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छत्तीसगढ़ में ठंड की विदाई? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 2 दिनों में बदलेगा मिजाज!

छत्तीसगढ़ में ठंड की विदाई? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 2 दिनों में बदलेगा मिजाज!

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसका मतलब है कि अब रात के वक्त महसूस होने वाली हल्की ठिठुरन कम हो जाएगी और गर्मी का अहसास बढ़ेगा।

तापमान में अचानक होने वाली इस बढ़ोतरी का सीधा असर छत्तीसगढ़ के किसानों और आम जनजीवन पर पड़ेगा। न्यूनतम तापमान बढ़ने से रबी की फसलों पर असर पड़ सकता है, वहीं सुबह-शाम की ठंड कम होने से मौसमी बीमारियों (सर्दी-खांसी) का खतरा भी बढ़ जाता है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) वर्तमान में 55 डिग्री पूर्व और 21 डिग्री उत्तर में स्थित है। इसके प्रभाव से 9 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारतीय क्षेत्रों में बदलाव दिखेगा, जिसका असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा। अगले 4 दिनों के बाद न्यूनतम तापमान में और वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे रात की ठंडी हवाएं गायब हो सकती हैं।

राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर में अब भी ठिठुरन

पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में आज सुबह धुंध छाई रही और दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मंत्री मनोहर लाल

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : मंत्री मनोहर लाल

 रायपुर: केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केन्द्रीय बजट को नवोत्थान और समावेशी विकास का वाहक बताते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत–2047 के दीर्घकालिक विजन को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। वे राजधानी रायपुर में एक दिवसीय प्रवास के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : श्री मनोहर लाल

केन्द्रीय मंत्री श्री लाल ने कहा कि इस बजट में अगले 25 वर्षों के लिए देश के आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास की स्पष्ट दिशा निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि यह बजट पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है, जो शासन व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। बजट में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को भी सम्मिलित किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में राज्यों के विकास को नई गति मिलेगी।

नवोत्थान और विकसित भारत–2047 के विजन का सशक्त दस्तावेज है केन्द्रीय बजट : श्री मनोहर लाल

 मनोहर लाल ने विश्वास जताया कि बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन से बिजली, आवास, शहरी विकास एवं अधोसंरचना क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

प्रेस वार्ता में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, प्रदेश के वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सांसद संतोष पाण्डेय एवं  बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CG – मायके जाने निकली महिला तीन बच्चों सहित रहस्यमयी तरीके से लापता, 7 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग 

CG – मायके जाने निकली महिला तीन बच्चों सहित रहस्यमयी तरीके से लापता, 7 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग 

 बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ रहस्यमयी तरीके से लापता (Woman Missing) हो गई है. महिला कबीरधाम जिले के पांडा तराई क्षेत्र से करीब सात दिन पहले अपने मायके बिलासपुर के अशोकनगर जाने के लिए निकली थी. परिजनों के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकली थी कि बच्चों के साथ अस्पताल में इलाज कराने के लिए बिलासपुर जा रही है, लेकिन वहां पहुंचने ही नहीं। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, महिला और बच्चों की तलाश की जा रही है.

पांडातराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 निवासी बिसेन कार्निक पिता राजेन्द्र कार्निक (34 वर्ष) ने पत्नी पुष्पनंदनी कार्निक (26 वर्ष) के तीन बच्चों सहित लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है. बिसेन कार्तिक ने पुलिस को सिविल लाइन पुलिस को बताया कि, 2 फरवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उसकी पत्नी तबीयत खराब होने की बात कहकर इलाज कराने मायके बिलासपुर जाने के लिए तीन बच्चों के साथ शारदा बस से रवाना हुई थी.

शाम करीब 6 बजे संपर्क करने पर पत्नी के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले. इसके बाद ससुराल पक्ष से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि, पुष्पनन्दनी वहां भी नहीं पहुंची है. परिजनों द्वारा देर रात तक रिश्तेदारों, बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशन में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन बस चालक से पूछताछ करने पर उसने महाराणा प्रताप चौक में महिला और बच्चों को उतारने की जानकारी दी.

