बीजापुर-जगदलपुर: बस्तर के जंगलों में दशकों तक दहशत का पर्याय रहा मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव आज कानून के सामने घुटने टेक सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि वह अपने 17 साथियों और AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाला है। इसे बस्तर में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाली सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
बीजापुर :- राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2024 में बीजापुर जिले के धर्मावरम क्षेत्र में सीआरपीएफ कैंप पर हुए माओवादी हमले के मामले में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। 16 जनवरी 2024 को लगभग 300 माओवादी धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर समन्वित हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के करीब एक दर्जन जवान घायल हुए थे। चार्जशीट में तीन गिरफ्तार माओवादी — अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतन — के साथ तीन फरार आरोपियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। सभी के खिलाफ UAPA, भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले भी NIA ने इस मामले में 17 माओवादी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ताजा चार्जशीट के साथ जांच एजेंसी ने हमले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सबूत और आरोप अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए हैं, जिसे सुरक्षा बलों के खिलाफ माओवादी गतिविधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बीजापुर। बीजापुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर नियद नेल्लानार क्षेत्र के ग्राम चेरपाल के छोटे से गांव में रहने वाली सुनीता दीदी की कहानी आज आत्मनिर्भरता और मेहनत की मिसाल बन गई है। कभी एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन बिताने वाली सुनीता दीदी आज स्व सहायता समूह की मदद से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
पहले उनके परिवार की आय केवल खेती और एक छोटी किराना दुकान पर निर्भर थी। कृषि मौसम पर आधारित होने के कारण आय स्थिर नहीं रहती थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घर की आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो जाता था। ऐसे समय में सुनीता दीदी ने गांव के स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें बचत ऋण और स्वरोजगार के बारे में जानकारी मिली।
समूह के माध्यम से नियमित बचत के साथ उन्हें आरएफ से 1500 रुपये, सीआईएफ से 50 हजार रुपये और बैंक लिंकेज से 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इस सहायता से उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए कई कार्य शुरू किए।
सबसे पहले उन्होंने खेती को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। उन्नत बीज, जैविक खाद और आधुनिक खेती तकनीकों का उपयोग कर उन्होंने उत्पादन बढ़ाया, जिससे फसल और सब्जियों से उन्हें सालाना लगभग 52 हजार से 55 हजार रुपये की आय होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास स्थित छोटी किराना दुकान को बड़े स्तर पर संचालित करना शुरू किया। गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का सामान उपलब्ध कराने से उनकी दुकान अच्छी चलने लगी और इससे उन्हें सालाना करीब 45 हजार से 50 हजार रुपये की नियमित आय मिलने लगी। इसी के साथ सुनीता दीदी ने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए महुआ, टोरा सहित अन्य वनोपज का क्रय-विक्रय भी शुरू किया। वे ग्रामीणों से महुआ और टोरा खरीदकर उसे साफ-सफाई के साथ सुरक्षित संग्रहित कर बाजार में अच्छे दामों पर बेचने लगीं, जिससे उन्हें सालाना लगभग 15 हजार से 20 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा।
तीनों कार्यों से उनकी आय लगातार बढ़ती गई। सही योजना, मेहनत और समूह के सहयोग से सुनीता दीदी की वार्षिक आय अब 1 लाख 15 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये से अधिक हो गई है। आज सुनीता दीदी न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग, निरंतर मेहनत और स्व सहायता समूह का सहयोग किसी भी महिला को आत्मनिर्भर बना सकता है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में आरोपी सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद हाई कोर्ट ने इस मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सार्वजनिक किया गया।
SC के निर्देश पर हुई त्वरित सुनवाई
जानकारी के अनुसार, सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया था। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट को निर्देश दिए थे कि इस मामले की सुनवाई दो सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। इसी समयसीमा का पालन करते हुए हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनीं और अपना फैसला सुनाया।
किन शर्तों पर मिली जमानत?
