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कोरोना अपडेट: सावधानी बरतनी जरुरी, देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले, 24 घंटे में 16 हजार से ज्यादा नए मामले

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतनी जरुरी, देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले, 24 घंटे में 16 हजार से ज्यादा नए मामले

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर से कोरोना ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है। संक्रमण के कारण मृतकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 16,156 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 733 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा भारत में अब कोरोना के 1,60,989 सक्रिय मरीज बचे हैं जो कि 143 दिनों में सबसे कम है। वहीं देश में कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,56,386 हो गई है और कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 3,42,31,809 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 13,451 नए मामले सामने आए थे और इस दौरान 585 लोगों की मौत हुई थी। जबकि मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 14,306 नए मामले सामने आए थे। वहीं इस दौरान 443 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि इस दौरान 18,762 लोग स्वस्थ भी हुए थे। कोरोना संक्रमण से मरने वालों की बढ़ती संख्या से तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है। त्योहारों के समय कोरोना संक्रमण फिर से पैर पसारने लगा है।

AY.4.2 कोरोना वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता
भारत में AY.4.2 नामक कोरोना के नए वेरिएंट सामने आने के बाद से सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता भी एक बार फिर से बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस वेरिएंट पर बात करते हुए कहा कि सरकार की नजर इस मामले पर बनी हुई है और हर स्तर से इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की टीमों पर विभिन्न प्रकारों का अध्ययन और विश्लेषण का जिम्मा है।

बीते 24 घंटे में 12,90,900 सैंपल टेस्ट
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(ICMR) के अनुसार भारत में बुधवार को कोरोना वायरस के लिए 13,05,962 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 60,44,98,405 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।

हर घर दस्तक अगले महीने से केंद्र सरकार की नई मुहिम होगी शुरू

हर घर दस्तक अगले महीने से केंद्र सरकार की नई मुहिम होगी शुरू

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण बीमारी के खिलाफ अगले महीने से नई मुहिम की शुरुआत करने जा रही है। 'हर घर दस्तक' मुहिम के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को टीका लगाएंगे। इस दौरान दूसरे डोज से वंचित लोगों के साथ ही अब तक एक भी डोज नहीं लगवाने वालों को भी टीका दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्य तौर पर फोकस देश के उन 48 जिलों पर किया जाएगा, जहां 18 साल या इससे अधिक उम्र के 50 फीसदी से कम आबादी को कोरोना का टीका लगा है। मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। हाल ही में देश में 100 करोड़ कोविड टीके लगाने की सफलता हासिल की गई है। हालांकि देश के कुछ हस्सिों में टीकाकरण की गति धीमी है। इसका कारण लोगों में जागरुकता में कमी, टीके को लेकर हिचकिचाहट और भौगोलिक बाधाएं शामिल हैं।
11 करोड़ लोगों ने समय बीतने के बावजूद नहीं ली दूसरी खुराक
कोविड-19 टीके की पहली खुराक ले चुके 11 करोड़ से अधिक लोगों ने दो खुराकों के बीच निर्धारित अंतराल समाप्त होने के बाद भी दूसरी खुराक नहीं लगवाई है। आंकड़े बताते हैं कि 6 सप्ताह से अधिक समय से 3.92 करोड़ से अधिक लाभार्थियों ने दूसरी खुराक नहीं ली है। इसी तरह करीब 1.57 करोड़ लोगों ने चार से छह सप्ताह देरी से और 1.5 करोड़ से अधिक ने दो से चार सप्ताह देरी से कोविशील्ड या कोवैक्सिन की अपनी दूसरी खुराक नहीं ली है।
बच्चों के टीके पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान बच्चों के कोविड टीके पर भी चर्चा की गई। कोविड टीका नर्मिाता भारतीय कंपनी भारत बायोटेक बच्चों के लिए कोवैक्सिन टीका विकसित कर चुकी हैं। इसके आपात इस्तेमाल की सिफारिश विषय विशेषज्ञ समिति सिफारिश कर चुकी है। अब इसे भारतीय औषधि महानियंत्रक की मंजूरी की प्रतीक्षा है। बच्चों के लिए दूसरे टीका जायडस को वश्वि स्वास्थ्य संगठन ने आपात स्थिति में प्रयोग करने 'कोविड टीका सूची' में शामिल किया है। मांडविया ने कहा है कि दोनों टीको को मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है और यह विशेषज्ञ समिति के अधिकार में हैं। सरकार इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

 