लापता पति का पुलिस पर आरोप

लापता महिला के पति की शिकायत पर पुलिस थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं पति का आरोप है कि पुलिस  उसकी पत्नी और बच्चों को ढूंढने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही. उसने पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.

मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर, 31 मार्च 2026 से पहले देश नक्सल-मुक्त हो जाएगा : अमित शाह

मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर, 31 मार्च 2026 से पहले देश नक्सल-मुक्त हो जाएगा : अमित शाह

 रायपुर।  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास कार्यों पर भी एक समीक्षा बैठक की। इन बैठकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक तथा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र के गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उपस्थित थे।

बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा केन्द्रित रणनीति (Security Centric Strategy), इंफ्रास्ट्रक्चर, नक्सल फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार व आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन सरकार में यह अब विकास का पर्याय बन चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश से माओवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद अंत के कगार पर पहुँच चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले देश पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधकार में धकेलने वाले नक्सलवाद से देश जल्द ही निजात पाने वाला है। शाह ने कहा कि माओवादियों के खिलाफ चल रही लड़ाई बिखरी हुई (scattered) नहीं होनी चाहिए। विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि शेष बचे माओवादियों को अन्य राज्यों में भागने नहीं दिया जाना चाहिए।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास के समान अवसर प्राप्त हों।

 
बस्तर पंडुम का समापन समारोह कल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

बस्तर पंडुम का समापन समारोह कल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

 रायपुर: बस्तर की जनजातीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित तीन दिवसीय बस्तर पण्डुम का समापन समारोह 9 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष तौर पर शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।

‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव‘ के ध्येय वाक्य के साथ मनाया जा रहा यह आयोजन बस्तर की माटी की खुशबू और यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। इस गरिमामयी समापन समारोह का आयोजन 9 फरवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से लालबाग मैदान जगदलपुर में निर्धारित है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े शामिल होंगे।

बस्तर पण्डुम में सांसद द्वय महेश कश्यप और भोजराज नाग, विधायक किरण सिंहदेव, लता उसेंडी, विनायक गोयल, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी, महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

 
 
रायपुर में बजट संवाद 2026 का आयोजन, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया विकसित भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रूपरेखा

रायपुर में बजट संवाद 2026 का आयोजन, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया विकसित भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रूपरेखा

रायपुर। आज रायपुर स्थित बेबीलॉन इंटरनेशनल होटल में छत्तीसगढ़ व्यापार प्रकोष्ठ, भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित बजट संवाद 2026 कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टरजी द्वारा प्रस्तुत विचारों ने केंद्रीय बजट के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक प्रभावों को गहराई से समझने का सशक्त मंच प्रदान किया। उनका मार्गदर्शन यह स्पष्ट करता है कि यह बजट केवल वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत की दीर्घकालिक, सुदृढ़ और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है।

इस बजट में Make in India और आत्मनिर्भर भारत को नई गति देने हेतु सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, रेयर अर्थ कॉरिडोर, MSMEs के विस्तार तथा टियर-2 एवं टियर-3 शहरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रावधान किए गए हैं, जो संतुलित एवं समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

इस गरिमामय अवसर पर माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री Tokhan Sahu एवं छत्तीसगढ़ शासन के माननीय वित्त मंत्री OP Choudhary जी की विशेष उपस्थिति और उनके विचारों ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा एवं प्रासंगिकता प्रदान की। उनके मार्गदर्शन से राज्य स्तर पर बजट के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा भी स्पष्ट रूप से सामने आई।

कार्यक्रम में रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal, विधायक Rajesh Munat, Sunil Soni, Motilal Sahu, प्रदेश महामंत्री Akhilesh Soni, अमित चिमनानी जी, subhash अग्रवाल, shri शिव चंद्राकर, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे यह संवाद और भी प्रेरणादायी एवं सार्थक बना।

 
काल बनकर दौड़ा ट्रक : शादी से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, दो की मौत, एक गंभीर, चालक गिरफ्तार

काल बनकर दौड़ा ट्रक : शादी से लौट रहे परिवार पर टूटा कहर, दो की मौत, एक गंभीर, चालक गिरफ्तार

 आरंग. आरंग-खरोरा मुख्य मार्ग पर शनिवार को धान से लदे बेलगाम ट्रक ने बाइक सवार तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई. एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक चालक ने ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान नंदकिशोर लोधी और कुंतीबाई लोधी के रूप में हुई है. वहीं बाइक चालक की मां गंभीर रूप से घायल हैं. तीनो पुलिस ने भाग रहे आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जो नशे की हालत में वाहन चला रहा था.

