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान महत्वपूर्ण है।
जायसवाल ने कहा कि किसी पार्टी की असली ताकत बड़े पदों पर बैठे लोग नहीं, बल्कि जमीन पर उसका झंडा उठाकर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनके इस्तीफे को केवल एक पदाधिकारी का त्यागपत्र न मानकर वर्षों तक संघर्ष करने वाले समर्पित कार्यकर्ता की पीड़ा, अनुभव और छत्तीसगढ़ के भविष्य से जुड़ी गंभीर चिंता के रूप में देखेगी। इस्तीफा पत्र के अंत में उत्तम जायसवाल ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करते हुए इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।</description><guid>breaking:-a-major-blow-to-aap,-state-executive-president-uttam</guid><pubDate>05-Sep-2026 9:47:29 am</pubDate></item><item><title>नक्सलमुक्त क्षेत्रों में शिक्षा की नई भोर, छत्तीसगढ़ में नक्सलमुक्त क्षेत्रों में स्कूलों में बजने लगी घंटी..</title><link>https://just36news.com/cg/a-new-dawn-of-education-in-naxal-free-areas,-school-bells-have</link><description>रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद स्कूलों में घंटियां बजने लगी हैं, जो इस शिक्षक दिवस पर बस्तर और उसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक बदलाव का प्रतीक है। जहाँ कभी बारूद की गंध और बंदूक की आवाजें हुआ करती थीं, वहाँ अब बच्चे राष्ट्रगान गा रहे हैं।
5 सितंबर को देशभर में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर शिक्षक दिवस की धूमधाम रहेगी। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ का बस्तर और अन्य दूरस्थ अंचल एक नई उम्मीद के साथ मुस्कुरा रहा है। कभी बंदूक के साए और नक्सली खौफ के कारण दशक भर से बंद पड़े स्कूल आज फिर से गुलजार हो चुके हैं। दूर-दराज के गांवों में जब वर्षों बाद फिर से स्कूल की घंटी बजती है, तो वह केवल पढ़ाई की शुरुआत नहीं होती, बल्कि उस क्षेत्र में लौटते लोकतंत्र, शांति और सुरक्षा की गूंज होती है।
बंद पड़े स्कूल फिर से हुए संचालित
छत्तीसगढ़सरकार की पुनर्वास, सुरक्षा और जन कल्याणकारी नीतियों (नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं) के प्रभाव से दक्षिण बस्तर के सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में लगभग दो से ढाई दशकों से बंद पड़े 600 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से दोबारा खोल दिया गया है। जो इमारतें कभी नक्सलियों द्वारा ध्वस्त कर दी गई थीं या सुरक्षा बलों के कैंप के लिए इस्तेमाल होती थीं, उन्हें फिर से संवारकर बाल-सुलभ रूप दिया गया है।
शिक्षकों का अदम्य साहस और समर्पण
नक्सलमुक्त होते क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलाने का वास्तविक श्रेय उन स्थानीय शिक्षकों को जाता है, जिन्होंने विपरीत और भयावह परिस्थितियों के बावजूद अपना कर्तव्य नहीं छोड़ा।
  *स्थानीय भाषा में अध्यापन:* दूरस्थ वनांचल में नियुक्त शिक्षक न केवल बच्चों को बुनियादी अक्षर ज्ञान दे रहे हैं, बल्कि गोंडी, हलबी और डोरली जैसी स्थानीय बोलियों में संवाद कर बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत कर रहे हैं।
  समुदाय से संवाद:* शिक्षकों ने ग्रामीणों और नक्सलियों के डर से सहमे अभिभावकों के बीच जाकर उनका विश्वास जीता, जिससे आज सैकड़ों बच्चे वापस ब्लैकबोर्ड और किताबों से जुड़ चुके हैं।
तकनीक और नवाचार से जुड़ रहा बस्तर का बचपन
बस्तर संभाग के बीजापुर (जैसे पीड़िया, गंपूर, तमोड़ी गांव) और सुकमा के कई अंदरूनी इलाकों में सालों से बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला गया है। नक्सलियों द्वारा जिन पक्के स्कूल भवनों को आईईडी से उड़ा दिया गया था, वहाँ ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ मिलकर अस्थायी बांस और तिरपाल की झोपड़ियां (छप्पर) तैयार की हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई न रुके। स्थानीय भाषाओं (जैसे गोंडी, हल्बी) की चुनौती से निपटने और बच्चों में विश्वास जगाने के लिए स्थानीय शिक्षित युवाओं को शिक्षा दूत के रूप में नियुक्त किया गया है, जो इस शिक्षक दिवस के असली नायक हैं। पुनः संचालित हो रहे स्कूलों में अब केवल पुरानी लीक पर पढ़ाई नहीं हो रही है। राज्य शासन द्वारा इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
  *स्मार्ट क्लासेस और टैबलेट:* कई वनांचल स्कूलों में डिजिटल कंटेंट और टैबलेट के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
  *खेलकूद और न्योता भोजन:* स्कूलों में मध्याह्न भोजन (न्योता भोजन) के साथ-साथ खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों की उपस्थिति में भारी उछाल आया है।
  *सुरक्षित माहौल:* नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत कैंपों के आसपास सुरक्षा का दायरा बढ़ने से शिक्षक बिना किसी खौफ के रोजाना स्कूल पहुंच रहे हैं।
शिक्षक दिवस पर संदेश
छत्तीसगढ़ में इस बार का शिक्षक दिवस उन शिक्षकों को समर्पित है जो राज्य के सबसे कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षादूत बनकर कार्य कर रहे हैं। बंदूक की आवाज को दबाकर जब कलम और किताब की ताकत आगे बढ़ती है, तो समाज की नई तस्वीर बनती है। छत्तीसगढ़ के नक्सलमुक्त इलाकों मं। गूंजती स्कूलों की घंटी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि शिक्षा ही बदलाव और शांति की सबसे मजबूत नींव है।

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</description><guid>a-new-dawn-of-education-in-naxal-free-areas,-school-bells-have</guid><pubDate>05-Sep-2026 9:30:21 am</pubDate></item><item><title>भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय</title><link>https://just36news.com/cg/the-life-of-lord-krishna-inspires-us-to-follow-the-path-of-religion</link><description>भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने किया शंख अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, भक्तों के साथ किया हरे कृष्ण महामंत्र का घोष
रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धालुओं की तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हो रही पूरी
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्रों को भव्य स्वरूप देने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य
रायपुर सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का भी अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार युगों-युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर परिसर हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे के महामंत्र से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तवृंद के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। हमारे गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत है। इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं, वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को समृद्ध करते हैं। राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हर श्रद्धालु को तीर्थ दर्शन का अवसर देने का प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आस्था हमारे समाज की बड़ी शक्ति है। आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस भावना के साथ राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।</description><guid>the-life-of-lord-krishna-inspires-us-to-follow-the-path-of-religion</guid><pubDate>05-Sep-2026 9:19:44 am</pubDate></item><item><title>शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र</title><link>https://just36news.com/cg/chief-minister-vishnu-dev-sai-wrote-a-heartfelt-letter-to-his-teachers</link><description>रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के गुरुजनों के नाम आत्मीय पत्र लिखकर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्र में अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बचपन के संघर्ष, उस दौर में शिक्षा प्राप्त करने की कठिनाइयों और आज शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव का भावपूर्ण उल्लेख किया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे प्रत्येक बच्चे के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानें और विशेष रूप से उन बच्चों का हाथ थामें, जो अभाव, संकोच अथवा किसी अन्य कारण से पीछे छूट रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने लिखा है कि आज मुख्यमंत्री के दायित्व का निर्वहन करते हुए जब उन्हें प्रदेश के बच्चों के भविष्य और उनकी शिक्षा से जुड़े निर्णय लेने का अवसर मिलता है, तब अपने बचपन और विद्यार्थी जीवन के वे दिन और अधिक याद आते हैं। जीवन कितना भी आगे बढ़ जाए, अपने शिक्षकों के प्रति आदर और कृतज्ञता का भाव कभी कम नहीं होता।

बगिया के छोटे से स्कूल से शुरू हुआ शिक्षा का सफर
मुख्यमंत्री साय ने पत्र में अपने बचपन को याद करते हुए बताया है कि उनका जन्म जशपुर जिले के बगिया गाँव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ और गाँव के स्कूल से ही उनकी शिक्षा की शुरुआत हुई। जीवन ने बहुत छोटी उम्र में उनकी कठिन परीक्षा ली। जब वे लगभग दस वर्ष के थे और चौथी कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। परिवार, खेती और छोटे भाइयों की चिंता कम उम्र में ही उनके जीवन का हिस्सा बन गई।
गाँव में पाँचवीं तक पढ़ने के बाद आगे की शिक्षा के लिए उन्हें कुनकुरी जाना पड़ा। वहाँ लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक छोटे से कमरे में रहकर पढ़ाई की। आगे भी पढ़ने की इच्छा थी, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा का क्रम जारी नहीं रख सके। उन्होंने खेती की जिम्मेदारी संभाली और अपने छोटे भाइयों की पढ़ाई को आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय गाँव के एक बच्चे के लिए शिक्षा तक पहुँचना आज जितना सहज नहीं था। विद्यालय दूर होते थे, आवागमन के साधन सीमित थे, पढ़ाई के संसाधनों का अभाव था और आर्थिक कठिनाइयाँ भी कई बच्चों के सपनों की राह में बाधा बन जाती थीं।

स्लेट-तख्ती से स्मार्ट क्लास तक:मुख्यमंत्री ने याद किया शिक्षा का बदलता दौर
मुख्यमंत्री साय ने अपने विद्यार्थी जीवन और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर यह सुखद अनुभूति होती है कि शिक्षा की दुनिया कितनी बदल गई है। जिस समय उनकी पीढ़ी ने स्लेट, तख्ती और चॉक से पढ़ाई शुरू की थी, आज उसी छत्तीसगढ़ के बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से दुनिया भर के ज्ञान तक उनकी पहुँच बनी है और वे विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कभी दूरस्थ अंचलों में विद्यालय तक पहुँचना भी बच्चों के लिए चुनौती हुआ करता था, वहीं आज इन क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और नए अवसर बच्चों के द्वार तक पहुँच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में आए इस व्यापक परिवर्तन के बावजूद एक बात तब भी सत्य थी और आज भी उतनी ही सत्य है- शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार शिक्षक ही है।

तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन शिक्षक ही बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाता है
मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुजनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक बच्चों को जानकारी दे सकती है, पुस्तकें उन्हें ज्ञान दे सकती हैं और आधुनिक संसाधन सीखने की राह आसान कर सकते हैं, लेकिन किसी बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाने, उसके संस्कार गढ़ने, उसकी प्रतिभा पहचानने और उसे एक अच्छा मनुष्य बनाने का सामर्थ्य एक संवेदनशील शिक्षक में ही होता है।
उन्होंने कहा कि उनके अपने जीवन में भी गुरुजनों से मिली सीख ने कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का साहस दिया। यही कारण है कि वे शिक्षक को केवल पाठ पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि जीवन की दिशा दिखाने वाला पथ-प्रदर्शक मानते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यसरकार का प्रयास है कि जिन अभावों और कठिनाइयों के कारण कभी किसी बच्चे की पढ़ाई रुक जाती थी, वे आज किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें। कोई बच्चा केवल इसलिए पीछे न रह जाए कि उसका जन्म किसी छोटे गाँव, वनांचल अथवा दूरस्थ क्षेत्र में हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छत्तीसगढ़ में शिक्षा को अधिक सहज, आधुनिक, व्यावहारिक और बच्चों की प्रतिभा के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं में सीखने के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है तथा डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन क्षेत्रों में भी विद्यालयों की घंटियाँ फिर सुनाई दे रही हैं, जहाँ परिस्थितियों के कारण वर्षों तक स्कूल बंद रहे थे। यह बदलाव केवल भवन, तकनीक और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना चाहते हैं, जहाँ किसी बच्चे की परिस्थितियाँ उसके सपनों की सीमा तय न करें।
हर बच्चे में छिपी हैं अनगिनत संभावनाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस संकल्प को धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी शक्ति प्रदेश के शिक्षक हैं। शिक्षक के सामने कक्षा में बैठा हर बच्चा अपने भीतर अनगिनत संभावनाएँ लेकर आता है। कोई भविष्य का वैज्ञानिक हो सकता है, कोई खिलाड़ी, डॉक्टर, किसान, शिक्षक, कलाकार या जनसेवक।
उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे को स्वयं अपनी क्षमता का पता नहीं होता, लेकिन शिक्षक की पारखी दृष्टि उसकी प्रतिभा पहचान लेती है। शिक्षक द्वारा कहा गया प्रोत्साहन का एक वाक्य भी किसी बच्चे को जीवन भर आगे बढ़ने की शक्ति दे सकता है।
मुख्यमंत्री का गुरुजनों से विशेष आग्रह:पीछे छूट रहे बच्चे का हाथ थामिए
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षक दिवस पर गुरुजनों से अत्यंत आत्मीय आग्रह करते हुए कहा कि हर बच्चे के भीतर छिपी संभावना को पहचानिए। विशेषकर उस बच्चे का हाथ अवश्य थामिए, जो अभाव में है, संकोच में है या किसी कारण पीछे छूट रहा है। हो सकता है आपका थोड़ा-सा विश्वास उसके पूरे जीवन की दिशा बदल दे।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का विश्वास किसी बच्चे के लिए जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन सकता है। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संस्कार और उसकी क्षमताओं को विकसित करना भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में अत्यंत भावपूर्ण ढंग से गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर वे मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि कभी गाँव के एक छोटे से स्कूल में पढ़ने वाले उस विद्यार्थी के रूप में भी सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञ हैं, जिसने अपने शिक्षकों से मिले संस्कार और सीख को जीवन की पूँजी माना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बदल गया है, स्कूल बदल रहे हैं और पढ़ाने तथा सीखने के साधन भी बदल रहे हैं। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक इन्हें और अधिक बदलेगी, लेकिन गुरु और शिष्य के बीच विश्वास, स्नेह और संस्कार का जो संबंध भारतीय परंपरा की आत्मा है, उसका महत्व कभी कम नहीं होगा।
हर स्कूल बने सपनों का द्वार, हर कक्षा संभावनाओं का संसार
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शिक्षकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ गढ़ें, जहाँ हर स्कूल सपनों का द्वार बने, हर कक्षा संभावनाओं का संसार बने और हर शिक्षक अपने विद्यार्थी के जीवन में आशा का दीप जलाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो, उनके संस्कारों से समाज समृद्ध हो और उनके मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए, यही उनकी कामना है।
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी गुरुजनों को सादर नमन करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और यशस्वी जीवन की कामना की तथा सभी शिक्षकों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।</description><guid>chief-minister-vishnu-dev-sai-wrote-a-heartfelt-letter-to-his-teachers</guid><pubDate>05-Sep-2026 9:01:26 am</pubDate></item><item><title>CG  जंगल की लकड़ियों का काला कारोबार! तीन राज्यों तक फैला था सिंडिकेट, 3 आरोपी गिरफ्तार</title><link>https://just36news.com/cg/cg-the-illegal-trade-in-forest-wood-the-syndicate-spanned-three-states,-and-three-accused-were-arreste</link><description>रायगढ़ । जिले के वन क्षेत्र से खैर एवं तेंदू प्रजाति के लड़कियों की कटाई और उनके अवैध भंडारण के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। धोखाधड़ी, भारतीय वन अधिनियम और संगठित अपराध की गंभीर धाराओं के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सिंडिकेट ओड़िशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश तक लकड़ियों की कटाई और तस्करी को अंजाम देता था।
जिला रायगढ़ के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार वन परिक्षेत्र में ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनसे पेड़ों की अवैध कटाई कराया जा रहा था। लकड़ियों को रोहित मित्तल अपने गढउमरिया स्थित गोदाम में डंप कर अपने सहयोगी मनीष अग्रवाल के साथ वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम और सलाउद्दीन खान के साथ इन बेसकीमती लड़कियों को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में अधिक मूल्य में ट्रांसपोर्टिंग के जरिए खपाया जा रहा था। आरोपियों ने लड़कियों की अवैध तस्करी को वैध दिखाने के लिए फर्जी तरीके से ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) बनने और बड़ी चालाकी से राज्य के बाहर बेचकर मुनाफा कमा रहे थे।
इस इंटर स्टेट सिंडिकेट का वन विभाग रायगढ़ और जिला पुलिस रायगढ़ ने खुलासा किया है और सिंडिकेट में शामिल मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल, रोहित मित्तल और सलाउद्दीन खान के खिलाफ थाना जूमिल में धोखाधड़ी और वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेजा गया। आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष मई में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिली थी कि थाना जूटमिल क्षेत्र अंतर्गत जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित नरेश वल्द बजरंगलाल अग्रवाल सा. कबीर चौक रायगढ़ के गोदाम को रोहित मित्तल निवासी अग्रसेन कॉलोनी विकास नगर कोतरा रोड रायगढ़ द्वारा किराये पर लिया गया है। आसपास के वनक्षेत्रों से खैर एवं तेंदू प्रजाति के लकड़ियों को कटवाकर गढ़उमरिया स्थित गोदाम में ट्रैक्टर एवं पीकप के माध्यम से अवैध भंडारण किया गया था, जहां 05 मई 2025 को वन विभाग रायगढ़ की टीम ने गढ़उमरिया गोदाम में छापेमार कार्रवाई कर ट्रक क्रमांक सीजी 15 डी वी-7577 में लदा हुआ 42 नग तेंदू प्रजाति का लट्ठा 1.731 घन.मी. लोड था, जिसके साथ 01 नग वजन मशीन, 02 नग कुल्हाड़ी एवं 01 नग हथौड़ा एवं गोदाम में तेंदू एवं खैर प्रजाति के लट्ठा 146 नग 6.741 घन मीटर, जलाउ लकड़ी 09 चट्टा, कटर मशीन 01 नग को नरेश अग्रवाल के गोदाम ग्राम गढ़उमरिया में मौके पर जब्त किया गया था। रोहित मित्तल एवं उसके साथी लोग गोदाम से कहीं भाग गए थे। आरोपियों ने रेड टीम को लकड़ियों की ट्रासपोटिंग के संबंध में टीपी उपलब्ध कराया था।
उक्त टीपी पर जारीकर्ता वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नही थे, जो प्रथम दृष्टिया फर्जी दस्तावेज प्रतीत हो रहा था। वन विभाग की जांच में एक बड़े और संगठित अपराध का मामला प्रतीत होने पर डीएफओ रायगढ़ ने वन क्षेत्रपाल संजय लकडा के माध्यम से 02 सितंबर 2026 को थाना जूमिल में 05 मई 2025 को जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित रोहित मित्तल के गोदाम में जब्ती कार्रवाई की आगे विस्तृत जांच के लिए आवेदन दिया, जिस पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 490/2026 धारा  318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) 3(5) + 111 BNS एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42 सहपठित धारा 41, 52 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
मामले में आगे विस्तृत जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने मयंक मिश्रा के नेतृत्व में आरोपियों के इस पूरे सिंडिकेट में भूमिका की तस्दीकी की। प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि आरोपी रोहित मित्तल इस अवैध कारोबार में जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित गोदाम को किराये पर लेकर लकड़ियों की अवैध तरीके से कटाई कराकर अपने बिजनेश पार्टनर मनीष अग्रवाल के साथ गोदाम में लकड़ियों की गोदाम में छिलाई आदि कराकर ट्रांसपोटर भरत मेश्राम और सलाउद्दीन खान के साथ दूसरे राज्यों में लकड़ियों की तस्करी कराई जा रही थी। कल छापेमारी कर तीन आरोपी रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया गया। विवेचना में हिरासत में लिए गए आरोपियों के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। भरत कुमार मेश्राम फरार है, मामले की विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
रोहित मित्तल पिता सुभाष मित्तल सा. अग्रसेन कालोनी विकास नगर कोतरा रोड रायगढ़
मनीष अग्रवाल पिता राधेश्याम अग्रवाल निवासी मकान नं 72/1, मुड़पार, बलौदाबाजार
सलाउद्दीन खान पिता इलाउद्दीन खान निवासी सरसींवा जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
वन विभाग ने गढ़उमरिया गोदाम में रेड मारकर ट्रक क्रमांक सीजी 15 डी वी-7577 में लदा हुआ 42 नग तेंदू प्रजाति का लट्ठा 1.731 घन.मी., 01 नग वजन मशीन, 02 नग कुल्हाड़ी एवं 01 नग हथौड़ा एवं गोदाम में तेंदू एवं खैर प्रजाति के लट्ठा 146 नग 6.741 घन मीटर, जलाउ लकड़ी 09 चट्टा, कटर मशीन 01 नग जब्त किया है।</description><guid>cg-the-illegal-trade-in-forest-wood-the-syndicate-spanned-three-states,-and-three-accused-were-arreste</guid><pubDate>04-Sep-2026 8:26:41 pm</pubDate></item><item><title>CG  बेटी की शादी के लिए पिता ने लिया था लोन, खाते में आते ही ठग ने बिछाया ऐसा जाल कि उड़ गई पूरी रकम</title><link>https://just36news.com/cg/cg-the-father-had-taken-a-loan-for-his-daughter-weddin-as-soon-as-the-money-reached-his-account</link><description>बिलासपुर। बेटी की शादी के लिए लोन लेने बैंक पहुंचे पिता को एक ठग ने हमदर्दी का झांसा देकर अपना शिकार बना लिया। आरोपी ने बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ित से चेकबुक और ATM कार्ड ले लिया। इसके बाद चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से ढाई लाख रुपए निकाल लिए।
शिकायत के बाद मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ पहले से एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पढ़िए क्या है मामला?
ग्राम आंकडीह निवासी भुनेश्वर दास (44) को अपनी बेटी के विवाह के लिए रुपयों की जरूरत थी। तहसील कार्यालय में उसकी मुलाकात ग्राम सरगंवा निवासी रूपचंद मनहर (47) से हुई। रूपचंद ने मदद का भरोसा दिलाया और भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा ले जाकर जमीन के दस्तावेजों के आधार पर 4.50 लाख रुपए का लोन स्वीकृत करवा दिया।
लोन पास होने के बाद रूपचंद ने बैंक वेरिफिकेशन और कागजी जांच का बहाना बनाया और भुनेश्वर की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। इसके बाद उसने चेक पर भुनेश्वर के फर्जी हस्ताक्षर किए और खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। भुनेश्वर को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी, जब वह बेटी की शादी की तैयारियों के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचा। खाते से रकम गायब देखकर उसके होश उड़ गए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338, 340, 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर रूपचंद को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ करने पर उसने फर्जीवाड़े की बात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, रूपचंद थाने का आदतन अपराधी है और साल 2025 से गुंडा फाइल खुली हुई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है।</description><guid>cg-the-father-had-taken-a-loan-for-his-daughter-weddin-as-soon-as-the-money-reached-his-account</guid><pubDate>04-Sep-2026 8:19:56 pm</pubDate></item><item><title>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्व यादव समाज की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन.</title><link>https://just36news.com/cg/cabinet-minister-lakhan-lal-devangan-participated-in-the-grand-procession</link><description>रायपुर: डॉ. भीमराव ओपन थिएटर खेल मैदान, घंटाघर कोरबा में सर्व यादव समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा एवं रैली में मुख्य अतिथि के तौर पर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन एवं महापौर संजू देवी राजपूत शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर समस्त यादव समाज को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