रूसी से छुटकारा पाने के लिए करें घर के बने हेयर मिस्ट का इस्तेमाल

रूसी से छुटकारा पाने के लिए करें घर के बने हेयर मिस्ट का इस्तेमाल

रूखे और बेजान बालों को मैनेज करना न सिर्फ मुश्किल होता है बल्कि ये आपके बालों की जड़ों को भी कमजोर करता है. ड्राई स्कैल्प बालों को फ्रिजी बना सकता है. इससे बालों के टूटने की समस्या भी हो सकती है. गर्म हेयर स्टाइलिंग टूल्स का इस्तेमाल रूखेपन की समस्या को और बढ़ा देता है.
केमिकल युक्त शैंपू और बालों की देखभाल करने वाले प्रोडक्ट भी आपके सिर की नमी को सोख लेते हैं. ऐसे में आप घर के बने होममेड हेयर मिस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आपके बालों को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं.
रूसी से छुटकारा पाने के लिए हेयर मिस्ट
एलोवेरा हेयर मिस्ट
एलोवेरा त्वचा और बालों के लाभ के लिए प्रसिद्ध है. अगर आपके बाल हमेशा रूखे और बेजान रहते हैं आप एलोवेरा हेयर मिस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आपको एलोवेरा जेल, ग्लिसरीन, विटामिन ई ऑयल कैप्सूल और तिल के तेल की जरूरत होगी. सबसे पहले एक खाली स्प्रे बोतल में आधा कप पानी लें. इसमें 1 टेबलस्पून एलोवेरा जेल और 1 टीस्पून ग्लिसरीन मिलाएं. अब कैप्सूल से विटामिन ई का तेल निकाल लें. बाद में इसमें एक टीस्पून तिल का तेल डालें.
ढक्कन बंद करें और बोतल को अच्छी तरह हिलाएं, जब तक कि सब कुछ मिल न जाए. इसे अपने स्कैल्प और बालों की लंबाई पर स्प्रे करें. इस मिस्ट को आप आसानी से लगभग एक हफ्ते तक अपने फ्रिज में रख सकते हैं. अगर आप इसे सुगंधित बनाना चाहते हैं तो इसमें गुलाब या नींबू के एसेंशियल तेल मिला सकते हैं.
गुलाब जल मिस्ट
रूखे और बेजान बालों के इलाज के लिए गुलाब जल एक पुराना उपाय है. टी ट्री ऑयल अपने एंटीसेप्टिक गुणों के कारण खुजली वाले स्कैल्प के लिए एक लोकप्रिय उपचार है. इन सामग्रियों का संयोजन आपके बालों को चमकदार बनाते हुए आपके स्कैल्प को साफ रखता है. इसके लिए आपको गुलाब जल, टी ट्री ऑयल, बादाम का तेल और विटामिन ई कैप्सूल की जरूरत होगी. एक स्प्रे बोतल में एक कप पानी लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिला लें. टी ट्री ऑयल की 2 बूंदें और एक बड़ा चम्मच बादाम का तेल मिलाएं. इसमें विटामिन ई कैप्सूल को निचोड़ लें. स्प्रे बोतल का ढक्कन बंद करें और अच्छी तरह हिलाएं. आपका होममेड हेयर स्प्रे इस्तेमाल के लिए तैयार है.
हनी मिस्ट
मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए हनी मिस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये आपके बालों की नमी बनाए रखने में मदद करता है. ये आपके बालों को प्राकृतिक चमक प्रदान कर सकता है. इसके लिए आप शहद, लैवेंडर एसेंशियल तेल, विटामिन ई कैप्सूल और नारियल के तेल की जरूरत होगी. एक खाली स्प्रे बोतल में आधा कप पानी लें. इसमें 1 टेबलस्पून शहद और 1 टेबलस्पून नारियल का तेल मिलाएं. विटामिन ई कैप्सूल को काटकर बोतल में से तेल निकाल लें. लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की 1-2 बूंदें डालें और ढक्कन बंद कर दें. अब बोतल को अच्छी तरह हिलाएं. इसे तब तक हिलाएं जब तक कि सभी सामग्री अच्छी तरह से मिल न जाए. आप जब चाहें इसे सीधे अपने बालों पर स्प्रे कर सकते हैं.
 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने नए मरीज, 443 मौत

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटे में इतने नए मरीज, 443 मौत

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 14 हजार 306 नए मामले आए, 18 हजार 762 रिकवरी हुईं और 443 लोगों की कोरोना से मौत हुई। इन मामलों में सबसे अधिक प्रभावित राज्य केरल से 8 हजार 538 केस और 71 मौतें शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.49 प्रतिशत शामिल है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे कम है, जबकि कोरोना रिकवरी दर 98.18 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। 24 घंटे की अवधि में कोविड-19 मामलों की कुल सक्रिय संख्या में 4 हजार 899 मामलों की कमी दर्ज की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, दैनिक सकारात्मकता दर 1.43 प्रतिशत दर्ज की गई और साप्ताहिक सकारात्मकता दर भी 1.24 प्रतिशत दर्ज की गई। बीमारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 67 हजार 367 हो गई, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई।

देश में कोरोना के कुल आंकड़े-
कुल मामले: 3,41,89,774
सक्रिय मामले: 1,67,695
कुल रिकवरी: 3,35,67,367
कुल मौतें: 4,54,712
कुल वैक्सीनेशन: 1,02,27,12,895।

स्पूतनिक-V के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा देश, कहा-वैक्सीन से एचआईवी का खतरा...

स्पूतनिक-V के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा देश, कहा-वैक्सीन से एचआईवी का खतरा...

विंधोएक/नई दिल्ली, नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik V) के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा। दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूसी वैक्सीन के इस्तेमाल को बंद करने का उनका फैसला इस चिंता के सामने आने के बाद लिया गया है कि स्पूतनिक वी लेने वाले पुरुषों में संभवतः एचाईवी होने की आशंका ज्यादा होती है।
वहीं, नामीबिया के इस फैसले पर स्पूतनिक-वी वैक्सीन को विकसित करने वाले जमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने नाराजगी जाहिर की है। इंस्टीट्यूट ने कहा है कि नामीबिया का फैसला किसी साइंटिफिक एविडेंस या रिसर्च पर आधारित नहीं है। बीते कुछ दिन पहले देश दक्षिण अफ्रीका ने भी स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर चिंता जाहिर की थी। दक्षिण अफ्रीकी नियामक SAHPRA ने फैसला लिया है कि वह अपने देश में स्पूतनिक-वी के आपात इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देगा।
इसके पीछे दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता चला है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका बढ़ जाती है। मालूम हो कि भारत में भी स्पूतनिक-वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आशंका सामने नहीं आई है।
 

बालको मेडिकल सेंटर करेगा रायपुर में असोमाकॉन 2021 की मेजबानी, इस तारीख से होने जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ

बालको मेडिकल सेंटर करेगा रायपुर में असोमाकॉन 2021 की मेजबानी, इस तारीख से होने जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ

रायपुर | एशियन सोसाइटी ऑफ मास्टोलॉजी, असोमाकॉन 2021 का 5 वां अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन, बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन 12 से 14 नवंबर, 2021 तक होटल बेबीलोन कैपिटल, रायपुर में होगा। छत्तीसगढ़ में यह स्तन देखभाल पर होने वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है और इस प्रतिष्ठित शैक्षिक उत्सव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय वैज्ञानिक निकायों की सक्रिय भागीदारी होगी।

