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छत्तीसगढ़ के इस जिले में चिकित्सकों की लापरवाही से 43 दिन में 404 मरीजों की हुई मौत

छत्तीसगढ़ के इस जिले में चिकित्सकों की लापरवाही से 43 दिन में 404 मरीजों की हुई मौत

कोरबा। कोविड.19 की दूसरी लहर के 43 दिनों में चिकित्सकों की लापरवाही से जिले में 404 मरीजों की मौत हो गयी। जबकि कोरोना के पहले दौर में 232 दिनों में केवल 204 मरीज काल कवलित हुए थे। हालांकि 43 दिन के भीतर जिले में 404 से अधिक लोगों की मौत हुई है, लेकिन शेष मौतों को कोरोना के इलाज के दौरान हार्टअटेक, शुगर, बी.पी.और दिगर बीमारियों से होने के कारण कोरोना मृत्यु नहीं माना गया है।


कोविड.19 महामारी ने बीते बरस से अब तक पूरे देश और प्रदेश के साथ कोरबा जिला को भी बेहाल कर रखा है। कोरोना के पहले दौर में कोरबा जिले में 21 अगस्त 2020 से लेकर 31 मार्च 2021 तक 232 दिनों में 204 लोगों की मौत कोरोना से हुई थी। जबकि 01 अप्रेल 2021 से 13 मई 2021 तक 43 दिन में कोरोना ने 404 लोगों की जान ले ली है। इस बीच जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है।

जिला प्रशासन की मानें तो कोरबा में कोरोना संक्रमण की बेतहाशा वृद्धि और अत्यधिक मरीजों की मौत, होम आइसोलेसन के साथ-साथ डाक्टरों द्वारा कोविड मरीजों के इलाज और देखभाल में चूक के कारण यह हुई है। जिला प्रशासन की मानें तो पॉजिटिव रिपोर्ट आने के साथ ही होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना का ईलाज कराने वाले मरीजों की देखरेख और निगरानी के लिए जिले के दो सौ से अधिक डॉक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। पहले डॉक्टरों द्वारा मरीजों से संपर्क में देरी, मरीजों से संपर्क नहीं करने, उन्हें उचित ईलाज और सलाह नहीं देने जैसी चूकें प्रशासन के संज्ञान में आ रही थी। इस कमी से होम आइसोलेशन में रहने वाले कुछ मरीज संक्रमण की गंभीर अवस्था में पहुंच रहे थे और ऐसी स्थिति में कोविड अस्पतालों में भी उनके ईलाज में डॉक्टरों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी। कई गंभीर अवस्था वाले मरीजों का ईलाज के दौरान निधन भी हो रहा था। होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों और उनके परिजनों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने, घर के बाहर लगे स्टिकर को फाड़कर फेकने से लेकर बाहर घूमने जैसी शिकायतें भी प्रशासन को मिल रही थी। इन सब गतिविधियों के कारण भी कोरोना संक्रमण जिले में तेजी से फैल रहा था।
जिला प्रशासन के अनुसार पिछले सप्ताह जिले में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण का जिला टास्क फोर्स की बैठक में गंभीरता से विश्लेषण करने पर होम आइसोलेशन के साथ-साथ डॉक्टरों द्वारा कोविड मरीजों के ईलाज और देखभाल में चूक ने रियल टाईम मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू करने पर जोर दिया था। टास्क फोर्स की अनुशंसा पर कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने इस सिस्टम को तैयार कर लागू करने की जिम्मेदारी सहायक कलेक्टर अभिषेक शर्मा और उनकी टीम को सौंपी थी। 

सहायक कलेक्टर श्री शर्मा ने इंटरनेट पर आधारित रियल टाईम मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया। इसके बाद कोरबा जिले में पिछले एक सप्ताह में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ी है। हर दिन नये संक्रमितों में कमी के साथ पॉजिटिवीटी दर भी घटी है। इसके साथ ही कोरोना के कारण होने वाली मौतों की संख्या में भी खासी कमी आई है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थामने में कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के रियल टाईम मॉनिटरिंग आईडिया ने अच्छा परिणाम दिया है। रियल टाईम मॉनिटरिंग के बाद एक सप्ताह में आंकङों में भारी कमी आई है, जो इस प्रकार हैं. 

आंकड़े.
05 मई. संक्रमितों की संख्या.1311, पॉजिविटी दर. 35 प्रतिशत, ईलाज के दौरान मृत्यु.18
12 मई. संक्रमितों की संख्या.663, पॉजिविटी दर. 23, प्रतिशत, ईलाज के दौरान मृत्यु.09
भनक लगते ही पुलिस व अधिकारियों की टीम ने रुकवाया बाल विवाह...

भनक लगते ही पुलिस व अधिकारियों की टीम ने रुकवाया बाल विवाह...

कोरबा । शादी के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त अक्षय तृतीया को माना जाता है। लेकिन इस दिन बाल विवाह के मामले भी सुनने में आते है। ऐसा ही एक मामला कोरबा जिले में आया, जहां खबर मिलते ही महिला बाल विकास परियोजना के अधिकारियों की एक टीम ने दबिश देकर बाल विवाह रुकवाया।
मामला कोरबा के कटघोरा थाना इलाके के ग्राम पंचायत धवईपुर के आश्रित ग्राम रामनगर का है। अक्षय तृतिया के दिन राम नगर के एक परिवार में नाबालिग बच्ची की शादी की जा रही थी। इसकी खबर किसी ने पुलिस को दे दी। जिसके बाद महिला बाल विकास परियोजना के अफसर और पुलिस ने घर में दबिश देकर बच्ची की शादी रुकवा दी।
जानकारी के मुताबिक रामनगर के रहने वाले मुनीराम की दो बेटियां हैं। एक की उम्र 18 साल है और छोटी बेटी अभी नाबालिग है। मुनीराम ने दोनों बेटियों की शादी साथ में ही करने का फैसला लेकर एक मंडप अपनी नाबालिग बेटी के लिए भी बनवा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर पहुंचे अफसरों ने बताया कि बाल विवाह गैर-कानूनी है। ऐसा करने पर बाल विवाह अधिनियम 2006 के तहत एक लाख जुर्माना और 2 साल की सजा हो सकती है।
अफसरों ने इसकी जानकारी मुनीराम के परिवार को दी। करीब 1 घंटे तक रहे गहमा-गहमी के माहौल के बाद बच्ची के घर वालों ने अपनी गलती मानीं। अफसरों ने परिवार के सदस्यों को समझाइश देकर विवाह नही करवाने के निर्देश दिए। बात-चीत के बाद ये तय हुआ कि लॉकडाउन के बाद बड़ी बेटी प्रशासन से अनुमति लेकर करें। बच्ची के पिता से एक शपथ पत्र भी भरवाया गया कि जिसमें उन्होंने बेटी के बालिग होने पर ही शादी करवाने का वादा किया। परिवार को फिलहाल समझाइश देकर छोड़ दिया गया है।
 

 रेड कार्यवाही में धरे गए 22 जुआरी, जुआरियों से 51,500 रूपये जप्त

रेड कार्यवाही में धरे गए 22 जुआरी, जुआरियों से 51,500 रूपये जप्त

कोरबा। विगत कई दिनों से उरगा थाना क्षेत्र के अलग-अलग जगहो में जुआ खेलने व कई अवैध गतिविधियों की सूचना सुत्रों से लगातार प्राप्त हो रही थी। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन एवं अति पुलिस अधीक्षक किर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के निर्देशन में थाना उरगा पुलिस द्वारा अलग-अलग विशेष टीम बनाया गया था। जिस पर आज अलग-अलग जगहो में विशेष सूत्र एवं मुखबीर तैनात किये गये थे, जो मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुई की ग्राम दमखाचा व घाटाद्वारी के बीच जंगलो में कुछ लोग रूपये पैसे का दाव लगाकर तास के माध्यम से हार जीत का खेल रहे है।

