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बड़ी खबर कवर्धा : चार मजदूरों को ठोकर मारते हुए डिवाइडर मे चढ़ी बेमेतरा DSP की तेज रफ़्तार कार, घायलों को किया अस्पताल में भर्ती

बड़ी खबर कवर्धा : चार मजदूरों को ठोकर मारते हुए डिवाइडर मे चढ़ी बेमेतरा DSP की तेज रफ़्तार कार, घायलों को किया अस्पताल में भर्ती

कवर्धा | डीएसपी की  वाहन बीच शहर में डिवाइडर पर जा चढ़ी, बेमेतरा DSP कवर्धा में हुई दो पक्षो में झड़प दंगों के मामले पर शांति व्यवस्था के लिएआये हुए थे। उनकी गाड़ी सी जी 03 ,5395 अनियंत्रित होकर डिवाइडर में चढ़ गई डिवाइडर के पास में बैठे 4 लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल उपचार के लिए लाया गया। मिली जानकारी के अनुसार, शहर के बीचो-बीच सरकारी गाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ रही थी व सीधे डिवाइडर पर जा चढ़ी। इस दौरान वहां आस-पास करीब 40-50 लोग मौजूद थे, जिसमें से 4 मजदूरों को चोट लगी है। मजदूर यहां दूर-दूर से खाने कमाने के लिए आते हैं। सरकारी वाहन की लापरवाही से जान भी जा सकती थी। वही, भीड़ ने सरकारी वाहन चालक पर कार्यवाही की मांग की है और बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले पर शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

 
कवर्धा हिंसा : दुर्ग जेल में बंद 18 आरोपियों को मिली जमानत...

कवर्धा हिंसा : दुर्ग जेल में बंद 18 आरोपियों को मिली जमानत...

कवर्धा, कवर्धा मामले में दुर्ग जेल में बंद 18 आरोपियों को जमानत मिल गई है। कवर्धा में हुई हिंसा के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर दुर्ग सेंट्रल जेल में दाखिल किया गया था। गुरुवार को इनकी जमानत मंजूर हुई और सभी को रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद आरोपियों को लेने के लिए उनके परिजन, भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे।
ज्ञातव्य है कि कवर्धा के लोहारा नाका चौक में 3 अक्टूबर को दो गुटों में विवाद हुआ था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 108 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक गुट से 29 और दूसरे गुट के 79 आरोपी शामिल हैं। कवर्धा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने बुधवार को दुर्ग जेल में बंद 18 आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
जिन 18 लोगों को जमानत पर दुर्ग जेल से रिहा किया गया उनमें आयुष शर्मा, ऋषभ चौरसिया, बसंत ध्रुव, नवदीप चंद्रवंशी, दीनू झारिया, आकाश तिवारी, तोरण दिवाकर, विष्णु कौशिक, सागर नामदेव, अंशु ठाकुर, मोटी उर्फ भास्कर, उज्ज्वल पांडे, तुकाराम, गजेंद्र झारिया, शूरवीर देवार, अमीर देवार, गोलू और रिंकू देवार शामिल हैं।
 

बड़ी खबर : कवर्धा में ईद मिलादुन्नबी के सम्बन्ध में मुस्लिम समाज के साथ बैठक संम्पन्न, कलेक्टर ने दिए ये दिशा निर्देश

बड़ी खबर : कवर्धा में ईद मिलादुन्नबी के सम्बन्ध में मुस्लिम समाज के साथ बैठक संम्पन्न, कलेक्टर ने दिए ये दिशा निर्देश

कवर्धा | 19 अक्टूबर को ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर  कबीरधाम जिले में शांति एवं अमन चैन के लिए आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में  मुस्लिम समाज की बैठक संम्पन्न हुवा। बैठक में समाज के लोगो ने इस संबंध में आवश्यक सुझाव भी दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक  मोहित गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, डिप्टी कलेक्टर  संदीप ठाकुर, एसडीएम  विनय सोनी सहित मुस्लिम समाज के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा ने बताया गया कि ईद मिलादुन्नबी पर्व पर जुलूस,जलसा जैसे सामूहिक सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेश के अनुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) का प्रकोप आज भी निरंतर जारी है। इसलिए आवश्यक है कि ऐसे सुरक्षात्मक उपाय किया जाए, जिससे स्वास्थ्य स्थितियां जिले में बेहतर बना रहे। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पत्र द्वारा दिए गए निर्देश अनुसार जिले में आगामी ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस निकालने, जलसा आयोजित करने, आदि जैसे सामूहिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नही होगी। ईद मिलादुन्नबी पर्व के दौरान शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों एवं निर्देशों का पूर्णत:पालन सुनिश्चित करना होगा। 

मुस्लिम समाज के सदस्यों ने बताया कि शासन एवं जिला प्रशासन के दिशा निर्देश का पूर्णत: पालन करते हुवे समाज के व्यक्तियो से घर मे ही रहकर नमाज पढऩे का अपील किया गया है। मुस्लिम समाज के सदस्यों ने वर्तमान परिस्थिति में धारा 144 एवं कफ्र्यू का कड़ाई से पालन कराने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। 
कबीरधाम शान्त प्रिय जिला है - कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा
कलेक्टर  रमेश कुमार शर्मा ने जिले वासियो से शांति व्यवस्था बनाने की अपील करते हुए कहा कि कबीरधाम शान्त प्रिय जिला है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शहर में धारा 144 के साथ कफ्र्यू लागू है। शहर के जनजीवन को पुन: अच्छा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। शहर की सभी प्रवेश सीमाएं सील की गई है।
 
कवर्धा मामला : 2 और आरोपी गिरफ्तार

कवर्धा मामला : 2 और आरोपी गिरफ्तार

कवर्धा: कवर्धा नगर में 3 अक्टूबर को हुए झंडा विवाद मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह गिरफ्तारी 12 अक्टूबर को की है।