इस सम्मेलन में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स -इंडिया चैप्टर, सेंट्रल-ईस्टर्न यूरोपियन ब्रेस्ट कैंसर कन्सॉर्शियम, ब्रेस्ट ग्लोबल, गुरुकुल ऑफ सर्जिकल डिसिप्लिन, और एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (छत्तीसगढ़ चैप्टर) भाग लेंगें।  इस वर्ष के असोमाकॉन का विषय है "ब्रेस्ट केयर: इनक्लूडिंग द डायवर्सिटीज"।
असोमा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसमें 30 से अधिक देशों के सदस्य शामिल हैं जो स्तन रोगों की देखभाल में पारंगत हैं। असोमाकॉन को दुनिया भर में स्तन रोगों के लिए सबसे श्रेष्ठ बैठकों में से एक माना जाता है। अपने अत्यधिक प्रासंगिक और आकर्षक शैक्षणिक सत्रों की लोकप्रियता के साथ, असोमाकॉन ने पिछले सत्रों में दुनिया भर में स्तन देखभाल प्रदान करने वाले 2000 से अधिक पेशेवरों की उपस्थिति देखी है।
वर्षों से, असोमा ने अभ्यास-केंद्रित शिक्षा और बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा देकर स्तन रोगों के मरीज़ों के लिए चिकित्सा-परिणामों में सुधार करने का प्रयास किया है। असोमा ने स्तन विशेषज्ञों के साथ-साथ सभी कैंसर विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, नर्सिंग चिकित्सकों, और दुनिया भर के सर्जरी और मेडिकल छात्रों को सफलतापूर्वक एक साथ लाया है।
इस मिशन को जारी रखते हुए, असोमाकॉन 2021 में सूचनात्मक सत्र, वैज्ञानिक पेपर और पोस्टर प्रस्तुतियाँ, प्रतिष्ठित व्याख्यान, कार्यशालाएँ, नैदानिक ​​​​मामले परिदृश्य, महत्वपूर्ण विवादों पर विचार-विमर्श और दुनिया भर में इस क्षेत्र के उभरते रुझानों पर चर्चा होगी। इस आयोजन के लिए पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट www.2021.asoma.in के माध्यम से किया जा सकता है।
बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी) के बारे में:
बालको मेडिकल सेंटर, वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन की पहली प्रमुख पहल, जो कि नया रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्थापित की गई है, में 170 बेड, अत्याधुनिक तृतीयक देखभाल ऑन्कोलॉजी सुविधा है, जिसमें 50 से अधिक शल्य चिकित्सा, विकिरण, हेमटोलॉजिकल और उपशामक देखभाल विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। यह पूरे मध्य भारत में सबसे बड़ी और सबसे उन्नत ऑन्कोलॉजी सुविधा है। BMC का उद्देश्य भारत की आबादी तक उचित और सस्ती कीमत पर आसान पहुंच के भीतर अल्ट्रा-मॉडर्न, मल्टी-मॉडेलिटी डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय सुविधाएं लाना है।
कोरोना अपडेट : देश में कोरोना वायरस के मामलो में एक बार फिर उछाल दर्ज , 666 मौत

कोरोना अपडेट : देश में कोरोना वायरस के मामलो में एक बार फिर उछाल दर्ज , 666 मौत

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस केसों में एक बार फिर उछाल दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 16 हजार 326 नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन पहले आए कुल केस से 3.42 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा 666 लोगों की मौत भी हुई है। हालांकि, सुकून की बात यह है कि इस वक्त देश में एक्टिव केसों की संख्या दो लाख से नीचे बनी है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल देश में एक्टिव केसों की संख्या 1 लाख 73 हजार 728 है। सबसे ज्यादा सक्रिय मामले इस वक्त केरल में हैं। यहां एक्टिव केसों की संख्या 80 हजार से भी ज्यादा है। उधर दूसरा नंबर महाराष्ट्र का है, जहां 24 हजार से कुछ ज्यादा एक्टिव केस हैं। इन दोनों राज्यों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में सिर्फ 107 एक्टिव केस हैं, जबकि दिल्ली में सक्रिय मामलों की संख्या 340 है।

कोरोना अपडेट : देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार नए मामले, सक्रिय केस 8 महीने में सबसे कम

कोरोना अपडेट : देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार नए मामले, सक्रिय केस 8 महीने में सबसे कम

नई दिल्ली: भारत कोरोना महामारी को पटखनी देने में लगातार कामयाब हो रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में केवल 15,786 नए मामले सामने आए। देश में सक्रिय मामलों की संख्या भी पिछले आठ महीनों में सबसे कम है। वहीं, बीते 24 घंटों में 18641 लोग कोरोना से ठीक हुए जबकि 231 लोगों की मौत हो गई। इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,41,43,236 हो गई है। देश में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 1,75,745 हो गई है,

जो कुल मामलों का 0.51 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 3,086 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.16 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सबसे अधिक है। वहीं, कोरोना महामारी से 3,35,14,449 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4,53,042 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्तूबर को 70 लाख, 29 अक्तूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।

टीकाकरण का रिकॉर्ड, भारत ने दुनिया के सामने पेश की मिसाल
भारत में कोविड-19 टीकों की अब तक दी गई खुराकों की संख्या गुरुवार को 100 करोड़ के पार पहुंच गई और इसी के साथ देश ने कोरोना वायरस के खिलाफ अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। पीएम मोदी ने इस उपलब्धि पर कहा कि 100 करोड़ वैक्सीन डोज केवल एक आंकड़ा नहीं है, ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब है। ये उस नए भारत की तस्वीर है, जो कठिन लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करना जानता है और अपने संकल्पों की सिद्धि के लिए परिश्रम का नतीजा है।