सूचना पर विशेष टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर रेड कार्यवाही किया गया। रेड कार्यवाही के दौरान 22 जुआरियों के विरूद्ध 13 जुआ एक्ट तथा महामारी अधिनियम की धारा 269, 270 भादवि का जुर्म दर्ज कर जुआरियों से 51500 रूपये जप्त कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी लखन लाल पटेल के नेतृत्व में उनि प्रहलाद राठौर, सउनि राकेश कुमार गुप्ता, राजेश तिवारी, अनिल खाण्डे, आर एल डहरिया, प्र आर राम पाण्डेय, उदय सिंह ठाकुर, आरक्षक हितेश राव, प्रकाश कुमार चन्द्रा, दिलीप मिंज, विकास कोसले, सुरज भारद्वाज, कैलाश कंवर, वर्जुन दिव्य,कमल कुमार कंवर, गोवर्धन टाईगर, राम स्वरूप कश्यप, शांतनु राजवाडे ,ध्वजा राम कश्यप ,महासिंग सिदार आदि थाना स्टाफ की अहम भुमिका रही।
 लॉकडाउन में दुकान खोलने और मकान बनाने वाले पर हुई कार्यवाही

लॉकडाउन में दुकान खोलने और मकान बनाने वाले पर हुई कार्यवाही

कोरबा। लाकडाउन के दौरान कोसाबाड़ी क्षेत्र में एक दुकान खुली मिली, वहीं कांशीनगर  में एक व्यक्ति द्वारा मकान का निर्माण कराया जा रहा था, लाकडाउन के उल्लंघन के साथ ही कार्य में लगे लोगों ने न तो मास्क लगाया था, और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा था, निगम अमले ने उक्त दोनों जगहों पर कार्यवाही करते हुए अर्थदण्ड लगाया गया, दुकान को बंद कराया एवं मकान निर्माण कार्य को रोका।

कोरोना संक्रमण के नियंत्रण व सुरक्षा हेतु प्रभावशील किए गए लाकडाउन का पालन कराने हेतु नगर निगम कोरबा का मैदानी अमला आज भी सक्रिय रहा तथा लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर उनके द्वारा कार्यवाही की गई। इस कड़ी में कोसाबाड़ी जोनांतर्गत एक हार्डवेयर दुकान खोलकर व्यवसाय किया जा रहा था, वहीं कांशीनगर में एक व्यक्ति द्वारा मकान का निर्माण कराया जा रहा था, इसके साथ ही जोनांतर्गत बेवजह घूमने, मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने सहित अन्य प्रकरणों पर 12200 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। निगम के बालको जोनांतर्गत भी मकान का निर्माण कर लाकडाउन का उल्लंघन करने, बेवजह घूमने, मास्क न लगाने सहित अन्य प्रकरणों पर 1500 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी प्रकार अन्य जोन में भी लाकडाउन उल्लंघन पर निगम अमले द्वारा कार्यवाही की गई तथा ंसंबंधितों को कड़ी हिदायत दी गई कि वे लाकडाउन के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। 

लाकडान उल्लंघन पर 15900 रूपये अर्थदण्ड- नगर निगम कोरबा के विभिन्न जोनांतर्गत आज लाकडाउन उल्लंघन के विभिन्न मामलों पर 15900 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोसाबाड़ी व रविशंकर जोनांतर्गत 12200 रूपये, बालको जोनांतर्गत 1500 रूपये, कोरबा जोनांतर्गत 500 रूपये, टी.पी.नगर जोनांतर्गत 500 रूपये, दर्री जोनांतर्गत 500 रूपये व सर्वमंगला जोनांतर्गत 700 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। 
 तेंदूपत्ता तोडऩे गए ग्रामीण पर भालू ने किया हमला

तेंदूपत्ता तोडऩे गए ग्रामीण पर भालू ने किया हमला

कोरबा। वनमंडल कटघोरा के पसान रेंज क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोडऩे जंगल गए एक तेंदूपत्ता संग्राहक पर भालू ने हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए पोड़ीउपरोड़ा चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। वन विभाग ने घायल के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि दे दी है। 

जानकारी के अनुसार भालू के हमले की यह घटना आज सुबह 5 बजे के लगभग पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत जल्क सर्किल के सरमा जंगल में घटित हुई। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत सरमा के कर्राबहरा निवासी ज्ञानसिंह पिता आमालाल उम्र 41 वर्ष तेंदूपत्ता तोडऩे जंगल गया हुआ था तभी जंगल में एक पेड़ के पीछे छिपकर बैठे खूंखार भालू से उसका सामना हो गया। भालू ने हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। उसके सिर व कमर को भालू ने बुरी तरह नोंच डाला है। ग्रामीण ने लाठी से संघर्ष कर भालू के कब्जे से अपने को छुड़ाया और मदद के लिए पुकार लगाई। ग्रामीण की चीख व पुकार सुनकर साथ गए अन्य ने घटना स्थल की ओर बढ़े। बड़ी संख्या में लोगों को आता देख भालू वहां से भाग निकला। भालू के भागने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना ज्ञानसिंह के परिजनों को तथा सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी शिवशंकर तिवारी को दी। जिस पर उन्होंने वन रक्षक सुरेश यादव को घटना स्थल के लिए रवाना किया। वन रक्षक ने मौके पर पहुंचकर 108 वाहन की मदद से घायल को उपचार के लिए पोड़ी उपरोड़ा चिकित्सालय भिजवाया, जहां घायल का उपचार चल रहा है। वन विभाग की ओर से घायल को तत्काल सहायता राशि 500 रुपए दे दी गई है। सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी श्री तिवारी ने बताया कि घायल के संपूर्ण इलाज का खर्चा विभाग वहन करेगा, सो उसके परिजनों को बेहतर से बेहतर इलाज कराने को कहा गया है। 

याद रहे कि तेंदूपत्ता सीजन प्रारंभ होने के साथ ही ग्रामीण बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल पहुंच रहे हैं। इस दौरान उनका सामना वन्य प्राणियों से भी हो रहा है। वन्य प्राणी हमला कर उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान भालू के हमले की यह कटघोरा वनमंडल में पहली घटना जबकि जिले की दूसरी तथा वन्य प्राणी के हमले की तीसरी घटना है जिसमें एक की जान भी जा चुकी है। इससे पहले भालू ने कोरबा वनमंडल के करतला वन परिक्षेत्र के कोई गांव में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए गए एक ग्रामीण को घायल कर दिया था। जबकि कोरबा वनमंडल के ही कुदमुरा रेंज अंतर्गत गीतकुंवारी में तेंदूपत्ता तोड़ रही एक महिला संग्राहक पर हाथी ने हमला किया था। जिसमें उसकी जान चली गई थी। क्षेत्र के डिप्टी रेंजर श्री तिवारी की कोरोना जांच पॉजिटिव आने के बाद वे होम आइसोलेशन में हैं। बावजूद इसके लगातार फोन से मानिटरिंग कर रहे हैं। चाहे व क्षेत्र में हाथियों द्वारा उत्पात की सूचना हो या वन्य प्राणी के हमले की जानकारी तत्काल अपने मातहतों को मौके पर भेजने के साथ ही लगातार जानकारी लेते रहते हैं।
महिला ने कीटनाशक पदार्थ का किया सेवन, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

महिला ने कीटनाशक पदार्थ का किया सेवन, अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

कोरबा। 55 वर्षीय महिला फूलबाई अगरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हरदी बाजार पुलिस ने अस्पताल से प्राप्त मेमो के आधार पर मर्ग कायम किया है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया। 

