महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ली शपथ

महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने ली शपथ

रायपुर। शहर के मध्य में स्थित महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय आज दीक्षा आरंभ कार्यक्रम में शिरकत करते हुए शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एलएस निगम ने कहा की महाविद्यालय व्यक्तित्व विकास की पाठशाला होते हैं इसलिए यहां इस कार्यक्रम में मौजूद तमाम विषयों में पंजीकृत विद्यार्थी व्यक्तित्व विकास करने के लिए आए हैं स्नातक होने के साथ उन गुणों का विकास करेंगे जिसमें एक सफल नागरिक बन सकें और रोजगार प्राप्त हो सके इस कार्य में महाविद्यालय की बड़ी भूमिका होगी यहां के शिक्षक शिक्षिकाएं योग्यता के साथ विद्यार्थियों को प्रशिक्षित और शिक्षित करेंगे उनका कहना था कि स्कूल की पढ़ाई में अनुशासित जीवन और नैतिक शिक्षा का विकास होता है महाविद्यालय में भी निरंतर आगे बढ़ाने की प्रक्रिया की जाती है इस महाविद्यालय से काफी पुराना नाता रहा है और एक छोटे से पौधे से लेकर एक विशाल पढ़ाई के अध्ययन शाला के रूप में विकसित होते देख रहा हूं जो प्रसन्नता का विषय है कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से बचने वाली तालिया पर अतिथि एलएस निगम निगम ने कहा की यह तालियां प्रेरित करती हैं कि आप सभी एक उत्साहवर्धक माहौल में शिक्षण प्राप्त करने के लिए मौजूद हैं कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी वीरांगना देवी अहिल्याबाई होलकर के संस्मरण को पेश करते हुए मौजूद विद्यार्थियों को मोटिवेशन दिया और कहा कि आप स्नातक होने के लिए कॉलेज में आ चुके हैं यहां पर एक निश्चित और अनुशासित जीवन के दौरान आप ग्रेजुएट होंगे इस दौरान आपको उन सभी विषयों से जोड़ा जाएगा जो आपके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण होंगे प्राचार्य ने महाविद्यालय कैंपस के सामने गांधी मैदान और स्थापित महंत लक्ष्मी नारायण की महान विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा यह वह लोग थे जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में हिस्सा लिया और देश को आजादी दिलाई या महाविद्यालय ऐसी पुण्य भूमि पर स्थापित है जहां महान विभूतियों का आगमन होता रहा है और उनके नाम से प्रचारित किया जा रहा है दीक्षारंभ कार्यक्रम के संदर्भ में महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि आज से विधिवत शिक्षण प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है इस महाविद्यालय के हर प्रोफ़ेसर को दायित्व के साथ भूमिका का एहसास है मैं समझता हूं कि वह उन दायित्वों को पूरी गंभीरता और इमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे वही कार्यक्रम में सीनियर छात्रा दीक्षा ने भी अपने अनुभव रखें और बताया कि महाविद्यालय में किस तरह से शिक्षित प्रशिक्षित किया जाता है इस पूरे कार्यक्रम में 1000 से अधिक विद्यार्थियों की मौजूदगी रही जिन्होंने उमस और बेचैनी के बीच भी मोटिवेशनल स्पीकर्स को सुना और अपने जीवन में उनकी बातों को आत्मसात करने की शपथ ली।