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अगर आपके पेट में पल रहा नन्ही सी जान, तो कुछ भी खाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान, सर्दियों में करें इनका सेवन…

अगर आपके पेट में पल रहा नन्ही सी जान, तो कुछ भी खाते समय जरूर रखें इन बातों का ध्यान, सर्दियों में करें इनका सेवन…

 Health Tips For Pregnant Women : किसी भी औरत के लिए मां बनना एक खूबसूरत एहसास होता है महिला अपने प्रेगनेंसी को हेल्दी और पर्फेक्ट बनाने की तमाम कोशिश करती है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि प्रेगनेंसी के दौरान करी गई छोटी सी गलती आगे चलकर बहुत भारी पड़ती है प्रेगनेंसी का सबसे मुश्किल समय ठंडी के समय का होता है ठंडी का मौसम प्रेग्नेंट औरतों के लिए काफी मुश्किल भरा होता है और ठंड के मौसम में हर छोटी सी बड़ी चीजें करना बहुत मायने रखता है सबसे महत्वपूर्ण होता है ठंडे में सही खाने का सेवन करना ठंडियों के दिनों में गर्भवती महिलाओं को अपने डाइट का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्दियों के मौसम में सबसे अच्छे ताजे फल और हरी सब्जियां आती हैं, जिसमें पोषण भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए आपको इन सर्दियों में अपनी डाइट (Pregnancy Diet in Winter) में कुछ ख़ास वेज फूड्स को शामिल करना चाहिए।

सर्दियों में प्रेगनेंसी में क्या खाएं –

फलियां –
मसूर, मटर, बींस, छोले, सोयाबीन और मूंगफली फलियों का सबसे अहम हिस्सा है। हालांकि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर को इन सभी पोषक तत्वों की ज्यादा जरूरत होती है। फलियों में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, फोलेट और कैल्शियम के गुण होते हैं। इसलिए प्रेगनेंसी में फलियां डाइट में जरूर शामिल करनी चाहिए।

हरी मटर –
सर्दियों के मौसम में हरी मटर हर डिश में जान डाल देती है। इसे कच्चा या पका दोनों तरह से खाया जा सकता है। हालांकि प्रेगनेंसी के दौरान हरी मटर खाने से होने वाले बच्चे का दिमागी विकास अच्छा होता है और उसकी रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।

कसूरी मेथी – 
सर्दियों में मेथी के पत्ते खाना काफी लोगों को पसंद होता है। इसके अनगिनत फायदे होते हैं। इसमें आयरन भी अच्छी मात्रा में होता होता है। इसे प्रेगनेंसी के दौरान खाने से एनीमिया को रोकने में मदद मिल सकती है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो प्रेगनेंसी के दौरान जरूरी होते हैं.

शकरकंद –
सर्दियों और शकरकंद का रिश्ता काफी अनोखा है। प्रेगनेंसी के दौरान शकरकंद खाना फायदेमंद हो सकता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, जो लगातार एनर्जी देता है। बच्चे के विकास के लिए इसमें जरूरी विटामिन ए होता है।

अखरोट –
मेवों में आमतौर पर फाइबर के गुण होते हैं। अखरोट में विटामिन ई भरपूर मात्रा में होता है। इससे इम्युनिटी भी मजबूत होती है। सर्दियों के मौसम में होने वाले फ्लू और सर्दी-जुखाम से अखरोट बचाव करता है। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को मुट्ठी भर अखरोट खाने की सलाह डॉक्टर भी देते हैं।

अब सर्दियों में नहीं फटेंगे आपके होंठ, बस अपनाने होगा ये घरेलु उपाय

अब सर्दियों में नहीं फटेंगे आपके होंठ, बस अपनाने होगा ये घरेलु उपाय

 नई दिल्ली। Winter Lips Care : सर्दियों के मौसम में उमस के कारण अक्सर लोगो में होंठ फटने (Chapped Lip) की शिकायत होती हैं। इसकी मुख्य वजह डिहाइड्रेशन (dehydration), पानी कम पीना, ज्यादा मात्रा में खट्टी चीजों का सेवन, बार-बार होंठों (Lips) पर जीभ फेरने की आदत हो सकते हैं। इन आदतों के चलते होंठों में नमी कम हो जाती है और होंठ फटने की समस्या हो सकती है।

Winter Lips Care : कई लोग होंठों को मुलायम बनाने के लिए लिप Scrub का भी उपयोग करते हैं लेकिन हम आपको ऐसे घरेलु उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अपनाकर आप मुलायम होंठ पा सकते हैं।

इन उपायों का करे पालन

Winter Lips Care : रोजाना रात में सोते समय मलाई में चुटकीभर हल्दी मिक्स करके लगाने से भी काफी आराम मिलता है। इससे फटे होंठ की समस्या तो दूर होती ही है, साथ ही होंठों का इंफेक्शन भी ठीक हो जाता है।

Winter Lips Care : लगातार पानी पीते रहे। जिससे होंठों में नमी बरकरार रहती है।

Winter Lips Care : रोजाना रात को सोने से पहले अपनी नाभि पर सरसों का तेल लगाएं। इससे फटे होंठ की समस्या दूर होने के साथ होंठ गुलाबी भी होंगे।

Winter Lips Care : वैसलीन पेट्रोलियम जेली भी होंठों के लिए एक दवा का काम करती है। आप जैतून के तेल में वैसलीन लेकर मिक्स करें और इसे रात को सोने से पहले होंठोंं पर लगाएं। इससे आपके होंठ भी ठीक होते हैं और होंठों का कालापन भी दूर होता है।

Winter Lips Care : फटे होंठ की समस्या को गुलाब की पत्तियां भी दूर कर सकती हैं। आप गुलाब की पत्तियों को पीसकर इसमें नींबू और शहद मिक्स करें। इसके बाद सोते समय होंठों पर इसे लगाएं। इससे भी काफी आराम मिलता है।

Winter Lips Care : ग्लिसरीन, गुलाबजल और नींबू का मेल बहुत पुराना नुस्खा है। इसे आमतौर पर लोग ​सर्दियों में स्किन पर इस्तेमाल करते हैं।

Winter Lips Care : लेकिन आप इसका इस्तेमाल होंठों पर भी कर सकते हैं। ये आपके होंठों को मुलायम बनाता है और हाइड्रेट रखता है।

 

अगर एक दिन में चार से पांच बार पी जाते है चाय, तो हो जाये सावधान, जान पर आ सकती है बात…

अगर एक दिन में चार से पांच बार पी जाते है चाय, तो हो जाये सावधान, जान पर आ सकती है बात…

 नई दिल्ली, Disadvantage of Tea : कई लोगों की आदत होती है कि सो के उठते ही चाय पीने होना होता है. लेकिन दिन में एक दो बार चाय पीना और उससे ज्यादा चाय पीना काफी अलग होता है. किसी सरकारी और गैर सरकारी संस्थान में डेस्क में बैठकर काम करने वाले कर्मियों को चाय की बुरी आदत होती है। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वो दिन में लगभग 5 से 6 कप चाय पीते हैं। गर्मी हो या सर्दी इन लोगों को चाय की ऐसी आदत होती हैं कि ये बिना चाय के रह नहीं पाते हैं। चाय का अधिक सेवन करना स्वास्थय के लिए बेहद खतरनाक होता है।