यादव समाज का स्नेह सदैव प्राप्त होता रहा है: मंत्री देवांगन
मंत्री देवांगन ने कहा कि यादव समाज का स्नेह और आशीर्वाद मुझे सदैव प्राप्त होता रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद का ही फल है कि आज नगर एवं जिले में तेज गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। समाज की मांग के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करना हमारा संकल्प है।

यादव समाज के लिए 75 लाख के विकास कार्य
मंत्री देवांगन ने बताया कि यादव समाज की मांगों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनमें बालको शांति नगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भवन के ऊपरी तल का निर्माण, जमनीपाली में सामुदायिक भवन निर्माण, शारदा विहार अमरैय्यापारा राधाकृष्ण मंदिर के ऊपरी तल का निर्माण विस्तार कार्य 10-10 लाख रुपये का पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार वैशाली नगर मिनी स्टेडियम के पास मंच निर्माण एवं कक्ष निर्माण 10 लाख रुपये प्रगतिरत है । लाटा मेन रोड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति मानिकपुर यादव मोहल्ले में भवन निर्माण के लिए  15 लाख रुपये की स्वीकृति शीघ्र की जाएगी ।
महापौर ने सुनाया भजन
इस अवसर पर कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान को समर्पित भजन भी सुनाया। कार्यक्रम में सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु, संरक्षक कमलेश यादव, प्रदेश महामंत्री संतोष यादव, पार्षद नरेंद्र देवांगन, महिला प्रकोष्ठ की संरक्षक हारबाई यादव, प्रफुल्ल तिवारी, शोभायात्रा के संयोजक रंजू यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।</description><guid>cabinet-minister-lakhan-lal-devangan-participated-in-the-grand-procession</guid><pubDate>04-Sep-2026 8:16:39 pm</pubDate></item><item><title>रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण.</title><link>https://just36news.com/cg/the-picture-of-raigarh-will-change:-finance-minister-</link><description>रायगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में रायगढ़ को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने शुक्रवार को शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजोन, पुल, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, नालंदा परिसर, खेल एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का जायजा लेते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वित्त मंत्री चौधरी ने दूध डेयरी ऑक्सीजोन से निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर, एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव, कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन का निरीक्षण किया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शहर की अधोसंरचना को मजबूत कर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की गहन निगरानी की जा रही है, ताकि विकास कार्य तेजी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास के अनुरूप रायगढ़ में जिस स्तर की अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए थी, वह लंबे समय तक अपेक्षित गति से नहीं बन पाई। इसके कारण शहर को यातायात, भारी वाहनों, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने रिंग रोड को रायगढ़ के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जा रहा है, जिस पर 400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना है।
भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगी। हमारा प्रयास है कि शहर को बेहतर सड़क, पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और मजबूत अधोसंरचना मिले, जिससे नागरिकों के जीवन में व्यापक बदलाव आए। निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त नगर निगम बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी, इंजीनियर तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</description><guid>the-picture-of-raigarh-will-change:-finance-minister-</guid><pubDate>04-Sep-2026 8:05:15 pm</pubDate></item><item><title>पीएम किसान सम्मान निधि की बचत से खरीदी पहली गाय, आज 10 गायों के साथ आत्मनिर्भर बने 75 वर्षीय परशुराम गुप्ता.</title><link>https://just36news.com/cg/bought-the-first-cow-from-the-savings-of-pm-kisan-samman-nidhi,-today-</link><description>रायपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए आर्थिक संबल के साथ नई आजीविका की राह भी खोल रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम महापल्ली निवासी 75 वर्षीय किसान परशुराम गुप्ता ने योजना से मिली राशि की बचत कर गौ-पालन शुरू किया और आज वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहे हैं।
वर्ष 2020 में गुप्ता ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दो-दो हजार रुपये की किस्तों को बचाकर करीब 10 हजार रुपये की पूंजी जुटाई। इसी राशि से उन्होंने पहली गाय खरीदी और गौ-पालन की शुरुआत की। मेहनत और अनुभव के साथ उन्होंने धीरे-धीरे अपने पशुधन में वृद्धि की। आज उनके पास 10 गायें हैं और वे प्रतिदिन करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन कर स्थानीय डेयरी में 40 रुपये प्रति लीटर की दर से विक्रय करते हैं। इससे उनका मासिक कारोबार लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंच रहा है।

परशुराम गुप्ता बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें पशुपालन का शौक रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिली राशि ने उन्हें इस रुचि को आजीविका के साधन में बदलने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं से मिलने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता का सही और योजनाबद्ध उपयोग किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। 75 वर्ष की उम्र में भी गुप्ता पूरे उत्साह से गौ-पालन में जुटे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की बचत से शुरू हुआ उनका छोटा सा प्रयास आज एक सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है। उनका अनुभव यह संदेश देता है कि मेहनत, अनुभव और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से उम्र आत्मनिर्भरता की राह में बाधा नहीं बनती।</description><guid>bought-the-first-cow-from-the-savings-of-pm-kisan-samman-nidhi,-today-</guid><pubDate>04-Sep-2026 7:54:11 pm</pubDate></item><item><title>CG  कोल्डड्रिंक की बोतल में शराब लेकर पहुंचा शिक्षक! ऐसे खुली पोल, BEO ने थमाया शो-कॉज नोटिस</title><link>https://just36news.com/cg/cg-a-teacher-arrived-with-alcohol-in-a-cold-drink-bottle</link><description>गरियाबंद। जिले में एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाने का आरोप लगा है। क्लासरूम में कोल्डड्रिंक की बोतल में महुए की शराब मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, शिक्षक ने शराब लेकर स्कूल आने से इनकार किया है। मामले में BEO ने शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, अभिभावकों ने स्कूल में मिड-डे-मील को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चों को तय मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।
शराबखोरी के मामले में बीईओ ने शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की जांच के लिए टीम बना दी है। बीईओ का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मैनपुर ब्लॉक के ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा का है।
ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में 24 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल में 2 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, जिसमें शिक्षक सतीश कुमार दुबे भी शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल समय के दौरान सतीश दुबे महुआ शराब के नशे में पाए गए।
मौके पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने शिक्षक का वीडियो बना लिया। शिक्षक के इस तरह स्कूल पहुंचने को लेकर ग्रामीणों और पेरेंट्स में नाराजगी है। शराब के नशे में स्कूल आने वाले शिक्षक को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर भी शिकायत की है। आरोप है कि बच्चों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय से बच्चों को सिर्फ दाल-चावल परोसे जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा है।
मैनपुर बीईओ देवनाथ बघेल ने बताया कि शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।</description><guid>cg-a-teacher-arrived-with-alcohol-in-a-cold-drink-bottle</guid><pubDate>04-Sep-2026 7:45:23 pm</pubDate></item><item><title>बस्तर क्षेत्र को हम देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे - सीएम साय</title><link>https://just36news.com/cg/we-will-make-bastar-region-the-best-tribal-division-in-the-country</link><description>रायपुर। तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के जल सुरक्षा को लेकर शिखर सम्मेलन में शामिल हुए जहां उन्होंने कैच द रेन और जल संचय, जन भागीदारी को प्रस्तुत किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 5 प्रतिशत मॉडल पर अच्छा काम हुआ है जिसमें किसान अपनी जमीन का 5 प्रतिशत जल के लिए देता है, इसकी प्रशंसा पूरे देश में हुई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब डबल इंजन की सरकार बनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद मिला, गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और जवानों के अदम्य साहस से जो बस्तर चार दशकों से नक्सलवाद से पीडि़त था, वहाँ आज असंभव सा काम संभव हुआ है और नक्सलवाद समाप्त हुआ है। नक्सलवाद समाप्त हुआ है तो अब विकास को भी वहाँ पहुँचाने के लिए हम संकल्पित हैं। बस्तर क्षेत्र को हम देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे और इसके लिए वहां काम भी शुरु हो गया जो आप लोगों के सामने जल्द ही दिखेगा।</description><guid>we-will-make-bastar-region-the-best-tribal-division-in-the-country</guid><pubDate>04-Sep-2026 6:56:45 pm</pubDate></item><item><title>वन विभाग में 10 वर्ष से अधिक पदस्थ 966 तृतीय और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के कर्मी होंगे नियमित</title><link>https://just36news.com/cg/966-class-iii-and-2,664-class-iv-employees-posted-in-the-forest-department-for-more-than-10-years-will-be-regularized</link><description>00 वन विभाग के प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग ने दी मंजूरी, मापदंड तय करने 4 सदस्यीय समिति का किया गठन
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 7000 दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिकता निधि के कार्यभारित कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है जिनमें इनमें से 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 966 तृतीय श्रेणी और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 3630 कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा, वहीं 10 वर्ष से कम वालों का स्थाईकरण किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की सहमति मिलने के बाद सेवा शर्तों और भर्ती नियमों का प्रारूप तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद शासन स्तर पर नियमों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वन विभाग ने 1-1-98 के बाद से कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम, 2024 लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अधिसूचना प्रारूप तैयार करने के लिए जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी, गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव बनाए गए हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के आदेश के अनुसार समिति को कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और संबंधित नियमों के सभी पहलुओं का परीक्षण करना होगा। इसके बाद अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</description><guid>966-class-iii-and-2,664-class-iv-employees-posted-in-the-forest-department-for-more-than-10-years-will-be-regularized</guid><pubDate>04-Sep-2026 3:04:57 pm</pubDate></item><item><title>Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, कई ट्रेनें कैंसिल, कुछ के बदलेंगे रूट, यात्रा से पहले देखें लिस्ट.</title><link>https://just36news.com/cg/train-cancelled:-rail-passengers-will-face-difficulties-again,-many-trains-have-been-cancelled</link><description>बिलासपुर। अगर आप भी नवम्बर के पहले सप्ताह में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो आपके लिए जरुरी खबर है। बागडिहीझारसुगुड़ा चौथी लाइन के काम के चलते बिलासपुर जोन से जुड़ी कई ट्रेन 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच अलग-अलग तारीखों पर रद्द कर दी गई हैं। साथ ही कुछ के रूट में भी बदलाव किया गया है।
जानकारी के मुताबिक़, दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के बागडिही स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग एवं बागडिहीझारसुगुड़ा के मध्य चौथी रेल लाइन के कमीशनिंग का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए 1 एवं 2 नवम्बर 2026 को प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और 3 नवम्बर 2026 को नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य किया जाएगा। इसके चलते इस दौरान यात्रियों की सुविधा एवं संरक्षित रेल परिचालन को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से सम्बंधित 5 ट्रेनों को रद्द तथा 2 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।
ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
इतवारी एक्सप्रेस- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एवं टाटानगर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18109/18110 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस- 1 नवम्बर से 3 नवम्बर 2026 तक रद्द
मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस- मालदा टाउन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13425 मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस  31 अक्टूबर 2026 को रद्द
सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस- सूरत से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13426 सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस- 2 नवम्बर 2026 को रद्द
तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस- तिरुपति से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस रद्द- 2 नवम्बर 2026 को रद
तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस- रक्सौल से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस- 5 नवम्बर 2026 को रद्द
2 नवम्बर को डायवर्टेड रुट से चलने वाली ट्रेनें
पुरी से चलने वली गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-सम्बलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी.
योग नगरी ऋषिकेश से चलने वली गाड़ी संख्या 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया ईब-झारसुगुड़ा रोड-सम्बलपुर सिटी-कटक के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी.
एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की सुविधा
इसके अलावा रेलवे प्रशासन यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफ़र्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 18030/18029 शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराएगी. यह सुविधा गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में दिनांक 03 एवं 04 सितम्बर 2026 को तथा गाड़ी संख्या 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में दिनांक 05 एवं 06 सितम्बर 2026 को उपलब्ध रहेगी.</description><guid>train-cancelled:-rail-passengers-will-face-difficulties-again,-many-trains-have-been-cancelled</guid><pubDate>04-Sep-2026 2:57:29 pm</pubDate></item><item><title>शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ 14 डॉक्टरों को मिली नई पदस्थापना</title><link>https://just36news.com/cg/14-doctors-posted-in-government-medical-colleges-got-new-postings</link><description>रायपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में पदस्थ 14 चिकित्सकों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी आदेश में अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारी से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पदस्थापना अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश में संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नवीन पदस्थापना स्थल पर आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को नियमानुसार स्वत: भारमुक्त माना जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान पद से भारमुक्त कर नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त करने और इसकी प्रति चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
इन 14 डॉक्टरों की बदली जिम्मेदारी
डॉ प्रतिभा जैन शाह प्राध्यापक, निश्चेतना विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम।
डॉ अजय कोसाम प्राध्यापक, शिशुरोग विभाग को प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम से प्राध्यापक, शिशुरोग विभाग, चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव।
डॉ0 गोपाल सिंह कंवर प्राध्यापक मेडिसीन विभाग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय कोरबा से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जशपुर।
डॉ. एस.पी. कुजूर प्राध्यापक सर्जरी विभाग को अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कुनकुरी जशपुर छ.ग. से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर, छ.ग.।
डॉ0 रविकांत दास प्राध्यापक, अस्थि रोग विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा
डॉ0 अविनाश मेश्राम संचालक सह प्राध्यापक, पैथोलाजी विभाग को प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्राध्यापक सह संचालक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।
डॉ0 आर0 सी0 आर्या प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर।
डॉ0 राकेश निगम प्राध्यापक निश्चेतना विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर।
डॉ0 ए0आर0 बेन प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा को प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बिलासपुर।
डॉ0 ओंकार कश्यप प्राध्यापक बायोकमेस्ट्री विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा।
डॉ0 कुलदीप सांग प्राध्यापक दंतरोग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा से प्राध्यापक, दंत रोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।
डॉ0 अमित अग्रवाल प्राध्यापक जर्नल सर्जरी विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।
डॉ0 अरुणेश सिंह प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ को प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर।
डॉ0 जयपाल चंद्रवंशी प्राध्यापक मेडिसीन विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़।</description><guid>14-doctors-posted-in-government-medical-colleges-got-new-postings</guid><pubDate>04-Sep-2026 2:51:09 pm</pubDate></item><item><title>CG Weather : जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम? रायपुर समेत इन इलाकों में बारिश के आसार</title><link>https://just36news.com/cg/cg-weather:-what-will-the-weather-be-like-in-chhattisgarh-on-janmashtami</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब भी सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई बारिश के कारण जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, मौसमी सब-डिविजनल बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम रही है।


मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 4 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।


जन्माष्टमी पर रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन राजधानी रायपुर में मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?
प्रदेश के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सरगुजा और रायपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई।
इस दौरान जगदलपुर में अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने क्या बताया?
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र उसी क्षेत्र में सक्रिय रहा। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है।
इसके अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
वहीं श्री गंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम तंत्र के केंद्र से लेकर डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ के गुजरने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है।
गुरुवार को इन इलाकों में हुई बारिश
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पोंडी बचरा में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा

    कुसमी  8 सेमी
    दावरा कोचली  6 सेमी
    राजपुर  5 सेमी
    बिलासपुर  5 सेमी
    सूरजपुर  5 सेमी
    रामचंद्रपुर  5 सेमी
    जनकपुर-भरतपुर  4 सेमी
    रामानुजगंज  4 सेमी
    बिहारपुर  4 सेमी
    प्रेमनगर  4 सेमी

वहीं अंबिकापुर, कोटाडोल, प्रतापपुर, गिधौरी तुंदरा, दरिमा, बेलगहना, सोनहत, बिल्हा, पामगढ़, खड़गवां, लटोरी, उदयपुर और रघुनाथ नगर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा बोदरी, बसना, लवन, शंकरगढ़, पटना, सकरी, चलगली, कुकदुर, कसडोल, पिथौरा, पचपेड़ी, बोदला और लखनपुर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
प्रदेश के अधिकांश अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई।
4 सितंबर के बाद क्या बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 4 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
जन्माष्टमी के दिन बारिश की संभावना को देखते हुए मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में जाने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।



</description><guid>cg-weather:-what-will-the-weather-be-like-in-chhattisgarh-on-janmashtami</guid><pubDate>04-Sep-2026 11:11:46 am</pubDate></item><item><title>CG: छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 70 से घटकर 50 रुपये किलो हुआ शक्कर का भाव</title><link>https://just36news.com/cg/cg:-big-relief-for-consumers-in-chhattisgarh,-sugar-price-reduced-from-rs-70-to-rs-50-per-kg</link><description>Sugar Price in CG: बाजार में शक्कर के बढ़ते दामों से परेशान उपभोक्ताओं को अब राहत मिलने लगी है। कुछ समय पहले 70 रुपए किलो तक पहुंचने वाली शक्कर अब थोक में 50 रुपए पर आ चुकी है, वहीं चिल्हर में यह 53-55 रुपए पर बिक रही है। करीब 15 दिन पहले चिल्हर में 65 रुपए और थोक में 55 रुपए किलो के आसपास भाव था। एक महीने के भीतर करीब 10 से 15 रुपए किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है।



कारोबारियों के पंजीयन को लेकर नियम कड़े






थोक व्यापारियों के मुताबिक कीमतों में गिरावट के पीछे बाजार में आपूर्ति बढऩे के साथ केंद्र सरकार की सख्ती भी बड़ा कारण है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने कारोबारियों के पंजीयन को लेकर नियम कड़े किए हैं। 15 सितंबर तक पंजीयन नहीं कराने वाले डीलरों को मिलों से चीनी नहीं मिलने की स्थिति रहेगी। इसका सीधा असर बाजार में अनियंत्रित खरीद और जमाखोरी पर पड़ने की संभावना है।



महाराष्ट्र की मिलों से होती है खरीदी






छत्तीसगढ़ शुगर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि राजधानी के बड़े कारोबारियों को महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों की चीनी मिलों से माल मंगाना पड़ता है। वहीं केंद्र सरकार ने मिलों के स्तर पर भी नियमों को सख्त किया है। इससे बाजार में उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पर निगरानी बढ़ी है। थोक में चीनी 50 रुपए किलो तक आ पहुंची है। यदि आपूर्ति इसी तरह बनी रही तो उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में चीनी और सस्ती मिल सकती है। राजधानी के गोलबाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में भी कीमतें चिल्हर में 55 रुपए पर आ चुकी हैं।






क्या दिशा-निर्देश







    सभी शुगर डीलर्स को डीएफपीडी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
    सभी डीलर्स को हर शुक्रवार को अपने स्टॉक की घोषणा पोर्टल पर करनी होगी।
    15 सितंबर 2026 से कोई भी शुगर मिल डीएफपीडी पोर्टल पर रजिस्टर्ड और स्टॉक घोषित किए गए डीलर को छोडकऱ किसी गैर रजिस्टर्ड डीलर को शुगर नहीं बेचेगी।
    अब हर महीने का शुगर कोटा दो हिस्सों में आएगा
    पहले 15 दिन के स्टॉक को कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा बेचना होगा।
    सरकार ने सभी डीलरों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि देश में चीनी के स्टॉक की कमी नहीं है।






</description><guid>cg:-big-relief-for-consumers-in-chhattisgarh,-sugar-price-reduced-from-rs-70-to-rs-50-per-kg</guid><pubDate>04-Sep-2026 11:00:40 am</pubDate></item><item><title>स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी</title><link>https://just36news.com/cg/swine-flu-alert-chhattisgarh-reports-158-cases,-health-department-issues-advisory</link><description>रायपुर: प्रदेश में पिछले दो माह में स्वाइन फ्लू के 158 मरीज मिल चुके है, जिनमें 66 रायपुर के हैं। इनमें 8 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 37 है। डॉक्टरों के अनुसार इक्के-दुबके मरीजों की सांस ही फुल रही है। ये भी इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। इन्हें वेंटिलेटर की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। माइल्ड लक्षण होने के कारण इलाज भी आसान ही गया है।



स्वास्थ्य मंत्री ने कहा






स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों का समुचित इलाज करने व सतत निगरानी करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की सैंपलिंग व इलाज की पूरी व्यवस्था हो।स्वाइन फ्लूसे संबंधित दवाइयों का स्टॉक भी पर्याप्त हो, ताकि विषम परिस्थितियों में आसानी से निपटा जा सके। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन बड़ी राहत की बात ये है कि इसमें गंभीर कोई मरीज नहीं हो रहा है। इसका प्रमुख कारण स्वाइन फ्लू के एचएन वायरस ने अपना स्वरूप नहीं बदला है।