शादी से लौटने के दौरान हादसा

जानकारी के अनुसार, मृतिका कुंतीबाई लोधी (पति मंगलू लोधी) अपने रिश्तेदारों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने आरंग आई थीं. कार्यक्रम के बाद, ग्राम गुल्लू निवासी नंदकिशोर लोधी और उसकी मां राजकुमारी लोधी के साथ बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव लौट रही थी. इसी दौरान बजरंग केमिकल डिस्टलरी कंपनी के पास ट्रक ने बाइक को सामने से टक्कर मारी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रहे धान से भरे ट्रक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक को सीधी टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए. घटना में कुंतीबाई लोधी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नंदकिशोर और राजकुमारी लोधी को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है. इलाज के दौरान नंदकिशोर लोधी ने भी दम तोड़ दिया है और जबकि उसकी मां राजकुमारी लोधी जिंदगी और मौत से जूझ रही है.

शराब के नशे में था ट्रक चालक, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

वारदात को अंजाम देने के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार होने की कोशिश कर रहा था. घटना की सूचना मिलते ही आरंग थाना प्रभारी हरीश साहू ने तत्परता दिखाते हुए खुद ही ट्रक का पीछा शुरू किया. अंततः पुलिस ने नवापारा – राजिम रोड में ग्राम चरौदा के पास ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ लिया.

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने पाया कि ट्रक चालक अत्यधिक शराब के नशे में था. नशे की हालत में भारी वाहन चलाने की उसकी इस सनक ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया. आरंग पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है. मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

लिव-इन में रह रही महिला की संदिग्ध मौत — शराब पीते वक्त निकला नाक से खून, अस्पताल पहुंची तो फिर हुआ कुछ ऐसा…

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दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में लिव इन रिलेशनशिप में रह रही एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। महिला के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने उसके लिव इन पार्टनर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरु कर दी है। यह पूरा मामला भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र का है।

जानिए क्या है पूरा मामला

भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि महिला अपने लिव इन पार्टनर के साथ शराब पी रही थी, तभी उसके नाक से खून निकला और अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उसके लिव इन पार्टनर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी महिला

जानकारी के मुताबिक, मृतका की पहचान राजिंदर कौर के रूप में की गई है, जो कि अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर पिछले तीन साल से लिव इन पार्टनर राजा नाथ के साथ सेक्टर 2 स्ट्रीट 12 में रह रही थी। 5 फरवरी की रात राजिंदर और राजा ने साथ में बैठकर शराब पी, तभी राजिंदर के नाक से खून आने लगा। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामला दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

6 फरवरी को मौत की पुष्टी होने के बाद पुलिस ने राजिंदर के शव का पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरु कर दी। वहीं राजिंदर के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसका उसके लिव इन पार्टनर राजा के साथ अक्सर विवाद होते रहता था। इसी के चलते उन्होंने राजा पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

मानवता हुई शर्मसार : 70 साल के बुजुर्ग ने ढाई साल के मासूम पर किया कुल्हाड़ी से वार, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान…

मानवता हुई शर्मसार : 70 साल के बुजुर्ग ने ढाई साल के मासूम पर किया कुल्हाड़ी से वार, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान…

 दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक 70 साल के बुजुर्ग ने ढाई साल के बच्चे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसकी गलती बस ये थी कि वह बुजुर्ग के घर के अंदर खेल रहा था। यह घटना उतई थाना क्षेत्र की है।

जानिए क्या है पूरा मामला

उतई थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक 70 साल के बुजुर्ग ने ढाई साल के बच्चे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी गंभीर हालत में इलाज जारी है। मासूम को घर के अंदर खेलने से मना करने के बाद भी जब वह नहीं माना तो बुजुर्ग ने गुस्से में उसपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इधर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