अच्छी नींद न आना : बहुत से लोग देर तक काम करने के दौरान चाय का अधिक सेवन करते हैं। चाय में कैफीन अधिक मात्रा में होता है। इस कारण जब नींद लेने का समय होता है तो अच्छी नींद नहीं आ पाती है। चाय का अधिक सेवन नींद की क्वालिटी को खराब करता है। इस कारण आंखों के नीचे काले घेरे, मानसिक तनाव और एंग्जाइटी आदि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जरूरी है कि आप चाय के अधिक सेवन से खुद को बचाएं।

सीने में जलन : ज्यादा चाय पीने से कई लोगों को सीने में जलन, पेट में गैस, बदहजमी और खट्टी डकार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

आंतों पर होगा असर : चाय पीने से कई समस्याएं होती है। चाय पीने से आंतें खराब भी हो जाती है। जिससे खाने के पाचन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

ज्यादा चाय पीने के नुकसान

घबराहट होना ज्यादा चाय पीने से घबराहट होने लगती है।
आंतों के लिए नुकसानदायक।
मेटाबॉलिज्म दर को कम करती है।

Vastu Tips : आटा गूंथते समय न करें ये गलतियां, पूरे परिवार पर पड़ती हैं भारी

Vastu Tips : आटा गूंथते समय न करें ये गलतियां, पूरे परिवार पर पड़ती हैं भारी

 आपके घर में रोजाना आटा गूंथा जाता है, लेकिन ये बात बहुत ही कम लोग जानते हैं कि आटा गूंथते समय छोटी सी गलतियां बाद में परिवार पर बहुत भारी पड़ती हैं. ऐसे में आटा गूंथते समय जाने अनजाने लोगों से गलतियां हो जाती है. जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति, तरक्‍की, सेहत और वैवाहिक( married life) जीवन पर नकारात्‍मक असर देखने को मिलता है।

आप जरूरत के मुताबिक ही आटा गूंथें क्‍योंकि बचे हुए आटे को आप किचन में रख देते हैं या फ्रिज में रख देते हैं, जो वास्तु नियमों के मुताबिक सही नहीं होता है. इसके अलावा बासी आटे से बनी रोटी खाने से आपकी सेहत पर भी असर पड़ता है

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी इस्‍तेमाल( use) 

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी इस्‍तेमाल करना चाहिए क्‍योंकि तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल शुद्ध और पवित्र रहता है. इसलिए भगवान को भी तांबे के बर्तन से ही जल अर्पित किया जाता है. आप भी तांबे के बर्तन का पानी यूज करें.।

पानी को पौधों( plants) में डाल दें

आटा गूंथने के बाद जो पानी बचा हुआ रहता है, उसे व्यर्थ ना फेंकें. इस पानी को पौधों में डाल दें. ऐसा करने से आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी. आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों का निशान छोड़ दें, जिससे आटा पिंड के समान न लगें. आटा गूंथने के बाद उसे ढक दें, ताकि वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास ना हो. ज्यादा देर तक आटा खुला रख देते हैं तो उस पर कीटाणु आ जाते हैं.

Health Tips : सर्दियों में अदरक का सेवन करने से दूर होगी ये पांच समस्याएं, जानें

Health Tips : सर्दियों में अदरक का सेवन करने से दूर होगी ये पांच समस्याएं, जानें

 Health Tips : सर्दियों के मौसम में अदरक की चाय की डिमांड सबसे अधिक होती है, इस मौसम में केवल अदरक की चाय ही नहीं बल्कि दूसरे और भी कई लाभ  मिलते हैं। अदरक में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने का काम करती है। जानिए  सर्दियों के मौसम में अदरक किस तरह से फायदेमंद होते है।

सेहत के लिए फायदेमंद होता है अदरक (Ginger is beneficial for health)

अदरक में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। अदरक में पोटैशियम, मैग्निशियम, फोलेट, जिंक, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन बी, सी, और सोडियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जो सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखता है। ऐसे में सर्दियों में अदरक का सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत रहती है।

लिवर को मजबूत रखता है (keeps the liver strong)

अगर आपको लिवर संबंधी समस्या है तो आप अदरक का सेवन कर सकते हैं, आप अदरक की चाय पी सकते हैं, आप अदरक का पाउडर बनाकर भी उसका इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसा करने से आपको लिवर को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

इम्यूनिटी मजबूत करता है अदरक (Ginger strengthens immunity)

सर्दियों में इम्यूनिटी कमजोर होने के खतरा रहता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही से कमजोरी आ जाती है, लेकिन अगर आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखना चाहते हैं तो इसके लिए आप अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे आपकी इम्यूनिटी भी मजबूत रहेगी।

सर्दी-जुखाम से निजात (relief from cold and flu)

ठंड इस के मौसम में सबसे ज्यादा सर्दी-जुखाम होने का खतरा रहता है, क्योंकि बदलते मौसम में सर्दी-जुखाम सबसे ज्यादा होता है, लेकिन अगर आप नियमित अदरक का सेवन करते हैं तो इससे आपको सर्दी-जुखाम की समस्या नहीं होगी। इसलिए चाय में अदरक का सेवन किया जाता है।

भूख बढ़ाने में (to increase appetite)

अदरक पेट को साफ रखता है, ऐसे में आपको भूख अच्छी लगती है, आप अदरक को शहद के साथ भी ले सकते हैं, इसके अलावा अदरक का इस्तेमाल सब्जी में भी किया जा सकता है। क्योंकि अदरक के सेवन से भूख अच्छी लगती है और पाचन संबंधी समस्या भी नहीं होती है।

वजन बढ़ान में सहायक (to increase appetite)

कई लोग अपने पतले पन से परेशान होते हैं, लेकिन अगर आप नियमित अदरक का सेवन करते हैं तो इससे आपकी भूख बढ़ेगी, जिससे आपका वजन भी बढ़ने के चांस रहते हैं, इसलिए लोगों को वजन बढ़ाने के लिए अक्सर अदरक को शहद में मिलाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है।

Zika Virus Case: इस शहर में मिला जीका वायरस का केस,जाने क्या है जीका वायरस और उसके लक्षण

Zika Virus Case: इस शहर में मिला जीका वायरस का केस,जाने क्या है जीका वायरस और उसके लक्षण