हरदी बाजार पुलिस चौकी प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि रैंकी गांव में रेलवे क्रॉसिंग के पास ईश्वर अगरिया की पत्नी फूल बाई ने अज्ञात कारणों से कीटनाशक पदार्थ की कुछ मात्रा का सेवन पिछले शाम को कर लिया था। हालत बिगडऩे पर परिजनों ने उसे सरकारी चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वहां पर उसे जरूरी उपचार दिया गया और प्राण रक्षा करने की कोशिश की गई। जहर का असर शरीर में कुछ ज्यादा होने से आज सुबह महिला की सांसे थम गई। चिकित्सालय की ओर से इस बारे में जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई।
 छत्तीसगढ़: एसईसीएल के तीन ठेका कंपनियों को किया सील

छत्तीसगढ़: एसईसीएल के तीन ठेका कंपनियों को किया सील

कोरबा। क़ुसमुण्डा कोयला खदान में आज कोविड नियमो और प्रोटोकाल के उल्लंघन पर तीन ठेका कम्पनियों के अस्थाई कैम्प कार्यालय जिला प्रशासन ने सील कर दिए हैं।

ठेका कम्पनियों एस के सामंता एंड कम्पनी, आरवीआर प्रॉजेक्ट्स प्राईवेट लिमिटेड और आरआर पावर सलूशन कम्पनी के अस्थाई कैम्प कार्यालयों-कार्यस्थलों को सील कर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने कल ही क़ुसमुण्डा और गेवरा खदान में औचक निरीक्षण किया था । इस से पहले भी कई बार बैठकों के माध्यम से भी सभी ठेका कम्पनियों सहित खदान प्रबंधन को भी कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए ज़रूरी निर्देश दिए थे। कलेक्टर श्रीमती कौशल के निर्देश पर आज कटघोरा अनुभाग के राजस्व अधिकारियों, श्रम पदाधिकारी, खनिज अधिकारी और पुलिस अधिकारियों की टीम ने क़ुसमुण्डा खदान में दबिश दी और ठेका कम्पनियों के अस्थाई कैम्पों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दूसरे राज्यों से मज़दूर-कर्मियों को लाकर बिना सूचना, कोविड टेस्ट और कोविड प्रोटोकाल का बिना पालन किए काम कराने के कारण तीन ठेका कम्पनियों एस के सामंता एंड कम्पनी, आरवीआर प्रॉजेक्ट्स प्राईवेट लिमिटेड और आरआर पावर सलूशन कम्पनी के अस्थाई कैम्प कार्यालयों-कार्यस्थलों को सील कर दिया गया। जाँच दल में नायब तहसीलदार शशिभूषण सोनी, प्रांजल मिश्रा, श्रम अधिकारी राजेश आदिले, खनिज अधिकारी उत्तम खूँटे और पुलिस अधिकारी भी शामिल रहें। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल भी कल ही कुसमुंडा और गेवरा की कोयला खदानो में निरीक्षण पर पहुँची थी और सख्त निर्देश दिए थे।

क़ुसमुण्डा खदान में कोल खनन के काम में लगी इन तीनो कम्पनियों ने पश्चिम बंगाल, बिहार, आँध्रप्रदेश सहित छतीसगढ़ के अलग अलग स्थानो से मज़दूर कर्मी लाकर काम पर लगाए है, परंतु उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाने के कोई पुख़्ता इंतज़ाम नहीं किए गए। इन कर्मियों से कोविड संक्रमण का दूसरे कामगारों में भी फैलने का पूरा अंदेशा है। इस कोरोना काल में भी ठेका कम्पनियों ने बाहर से लाए गए कामगारों का कोई रिकार्ड या जानकारी प्रशासन को नहीं दी है, ना ही उनकी कोविड जाँच कराई गई है। छोटे छोटे कमरों और तरिपाल से बने अस्थाई कैम्प में बड़ी संख्या में कामगारों को रुकाया गया है। इन अस्थाई कैम्पों में कामगारों के बीच सोशल डिसटेंसिंग, उनके और रहवास के सेनेटाईजेसन की भी कोई व्यवस्था नहीं पाई गई। किसी कामगार को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्रोफ़ ाइलऐक्सिस दवाओं का भी यहाँ कोई इंतज़ाम नहीं मिला। किसी कामगार के कोविड संक्रमित हो जाने पर उसे दूसरे कर्मियों से अलग आईसोलेट कर ईलाज़ की व्यवस्था, पल्सआक्सीमीटर और थर्मामीटर भी इन कैम्पों में नहीं मिलें। जाँच के दौरान कम्पनियों के प्रतिनिधि बाहर से लोगों को लाकर काम कराने सम्बन्धी अनुमति सह लेबर लाईसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर पाए।
 एडवांस रुपए से डीजे वालों पर चढ़ रही पार्टियां, व्यापारियों के साथ-साथ डीजे कारोबारियों की भी कोरोना ने तोड़ी कमर

एडवांस रुपए से डीजे वालों पर चढ़ रही पार्टियां, व्यापारियों के साथ-साथ डीजे कारोबारियों की भी कोरोना ने तोड़ी कमर

कोरबा। वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए जिले में लगाए गए सख्त लाकडाऊन ने अन्य व्यापारियों के साथ-साथ डीजे कारोबारियों की भी कमर तोड़कर रख दी है। उनकी हालत दिन व दिन खराब होते जा रही है। एक-एक कर शादियों का मुर्हूत भी निकल रहा है। जिससे वे काफी परेशान है।

जानकारी देते हुए डीजे एसोसिएशन के सचिव सुनील चौहान ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर आने के बाद जिला प्रशासन द्वारा 17 मई तक शादियों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया गया है। शादी के लिए जितनी भी अनुमति दिए गए थे। उन्हें भी निरस्त कर दिया गया है। शादियों से पहले दुल्हा-दुल्हन पक्ष द्वारा जिले के लगभग 500 डीजे संचालकों से संपर्क कर अलग-अलग मुर्हूत में डीजे बुक कराये गए थे, जिसके लिए डीजे संचालकों को बतौर एडवांस भी दिया गया था। अप्रैल के महीने में शादी तो हुई लेकिन डीजे की धुन प्रतिबंध की वजह से सुनायी नहीं दी। अब मई के महीने में इस साल सबसे सर्वाधिक मुर्हूत है 17 मई तक। शादी पर विराम लगा हुआ है। ऐसे में डीजे तो दूर शादी ही नहीं हो सकी। अब शादी के लिए डीजे बुक करा चुके लोग संचालकों से एडवांस में रकम वापस मांग रहे हैं। चूंकि लॉकडाउन में संचालक राशि को अपने जीवकोपार्जन के लिए खर्च कर दिया है अब उनके एडवांस वापस देने के लिए पैसे नहीं हैं। जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है। जिला प्रशासन को चाहिए कि उनके आर्थिक दशा पर विचार करते हुए मदद के लिए सोचें।
 पेड़ पर लटका मिला एक युवक का शव, मामला खुदकुशी का है या कुछ और

पेड़ पर लटका मिला एक युवक का शव, मामला खुदकुशी का है या कुछ और

कोरबा। पेड़ पर लटके मिले युवक के शव ने करतला पुलिस के लिए चुनौती बढ़ा दी है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। मामला खुदकुशी का है या कुछ और, इन बिंदुओं पर पुलिस ने काम करने की बात कही है। इससे पहले सूचना पर मर्ग कायम किया गया है।