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतने की जरूरत, देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार मामले

कोरोना अपडेट: सावधानी बरतने की जरूरत, देश में पिछले 24 घंटे में इतने हजार मामले

नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार चढ़ाव जारी है। किसी दिन मामले बढ़ जा रहे हैं तो किसी दिन केस कम हो जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक दिन में 18 हजार नए मामले सामने आए हैं।

वहीं, रिवकरी रेट 98.15% पहुंच गया है। यानी स्वस्थ होने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। यह फीसदी मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। वहीं, कोरोना के खिलाफ आज का दिन भारत के लिए सबसे अहम है। भारत ने 100 करोड़ कोरोना वैक्सीन लगाने का डोज पूरा कर इतिहास रच दिया है।


देश में आम लोगों के लिए 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई थी और आखिरी 20 करोड़ डोज 31 दिन में लगे। देश की 75% युवा आबादी को कम से कम एक डोज लग चुका है और 31% आबादी को दोनों डोज लग चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के 1 लाख 78 हजार 831 एक्टिव केस आए हैं, जो करीब आठ महीने बाद सबसे कम है। जबकि 3 करोड़ 64 लाख 28 हजार 541 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 3 करोड़ 81 लाख 94 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 52 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

24 घंटे में 1028 मरीजों की मौत
वहीं, यूरोप में कोरोना महामारी फिर से तबाही मचा रखी है। रूसी स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 1,028 लोगों की जान चली गई, जो महामारी की शुरुआत के बाद से एक दिन में सबसे अधिक संख्या है। इससे रूस में महामारी से मरने वालों की कुल संख्या 226,353 हो गई जो कि यूरोप में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है

कोरोना अपडेट : देश में पिछले 24 घंटे में 13 हजार से ज्यादा मामले, 166 मौत

कोरोना अपडेट : देश में पिछले 24 घंटे में 13 हजार से ज्यादा मामले, 166 मौत

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार के आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में 13,596 ताजा कोविड-19 संक्रमण दर्ज किए, जोकि 230 दिनों में सबसे कम दैनिक वृद्धि है। जबकि सक्रिय मामले 221 दिनों में सबसे कम 1,89,694 हो गए हैं।

वहीं 166 मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,52,290 हो गई। देश ने अब तक 3,40,81,315 कोविड मामले दर्ज किए हैं।

एक दिन में, सक्रिय मामलों में 6,152 की गिरावट आई और वर्तमान में यह कुल संक्रमणों का 0.57 प्रतिशत है। राष्ट्रीय कोविड की वसूली दर 98.10 प्रतिशत थी, जो सुबह 8 बजे अपडेट किए गए आंकड़ों से पता चलता है।

मंत्रालय ने कहा कि बीमारी से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 3,34,39,331 हो गई, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत थी।

साप्ताहिक सकारात्मकता दर (1.37% प्रतिशत), पिछले 115 दिनों से 3 प्रतिशत से कम रही है और दैनिक सकारात्मकता दर (1.37 प्रतिशत) 49 दिनों के लिए 3 प्रतिशत से कम रही है।

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में 97.79 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।

भारत की कोविड-19 टैली 7 अगस्त, 2020 को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, 5 सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख को पार कर गया था। 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार किया।

भारत ने 4 मई को दो करोड़ और जून को तीन करोड़ के गंभीर मील के पत्थर को पार कर लिया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौतें सहरुग्णता के कारण हुईं।

क्या आपको महसूस होती है सेक्स ड्राइव में कमी, तो हो सकती है आपके शरीर में इस हार्मोंस की कमी, ऐसे करें उसे दूर

क्या आपको महसूस होती है सेक्स ड्राइव में कमी, तो हो सकती है आपके शरीर में इस हार्मोंस की कमी, ऐसे करें उसे दूर

 Testosterone injections: जब भी हार्मोंस असंतुलन की बात होती है तो अकसर लोगों को लगता है कि ये समस्या सिर्फ महिलाओं को होती है. जबकि ये महिला और पुरुष दोनों में आम है, पुरुषों में भी हार्मोंस असंतुलित होते हैं. जिसके लिए उनको उपचार कराना पड़ता है लेकिन पुरुष हार्मोनल असंतुलन और कमियों का भी अनुभव कर सकते हैं, जो उनके विकास, प्रजनन प्रणाली और शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं.

कभी-कभी पुरुष और लड़के टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के साथ भी पैदा होते हैं. उनको भी टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन की सलाह दी जाती है.

कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण
कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण उम्र के अनुसार अलग-अलग होते हैं. किशोरों में, कम टेस्टोस्टेरोन इस तरह दिख सकता है किन 14 साल की उम्र में भी यौवन के विलंबित लक्षण, लिंग का चौड़ा या लंबा नहीं होना, चेहरे और दाढ़ी के बालों कम आना.

वयस्कों में, कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण
सेक्स ड्राइव में कमी
लो स्पर्म काउंट
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
थकान
अवसाद
ऑस्टियोपोरोसिस
मांसपेशियों में कमी

कैसे पता चलेगा कि टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन आपके लिए सही है?
टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन (टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के प्रयास में रोगियों में इंजेक्ट किया गया सिंथेटिक टेस्टोस्टेरोन) कमी वाले व्यक्ति में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने का एक सहायक तरीका है. लेकिन ये हर किसी के लिए नहीं हैं विशेषज्ञ सावधानी से जांच करने के बाद ही टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन थेरेपी की सलाह देते हैं. सामान्य तौर पर, कुछ विशिष्ट परिदृश्यों में टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है, जैसे-
विलंबित यौवन
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
हार्मोनल असंतुलन और कम टेस्टोस्टेरोन के हल्के लक्षणों वाले लोगों के लिए, जीवनशैली में बदलाव कर सही किया जा सकता है.

टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन के पहले ये कुछ चीजें हैं जिनको आजमाना चाहिए :

थकावट और लो सेक्स ड्राइव के लक्षणों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और बेहतर नींद से ठीक किया जा सकता है.
सेक्सुल समस्याओं को डॉक्टर की सलाह से सेक्स ड्राइव को ठीक किया जा सकता है

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just36news पुष्टि नहीं करता है | इनको केवल सुझाव के रूप में लें | इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें |

कोरोना अपडेट : 24 घंटे में 15 हजार से ज्यादा नए मामले, 166 मौत

कोरोना अपडेट : 24 घंटे में 15 हजार से ज्यादा नए मामले, 166 मौत

नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है। बीते 24 घंटे में 15 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जबकि 166 लोगों की मौत हो गई। वहीं,17 हजार 861 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। राहत की बात है कि कोरोना से मरने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। गुरुवार को मरने वालों की संख्या 350 से ज्यादा थी, वहीं, शुक्रवार को बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा दो सौ से नीचे पहुंच गया।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के 2 लाख 01 हजार 632 एक्टिव केस आए हैं, जबकि 3 करोड़ 33 लाख 99 हजार 961 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 3 करोड़ 40 लाख 53 हजार 573 कुल मामले सामने आए हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 51 हजार 980 लोगों की मौत हो चुकी है।

हाथों में दर्द होने पर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जल्द मिलेगी राहत

हाथों में दर्द होने पर अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जल्द मिलेगी राहत

कई बार अधिक समय तक लैपटॉप में टाइपिंग करने, अर्थराइटिस की बीमारी, चोट, भारी सामान उठाने या असामान्य गतिविधियों के कारण हाथों में दर्द की समस्या हो सकती है। हालांकि, कई लोग इस समस्या को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और यही लापरवाही भविष्य में उन्हें भारी पड़ सकती है। आइए आज हम आपको इस समस्या के उपचार के लिए कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जिनकी मदद से आपको इससे जल्द छुटकारा मिल सकता है।
ठंडी सिकाई के तौर पर बर्फ मलें
हाथ में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए ठंडी सिकाई के तौर पर बर्फ का इस्तेमाल करना भी लाभदायक है। बर्फ में कई ऐसे गुण होते हैं, जो इस समस्या को दूर करके आराम दे सकते हैं। इसके लिए एक मुलायम तौलिये या फिर सूती कपड़े में बर्फ का एक टुकड़ा लपेटें और इसे दर्द से प्रभावित हाथ पर हल्के हाथों से एक से दो मिनट तक मलें। इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।
हल्दी का करें सेवन
स्वास्थ्य संबंधित कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने में हल्दी का इस्तेमाल सबसे कारगर घरेलू नुस्खों में से एक है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक के साथ-साथ करक्यूमिन नामक खास तत्व मौजूद होता है, जो हाथ के दर्द से छुटकारा दिलाने में काफी मदद कर सकते हैं। इसलिए हाथ में दर्द होने पर हल्दी को दूध में मिलाकर पीएं या फिर किसी भी अन्य तरीके से इसे अपनी डाइट में शामिल करें।
समय-समय पर हाथों की स्ट्रेचिंग है जरूरी
अगर आपके हाथ में दर्द का कारण अधिक देर तक लैपटॉप में टाइपिंग करना है तो बेहतर होगा कि आप काम के बीच-बीच में छोटा ब्रेक लें और इस दौरान अपने हाथों और उंगलियों को स्ट्रेच करें। स्ट्रेचिंग के लिए तीन से चार बार मुठ्ठी बंद करें और खोलें या फिर दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में मिलाते हुए सिर के ऊपर ले जाएं और उन्हें खींचे। ऐसा करने से हाथ में दर्द होने की संभावना कम हो जाएगी।
जैतून के तेल से करें मालिश
किसी तरह का दर्द हो तो तेल मालिश का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। हाथ के दर्द से राहत पाने के लिए तेल मालिश भी अच्छा उपाय है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मालिश सही तरीके से की जाए, क्योंकि गलत तरीके से मालिश करने पर दर्द बढ़ सकता है। जब भी आपको हाथ में दर्द हों तब जैतून के तेल से दर्द से प्रभावित हाथ की मालिश करना सुनिश्चित करें।
 

कोरोना अपडेट : सावधानी बरतनी जरुरी देश में फिर से बढ़ने लगे है कोरोना मरीज, देखे आकड़े

कोरोना अपडेट : सावधानी बरतनी जरुरी देश में फिर से बढ़ने लगे है कोरोना मरीज, देखे आकड़े

नई दिल्ली: नवरात्रि के अवसर पर जैसे-जैसे लोगों की भीड़ उमड़ रही है वैसे-वैसे अब कोरोना के मामले भी बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 18,987 नए मामले सामने आए हैं जो कि कल की तुलना में तीन हजार अधिक हैं। वहीं इस दौरान 246 लोगों की मौत हुई है। हालांकि बीते 24 घंटे में 19,808 लोग स्वस्थ भी हुए हैं लेकिन कल की तुलना में यह आंकड़ा कम है। इसके अलावा भारत में अब कोरोना के 2,06,586 सक्रिय मरीज बचे हैं। देश में कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,51,435 हो गई है, वहीं अब तक स्वस्थ होने वाले कुल मरीजों की संख्या 3,33,62,709 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 15,823 नए मामले सामने आए थे जो कि सात महीने बाद आज सबसे कम थे लेकिन आज अचानक इसमें तीन हजार से अधिक की वृद्धि देखी गई। वहीं इस दौरान 226 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि कल 22,844 लोग स्वस्थ भी हुए थे लेकिन आज इसकी तुलना में तीन हजार कम लोग स्वस्थ हुए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार के आंकड़े के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 14,313 नए मामले सामने आए थे। यह 224 दिनों में सबसे कम केस था। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 26,579 हो गई थी।