Zika Virus Infection: पुणे में जीका वायरस का एक मामला दर्ज किया गया है. 16 नवंबर को बुखार, खांसी, जोड़ों के दर्द और थकान की शिकायत के चलते मरीज पुणे के जहांगीर अस्पताल में इलाज के लिए आया था. 18 नवंबर को एक प्राइवेट लैब में जीका वायरस का पता चला.
वहीं 30 नवंबर को एनआईवी पुणे में जांच के दौरान मरीज के जीका से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. 22 नवंबर को पुणे नगर निगम की ओर से इस क्षेत्र में डिसीज कंट्रोल एक्शन प्लान शुरू किया गया. मरीज के आस-पास के घरों का सर्वे किया गया, लेकिन इलाके में अन्य किसी संदिग्ध मरीज की पुष्टि नहीं हुई.
इस क्षेत्र में मच्छरों के प्रजनन के लिए घर-घर सर्वे, कंटेनर सर्वे किया गया, लेकिन यहां एडीज मच्छरों का प्रजनन नहीं पाया गया. क्षेत्र को फ्यूमिगेट किया गया था. जीका वायरस से संक्रमित मरीज मूल रूप से नासिक का रहने वाला है और वह 6 नवंबर को पुणे आया था. इससे पहले वह 22 अक्टूबर को सूरत गया था. फिलहाल मरीज पूरी तरह से ठीक है और उसमें कोई लक्षण नहीं हैं.
क्या होता है जीका वायरस?
जीका वायरस मच्छरों से फैलने वाली एक बीमारी है. ये बीमारी एडीज मच्छर के काटने से ही फैलती है. ये मच्छर दिन के समय ही ज्यादा एक्टिव होते हैं. इस वायरस से होने वाला संक्रमण खतरनाक होता है और मरीज के अस्पताल में भर्ती होने की भी नौबत भी आ सकती है.
ये हैं जीका वायरस से संक्रमण के लक्षण
एडीज एल्बोपिक्ट्स और एडीज इजिप्टी से जीका वायरस फैलने का खतरा होता है. जीका वायरस से संक्रमित होने पर बुखार और मलेरिया के मिले-जुले लक्षण नज़र आते हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है. ऐसे में संक्रमित व्यक्ति से करीब 3 हफ्ते तक दूरी बनाकर रखना जरूरी होता है.

 

चुकंदर में छिपा है सेहत का खज़ाना, डाइजेशन से लेकर गट हेल्थ तक बनाता है बेहतर

चुकंदर में छिपा है सेहत का खज़ाना, डाइजेशन से लेकर गट हेल्थ तक बनाता है बेहतर

सर्दियों का सीजन शुरू होते ही हमारे खानपान में बदलाव आने लग जाता है. हम हरी सब्जियां का सेवन ज्यादा शुरू कर देते हैं. यह सब्जियां हमें बीमारियों से बचा के रखती है. इन्हीं में से एक सब्जी है बीटरुट यानि चुकंदर. लाल रंग के कंद वाली ये सब्जी पोषक तत्वों का भंडार है. इसमें मैग्नीशियम, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन बी6, कार्ब, आयरन जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं जो हमारे शरीर के अंगो के संचालन के लिए जरूरी होते हैं. इस सब्जी की खास बात यह है कि आप इसे पका भी सकते हैं, इसका जूस भी बना सकते हैं और सलाद के रूप में इसे कच्चा भी खा सकते हैं. चलिए खबर के जरिए इसके फायदों के बारे में जानते हैं.

चुकंदर खाने से शरीर को होने वाले फायदे

1.बेहतर डाइजेशन में इफेक्टिव
बीटरुट में अच्छी खासी मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है. साथ ही ये हमारी पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. तो अगर आप चुकंदर को सर्दी के मौसम में अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो आपका डाइजेशन हमेशा अच्छा बना रहेगा.

2. शरीर में सूजन को करता है कम
इस सब्जी में एंटीऑक्सीकडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर के अंगो में होने वाली सूजन को घटाते हैं. चुकंदर का यही गुण शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है और कैंसर के खतरे को भी कम करता है.

3. नेचुरल डिटॉक्स
चुकंदर खाने से बॉडी का डिटॉक्स अपने आप हो जाता है. इसमें पावरफुल एंजाइम्स मौजूद रहते हैं जो बॉडी को अपने आप डिटॉक्स कर देते हैं. नेचुरल डोटॉक्स होने के कारण ही चुकंदर खाने से आपका वजन कम होता है.

4. गट हेल्थ के लिए होता है अच्छा
इस सब्जी में प्री बायोटिक और फाइबर पाया जाता है जो गुड बैक्टीरिया को हेल्दी रखते हैं. इन्हें हेल्दी रखने से शरीर में पेट की समस्याओं से राहत मिलती है.

 

बाजारों में जमकर चल रहा नकली अंडे का कारोबार, ऐसे कर रहा आपकी सेहत पर बुरा असर, जाने कैसे करें असली और नकली अंडे की पहचान…

बाजारों में जमकर चल रहा नकली अंडे का कारोबार, ऐसे कर रहा आपकी सेहत पर बुरा असर, जाने कैसे करें असली और नकली अंडे की पहचान…

 Fake Egg Business :  आज के समय में भले कोई चिकन मछली या मटन नाका लेकिन हर वर्ग के लोग अंडे काफी शौक से खाते हैं लेकिन क्या आपको पता है अब नकली अंडे का भी कारोबार बाजारों में तूल पकड़ चुका है अंडे की बढ़ती डिमांड ने इसे बढ़ावा दिया है लेकिन इसकी पहचान कैसे किया जाए यह काफी मुश्किल भरा सवाल है

 

सर्दी आते ही देश में अंडे (Egg) की डिमांड बढ़ने लगती है क्‍योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा-3 की अच्‍छी खासी मात्रा होती है. डिमांड बढ़ते ही व्‍यापारी इस बात का फायदा उठाते हैं. कुछ कारोबारी नकली अंडे को मार्केट में बेचते हैं और आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं. जिससे आपकी सेहत को कुछ फायदा नहीं होता है और आप इससे बीमार भी हो सकते हैं. भारत में सबसे ज्‍यादा अंडे का प्रोडक्‍शन आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में होता है वहीं खपत की बात करें तो सबसे आगे तेलंगाना है. एक रिपोर्ट के अनुसार हैदराबाद में ही रोज 75 लाख अंडों की डिमांड होती है. अंडे का कारोबार एक लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का हो गया है.

ऐसे करें असली और नकली अंडे की पहचान?

 

नकली अंडे बनाने के लिए उसके छिलके पर प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए अगर आप नकली अंडे को आग के पास रखेंगे तो अंडे से जलने की महक आएगी और वह आग भी पकड़ सकता है.

इन बातों रखें ध्यान

अगर आपके पास असली अंडा है तो उसे हाथ में लेकर हिलाए, उसमें से किसी भी तरह की आवाज नहीं आएगी, लेकिन नकली अंडे को हाथ में लेकर हिलाने पर उसमें से कुछ आवाज आएगी. इसलिए अंडा खरीदने से पहले इस तरह पहचान करें, क्योंकि इस तरह नकली अंडे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है.

Drinking Water: क्या आप भी खड़े-खड़े पीते हैं पानी? तो जान लें इससे होने वाले 4 नुकसान

Drinking Water: क्या आप भी खड़े-खड़े पीते हैं पानी? तो जान लें इससे होने वाले 4 नुकसान

 Drinking Water Tips: पानी हमारे जीवन के लिए कितना ज़रूरी है, यह हम सब जानते हैं। यह शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ कई तरह की बीमारियों से भी बचाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसर, दिन भर में कम से कम 8 गिलास पानी पीना बेहद ज़रूरी है। हालांकि, सिर्फ इतना ही काफी नहीं है, आपको यह भी पता होना चाहिए कि पानी पीने का सही तरीके क्या है। जी हां, पानी पीने का एक सही तरीका भी है और यह उतनी ही अहमियत रखता है जितना की पानी पीना।

जब बात आती है पानी पीने की आदत की, तो आमतौर पर लोग जल्दी में खड़े होकर ही पानी पी लेते हैं। सही कहा ना? हालांकि, यह कोई नहीं सोचता कि इस तरह पानी पीना कितना हानिकारक हो सकता है। तो आइए जानें कि खड़े होकर पानी पीने से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं?