झंडा को लेकर युवकों के दो गुटों में भिड़ंत हो गई थी। एक गुट के 16 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 11 अक्टूबर को 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने से गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 29 हो गई है। ये सभी एक पक्ष के हैं तथा कवर्धा के रहने वाले हैं।


झंडा विवाद मामले में शामिल लोगो के खिलाफ कवर्धा थाना में अप
राध क्रमांक 801/2021 ,अपराध क्रमांक 802/2021,804/2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अपराध क्रमांक 801/2021 में धारा147,148,294,295,323,506 बी , भा द वि और अपराध क्रमांक 802/2021 में धारा 294,336,147 भा द वि और अपराध क्रमांक 804/2021 में धारा 147,148,353,332,153 ए,427,295 भा द वि 25,27 आर्म्स एक्ट और लोक संपत्ति नुकसानी का निवारण अधिनियम की धारा 3 कायम किया गया था।


झण्डा विवाद को लेकर बने तनाव के माहौल को देखते हुए कवर्धा नगर में धारा 144 लागू की गई थी। इसके बावजूद 5 अक्टूबर को जुलूस निकाल दिया गया था।जुलूस में शामिल लोगों ने नगर में हिंसा मचा दी तो कर्फ्यू लगाना पड़ा। जुलूस की अगुवाई राजनांदगांव लोकसभा सीट के सांसद संतोष पाण्डेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह कर रहे थे। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ अपराध कायम कर 77 लोगो की गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार लोग कबीरधाम जिले के न होकर अन्य जिलों के हैं।

मुस्लिम समुदाय ने की मातारानी की पूजा, कवर्धा में शांति बहाली का मांगा आशीर्वाद

मुस्लिम समुदाय ने की मातारानी की पूजा, कवर्धा में शांति बहाली का मांगा आशीर्वाद

कवर्धा: नवरात्रि पर्व के छठे दिन वार्ड नंबर 23 के मुस्लिम समुदाय के लोग वार्ड में स्थित पुलिस चौकी में विराजमान दुर्गा माता की पूजा आराधना करने एकत्रित हुए। माता से प्रार्थना की गई की वर्तमान में कवर्धा में जो अभी तनाव है उससे हमें मुक्ति दिलाए। इसके अलावा उपस्थित भक्तों ने कवर्धा को फिर से एक बार अमन चैन एवं शांति के वातावरण मे सभी को रहने का आशीर्वाद मांगा। मुस्लिम समाज के साथ सिख समुदाय के लोग भी पूजा में सम्मिलित हुए।

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर गांजा तस्कर पकड़ाये, 128 किलो गांजा के साथ 2 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर गांजा तस्कर पकड़ाये, 128 किलो गांजा के साथ 2 गिरफ्तार

छत्तीसगढ के कवर्धा में पुलिस ने लाखों रुपए का गांजा पकड़ा है। पुलिस ने इस बार तस्करों से 25 लाख रुपए का गांजा जब्त किया है। 2 तस्कर बड़े ही चालाकी से पिकअप में गुप्त चेंबर में छिपाकर गांजा ले जा रहे थे। जिसे कवर्धा जिले की चिल्फी पुलिस ने पकड़ लिया है। दोनों से 123 पैकेट में 128 किलो गांजा बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया है कि दोनों ही आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं।


दरअसल, चिल्फी पुलिस को गुरुवार को सूचना मिली थी कि कुछ गांजा तस्कर रायपुर होते हुए कवर्धा की ओर आ रहे हैं। जिन्होंने गाड़ी में गांजा छिपाया हुआ है। इसी बात के मद्देनजर चिल्फी पुलिस की टीम मौके पर रवाना हो गई और आने-जाने वाली वाहनों की जांच करने लगी। पुलिस की टीम जांच कर ही रही थी कि पुलिस को एक पिकअप दिखी, जिसमें 2 लोग सवार थे। इसके बाद पुलिस ने पिकअप को रोक लिया और पिकअप सवार लोगों से पूछताछ करने लगी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे ओडिशा के रहने वाले हैं। वाहन चालक ने अपना नाम अश्वनी कुमार दीगर(28) और गाड़ी में बैठे दूसरे शख्स ने अपना नाम जतन दीगर बताया।


लोहे की चादर से चेंबर को छिपाया
इस पर पुलिस पिकअप गाड़ी की तलाशी लेने लगी, जहां पुलिस को एक गुप्त चेंबर मिला। जिसे लोहे के चादर से वेल्डिंग कराकर छिपाया गया था। पुलिस ने उस चेंबर को देखते ही उसे खोला दिया, जिसमें 123 पैकेट गांजा, अलग-अलग बोरियां में बंधा हुआ रखा हुआ था। पुलिस ने इन पैकेट्स की जांच की तो ये 128 किलो का निकला। इसके बाद दोनों आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और वाहन को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।


लगातार आ रहे इस तरह के मामले
प्रदेश में इस तरह से गांजा तस्करी का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ओडिशा के ही तस्कर अलग-अलग जिलों से पकड़ाते रहे हैं। खासकर चिल्फी घाटी,महासमुंद, जगदलपुर में इस तरह से तस्करों के पकड़ने के मामले ज्यादा आए हैं। यही वजह है कि जगदलपुर में पुलिस ने कुछ दिन पहले मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर गांजा तस्करों को पकड़ा था।


हर साल 600 करोड़ का गांजा CG के रास्ते ही जाता है
पिछले दिनों इस बात का पता चला है कि ओडिशा और आंध्रप्रदेश से जो गांजा देश भर के 17 राज्यों में पहुंचता है, उसकी तस्करी के लिए छत्तीसगढ़ के 14 रास्तों का प्रयोग तस्कर करते हैं। ये वो रास्ते हैं, जहां से हर साल 600 करोड़ रुपए कीमत का गांजा देश के अलग-अलग राज्यों तक पहुंचता है। इसमें उत्तर प्रदेश जाने के लिए तस्कर ओडिशा-जगदलपुर सीमा का इस्तेमाल भी करते हैं। एनएच-63 ओडिशा, छग को सीधे जोड़ता है। बस्तर पुलिस ओडिशा से निकलने वाले गांजे को बॉर्डर पर नगरनार के पास ही पकड़ती है।

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के कवर्धा विवाद मामले में 14 भाजपा नेताओं पर एफआईआर...

बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के कवर्धा विवाद मामले में 14 भाजपा नेताओं पर एफआईआर...

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा विवाद मामले में सियासी बवाल के बाद कवर्धा पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर राजनांदगांव सांसद और पूर्व सांसद समेत 14 लोगों के नाम एफआईआर में जोड़े है। वहीं भाजपा आज राजधानी रायपुर में इस मामले को लेकर राजभवन कूच की तैयारी कर चूका है।

जानकारी के मुताबिक कवर्धा पुलिस ने कुछ वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के साथ 14 नए नाम जोड़ एफआईआर में जोड़ दिया है।

जोड़े गए नामों में राजनांदगांव लोकसभा के सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, भाजपा प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष पीयूष ठाकुर, विहिप जिला प्रमुख नंदलाल चंद्राकर, अशोक साहू, कैलाश चंद्रवंशी, राजेन्द्र चंद्रवंशी, पन्ना चंद्रवंशी, उमंग पांडेय, राहुल चौरसिया, भुनेश्वर चंद्राकर के नाम शामिल है।

ये तमाम नाम जिले में भाजपा के प्रथम पंक्ति के नेताओं में शुमार हैं। गौरतलब है कि इससे पहले तक मामले में 59 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इन पर धारा 109, 147, 148, 149, 153 , 188, 295, 332, 353 भादवि के अलावा लोक संपत्ति की क्षति की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 बड़ी खबर: कवर्धा समेत इन जिलों  में इंटरनेट सेवाएं बंद, पहचाने गए 5 दर्जन उपद्रवियों को किया गया गिरफ्तार

बड़ी खबर: कवर्धा समेत इन जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद, पहचाने गए 5 दर्जन उपद्रवियों को किया गया गिरफ्तार

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा शहर में शांति व्यवस्था लागू करने प्रशासन ने 11 जिलों से लगभग डेढ़ हजार पुलिस बल तैनात किए हैं। एडीजी सहित छ: आईपीएस और दस एएसपी शहर संभाले हुए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कवर्धा में देर रात करीब 12 बजे इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं थीं। इसके बाद पड़ोसी जिलों बेमेतरा और राजनांदगांव में भी इंटरनेट बंद करा दिया गया है। 

बताया जा रहा है कि भड़काऊ पोस्ट की शेयरिंग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस टीमें वीडियो और फोटो के आधार पर दंगाइयों की पहचान करने में जुटी हैं। अब तक 70 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इसमें से 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उपद्रव फैलाने, हिंसा भड़काने और तोडफ़ोड़ को लेकर तीन अलग-अलग स्नढ्ढक्र दर्ज की गई हैं। '

गौरतलब हो कि तीन दिन पहले झंडा लगाने को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया था। इसकी शुरुआत मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से बुलाए गए बंद और रैली से हुई। लोग लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर निकल आए और करीब 100 से ज्यादा वाहनों में तोडफ़ोड़ कर दी। इस दौरान पुलिस फोर्स पर भी पत्थर फेंके गए। शहर की सड़कों पर घंटों उपद्रव चलता रहा और तमाम लोग दहशत से घरों में कैद रहे। स्थिति को संभालने के पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा और फिर कफ्र्यू लगा दिया गया। पुलिस टीमें वीडियो और फोटो के आधार पर दंगाइयों की पहचान करने में जुटी है। झंडे को लेकर हुए झगड़े की मजिस्ट्रियल जांच की मांग को लेकर शहर बंद व चक्काजाम का आह्वान किया था। रैली निकालने आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। प्रशासन को भरोसा दिलाया था कि विपरीत परिस्थितियां नहीं बनने देंगे। ऐसे में प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए 11 जिलों से करीब 1500 पुलिस बल बुलाए थे। कुछ आउटर पर शहर के एंट्री पॉइंट पर तैनात थे, तो वहीं ज्यादातर हाईवे पर चक्काजाम में ड्यूटी कर रहे थे। इसके बाद भरोसा टूटा तो जवान इसे संभाल नहीं सके।

आईजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि वीडियो फुटेज देखकर पुलिस टीम घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। जिले में धारा 144 लगे होने के बाद भी विहिप ने बंद और धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। इसमें शामिल होने के लिए जिले के अलावा राजनांदगांव, बेमेतरा, मुंगेली, धमतरी और रायपुर से लोगों की भीड़ पहुंची थी। उन लोगों ने बंद के दौरान कवर्धा के चिन्हांकित वार्डों में उपद्रव मचाया और तोडफ़ोड़ की। उग्र प्रदर्शन के कारण शहर में शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ा है। कलेक्टर ने कहा कि उपद्रवियों ने कई गाडिय़ों के शीशे तोड़ दिए और वाहनों को पलट दिया। कवर्धा में हालात बिगडऩे की सूचना के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी और आईजी इंटेलिजेंस आनंद छाबड़ा कवर्धा पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार डीजीपी डीएम अवस्थी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वहां जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कवर्धा जाकर देर रात तक हालात की समीक्षा की। इससे पहले तीन दिन से दुर्ग रेंज के आईजी और एडीजी विवेकानंद सिन्हा कवर्धा में ही कानून व्यवस्था को संभाल रहे हैं। इसके अलावा दुर्ग एसएसपी बद्री नारायण मीणा, कवर्धा एसपी मोहित गर्ग, कमांडेंट डॉ. लाल उमेंद सिंह, राजनांदगांव एसपी डी श्रवण समेत 10 एएसपी कवर्धा में हैं।

