BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
Breast Cancer Alert: महिलाएं सावधान! देर रात जागने की आदत बन रही बड़ा खतरा, ज़रा सी अनदेखी...

Breast Cancer Alert: महिलाएं सावधान! देर रात जागने की आदत बन रही बड़ा खतरा, ज़रा सी अनदेखी...

Breast Cancer Alert : भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद डरावनी रिपोर्ट सामने आई है। ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के मामले अब न केवल बढ़ रहे हैं बल्कि यह युवा महिलाओं को भी अपना शिकार बना रहे हैं। हालिया शोध और आईसीएमआर (ICMR) की स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हमारी बदलती जीवनशैली खासकर नींद की कमी और तनाव इस कैंसर के पीछे के सबसे बड़े कारण बनकर उभरे हैं।

चिंताजनक आंकड़े: अब युवाओं पर भी खतरा

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में सालाना 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। पहले यह बीमारी 50 साल के बाद देखी जाती थी लेकिन अब 35 से 50 साल की महिलाएं इसकी चपेट में सबसे ज्यादा आ रही हैं। देर से शादी, बच्चों को स्तनपान (Breastfeeding) न कराना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके मुख्य कारण हैं।

नींद की कमी और कैंसर का संबंध

क्या आप जानते हैं कि कम सोना कैंसर को दावत दे सकता है? स्टडी में सामने आया है कि नींद पूरी न होने से 'मेलाटोनिन' हार्मोन कम बनता है जिससे एस्ट्रोजन का स्तर बिगड़ जाता है। गहरी नींद के दौरान शरीर अपने सेल्स और DNA की मरम्मत करता है। नींद की कमी इस प्रक्रिया को रोक देती है जिससे कैंसर की कोशिकाएं पनपने लगती हैं। लगातार थकान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है।

मोटापा और एस्ट्रोजन का खतरनाक खेल

विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा चर्बी ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है। शरीर का बढ़ा हुआ वजन सूजन पैदा करता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाता है। मेनोपॉज के बाद शरीर में जमा फैट ही एस्ट्रोजन का मुख्य जरिया बन जाता है। एस्ट्रोजन का अधिक स्तर ब्रेस्ट सेल्स में कैंसर की गांठ बना सकता है।

रोज दर्द की दवा ले रहे हैं? सावधान! धीरे-धीरे खराब हो सकती है किडनी और लिवर

रोज दर्द की दवा ले रहे हैं? सावधान! धीरे-धीरे खराब हो सकती है किडनी और लिवर

 नेशनल डेस्क: दर्द से तुरंत राहत देने वाली पेन किलर दवाएं जैसे NSAIDs (इबुप्रोफेन, डाइक्लोफेनाक, नेप्रोक्सन) और पैरासिटामोल आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन अगर इन्हें लंबे समय तक या बिना डॉक्टर की सलाह के लिया जाए, तो ये शरीर के सबसे अहम अंग—किडनी और लिवर—को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन दवाओं का अत्यधिक या गलत इस्तेमाल धीरे-धीरे अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे क्रॉनिक डैमेज, ऑर्गन फेलियर तक का खतरा बढ़ सकता है।

किडनी पर पेन किलर का असर क्यों खतरनाक है?

NSAIDs शरीर में बनने वाले प्रोस्टाग्लैंडिन्स नामक केमिकल्स को रोक देती हैं। ये केमिकल्स किडनी की रक्त नलिकाओं को खुला रखने में मदद करते हैं। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है तो किडनी में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, फिल्ट्रेशन क्षमता घटती है,समय के साथ एक्यूट किडनी इंजरी, एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी या क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) हो सकती है। पैरासिटामोल सामान्य मात्रा में अपेक्षाकृत सुरक्षित है, लेकिन ओवरडोज या लंबे समय तक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।

ज्यादा खतरा किन लोगों में?

बुजुर्ग,हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज ,हार्ट डिजीज वाले,और पहले से किडनी की समस्या से जूझ रहे लोग।

लिवर पर कैसे असर डालती हैं दर्द की दवाएं?