जानकारी के अनुसार करतला पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर इलाके के बरकोना जंगल में अज्ञात शव प्राप्त होने की सूचना पुलिस के पास पहुंची। बताया गया कि जंगल के एक हिस्से में काफी लंबाई वाले पेड़ पर शव लटका हुआ मिला। इस क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण और अन्य कार्यों के लिए ग्रामीणों का पहुंचना हुआ। उनकी नजर उस पेड़ पर गई जहां शव लटका दिखा। यह नजारा देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। अलग-अलग स्तर पर यह सूचना क्षेत्र में फैली और फिर पुलिस तक पहुंची। करतला पुलिस के मुताबिक औपचारिक सूचना प्राप्त हुई है जिसमें अज्ञात शव के देखे जाने की बात कही गई है। संबंधित मृतक इस क्षेत्र का है या कहीं और का, यह पता किया जाएगा। उसकी यहां तक पहुंच कैसे हुई और वह किस तरह इस हाल में पहुंचा, यह भी जांच का बिंदु होगा। फिलहाल पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध मौत की श्रेणी में रखा है और उक्तानुसार अगली कार्रवाई करने की बात कही है। अटकलें लगाई जा रही है कि मामला खुदकुशी के बजाय हत्या का भी हो सकता है और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया हो। हालांकि वास्तविकता फोरेंसिक जांच और शव के पोस्टमार्टम के साथ ही स्पष्ट हो सकेगी। इससे पहले पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी हासिल करना भी तय किया है ताकि अधिकतम विषय उसके पास पहुंच सके। याद रहे विभिन्न क्षेत्रों में सुनसान इलाकों में मिले अज्ञात शवों में से कुछ प्रकरणों में से हत्या के तथ्य उजागर हुए हैं।
 बड़ी खबर: दंतैल हाथी ने तेंदूपत्ता महिला संग्राहक को उतारा मौत के घाट

बड़ी खबर: दंतैल हाथी ने तेंदूपत्ता महिला संग्राहक को उतारा मौत के घाट

कोरबा। जंगली जानवरों को लेकर काफी समय से परेशानी झेल रहे वनमंडल कोरबा में एक बार फिर उत्पात शुरू हो गया है। वन परिक्षेत्र कुदमुरा में दंतैल हाथी ने एक महिला को निशाने पर लेने के साथ मौत की नींद सुला दिया। वह जंगल में तेंदूपत्ता संग्रहण कर रही थी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद वनकर्मी ग्रामीणों के साथ यहां पहुंचे। करतला पुलिस ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर मर्ग कायम किया है। प्रकरण में आगे की कार्यवाही की जा रही है।

जानकारी के अनुसार आज सुबह 9.30 बजे के आसपास यह घटना हुई। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर गीतकुंवारी के घाटीतराई जंगल में हुई घटना में एक ग्रामीण महिला की मौत हो गई, जो जनजाति समुदाय से वास्ता रखती थी। इलाके के अनेक लोगों के साथ यह महिला नजदीक में तेंदूपत्ता संग्रहण के काम में लगी हुई थी। ग्रामीणों को ग्रीष्मकाल में इस काम में जुटने के साथ काफी आमदनी हो जाती है इसलिए तमाम खतरों को समझने के बावजूद वे संग्रहण को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित रहते हैं।

बताया गया कि 46 वर्षीय दिलमोती बाई राठिया पति साधराम राठिया गीतकुंवारी की निवासी थी जो वन विभाग के कक्ष क्रमांक 1103 के नजदीक अपने काम में लगी थी। इसी दरम्यान भीतरी हिस्से से दंतैल हाथी ने अपनी दखल बनाई और महिला को टारगेट करने के साथ उसकी जान ले ली। सूत्रों ने बताया कि दबे पांव पहुंचे हाथी को लेकर महिला जरा भी समझ नहीं पाई। यह सब घटनाक्रम इतनी जल्द हुआ कि किसी भी स्तर से किसी व्यक्ति को दखल करने का समय ही नहीं मिल सका। दंतैल के द्वारा पटक कर मारने से महिला की चीख निकल गई। इसे काफी दूर तक सुना गया। नतीजा ये हुआ कि जंगल के बड़े हिस्से में तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे लोग दहशत में आ गए। वे समझ चुके थे कि नजदीक में वन्य प्राणी का हमला हुआ है और इसमें जनहानि हुई है।

सक्ते में आए लोगों ने किसी तरह खुद को बचाया और सुरक्षित स्थान की तरफ  रूख किया। इस बारे में वन विभाग को सूचना दी गई। कुछ देर के बाद रेंजर कुदमुरा संजय लकड़ा अपने कर्मियों और ग्रामीणों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के साए में उस इलाके की तरफ  पहुंचे जहां से दंतैल की चिंघाड़ और महिला की चीख सुनाई दी थी। एक स्थान पर दंतैल के पैरों के निशान और महिला का शव पाया गया। शव की दुर्गति देखकर अंदाजा लगाया गया कि वन्य प्राणी का व्यवहार पिछली घटनाओं की तरह ही रहा। जिसने इस इलाके में इंसान की दखल होने पर अपने बुरे इरादे प्रदर्शित किये। वन विभाग के द्वारा इस सिलसिले में खानापूर्ति की गई।

स्थानीय पुलिस को सूचना दिए जाने पर उसकी टीम यहां पहुंची। 174 सीआरपीसी के अंतर्गत इस मामले में मर्ग कायम किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी करतला के चीरघर भेज दिया गया है। दिलमोती राठिया की मौत को लेकर एक बार फिर वन विभाग पर लोगों की नाराजगी बढ़ी है। प्रक्रियाओं के अंतर्गत प्रभावित परिवार को वन विभाग ने शुरूआती सहायता के रूप में 25 हजार रुपए की राशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने ऐसे प्रकरणों में 6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देना सुनिश्चित किया है। बताया गया कि अंतिम रिपोर्ट बनाने और इसे प्रक्रिया में शामिल करने के साथ शेष राशि का भुगतान परिवार को किया जाएगा।
 

 

 दुकान खोलकर किया लाकडाउन का उल्लंघन, निगम ने लगाया अर्थदण्ड

दुकान खोलकर किया लाकडाउन का उल्लंघन, निगम ने लगाया अर्थदण्ड

कोरबा। कोरोना संक्रमण के नियंत्रण हेतु प्रभावशील लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर निगम द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। 06 एवं 07 मई को निगम के टी.पी.नगर जोन, कोरबा जोन, दर्री, बालको, सर्वमंगला तथा कोसाबाड़ी व रविशंकर जोन में लाकडाउन उल्लंघन पर कार्यवाही करते हुए निगम द्वारा 16700 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया तथा उन्हें लाकडाउन का पालन करने की कड़ी हिदायत दी गई।

कोरोना संक्रमण से बचाव एवं उसके नियंत्रण के संदर्भ में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी किरण कौशल द्वारा प्रभावशील किए गए लाकडाउन का पूर्ण रूप से पालन कराने के निर्देश आयुक्त एस.जयवर्धन द्वारा निगम के सभी जोन कमिश्नरों एवं मैदानी अधिकारियों को दिए गए हैं। निगम के सभी 08 जोन में अधिकारी कर्मचारियों द्वारा लाकडाउन का पालन कराने हेतु सतत निगरानी रखी जा रही है तथा जहां कहीं भी लाकडाउन का उल्लंघन किया जाता है, उस पर त्वरित कार्यवाही निगम अमले द्वारा की जा रही है। इसी कड़ी में निगम के विभिन्न जोन में यह कार्यवाही की गई। लाकडाउन के दौरान टी.पी.नगर जोनांतर्गत अग्रवाल ट्रांसपोर्ट के द्वारा अपना प्रतिष्ठान खोलकर व्यवसाय का संचालन किया जा रहा था, जोन कमिश्नर आर.के.माहेश्वरी के नेतृत्व में निगम अमले ने लाकडाउन का उल्लंघन करने पर कार्यवाही करते हुए प्रतिष्ठान को बंद कराने के साथ ही 2000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया तथा कड़ी चेतावनी दी कि दोबारा उल्लंघन किए जाने पर प्रतिष्ठान को सील किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार कोरबा जोन अंतर्गत मनोहरलाल किशोर कुमार थोक दुकान के संचालक द्वारा भी दुकान खोलकर लाकडाउन का उल्लंघन किया जा रहा था, एस.डी.एम. सुनील नायक, सी.एस.पी. साहू तथा अधीक्षण अभियंता एम.के.वर्मा की उपस्थिति में निगम अमले ने उक्त दुकान पर भी लाकडाउन उल्लंघन की कार्यवाही की तथा दुकान को बंद कराने के साथ ही 5000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया। इसके साथ ही निगम के जोन अधिकारियों ने लाकडाउन उल्लंघन पर कोरबा जोन की 02 दुकानों पर क्रमश: 2000 रूपये एवं 500 रूपये का अर्थदण्ड आरोपित किया तथा लाकडाउन में दुकान न खोलने की कड़ी हिदायत दी। इसी प्रकार कोसाबाड़ी एवं रविशंकर शुक्ल जोनांतर्गत दुकान खोलकर लाकडाउन का उल्लंघन किए जाने पर जोन कमिश्नर आर.के. चौबे की अगुवाई में निगम अमले ने कार्यवाही करते हुए क्रमश: 2400 रूपये एवं 1000 रूपये का अर्थदण्ड लगाया तथा दुकानों को बंद कराया। इसी प्रकार विभिन्न स्थानों पर एक ही स्थान पर खड़े रहकर ठेलों में फल, सब्जी का विक्रय करने वालों, मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर भी अर्थदण्ड लगाया गया तथा उन्हें अनिवार्य रूप से लाकडाउन के नियमों का पालन करने की कड़ी हिदायत दी गई। 