गौरतलब हो कि कवर्धा में पूरा विवाद वार्ड नंबर 27 के लोहारा नाका चौक इलाके में झंडा लगाने को लेकर शुरू हुआ था। रविवार दोपहर कुछ युवकों ने अपना झंडा चौराहे पर लगा दिया। इसी बात को लेकर दो गुटों के युवक सड़क पर लाठी-डंडे लेकर उतर आए और एक दूसरे को पीटा, यहाँ पत्थरबाजी भी हुई। पुलिस की आंखों के सामने एक युवक को भीड़ पीटती रही। मारपीट में आठ लोग घायल हुए हैं। इनका इलाज कवर्धा के अस्पताल में कराया जा रहा है।
BIG BREAKING: कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत कर्फ्यू लागू, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

BIG BREAKING: कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत कर्फ्यू लागू, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

कवर्धा: कबीरधाम कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने लोक शांति बनाए रखने के लिए सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र कवर्धा में कर्फ्यू लगा दिया है। अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर नगर के कोई भी नागरिक अपने घर से बाहर नही निकलेंगे। कवर्धा शहरी क्षेत्र में पहले से धारा-144 लागू है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से शांति,संयम बरतने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगा।

जारी आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में नगरीय निकाय कवर्धा क्षेत्र में काफी संख्या में भीड़ एकत्रित होने से कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करने, लोक मार्ग में बाधा पहुॅंचाने का कृत्य किये जाने की संभावना है, जिसके कारण सम्पूर्ण नगरीय निकाय कवर्धा को धारा 144, दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत प्रतिबंध अधिरोपित किया गया है। पूर्व में इस कार्यालय से प्रसारित आदेश का असर न होने से तथा प्राप्त पुष्ट सूचनाओं अनुसार आज 5 अक्टूबर को छोटे-छोटे समूहों में लोग एकत्रित हुए तथा कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों आदर्श नगर, दर्री पारा, एकता चौक, हैदर गली एवं नगर के अन्य क्षेत्रों में हिंसात्मक होकर पथराव करते हुए सड़क किनारे की लोक संपत्ति, खड़े वाहनों एवं घरों में तोड़फोड़ करने लगे, जो कि अत्यंत गंभीर है। ऐसी स्थिति में क्षेत्र में शांति व्यस्था बनाए रखने व कानून का पालन कराने तथा जनधन की हानि रोकने एवं जन सुरक्षा के लिए ठोस एवं कठोर कदम उठाना अपरिहार्य हो गया है। वर्तमान स्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए नगर पालिका क्षेत्र कवर्धा अंतर्गत कानून व्यवस्था तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने, लोकहित एवं लोकसुरक्षा तथा अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण, विधिपूर्वक नियोजित किसी व्यक्ति को बाधा क्षोभ या क्षति या मानव जीवन, स्वास्थ्य या क्षेम को खतरे का या लोक प्रशांति विक्षुब्ध होने का, या बलवे या दंगे होने की आशंका के दृष्टिगत सम्पूर्ण नगर पालिका क्षेत्र कवर्धा के अंतर्गत (आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर) धारा-144 दं.प्र.सं. के अंतर्गत दिये प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में विवादित गतिविधियों के लिए प्रतिबंध घोषित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस आदेश से प्रभावित होने वाले व्यक्यिं को सूचना की तामिली एवं सुने जाने के लिए पर्याप्त समय न होने के कारण एकपक्षीय रूप से आदेश पारित किया जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर नगर पालिका परिषद्, कवर्धा, जिला कबीरधाम क्षेत्र अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। जिसे आम बोल चाल की भाषा में कर्फ्यू कहा जाता है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर भले ही वे अनुज्ञप्तिधारी हों किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, अस्त्र-शस्त्र, धारदार घातक हथियार आदि को लेकर नहीं चलेगा। धार्मिक परंपरा अनुसार रखे जाने वाले कृपाण आदि पर यह कण्डिका प्रभावशील नहीं होगी। यह आदेश कार्यालय कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, अस्पताल, थाना एवं पुलिस चौकी पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त कानून व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अधिकारी, विद्युत, पेयजल आपूर्ति एवं नगर पालिका सेवायें जिसमें सफाई, सीवरेज एवं कचरे का डिस्पोजल इत्यादि भी शामिल है तथा अग्निशमन सेवाओं के संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को कार्यालय संचालन एवं आवागमन की अनुमति होगी। आपातकालीन सेवाएं यथा पेट्रोल पंप, गैस एजेन्सी, मेडिकल दुकानें व अस्पताल खुले रहेंगे। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के समूहों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश पर्यन्त तक लागू रहेगा।

आईजी, डीआईजी सहित 5 जिलों के एसपी मिलकर भी नही संभाल पाए कवर्धा की स्थिति

आईजी, डीआईजी सहित 5 जिलों के एसपी मिलकर भी नही संभाल पाए कवर्धा की स्थिति

कवर्धा। पुलिस प्रशासन की नाकामी के बाद फैले हिंसक दंगो तोड़फोड़ और आगजनी के बाद आज कबीरधाम कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने लोक शांति बनाए रखने के लिए सम्पूर्ण नगरपालिका क्षेत्र कवर्धा में कर्फ्यू लगा दिया है। अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़कर नगर के कोई भी नागरिक अपने घर से बाहर नही निकलेंगे। कवर्धा शहरी क्षेत्र में पहले से धारा -144 लागू है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से शांति,संयम बरतने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

