CORONA IN INDIA : एक बार फिर भारत में कोरोना की एंट्री, ये दो नए वेरिएंट पसारने लगे पैर    |    छत्तीसगढ़ पर फिर पड़ा Corona का साया,एक ही दिन में इस जिले में मिले इतने कोरोना मरीज,जानिए किस जिले में कितने एक्टिव केस ?    |    CG CORONA UPDATE : छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामलों में बढ़त जारी...जानें 24 घंटे में सामने आए कितने नए केस    |    छत्तीसगढ़ में आज कोरोना के 10 नए मरीज मिले, कहां कितने केस मिले, देखें सूची…    |    प्रदेश में थमी कोरोना की रफ्तार, आज इतने नए मामलों की पुष्टिं, प्रदेश में अब 91 एक्टिव केस    |    CG CORONA UPDATE : छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामलों में बढ़त जारी...जानें 24 घंटे में सामने आए कितने नए केस    |    BREAKING : प्रदेश में आज 15 नए कोरोना मरीजों पुष्टि, देखें जिलेवार आकड़े    |    प्रदेश में कोरोना का कहर जारी...कल फिर मिले इतने से ज्यादा मरीज, एक्टिव मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 100 के पार    |    छत्तीसगढ़ में मिले कोरोना के 14 नए मरीज...इस जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित,कुल 111 एक्टिव केस    |    सावधान : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ रहा कोरोना...जानें 24 घंटे में सामने आए कितने नए केस    |
1 अरब से ज्यादा लोग मोटापे के शिकार, संभल जाइए, वरना...

1 अरब से ज्यादा लोग मोटापे के शिकार, संभल जाइए, वरना...

ज्यादा वजन और मोटापा आजकल सबसे बड़ी समस्या बनती जा रही है. इसकी वजह से कई तरह की क्रोनिक बीमारियां भी हो रही हैं. यही कारण है कि ये समस्या चिंताजनक बनती जा रही है. सामान्य से ज्यादा वजन होने पर डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. हाल ही में आए अध्ययन में इसे लेकर गंभीर चिंता जताई गई है. इसमें कहा गया है कि जिस तरह से दुनिया में मोटापा बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में कई गंभीर समस्याएं (Obesity Risk Factors) बढ़ सकती हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों अलर्ट कर रहा यह रिपोर्ट...

क्या कहती है रिपोर्ट

द लैंसेट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में मोटापे को लेकर चिंता जाहिर की गई है. इसके अनुसार, दुनियाभर में मोटापे के शिकार बच्चों, किशोरों और वयस्कों की संख्या 1 अरब से भी ज्यादा हो गई है. शोधकर्ताओं ने बताया है कि साल 1990 के बाद से मोटापे की समस्या बढ़ी है. हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. ज्यादा वजन वालों में कई समस्याएं हो सकती हैं.

डराने वाले हैं आंकड़े

WHO ने सहयोगियों के साथ मिलकर एक ग्लोबल डेटा तैयार किया है. जिसमें अनुमान जताया गया है कि 1990 की तुलना में 2022 में मतलब तीन दशक में बच्चों और किशोरों में मोटापा चार गुना तक बढ़ा है. महिलाएं में दोगुना और पुरुषों में यह समस्या तीन गुना से ज्यादा हो गई है. आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 15.9 करोड़ बच्चे और किशोर, जबकि 87.9 करोड़ वयस्क मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं.

मोटापा क्यों खतरनाक
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, दुनिया में इन दिनों जिन बीमारियों की वजह से मौत का खतरा या गंभीर समस्याएं हो रही हैं, उनका कारण ज्यादा वजन यानी मोटापा ही माना जाता है. बच्चों में मोटापा होना बेहद ही गंभीर समस्या बन सकती है. इसका सीधा असर उनकी लाइफ पर पड़ता है, जो पूरी तरह प्रभावित हो सकती है. इसकी वजह से हार्ट अटैक और हार्ट से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं. अगर इसे समय पर रहते कंट्रोल न किया जाए तो ये कई बड़ी बीमारियों को जन्म दे सकता है. इसलिए इन आंकड़ों को हेल्थ अलर्ट मानना चाहिए.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें. 