लगा 16700 रूपये का अर्थदण्ड- लाकडाउन के उल्लंघन तथा कोरोना प्रोटोकाल तोडऩे पर 06 एवं 07 मई को निगम अमले ने कार्यवाही करते हुए 16700 रूपये का अर्थदण्ड लगाया। प्राप्त जानकारी के अनुसाार कोरबा जोनांतर्गत 7500 रूपये, टी.पी.नगर जोनांतर्गत 2000 रूपये, कोसाबाड़ी जोनांतर्गत 2400 रूपये, रविशंकर शुक्ल जोनांतर्गत 2200 रूपये, बालको जोनांतर्गत 1000 रूपये, दर्री जोनांतर्गत 1100 रूपये तथा सर्वमंगला जोनांतर्गत 500 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। 
लॉकडाउन में जुआ खेलते पांच व्यवसायी गिरफ्तार

लॉकडाउन में जुआ खेलते पांच व्यवसायी गिरफ्तार

कोरबा। लॉकडाउन में जब लोगों का घरों से निकलना मना है तब कटघोरा में धन्ना सेठों ने मिलकर मनोरंजन के लिए जुआ का फड़ सजाया। इनमेें एक होम आइसोलेशन पर भी है। कटघोरा क्षेत्रांतर्गत सांझा चूल्हा के पीछे एक व्यापारी द्वारा खरीदे गए मकान में ये लोग जुआ खेलने बैठे। इसकी सूचना मिलने पर देर शाम पुलिस ने दबिश दी। मौके से 52 पत्ती ताश, 2200 रुपए नगद बरामद कर जप्त किया गया।


थाना प्रभारी निरीक्षक अविनाश सिंह ने बताया कि जुआ खेलते पवन अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल व संजय अग्रवाल को पकड़ा गया। इन सभी के विरूद्ध जुआ एक्ट की धारा 13 के अलावा महामारी नियंत्रण अधिनियम की धारा 269, 270 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बता दें कि आरोपी अनिल अग्रवाल की पुत्री कोरोना संक्रमित है और पूरा परिवार होम आइसोलेशन में है, फिर भी बाहर निकल कर जुआ खेलने गया था। एक आरोपी व्यवसायी होने के साथ क्षेत्र का बड़ा सिविल ठेकेदार और एक अन्य आरोपी डीजल चोरी करवाकर बेचने का काम करता है। कुछ दिन पहले इस पर कार्यवाही भी हो चुकी है। शेष आरोपी भी रसूखदार हैं। इस जुआ और धरपकड़ की पूरे कटघोरा में चर्चा गर्म है।
 ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से नेता ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए की गुंडई

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी से नेता ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए की गुंडई

कोरबा। कोरोना संक्रमण के बीच जब कर्मचारी, पुलिसकर्मी और डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर हैं, तब नेता नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गुंडई कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा में चेकपोस्ट पर बिना वाहन पास के जा रही कार को ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने रोका तो नेता उस पर भड़क गए। कार से उतर कर गालियां देनी शुरू कर दी। कहा कि जानते हो मैं कौन हूं? पूर्व सरपंच यादव। फिलहाल घटना का वीडियो अब वायरल है।

संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए प्रदेश में लॉकडाउन है। ऐसे में सरकार की ओर से एक जिले से दूसरे में जाने के लिए वाहन पास बनवाना अनिवार्य किया गया है। इसकी जांच के लिए चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं। ऐसे ही एक चेकपोस्ट बलौदा-उरगा मार्ग पर कोरबा के पंतोरा में बिलासपुर और जांजगीर चांपा सीमा पर बनाया गया है। यहां हर आने-जाने वाले वाहनों चालकों से पूछताछ के बाद ही उन्हें जिले में प्रवेश दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने उनसे लिखित अनुमति वाहन पास मांगा। उन्होंने पास होने से इनकार किया और फिर गाड़ी से उतर कर कर्मचारियों को धौंस दिखाना शुरू कर दिया।

पहले डॉक्टर की पर्ची दिखाई, जब पास मांगा तो धौंस दिखाने लगे-पंतोरा में बनाई गई इस चेकपोस्ट पर बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अन्य वाहनों के साथ एक कार भी आई। चेकपोस्ट के कर्मचारियों ने कार को रोका तो अंदर दो लोग बैठे थे। उन्होंने डॉक्टर का पर्चा दिखाया और मरीज की जांच कराकर वापस आने की बात कही। इस पर कर्मचारियों ने उनसे लिखित अनुमति वाहन पास मांगा। उन्होंने पास होने से इनकार किया और फिर गाड़ी से उतर कर कर्मचारियों को धौंस दिखाना शुरू कर दिया।

जिसे मरीज बताया, वह भी कार से उतर कर धमकी देने लगा-उसने कर्मचारियों से कहा कि जानते नहीं हो, मैं कौन हूं? यहीं का आदमी हूं। मैं उरगा का पूर्व सरपंच यादव हूं। इसके बाद गालियां देनी शुरू कर दी। इस पर अन्य कर्मचारियों ने बचाव किया तो जिसे मरीज बताया था, वह व्यक्ति भी कार से उतर आया और गालियां देनी शुरू कर दी। कर्मचारियों पर दबाव बना रहा था कि पुलिसकर्मी आ गए। इसके बाद वहां तैनात कांस्टेबल से एसडीएम की बात कराई, तो उन्हें जाने दिया गया।

इस हंगामे और विवाद के चलते 20 मिनट तक जाम लगा रहा-इस पूरे हंगामे के दौरान दूसरी ओर से सड़क पर वाहनों की लाइन लग गई। करीब 20 मिनट तक जाम की स्थिति रही। इस दौरान दवाइयां लेकर एक वाहन भी निकल रहा था। जब उसके ड्राइवर ने हंगामा कर रहे कार सवारों से साइड देने को कहा तो वे उस पर भी भड़क गए। आरोप है कि गालियां देते हुए उसे थप्पड़ भी मार दिया। हालांकि, नेताजी के रसूख के चलते उनके ऊपर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है।
 क्वारेटाइन सेंटरों में कार्य के प्रति लापरवाही, तीनों लोगों को नोटिस जारी

क्वारेटाइन सेंटरों में कार्य के प्रति लापरवाही, तीनों लोगों को नोटिस जारी

कोरबा। पोड़ीउपरोड़ा अनुविभाग अंतर्गत क्वारेटाइन सेंटरों में पंचायत सचिव, प्रधान पाठक एवं प्राचार्य की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन ये लोग अपने ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरत रहे थे। जिस पर एसडीएम संजय कुमार मरकाम ने तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत साढामार के सचिव बहादुर सिंह मरावी द्वारा पसान तहसीलदार से फोन पर अभद्रता पूर्वक बात कर पूर्व में रुके 2 महीने के वेतन की बात कहते हुए, दिए गए निर्देशों का अवहेलना कर फोन काट दिया, जिसकी शिकायत पसान तहसीलदार सुशील कुलमित्र द्वारा एसडीएम पोड़ीउपरोडा से की गई थी, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा नोटिस जारी कर उनके निलंबन की सिफारिश की है।