विदित हो कि रविवार को धार्मिक झंडा लगाने से शुरू हुए बवाल और पुलिसिया कारवाही में लापरवाही व एक पक्षीय कार्यवाही के आरोपो के बाद फैली नाराजगी के बाद आज बड़ी संख्या में दो समुदाय के लोग सड़क पर लाठियां, रॉड और डंडे लेकर निकल आए और घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। कई बस्तियों में हंगामा चलता रहा बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आज हिंदू संगठनों ने कवर्धा-जबलपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया ।

उपद्रव के बाद प्रशासन ने 24 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया है। विश्च हिंदू परिषद के बुलाए गए बंद को देखते हुए नगर के सभी बाजार और दुकानें बंद थी। इसी दौरान दोपहर में बड़ी संख्या में लोग हाथों में रॉड, डंडा लेकर रैली की शक्ल में शहर में निकल आए ।

बाहर खड़ी बाइक, कार और यहां तक कि ठेलों को भी तोड़ दिया। उपद्रवियों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और वाहनों को पलट दिया। बाहर की स्थिति को देखते हुए कोई भी घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। आरोप है कि शुरू दिन से ही उपद्रव और तोड़फोड़ के दौरान पुलिस तमाशबीन बनकर खड़ी रही। पुलिस के सामने ही बेखौफ उपद्रव करते रहे। पहले।दिन 4 घण्टे तो आज करीब एक घंटे तक सब चलता रहा, इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया है। शहर के कई इलाकों में अभी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

विश्व हिंदू परिषद ने दो पक्षों में हुए विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। इसे लेकर कवर्धा बंद का आह्वान किया गया है। उनका आरोप है कि हत्या के इरादे से झंडा फहराने को लेकर हमला किया गया। पुलिस ने इस पर पीड़ित पक्ष को ही पीटा और इलाज में देरी की। साथ ही दुर्गेश देवांगन की पिटाई मामले में मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है। इस दौरान उन्होंने हाईवे भी जाम कर रखा है। इसे देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है।

 छत्तीसगढ़ में कर्फ्यू ब्रे़किंग: कलेक्टर ने शहर में लगाया 24 घन्टे का कर्फ्यू

छत्तीसगढ़ में कर्फ्यू ब्रे़किंग: कलेक्टर ने शहर में लगाया 24 घन्टे का कर्फ्यू

कवर्धा। विवादित स्थल पर फहराया गया भगवा झंडा। आज विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर चक्का जाम किया जा रहा है जिससे हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई। शहर की स्थिति तनावपूर्ण। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने हल्का लाठी चार्ज करना पड़ा। वाहनों को तोड़ फोड़ करते देख पुलिस वालों ने खदेड़ा। कलेक्टर ने स्थिति देखते हुए शहर में 24 घण्टे के लिए कफ्र्यू लगा  दिया है।  ईधर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक अशोक साहू साथ में रैली निकाले।
CG BREAKING: दुर्गोत्सव व दुर्गा विसर्जन के लिए जिला प्रशासन ने जारी की नई गाइडलाइन

CG BREAKING: दुर्गोत्सव व दुर्गा विसर्जन के लिए जिला प्रशासन ने जारी की नई गाइडलाइन

कोरिया: कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण व रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए तथा आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से दुर्गोत्सव के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। कलेक्टर की ओर से जारी आदेशानुसार दुर्गा पूजा हेतु स्थापित की जाने वाली मूर्ति की अधिकतम उंचाई 8 फीट निर्धारित की गई है। पी.ओ.पी. (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित मूर्ति बिक्री व स्थापित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।

दिशानिर्देशों के अनुसार, मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15-15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 500 वर्गफीट की खुली जगह हो। पंडाल के सामने 500 वर्गफीट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर ही ज्योति का प्रज्ज्वलन किया जाएगा। उक्त स्थान पर अग्नि शमन सुरक्षा के सभी उपाय किया जाना अनिवार्य होगा। ज्योति प्रज्वलन की जिम्मेदारी केवल मंदिर प्रबंधन समिति की होगी। ज्योति दर्शन के लिए अन्य व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णत: वर्जित रहेगा।

मंडप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिये पृथक व्यवस्था न हो, दर्शकों व आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाये जाएंगे। किसी भी एक समय में मंडप व सामने मिलाकर 50 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित व समिति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संकमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग की जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति की ओर से सैनेटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। थर्मल स्क्रिीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति की ओर से फिजिकल डिस्टेंसिंग, आगमन व प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस, बल्ली से बेरिकेडिंग कराकर कराया जाएगा।

कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा की अनुमति नहीं होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र, जैसे- धुमाल, बैंड तथा अन्य वाद्य यंत्र जिनका पीएमपीओ 200 वॉट से अधिक न हो के बजाने की अनुमति स्थापित पंडाल अथवा नियत स्थल के 100 मीटर के परिधि के अंतर्गत के लिए होगी। विसर्जन के साथ-साथ अनुमति नही होगी। मूर्ति स्थापना व विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।


मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी व मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए अधिकतम 10 व्यक्ति की ही अनुमति होगी और वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति व पूजन सामग्रियों का विसर्जन ग्राम पंचायत, नगर पंचातय नगर पालिका परिषद, नगर निगम की ओर से निर्धारित रूट मार्ग, तिथि व समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात व सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रकिया की अनुमति नहीं होगी।

उपरोक्त शर्तो सहित किसी परिसर के अन्दर या सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति स्थापित की जाती है, तो कम से कम 3 दिवस पूर्व अनुविभागीय दंडाधिकारी के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र के साथ आवेदन देना होगा। अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित की जा सकेगी। यह अनुमति किसी भी ऐसे स्थान पर नहीं दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक निस्तार या यातायात बाधित होने की संभावना हो। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन कोरिया की ओर से समय-समय पर जारी निर्देश, आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिसीज एक्ट व विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जायेगी।