खाली पेट इन फलों को खाना होता है फायदेमंद, शरीर को मिलते हैं भरपूर पोषण

खाली पेट इन फलों को खाना होता है फायदेमंद, शरीर को मिलते हैं भरपूर पोषण

 फल हमारे शरीर को कई तरह के विटामिन्स देते हैं, कुछ फल ऐसे हैं जिसे अगर सुबह खाली पेट खाने से शरीर को अधिक फायदा होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खाली पेट अधिक पोषक तत्वों को अवशोषित करता है और उस समय आपका पाचन तंत्र अन्य खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहा होता है।

यहां हम आपको ऐसे सात फलों के बारे में बता रहे हैं जिनका खाली पेट सेवन आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचा सकता है।

पपीता

पपीता पपेन और काइमोपैपेन जैसे एंजाइमों से भरपूर होता है। ये एंजाइम पाचन में सुधार और कब्ज को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं। जब इसे खाली पेट खाया जाता है, तो शरीर पपीते से विटामिन ए, सी और ई को बेहतर ढंग से अवशोषित कर पाता है, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट हैं जो प्रतिरक्षा को मजबूत करते हैं और स्वस्थ त्वचा बनाए रखते हैं।

तरबूज

अगर आप सुबह सबसे पहले तरबूज खाते हैं तो यह लंबी रात के बाद आपके शरीर को हाइड्रेट करने के लिए बेहतरीन हो सकता है क्योंकि इसमें 92% पानी होता है। इसके अलावा तरबूज लाइकोपीन से भरपूर होता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है।

ब्लूबेरीज

सुबह-सुबह अगर कुछ मीठा खाने का मन करे तो ब्लूबेरी खाएं। इसमें एंटीऑक्सिडेंट होता है। इसे खाली पेट खाने पर दिमागी ताकत मिलती है और शुगर भी कंट्रोल में रहती है।

केले

सुबह सबसे पहले केला खाने से शरीर में ऊर्जा भर जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शर्करा अधिक होती है। इसमें पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में होता है जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखता है।

अनानास

अनानास खाली पेट खाने के लिए एक बेहतरीन फल है। फल विटामिन सी और मैंगनीज से भरपूर होता है और जैसे ही ये पोषक तत्व शरीर में अच्छी तरह से अवशोषित हो जाता है, वो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने लगता है और हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। यह फल सूजन को भी कम करता है।

सेब

प्रतिदिन एक सेब डॉक्टर को दूर रखता है, यह कहावत सच है, खासकर जब इसे खाली पेट खाया जाए तो और भी अच्छा है। सेब में पेक्टिन उच्च मात्रा में होता है। यह एक प्रकार का फाइबर है जो पाचन में सहायता करता है और भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है। इनमें क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं।

कीवी

कीवी भले ही छोटा सा फल है लेकिन इसे खाली पेट खाने से बड़े फायदे होते हैं। यह फल आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। इसमें एक्टिनिडिन नामक एंजाइम भी होता है जो पाचन को सुचारू बनाने में सहायता करता है।

इस बार महंगी नहीं होगी प्‍याज! सरकार ने रेट पर लगाम लगाने के ल‍िए क‍िया यह इंतजाम

इस बार महंगी नहीं होगी प्‍याज! सरकार ने रेट पर लगाम लगाने के ल‍िए क‍िया यह इंतजाम

 Onion Buffer Stock: प‍िछले साल प्‍याज की कीमत के र‍िकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद सरकार की तरफ से इसके न‍िर्यात पर पाबंदी लगाई गई थी.इस साल प्‍याज की कीमतों को ध्‍यान में रखकर सरकार 1,00,000 टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए प्याज के रेड‍िएशन प्रोसेस‍िंग में तेजी लाने का प्‍लान कर रही है.

सरकार की तरफ से यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि प्याज की कमी और उसके दाम में क‍िसी भी प्रकार के उछाल को रोका जा सके. सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत, दुनिया का सबसे बड़ा प्याज निर्यातक देश है

महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम पैदावार के चलते उत्पादन में 16 प्रतिशत की गिरावट देखी जा सकी है.

इसी कमी को पूरा करने के लिए सरकार रेड‍िएशन प्रोसेस‍िंग पर फोकस कर रही है. प्याज का उत्पादन दो करोड़ 54.7 लाख टन रहने की उम्मीद है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव निधि खरे ने कहा कि जमाखोरी को कम करने और अक्सर सप्‍लाई में व्यवधान से उत्‍पन्‍न होने वाली कीमत में अस्थिरता को रोकने के लिए सरकार प्याज की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर रेड‍िएशन टेक्‍न‍िक पर का उपयोग करने की योजना बना रही है.Onion Buffer Stock

बफर स्टॉक के लिए 5,00,000 टन प्याज खरीदने का प्‍लान

खरे ने बताया, ‘हम उपभोग क्षेत्रों के आसपास 50 विकिरण केंद्रों की पहचान कर रहे हैं. अगर हम कामयाब‍ होते हैं तो इस साल एक लाख टन तक रेड‍िएशन प्रोसेस्‍ड प्याज का स्‍टॉक कर पाएंगे.’