इसी तरह उत्तर माध्यमिक विद्यालय लैगा के प्राचार्य नंदकुमार जायसवाल, प्रभारी प्राचार्य ललित कुमार चंद्रा ग्राम पिपरिया एवं साहिबा राम मरावी हाई स्कूल कर्री को मुख्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एक पक्षीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
 अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर चपेट में आने से चालक की मौत

अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर चपेट में आने से चालक की मौत

कोरबा। खाली ट्रैक्टर लेकर घर लौट रहे हैं चालक की हादसे में मौत हो गई। हरदी बाजार पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम किया है पंचनामा के पश्चात मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

 हरदी बाजार पुलिस चौकी प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि छलिया पारा मुरली क्षेत्र में यह घटना हुई 30 वर्षीय शरद कुमार पिता कमलेश सिंह पोर्ते कि इस घटना में मौत हुई है। बताया गया कि शाम को शरद खाली ट्रैक्टर लेकर कार्यस्थल से अपने घर की तरफ  लौट रहा था इसी दौरान एक ब्लाइंड करो पर ट्रैक्टर बेकाबू हो गया चालक ने अपने स्तर पर संभावित हादसे को बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा अगले क्षण ट्रैक्टर पलट गया स्टेरिंग वाले हिस्से से नीचे गिरने के साथ चलना की वाहन में दबने से मौत हो गई। आसपास के ग्रामीणों के जरिए या जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंच शव को रिकवर किया और मरक्यूरी में भिजवाया। आज इस मामले में आगे की प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। हरदी बाजार पुलिस चौकी में इस घटना को लेकर 174 सीआरपीसी के अंतर्गत मर्ग कायम किया गया है। 
 लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले मधुबन स्वीट्स में छापामार कार्रवाई, 20 हजार का लगा जुर्माना

लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले मधुबन स्वीट्स में छापामार कार्रवाई, 20 हजार का लगा जुर्माना

कोरबा। लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले नाफरमानों पर प्रशासन की कार्यवाई जारी है। बालको स्थित मधुबन स्वीट्स में नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग ने छापामारी की है। जहाँ प्रतिबंध के बावजूद लोगों को मिठाई व समोसे बेचे जा रहे थे। नियमों की अवहेलना करने पर संचालक पर 20 हजार रुपए की चालानी कार्यवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्यवाई से क्षेत्र में लॉक डाउन तोड़ऩे वालों में हड़कंप मचा है ।

राजस्व विभाग की टीम ने नायब तहसीलदार डी आर ध्रुव एम एस राठिया के नेतृत्व में मंगलवार को बालको स्थित मधुबन स्वीट्स में मिल रही शिकायत के आधार पर छापामारी की। इस दौरान होटल में ग्राहकों को मिठाई, समोसा आदि खाद्य सामग्री की बिक्री की जा रही थी। नायब तहसीलदार डी आर ध्रुव, एम एस राठिया ने इस लापरवाही पर संचालक को कड़ी फटकार लगाते हुए 20 हजार रुपए की अर्थदंड की कार्यवाई की है। साथ ही पुन:नियम तोडऩे पर एफ आईआर दर्ज कराए जाने की चेतावनी दी गई है। टीम की औचक निरीक्षण से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। साथ ही प्रशासन एवं कानून की सख्ती से व्यापारी लॉकडाउन का पालन करने के प्रति भी सजग रहेंगे। इस कार्यवाई में आरआई सत्या रायकर, खेलन सूर्यवंशी, हल्का पटवारी रेशम लाल साहू शामिल थे।
 कलेक्टर की अपील: अगले 15 दिन शादी-व्याह जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजन रखें स्थगित

कलेक्टर की अपील: अगले 15 दिन शादी-व्याह जैसे भीड़-भाड़ वाले आयोजन रखें स्थगित

कोरबा। कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण के बढऩे का मुख्य कारण पिछले 10-15 दिनों से गांव-गांव में चल रहे शादी समारोहों को माना जा रहा है। संक्रमण के बढऩे की गति और कारणों की समीक्षा के दौरान जिला टास्क फोर्स के अधिकारियों के ध्यान में यह बात मुख्य रूप से आई है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के लिए सभी समाज प्रमुखों से अपने-अपने समाज में अगले 15 दिन में होने वाली शादियों और बड़ी संख्या में लोगों के इक_ा होने वाले आयोजनों को स्थगित करने की अपील की है। कलेक्टर ने जिले के सभी जन प्रतिनिधियों, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्यों, पंच-सरपंचों से भी अपने-अपने क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के इक_ा होने वाली सभी गतिविधियों को आने वाले 15 दिनों के लिए आगे बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को कोरोना संक्रमण की भयावहता बताने के साथ-साथ उसे रोकने के लिए किये जाने वाले उपायों को भी बताने का अनुरोध जन प्रतिनिधियों से किया है।

जिला टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान यह बात संज्ञान में आई है कि पिछले 10-15 दिनों में कोरोना संक्रमण के बढऩे का मुख्य कारण गांव और शहरी इलाकों में पिछले महिने में बड़ी संख्या में हुई शादी-ब्याह है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में बाहर से आकर भी लोग शामिल हुए हैं जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ा है। टास्क फोर्स की समीक्षा के दोैरान यह बात भी सामने आई है कि मृत्यु संबंधी रीति-रिवाजों के निवर्हन के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने से, गांवों के तालाबों में निस्तारी से और हैंडपंप तथा पानी भरने के नल स्त्रोतों के जरिये भी जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैला है। जिला प्रशासन ने इन सभी कारणों को ध्यान में रखकर ही कोरोना की चेन तोडऩे की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। गांवों में तालाबों पर निस्तारी को प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही इलाकों में हैंडपंपों से पानी भरने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चत कराया जा रहा है। कंटेनमेंट जोनों में तो टेऊक्टर ट्राली पर पानी टंकी लगाकर घर-घर पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

सभी अनुभागों में अगले 15 दिन तक की शादी समारोह अनुमतियां निरस्त हुई, एसडीएम ने जारी किये निर्देश- इस बीच कोरोनो संक्रमण को बढऩे से रोकने के लिए जिले के चारो अनुभागों के दण्डाधिकारियों ने अगले 15 दिनों के लिए जारी विवाह अनुमतियों को निरस्त कर दिया है। सभी अनुभागों में 17 मई तक शादी-ब्याह की अनुमति नहीं होगी। कोरबा अनुभाग में 120 शादी के लिए, पाली अनुभाग में 34 शादियों के लिए, कटघोरा अनुभाग में 88 शादियों के लिए और पोंड़ीउपरोड़ा अनुभाग में लगभग 50 शादी समारोहों के लिए जारी अनुमतियां निरस्त कर दी गई हैं। कोरबा के तहसीलदार श्री सुरेश साहू ने बताया कि अनुमति निरस्त होने के बाद भी शादी समारोह आयोजित होने पर संबंधित परिवार पर भारी जुर्माना लगाया जायेगा और महामारी अधिनियम सहित भारतीय दंड सहिता 1860 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जायेगी। 
लॉकडाउन उल्लंघन पर हुई कार्यवाही, लगाया गया 9800 रूपये का अर्थदण्ड