खड़े-खड़े पानी पीने के साइड इफेक्ट्स:

1. फेफड़ों को होता है नुकसान

जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं, तो ज़रूरी पोषक तत्व और विटामिन लिवर और पाचन तंत्र तक नहीं पहुंचते और साथ ही यह सिस्टम से बहुत तेज़ी से गुज़र जाता है, जिससे आपके फेफड़ों और हृदय के काम को नुकसान पहुंचता है क्योंकि इससे ऑक्सीजन का स्तर गड़बड़ हो जाता है.

2. बदहज़मी

खड़े होकर पानी पीने से पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचता है। क्योंकि जब हम खड़े होकर पानी पीते हैं, तो यह बड़ी तेज़ गति के साथ भोजन नली से होकर सीधे पेट के निचले हिस्से पर जा गिरता है, जो हानिकारक है। खड़े होकर तेज़ी से पानी पीने से नसें तनावग्रस्त हो जाती हैं, जिससे तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ जाता है, और टॉक्सिन्स व बदहज़मी बढ़ती है।

3. किडनी से जुड़ी दिक्कतें

ऐसा पाया गया है कि हमारी किडनी उस वक्त बेहतर तरीके से फिल्टर करती हैं, जब हम बैठे होते हैं। ऐसे में जब खड़े होकर पानी पिया जाता है, तो तरल पदार्थ बिना फिल्टर हुए सीधे पेट के निचले हिस्से में चला जाता है। इससे पानी में मैजूद अशुद्धियां मूत्राशय में जम जाती हैं, और गुर्दे की कार्यप्रणाली को नुकसान पहुंचाती हैं। इससे युरीनरी ट्रेक्ट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं.

4. गठिया का ख़तरा बढ़ता है

जब आप खड़े होकर गटागट पानी पी जाते हैं, तो इससे नसें तनाव की स्थिति में आ जाती हैं,तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ता है और शरीर में टॉक्सिन्स और बदहज़मी बढ़ती है, यहां तक कि यह जोड़ों में तरल पदार्थ भी जमा करता है, जिससे गठिया हो जाता है और हड्डियों को नुकसान पहुंचता है।

तो फिर पानी पीने का सही तरीका क्या है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, पानी पीने का सही तरीका है बेठकर पीना। इसके लिए कुर्सी पर बैठें, पीठ को सीधा रखें और फिर पानी पिएं। इससे पोषक तत्व दिमाग़ तक पहुंचते हैं और मस्तिष्क गतिविधि में सुधार आता है। सिर्फ इतना ही नही, इससे पाचन में भी सुधार आता है और पेट में सूजन या पेट फूलने की दिक्कत नहीं होती।

Foods For Bloating: पेट फूलने की समस्या में खाएं ये 5 फूड्स, मिलेगा तुरंत आराम

Foods For Bloating: पेट फूलने की समस्या में खाएं ये 5 फूड्स, मिलेगा तुरंत आराम

 Foods That Help With Bloating: आज के समय की लाफस्टाइल औक खराब खान-पान के चलते ब्लोटिंग यानि पेट फूलने की समस्या बहुत आम हो गई है। ब्लोटिंग होने पर आपका पेट भारी-भारी और भरा महसूस होता है जिससे आपको कुछ भी खाने की इच्छा नहीं करती है। जिसका आपकी मेंटल हेल्थ पर भी काफी गहरा प्रभाव पड़ता है।

ब्लोटिंग की समस्या में आपकी छोटी आंत में गैस हो जाती है जिसके कारण आपका पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता है जोकि पेट फूलना, पेट में ऐंठन और पेट में दर्द जैसी समस्याएं पैदा करता है। ऐसे में आज हम आपको ब्लोटिंग की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ फूड्स बताने जा रहे हैं जिनके सेवन से आप तुरंत ही राहत प्राप्त कर सकते हैं, तो चलिए जानते हैं-

अदरक

अदरक एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसके अलावा अदरक में जिंजीबैन नामक एंजाइम मौजूद होता है जोकि ब्लोटिंग की समस्या को दूर करने में मददगार होता है। इसके सेवन से आपको खाना पचाने में मदद मिलती है।

सौंफ

सौंफ में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जोकि आपके पेट को लंबे वक्त तक हेल्दी बनाए रखने में मददगार साबित होता है। सौंफ का सेवन करने से आपका खाना ठीक से पचता है जिससे आपको गैस की समस्या नहीं होती है। इसलिए सौंफ खाने से ब्लोटिंग नहीं होती है।

दही

दही एक प्रोबायोटिक्स है, जोकि आंत के बैक्टीरिया को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। ऐसे में आप दही में नमक या हल्का मीठा डालकर खा सकते है। इससे आपका पाचन तंत्र बेहतर बना रहता है और आपको ब्लोटिंग की समस्या नहीं होती है।

केला

केला पोटैशियम और फाइबर जैसे गुणों से भरपूर होता है। इसलिए केले के नियमित सेवन से अपच और गैस की समस्या दूर होती हैं। जिससे आपको ब्लोटिंग की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।

नींबू

नींबू विटामिन सी, सोडियम और पोटैशियम जैसे हेल्दी गुणों से भरपूर होता है इसलिए ये आपके पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में मदद करता है। अगर आप रोजाना नींबू को आहार में शामिल करते हैं तो इससे आपको अपच, गैस और ब्लोटिंग की समस्या से छुटकारा मिलता है।

How To Use Raw Milk For Hair: कच्‍चे दूध से दूर करें बालों का रूखापन, जाने लें इस्‍तेमाल करने का तरीका

How To Use Raw Milk For Hair: कच्‍चे दूध से दूर करें बालों का रूखापन, जाने लें इस्‍तेमाल करने का तरीका

 Raw Milk Hair Benefits: हर कोई सबसे सुंदर और आकर्षक दिखने की ख्वाहिश करता है। लेकिन सर्दियों का मौसम आते ही आपके बालों में रूखेपन की समस्या होने लग जाती है। इससे बचने के लिए आप तरह-तरह के महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स, ट्रीटमेंट्स या पार्लर का सहारा लेते हैं।

लेकिन ये सारे प्रोसेस महंगे होने के साथ-साथ केमिकलयुक्त भी होते हैं जिनसे आपकी त्वचा को लाभ कम हानि ज्यादा हो सकती है। ऐसे में आज हम आपके लिए बालों में कच्चे दूध लगाने के तरीके और फायदे लेकर आए हैं। कच्चा दूध व‍िटाम‍िन डी, व‍िटाम‍िन के, मैग्नीशियम, कैल्‍श‍ियम, फॉस्‍फोरस और प्रोटीन जैसे गुणों से भरपूर होता है।

इससे आपके बालों को जरूर पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं जिससे आपके बाल कोमल, चमकदार और मजबूत बनते हैं। कच्चे दूध की मदद से आपके बालों से रूखेपन की समस्या को दूर करके बालों को हेल्दी बनाया जा सकता है, तो चलिए जानते हैं बालों को कच्चा दूध लगाने के तरीके-

कच्‍चा दूध और शहद

इसके विए आप कच्‍चे दूध में शहद डालकर एक गाढ़ा पेस्‍ट बना लें। फिर आप इस पेस्ट को अपने बालों में अच्‍छी तरह से लगा लें। फिर आप करीब आधे घंटे बाद साधारण साफ पानी से बाल धो लें। इससे आपके बालों की ग्रोथ को बढ़ाने और रूखेपन को दूर करने में मदद मिलती है।