चार दिनों में 36 नए केस






वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने से मरीज बीमारी से पीड़ित होने के चावजूद गंभीर नहीं हो रहे है। 29 अगस्त को मरीज 122 थे। चार दिनों में 36 नए मरीओं की पहचान की गई है।आंबेडकर अस्पतालके रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें 20 से 25 सीजनल फ्लू, गले में में साराश या सांस लेने में हल्की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। लक्षण वाले मरीजों के स्वाब का सैंपल जांच के लिए माइलो चायोलॉजी विभाग भेजा जा रहा है। वायरोलॉजी लैब में पर्याप्त किट है, जिससे रिपोर्ट भी एक से दो दिन में आ रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं. जिससे वे इलाज के बाद ठीक भी हो रहे हैं।






गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं केस






डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के मरीज गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं। दरअसल इस समय तक मौसम में नमी रहेगी। इससे सर्दी, खांसी, बुखार व गले में इंफेक्शन जैसे लक्षण वाले मरीज आएंगे। इनमें जांच में कुछ मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव हो सकते हैं। सीनियर हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज है। वाले मरीजों को रिस्क हो सकता बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क बढ़ सकता है। कैंसर के मरीजों के लिए स्वाइन फ्लू खतरनाक व जानलेवा हो जाता। है। दरअसल कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या कैंसर के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। उन्हें वायरस बुरी तरह प्रभावित करता है। मरीजों को मास्क लगाने कहा जा रहा है।
अभी अगले 15 दिनों तक स्वाइन फ्लू के मरीज और आ सकते हैं। जिन्हें कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क कम होता है। हालांकि समय पर इलाज कराने से मरीज ठीक हो रहे हैं।



स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं, जिससे वे इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। आईसीएमआर की रिसर्च में वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने की बात सामने आई है। यह राहत की बात है, क्योंकि वायरस पहले की तरह है और मरीज गंभीर नहीं हो रहे हैं।








    
        
            जिला
            कुल मरीज
            एक्टिव केस
        
    
    
        
            रायपुर
            66
            08
        
        
            बिलासपुर
            20
            00
        
        
            दुर्ग
            17
            00
        
        
            रायगढ़
            10
            03
        
        
            कोरबा
            09
            04
        
        
            सरगुजा
            02
            00
        
    










</description><guid>swine-flu-alert-chhattisgarh-reports-158-cases,-health-department-issues-advisory</guid><pubDate>04-Sep-2026 10:43:39 am</pubDate></item><item><title>CGPSC Exam 2026: 608 अभ्यर्थियों का होगा फेसलेस इंटरव्यू, दूसरी बार लागू हुई नई व्यवस्था</title><link>https://just36news.com/cg/cgpsc-exam-2026:-faceless-interviews-for-608-candidates</link><description>रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से राज्य सेवा परीक्षा के साक्षात्कार 21 सितंबर से आयोजित किए जाएंगे। साक्षात्कार में खास बात यह है कि इसमें फेसलेस इंटरव्यू लिया जाएगा। ऐसा फेसलेस इंटरव्यू आयोग की ओर से दूसरी बार लिया जा रहा है। आयोग की ओर से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पिछले साल भी इस प्रकार के प्रयोग किए गए थे। पीएससी एक्सपर्ट अंकित अग्रवाल ने बताया कि फेसलेस इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के दौरान अपनी व्यक्तिगत जानकारी नहीं देनी होगी। साथ ही अभ्यर्थी से जुड़ी कोई भी जानकारी बोर्ड मेंबर्स को नहीं देनी है। इससे बोर्ड अभ्यर्थियों के प्रति न्यूट्रल रहता है। पक्षपात को दूर रखने के लिए और पारदर्शिता के लिए इसे लाया गया है। पिछले साल पहली बार उपयोग किया गया था।



608 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार






राज्य सेवा मुख्य परीक्षा परिणाम में वर्गवार-उपवर्गवार न्यूनतम अर्हकारी अंक अर्जित करने वाले अभ्यर्थियों के उपलब्धता के आधार पर 608 अभ्यर्थियों को प्रावधिक आधार पर साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। चिन्हांकित अभ्यर्थियों की सूची आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। चिन्हांकित अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 21 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के माध्यम से 20 विभागों में 265 पदों पर भर्ती की जाएगी।



दो पालियों में होगा साक्षात्कार






साक्षात्कार दो पालियों में आयोजित होंगे। अंतिम दिन यानी 1 अक्टूबर को ही एक पाली में साक्षात्कार होंगे। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन साक्षात्कार तिथि के एक दिन पूर्व निर्धारित पाली प्रथम पाली सुबह 9.30 बजे और द्वितीय पाली दोपहर 1.30 बजे किया जाकर निर्धारित तिथि को साक्षात्कार लिया जाएगा। अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए प्रथम पाली 9 बजे और द्वितीय पाली दोपहर 1 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होना होगा। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिक जानकारी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।






दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहे तो नहीं मिलेगा इंटरव्यू का मौका






आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी निर्धारित तिथि और पाली के अनुसार समय पर आयोग कार्यालय पहुंचना होगा। साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन से संबंधित विस्तृत जानकारी आयोग की ओर से जारी सूचना में उपलब्ध कराई गई है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित तिथि, समय और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहले से जांच लें।





</description><guid>cgpsc-exam-2026:-faceless-interviews-for-608-candidates</guid><pubDate>04-Sep-2026 10:22:24 am</pubDate></item><item><title>Chhattisgarh Holiday: छत्तीसगढ़ में लगातार 3 दिन रहेगी छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और बैंक रहेंगे बंद</title><link>https://just36news.com/cg/chhattisgarh-holiday-there-will-be-a-holiday-for-3-consecutive-days</link><description>रायपुर: छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शासकीय अवकाश रहेगा। इस दिन स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। इसके बाद 5 सितंबर को शिक्षक दिवस और 6 सितंबर को रविवार होने के कारण विद्यार्थियों को लगातार तीन दिन छुट्टी का मौका मिल सकता है।



4 सितंबर को जन्माष्टमी का अवकाश






श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में 4 सितंबर को शासकीय अवकाश रहेगा। इसके चलते सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज भी बंद रहेंगे। जन्माष्टमी को लेकर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन भी होंगे। विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए यह छुट्टी सप्ताहांत से जुड़ने के कारण खास हो गई है।



5 सितंबर को शिक्षक दिवस






जन्माष्टमी के अगले दिन यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है।हालांकि शिक्षक दिवस पर सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से अवकाश हो, यह जरूरी नहीं है। कई स्कूलों में इस दिन शिक्षक दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। कुछ शिक्षण संस्थानों में स्थानीय व्यवस्था के अनुसार छुट्टी भी हो सकती है।






6 सितंबर को रविवार की छुट्टी






इसके बाद 6 सितंबर को रविवार है। रविवार को स्कूल-कॉलेज समेत अधिकांश सरकारी संस्थानों में साप्ताहिक अवकाश रहता है। इस तरह 4 सितंबर की जन्माष्टमी की छुट्टी, 5 सितंबर की संभावित स्कूल छुट्टी और 6 सितंबर के रविवार को मिलाकर विद्यार्थियों को लगातार तीन दिन छुट्टी मिल सकती है।





</description><guid>chhattisgarh-holiday-there-will-be-a-holiday-for-3-consecutive-days</guid><pubDate>04-Sep-2026 10:09:08 am</pubDate></item><item><title>बाल कल्याण समितियों में नई नियुक्तियां, सरगुजा और गरियाबंद में अध्यक्ष समेत 5 जिलों में सदस्य नियुक्त</title><link>https://just36news.com/cg/new-appointments-made-in-child-welfare-committees;-chairpersons-appointed</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कल्याण समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। यह आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। नियुक्तियां किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत की गई हैं।
आदेश के अनुसार सरगुजा जिले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद पर ज्योति श्रीवास्तव और गरियाबंद में अध्यक्ष पद पर अभिमन्यु ध्रुव की नियुक्ति की गई है।
वहीं दुर्ग, रायगढ़, सुकमा, बीजापुर और जशपुर जिलों की बाल कल्याण समितियों में सदस्यों की नियुक्ति की गई है। दुर्ग में खुशबू ठाकुर, रायगढ़ में मृदुला सिसोदिया और दिव्या पाण्डेय, सुकमा में प्रमिला राव, राधिका साहू और गीता, बीजापुर में पुष्पा सिन्हा और महावीर माहेश्वरी तथा जशपुर में सावित्री सोनी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि नियुक्त अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल आदेश जारी होने की तारीख से तीन वर्ष रहेगा। हालांकि, सदस्य या अध्यक्ष के 65 वर्ष की आयु पूरी करने पर नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी।

नियुक्तियां पुलिस सत्यापन होने तक प्रावधिक रहेंगी। संबंधित उम्मीदवारों को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर अपने जिले में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र जमा करना होगा।






</description><guid>new-appointments-made-in-child-welfare-committees;-chairpersons-appointed</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:57:36 pm</pubDate></item><item><title>साइबर अपराधों से बचाव के लिए डिजिटल युग में जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक- मंत्री नेताम</title><link>https://just36news.com/cg/awareness-and-vigilance-are-essential-in-the-digital-age-to-prevent-cyber</link><description>00 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
00 देश में रोजाना 61 करोड़ रुपये की हो रही साइबर ठगी, सचेत रहना बेहद जरूरी- डॉ. संजीव शुक्ला
रायपुर। डिजिटल युग में इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इससे सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। यह बात छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम ने कही। वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित साइबर जागृति अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि तथा रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा विशेष अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक छः सप्ताह का साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बैंक खाताधारकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना है।