सुनवाई के दौरान सौम्या चौरसिया के वकीलों ने तर्क दिया कि, इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ‘समानता के सिद्धांत’ के आधार पर सौम्या चौरसिया भी राहत की हकदार हैं। गिरफ्तारी और ईडी (ED) की कार्रवाई की प्रक्रिया को भी चुनौती दी गई। अदालत ने इन तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए उन्हें जमानत दे दी, हालांकि उन्हें कोर्ट द्वारा तय की गई कड़ी शर्तों का पालन करना होगा।
क्या था 3200 करोड़ का शराब घोटाला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में छत्तीसगढ़ में तत्कालीन सरकार के दौरान एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ था। जिसमें 3200 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला सामने हुआ था। ED ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त इस सिंडिकेट के जरिए अवैध उगाही की गई और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सौम्या चौरसिया को जेल से बाहर आने के लिए मुचलका और जमानत की शर्तों को पूरा करना होगा। वही इस शराब घोटाले और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की मुख्य सुनवाई और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
बीजापुर- छत्तीसगढ़ में 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार सुबह एक बार फिर जबरदस्त मुठभेड़ हुई। थाना जांगला क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रावती नदी के किनारे हुए इस संघर्ष में जवानों ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को मार गिराया है। मौके से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि इंद्रावती नदी के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इस इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर निकली थी। आज सुबह जैसे ही टीम अभियान क्षेत्र में पहुँची, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला।
आधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ के बाद जब इलाके की सर्चिंग की गई, तो वहां से दो वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए। इसके अलावा घटनास्थल से नक्सलियों के आधुनिक हथियार भी मिले हैं, जिनमें 01 SLR राइफल, 01 इंसास (INSAS) राइफल, 12 बोर की राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य माओवादी दैनिक उपयोग की सामग्री शामिल हैं।
सर्च ऑपरेशन जारी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षाबल क्षेत्र में मुस्तैद हैं और आसपास के जंगलों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घटना की विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही साझा की जाएगी।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 5 माओवादी मारे गए हैं। यह सफलता उस समय मिली जब जवान जंगल क्षेत्र में माओवादी विरोधी तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण की कार्रवाई कर रहे थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल बीजापुर के करेगुट्टा क्षेत्र में गश्त पर थे, तभी नक्सलियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है और मौके से बरामद हथियारों व गोला-बारूद का विवरण आना अभी बाकी है। वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

4 दिनों में नक्सलियों की कमर टूटी
बीजापुर में पिछले चार दिनों से जारी इस विशेष अभियान में जवानों ने नक्सलियों के नेटवर्क को भारी नुकसान पहुँचाया है। सुरक्षाबलों ने अब तक 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। 450 IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किए गए हैं, जो बड़े हमलों के लिए लगाए गए थे। 818 BGL शेल और 899 बंडल कोडेक्स सहित भारी मात्रा में डेटोनेटर जब्त किए गए है।
बीजापुर। राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें धारित हथियार सहित रूपये 54 लाख के 08 महिला कैडर और 04 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है ।
इन 12 कैडरों में डीव्हीसीएम -01, सदस्य बटालियन नम्बर 01,कंपनी नम्बर 02 – 02, पीपीसीएम-01, एसीएम -02, पार्टी सदस्य- 02, पीएलजीए सदस्य-04 शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है ।
05 फरवरी 2026 को सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से साउथ सब जोनल ब्यूरो के धारित हथियार समेत कुल 54.00 लाख रूपये के ईनामी 03 आटोमैटिक हथियार एवं कारतूस के साथ कुल 12 माओवादी कैडर्स पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुंदरराज पी, उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर बी0एस0नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव, अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स अमन कुमार झा, अति0 पुलिस अधीक्षक बीजापुर युलैण्डन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक, रोशन आहुजा एवं उप पुलिस अधीक्षक विशाल गर्ग के समक्ष निम्नलिखित माओवादी समाज की मुख्यधारा से जुड़े :-
01. सोमडू मड़कम पिता स्वा. हिड़मा मड़कम उम्र 42 वर्ष जाति मुरिया साकिन यमपुर सेण्ड्राबोरपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर छ0ग0 पद – दरभा डीविजन डीव्हीसीएम(कटेकल्याण एरिया कमेटी इंचार्ज), घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये , एके-47 हथियार एवं 01 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
02. हुंगी कुंजाम उर्फ सोनी पिता मंगू कुंजाम उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन बडेसुंकनपल्ली स्कूलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – बटालियन न0 01 पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
03. पायकी कुंजाम पिता रमेश कुंजाम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन टेकमेटा ओड़सापारा थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – कंपनी न0 02 पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
04. आयती मड़कम ऊर्फ पुन्नी पति सुरेश मड़कम उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया साकिन पेद्दापाल पुरानापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – उत्तर सब जोनल ब्यूरो पीपीसीएम, घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