बात नहीं मानने पर किया हमला

जानकारी के मुताबिक, आरोपी परदेशी देवांगन (70) जोरातराई का रहने वाला है। वहीं पड़ोस में रहने वाला ढाई साल का मासूम शनिवार को उसके घर के अंदर खेल रहा था। बुजुर्ग ने बच्चे को घर के अंदर खेलने से मना किया पर वो जब नहीं माना, तो उसपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए आनन-फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परदेशी देवांगन को अपनी हिरासत में लिया। इस दौरान आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने बच्चे को घर में खेलने से मना किया था, जब वो नहीं माना तो गुस्से में उसपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी परदेशी देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है।

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से 28.19 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से 28.19 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र को सड़क विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन द्वारा बीरपुर 12 मील हनुमान मंदिर (सिलफिली) से कालीघाट महावीरपुर (अंबिकापुर) तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के डामरी मजबूतीकरण कार्य के लिए 28.19 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से लंबे समय से जर्जर सड़क की समस्या का समाधान होगा तथा आमजन को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस सड़क विकास कार्य से भटगांव विधानसभा सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी। साथ ही अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्र से संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार की प्राथमिकता जनसुविधाओं का विस्तार और संतुलित विकास है। भटगांव विधानसभा के विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच – मंत्री राजवाड़े

खेल मड़ई बना स्वास्थ्य और सौहार्द का मंच – मंत्री राजवाड़े

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खेल अत्यंत आवश्यक हैं। पत्रकारों की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद खेलों के प्रति उनका उत्साह सराहनीय है। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई को प्रेरणादायक पहल बताते हुए सभी आयोजकों और प्रतिभागी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
रायपुर प्रेस क्लब द्वारा स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति में खेल मड़ई के अंतर्गत नेताजी सुभाष स्टेडियम, रायपुर में इंटर प्रेस क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में पत्रकार जगत की विभिन्न टीमों के बीच उत्साहपूर्ण और रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पत्रकारों को उनकी व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर खेलों से जोडऩा, आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मैदान में पहुंचकर प्रतियोगिता में भाग ले रहे पत्रकार खिलाडिय़ों से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाडिय़ों की खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी सहयोग, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष  मोहन तिवारी, महासचिव  गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष  दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष  दिनेश यदु, सहसचिव निवेदिता साहू एवं  भूपेश जांगड़े, खेल आयोजन समिति के संयोजक विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे।

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

बस्तरवासियों को मिली जनजातीय गौरव वाटिका की अनमोल सौगात

बस्तरवासियों को मिली जनजातीय गौरव वाटिका की अनमोल सौगात

 उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने किया लोकार्पण

जगदलपुर । शहर की आपाधापी, धूल और शोर-शराबे से दूर, बस्तरवासियों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने के लिए शुक्रवार को एक भव्य और अनमोल ठिकाना मिल गया। 

बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, परंपरा और नैसर्गिक सौंदर्य को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कुम्हड़ाकोट में निर्मित जनजातीय गौरव वाटिका का लोकार्पण छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह वाटिका अब जनता के लिए समर्पित कर दी गई है, जो न केवल पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है।

शुक्रवार शाम आयोजित समारोह में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और छत्तीसगढ़ बेवरेजेस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, सीसीएफ आलोक तिवारी, स्टायलो मंडावी, संचालक कांगेर वैली सहित अन्य प्रमुख स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

लोकार्पण के पश्चात उप मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने वाटिका का अवलोकन किया। वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अतिथियों को अवगत कराया कि करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में एक हेल्थ पार्क के रूप में परिकल्पित किया गया था, जिसे बाद में एक भव्य वाटिका का रूप दिया गया। उप मुख्यमंत्री ने यहाँ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए बनाए गए 1700 मीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल, योगा शेड, योगा जोन और ओपन जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने वॉकिंग ट्रेल के बीच-बीच में बनाए गए गपशप जोन और पारिवारिक आयोजनों के लिए निर्मित पाँच सुंदर पगोड़ा को भी देखा, जो अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।