कच्‍चा दूध कंडीशनर के साथ म‍िलाएं

बालो को सोफ्ट बनाने के ल‍िए आप अपने कंडीशनर में कच्‍चा दूध म‍िलाकर बालों में अच्छी तरह से मिलाकर करीब 3 म‍िनट तक लगाकर छोड़ दें। फ‍िर आप बालों को साधारण पानी से धोकर साफ कर लें। कंडीशनर में कच्‍चा दूध म‍िलाकर लगाने से आपके बाल हेल्‍दी और मुलायम बनते हैं।

कच्‍चा दूध एलोवेरा

बालों का ड्रायनेस को दूर करने के ल‍िए आप अपने बालों में एलोवेरा और कच्‍चे दूध का म‍िक्चर लगाएं। इससे आपके बालों में नमी आ जाती है जिससे आपके बालों को रूखापन दूर हो जाता है। एलोवेरा विटामिन ए और ई की अच्छी मात्रा से भरपूर होता है। इसके लिए आप 3 बड़े चम्‍मच कच्‍चा दूध में एलोवेरा म‍िलाकर बालों में लगाएं। इससे बालों में डैंड्रफ और ड्राईनेस की समस्या दूर होती है।

Winter Health Care Tips: सर्दियों में इन 5 तरह से डाइट में शामिल करें अदरक, इम्यूनिटी होगी मजबूत

Winter Health Care Tips: सर्दियों में इन 5 तरह से डाइट में शामिल करें अदरक, इम्यूनिटी होगी मजबूत

 How to Use Ginger in Winter Season: अदरक एक मसाला है जिसको खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। अदरक की तासीर गर्म होती है इसलिए सर्दियों में इसके सेवन से आपका शरीर आंतरिक तौर पर गर्म रहता है जिससे आप खांसी, जुखाम या बुखार जैसी कई मौसमी बीमारियों से बचे रहते हैं।

इसके अलावा अदरक में कई एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स, मिनरल्स, विटामिन बी3, विटामिन बी6 और पोटेशियम की भी अच्छी मात्रा मौजूद होती है जिससे आपकी सेहत को बेहतरीन फायदे प्राप्त होते हैं।

ऐसे में आज हम आपके लिए सर्दियों में अदरक को अपनी डाइट में शामिल करने के तरीके लेकर आए हैं। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है, तो चलिए जानते हैं सर्दियों में अदरक खाने के तरीके-

सर्दियों में अदरक को अपनी डाइट में शामिल करने के तरीके- How to Use Ginger in Winter Season in Hindi

अदरक का काढ़ा

अदरक का काढ़ा बनाने के लिए आप एक गिलास पानी में अदरक, काली मिर्च, लौंग और बड़ी इलायची डालें। फिर आप इस पानी को आधा होने तक अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद आप फिर इस पानी को छानकर पी लें। इससे आपकी इम्यूनिटी मजबूत होती है और आप सर्दी में होने वाला जुकाम, खांसी जैसी समस्याओं से बचे रहते हैं।

अदरक का अचार

अगर आप अचार खाने के शौकीन हैं तो आप रोटी या चावल के साथ अदरक का अचार खा सकते हैं। अदरक के अचार को आप घर पर बना सकते हैं या फिर बाजार से भी खरीद भी ला सकते हैं।

अदरक की चाय

ज्यादातर लोग दूध वाली अदरक की चाय खूब पसंद करते हैं। लेकिन ये आपकी सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। ऐसे में आप एक गिलास पानी में अदरक डालकर अच्छी तरह से उबाल लें। फिर आप इस पानी को एक गिलास में छान लें। इसके बाद आप इसमें नींबू का रस और शहद मिला लें। इस चाय को दिन में दो से तीन बार पीने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है।

अदरक का सूप

अदरक का सूप बनाने के लिए आप इसमें ब्रोकली, मशरूम या मिक्स वेज आदि के सूप में अदरक डालकर बना सकते हैं। इससे आपका सूप कई गुना पोषक तत्वों से भर जाता है। ऐसे में सर्दियों में शरीर को गर्माहट और एनर्जी प्रदान करने के लिए अदरक का सूप जरूर पीएं।

अदरक की चटनी

कई लोग खाने के साथ चटनी खाने के शौकीन होते हैं। ऐसे में अदरक की चटनी बेहद स्वादिष्ट और पोषक तत्वों भंडार होती है। इसको आप रोटी या परांठे के साथ चटकारा लेकर खा सकते हैं। अदरक की चटनी के सेवन से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है।

आइब्रो में हो गए हैं दाने तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे

आइब्रो में हो गए हैं दाने तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे

भौहों में बालों के बीच होने वाले दानों से कई लोग परेशान रहते हैं। जी हाँ, दुनिया में कई लोग हैं जो भौहों में बालों के बीच होने वाले दानों को लेकर परेशान रहते हैं और कुछ कर नहीं पाते। कई बार ये दाने दर्द करते हैं और इनसे निजात पाना आसान नहीं होता। हालाँकि अगर आप भी अक्सर इस समस्या को झेलते हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए आप इन घरेलू नुस्खों को आजमा सकते हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
हल्दी का लेप: अगर आप चाहे तो, आइब्रो में होने वाले दानों से राहत के लिए हल्दी का लेप लगा सकते हैं। जी दरअसलहल्दी के एंटीसेप्टिक गुण दानों को कुछ ही समय में कम कर देंगे और इनसे होने वाले दर्द से भी आपको राहत मिल सकती है।

बर्फ की सिकाई: अगर आपको आंखों के आसपास और आइब्रो में पिंपल या दाने के होने पर इसका तुरंत इलाज करना है तो ऐसी स्थिति में आपको आइब्रो पर बर्फ की सिकाई करनी है। इसके लिए एक कॉटन के कपड़े में बर्फ लें और इसे दाने पर कुछ मिनटों के लिए लगाए रखें।

खीरे का रस: आप खीरे के रस से आइब्रो में हुए दानों का इलाज कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें गुलाब जल मिलाकर आइब्रो पर लगाएं। इससे दाने तो कम होंगे ही, साथ ही ठंडक भी मिलेगा।

दालचीनी पाउडर: मसाले के रूप में किचन में इस्तेमाल होने वाली दालचीनी को दानों के इलाज में भी बेस्ट माना जाता है। आप दालचीनी पाउडर में शहद मिलाकर इसे भौह में दाने पर लगाएं और रात भर के लिए छोड़ दें और कुछ समय में आप फर्क पाएंगे।

 

सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करेंगे ये पांच घरेलू नुस्खे

सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में मदद करेंगे ये पांच घरेलू नुस्खे

बालों को अच्छी तरह से न धोना, हेयर स्टाइल प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करना, सिर में पसीना आने के बाद उसे न साफ करना आदि की वजह स्कैल्प के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं, जिस वजह से सिर में मुंहासे हो सकते हैं। यह एक कष्टदायक समस्या है क्योंकि इसके कारण दर्द और जलन जैसी समस्याएं होती हैं। आइए आज हम आपको पांच ऐसे घरेलू नुस्खे बताते हैं, जिन्हें अपनाकर आप सिर के मुंहासों से जल्द राहत पा सकते हैं।