05. चमनलाल कुडियम ऊर्फ छोटू पिता बिच्चेम उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया साकिन मुक्कावेली थाना फरसेगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन सदस्य (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
06. पार्वती पुनेम ऊर्फ राघो पिता सुक्कू पुनेम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिरोली सरपंचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – गंगालूर एरिया कमेटी सदस्या (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
07. सन्ना माड़वी पिता बण्डी माड़वी उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन पंगुड़ स्कूलपारा थाना मोदकपाल जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन, घोषित ईनाम राशि 02.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
08. शांति कुडियम पिता विज्जा कुडियम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन एलीगेण्ड्रा थाना फरसेगढ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – नेशनल पार्क एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
09. छोटी तेलम पिता बुधरू तेलम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल स्कूलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम 01.00 लाख रूपये ।
10. जिम्मो उईका ऊर्फ अंकिता पिता जोगा उईका उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन बेलमनेण्ड्रा कड़तीपारा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – मद्देड़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
11. शमीला मड़कम पिता लक्खू मड़कम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल मड़कमपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
12. हिड़मा माड़वी पिता हुंगा माड़वी उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन कमलापुर थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – दरभा डीविजन पीएलजीए सदस्य, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। घने और दुर्गम जंगलों में चल रहे इस ऑपरेशन के दौरान दोनों ओर से लगातार गोलीबारी की सूचना है। सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और बड़ी संख्या में जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस एनकाउंटर में लंबे समय से सक्रिय नक्सली कमांडर और शीर्ष माओवादी नेता उधम सिंह के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।
बीजापुर :छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, यहां पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने ग्राम कंचाल निवासी एवं पूर्व सरपंच भीमा मडकम की खेत में गोली मारकर हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि भीमा मडकम हाल ही में दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटा था। इसी दौरान खेत में मौजूद होने पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, भीमा मडकम पर इससे पहले भी नक्सली हमला हो चुका था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस बार नक्सलियों ने उसे निशाना बनाकर उसकी जान ले ली। इस हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां शनिवार 18 जनवरी 2026 को चल रहे सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद दो और वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं;

मारे गए नक्सलियों के पास से एक INSAS राइफल और एक .303 राइफल जब्त की गई है, जिसके साथ ही इस पूरे ऑपरेशन में अब तक कुल 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनमें 4 महिला नक्सली भी शामिल हैं;
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं, जो माओवादियों की बड़ी साजिश को नाकाम करने की पुष्टि करते हैं; पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से DRG, COBRA और STF की संयुक्त टीम नेशनल पार्क क्षेत्र में ऑपरेशन चला रही है, इसी दौरान अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर मुठभेड़ की स्थिति बनी;
पहचान की प्रक्रिया में मृत माओवादियों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात नक्सली DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल पाए गए हैं, जबकि दो अन्य माओवादियों की पहचान की कार्रवाई अभी जारी है;
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनहित सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाबल पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान चला रहे हैं और सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ यह निर्णायक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, वहीं आसपास के जंगल और पहाड़ी इलाकों में सर्चिंग लगातार तेज कर दी गई है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के दुर्गम एरिया में हुए सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया का चीफ दिलीप वेंडजा,महिला नक्सली समेत माओवादियों को ढेर करने में सफलता हाथ लगी है। यह मुठभेड़ बीजापुर के दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में महाराष्ट्र की बॉर्डर पर हुई। इसमें डीआरजी जवानों और सुरक्षा बलों की संयुक्त ऑपरेशन को सफलता मिली ।
खुफिया एजेंसी को सूचना मिली थी कि नक्सली लीडर पापा राव के साथ बड़ी संख्या में नक्सली नेशनल पार्क क्षेत्र में मौजूद हैं। इनपुट मिलने पर डीआरजी समेत सुरक्षाबलों का ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च कर सर्च में भेजा गया। सुरक्षाबलों पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने अचानक हमला बोल दिया और मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। सुक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल में सर्च करने पर चार नक्सलियों के शव मिले। इसमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा समेत चार नक्सली मारे गए।
पापारव के एरिया में मुठभेड़
जिस जगह मुठभेड़ हुई उसे खूंखार नक्सली पापाराव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पापा राव नेशनल पार्क का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य है। यदि ऑपरेशन में पापाराव मारा जाता तो नेशनल पार्क क्षेत्र का समाप्त हो जाता। स्थल से सभी नक्सलियों के शव समेत मौके से दो एके–47 रायफल समेत अन्य हथियार और नक्सली सामग्री बरामद किए गए है। अन्य मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है।