चार वर्षों में 12 गुना बढ़े साइबर अपराध
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने चिंताजनक आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि बीते चार सालों में देश के भीतर साइबर अपराधों में 12 गुना और ठगी की राशि में 40 गुना की वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश में प्रतिदिन लगभग 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। साइबर ठग लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, जिससे लोगों को अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है।
पुलिस ने बताए बचाव के ये प्रमुख उपाय
व्यक्तिगत जानकारी न बांटें, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या एटीएम पिन साझा न करें। किसी भी संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। फर्जी नौकरी, निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल या सोशल मीडिया पर मिलने वाले प्रलोभनों और धमकियों पर विश्वास न करें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क
रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध या वित्तीय ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के संचालक, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।</description><guid>awareness-and-vigilance-are-essential-in-the-digital-age-to-prevent-cyber</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:52:08 pm</pubDate></item><item><title>मुख्य सचिव ने विभागों में रिक्त पदों और भर्तियों की स्थिति की ली उच्च स्तरीय बैठक</title><link>https://just36news.com/cg/chief-secretary-held-a-high-level-meeting-to-review-the-status</link><description>00 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दिए आवश्यक निर्देश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में स्वीकृत, भरे और रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत विभागवार समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित की जा रही भर्ती परीक्षाओं और भेजे गए इंडेंट (मांग पत्र) की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही, विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु वित्त विभाग से मिली सहमति, पूर्व में विज्ञापित पदों की स्थिति तथा अब तक की गई नियुक्तियों का ब्योरा तलब किया गया। बैठक में वर्ष 2027 के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचित किए जाने वाले संभावित पदों और सभी विभागों में अद्यतन (अपडेटेड) भर्ती नियमों की स्थिति पर भी गहनता से चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शासकीय विभागों में भर्ती प्रक्रियाओं को गति देना, नियमों को अद्यतन करना और आने वाले वर्षों के लिए नियोजन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करना था। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और छत्तीसगढ़ चयन मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव पी.दयानंद, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ चयन मंडल के अधिकारी मौजूद थे।</description><guid>chief-secretary-held-a-high-level-meeting-to-review-the-status</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:47:26 pm</pubDate></item><item><title>नहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री राजवाड़े ने ओड़गी में विकास कार्यों की समीक्षा की</title><link>https://just36news.com/cg/giving-priority-to-nahit-works,-minister-rajwade-reviewed-the-development-works-in-odgi</link><description>00 अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता के दिए निर्देश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिला के ओड़गी के जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित विकासखंड स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होकर क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार योजनाओं और कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आमजन से जुड़ी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आमजन को मिले, इसके लिए अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
समीक्षा बैठक में क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को लंबित कार्यों में गति लाने और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष इन्द्रमणि पैकरा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</description><guid>giving-priority-to-nahit-works,-minister-rajwade-reviewed-the-development-works-in-odgi</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:42:51 pm</pubDate></item><item><title>देवभोग ब्रांड गुणवत्ता और विश्वास का प्रतीक - नेताम</title><link>https://just36news.com/cg/devbhog-brand-a-symbol-of-quality-and-trust-netam</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम दुर्ग जिले के उरला (कुम्हारी) स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित (देवभोग) द्वारा आयोजित दुग्ध किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देवभोग ब्रांड गुणवत्ता और अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है, जिसने अपनी शुद्धता के बल पर देश में एक विशिष्ट पहचान कायम की है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री नेताम ने उरला दुग्ध संयंत्र में नवीन कैंटीन का उद्घाटन किया तथा दुग्ध संयंत्र की विभिन्न प्रणालियों का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
पशुपालकों के लिए तैयार विशेष मार्गदर्शिका का विमोचन
पशुधन विकास मंत्री नेताम ने पशुपालकों के लिए तैयार विशेष मार्गदर्शिका पुस्तिकाओं, देवभोग के रेडियो जिंगल, रिंगटोन एवं प्रेरक गीत का औपचारिक विमोचन किया। डेयरी क्षेत्र को नई दिशा देने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य डेयरी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।
दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता
पशुधन विकास मंत्री नेताम ने कहा कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन नेटवर्क और तकनीकी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए डेयरी विकास की कार्ययोजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करें। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप देवभोग को पूरे देश में गुणवत्ता और विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक उत्पादन व्यवस्था, विपणन नेटवर्क और किसानों की भागीदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय, आत्मनिर्भरता और समृद्धि में निरंतर वृद्धि होगी।
सम्मेलन में पशु चिकित्सा सेवाएं के संचालक चंद्रकांत वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान एवं महिला पशुपालक उपस्थित थे।</description><guid>devbhog-brand-a-symbol-of-quality-and-trust-netam</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:28:56 pm</pubDate></item><item><title>आवासीय संस्थाओं को अपना घर और बच्चों को अपना समझकर करें कार्य- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव</title><link>https://just36news.com/cg/work-by-considering-residential-institutions-as-your-home-and-children-</link><description>रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय स्थित नवीन विश्राम गृह में जिले के समस्त पोटा केबिन आवासीय विद्यालयों, पोटा केबिन हाई स्कूल छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के अधीक्षकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आवासीय संस्थाओं की शैक्षणिक व्यवस्था के साथ बच्चों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।
शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की शिक्षा के साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण एवं समुचित देखभाल की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधीक्षकों को संस्था को अपना घर और बच्चों को अपने बच्चों की तरह समझकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधीक्षक संस्था में निवास करें और बच्चों के बीच नियमित रूप से उपस्थित रहकर उनकी समस्याओं को समझें तथा संवेदनशीलता के साथ उनका निराकरण करें।
उन्होंने प्रत्येक संस्था में शासन द्वारा निर्धारित समय-सारणी एवं शैक्षणिक कैलेण्डर का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रार्थना, अध्ययन, भोजन, खेलकूद, संध्याकालीन अध्ययन एवं रात्रि विश्राम तक बच्चों की दिनचर्या सुव्यवस्थित रखने तथा प्रार्थना के साथ मंत्रोच्चार एवं अमृतवाणी विचार का वाचन कराने कहा। बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने बीमार होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने को कहा। भोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक, स्वच्छ एवं गर्म भोजन उपलब्ध कराने तथा रसोईघर एवं खाद्य सामग्री के भंडारण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
मंत्री ने जिला प्रशासन को आवासीय संस्थाओं के नियमित एवं औचक निरीक्षण के लिए अधिकारियों का दल गठित करने तथा भवन, छात्रावास, रसोईघर, शौचालय, स्नानागार, पेयजल, विद्युत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर आवश्यक कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित,स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्री एम. भार्गव, संयुक्त संचालक शिक्षा बस्तर संभाग श्री एच. आर. सोम, समग्र शिक्षा के उप संचालक श्री दिनेश कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद सिंह, जिला मिशन समन्वयक श्री हरीश गौतम, सहायक परियोजना समन्वयक श्री राजेन्द्र पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी एवं आवासीय संस्थाओं के अधीक्षक उपस्थित रहे।</description><guid>work-by-considering-residential-institutions-as-your-home-and-children-</guid><pubDate>03-Sep-2026 10:01:21 pm</pubDate></item><item><title>CG  तीन दिन से लापता युवक की इस हाल में मिली लाश, इलाके में फैली सनसनी, पुलिस जांच में जुटी</title><link>https://just36news.com/cg/cg-the-body-of-a-young-man-missing-for-three-days-was-found-in-this-condition</link><description>कोरबा। छत्तीसगढ़ कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के आंची दादर में एक सुनसान कमरे में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान अभिनय रजक पिता शंकर रजक के रूप में हुई है। शव मिलने की खबर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
ग्रामीणों ने कमरे में शव पड़ा देखा तो इसकी सूचना तुरंत कटघोरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की।
कटघोरा थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। सुनसान कमरे में शव मिलने के कारण मामला संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाई है, फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अभिनय शराब पीने का आदी था और अक्सर नशे में रहता था। आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में वह कमरे में गया होगा, जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी संभावना की पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। युवक आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था, वह कमरे तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।</description><guid>cg-the-body-of-a-young-man-missing-for-three-days-was-found-in-this-condition</guid><pubDate>03-Sep-2026 7:04:26 pm</pubDate></item><item><title>महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूत कर रही विष्णु भैया की सरकार, रजिस्ट्री में मिल रही 50 प्रतिशत की छूट</title><link>https://just36news.com/cg/vishnubhaiya-government-is-strengthening-womens-property-rights</link><description>रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का सीधा लाभ अब प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। रायगढ़ की शर्मिला मिश्रा ने इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जमीन की रजिस्ट्री कराई, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने इस जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार महिलाओं के नाम पर जमीन एवं अन्य अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क की दर को आधा कर दिया गया है। पहले संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे अब महिलाओं के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री के लिए घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने को प्रोत्साहन मिल रहा है।
रजिस्ट्री के खर्च में मिली सीधी आर्थिक राहत
रायगढ़ निवासी शर्मिला मिश्रा ने सरकार की इस सुविधा का लाभ लेते हुए जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई। पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलने से उन्हें करीब 25 हजार रुपये की बचत हुई। उन्होंने बताया कि सरकार का यह निर्णय महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला है। इससे न केवल रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ है, बल्कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति होने से उनके आर्थिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत होती है।
शर्मिला मिश्रा ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति को प्रोत्साहित करने का यह निर्णय उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनके आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।</description><guid>vishnubhaiya-government-is-strengthening-womens-property-rights</guid><pubDate>03-Sep-2026 5:57:09 pm</pubDate></item><item><title>विद्यार्थियों का कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता - राज्यपाल डेका</title><link>https://just36news.com/cg/more-efforts-needed-to-integrate-visually-impaired-students-into-mainstream-education</link><description>00 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में नैक ग्रेडिंग, पीएचडी की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों और सामाजिक दायित्वों की समीक्षा
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विद्यार्थियों का कल्याण विश्वविद्यालयों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विश्वविद्यालय शिक्षा के पवित्र मंदिर हैं, इसलिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल रमेन डेका ने आज निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों में शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नैक में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात संतुलित होना चाहिए तथा विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। प्रत्येक विश्वविद्यालय में कम से कम 1000 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने को कहा।
विश्वविद्यालय द्वारा शोधार्थियों को प्रोत्साहित करना चाहिए
डेका ने कहा कि पीएच.डी. उपाधि प्रदान करने की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होनी चाहिए। पीएच.डी. के लिए होने वाले पंजीयनों की विशेषज्ञों के माध्यम से रैंडम चेकिंग कराई जाएगी, ताकि शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को केवल उपाधि प्रदान करने तक सीमित न रहकर ऐसे शोध को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिसका समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान हो।
रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दें
राज्यपाल ने कहा कि कोई भी नया पाठ्यक्रम प्रारंभ करने से पहले विश्वविद्यालय संबंधित क्षेत्र में सर्वेक्षण कर आवश्यकता और विद्यार्थियों की रुचि का आकलन करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं है, उन्हें बंद करने पर विचार किया जाए। अनावश्यक रूप से पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं वाले विषयों को प्राथमिकता दी जाए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल
डेका ने एनवायरनमेंटल साइंस और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप इंटीग्रेटेड कोर्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
विश्वविद्यालय गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका हो
डेका ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नियमित कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों को प्रभावी ढंग से निभाना चाहिए। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ब्रेस्ट कैंसर सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भी विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाएं।
स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान महत्वपूर्ण
राज्यपाल ने विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग और ध्यान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक विद्यार्थी तक योग पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थियों को योग के लिए इस प्रकार प्रेरित किया जाए कि यह उनकी दैनिक जीवनशैली और आदत का हिस्सा बन जाए।
छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा दें
डेका ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े विषयों पर शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें
राज्यपाल ने कहा कि फार्मेसी सीधे मानव स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए जिन विश्वविद्यालयों में फार्मेसी पाठ्यक्रम संचालित हैं, वहां विद्यार्थियों के बेहतर व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ टाई-अप किया जाए। उन्होंने फार्मेसी पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें
डेका ने विश्वविद्यालयों से नशा मुक्ति अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय करें
राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता, शोध, रोजगारपरक शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उच्च शिक्षा सचिव अविनाश चंपावत, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी. के. गोयल सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।</description><guid>more-efforts-needed-to-integrate-visually-impaired-students-into-mainstream-education</guid><pubDate>03-Sep-2026 5:41:26 pm</pubDate></item><item><title>दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए और अधिक प्रयास जरूरी - राज्यपाल</title><link>https://just36news.com/cg/more-efforts-needed-to-integrate-visually-impaired-students-into-mainstream-</link><description>00 वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज
00 राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए छत्तीसगढ़ में अभी और बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। तकनीक के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ का प्रयास सराहनीय और अनुकरणीय है।
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम को उल्लेखनीय योगदान के लिए किया सम्मानित
राज्यपाल डेका से आज लोक भवन में वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। टीम की उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने पर उन्होंने सभी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
शारदा ने 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी
वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11 हजार से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका सुश्री के. शारदा के नेतृत्व में हुई। सुश्री शारदा स्वयं अब तक 1,800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर चुकी हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक- शिक्षिकाएं अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस कार्य में योगदान दे रहे हैं।
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने समान अवसर
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ऑडियो के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को और व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल को 8 लाख से अधिक बार देखा गया
वर्ल्ड ऑडियो बुक चैनल पर 107 से अधिक प्लेलिस्ट उपलब्ध हैं और इसे अब तक 8 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम आधारित एवं उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा सहित वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम के सभी सदस्य उपस्थित थे।</description><guid>more-efforts-needed-to-integrate-visually-impaired-students-into-mainstream-</guid><pubDate>03-Sep-2026 5:25:12 pm</pubDate></item><item><title>CG : सितंबर में इन 7 दिनों तक मांस-मटन की बिक्री पर लगी रोक, होटल-रेस्टोरेंट भी रडार पर, जानिए वजह..</title><link>https://just36news.com/cg/cg:-sale-of-meat-and-mutton-banned-for-7-days-in-september,-hotels-</link><description>रायपुर। धार्मिक पर्वों और त्योहारों को देखते हुए रायपुर नगर निगम क्षेत्र में सितंबर महीने के 7 दिनों तक मांस-मटन की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने शासन के निर्देश के तहत इन निर्धारित तिथियों पर पशुवध गृह और मांस-मटन की सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
प्रतिबंध की अवधि में मांस-मटन की बिक्री या पशुवध करते पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नगर निगम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम की टीम होटल, रेस्टोरेंट और मांस-मटन की दुकानों में भी निगरानी रखेगी, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके। नगर निगम ने दुकानदारों और व्यवसायियों से निर्धारित तिथियों पर दुकानें बंद रखने और शासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
7 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की बिक्री
नगर निगम के अनुसार, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री पर रोक रहेगी। इसके बाद 7 सितंबर को पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 15 सितंबर को पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस, 22 सितंबर को डोल ग्यारस, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तथा 26 सितंबर को संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा के अवसर पर भी मांस-मटन की दुकानें और पशुवध गृह बंद रखे जाएंगे।
होटल-रेस्टोरेंट पर भी रहेगी नजर
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध केवल मांस-मटन की दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। होटल और रेस्टोरेंट में भी मांस-मटन की बिक्री या परोसे जाने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम का स्वास्थ्य विभाग इन प्रतिष्ठानों पर भी नजर रखेगा। प्रतिबंधित दिनों में मांस-मटन बेचते पाए जाने पर संबंधित सामग्री की तत्काल जब्ती की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार निगरानी करेंगे निगम के अधिकारी
प्रतिबंध का प्रभावी ढंग से पालन कराने के लिए नगर निगम ने अपने मैदानी अमले को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में मांस-मटन की दुकानों के साथ होटल-रेस्टोरेंट की निगरानी करेंगे। प्रतिबंधित दिनों में दुकानें खुली मिलने या मांस-मटन की बिक्री किए जाने की स्थिति में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला
नगर निगम की ओर से यह प्रतिबंध धार्मिक पर्वों के मद्देनजर लगाया गया है। सितंबर में अलग-अलग तिथियों पर कई प्रमुख धार्मिक पर्व और जैन समाज के महत्वपूर्ण आयोजन होने हैं। इन्हीं अवसरों को ध्यान में रखते हुए शासन के निर्देश के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में पशुवध और मांस-मटन की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
ऐसे में सितंबर महीने में इन 7 निर्धारित दिनों पर मांस-मटन की दुकानें बंद रहेंगी। निगम ने संबंधित दुकानदारों और व्यवसायियों से आदेश का पालन करने की अपील की है, वहीं अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन होने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।</description><guid>cg:-sale-of-meat-and-mutton-banned-for-7-days-in-september,-hotels-</guid><pubDate>03-Sep-2026 5:19:12 pm</pubDate></item><item><title>किरण सिंह देव से मिले BJP अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली में जाना हाल; डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली</title><link>https://just36news.com/cg/bjp-president-nitin-nabin-met-with-kiran-singh-deo-in-delhi,-enquired-about-her</link><description>रायपुर। सड़क हादसे में घायल छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का दिल्ली के मेदांता अस्पताल में इलाज जारी है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम जाना और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य व इलाज की जानकारी ली।मुलाकात के बाद किरण सिंह देव ने सोशल मीडिया के जरिए नितिन नबीन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिल्ली में आत्मीय मुलाकात कर उनका हाल जाना और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नितिन नबीन के स्नेह और शुभेक्षाओं के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
29 जुलाई को हुआ था सड़क हादसा
किरण सिंह देव 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे का शिकार हुए थे। वह परिवार के साथ बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान झांसी-ललितपुर हाईवे पर सामने से आ रहे वाहन को बचाने की कोशिश में चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे कार का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रक से जा टकराई।
हादसे के समय उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ भी वाहन में मौजूद थे। परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में यात्रा कर रहे थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से किरण सिंह देव को झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
इसके बाद 30 जुलाई को उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की चर्चाओं से भी जोड़ी जा रही मुलाकात
नितिन नबीन और किरण सिंह देव की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे कुछ लोग छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की संभावनाओं से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के दौरान इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
</description><guid>bjp-president-nitin-nabin-met-with-kiran-singh-deo-in-delhi,-enquired-about-her</guid><pubDate>03-Sep-2026 2:33:17 pm</pubDate></item><item><title>Weather Alert : छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम,भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी</title><link>https://just36news.com/cg/weather-alert:-weather-deteriorates-again-in-chhattisgarh,-warning</link><description>रायपुर  छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद समेत कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। रायपुर के लिए भी मौसम विभाग ने 3 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।</description><guid>weather-alert:-weather-deteriorates-again-in-chhattisgarh,-warning</guid><pubDate>03-Sep-2026 1:50:09 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामले पर स्वास्थ्य मंत्री बोले-पैनिक नहीं,सतर्क रहें</title><link>https://just36news.com/cg/on-the-increasing-cases-of-swine-flu-in-chhattisgarh</link><description>रायपुर -छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू और कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बयानसमें आया हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 152 मरीज सामने आए हैं, जिनमें से 114 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, जबकि 38 मरीज एक्टिव हैं। वहीं, प्रदेश में कोरोना के भी दो मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए पहले लगाई गई वैक्सीन की डोज के चलते लोगों के शरीर में पर्याप्त इम्यूनिटी मौजूद है।
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक,मरीजों की जांच और इलाज के लिए जिला अस्पताल और मेकाहारा में जांच की पूरी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू या कोरोना से जुड़े किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर लापरवाही न बरतें। लक्षण दिखाई देते ही तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इलाज करवाएं।</description><guid>on-the-increasing-cases-of-swine-flu-in-chhattisgarh</guid><pubDate>03-Sep-2026 1:40:26 pm</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ : 3 पदाधिकारियों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा, जानिए कौन-कौन हैं शामिल</title><link>https://just36news.com/cg/chhattisgarh:-3-officials-got-the-status-of-minister-of-state,-know-who-are-included</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के विभिन्न निगम, मंडल और आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में शासन ने 2 सितंबर को आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। अजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा मिला है। वहीं शरद अवस्थी को इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