टमाटर के रस का करें इस्तेमाल
टमाटर का रस सिर के मुंहासों के उपचार के लिए एक बेहतरीन घरेलू नुस्खा है। सैलिसिलिक एसिड से भरपूर टमाटर आपके सिर के श्च॥ स्तर को संतुलित करके मुंहासों को धीरे-धीरे कम करने में मदद कर सकता है। लाभ के लिए एक कटोरी में टमाटर का रस निकालें, फिर उससे रूई के टुकड़े को भिगोकर सिर के मुंहासों पर हल्के हाथ लगाएं। एक घंटे के बाद अपने सिर को माइल्ड शैंपू और पानी से धोकर साफ करें।

लहसुन लगाएं
लहसुन सैलिसिलिक एसिड, एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुणों से समृद्ध होता है, जो सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकते हैं। शायद इससे आपके सिर से लहसुन की महक आए, लेकिन यह इसे स्वस्थ और मुंहासों से मुक्त बना सकता है। राहत के लिए लहसुन की कुछ कलियों को पानी में उबाल लें, फिर इस पानी को ठंडा करके अपने स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट के बाद अपने सिर को माइल्ड शैंपू से साफ करें।

सेब का सिरका आएगा काम
सेब का सिरका एंटी-माइक्रोबियल गुणों से भरपूर होता है, जो सिर में मुंहासें पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह सिर के पीएच स्तर को संतुलित करके इसे बहुत अधिक तैलीय या बहुत शुष्क होने से भी बचाता है। लाभ के लिए एक कटोरी में तीन चम्मच सेब का सिरका और पानी मिलाएं, फिर शैंपू करने के बाद इस मिश्रण को अपने सिर पर लगाएं। एक मिनट बाद फिर से अपना सिर धोएं।

एलोवेरा करेगा मदद
एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर एलोवेरा भी सिर के मुंहासों से राहत दिलाने में काफी मदद कर सकता है। यह मुहांसो के कारण होने वाली सिर में जलन और खुजली से भी जल्द राहत दिलाकर स्कैल्प को हाइड्रेट रखने समेत स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। लाभ के लिए ताजा एलोवेरा जेल सीधे अपने स्कैल्प पर लगाएं और 15-30 मिनट के बाद अपने सिर को सिर्फ पानी से धो लें।

टी ट्री ऑयल से भी दूर होंगे सिर के मुंहासें
एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से समृद्ध टी ट्री ऑयल सिर के मुंहासों का इलाज काफी प्रभावी तरीके से कर सकता है। यह सिर के रोमछिद्रों को खोलकर मुंहासों को कम कर सकता है। लाभ के लिए टी ट्री ऑयल की दो-तीन बूंदों को जोजोबा ऑयल में मिलाएं, फिर इसे अपने स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। एक घंटे बाद सिर को माइल्ड शैंपू से साफ करें।
 

दिनभर एसी में रहने वाले हो जाएं सावधान,  हो सकती है ये गंभीर परेशानिया

दिनभर एसी में रहने वाले हो जाएं सावधान, हो सकती है ये गंभीर परेशानिया

एसी में हवा खान किसे अच्छा नहीं लगता है खासकर गर्मियों के मौसम में एसी में रहने का एक अलग ही आनंद होता है। एसी आपको चिलचिलाती धूप से राहत देती है घर हो या ऑफिस, आज के समय में एक बड़ी संख्या में लोग अपना ज्यादातर समय एसी के सामने बैठकर गुजारते हैं। एसी की ठंडी हवा भले ही आपको चिलचिलाती धूप से राहत दिला सकती है, पर क्या आप जानते हैं उसका आपकी सेहत पर क्या बुरा असर पड़ता है। जी हां, एसी में ज्यादा देर रहना आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे।

एसी में रहने के नुकसान-

जोड़ों में दर्द की समस्या-
लंबे समय तक कम तापमान में बैठे रहने से जोड़ों में अकड़न बढ़ जाती है।

झुर्रियां-
एसी वातावरण को ठंडा करने के साथ उस जगह का मॉइस्चर भी सोख लेता है, लंबे समय तक एसी में रहने के कारण ये त्वचा की नमी के साथ शरीर में भी पानी की कमी होने लगती है। इससे त्वचा पर झुर्रियां दिखने लगती हैं।

आंखें और त्वचा का शुष्क होना-
जो लोग दफ्तर में घंटों कम्प्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं, उन्हें आंखों में खुजली या सूखेपन की शिकायत रहती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऑफिस में लगे एसी ठंडी हवा तो देते हैं लेकिन वातावरण से नमी खत्म कर देते हैं। नमी रहित यह हवा हमें गर्मी और उमस से तो राहत दिलाती है, लेकिन आंखों में मौजूद आवश्यक नमी को खत्म कर देती है। इसी तरह एसी की हवा में पानी कम पिया जाता है, जिससे त्वचा में रूखापन बढ़ जाता है।

ब्लडप्रेशर-
लंबे समय तक एसी की ठंडी हवा में बैठने से हमारे शरीर का तापमान कृत्रिम तरीके से काफी लो हो जाता है। जिसकी वजह से शरीर की कोशिकाएं संकुचित होने लगती हैं और रक्त संचार प्रभावित होने लगता है। जो बाद में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी आना और लो ब्लड प्रेशर का कारण बनता है।

सर्द-गर्म के नुकसान-
एसी के ठंडे तापमान से एकदम निकल कर जब हम सामान्य तापमान में जाते हैं तो शरीर इतनी जल्दी ऊपर-नीचे होते तापमान के साथ तालमेल नहीं बिठा पाता। जिसकी वजह से व्यक्ति को बुखार, चिड़चिड़ापन, थकान के साथ लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

सांस की समस्या-
एसी की सफाई अगर लंबे समय तक न की जाए तो इसमें धूल-मिट्टी इकट्ठी होकर कमरे में फैलने लगती है। जो सांस संबंधी रोगों को बढ़ाने का काम कर सकती है।


एसी में बैठते समय बरतें ये सावधानियां-
-एसी का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सर्विस जरूर करवा लें, ताकि धूल-मिट्टी साफ हो सके। पानी की निकासी होती रहे।
-जिस कमरे में एसी चलता हो, कभी-कभी उसके खिड़की-दरवाजे खोल कर रखें, ताकि धूप व ताजी हवा कमरे में आ सके।
-देर तक एसी के ठीक सामने ने बैठें। उसे बहुत कम तापमान पर न चलाएं।
-जिस कमरे में एसी चलता हो, वहां पानी से भरा एक बर्तन हमेशा रखें। ऐसा करने से वातावरण में नमी बरकरार रहेगी। आंखें और त्वचा शुष्क नहीं हो पाएंगी।
-हर दो घंटे में कुछ समय के लिए एसी बंद कर दें। इससे कमरे का तापमान संतुलित रखने में मदद मिलती है।
-एसी से सीधे धूप में बाहर न निकलें। बाहर निकलने से पहले कुछ मिनट रुककर शरीर को सामान्य तापमान पर आने दें।
 

वजन कम करने में कैसे मदद करती है ग्रीन टी?

वजन कम करने में कैसे मदद करती है ग्रीन टी?