बीजापुर। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर संभााग के केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोदली, अंबेली और दरभा इन 5 गांवों को नक्सल मुक्त करने प्रस्ताव मांगा गया है। पहले यहां नक्सल दहशत थी, लेकिन अब इन गांवों में शांति है। गांवों के नक्सल-मुक्त घोषित होते ही विकास कार्य के लिए 1-1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, अब बस्तर बदल रहा है, यहां बम धमाके की गूंज नहीं, शांति महसूस की जा सकती है। विजय शर्मा बीजापुर जिले के कुटरू गांव पहुंचकर यहां उन्होंने नियद नेल्लानार के अंतर्गत पंचायतों के विकास के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों के साथ बैठक की । इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्रामीण जनप्रतिनिधि और समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा शामिल हुए।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर के कोने-कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी तरह से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है, कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आएं और पुनर्वास का रास्ता अपनाकर गांवों और देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा गांव नक्सल मुक्ति की कगार पर हैं । उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया, ताकि इलवंद गांव के रूप में उनका विकास किया जा सके। नक्सलमुक्त घोषित होते ही विकास कामों के लिए 1-1 करोड़ रुपए भी दिए जाएंगे।
बीजापुर। जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत एर्रापल्ली गांव में सनसनीखेज वारदात हुई। शुक्रवार की रात नक्सलियों ने एक ग्रामीण की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक पर नक्सलियों द्वारा पुलिस मुखबिरी का शक जताते हुए हत्या की गई है। हालांकि, घटना की अब तक अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
पहले खुद नक्सली था मृतक
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान बुदरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुदरा पूर्व में नक्सली संगठन से आत्मसमर्पण कर चुका था और इसके बाद वह अपने गांव एर्रापल्ली में ही रह रहा था। इसी बात को लेकर नक्सली उस पर लगातार संदेह कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी शक के चलते नक्सलियों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
नक्सलियों ने तड़के सुबह उतारा मौत के घाट
बताया जाता है कि देर रात नक्सली गांव में पहुंचे और बुदरा को घर से बाहर बुलाया। इसके बाद धारदार हथियार से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद नक्सली मौके से फरार हो गए। सुबह ग्रामीणों को जब घटना की जानकारी मिली तो गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आत्मसमर्पण नक्सलियों की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों को अवगत कराया गया। पामेड़ थाना पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम मौके के लिए रवाना होने की तैयारी में जुटी है। हालांकि, क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और दुर्गम होने के कारण पुलिस की त्वरित पहुंच में कठिनाइयों की बात कही जा रही है। सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाए जाने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित इलाकों में आत्मसमर्पित नक्सलियों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीजापुर - छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ इंद्रावती क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी इलाकों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ आज सुबह से जारी है। माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है
इस सूचना के आधार पर बीजापुर जिला पुलिस की DRG टीम को इलाके में रवाना किया गया। सर्च अभियान के दौरान सुबह से DRG जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की खबर सामने आई है। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक तरफ जहाँ नक्सलियों ने सड़क निर्माण ठेकेदार की गला रेतकर हत्या कर दी। वहीँ, एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। उसकी लाश सीआरपीएफ कैंप में फंदे पर लटकती हुई मिली है।
मामला जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के वाटेवागु सीआरपीएफ कैंप का है। सीआरपीएफ कैंप में एक ग्रामीण का शव मिला है। ग्रामीण का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला है। मृतक की पहचान माड़वी भीमा ( 48 वर्ष) के रूप में हुई है। माड़वी भीमा रेखापल्ली का रहने वाला था।
जानकारी के मुताबिक, माड़वी भीमा जो माओवादी सामग्री बरामदगी में सुरक्षा बलों की मदद किया करता था। 5 दिसंबर को भी माड़वी भीमा ने एंटी–नक्सल अभियान में सुरक्षा बलों की मदद की थी। 5 दिसंबर को रेखापल्ली गांव के पास माड़वी भीमा और अन्य ग्रामीणों की मदद से सुरक्षा बलों ने रेखापल्ली, धामारम, कोंडापल्ली और चिंतावागु नदी तट के आसपास सर्च अभियान चलाया था।
इस दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए IED, विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरण बरामद किये थे। इस सर्चिंग अभियान में माड़वी भीमा ने जवानो की काफी मदद की थी। सर्चिंग अभियान के बाद 6 दिसंबर को जवान कैंप लौटी थी। माड़वी भीमा भी साथ था। रात को खाना खाने बाद वो भीमा पास के मैदान में टहलने गया। कुछ देर बाद जब जवान उसे बाहर निकले तो माड़वी भीमा का शव पेड़ से तौलिए से लटका हुआ था।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