BIG BREAKING: झंडे को लेकर दो समुदायों में विवाद, जमकर हुई मारपीट व पत्थरबाजी

BIG BREAKING: झंडे को लेकर दो समुदायों में विवाद, जमकर हुई मारपीट व पत्थरबाजी

कबीरधाम: कवर्धा के लोहारा नाका चौक स्थित विंध्यवासिनी मंदिर के करीब इदुलफितर और नवरात्री को लेकर दो समुदायों द्वारा झंडा और लाइटिंग की जा रही थी। जिसमे हिन्दू धर्म के प्रतीक भगवा झंडा को बिजली के खंबे से उतारकर फेंकने और जलाने की आवाजों के कारण माहौल गरमा गया और दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसके आलावा भीड़ ने पत्थरबाजी भी की है। वहीं समुदाय विशेष ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ भी की है। इस घटना में दोनों पक्ष के लोग घायल भी हुए है। इस घटना के बाद शहर में माहौल तनावपूर्ण है और कवर्धा में धारा 144 लगा दी गई है।
इस घटना के बाद विंध्यवासिनी मंदिर के हिन्दू संगठनों की भीड़ को हटाने पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज भी किया। इसे लेकर हिंदी संगठन में नाराजगी भी है। इस मामले में जब पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग से चर्चा की गई तो उन्होंने इस मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वे मामले को समझ नहीं लेते, तब तक वे कुछ नहीं कहेंगे।


वहीं खबर आ रही है कि पुलिस प्रशासन के सामने भी पत्थरबाजी हुई, जिसमे कइयों चोट आई है। इस दौरान एसपी भी स्वयं मौजूद थे। पुलिस प्रशासन के सामने लोग एक दूसरों पर पत्थर बरसते रहे, मारपीट करते रहे, लेकिन पुलिस मूक दर्शक बन केवल देखती रही।


मीडिया से चर्चा करते हुए कलेक्टर रमेश शर्मा ने बताया कि झंडे को लेकर दो समुदायों में विवाद हुआ था, जिसमे एक बार बैठाकर उन्हें समझाया गया था। समझौते के बावजूद दुबारा इस प्रकार की घटना हुई है, जो बेहद गंभीर है। इस घटना को देखते हुए धारा 144 लागू की गई है। झगड़ा मूलतः झंडे को लेकर है।


ज्ञातव्य हो की पूर्व में भी कवर्धा के एकता चौक आजाद चौक में झंडे को लेकर विवाद हो चुका है। उस समय भी धरा 144 लगाई गई थी।

 छत्तीसगढ़ के इस जिले में बड़ा हादसा : सवारियों से भरी माजदा अनियंत्रित होकर पलटी, 45 लोग घायल 4 की हालत गंभीर

छत्तीसगढ़ के इस जिले में बड़ा हादसा : सवारियों से भरी माजदा अनियंत्रित होकर पलटी, 45 लोग घायल 4 की हालत गंभीर

कवर्धा। जिले में एक बड़ा हादसा हो गया है। रेंगाखार थाना के घानीखूटा घाट के पास सवारियों से भरी एक माजदा अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 45 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जबकि 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि घायलों में ज्यादातर महिलाएं व बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को ईलाज के लिए लोहारा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां सभी का उपचार चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक माजदा वाहन में सवार सभी लोग मध्यप्रदेश के बोदादल्खा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। सभी लोग माजदा वाहन में सवार होकर भोजली विसर्जन करने तालपुर गांव आ रहे थे, तभी इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके चलते यह हादसा हो गया।
CG NEWS: किराए से डेबिट कार्ड लेकर SBI के ATM में उंगली फंसाकर निकाले 4 लाख रुपए

CG NEWS: किराए से डेबिट कार्ड लेकर SBI के ATM में उंगली फंसाकर निकाले 4 लाख रुपए

छत्तीसगढ़ की कवर्धा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, पुलिस ने दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने बड़े ही शातिर ठंग से SBI के एटीएम से 4 लाख रुपए निकाल लिए। इसके लिए वे 3 हजार रुपए किराए पर डेबिट कार्ड लेकर आते थे। आरोपियों से 21 कार्ड और 3.90 लाख रुपए बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी UP के जौनपुर से हुई है। खास बात यह है कि 9 महीने पहले जगदलपुर पुलिस ने भी इसी तरीके से ठगी के मामले में दो आरोपियों को जौनपुर से गिरफ्तार किया था।


दरअसल, कवर्धा SBI मेन ब्रांच के मैनेजर ने शिकायत की थी कि शहर में लगी बैंक की अलग-अलग ATM से ट्रांजेक्शन तो किया जा रहा है, लेकिन रुपए नहीं निकलने के बाद भी कम हो रहे हैं। इस पर पुलिस ने CCTV फुटेज चेक किए तो पता चला कि 7 ATM से एक ही आरोपियों ने ठगी की है। इस पर पुलिस ने खातों का मिलान किया और साइबर सेल की मदद से पुलिस UP के जौनपुर तक पहुंच गई। वहां से अमरनाथ चौहान और दिवाकर यादव को धर दबोचा।

 

ग्रेजुएशन के बाद जिम में हुई दोस्ती और लालच ने बना दिया ठग
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी मऊ निवासी अमरनाथ चौहान और जौनपुर निवासी दिवाकर यादव दोनों ग्रेजुएट हैं। जिम जाने के दौरान दोनों की दोस्ती हो गई। इसके बाद लालच में आकर ठगी करना शुरू किया। UP से कवर्धा पहुंचे और ATM से छेड़छाड़ कर रुपए निकाल लेते। फिर कस्टमर केयर पर झूठी जानकारी देकर बैलेंस ट्रांसफर करा लेते थे। फिलहाल पुलिस लेनदेन से संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराने की कार्रवाई कर रही है।