केरल में भी बढ़े कोरोना के मामले
केरल में कोविड का प्रकोप लगातार जारी है। यहां पिछले 24 घंटों में कोविड-19 महामारी के 11079 नए मामले सामने आए। इसी अवधि में राज्य में 123 संक्रमितों की जान चली गई और 9972 लोग ठीक हुए। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या अब 97,630 हो गई है। बता दें कि कल की तुलना में आज तीन हजार से अधिक मामले बढ़ गए। बुधवार को जारी आंकड़े के मुताबिक केरल में पिछले 24 घंटों के अंदर 7,823 लोग आए थे। देश भर से दर्ज हो रहे कुल मामलों का लगभग 60 फीसदी हिस्सा केरल से सामने आ रहा है। वहीं केरल के स्कूलों में एक नवंबर से कक्षाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं।

देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 97 करोड़ के करीब
भारत में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक देश में कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 96,82,20,997 हो गया है। वहीं बीते 24 घंटे में 35,66,347 कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई गईं।

क्या आप भी हैं इन 5 आदतों से लाचार, तो हो जाइये सावधान, आप हो सकते हैं बहरेपन का शिकार

क्या आप भी हैं इन 5 आदतों से लाचार, तो हो जाइये सावधान, आप हो सकते हैं बहरेपन का शिकार

जब किसी को कम सुनाई दे या बिलकुल ही सुनाई न दे तब इसे बहरापन कहा जाता हैं। इसकी शुरुआत बहुत हल्के से होती है फिर धीरे-धीरे यह बहरेपन जैसी गंभीर समस्या बनकर उभर आती है। अगर आपको किसी के द्वारा जोर से बोलने पर भी सुनने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, तो आपको सुनने की समस्या हो सकती है। वैसे तो बहरेपन की कई वजह हो सकती है जैसे माथे पर चोट लगना, कान पकना या किसी प्रकार की कान की बीमारी होना आदि।

लेकिन आम दिनचर्या में कुछ ऐसी चीजें है, जिन्हें करते हुए यदि आपने सावधानी नहीं बरती तो आप बहरेपन के शिकार हो सकते हैं। आइए, जानते हैं, बहरेपन के इन्हीं कारणों के बारे में:

1. तेज आवाज में लगातार इयरफोन से संगीत सुनना। तेज ध्वनि ईयर ड्रम को क्षति पहुंचा कर उसे पतला कर देती है। तेज आवाज में लगातार इयरफोन के इस्तेमाल से आप बहरेपन का शिकार हो सकते हैं।

2. कई लोग घर पर ही अपने कानों की सफाई करने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे कानों में हेयरक्लिप्स, सेफ्टी पिन, माचिस की तीली एवं तीखी वस्तुएं डालकर कान को साफ करने लगते हैं। ऐसा करने से भी आप बहरेपन का शिकार हो सकते हैं।

3. बिना चिकित्सक के परामर्श के दर्दनिवारक दवाओं, एंटीबायोटिक आदि का सेवन करना भी बहरेपन के लिए जिम्मेंदार हो सकता है।

4. अपने वाहन में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करना भी बहरेपन भी वजह बन सकती है।

5. डीजे व पब में कानफोड़ू आवाज सुनने को मिलती है। यहां ज्यादा देर रुकने से इतनी तेज आवाज आपके कामों नें लगातार जाती हैं, जोकि आगे जाकर बहरेपन की वजह बन सकती हैं।

 

कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आए 15 हजार से कम नए मामले

कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आए 15 हजार से कम नए मामले

नई दिल्ली: कोरोना मामलों को लेकर सोमवार का दिन राहत देने वाला रहा। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 14,313 नए मामले सामने आए हैं। यह 224 दिनों में सबसे कम केस हैं। देश में कोरोना का रिकवरी रेट 98.04 फीसदी पर पहुंच गया है, जो मार्च 2020 के बाद सबसे ज्यादा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 26,579 हो गई है। जो अब तक ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3,33, 20,057 तक पहुंच गई है। वहीं, कोरोना के एक्टिव केस की तादाद एक फीसदी से भी कम रह गई है। त्योहारी सीजन में कोरोना के दैनिक केसों में कमी लोगों के लिए राहत लेकर आई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के 2 लाख 14 हजार900 एक्टिव केस आए हैं, यह 212 दिनों में सबसे कम है, जबकि 3 करोड़ 33 लाख 20 हजार 57 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 3 करोड़ 39 लाख 85 हजार 920 कुल मामले सामने आए हैं। भारत में अब तक कोरोना से 4 लाख 50 हजार 962 लोगों की मौत हो चुकी है।

इसके अलावा 95 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।


महाराष्ट्र में 17 महीनों बाद कम मामले
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना के 1,736 नए मामले आए जो कि पिछले 17 महीनों में एक दिन में आए संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। इसके साथ ही 36 और मरीजों की मौत से राज्य में मृतकों की संख्या 1,39,578 पर पहुंच गई है। हालांकि, केरल,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम और मणिपुर में कोरोना की दैनिक संख्या में ज्यादा कमी नहीं देखी जा रही है। राज्यों के स्वास्थ्य विभागों का कहना है कि टीकाकरण अभियान बढ़ाने का काम जारी है।

महामारी को लेकर लापरवाही न बरते लोग : स्वास्थ्य मंत्री
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने लोगों से अपील की कि कोविड-19 के प्रति लापरवाही नहीं बरतें, क्योंकि बीमारी नियंत्रण में भले ही है, लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। ऐसे में लोग कोरोना प्रोटोकॉल नियमों का पालन जरूर करें।

क्या आपके में भी है पोस्ट कोविड लक्षण तो जल्दी से कर ले ये काम, मिलेगी राहत एम्स का बड़ा दावा

क्या आपके में भी है पोस्ट कोविड लक्षण तो जल्दी से कर ले ये काम, मिलेगी राहत एम्स का बड़ा दावा