जवानों ने तुरंत उसे नीचे उतारा. उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। माड़वी भीमा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों के बदले डर डर से उसने आत्महत्या की है। जबकि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गयी है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ बीजापुर में नक्सलियों का खूनी खेल जारी है, माओवादियों ने यूपी के एक ठेकेदार को अगवा कर मौत के घात उतार दिया है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने पहले ठेकेदार के मुंशी को अगवा किया था। जब मुंशी को बचाने ठेकेदार पहुंचा, तो उसकी हत्या कर दी गई। ये पूरा मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है।
ठेकेदार की गला रेतकर हत्या
नक्सलियों के विरोध के बाद भी ठेकेदार इम्तियाज अली ने काम बंद नही किया था। जिसके बाद नक्सलियोें ने पहले जेसीबी मशीन के मुंशी का अपहरण कर लिया था। जिसे छुड़ाने ठेकेदार इम्तियाज अली मुंशी नक्सलियों के पास गया था। जहां नक्सलियों ने ठेकेदार को अगवा करने रास्ते में ही गला रेतकर हत्या कर दी।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 3 दिसंबर को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में जिला बीजापुर डीआरजी के तीन बहादुर जवान बलीदान हुए। बलीदानी जवानों में प्रधान आरक्षक मोनू उर्फ मोहन बडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और जवान रमेश सोड़ी शामिल हैं। तीनों जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंतिम सांस तक नक्सलियों से हुए इस मुठभेड़ में दर्जनों से उपर नक्सलियों को ढेर कर दिया। बलीदानी बीजापुर डीआरजी के तीनों जवानों को गुरूवार को बीजापुर-गंगालूर मार्ग स्थित पुलिस लाइन के शहीद वाटिका परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सम्मान अर्पित करते हुए कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में पंहुचे नागरिकों ने नम आंखों से जवानों को विदाई दी।
इस श्रद्धांजलि समारोह में बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी., बीजापुर कलेक्टर, एसपी जितेन्द्र यादव, सीआरपीएफ डीआईजी बीएस. नेगी, डीआईजी कमलोचन कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। बलीदानी जवानों के परिवारजन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे, जहां सभी ने एक स्वर में उनकी वीरता, समर्पण और बलिदान को नमन किया।
मिली जानकारी के अनुसार इस अभियान में नक्सलियों के गंगालूर एरिया कमेटी के 8 लाख के ईनामी कुख्यात कमांडर वेल्ला मोडियम उर्फ मंगू मोडियम को मार गिराया गया है। वेल्ला कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड था, जिनमें पेद्दाकोरमा में एक नाबालिग, एक छात्र और एक ग्रामीण की हत्या शामिल रहा है। संगठन में वह इंटेलिजेंस विंग का कमांडर होने के साथ-साथ सीवायपीसीएम एवं आईसी कंपनी नंबर 2 का भी नेतृत्व कर रहा था। गंगालूर के जंगलों में जारी इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने बड़े क्षेत्र को घेर लिया है, सघन सर्चिंग अभीयान जारी है। अब तक 15 नक्सली कैडर के शव बरामद करने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, इसमें और भी संख्या बढऩे की संभावना है। मौके से एसएलआर, इंसास और 303 राइफलें एवं गोला बारूद बरामद की गई हैं। एसपी जितेंद्र यादव के मुताबिक इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त बल को मौके पर भेजा गया है। मुठभेड़ में दो डीआरजी जवान घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर–दंतेवाड़ा से इस वक्त की बड़ी सामने आ रही है। यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में जवानों 12 नक्सलियों के मार गिराया है। अब तक सभी 12 माओवादी कैडरों के शव बरामद हो चूका है। वहीं मुठभेड़ में तीन तीन जवान शहीद और एक जवान घायल है। मुठभेड़ स्थल से SLR राइफलें, .303 राइफलें एवं अन्य हथियार-गोलाबारूद बरामद किया गया है।
अभियान के दौरान पुलिस व नक्सलियों के बीच आज सुबह से लगातार रुक-रुक कर फायरिंग की स्थिति बनी रही। क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा निर्णायक एवं आक्रामक कार्रवाई जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से अब तक सात माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से SLR राइफलें, .303 राइफलें तथा अन्य हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए गए हैं। माओवादियों के मृत शरीरों की पहचान अभी स्थापित की जानी शेष है।
1.शहीद प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी, DRG बीजापुर
2.शहीद आरक्षक दुकारू गोंडे, DRG बीजापुर
3. शहीद जवान रमेश सोड़ी, DRG बीजापुर
मुठभेड़ में DRG बीजापुर के एक अन्य जवान सोमदेव यादव घायल हुए हैं। घायल जवान को प्राथमिक उपचार प्रदान कर दिया गया है तथा वे खतरे से बाहर हैं। आवश्यक उपचार हेतु उपयुक्त व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक, बीजापुर, डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। अतिरिक्त रीइन्फोर्समेंट टीमें भेजी गई हैं। फोर्स की बल संख्या पर्याप्त है तथा क्षेत्र को कॉर्डन कर सर्चिंग जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि चूंकि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी देना संभव नहीं है। ऑपरेशन पूर्ण होने के उपरांत विस्तृत जानकारी उपयुक्त समय पर साझा की जाएगी।
बीजापुर। राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 41 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें 01 करोड़ 19 लाख के 12 महिला कैडर और 29 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है ।
इन 41 कैडरों में पीएलजीए बटालियन न.01 एवं अलग- अलग कंपनी के 05 सदस्य, एसीएम -03, प्लाटून एवं एरिया कमेटी पार्टी सदस्य- 11, पीएलजीए सदस्य -02, मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर- 04, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर – 01, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-06 अलग अलग आरपीसी के जनताना सरकार अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य, DAKMS, KAMS अध्यक्ष/सदस्य -09 सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, पुलिस महानिरीक्षक केरिपु सीजी सेक्टर छ0ग0 रायपुर, उप पुलिस महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज, उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर के मार्ग दर्शन व पुलिस अधीक्षक बीजापुर के निर्देशन में जिले में चलाये जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ, कोबरा व केरिपु बल के द्वारा किये जा रहे संयुक्त प्रयासो से तथा छ0ग0 शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति साथ ही छ0ग0 शासन द्वारा चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर उप महानिरीक्षक केरिपु सेक्टर बीजापुर बी0एस0नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव, अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स, श्रविन्द्र मीणा, अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स अमन कुमार झा, अति0 पुलिस अधीक्षक बीजापुर युलैण्डन यार्क, द्वितीय कमान अधिकारी श्राजेश चौहान, डीसी अशोक कुमार, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक बस्तर फाईटर श्चन्द्रहास, उप पुलिस अधीक्षक श्रोशन आहूजा के समक्ष आत्मसमर्पण किये ।