जब बात फिटनेस और स्वास्थ्य की आती है तो ग्रीन टी का नाम लगभग हर किसी की जुबान पर आता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इसमें बायोएक्टिव पदार्थों के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म तेज करके शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने समेत कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देने में सक्षम है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि वजन घटाने में ग्रीन टी का सेवन कैसे मदद करता है।

वजन घटाने में काफी मदद कर सकती है ग्रीन टी
विशेषज्ञों ने बताया कि ग्रीन टी शरीर में ग्लूकोसिडेज, पैंक्रियाटिक लाइपेज और एमाइलेज जैसे एंजाइमों को रोकती है, जो आंतों में कार्बोहाइड्रेट और फैट के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे जटिल अणुओं को कम करके ग्लूकोज और फैटी एसिड जैसे सरल अणुओं का अवशोषण भी कम हो जाता है। वहीं, वजन घटाने के लिए ग्रीन टी की प्रभावकारिता भिन्न होती है और यह चर्चा का विषय है, लेकिन शरीर के लिए ग्रीन टी सबसे कम दुष्प्रभावी है।

मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मददगार है ग्रीन टी
ग्रीन टी में जरूरी बायोएक्टिव पदार्थ जैसे कैफीन और कैटेचिन होते हैं, जो शरीर की मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। तेज मेटाबॉलिज्म दर शरीर की अधिक कैलोरी बर्न करके ऊर्जा को बढ़ाती है, जिस कारण वजन घटाने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर को भी बढ़ाता है। अध्ययनों के अनुसार, ग्रीन टी के सेवन से रोजाना 75-100 कैलोरी बर्न की जा सकती है।

वर्कआउट से पहले करें ग्रीन टी का सेवन
कैलोरी को बर्न करने में ग्रीन टी काफी प्रभावी मानी जाती है, इसलिए आजकल विभिन्न वजन घटाने वाले सप्लीमेंट्स में ग्रीन टी का अर्क मौजूद होता है। हालांकि, इन सप्लीमेंट्स का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के करना गलत है। आप चाहें तो अपने शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को तेजी से बर्न करने के लिए अपने रोजाना के वर्कआउट सेशन से पहले एक कप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

भूख को सीमित और चीनी के सेवन को कम करने में है कारगर
अधिक मात्रा में चीनी का सेवन वजन को बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है और ग्रीन टी चीनी के सेवन को कम करने में मदद करती है क्योंकि इसके लिए चीनी की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा, ग्रीन टी शरीर के डोपामाइन और नॉरपेनेफ्रिन जैसे तत्वों को प्रभावित करके आपकी भूख को भी सीमित करने में भी मदद करती है, जिससे आप अधिक खाने से बचकर वजन को कम कर सकते हैं।

अच्छे फैट को बढ़ाने में सहायक है ग्रीन टी
हमारे शरीर में दो तरह के फैट होते हैं, जिसे ब्राउन फैट और व्हाइट फैट कहा जाता है। ब्राउन फैट को गुड फैट के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह वजन कम करने में सहयोगी होता है, जबकि व्हाइट फैट शरीर में स्क्विशी बैड फैट होता है, जो वजन बढऩे पर दिखाई देता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन शरीर के ब्राउन फैट को बढ़ाने में मदद करता है, जो वजन को कम करने में मदद कर सकता है।
 
 

ये सब आदते लाते है जल्द बुढ़ापा , इन चीजों से रहे दूर

ये सब आदते लाते है जल्द बुढ़ापा , इन चीजों से रहे दूर

आजकल के दौड़ भाग वाले जिंदगी से बच नहीं पाते जिससे कि हम समय पर तय नहीं कर पाते कि आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए . और यही हमारी आदते हमे जल्द बुढ़ापे कि और धकेलती है . आप जो सुबह से लेकर रात तक जो भी मील लेते है उससे हमारी डेली एक्टिविटी पर फर्क पड़ता है . इसलिए सही भोजन का चुनाव करने में ही समझदारी है .
आप जो खाते हैं वह आपकी स्किन के लिए बेहद जरूरी होता है। यही कारण है कि हमने उन खाने की चीजों के बारे में बताया है जिनसे आपको बचना चाहिए जो उम्र बढ़ने के शुरुआती लक्षणों को रोकने में मदद करेंगे। हालांकि, एक बात जो आपको जाननी चाहिए वह यह है कि उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो आपको कई बार प्रभावित कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा नहीं कर सकते। जानिये कि सभी खाद्य पदार्थ जो हमे बुढ़ापे कि जल्दी धकेलती है ।

तला हुआ खाना

तले खाने से फ्री रेडिकल निकलते हैं तो स्किन सेल को नुकसान पहुंचा सकते हैं और त्वचा इलास्टिकसिटी को कमजोर कर सकते हैं। फ्रेंच फ्राइज, शकरकंद फ्राई जैसी खाने की चीजों से बचें। इसके अलावा, कम नमक का खाना भी खाएं।

सफेद चीनी

बहुत ज्यादा सफेद चीनी खाने से कोलेजन-हानिकारक एजीई के निर्माण में योगदान हो सकता है। चीनी की ज्यादा मात्रा से स्किन समस्याएं हो सकती हैं। इसके बजाय, कुछ मीठा खाने का मन होने पर फल या डार्क चॉकलेट खाएं।

प्रोसेसड मीट

बेकन, सॉसेज और पेपरोनी प्रोसेसड मीट हैं। इनसे आपको बचना चाहिए। ये सोडियम, सैच्यूरेटिड फैट और सल्फाइट से भरे होते हैं, जो सभी सूजन का कारण बनते हैं जो कोलेजन को कमजोर कर सकते हैं और स्किन से पानी कम करते हैं।

कैफीनयुक्त ड्रिंक्स

सोडा और कॉफी पीने से त्वचा से ज्यादा नींद प्रभावित होती है। खराब सोने के पैटर्न को उम्र बढ़ने, झुर्रियों, काले घेरे और महीन रेखाओं के संकेतों से जोड़ा गया है। जितना हो सके कैफीनयुक्त ड्रिंक्स कम पिएं।

शराब

बहुत अधिक शराब पीने से त्वचा की कई समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें झुर्रियां, कोलेजन की कमी, सूजन और लालिमा शामिल हैं। यह विटामिन ए सहित कुछ पोषक तत्वों की कमी की ओर भी ले जाता है।

सफेद ब्रेड

सफेद ब्रेड में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जो शरीर में सूजन पैदा कर सकता है, जो बदले में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। इसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से भी जोड़ा गया है। अंकुरित अनाज की रोटी ट्राई करें जिसमें एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

 