नई दिल्ली, कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद आने वाली परेशानियां यानी पोस्ट कोविड को लेकर अब तक कई चिकित्सीय अध्ययन सामने आ चुके हैं। लेकिन टीकाकरण और पोस्ट कोविड लक्षणों को लेकर पहली बार नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने जानकारी हासिल की है। अभी तक वैक्सीन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दी जा रही थी, परंतु अब पोस्ट कोविड स्थिति से बचने के लिए भी टीकाकरण जरूरी है। एम्स के मुताबिक, वैक्सीन की दो खुराक भी ये लक्षण दूर कर सकती हैं।
कोरोना से ठीक होने के बाद जो लोग समय रहते वैक्सीन की दोनों खुराक ले रहे हैं उनमें पोस्ट कोविड के लक्षण बेहद कम या बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। संक्रमण से ठीक होने के बाद जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है उनमें पोस्ट कोविड की आशंका दिखाई दे रही है। यह अध्ययन मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में अभी समीक्षा स्थिति में है। एम्स के सात विभाग डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान, मनोरोग, पल्मोनरी, मेडिसिन, एंड्रोक्रॉयनोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी और अस्पताल प्रबंधन के डॉक्टरों ने मिलकर यह अध्ययन किया है। इसमें एम्स के स्वास्थ्य कर्मचारी व अन्य स्टाफ को भी शामिल किया गया था, जिन्होंने फोन पर दिए साक्षात्कार में कोरोना से ठीक होने के बाद दैनिक दिनचर्या को लेकर प्रतिक्रिया भी दी है।
डॉक्टरों ने बताया कि इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच उनके यहां 1800 से ज्यादा कोरोना मरीजों को भर्ती किया गया, लेकिन इनमें से 33.20 फीसदी मरीज ऐसे मिले जिनमें स्वस्थ घोषित करने के बाद भी पोस्ट कोविड के लक्षण मिल रहे हैं। अब तक उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ नहीं कहा जा सकता है। कुल 1801 रोगियों का चयन करने के बाद जब अध्ययन शुरू हुआ तो 773 मरीजों से पर्याप्त जानकारी मिल सकी।
अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी फोन पर इनसे संपर्क रहा। इनकी औसतन आयु 34 वर्ष थी। 56.40 फीसदी पुरुष और बाकी महिलाएं मरीज थीं। अध्ययन में पता चला कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद 33.20 फीसदी मरीजों में चार या उससे अधिक सप्ताह तक पोस्ट कोविड लक्षण रहे। कोरोना वायरस का असर शरीर के हर अंग पर पड़ता है। इसलिए पोस्ट कोविड के लक्षण किसी भी अंग से जुड़े हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, 773 में से 407 लोगों ने संक्रमण से पहले वैक्सीन नहीं लिया था, जबकि 175 ने पहली और 191 लोगों ने दोनों खुराक ली थी। इसके बाद इन्हें कोरोना संक्रमण हुआ था। 407 में से 35 फीसदी यानी 142 मरीजों को पोस्ट कोविड का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, एक खुराक लेने वाले 175 में से 65 और दोनों खुराक लेने वाले 191 में से केवल 50 (26.5 फीसदी) लोगों में पोस्ट कोविड लक्षण मिले हैं। इसी के आधार पर टीकाकरण पोस्ट कोविड लक्षणों के लिए भी बेहतर माना जा रहा है।

वैक्सीन ने 45 फीसदी तक आशंका कम की
अध्ययन के दौरान यह निष्कर्ष निकाला गया कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के कुछ सप्ताह बाद जब वैक्सीन दी गई तो इन लोगों में पोस्ट कोविड लक्षण विकसित होने की आशंका 45 फीसदी तक कम हुई। टीकाकरण वाले प्रतिभागियों में आगे जांच की गई तो वैक्सीन की दो खुराक न सिर्फ संक्रमण से बल्कि, पोस्ट कोविड लक्षणों को आगे बढ़ने से भी रोकती हैं।

ठीक होने के बाद भी ये बीमारियां
अध्ययन में यह भी पाया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी जिन्हें पोस्ट कोविड से जुड़ी परेशानी है उनमें सबसे अधिक 79.30 फीसदी थकान है। लोगों की शिकायत है कि कोरोना से बाहर आने के बाद उनके शरीर में एक प्रकार की थकान सी होती है। काम में मन नहीं लगता और शरीर भी आराम मांगता है। 33.40 फीसदी में जोड़ों का दर्द, 29.90 फीसदी में मांसपेशियों का दर्द भी देखने को मिल रहा है। 28 फीसदी मरीजों में कोरोना से ठीक होने के बाद बाल झड़ने की नौबत आई है।
 

प्रदेश में बुखार के साथ डायरिया का भी हमला, 4 की मौत

प्रदेश में बुखार के साथ डायरिया का भी हमला, 4 की मौत

कानपुर: यूपी के कानपुर में डेंगू सहित अन्य तरह के बुखार से जूझ रहे शहर में डायरिया का भी हमला तेज हो गया है। बीते 24 घंटे में बुखार, डायरिया की चपेट में आए चार मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। शुक्रवार को बाल रोग चिकित्सालय में डायरिया की चपेट में आए पांच बच्चों को भर्ती किया गया।

140 बेड के इस अस्पताल में 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। मंधना निवासी 12 वर्षीय किशोर को उल्टी, दस्त होने की वजह से बाल रोग चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हैलट में एक हफ्ते पहले भर्ती कराए गए कन्नौज निवासी शिवाकांत (68) और फतेहपुर निवासी मोनू (32) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

बुखार के साथ इन दोनों मरीजों के फेफड़ों में भी संक्रमण था। नवाबगंज निवासी बुखार पीड़ित रामकिशोर विश्वकर्मा के फेफड़ों में पानी भरा था। उनकी मौत हो गई। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि अस्पताल में बेड की कमी की वजह से कई बच्चों को मेटरनिटी विंग में शिफ्ट किया जा रहा है।

सूरजमुखी के बीज का सेवन करने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें

सूरजमुखी के बीज का सेवन करने से मिलते हैं गजब के फायदे, जानें

स्ट्रेस भरे माहौल, खान-पान में गड़बड़ी और सेहत के प्रति लापरवाही बरतने की वजह से जाने अनजाने व्यक्ति कई रोगों को न्योता दे देता है जो बाद में उसके लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं. ऐसे में आप रोजाना डाइट में सूरजमुखी के बीज का सेवन कर सकते हैं. वहीं सूरजमुखी के बीज को अपनी डाइट में शामिल करने से आपको कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है.आइये जानते हैं कैसे.