लिवर का काम दवाओं को मेटाबॉलाइज करना होता है। पैरासिटामोल की अधिक मात्रा लेने पर लिवर में मौजूद ग्लूटाथियोन खत्म हो जाता है, जिससे लिवर सेल्स को सीधा नुकसान पहुंचता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार बरकरार, 7.4% ग्रोथ का अनुमान

भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार बरकरार, 7.4% ग्रोथ का अनुमान

 बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था “अच्छी स्थिति” में बनी हुई है और लगातार सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है। मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखने का फैसला किया।

गवर्नर ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में वास्तविक GDP वृद्धि दर लगभग 7.4% रहने का अनुमान है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही GDP और महंगाई के आंकड़ों को मापने के लिए नई सांख्यिकीय श्रृंखला (New Series) लागू की जाएगी, जिससे प्रमुख मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों की रिपोर्टिंग और अधिक सटीक हो सकेगी।

RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूरे साल का GDP अनुमान अप्रैल की मौद्रिक नीति बैठक तक टाल दिया है। नई GDP सीरीज लागू होने के बाद ही केंद्रीय बैंक आगे का ग्रोथ प्रोजेक्शन जारी करेगा। वहीं FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 7.3% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया गया है। Q3 FY26 का अनुमान 7% पर बरकरार रखा गया है, जबकि चौथी तिमाही में 6.5% वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। आगे के अनुमान में RBI ने Q1 FY27 के लिए ग्रोथ 6.7% से बढ़ाकर 6.9% और Q2 FY27 के लिए 6.8% से बढ़ाकर 7% कर दी है।

GVA और सेक्टर ग्रोथ

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में सकल मूल्य वर्धन (GVA) की अहम भूमिका होगी और इसकी वृद्धि दर करीब 7.3% रहने का अनुमान है। मजबूत सेवा क्षेत्र इस वृद्धि का मुख्य आधार बनेगा। इसके अलावा विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र में भी सुधार और अच्छी वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग और सकारात्मक आर्थिक संकेतक यह दिखाते हैं कि भारत अपनी आंतरिक आर्थिक मजबूती के दम पर बाहरी झटकों का सामना करने में सक्षम है।

Next GST Council: GST बैठक में कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत, रजिस्ट्रेशन-रिफंड होंगे आसान

Next GST Council: GST बैठक में कारोबारियों को मिल सकती है बड़ी राहत, रजिस्ट्रेशन-रिफंड होंगे आसान

 बिजनेस डेस्कः आने वाले समय में देश के कारोबारियों को जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाओं में बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक अगली जीएसटी काउंसिल बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिफंड और ऑडिट प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर खास फोकस रहेगा। साथ ही ई-वे बिल सिस्टम में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के जरिए माल ढुलाई में देरी घटाने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। यह बैठक बजट सत्र के बाद होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, काउंसिल का कारोबारियों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करने पर जोर रहेगा। खासकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है ताकि दस्तावेजों की जांच और तकनीकी कारणों से होने वाली देरी कम हो सके। उद्देश्य है कि नए कारोबारियों और छोटे उद्यमियों को जल्दी रजिस्ट्रेशन मिल सके और बिजनेस शुरू करने में बाधाएं कम हों।

रिफंड प्रक्रिया को भी ज्यादा ऑटोमेटेड और पारदर्शी बनाने पर चर्चा संभव है। प्रस्ताव है कि कारोबारी अपने रिफंड की स्थिति आसानी से ट्रैक कर सकें और भुगतान में अनावश्यक देरी खत्म हो। इसके अलावा ऑडिट रिपोर्ट और उससे जुड़ी कंप्लायंस को आसान बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि ईमानदार टैक्सपेयर्स को बार-बार स्पष्टीकरण देने की परेशानी न हो।

ई-वे बिल सिस्टम में डिजिटल टूल्स और डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल से जोखिम आधारित जांच व्यवस्था मजबूत करने की योजना पर भी विचार हो रहा है। इससे कम जोखिम वाले मामलों में बार-बार जांच और रुकावट कम हो सकती है, जिससे ट्रांसपोर्ट में देरी घटेगी और सप्लाई चेन सुचारू होगी।

इस दिन से आम जनता के लिए खुल रहा राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, जानें टाइमिंग और कैसे पहुंचे

इस दिन से आम जनता के लिए खुल रहा राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, जानें टाइमिंग और कैसे पहुंचे

 अमृत ​​उद्यान, जिसे कभी मुगल गार्डन के नाम से जाना जाता था, नई दिल्ली के सबसे प्रतिष्ठित और खूबसूरत स्थानों में से एक है, जो राष्ट्रपति भवन परिसर के अंदर स्थित है। हर साल, यह उद्यान वार्षिक अमृत उद्यान उत्सव के दौरान आम जनता के लिए खोला जाता है। यह उद्यान देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहता है। रंग-बिरंगे फूलों, सजे-धजे लॉन और शांत वातावरण लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। राष्ट्रपति भवन प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अमृत उद्यान 3 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक आम लोगों के लिए खुल रहा है।  प्रवेश का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है। लास्ट एंट्री 5:15 मिनट पर होगा। 

अमृत ​​उद्यान उत्सव 2026 के विशेष आकर्षण

अमृत उद्यान में इस बार भी विंटर एनुअल्स, गुलाब, मौसमी फूलों और खूबसूरती से सजे बाग-बगीचों की झलक देखने को मिलेगी। 

किस गेट से होगी एंट्री

अमृत उद्यान में प्रवेश के लिए गेट नंबर 35 निर्धारित किया गया है। आगंतुकों की सुविधा के लिए इस बार भी फ्री शटल बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह सेवा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन से अमृत उद्यान तक चलाई जाएगी। 

अमृत ​​उद्यान कैसे पहुंचें? 