वाटिका भ्रमण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने यहाँ की इको-फ्रेंडली नीति और प्लास्टिक फ्री जोन के नियम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वाटिका के बीच में निर्मित तालाब और आइलैंड ने सभी का मन मोह लिया। आगंतुकों की सुविधाओं के लिए प्रवेश द्वार पर भव्य पार्किंग और प्रसाधन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू हो गई है। वन विभाग द्वारा भविष्य में यहाँ ट्री-हाउस बनाने और एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उप मुख्यमंत्री शर्मा द्वारा किए गए इस लोकार्पण के साथ ही अब जनजातीय गौरव वाटिका बस्तर के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थल के रूप में अंकित हो गई है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा विभिन्न स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को कुल एक करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक की राशि के चेक वितरित किए। इस पहल के माध्यम से शासन ने वनांचल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और वन आश्रित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने वृत्त स्तरीय चक्रीय निधि के तहत महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक करोड़ 20 लाख 13 हजार रुपये का ऋण वितरित किया। इसमें सबसे बड़ी राशि बकावण्ड के मां धारणी करणी स्व-सहायता समूह को प्रदान की गई, जिन्हें काजू प्रसंस्करण और विपणन जैसे बड़े कार्यों के लिए 50 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। इसी कड़ी में आसना के गोधन स्व-सहायता समूह को गाय पालन के लिए 34 लाख रुपये की राशि दी गई। इसके अतिरिक्त शर्मा ने घोटिया और भानपुरी के समूहों को इमली संग्रहण व प्रसंस्करण के लिए क्रमशः 13-13 लाख रुपये तथा कोलेंग की समिति को दोना-पत्तल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि वितरित कर स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित किया।  

कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को संबल भी प्रदान किया। उन्होंने राजमोहनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना के तहत कुरंदी निवासी कमलोचन नाग को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा। यह सहायता राशि उनकी पत्नी स्वर्गीय भारती नाग के आकस्मिक निधन के पश्चात स्वीकृत की गई थी। उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह वितरण न केवल लाभार्थियों के लिए आर्थिक मदद है, बल्कि बस्तर के सुदूर वनांचलों में रोजगार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी है। इस दौरान उपस्थित महिला समूहों के सदस्यों से इमली, काजू के प्रोसेसिंग की गतिविधियों का संज्ञान लेकर बाजार की उपलब्धता एवं मार्केटिंग की व्यवस्था के संबंध चर्चा किए ।

‘परीक्षा पे चर्चा : प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने का दिया मंत्र

‘परीक्षा पे चर्चा : प्रधानमंत्री मोदी ने विद्यार्थियों को परीक्षा तनाव से मुक्त रहने का दिया मंत्र

 बेमेतरा । पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय बहेरा, जिला बेमेतरा में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के 9वें संस्करण का सीधा प्रसारण सफलतापूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़े तनाव से मुक्त करना तथा उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा की तैयारी हेतु मार्गदर्शन प्रदान करना था।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस लाइव प्रसारण को विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी एकाग्रता के साथ देखा और सुना। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का केवल एक छोटा सा पड़ाव है, इसे कभी भी भय या तनाव का कारण नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे स्वयं की तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचानें और निरंतर प्रयास करते रहें।

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, नियमित अभ्यास एवं स्वस्थ दिनचर्या अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित दिनचर्या, योग, खेलकूद और पर्याप्त विश्राम विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य किशोर कुमार दहिकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसे कार्यक्रम छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद विद्यार्थियों को परीक्षा को बोझ नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखने की प्रेरणा देते हैं, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से उन्हें परीक्षा को लेकर सकारात्मक सोच मिली है। छात्रों ने इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक, उपयोगी और मार्गदर्शक बताया, जिससे उन्हें आगामी परीक्षाओं की तैयारी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।

राजिम कुंभ कल्प में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का उत्सव लोकमहक खल्लारी की प्रस्तुति पर थिरके दर्शक

राजिम कुंभ कल्प में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का उत्सव लोकमहक खल्लारी की प्रस्तुति पर थिरके दर्शक