अनानास के इन फायदों को जानकार रोज खाएंगे आप

अनानास के इन फायदों को जानकार रोज खाएंगे आप

खट्टे -मीठे स्वाद के साथ से भरपूर अनानास को सेहत के लिए सबसे अहम और लाभकारी माना जाता है। जी हाँ और कई बीमारियों में मरीजों को इलाज के दौरान विशेषज्ञ इसे खाने की सलाह देते है। जी दरअसल अनानास बॉडी में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए एक अच्छा तरीका माना जाता है और इसके सेवन से बॉडी से जुडी कई परेशानियां दूर होती है। आज हम आपको बताते हैं इसको खाने के फायदे।
* अनानास मोटापा दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योकि अनानास में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। इस वजह से अनानास का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है यह पाचन शक्ति को बढ़ाने के साथ साथ वजन को भी कम करने में सहायता करता है। जी दरअसल अनानास में विटामिन ए भी पाया जाता है इसमें विटामिन के अलावा फाइबर पोटेशियम फास्फोरस और कैल्शियम भी मौजूद होते है यह सभी तत्व बॉडी को हेल्दी रखने के लिए बहुत जरुरी होते है
* अनानास में फाइबर मैग्नीशियम होता है इसमें मौजूद थाइमिन हार्ट को हेल्दी रखने के लिए अच्छा माना जाता है। इसी के साथ अनानास में कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट्स तत्व पाए जाते है जो बॉडी को फिट रखने में सहायता करते है। जी हाँ और यह एंटीऑक्सीडेंट्स गठिया ह्रदय संबंधी रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से आपको दूर रखता है अनानास खाने से दांतऔर मसूड़े मजबूत होते है।
* हाई ब्लड प्रेशर से परेशान लोगो अपनी डाइट में पाइनेपल को शामिल कर सकते है। जी दरअसल इसमें पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है और इसमें सोडियम की मात्रा काफी कम होती है। इसी के साथ इससे यह बॉडी में ब्लड फ्लो को शानदार बनाए रखता है।
* आपको शायद ही पता होगा कि अनानास में एंटी कैंसर एजेंट होते है। जी दरअसल अनानास के नियमित सेवन करने से बॉडी में कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

 

वजन घटाने की कर रहे हैं कोशिश? तो आपको डायट में शामिल करना चाहिए ये चीज

वजन घटाने की कर रहे हैं कोशिश? तो आपको डायट में शामिल करना चाहिए ये चीज

सुबह सबसे पहले ताजे निचोड़े हुए नींबू के रस और शहद को गर्म पानी मिलाकर पीने से आपको तेजी से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। शहद और ताजे नींबू के रस की कुछ बूंदों से आपको न केवल वजन घटाने के लिए बल्कि कई तरह के हेल्थ बेनिफिट्स मिल सकते हैं। यह आपके पाचन में सुधार करने में मदद करता है, आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ता है, और सबसे जरूरी बात यह है कि ये पेट की चर्बी को नैचुरल तरीके से कम करने में मदद करता है।

क्या हैं इन दोनों चीजों के फायदे
शहद के फायदे
- कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने के कारण शहद आपके एनर्जी लेवल को बढ़ाता है।
- यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और आपकी स्किन को यंग बनाए रखता है।
- शहद में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम होता है, जो इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।

नींबू के फायदे
- नींबू में साइट्रिक एसिड, विटामिन सी, मैग्नीशियम और कैल्शियम होता है, जो आपके इम्यून सिस्टम के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
- एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर, नींबू कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है और स्किन को सॉफ्ट और यंग बनाता है।
-रिपोर्ट्स की मानें तो नींबू में मौजूद फ्लेवोनोइड्स में कैंसर रोधी गुण होते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- वजन कम करने के लिए सबसे पहली और सबसे जरूरी चीज है डिसिप्लेन। अच्छे रिजल्ट देखने के लिए रोजाना शहद-नींबू का पानी पीएं।
- वजन घटाने के लिए अपने शहद नींबू ड्रिंक में गर्म पानी को ठंडे पानी से न बदलें। गर्म पानी मेटाबॉलिज्म में सुधार करता है और ये एक्सट्रा फैट को जलाने में मदद करता है।
- अगर आप सुबह सबसे पहले एक कप चाय या कॉफी पीते हैं, तो नींबू और शहद के पानी का मिश्रण पिएं। अगर जरूरी है तो अपने पसंदीदा ड्रिंक को दिन में थोड़ी देर बाद पियें।

कैसे तैयार करें ये ड्रिंक

इसे बनाने के लिए एक पैन में थोड़ा पानी गर्म करें। और फिर इस पानी में शहद मिलाएं और अच्छे से मिक्स करें। फिर इसमें आधा नींबू का रस मिलाएं। अब इसे रोज सुबह खाली पेट पिएं।


 

बालो का रखे ख्याल होम मेड स्प्रे से , जानिए कुछ तरीके

बालो का रखे ख्याल होम मेड स्प्रे से , जानिए कुछ तरीके

हर कोई स्वस्थ, चमकदार और मजबूत बाल चाहता है, लेकिन प्रदूषण, सूरज की हानिकारक ङ्क किरणें, केमिकल्स युक्त हेयर केयर प्रोडक्ट्स और हीट-स्टाइलिंग उपकरणों आदि से बालों को काफी नुकसान पहुंचता है, जिस वजह से ये शुष्क और बेजान हो जाते हैं। हालांकि, अगर आप अपने बालों को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो इसके लिए घर पर कुछ ही मिनटों में प्राकृतिक सामग्रियों से हेयरस्प्रे बनाकर इस्तेमाल करें। चलिए फिर आज हेयरस्प्रे बनाने के कुछ तरीके जानते हैं।

गुलाब जल और चीनी का हेयरस्प्रे
गुलाब जल और चीनी का हेयरस्प्रे बालों को मॉइश्चराइज करेगा और इन्हें टूटने से भी बचाएगा। एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर गुलाब जल आपके बालों के श्च॥ स्तर को संतुलित रखने में भी मदद करेगा। हेयरस्प्रे बनाने के लिए थोड़ा ताजा गुलाब जल गर्म करें, फिर इसमें चीनी डालें और जब तक यह पूरी तरह से घुल न जाए गैस बंद न करें, फिर इस मिश्रण को ठंडा करने के बाद एक स्प्रे बोतल में डालें और जरूरत अनुसार इस्तेमाल करें।

एलोवेरा हेयरस्प्रे
विटामिन्स, फैटी एसिड, अमीनो एसिड, एंटी-बैक्टीरियल और हीलिंग गुणों से भरपूर एलोवेरा हेयरस्प्रे स्कैल्प को मॉइश्चराइज करेगा, डेड स्किन सेल्स को हटाने और बालों के विकास को बढ़ावा देगा। यह हेयरस्प्रे उन लोगों के लिए जरूरी है, जिनके बाल रूखे या बेजान हैं। हेयरस्प्रे बनाने के लिए ताजे एलोवेरा जेल को पानी के साथ मिलाएं, फिर इसमें नारियल का तेल मिलाएं। इसके बाद पूरे मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में डालें और जब चाहें इसका इस्तेमाल करें।

आर्गनऑयल हेयरस्प्रे 

आर्गन ऑयल फैटी एसिड, एंटी-ऑक्सिडेंट, कई तरह के विटामिन्स और खनिजों से समृद्ध होता है, जो आपके बालों को पोषित करने में मदद करेंगे। आप इस हेयरस्प्रे को हीट प्रोटेक्टेंट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि आर्गन ऑयल में स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है। हेयरस्प्रे बनाने के लिए पानी गर्म करें, फिर उसमें चीनी मिलाकर गैस बंद कर दें और जब मिश्रण ठंडा हो जाए तो इसमें आर्गन ऑयल मिलाकर इसे एक स्प्रे बोतल में डालें।

मेथी के बीज का हेयरस्प्रे
विटामिन-ए, विटामिन-सी और विटामिन-के से भरपूर मेथी के बीज स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को उत्तेजित करने के साथ-साथ बालों को पोषण प्रदान करने में काफी मदद कर सकते हैं और तेजी से बालों के विकास को बढ़ावा देते हैं। हेयरस्प्रे बनाने के लिए मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोएं, फिर अगली सुबह मेथी के पानी को स्प्रे बोतल में डालें और इसे अपने पूरे बालों पर स्प्रे करें।
 

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