मेट्रो द्वारा

केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन (येलो और ब्लू लाइन)
उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन (येलो और ब्लू लाइन)
दोनों स्टेशनों में से किसी भी स्टेशन से, आप अमृत उद्यान आसानी से पहुंच सकते हैं। आप पैदल चलकर या ऑटो-रिक्शा से जा सकते हैं। 

बस से
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की कई बस रूटों पर राष्ट्रपति भवन के पास स्टॉप हैं। बस रूट प्लानर या ऐप का उपयोग करके आप निकटतम स्टॉप आसानी से ढूंढ सकते हैं।

कार या ऑटो से
उद्यान के पास पार्किंग की सीमित सुविधा होने के बावजूद, कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए टैक्सी, ऑटो या राइडशेयर सेवा किराए पर लेना एक सुविधाजनक तरीका है।

ट्रेन से
यह उद्यान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से लगभग 4-9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सुपरफूड मानी जाती हैं बेरीज, लेकिन सही तरीके से साफ न कीं तो फायदे की जगह होगा नुकसान

सुपरफूड मानी जाती हैं बेरीज, लेकिन सही तरीके से साफ न कीं तो फायदे की जगह होगा नुकसान

How to Wash Berries: स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे फल स्वाद में अच्छे होते हैं. इन्हें सुपरफूड भी माना जाता है. इनमें विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं. ये ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं.

लेकिन बेरीज जितनी हेल्दी होती हैं, उतनी ही नाजुक भी होती हैं. खासकर सफाई को लेकर थोड़ी सी लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए इन्हें सही तरीके से साफ करना बहुत जरूरी है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि बेरीज को कैसे साफ करें ताकि फायदे मिलें और नुकसान से बचा जा सके.

बेरीज पर कीटनाशक ज्यादा क्यों होते हैं?

  1. बेरीज का छिलका बहुत पतला होता है.
  2. इनमें कीड़े जल्दी लगते हैं, इसलिए इन पर बार बार स्प्रे किया जाता है.
  3. ये फल जमीन के पास उगते हैं, जिससे मिट्टी और बैक्टीरिया चिपक सकते हैं.

इसी वजह से स्ट्रॉबेरी अक्सर Dirty Dozen लिस्ट में शामिल होती हैं.

ये गलतियां बिल्कुल न करें

  1. सीधे खाने से पहले सिर्फ पानी से हल्का सा धो लेना.
  2. डिटर्जेंट या साबुन से धोना, यह सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.
  3. धोने के बाद लंबे समय तक गीला छोड़ देना, इससे बेरीज जल्दी खराब हो जाती हैं.

बेरीज साफ करने का सही तरीका

सिरका या नमक वाला पानी

  • 1 लीटर पानी में 1 चम्मच सफेद सिरका या आधा चम्मच नमक मिलाएं.
  • बेरीज को इसमें 10 से 15 मिनट तक भिगोकर रखें.
  • इससे कीटनाशक, बैक्टीरिया और छोटे कीड़े निकल जाते हैं.

साफ पानी से धोना

  • भिगोने के बाद बेरीज को 2 से 3 बार सादे पानी से धो लें.
  • बहते पानी में हल्के हाथ से घुमाएं.

अच्छी तरह सुखाना जरूरी

  • बेरीज को किचन टॉवल या टिश्यू पेपर पर फैलाकर रखें.
  • पूरी तरह सूखने के बाद ही इन्हें स्टोर करें.

अलग अलग बेरीज के लिए खास टिप्स

  • स्ट्रॉबेरी: डंठल धोने के बाद ही हटाएं.
  • ब्लूबेरी और रास्पबेरी: इन्हें ज्यादा रगड़ें नहीं, ये बहुत नाजुक होती हैं.
  • ऑर्गेनिक बेरीज भी हों, तब भी धोना जरूरी है.

स्टोरेज टिप्स

  1. पूरी तरह सूखने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखें.
  2. डिब्बे के नीचे पेपर टॉवल रखें, इससे नमी सोख ली जाएगी.
  3. फ्रिज में ये बेरीज 3 से 5 दिन तक सुरक्षित रहती हैं.