 नवलगोल बंधी राम-राम समधी...” की शानदार प्रस्तुति से दिया सामाजिक संदेश

गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प के पांचवें दिन मुख्य मंच पर लोकमहक खल्लारी की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया। विभिन्न पारंपरिक परिधानों और नृत्य शैलियों के साथ कलाकारों ने ऐसा मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया कि दर्शक अपनी सीटों पर बैठे-बैठे झूमने मजबूर हो गए।

लोककला मंच की शुरुआत गणेश वंदना “गाईये गणपति गज वंदन... ” से हुई। विघ्नहर्ता की वंदना सुनकर दर्शक भी भावविभोर होकर गणपति का स्मरण करने लगे। मां शारदे की आराधना में प्रस्तुत गीत “तै नाचत आवे न...” ने मंच को भक्ति रस से भर दिया। देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत “जन गण मन अधिनायक... जय बोलो भारत माता” ने कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई दी। इसके बाद प्रेम और लोकजीवन से जुड़े गीत “बड़े बिहनियां कौंवा करे कौव...” और “तोर गुरतुर बोली मोर मन ल मोही डारे...” और कर्मा नृत्य की प्रस्तुति में कलाकारों ने रंग-बिरंगे परिधानों के साथ “चाहे तै मन ल तोड़ ले, चाहे तै दिल ल तोड़ ले...” गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे देख दर्शक खुद को झूमने से रोक नहीं पाए। कार्यक्रम का सबसे रोचक गीत “नवलगोल बंधी राम-राम समधी...” गीत की प्रस्तुति हुई। इस नोक-झोंक भरे गीत ने एक ओर दर्शकों को गुदगुदाया तो दूसरी ओर रिश्तों की मिठास और सामाजिक संदेश भी दिया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज से पूरा पंडाल गूंज उठा। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज सेन ने किया। कलाकारों का सम्मान राजिम विधायक रोहित साहू एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह और गुलदस्ता भेंटकर किया।

राजिम कुंभ कल्प मेला महिला जागरूकता का केंद्र बना महिला व बाल विकास विभाग का स्टॉल

राजिम कुंभ कल्प मेला महिला जागरूकता का केंद्र बना महिला व बाल विकास विभाग का स्टॉल

 गरियाबंद । राजिम कुंभ कल्प के नवीन मेला मैदान में लगाए गए शासकीय स्टॉलों में मेलार्थियों की भीड़ लग रही है और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं। इस प्रदर्शनी में महिला एवं बाल विकास विभाग का स्टॉल महिलाओं को जागरूक करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। स्टॉल पर महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है, जो विभागीय योजनाओं और जानकारियों में गहरी रुचि ले रही हैं। 

स्टॉल में उपस्थित छबी राम निर्मलकर द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी बुकलेट के माध्यम से दी जा रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा या किसी भी प्रकार की महिला उत्पीड़न की स्थिति में महिलाएं सखी वन स्टॉप सेंटर में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं अथवा टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें चकोली, खुरमी, सेव, सलोनी, अरसा, ठेठरी सहित विभिन्न पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए गए हैं, जिनकी जानकारी महिलाओं को दी जा रही है। इसके साथ ही स्टॉल पर पोषण वाटिका की जानकारी भी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि कम जगह या डब्बों में भी पोषण वाटिका का निर्माण कर घर पर ही हरी सब्जियों के पोषक तत्व आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। स्टॉल में महतारी वंदन योजना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की जानकारी के साथ विभिन्न योजनाओं के लाभ और पात्रता को लेकर जानकारी दिया जा रहा है।