सूरजमुखी के बीज खाने के फायदे-
शरीर की चर्बी को कम करने में मिलती है मदद
आजकल हर दूसरा व्यक्ति अपने बढ़े हुए वजन को लेकर परेशान है लेकिन आपकी इस समस्या का हल भी सूरजमुखी के बीज में मौजूद है. ऐसा इसलिए क्योंकि सूरजमुखी के बीजों में मैग्नीशियम प्रचूर मात्रा में मौजूद होता हैं, जिसकी वजह से आपका दिल सेहतमंद बना रहता है. वहीं सूरजमुखी के बीज बॉडी से अतिरिक्त वसा कम करके शरीर के मेटाबॉल्ज्मि को भी बढ़ा सकते हैं.

पाचन के लिए फायदेमंद
सूरजमुखी के बीज का सेवन करने से पाचन तंत्र अच्छा बना रहने में मदद मिलती है. वहीं सूरजमुखी के बीजों में मौजूद एंजाइम पाचन रस जो आपके शरीस से कब्ज की समस्या भी दूर रहती है.

कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं सूरजमुखी के बीज
क्या आपको पता है कि सूरजमुखी के बीज खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के साथ आपकी भूख को भी कम करने में सहायक हैं. इसकी वजह से आप अपनी डाइट में सूरजमुखी के बीज को शामिल कर सकते हैं. इसके लिए आप सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ सूरजमुखी के बीज का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा आप सूरजमुखी के बीजों को पीसकर उसको खाने में डालकर भी उसका सेवन कर सकते हैं.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की just 36 news पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

 

आ सकती है कोविड की तीसरी लहर! केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई इसकी वजह

आ सकती है कोविड की तीसरी लहर! केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई इसकी वजह

देश में कोरोना के मामलों में कमी तो आई है लेकिन आने वाले तीन महीने काफी अहम और एहतियात बरतने की जरूरत है. खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसको लेकर चिंता जाहिर की है. अगले तीन महीने नवरात्रि, दशहरा, दीवाली, ईद, क्रिसमस जैसे त्यौहार है. जिसमें ना सिर्फ लोग एक दूसरे से मिलते है बल्कि बाजारों में भी काफी भीड़ होती है. ऐसे में जरा सी चूक तीसरी लहर की वजह बन सकती है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि आने वाले तीन महीनों में बहुत सारे त्योहार, शादियां और पार्टी होंगी लेकिन कोविड का खतरा खत्म नहीं हुआ है. आज भी देश मे कई जगह संक्रमण स्प्रेड हाई है और ऐसे समय पर हमें ध्यान रखना है कि जिस तरह से पिछले साल हमने इस दौरान संयम रखा था, वैसा ही इन तीन महीनों में रखना है.

त्योहारों पर कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना
अगले तीन महीने में कई त्योहार है. जैसे नवरात्रि, दशहरा, दीवाली, ईद, क्रिसमस और नया साल. इन मौकों पर एक दूसरे से मिलना जुलना, घर आना जाना और बाजारों में भीड़ होती है. यह एक ऐसा वक्त है जब कोरोना संक्रमण के फैलने की पूरी संभावना होती है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दुनिए के कुछ देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भीड़ और कोविड प्रोटोकॉल का पालन न करने की वजह से कोरोना केस बढ़ने लगे हैं. जैसे यूरो कप के दौरान यूके और रूस में स्टेडियम में भीड़, नीदरलैंड में म्यूजिक फेस्टिवल के बाद केस बढ़े है.
लव अग्रवाल ने कहा कि इंग्लैंड में जुलाई के महीने में भीड़ को आने देने के बाद देखा गया कि कैसे कोरोना के मामले उभर कर आते हैं और कोविड मैनेजमेंट में चैलेंज खड़ा करता है. इसी तरह रूस में हुआ. जब भीड़ हुई तो केस में उछाल आया. इसी तरह से नीदरलैंड में म्यूजिक फेस्टिवल में कोविड बिहेवियर का पालन ना होने की वजह से कोविड केस में बढ़ोतरी दर्ज की गई. देश में अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है और ना ही केस पूरी तरह से आने बंद हुए हैं.
देश के 34 जिलों में अभी वीकली पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से ज्यादा है. जबकि 28 जिले ऐसे है जहां ये वीकली पॉजिटिविटी रेट 5 से 10 फीसदी के बीच है. वहीं एक्टिव केस की बात करें तो सिर्फ 1 राज्य केरल में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं. 10 से 50 हजार के बीच एक्टिव केस 4 राज्यों में है. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मिजोरम और कर्नाटक. वहीं 31 राज्यों में 10 हजार से कम एक्टिव केस हैं.
बता दें कि देश में टीकाकरण तेजी से हो रहा है. अब तक 92.77 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी है. 67.02 करोड़ को पहली और 25.75 करोड़ को दूसरी डोज दी जा चुकी है. वहीं 18 साल से ज्यादा उम्र के 71% को पहली और 27% को दोनों डोज दी जा चुकी है. लेकिन टीकाकरण के बावजूद भी सावधानी जरूरी है. इसलिए कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए अगले तीन महीने जरूरी है.

 

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