2. बण्डी हपका पति पण्डरू हपका उर्फ मोहन उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया साकिन पदेडा रेगडगट्टापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-बटालियन न0 01 पीपीसीएम, ईनाम-08.00 लाख रूपये
3. लक्खू कोरसा पिता स्व. मासा कोरसा उम्र 37 वर्ष जाति मुरिया पदेडा मासापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0 कंपनी न0 02 पीपीसीएम, ईनाम- 08.00 लाख रूपये
4. बदरू पुनेम पिता खूटा पुनेम उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया साकिन पुसनार ध्रुर्वापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम -प्लाटून न0 30 पीपीसीएम, ईनाम -08.00 लाख रूपये
5. सुखराम हेमला पिता स्व. लखमू हेमला उम्र 27 वर्ष जाति मुरिया साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0 पदनाम- प्लाटून न0 50 पीपीसीएम, ईनाम-08.00 लाख रूपये
6. मंजूला हेमला उर्फ शांति पति सुखराम हेमला उम्र 25 वर्ष जाति मुरिया साकिन काकेकोरमा गुबालीपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0 पदनाम- प्लाटून न0 50 पार्टी सदस्या ईनाम 08.00 लाख रूपये
7. मंगली माडवी उर्फ शांति उर्फ मंगलो पिता स्व. बोटी माडवी उम्र 29 वर्ष जाति मुरिया साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- कंपनी न0 02 पार्टी सदस्या, ईनाम -08.00 लाख रूपये
8. जयराम कडियम पिता आयतू कडियम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन सावनार मुकापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- कंपनी न0 02 पार्टी सदस्य, ईनाम -08.00 लाख रूपये
9. पाण्डो मडकम उर्फ चांदनी पिता स्व.बोटी मडकम उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया साकिन कोतरापाल लक्खापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0 पदनाम- कंपनी न0 05 पार्टी सदस्या, ईनाम-08.00 लाख रूपये
10. माटा कडियम उर्फ मंगल पिता स्व. लक्ष्मैया कडियम उम्र 28 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनमा भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य(एसीएम), ईनाम -05.00 लाख रूपये
11. जमली कडियम पति माटा कडियम उर्फ मंगल उम्र 26 वर्ष जाति मुरिया साकिन मेटापाल तेलगापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग पदनाम- भैरमगढ एरिया कमेटी सदस्य(एसीएम), ईनाम -05.00 लाख रूपये
12. जोगी मडकम उर्फ मालती पिता स्व. मंगडू मडकम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन सिंघनपल्ली स्कूलपारा थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-धमतरी- गरियाबंद- नुआपाड़(डीजीएन) डीविजन सदस्य(एसीएम), पदनाम-05.00 लाख रूपये
13. छोटू कारम पिता स्व. मंगू कारम उम्र्र 25 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-तेलंगाना स्टेट कमेटी, पार्टी सदस्य, ईनाम -02.00 लाख रूपये
14. अनिल मड़कम उर्फ मूडा पिता नंदा मडकम उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया साकिन पेद्दापाल नयापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम-पश्चिम बस्तर डीविजन सप्लाई टीम पार्टी सदस्य, ईनाम – 02.00 लाख रूपये
15. सावित्री कारम उर्फ कविता पति छोटू कारम उम्र 21 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिरोली गायतापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- तेलंगाना स्टेट कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम -02.00 लाख रूपये
16. सोमारू माडवी पिता स्व. बोडोडी माडवी उम्र 49 वर्ष जाति माडिया साकिन जैगूर दोसोलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार सदस्य /डीएकेएएमएस अध्यक्ष, ईनाम -02 लाख रूपये
17. हिडमो पोयाम पिता लक्खो पोयाम उम्र 34 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य (इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस अध्यक्ष), ईनाम- 02.00 लाख रूपये
18. रामबती बेडता पिता बनाराम बेडता उम्र 40 वर्ष जाति मुरिया साकिन फुलोड बन्नापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-फुलोड आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, ईनाम- 02.00 लाख रूपये
19. मंगलू लेकाम पिता कोपा लेकाम उम्र 40 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन झारामोगिया पटेलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून कमाण्डर, ईनाम – 02.00 लाख रूपये
20. चैतू राम पोडियम पिता स्व. बुधू पोडियम उम्र 32 वर्ष जाति मुरिया साकिन बिरियाभूमि कर्रेपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, ईनाम-02.00 लाख रूपये
21. धनीराम अवलम उर्फ संतोष पिता बण्डोराम अवलम उम्र 36 वर्ष जाति मुरिया साकिन कडेर पटेलपारा थाना नैमेड जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-दुरधा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, ईनाम-02.00 लाख रूपये
22. कोमशीला बेडता पिता बिजलू बेडता उम्र 30 वर्ष जाति माडिया साकिन फुलोड बेडतापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- फुलोड आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, ईनाम-02.00 लाख रूपये
23. सोनू कवासी पिता गंगा कवासी उम्र 30 जाति मुरिया साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमाण्डर, ईनाम- 02.00 लाख रूपये
24. सीतू हेमला पिता सोमलू हेमला उम्र 29 वर्ष जाति मुरिया साकिन फुलादी बोडकूपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- फुलादी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, ईनाम -02.00 लाख रूपये