कचहरी चौक स्थित राष्ट्रीय विद्यालय में स्थापना दिवस का आयोजन किया गया

कचहरी चौक स्थित राष्ट्रीय विद्यालय में स्थापना दिवस का आयोजन किया गया

 रायपुर :- कचहरी चौक स्थित राष्ट्रीय विद्यालय ने अपने स्थापना के 107 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर आज विद्यालय में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय सत्यनारायण शर्मा , पूर्व विधायक रायपुर ग्रामीण एवं पूर्व मंत्री छ.ग. शासन थे। इस दौरान कार्यक्रम में प्रधान संपादक छत्तीसगढ़ वाच राम अवतार तिवारी, प्रधान संपादक पत्रिका समवेत सृजन रवि भोई, वरिष्ठ पत्रकार तरुण छत्तीसगढ़ प्रकाश शर्मा आदि उपस्थित रहे।  कार्यक्रम में राष्ट्रीय विद्यालय समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी, उपाध्यक्ष मदनलाल तालेड़ा, सचिव नरेशचंद्र गुप्ता , कोषाध्यक्ष राजकिशोर नत्थानी एवं वरिष्ठ सदस्य गोकुलदास डागा, सदस्य आर.के.गुप्ता, विजय दानी संस्था सदस्यों में विजय दानी एवं पी.जी.डागा कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ़ संगीता घई एवं समस्त प्राध्यपकगण के अलावा राष्ट्रीय विद्यालय के प्राचार्य यू.एस.व्यास एवं समस्त शिक्षकगण तथा बाल आश्रम के अधीक्षक अनिल चंद्राकर एवं समस्त स्टाॅफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सत्यनारायण शर्मा जी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय समिति के स्थापना के  100 वर्ष हो चुके हैं। यह अपने आप में इतिहास है। उन्होनें कहा कि राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना एक ऐसे समय में की गई थी जब देश में स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा था, ऐसे में आजादी के दीवानों के बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था के लिए इस विद्यालय की स्थापना हुई जिसमें अमूल्य योगदान सेठ स्व. नेमीचंद जी  श्रीमाल, स्व. गोविन्दलाल वोरा जी जैसे महान समाजसेवियों का भी रहा है। उन्होने बताया कि समिति की जड़े बहुत गहरी और मजबूत है क्योंकि किसी भी संस्था का 100 वर्ष पूर्ण करना कल्पना से परे है।  आज यह समिति विशाल वृक्ष के रुप में दिखाई दे रही है और इस विद्यालय से पढ़े बच्चें विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर आसीन है। समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह समिति स्व. माधवराव सप्रे, स्व. सेठ शिवदास डागा, स्व. सेठ बालकिशन नत्थानी के सपनों से सिंचित है, इस विद्यालय की देन है कि यहाॅ से पढ़े हुए बच्चों में आर.पी.शर्मा, सिन्हा उच्च पदो पर रहे।  उन्होंने बताया कि 1932 में महात्मा गाॅधी जी का जब रायपुर आगमन हुआ तब वें राष्ट्रीय विद्यालय भी आए थे और विद्यालय की व्यवस्था को देखकर नागपुर में भी राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना कराई। यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में आज भी अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी, रवि भोई, प्रकाश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि बड़े बुजुर्गो के सपनों से सिंचित इस विद्यालय ने अपने स्थापना के 107 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं यह अपने आप में गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। इसके अलावा समिति के सदस्यों में सचिव नरेशचंद्र गुप्ता, गोकुलदास डागा ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय विद्यालय के संक्षिप्त इतिहास और संघर्ष को बताया। कार्यकम का समापन प्राचार्य, राष्ट्रीय विद्यालय यू. एस. व्यास के द्वारा आभार प्रदर्शन कर किया गया।

दर्दनाक हादसा : माजदा वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार दो मासूम बच्चों समेत तीन की मौत, दो बच्चे घायल

दर्दनाक हादसा : माजदा वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार दो मासूम बच्चों समेत तीन की मौत, दो बच्चे घायल

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुलझर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में माजदा वाहन की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

बताया गया कि एक ही बाइक पर पांच लोग सवार थे, तभी तेज रफ्तार माजदा ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले की जांच जारी है।

मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: दक्षिण बस्तर में 51 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री साय

मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास: दक्षिण बस्तर में 51 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, शांति और विकास की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर में 30 माओवादी कैडरों ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” के अंतर्गत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹85 लाख से अधिक का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक और ठोस परिणाम है। बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस विकासात्मक पहल ने भटके युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र बिंदु सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विज़न, माननीय अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा राज्य सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर आज भय और हिंसा से निकलकर विश्वास, विकास और नए अवसरों की ओर तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर एक विकसित, शांत और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।