लॉकडाउन उल्लंघन पर हुई कार्यवाही, लगाया गया 9800 रूपये का अर्थदण्ड

कोरबा। लाकडाउन के उल्लंघन पर नगर निगम कोरबा द्वारा कड़ी नजर रखते हुए उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। आज भी निगम के बालको, दर्री , सर्वमंगला जोनांतर्गत लाकडाउन उल्लंघन पर कार्यवाही करते हुए पुलिस प्रशासन के सहयोग से निगम अमले ने 9800 रूपये का अर्थदण्ड लगाया तथा उन्हें लाकडाउन का पालन करने के लिए कड़ी हिदायत दी। 
 
लाकडाउन के दौरान दुकान खोलने एवं निर्धारित समय के पश्चात फल, सब्जी का विक्रय कर लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर आज भी कार्यवाही करते हुए अर्थदण्ड लगाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालको जोन में 9100 रूपये, दर्री जोनांतर्गत 500 रूपये, सर्वमंगला जोनांतर्गत 200 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया तथा कड़ी हिदायत दी गई कि यदि दोबारा उनके द्वारा लाकडाउन का उल्लंघन किया जाता है तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी
 लाकडाउन : बेवजह घूमते लोगों को पुलिस ने कराया उठक-बैठक

लाकडाउन : बेवजह घूमते लोगों को पुलिस ने कराया उठक-बैठक

कोरबा। लोग एक दूसरे के संपर्क में न आएं, इसलिए लाकडाउन की पाबंदियां लगाई गई हैं। बावजूद इसके कुछ लोग बाज नहीं आ रहे और ऐसे ही कुछ लोगों को घर से बाहर निकलकर बेवजह घूमते पाली पुलिस ने पकड़ा। उन्हें न केवल सड़क पर कान पकड़कर उठक-बैठक कराया गया, जुर्माने की कार्रवाई भी की गई। दोबारा लाकडाउन का उल्लंघन करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए उन्हें छोड़ दिया गया।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जिले में 12 अप्रैल से धारा 144 के साथ पूर्ण लाकडाउन घोषित है। अनावश्यक घूमने वालों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से चालानी कार्रवाई की जा रही। इसी के तहत पाली पुलिस ने भी घरों से बाहर अकारण घूमने वालों पर जुर्माना कार्रवाई के साथ समझाइश भी दी जा रही है। क्षेत्र में लाकडाउन का पालन सुनिश्चित करने शनिवार को पाली थाना रभारी लीलाधर राठौर अपनी टीम के साथ क्षेत्र के निरीक्षण पर निकले। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेवजह घूमते पाए जाने पर चालानी कार्रवाई तो की हीए समझाइश देते हुए मौके पर उठक.बैठक भी कराया। थाना प्रभारी ने बेवजह घूमते पाए गए लोगों को दोबारा ऐसी गलती न दोहराने की समझाइश दी व दोबारा घूमते पाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

निरीक्षक राठौर ने कहा कि वर्तमान कोरोना संक्रमण के बढ़ते हालात को देखते हुए लोगों को एहतियात बरतते हुए घरों में रहने की आवश्यकता है। पर कुछ ग्रामीण ऐसे समय में भी मनमानी करते हुए बेवजह अपने घरों के बाहर पारा-टोला मोहल्लों, सड़कों में घूमते हुए पाए जा रहे हैं। इन पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि लाकडाउन में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश का लोग पालन कर सकें और उनकी हरकतों पर सुधार आए। यह न केवल उनकी सुरक्षा का प्रश्न है, बल्कि बाहर निकलने पर उनके संपर्क में आने वाले दूसरों के सुरक्षित जीवन के लिए भी अनिवार्य है।
बड़ी खबर: चिकन विक्रेता पर नायब तहसीलदार ने लगाया 10 हजार जुर्माना

बड़ी खबर: चिकन विक्रेता पर नायब तहसीलदार ने लगाया 10 हजार जुर्माना

कोरबा। चिकन दुकान के सामने खड़े नायब तहसीलदार व सहयोगी कर्मचारी दुकान खोल कर चिकन बिक्री रहे उरगा निवासी एक कारोबारी बार प्रशासनिक टीम में ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार रूपए जुर्माना लगाया है। 


शुक्रवार को उरगा मुख्य मार्ग आजाद ब्रायलर के संचालक दुकान खोल कर चिकन की बिक्री कर रहे थे। विडंबना यह है कि महामारी का दौर जानते हुए भी लोग भीड़ लगाकर खरीदी करने में पीछे नहीं थे। मामले की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार मनहरण राठिया ने मौके पर पहुंच कर संचालक को कड़ी फटकार लगाई और 10 हजार जुर्माना राशि से दंडित किया। टीम के साथ खाद्य निरीक्षक शुभम मिश्रा और हरीश सोनेश्वरी भी शामिल थे। नायब तहसीलदार राठिया ने कहा कि दुकान संचालकों को घर पहुंच सेवा दिए जाने के लिए कहा गया है इसके बाद ब्रायलर संचालक द्वारा दुकान खोल कर बिक्री की जा रही थी।
 नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, पिता ने दामाद पर लगाया हत्या का आरोप

नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, पिता ने दामाद पर लगाया हत्या का आरोप

कोरबा। विवाह के बंधन को लेकर कहा जाता है कि दंपत्ति का सात जनम का साथ होता है। इसके उल्टे एक नवविवाहिता का अपने पति के साथ एक वर्ष का समय भी पूरा नहीं हो सका। उसने ससुराल में फांसी लगा ली। मृतका के पिता ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस के द्वारा औपचारिक कार्यवाही की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर छुरीकला में यह घटना आज तड़के 4 बजे के आसपास हुई। 25 वर्षीय मोनिका प्रजापति कि ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह कोरबा नगर के अंतर्गत दादर की निवासी थी। दिसंबर 2019 में उसका विवाह परिजनों ने छुरीकला के प्रदीप प्रजापति के साथ कराया था। विवाह में परिवार के द्वारा अपनी सामथ्र्य के अनुसार सामाग्री ससुराल पक्ष को दी गई थी ताकि बेटी को बेहतर ढंग से रखा जाए और किसी प्रकार की शिकायत का मौका ना रहे। विवाह के 5 महीने ही बमुश्किल बीते थे कि बहू बनकर ससुराल में आई मोनिका ने जिंदगी को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जानकारी के अनुसार घर के पंखे पर उसका शव लटका हुआ मिला। सुबह 4 बजे ससुरालियों के द्वारा इस बारे में मृतका के पिता राजाराम प्रजापति को खबर दी गई, जिस पर वे दौड़े-दौड़े छुरी पहुंचे। उस समय वहां की स्थिति विचित्र थी। आसपास के लोगों ने राजाराम को ढांढस बंधाया। कुछ घंटे बाद कटघोरा पुलिस यहां पहुंची, जिसने कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में शव का पंचनामा कर उसे फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जानकारी के अनुसार विवाह के बाद से ही दंपत्ति में किसी ना किसी बात को लेकर वाद-विवाद होते रहता था। रात्रि को भी ऐसा ही कुछ हुआ। सूचना होने पर परिवार के सदस्यों ने मोनिका से बात करनी चाही लेकिन उसने रूचि नहीं दिखाई। कुछ घंटे बाद उन्हें मोनिका की मौत की खबर हुई। छुरीकला पहुंचे मृतका के पिता राजाराम ने यह मानने से इनकार किया कि उनकी पुत्री ने खुदकुशी की है बल्कि उसकी हत्या की गई है और घटना को नाटकीय मोड़ देने का प्रयास किया गया है। यही बातें अधिकारियों के संज्ञान में लाई गई है। नवविवाहिता की मौत को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने मर्ग कायम किया है। इस प्रकरण में जरूरी जांच पड़ताल करने के साथ आगे की कार्यवाही पुलिस के स्तर पर की जाएगी।
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से भागे कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत

जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से भागे कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत

कोरबा। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से 28 अप्रैल की शाम भागे कोरोना पॉजिटिव मरीज रवि सारथी 28 वर्ष की अपने घर में मौत हो गई। मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत वह निवास करता था। 