रुपए निकालने के बाद उंगली फंसा कर ट्रांजेक्शन कैंसिल करते
आरोपी ATM में जाकर रुपए निकालते थे। ट्रांजेक्शन के दौरान उंगली फंसाकर रुपए पकड़ लेते। एक नोट छोड़ देते थे। थोड़ी देर बाद मशीन उस नोट को वापस खींच लेती। इसके बाद ट्रांजेक्शन डिक्लाइन हो जाता। अंदर का मेकेनिज्म ATM से निकली रकम को नहीं जोड़ता था। इसी को आधार बनाकर आरोपी कॉल सेंटर में फोन करते और पूरे रुपए का क्लेम बैंक से करते थे तो बैंक उनके खाते में पैसा क्रेडिट कर देती थी।


9 महीने पहले जगदलपुर में भी हुई थी ऐसी ही वारदात
जगदलपुर पुलिस ने दिसंबर 2020 में बैंक से इसी तरह ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा था। इसमें एक MBA का छात्र भी शामिल था। आरोपियों ने 3 महीने में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम SBI के ATM से पार की थी। वे भी किराये पर डेबिट कार्ड लेकर आते थे। आरोपियों ने अलग-अलग बैंकों के 11 डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया था। इनके पास से 3 कार्ड, पासबुक और अन्य सामान बरामद हुआ। इन आरोपियों को भी पुलिस ने जौनपुर से पकड़ा था।

कबीरधाम के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा...

कबीरधाम के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा...

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीरधाम जिले में पिपरिया और कुकदुर को तहसील तथा इन्दौरी और कुण्डा को नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री आज रात यहां अपने निवास कार्यालय में कबीरधाम जिले से आए प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आम जनता की सहूलियत के लिए प्रशासनिक इकाईयों का छोटी इकाईयों में पुनर्गठन किया जा रहा है। पौने तीन साल में प्रदेश में पांच नए जिले गठित किए गए, जिससे अब छत्तीसगढ़ में जिले की संख्या 27 से बढ़कर 32 हो गई है। इसी तरह तहसीलों की संख्या 147 से बढ़कर 222 हो गई है। इससे अपने काम के लिए जिला या तहसील मुख्यालय आने वाले ग्रामीणों को वहां रात्रि विश्राम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे उसी दिन अपने गांव लौट सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कवर्धा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के संबंध में कहा कि केन्द्र से यदि नये मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिलती है तो कवर्धा में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जाएगा। इस वर्ष केन्द्र से मिली स्वीकृति के आधार पर प्रदेश में कांकेर, महासमुंद और कोरबा में तीन मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ दुर्ग के चन्दूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया गया है। उन्होंने कहा कि बोड़ला में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के साथ वहां पूर्व से संचालित हिन्दी मीडियम स्कूल भी संचालित होगा।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि गरीब, मजदूर, किसान, महिलाओं सहित सभी वर्गों की आय में वृद्धि हो और उनका जीवन स्तर उन्नत हो सके। इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, 52 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गौठान समितियों को पूर्व में अधोसंरचना विकास के लिए 40-40 हजार रूपए की राशि दी गई थी। इस वर्ष धान की कटाई के पहले भी गौठान समितियों को राशि दी जाएगी। इस राशि से गौठान समितियां धान की कटाई के बाद किसानों के खेतों से पैरा इकट्ठा कर गौठानों में रखने की व्यवस्था करेंगे। जिससे गौठानों में आने वाले पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था हो सके। उन्होंने कहा कि पशुओं के चारे के लिए लगभग 4 हजार गौठानों में लगभग 10 हजार एकड़ के रकबे में नेपियर तथा अन्य प्रजाति की घास लगाई गई है। इसी तरह वनों में भी लगभग एक हजार हेक्टेयर में घास लगाई गई है। वनों में पैदा होने वाली घास को साइलेज बनाकर गौठानों में पशुओं के चारे के लिए रखा जाएगा।

सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखो की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखो की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से ठगी का मामला सामने आया है, सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने दो लोगों से उनके बेटों को कोर्ट में क्लर्क बनाने का सपना दिखाकर 7.5 लाख रुपए लिए थे। फिर पीड़ितों को गुमराह करने लगा था। जिसके बाद पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कुंण्डा थाना क्षेत्र का है।


दरअसल, 2019 में पीड़ित रमेश साहू और रामभज की पहचान मैनपुरा निवासी दिलीप उपाध्याय(45) से हुई थी। दिलीप ने उस दौरान दोनों को कहा कि आपके बेटों की नौकरी वो बेमेतरा कोर्ट में लगवा देगा, लेकिन इसके लिए 5-5 लाख रुपए देने होंगे। दिलीप ने कहा कि मेरी काफी पहचान है, मैं आसानी से कोर्ट में क्लर्क की नौकरी लगवा दूंगा। यही बात सुनकर दोनों उसकी बातों में आ गए और दोनों ने मिलकर पंकज को 7 लाख 50 हजार दे दिए।


घर गए तो कहा-आप चिंता न करें
पैसा देने के बाद काफी दिन बीत चुका था, लेकिन तब तक रमेश साहू और रामभज के बेटों की नौकरी नहीं लगी थी। यहां तक की दोनों ने कई बार पंकज से भी संपर्क किया, पर बात नहीं हो पा रही थी। कुछ दिन बाद दोनों पीड़ित आरोपी पंकज के घर पहुंचे और उससे नौकरी के संबंध में बात की। उस दौरान उसने कहा कि आप चिंत न करें, मैं कुछ ही दिनों में नौकरी लगवा दूंगा। इस तरह से काफी दिन बीतते गए और पंकज दोनों को गुमराह करता रहा। आखिरकार दोनों पीड़ितों ने इस मामले की शिकायत सोमवार को कुंण्डा थाना में दर्ज करा दी।