25. लोकेश कुम्मा पिता हुंगा कुम्मा उम्र 20 वर्ष जाति साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर छ0ग0 पदनाम- डीके जोन मोपोस टीम पार्टी सदस्य, ईनाम-01.00 लाख रूपये
26. लक्ष्मी माडवी पिता हुंगा माडवी उम्र 25 वर्ष जाति मुरिया साकिन मराईगुडा गामापाडपारा थाना एर्राबोर जिला सुकमा छ0ग0, पदनाम – पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या इर्नाम -01.00 लाख रूपये
27. मुन्ना कोवासी पिता सोमडू कोवासी उम्र 21 वर्ष जाति मुरिया दरभा स्कूलपारा थाना कुटरू जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, ईनाम-01.00 लाख रूपये
28. ईरपे तेलम उर्फ मीना पिता मासा तेलम उर्फ पटेल उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन तेलीपेटा पुरानापारा थाना कुटरू जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- पश्चिम बस्तर डीविजन पीएलजीए सदस्या, ईनाम-01.00 लाख रूपये
29. पाण्डे ओयाम उर्फ रोशनी पिता लखमू ओयाम उम्र 23 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- तेलंगाना स्टेट कमेटी पीएलजीए सदस्य, ईनाम-01.00 लाख रूपये
30. गागरू फरसा उर्फ जगमोहन पिता पुपला उम्र 36 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, पदनाम-01.00 लाख रूपये
31. डोल्ले बेडता पिता कुम्मा बेडता उम्र 37 वर्ष जाति माडिया साकिन जैगूर थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0 पदनाम- फुलोड आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष, ईनाम -01.00 लाख रूपये
32. मंगी डोडी पिता सोमा डोडी उम्र 36 वर्ष जाति मुरिया साकिन कोत्तागुडा बिलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम -पामेड एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम -01.00 लाख रूपये
33. लक्ष्मण वेको पिता स्व. सन्नू वेको उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया साकिन डालेर टेकामेटापारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- बिरियाभूमि आरपीसी जनताना सरकार उपाध्यक्ष
34. सरजू लेकाम पिता आयतू लेकाम उम्र 20 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन झारामोगिया स्कूलपारा थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य
35. बुधराम फरसा पिता पीडो फरसा उम्र 25 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी जनताना सरकार सदस्य
36. सनकू पोडियम पिता मुंगडु पोडियम उम्र 35 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन इंगुम नयापारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी डीएकेएएमएस सदस्य
37. लखमू राम फरसा उर्फ लक्खू पिता सोमा फरसा उम्र 29 वर्ष्ष जाति मुरिया साकिन इदेर स्कूलपारा थाना जांगला जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम- इदेर आरपीसी मिलिषिया प्लाटून सदस्य
38. वंगा मिच्चा पिता एर्रा मिच्चा उम्र 30 वर्ष जाति मुरिया साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सी सेक्शन कमाण्डर
39. नागा कुडियम पिता भीमा कुडियम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन बंदेपारा स्कूलपारा थाना मद्देड जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य
40. पाण्डू मिच्चा पिता मुरा मिच्चा उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन बंदेपारा नयापारा थाना मद्देड जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य –
41. शंकर याचम पिता मारा याचम उम्र 27 वर्ष जाति मुरिया साकिन कोरंजेड स्कूलपारा थाना मद्देड़ जिला बीजापुर छ0ग0, पदनाम-गुज्जाकोंटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य
इन 41 कैडरों के समाज में पुनर्वास और पुनर्समावेशन के लिए आवश्यक विधिक प्रक्रिया जारी है।
राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने दक्षिण बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव स्थापित की है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के जागरूक नागरिकों के सामूहिक एवं समन्वित प्रयासों से हिंसा और भय की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में बदलने में बड़ी सफलता मिली है।
मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी कैडरों ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन जीने का संकल्प लिया है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा बलों की सक्रियता और टीमवर्क:- आत्मसमर्पण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में DRG, नक्सल सेल, STF, कोबरा 201वीं, 202वी, 204वीं, 210वीं तथा केरिपु 85वीं, 199वी, 170वीं, 196वीं, 168वीं, 218वीं, 228वीं बटालियन का विशेष योगदान रहा है। इन सभी बलों ने लगातार क्षेत्र में अपनी सक्रियता, विश्वास निर्माण और संवेदनशील व्यवहार से माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है।
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि—
“छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है । आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें।”
उन्होंने आगे कहा कि—
माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां हमलावरों ने घर में घुसकर एक बुजुर्ग की कुल्हाड़ी मारकर हत्या (Bujurg Ki Kulhadi Markar Hatya) कर दी। हमलावरों ने पत्नी के सामने ही उसकी बेरहमी से हत्या की है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है।
यह दिल दहला देनी वाली घटना बासागुड़ा थाना क्षेत्र की है। यहां बिती तीन हमलावरों ने घर में घुसकर एक एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। हमलावरों ने उसके मुंह पर पहले कपड़ा बांधा इसके बाद उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने पत्नी के सामने ही उसकी बेरहमी से हत्या की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक धर्मा सोयम पुतकेल गांव का रहने वाला था। 14 नवंबर की रात जब वह सो रहा था, तभी तीन हमलावर वहां घुस आए और उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी भाग खड़े हुए। यह पूरी घटना धर्मा सोयम की पत्नी के सामने हुई है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
नक्सली साजिश की आशंका
आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे नक्सलियों की साजिश हो सकती है। इधर सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर ली है। फिलहाल हत्या अज्ञात हमलावरों की ओर से की गई है या फिर नक्सलियों की ओर से की गई है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
नक्सलियों के सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई
वहीं आपकों बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की ओर से नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इस बीच बीजापुर में शुक्रवार को एक ओर जहां IED ब्लास्ट की चपेट में आने से एक जवान घायल (IED Blast Me Jawan Ghayal) हो गया, तो वहीं दूसरी ओर नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने सुरक्षा कैंप स्थापित करते हुए नक्सलियों के स्मारक को ध्वस्त (Naksali Smarak Dhvast) कर दिया।
इलाके में सर्चिंग अभियान लगातार जारी
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस दौरान नक्सलियों की ओर से लगाया गया IED ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में आकर STF का एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। वहीं सुरक्षाबलों की ओर से इलाके में सर्चिंग अभियान लगातार जारी है।
नक्सलियों का भव्य इमारक ध्वस्त
अबूझमाड़ के ग्रामीाणों को सुरक्षा के साथ ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जाटलूर में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ पुलिस के विशेष दस्ते DRG , बस्तर फाइटर और केंद्रीय अर्धसैनिक बल ITBP ने संयुक्त अभियान चलाते हुए नक्सली संरचनाओं को निशाना बनाते हुए नक्सलियों के भव्य इमारक को ध्वस्त कर दिया। यह स्मारक लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का प्रतीक था।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर से नक्सलिय मुठभेड़ को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में कुछ बड़े नक्सली लीडर्स के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। हालांकि अब तक पुष्टि नहीं हुई है कि, मुठभेड़ में कितने नक्सली मारे गए हैं। वहीं बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने इस नक्सल मुठभेड़ की पुष्टि की है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और नक्सलियों के बीच ये मुठभेड़ बीजापुर जिले के भोपाल पटनम थाना इलाके के नेशनल पार्क में हुई है। इस मुठभेड़ में कुछ बड़े नक्सली लीडर्स के मारे जानें की खबर निकलकर सामने आ रही है। हालांकि अब तक पुष्टि नहीं हुई है कि, मुठभेड़ में कितने नक्सली मारे गए हैं। वहीं बीजापुर पुलिस अधीक्षक ने इस नक्सल मुठभेड़ की पुष्टि की है।
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली और जवानों के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा से सटे बीजापुर जिले के अन्नाराम और मरीमल्ला जंगलों में बुधवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। बताया जा रहा है कि यह एनकाउंटर सुबह शुरू हुआ और कई घंटों तक दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मुठभेड़ नक्सलियों की मद्देड एरिया कमेटी के सदस्यों से हुई है। जवानों ने जंगल में नक्सलियों को घेर लिया था और बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
बीजापुर, 05 नवम्बर 2025 : बीजापुर जिले में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नई संचार क्रांति देखने को मिल रही है। ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में अब मोबाइल नेटवर्क की सुविधा तेजी से विस्तार पा रही है, जिससे शासन की योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल लेन-देन तक पहुंच पहले से अधिक सुगम हो गई है
वर्तमान में जिले की कुल 170 ग्राम पंचायतों में से 102 ग्राम पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शेष 68 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क विस्तार का कार्य जारी है।
यूनीवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) परियोजना के अंतर्गत बीएसएनएल और जियो द्वारा जिले के 330 गांवों में मोबाइल टॉवर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इनमें से अब तक 69 ग्रामों में टावर स्थापना कार्य पूर्ण किया जा चुका है, और 8 ग्रामों में कार्य प्रगति पर है।
इन पहलों से बीजापुर जिले के दूरस्थ, वनाच्छादित और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा का दायरा बढ़ा है। इससे ग्रामीणों को न केवल शासकीय योजनाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है, बल्कि ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल लेन-देन जैसी सेवाओं तक भी पहुंच सुलभ हो गई है।
प्रशासन का कहना है कि आगामी समय में जिले के सभी ग्रामों को नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बीजापुर डिजिटल रूप से सशक्त जिलों की श्रेणी में शामिल हो सकेगा।
जगदलपुर - आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नक्सल वर्दी की जगह नक्सली शीघ्र ही होटल की यूनिफार्म पहनकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवादियों ने जब पुनर्वास किया, तब राज्य सरकार ने इन समर्पित माओवादियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की पहल की।
जगदलपुर के निकट आड़ावाल में लाइवलीहुड कॉलेज में इन 30 आत्मसमर्पित माओवादियों को पुनर्वास कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत गेस्ट सर्विस एसोसिएट का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल न केवल इन पूर्व माओवादी सदस्यों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि बस्तर के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास भी कर रही है।
ग्राहक सेवा, सत्कार तक प्रशिक्षण का सफर
ये सभी 30 पुनर्वासित माओवादी जो कभी घने जंगलों में हिंसा के रास्ते पर थे, आज लाइवलीहुड कॉलेज के कैंपस में ग्राहक संवाद, होटल मैनेजमेंट और सॉफ्ट स्किल्स सीख रहे हैं। करीब 3 महीने के इस कोर्स में उन्हें होटल इंडस्ट्रीज की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे बस्तर के होमस्टे, रिसॉर्ट्स और टूरिस्ट स्पॉट्स में आत्मविश्वास से काम कर सकें।





