नियमानुसार मिलेंगी सुविधाएं
शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य मंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) के लिए प्रदान किया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का उत्तरदायित्व संबंधित प्रशासनिक विभाग/आयोग का होगा।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यह सूची किसी प्रकार की वरिष्ठता या प्रोटोकॉल की स्थिति नहीं दर्शाती है। राज्य मंत्री का दर्जा आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावशील होगा।</description><guid>chhattisgarh:-3-officials-got-the-status-of-minister-of-state,-know-who-are-included</guid><pubDate>03-Sep-2026 1:12:45 pm</pubDate></item><item><title>माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव</title><link>https://just36news.com/cg/from-mining-to-high-value-manufacturing,-chhattisgarh-is-betting-big</link><description>रायपुर- छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।
*करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*
औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है।
नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।
*स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर*
स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी के उत्पादन पर जोर दे रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीचग्रीन स्टीलराज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताओंने इस क्षेत्र की संभावनाओं को मजबूत किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है।
*फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नई संभावनाएं*
फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावआए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर देती है।
*संसाधन से उत्पाद तक*
बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी औद्योगिक विकास की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।
निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है।
छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब लक्ष्य इन संसाधनों से आगे बढ़करउच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माणकरना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक नए क्षेत्रों में बढ़ता निवेश संकेत दे रहा है कि राज्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।</description><guid>from-mining-to-high-value-manufacturing,-chhattisgarh-is-betting-big</guid><pubDate>03-Sep-2026 12:08:18 pm</pubDate></item><item><title>एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह , छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खतरे को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के बल पर समाप्त किया गया  उपराष्ट्रपति  राधाकृष्णन</title><link>https://just36news.com/cg/3rd-convocation-of-aiims-raipur,-the-threat-of-naxalism-in-chhattisgarh-was-eliminated-due-to-strong-political-wil</link><description>छत्तीसगढ़ अतीत के अंधकार से निकलकर विकास और प्रगति के नए युग की ओर अग्रसर  उपराष्ट्रपति