मंत्रालय ने सरकारी एजेंसियों नैफेड और एनसीसीएफ से, जो इस साल बफर स्टॉक बनाने के लिए 5,00,000 टन प्याज खरीद रहे हैं. सोनीपत, ठाणे, नासिक और मुंबई जैसे प्रमुख खपत केंद्रों के आसपास रेड‍िएशन सुविधाओं के बारे में जानकारी करने के ल‍िए कहा है. पिछले साल महाराष्ट्र के उत्पादक क्षेत्र के पास 1,200 टन के छोटे पैमाने पर रेड‍िएशन प्रोसेस‍िंग की कोशिश की गई थी. Onion Buffer Stock

खरे ने कहा कि बफर स्टॉक के तेजी से परिवहन की सुविधा के लिए मंत्रालय प्रमुख रेल केंद्रों पर नियंत्रित वातावरण भंडारण सुविधाएं फ‍िक्‍स करने के बारे में भी सोच रहा है.

उन्‍होंने यह भी बताया क‍ि बफर स्टॉक को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए मंत्रालय प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष भंडारण गृह (कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज) तैयार करने पर भी विचार कर रहा है.

हम सब मिलकर बदलेंगे छत्तीसगढ़ की तकदीर और तस्वीर : विष्णुदेव साय

हम सब मिलकर बदलेंगे छत्तीसगढ़ की तकदीर और तस्वीर : विष्णुदेव साय

 रत्नगर्भा छत्तीसगढ़ महतारी की पहचान नक्सली राज्य के रूप में होना मन को टीस देने वाला

विपक्ष द्वारा नक्सल उन्मूलन की राह में रोड़ा बनना दुर्भाग्यजनक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सली राज्य के रूप में होना मन को बेहद टीस देने वाला है। इस छवि को बदलना होगा। इसमें सरकार के अलावा राजनैतिक दल, मीडिया जगत और पूरे समाज यहां तक कि हर आम नागरिक को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की तस्वीर और तकदीर दोनों बेहतर करने की दिशा में काम कर रही है। "हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे" के सूत्र वाक्य को धारण कर मोदी जी की गारंटी पर काम करते हुए हम प्रदेश को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने तैयार हैं।

एक साक्षात्कार में यह कहते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मां कौशल्या की यह पावन धरती रत्नगर्भा है। यह धान का कटोरा कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, बॉक्साइट, चूना पत्थर और टिन के भंडार से भरा है। देश के खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ महतारी का योगदान 21.09 प्रतिशत, लौह अयस्क में 17.61 प्रतिशत, चूना पत्थर में 11.70 प्रतिशत, बॉक्साइट में 3.57% जबकि टिन अयस्क में शत-प्रतिशत है। यहां उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है। 2030 तक हम 300 मिलियन मतलब लगभग 30 करोड़ टन प्रतिवर्ष स्टील उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। कुछ वर्षों में हम देश के दूसरे सबसे बड़े स्टील उत्पादक राज्य होंगे। इसके बावजूद देश-विदेश में छत्तीसगढ़ को केवल नक्सली प्रभावित राज्य के रूप में पहचान मिलना ठीक नहीं है। यह पहचान हमें बदलना है।

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के छोटे हिस्से में सिमटी नक्सल समस्या से हमारी डबल इंजन की सरकार मजबूती से लड़ रही है और हम इस के विरुद्ध लड़ाई में कामयाब होंगे। आने वाले 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करना हमारा लक्ष्य है, जो अवश्य पूरा होगा।

साय ने कहा कि यह दुर्भाग्यजनक है कि विपक्ष नक्सल उन्मूलन की राह में रोड़ा बनकर खड़ा हो गया है। कई बार वही कहता है जो नक्सली चाहते हैं। मीडिया हेडलाइंस में आने के लिए विपक्ष कुछ भी बोलने को तैयार खड़ा है, चाहे उससे प्रदेश का कितना भी नुकसान क्यों ना हो। यह ठीक नहीं है।

साय ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का सुखद एहसास करा रही है। यह योजना बेहद सफल रही है। तेंदूपत्ता का 5500 रुपये मूल्य आदिवासी वनवासियों का जीवन सरल करेगा।

साय ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। खुद स्व. राजीव गांधी यह स्वीकार कर चुके थे कि उनकी सरकार से जनता के लिए भेजे गए एक रुपये में से पचासी पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। भूपेश बघेल की सरकार ने भी यही किया। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस सरकार को उनके इन्हीं कर्मों की वजह से जनता ने रसातल में डुबो दिया।