जानकारी के अनुसार आइसोलेशन वार्ड से भागे मरीज के बारे में अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को फौरी तौर पर सूचना नहीं दी थी। आज उसकी मौत के बाद छानबीन हुई तो रजिस्टर में उसका नाम पाया गया। मामले की जानकारी मिलने पर मानिकपुर पुलिस ने एसडीएम को सूचित किया। इसके बाद नगर निगम के सहयोग से रवि सारथी का अंतिम संस्कार कराया गया। इसके साथ ही उसके घर के अन्य परिजनों की कोरोन जांच की कराई गई।
 मरीजों के उपचार के लिए सोनी ने दिए दो लाख और एक माह का मानदेय

मरीजों के उपचार के लिए सोनी ने दिए दो लाख और एक माह का मानदेय

कोरबा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम और मरीजों के उपचार हेतु संबंधित आवश्यकताओं तथा जरूरतमंदों के लिए खाद्य सामग्री क्रय कर पूर्ति के लिए आर्थिक सहयोग हेतु जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया है। 

इसी तारत्य में नगर पालिक निगम के वार्ड क्र. 11 नई बस्ती के पार्षद एवं पूर्व एमआईसी सदस्य दिनेश सोनी ने अपनी पार्षद निधि से 2 लाख रुपए तथा 1 माह का मानदेय निगम कोष में जमा करने की सहमति प्रदान की है। इस हेतु महापौर राजकिशोर प्रसाद को प्रेषित अपने सहमति पत्र में दिनेश सोनी ने कहा है कि प्रदेश के राजस्व मंत्री द्वारा भी संक्रमण से निपटने हेतु हर संभव सहायता व सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
 
पार्षद निधि की इस राशि से आ.सीमीटर, थर्मामीटर, खाद्य सामग्रियों की खरीदी में सहयोग होगा। पार्षद दिनेश सोनी ने वार्ड 11 के निवासियों सहित पूरे निगम क्षेत्र व जिलावासियों से अपील की है कि वे शासन-प्रशासन द्वारा संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों में अपनी सहभागिता दें तथा घर पर ही रहकर संक्रमण से बचें।
 लॉकडाउन छत्तीसगढ़ : लॉकडाउन में खुला मिला सुपर बाजार तो निगम अमले ने लगाया अर्थदण्ड

लॉकडाउन छत्तीसगढ़ : लॉकडाउन में खुला मिला सुपर बाजार तो निगम अमले ने लगाया अर्थदण्ड

कोरबा। लाकडाउन के दौरान आज कोरबा जोनांतर्गत स्थित मामाजी सुपर बाजार निगम अमले को खुला मिला, जिस पर कार्यवाही करते हुए उक्त दुकान संचालक को 02 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी प्रकार गांधी चौक स्थित गणेश डेयरी के संचालक द्वारा निर्धारित समय के बाद भी पिछले दरवाजे से सामग्री का विक्रय किया जा रहा था, उक्त प्रतिष्ठान पर भी 02 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया तथा कड़ी हिदायत दी गई। 

लाकडाउन के दौरान दुकान खोलने एवं निर्धारित समय के बाद फल, सब्जी का विक्रय करके लाकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगम द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, इसके साथ ही बिना मास्क लगाकर बेवजह घूमने वालों पर भी कार्यवाही हो रही है। आज कोरबा जोनांतर्गत स्थित मामाजी सुपर बाजार के संचालक द्वारा दुकान खोलकर व्यवसाय किया जा रहा था, इसी प्रकार निर्धारित समय के पश्चात भी गणेश डेयरी के संचालक द्वारा दुकान के पिछले दरवाजे से सामग्री का विक्रय करके लाकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, निगम अमले ने उक्त दोनों प्रतिष्ठानों पर 02-02 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया तथा उन्हें हिदायत दी कि वे लाकडाउन के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। इसी प्रकार नगर निगम के विभिन्न जोनांतर्गत निर्धारित समय के बाद तथा एक ही स्थान पर खड़े होकर ठेलों में फल, सब्जी का विक्रय कर लाकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर भी निगम अमले ने अर्थदण्ड लगाया तथा उन्हें कड़ी हिदायत दी। 

शादी में रहे ज्यादा लोग, लगा 05 हजार रूपये अर्थदण्ड- दर्री जोन के अंतर्गत आने वाले उडिय़ा बस्ती में एक शादी के कार्यक्रम में निर्धारित संख्या से ज्यादा लोगों की उपस्थिति रही, निगम अमले ने इसकी जानकारी प्राप्त होते ही मौके पर पहुंचकर 05 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया तथा कड़ी हिदायत दी कि वे लाकडाउन के नियमों का पालन करें तथा भीड़ एकत्रित न करें। 

लाकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर आज कोरबा जोनांतर्गत 5400 रूपये, टी.पी.नगर जोनांतर्गत 1200 रूपये, बालको जोनांतर्गत 2000 रूपये, दर्री जोनांतर्गत 5000 रूपये एवं सर्वमंगला जोनांतर्गत 700 रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया। 
बड़ी खबर : थोक व्यापारियों के लिए सामान लोडिंग-अनलोडिंग का बदला समय

बड़ी खबर : थोक व्यापारियों के लिए सामान लोडिंग-अनलोडिंग का बदला समय

कोरबा। कोरबा जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए पांच मई तक लागू पूर्ण तालाबंदी के प्रावधानों पर जिला प्रशासन द्वारा कुछ मामलों में शिथिलता दी गई है। लोगों को खाने-पीने के साथ-साथ दैनिक जरूरत की चीजें समय पर उपलब्ध कराने के लिए थोक व्यापारियों के गोदामों और दुकानों में समान लोडिंग-अनलोडिंग का समय बढ़ाया गया है। थोक व्यापारी अब अपने सामानों की लोडिंग-अनलोडिंग रात्रि 11 बजे से सुबह 6 बजे तक करा सकेंगे। पहले यह समय शाम सात बजे से रात्रि 9 बजे तक निर्धारित था। थोक व्यापारी पहले की तरह ही होम डिलीवरी व्यवस्था में लगे दुकान संचालकों से ऑनलाइन या फोन पर आर्डर लेकर सुबह छह बजे से नौ बजे तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करेंगे। अमेजन, फ्लिप कार्ट, जैसी ई-कामर्स सेवाओं के माध्यम से भी जरूरी चीजों की होम डिलीवरी संशोधित आदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है। जोमेंटो, स्वीगी जैसी खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस को कोविड प्रोटोकाल के पालन और केशलेस तथा कांटेक्ट लैस डिलीवरी की शर्त पर खाद्य पदार्थों को घर-घर पहुंचाने की अनुमति होगी। लेकिन डिलीवरी ब्वाय को मास्क, दस्तानों और सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
सब्जी, फल, अंडा आदि की होम डिलीवरी कर्ता को कराना होगा कोविड टेस्ट, निगेटिव होने पर ही रहेगी अनुमति- कोरबा जिले में लागू पूर्ण तालाबंदी के दौरान सुबह सात बजे से लेकर 11 बजे तक फल, सब्जी, अंडा, मछली, चिकन तथा राशन सामग्रियांे की होम डिलीवरी को अनुमति दी गई है। इस दौरान दुकानदार ऑनलाइन, टेलीफोन पर आर्डर लेकर होम डिलीवरी के माध्यम से सामानों की बिक्री कर सकेगा। ऐसे होम डिलीवरी करने वाले सभी दुकानदारों और डिलीवरी ब्वाय को कोरोना का टेस्ट अनिवार्यतः कराना होगा। कोरोना की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही दुकानदारों और डिलीवरी ब्वाय को होम डिलीवरी के लिए परिचय पत्र सह पास जारी किया जायेगा। होम डिलीवरी के दौरान डिलीवरी ब्वाय को कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मास्क, दस्तानों और सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डिलीवरी ब्वाय को सामान की केशलेस तथा कांटेक्ट लैस डिलीवरी करनी होगी।
 

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