ज्ञान के साथ करूणा और नैतिक मूल्य को अपनाएं युवा चिकित्स- राज्यपाल रमेन डेका
एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में भी 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री मिली
रायपुर। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होकर कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का क्षण नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को जो डिग्रियां मिल रही हैं और कल इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी- भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन। एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री प्रदाय की गई। उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
*एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है*
उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2012 में स्थापना के बाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बेहद कम समय में यह संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से चली आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं खड़ी की। कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय और हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के विकास को बाधित कर दिया, जिससे समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में दूरी और अभाव का सामना करना पड़ता था।
*छत्तीसगढ़ समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर*
उपराष्ट्रपति ने अपने उदबोधन में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपने अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया। दशकों से चले आ रहे नक्सली खतरे का अंत हो गया है और जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा के लिए जाना जाता था, उन्हें अब सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, रोड़ कनेक्टिविटी, निवेश और अवसरों के लिए जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा, यह परिवर्तन इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन में कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता हैं।
*उन्नत चिकित्सा तेजी से सुलभ हो रही है*
उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ के बेहतरीन प्रतीकों में से एक बताया, जो भय और अभाव के युग से शांति, प्रगति और संभावनाओं के युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उन्नत स्वास्थ्य सेवा और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और कान प्रत्यारोपण को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उल्लेख किया, जो यह दर्शाती हैं कि इस क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा कितनी तेजी से सुलभ हो रही है। उन्होंने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
*उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि*
विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को प्राप्त करने के लिए संतुलित विकास के महत्व पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह दृष्टिकोण तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक राज्य, जिला और गांव का विकास हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा तक पहुंच विकसित भारत की परिकल्पना का मूल आधार है। उन्होंने पिछले बारह वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 में महिला नामांकन जहां 1.57 करोड़ था, 2023-24 में यह बढ़कर अब 2.24 करोड़ हो गया, जो 42.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
*छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा*
स्नातकों को संबोधित करते हुए, उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने युवा स्नातकों से हमेशा दृढ़ता से नशीली दवाओं को न कहने और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया, जहां प्रौद्योगिकी सभी नागरिकों तक पहुंचे और प्रत्येक युवा भारतीय एक बेहतर भविष्य की आकांक्षा कर सके। उन्होंने कहा आपका ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, आपका शोध नवाचार लाए और आपकी सेवा प्रेरणा दे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर को नैदानिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक नवाचार, जन स्वास्थ्य और करुणापूर्ण सेवा में निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, करुणा और गहरी जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और एक चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सफल एवं संतोषप्रद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
*एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय*
राज्यपाल ने कहा कि नव-स्नातक चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, नवाचार को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा अनुसंधान में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, विशिष्ट चिकित्सकीय सेवाओं और अनुसंधान पहलों के माध्यम से संस्थान क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह संस्थान के प्राध्यापकों, चिकित्सा विशेषज्ञों तथा पूरी टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान आधारित सोच को अपनाने तथा समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का आग्रह किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और आयुष्मान भारत, PM-JAY ABHA और e-Sanjeevani जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्मृातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।
*विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत*
दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण रहा। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 16 पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह अवसर विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे एम्स रायपुर परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा।
समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित और एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में नसे को ना कहें की शपथ भी दिलाई गई।
</description><guid>3rd-convocation-of-aiims-raipur,-the-threat-of-naxalism-in-chhattisgarh-was-eliminated-due-to-strong-political-wil</guid><pubDate>03-Sep-2026 11:58:42 am</pubDate></item><item><title>बिजली बिल में फिर बढ़ेगा बोझ, सितंबर में 13% एफपीपीएएस की वसूली, 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका</title><link>https://just36news.com/cg/electricity-bill-burden-to-rise-again,-1-fppa-recovery-in-septembe</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद कम है। सितंबर में जारी होने वाले अगस्त के बिजली बिल में 13 फीसदी एफपीपीएएस (फ्यूल पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज) लगने की जानकारी सामने आई है। इसमें पिछले महीने का शेष 8 फीसदी शुल्क और अगस्त के लिए निर्धारित 5 फीसदी नया शुल्क शामिल है।
अगस्त के लिए एफपीपीएएस शुल्क 16 फीसदी तय किया गया था, लेकिन जुलाई में बिजली टैरिफ बढ़ने के कारण फिलहाल केवल 10 फीसदी की वसूली की गई। शेष 8 फीसदी राशि को आगे के बिल में लेने का निर्णय लिया गया था। अब यह राशि अगस्त के नए 5 फीसदी शुल्क के साथ सितंबर के बिजली बिल में जुड़ सकती है।
एफपीपीएएस शुल्क हर महीने बिजली खरीद की लागत के आधार पर तय होता है। इसी वजह से उपभोक्ताओं के बिल में इसका असर भी लगातार बदल रहा है। इस साल जनवरी में दिसंबर के बिल में 13.64 फीसदी एफपीपीएएस लगाया गया था। इसमें 5.43 फीसदी पिछला शुल्क और दिसंबर का 8.21 फीसदी नया शुल्क शामिल था।
फरवरी में जनवरी के बिल पर भी उपभोक्ताओं से पुराने 8.21 फीसदी शुल्क के साथ जनवरी का नया 4.14 फीसदी शुल्क लिया गया। इस तरह लगातार दोहरे शुल्क का असर बिजली बिल पर दिखाई दिया।
मार्च में फरवरी के बिजली बिल पर एफपीपीएएस शुल्क 5.91 फीसदी रहा। इसके बाद अप्रैल में मार्च के बिल पर यह घटकर 4.24 फीसदी हो गया। मई में अप्रैल के बिल में 3.98 फीसदी शुल्क लगाया गया।
हालांकि, इसके बाद एफपीपीएएस में फिर बढ़ोतरी हुई। जून में मई के बिल पर करीब 9.13 फीसदी, जबकि जुलाई में जून के बिल पर 11.33 फीसदी शुल्क वसूला गया।
अगस्त में जारी जुलाई के बिजली बिल में 10 फीसदी एफपीपीएएस लगाया गया। बताया गया कि उस समय शुल्क 18 फीसदी निर्धारित था, लेकिन जुलाई में बिजली टैरिफ बढ़ाए जाने के कारण पूरी राशि की जगह केवल 10 फीसदी की वसूली की गई। बाकी 8 फीसदी राशि को अगले बिलों में समायोजित किया जाना था।
अब अगस्त के लिए निर्धारित 5 फीसदी नए शुल्क के साथ यह 8 फीसदी बकाया राशि भी सितंबर के बिल में जोड़े जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं पर कुल 13 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क का भार पड़ सकता है।
पावर कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में एफपीपीएएस बढ़ने की बड़ी वजह गर्मी के दौरान प्रदेश में बिजली की बढ़ी मांग और बाहर से अधिक बिजली खरीदना है। मांग बढ़ने पर अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ी, जिसकी पूर्ति बाहरी स्रोतों से की गई।
इसके अलावा कोरबा स्थित 210-210 मेगावाट क्षमता वाले दो बिजली संयंत्र करीब दो महीने तक बंद रहे। इनमें से एक 210 मेगावाट क्षमता का संयंत्र अभी भी बंद बताया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश की बिजली जरूरत पूरी करने के लिए बाहर से बिजली खरीदने का दबाव बढ़ा है। अतिरिक्त बिजली खरीद की लागत का असर अब एफपीपीएएस के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ रहा है।</description><guid>electricity-bill-burden-to-rise-again,-1-fppa-recovery-in-septembe</guid><pubDate>03-Sep-2026 11:35:31 am</pubDate></item><item><title>छत्तीसगढ़ SI मुख्य परीक्षा-2024 का शेड्यूल जारी, 2 से 4 नवंबर तक होगी परीक्षा; पांच संभागीय मुख्यालयों में केंद्र</title><link>https://just36news.com/cg/chhattisgarh-si-main-exam-2024-schedule-released,-exam-to-be-held-from-</link><description>रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने मुख्य परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को प्रदेश के पांच संभागीय मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।
मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 सितंबर 2026 की रात 11.59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर उम्मीदवारों को 20 और 21 सितंबर को संशोधन का अवसर दिया जाएगा।
सीजी पीएससी ने मुख्य परीक्षा के लिए प्रदेश में पांच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। अभ्यर्थी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर (बस्तर) और अंबिकापुर (सरगुजा) में परीक्षा देंगे। इस व्यवस्था से अलग-अलग क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को अपने संबंधित संभागीय मुख्यालय के स्तर पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी।
सीजी पीएससी ने छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए परीक्षा शुल्क को लेकर भी राहत दी है। परीक्षा या साक्षात्कार में शामिल होने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। शुल्क की राशि सीधे अभ्यर्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
आवेदन के दौरान छत्तीसगढ़ के आरक्षित वर्ग यानी एससी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये, जबकि अन्य सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 400 रुपये परीक्षा शुल्क निर्धारित किया गया है।
मुख्य परीक्षा में कुल पांच पेपर होंगे। परीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार
2 नवंबर:

    सुबह की पाली  भाषा (हिंदी एवं अंग्रेजी)
    दोपहर की पाली  सामान्य ज्ञान

3 नवंबर:

    सुबह की पाली  एप्टीट्यूड टेस्ट

4 नवंबर:

    सुबह की पाली  विज्ञान (भौतिकी, रसायन एवं गणित)
    दोपहर की पाली  कंप्यूटर साइंस

इस प्रकार अभ्यर्थियों को तीन दिनों में पांच अलग-अलग विषयों की परीक्षा देनी होगी।
अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले सीजी पीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। आयोग की ओर से एडमिट कार्ड को लेकर अभ्यर्थियों को डाक या एसएमएस के माध्यम से अलग से सूचना नहीं भेजी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखें और समय पर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को लाइव फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। फोटो का बैकग्राउंड हल्के रंग का होना चाहिए। आयोग ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान फोटो से संबंधित दिए गए निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो।

    परीक्षा: सूबेदार, SI संवर्ग और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024
    परीक्षा तिथि: 2, 3 और 4 नवंबर 2026
    परीक्षा केंद्र: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर
    कुल पेपर: 5
    आवेदन की अंतिम तिथि: 19 सितंबर 2026, रात 11.59 बजे तक
    आवेदन सुधार: 20 और 21 सितंबर
    परीक्षा शुल्क: आरक्षित वर्ग 300 रुपये, अन्य वर्ग 400 रुपये
    फीस वापसी: परीक्षा/साक्षात्कार में शामिल होने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों को
    एडमिट कार्ड: परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले
    लाइव फोटो: ऑनलाइन आवेदन में अनिवार्य
</description><guid>chhattisgarh-si-main-exam-2024-schedule-released,-exam-to-be-held-from-</guid><pubDate>03-Sep-2026 11:14:38 am</pubDate></item><item><title>जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, शराब की दुकानें और बार रहेंगे बंद, आदेश जारी</title><link>https://just36news.com/cg/dry-day-in-chhattisgarh-on-janmashtami;-liquor-shops-and-bars-to-remain-closed;-order-issued</link><description>रायपुर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।
शासन के आदेश के मुताबिक शुष्क दिवस के दौरान प्रदेश की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा रेस्टोरेंट बार, होटल बार, क्लब, अहाता और शराब बेचने या परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। इस दौरान भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी संचालित नहीं होंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, स्टार होटल या अन्य प्रतिष्ठान अथवा व्यक्ति को शराब बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैरमालिकाना क्लबों और अन्य संबंधित संस्थानों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा।
शुष्क दिवस की अवधि में शराब के व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंसी परिसरों में मदिरा रखने पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर शराब जब्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अवैध शराब के परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला कार्यालयों के अलावा संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को भी सक्रिय किया गया है। जांच दल संभावित अवैध शराब भंडारण स्थलों और संदिग्ध वाहनों की जांच करेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</description><guid>dry-day-in-chhattisgarh-on-janmashtami;-liquor-shops-and-bars-to-remain-closed;-order-issued</guid><pubDate>03-Sep-2026 11:08:01 am</pubDate></item></channel></rss>