साय ने कहा कि जनता और कार्यकर्ता की बदौलत ही आज उन्हें इस जगह से जनता के हितों के लिए काम करने का मौका मिला है। उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रही है। मोदी की कुछ गारंटी पूरी हुई है और बाकी भी पूरी करेंगे। फिलहाल आचार संहिता लागू है। यह समाप्त होते ही सरकार का कामकाज गति पकड़ेगा। श्री साय ने कहा कि 2047 के छत्तीसगढ़ के लिए ठोस कार्य योजना पर काम चल रहा है। विकसित भारत में विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे अच्छी भागीदारी हो, यही उनकी सरकार का लक्ष्य है।

बांझपन के क्या हैं कारण ? महिला इस समस्या से कैसे पाए छुटकारा

बांझपन के क्या हैं कारण ? महिला इस समस्या से कैसे पाए छुटकारा

Causes Of Infertility: माता-पिता बनने की उम्मीद कर रहे जोड़ों के लिए, बच्चे को गर्भ धारण करने में कठिनाई निराशाजनक और अप्रत्याशित हो सकती है। कई जोड़े जो बांझपन से जूझते हैं, उन्हें बच्चे हो जाते हैं, कभी-कभी चिकित्सीय सहायता के बाद भी। एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम बांझपन के संभावित कारणों को समझना है

सामान्य तौर पर, बांझपन को असुरक्षित यौन संबंध के एक वर्ष (या उससे अधिक) के बाद गर्भवती (गर्भ धारण) करने में सक्षम नहीं होने के रूप में परिभाषित किया गया है। चूँकि उम्र के साथ महिलाओं में प्रजनन क्षमता में लगातार गिरावट देखी जाती है, इसलिए कुछ प्रदाता 6 महीने के असुरक्षित यौन संबंध के बाद 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं का मूल्यांकन और उपचार करते हैं।

हालाँकि बांझपन की इन परिभाषाओं का उपयोग डेटा संग्रह और निगरानी के लिए किया जाता है, लेकिन उनका उद्देश्य प्रजनन देखभाल सेवाओं के प्रावधान के बारे में सिफारिशों का मार्गदर्शन करना नहीं है। जो व्यक्ति और जोड़े बच्चे को गर्भ धारण करने में असमर्थ हैं, उन्हें एक प्रजनन एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के साथ अपॉइंटमेंट लेने पर विचार करना चाहिए – एक डॉक्टर जो बांझपन के प्रबंधन में माहिर है। प्रजनन संबंधी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट उन महिलाओं की भी मदद करने में सक्षम हो सकते हैं जिन्हें बार-बार गर्भावस्था का नुकसान होता है, जिसे दो या दो से अधिक सहज गर्भपात के रूप में परिभाषित किया गया है।

निदान और परीक्षणसबसे पहले, आपके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को आपका पूरा चिकित्सा और यौन इतिहास मिलेगा।

गर्भाशय वाले लोगों की प्रजनन क्षमता में स्वस्थ अंडों का अंडोत्सर्ग शामिल होता है। इसका मतलब है कि आपके मस्तिष्क को आपके अंडाशय से आपके फैलोपियन ट्यूब और आपके गर्भाशय के अस्तर तक जाने के लिए एक अंडा जारी करने के लिए आपके अंडाशय को हार्मोनल सिग्नल भेजना होगा। प्रजनन परीक्षण में इनमें से किसी भी प्रक्रिया में किसी समस्या का पता लगाना शामिल है।

ये परीक्षण समस्याओं का निदान करने या उन्हें दूर करने में भी मदद कर सकते हैं:

पेल्विक परीक्षा : आपका प्रदाता संरचनात्मक समस्याओं या बीमारी के लक्षणों की जांच के लिए एक पेल्विक परीक्षा करेगा।
रक्त परीक्षण: रक्त परीक्षण यह देखने के लिए हार्मोन के स्तर की जांच कर सकता है कि क्या हार्मोनल असंतुलन एक कारक है या यदि आप ओव्यूलेट कर रहे हैं।

ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड: आपका प्रदाता आपकी प्रजनन प्रणाली की समस्याओं का पता लगाने के लिए आपकी योनि में एक अल्ट्रासाउंड छड़ी डालता है।

हिस्टेरोस्कोपी : आपका प्रदाता आपके गर्भाशय की जांच करने के लिए आपकी योनि में एक पतली, रोशनी वाली ट्यूब (हिस्टेरोस्कोप) डालता है।