ब्रेकिंग : अब इस से नाम से जाना जाएगा दामाखेड़ा, राजपत्र में अधिसूचना जारी…

ब्रेकिंग : अब इस से नाम से जाना जाएगा दामाखेड़ा, राजपत्र में अधिसूचना जारी…

 बलौदाबाजार-भाटापारा।  छत्तीसगढ़ में गांव का नाम बदला—दमाखेड़ा अब आधिकारिक रूप से ‘कबीर धर्म नगर दमाखेड़ा’ घोषित,छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य राजपत्र में अधिसूचना जारी कर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील स्थित गांव दमाखेड़ा का नाम बदलकर ‘कबीर धर्म नगर दमाखेड़ा’ कर दिया है।

यह निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक (04 जून 2025) में लिए गए फैसले और भारत सरकार के गृह मंत्रालय की सहमति के बाद लागू किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार नाम परिवर्तन हिंदी और अंग्रेज़ी—दोनों में प्रभावी होगा, जिसमें देवनागरी में कबीर धर्म नगर, दमाखेड़ा और रोमन में KABIR DHARM NAGAR DAMAKHERA दर्ज किया गया है। अधिसूचना 5 फरवरी 2026 से लागू मानी जाएगी, जिसके बाद सभी शासकीय अभिलेखों, दस्तावेज़ों और प्रशासनिक कार्यों में नया नाम उपयोग में लाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार का फैसला: दमाखेड़ा को मिला नया नाम

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ञ्च2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।

रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

 रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचे। जहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत और मोतीलाल साहू भी मौजूद रहे।

बता दें कि, अमित शाह  निर्धारित समय से करीब आधे घंटे पहले रायपुर पहुंचे। जहां से वे सीधे एयरपोर्ट से सीधे मेफेयर होटल पहुंचे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं।

  गृह मंत्री शाह अपने दौरे के दौरान वे कल नक्सलवाद को लेकर एक अहम और बड़ी बैठक लेंगे, जिसमें राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल विरोधी रणनीति पर चर्चा होगी।

आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

 बस्तर-जगदलपुर ।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।

जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा। सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल

राज्यपाल रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

राज्यपाल डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा में टूटी नक्सलवाद की कमर, 76 लाख के इनामी 21 खूंखार माओवादियों ने डाले हथियार

अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा में टूटी नक्सलवाद की कमर, 76 लाख के इनामी 21 खूंखार माओवादियों ने डाले हथियार

 सुकमा।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुकमा जिले में 21 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

भारी हथियारों के साथ आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली पिछले कई वर्षों से बस्तर के जंगलों में सक्रिय थे। इनके पास से पुलिस को AK-47 राइफल, SLR (सेल्फ लोडिंग राइफल), BGL लॉन्चर (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) अन्य ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद अत्याधुनिक हथियार प्राप्त हुए हैं।

 IG और SP के सामने टेके घुटने

नक्सलियों ने बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सुकमा एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआईजी आनन्द सिंह राजपुरोहित के समक्ष अपने हथियार डाले। आईजी पी. सुंदरराज ने इसे सुरक्षा बलों की ‘रणनीतिक जीत’ बताया है। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली बस्तर में हुई कई बड़ी और रक्तरंजित घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं।

अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों में खौफ

गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही बस्तर के दौरे पर आने वाले हैं। उनके आगमन से पहले इतने बड़े पैमाने पर इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना यह दर्शाता है कि शासन की ‘पुनर्वास नीति’ और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन अब बिखरने लगे हैं।

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग…..

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग…..

 रायपुर: शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।

बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग

नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।

ब्रेकिंग : इस जिले में BEO का हुआ ट्रांसफर, हाईस्कूल प्राचार्य को मिला जिम्मा, देखें आदेश....

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक एकल आदेश जारी करते हुए बस्तर जिले के शिक्षा महकमे में आंशिक बदलाव किया है। विभाग ने प्रशासनिक आधार पर जगदलपुर जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी के तौर पर सोनपुर, बकावंड ब्लॉक के हाईस्कूल के प्राचार्य अनिल दास को पदस्थ किया है। इस संबंध में विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है।

देखें आदेश….