सलाइन सोनोहिस्टेरोग्राम (एसआईएस): आपका प्रदाता आपके गर्भाशय को सलाइन (निष्फल नमक पानी) से भरता है और एक ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड आयोजित करता है।

सोनो हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राम (एचएसजी): आपका प्रदाता ट्यूबल रुकावटों की जांच के लिए एसआईएस प्रक्रिया के दौरान आपके फैलोपियन ट्यूब को खारा और हवा के बुलबुले से भरता है।

एक्स-रे हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राम (एचएसजी) : एक्स-रे आपके फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से यात्रा करते समय एक इंजेक्टेबल डाई को पकड़ लेते हैं । यह परीक्षण रुकावटों का पता लगाता है।

लैप्रोस्कोपी : आपका प्रदाता एक छोटे पेट के चीरे में एक लैप्रोस्कोप (एक कैमरे के साथ पतली ट्यूब) डालता है। यह एंडोमेट्रियोसिस, गर्भाशय फाइब्रॉएड और निशान ऊतक जैसी समस्याओं की पहचान करने में मदद करता है।

Heart Attack के खतरे से बचना है तो अपने डाइट में शामिल करें ये 5 सुपरफूड

Heart Attack के खतरे से बचना है तो अपने डाइट में शामिल करें ये 5 सुपरफूड

 HEALTH NEWS : कोरोना के बाद युवाओं में हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार हार्ट किसी तरह का कोई संकेत भी नहीं देता और लोगों की जान चली जाती है। अब एक नई रिसर्च में पता चला है कि पिछले कुछ सालों में हार्ट में ब्लॉकेज बढ़ने लगी है। जिससे हार्ट अटैर और स्ट्रोका का जोखिम काफी बढ़ गया है।

 
एक हेल्दी हार्ट हर दिन 7600 लीटर ब्लड पंप करता है। हार्ट का वजन 150 ग्राम होता है। जो पूरे शरीर में ब्लड की सप्लाई करता है। इसलिए हार्ट को सेहतमंद रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।

हार्ट अटैक से कैसे बचें? (How to avoid heart attack)

  • सीने में दर्द (Chest Pain)
  • जकड़न (Chest Tightness)
  • कंधो में दर्द (Shoulder Pain)
  • थकान (Tiredness)
  • नींद न आना (Difficulty in Sleeping)
  • दिल की धड़कन तेज़ होना (Irregular Heart Beats)
  • साँस फूलना (Breathlessness)
  • साँस लेने में तकलीफ होना (Difficulty in Breathing)
  • ठंडे पसीने आना (Sweating)
  • कुछ लोगो में गैस जैसे शिकायते आती है
  •  

हार्ट को बनाएं हेल्दी

  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें
  • कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखें
  • शुगर लेवल कम रखें
  • बॉडी वेट भी कंट्रोल रखें

मजबूत होगी इम्यूनिटी 

  • गिलोय-तुलसी काढ़ा
  • हल्दी वाला दूध
  • मौसमी फल
  • बादाम-अखरोट

हार्ट को बनाए हेल्दी 

  • लौकी का सूप
  • लौकी की सब्जी
  • लौकी का जूस

हार्ट के लिए सुपरफूड 

  • अलसी
  • लहसुन
  • दालचीनी
  • हल्दी

हार्ट होगा मजबूत 

  • 1 चम्मच अर्जुन की छाल
  • 2 ग्राम दालचीनी
  • 5 पत्ता तुलसी
  • उबालकर काढ़ा बनाएं
  • रोज पीने से हार्ट बनेगा हेल्दी

युवाओं में हार्ट प्रॉब्लम 

  • 40 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट
  • 5 साल में बढ़े 53% हार्ट के मामले
  • Irregular हार्ट बीट सबसे बड़ी समस्या

अपने हृदय स्वास्थ्य को बनाने के लिए यहां कुछ उपाय है:-

  • हार्ट अटैक से बचने के लिए Healthy Diet /डाइट ले,
  • डाइट में हरी सब्जिया, फल , आनाज और फिश को शामिल करे ।
  • रोज़ व्यायाम करे और फिटनेस पर ध्यान दे
  • योग और मैडिटेशन
  • तम्बांकू सेवन न करे और ना ही धूम्रपान करे
  • सही वजन बनाए रखे , मोटापे के कारण भी हार्ट अटैक की सम्भवना बढ़ जाती है
  • अच्छी नींद ले
  • नियमित रूप से स्वस्थ जाँच करवाए
  • संक्रमण रोकने के लिए कदम उठाएं