टीआई बोले- कई लोगों से लिए पैसे
शिकायत होनो के बाद पुलिस ने पंकज का पता लगाया तो पचा चला की पंकज घर पर ही है। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से जाकर गिरफ्तार कर लिया है। कुंण्डा थाना टीआई कपिल चंद्रा ने बताया कि आरोपी ने इन दोनों के अलावा भी कई और लोगों से अलग-अलग क्षेत्रों में पैसे लिए हैं। इसकी शिकायत होगी तो हम उन मामलों में भी पंकज के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। टीआई ने बताया कि पंकज मुख्य रूप से गाड़ी चलाने का काम करता है।

 बड़ी खबर: बाइक के विवाद में पिता की हत्या कर बेटे ने दफनाया शव, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

बड़ी खबर: बाइक के विवाद में पिता की हत्या कर बेटे ने दफनाया शव, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

कवर्धा। युवक ने बाइक के विवाद में अपने बाप की गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर से करीब 100 मीटर दूर ले जाकर दफना दिया। दो दिन बाद बुधवार को सरपंच के घर आरोपी युवक पहुंचा और पिता के लापता होने की जानकारी दी। फिर ग्रामीणों और सरपंच पति के साथ तलाश करने निकल पड़ा। थोड़ी देर बाद जब एक जगह संदेह होने पर जमीन को खोदा गया तो शव देख युवक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। मामला रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम घानीखुंटा निवासी प्रभुलाल वर्मा (53) के दो बेटे कैलाश (22) और सोनू (6) हैं। कैलाश का अपने पिता से अकसर बाइक चलाने को लेकर विवाद होता था। प्रभुलाल उसे बाइक चलाने नहीं देता और टीवी देखने से रोकता था। रविवार सुबह भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर कैलाश ने रस्सी से अपने पिता का गला घोंट दिया। इसके बाद घर के पीछे करीब 100 मीटर दूर ले जाकर शव दफना दिया। पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में जमीन को खोदा गया तो उसमें से प्रभुलाल का शव बरामद हुआ। हालांकि वह सडऩे की स्थिति में था।

तीसरे दिन सरपंच पति को दी पिता के लापता होने की जानकारी
आरोपी कैलाश वारदात के तीसरे दिन यानी मंगलवार को सरपंच पति फगन सिंह के पास पहुंचा और पिता के लापता होने की जानकारी दी। बताया कि रिश्तेदारों के यहां पूछताछ की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इस पर सरपंच पति उसे और अन्य ग्रामीणों को लेकर गांव में ही प्रभुलाल को तलाश करने के लिए निकले। इस दौरान एक जगह मिट्?टी खोदकर दोबारा पाटा गया था। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पिता का शव देख हत्या की बात युवक ने की स्वीकार
शव को देखते ही कैलाश चीखने लगा कि उसने ही अपने पिता की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गई। वहां पूछताछ में बताया कि 4 सितंबर की रात वह नशे में घर पहुंचा था। इस बात को लेकर अगले दिन पिता से झगड़ा हुआ। उसके पिता शराब से चिढ़ते थे।
कैलाश ने बताया कि रस्सी से अपने पिता का गला घोंट दिया। इसके बाद घर के पीछे करीब 100 मीटर दूर ले जाकर शव दफना दिया।

कैलाश ने पुलिस को यह भी बताया कि वह बैंगलुरु में काम करता है। वह करीब डेढ़ महीने पहले ही गांव लौटा था, लेकिन पिता से नहीं पटने के कारण ननिहाल में रहता था। इन दिनों उसकी मां भी वहीं है। वारदात से 4 दिन पहले कैलाश घर पहुंचा था। हत्या के बाद उसने शव को घर में ही छिपा दिया। छोटा भाई सोकर उठा तो उसके लिए खाना बनाया और खिलाया। फिर उसे खेलने भेज दिया। उसके जाने के बाद शव को बाहर ले गया और दफना दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्यवाही में जुट गई है।
CG NEWS: ससुराल में हुई दामाद की पिटाई, इस वजह से ससुराल वालो ने दामाद को पिटा, जानिए डिटेल में

CG NEWS: ससुराल में हुई दामाद की पिटाई, इस वजह से ससुराल वालो ने दामाद को पिटा, जानिए डिटेल में

कवर्धा में ससुराल आए दामाद की ससुरालियों ने जमकर पिटाई कर दी। उसके शरीर पर मिर्च पाउडर मल दिया और उसे लात-घूंसों से पीटा। युवक की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने बेटी के इलाज के लिए पत्नी को 9 हजार रुपए दिए थे। जिसे मांगने पर पत्नी ने इनकार कर दिया। इस पर पति ने उसे साथ चलने को कहा था। इस बात से भड़के आरोपियों ने कहा कि तीजा पर ले जाने की बात करता है और पीटना शुरू कर दिया। मामला पंडरिया थाना क्षेत्र का है।


जानकारी के मुताबिक, मरियाटोला, बोड़ला निवासी देवानंद लहरे (22) की पत्नी फुलमनी बेटी लिशा के साथ तीजा मनाने के लिए अपने मायके दलपुरवा गांव आई थी। यहां अचानक बेटी लिशा की तबीयत खराब हो गई। इस पर फुलमनी ने 6 सितंबर को पति देवानंद को कॉल किया और मायके बुलाया। इस पर देवांनद रात को ही ससुराल पहुंच गया। साथ ही बेटी के इलाज के लिए लाए 9 हजार रुपए पत्नी के पास रखवा दिए।


पत्नी साथ चलने को तैयार हुई तो ससुर ने किया विरोध
अगले दिन सुबह बेटी को अस्पताल ले जाने के लिए उसने पत्नी से रुपए मांगे तो उसने देने से इनकार कर दिया। इस पर देवानंद ने कहा कि बच्ची के उपचार के लिए रुपए हैं, उसे वापस नहीं कर रही हो। अगर ऐसा है तो साथ में अस्पताल चलो। फुलमनी साथ जाने के लिए तैयार हो गई। आरोप है कि ससुर छगन खांडे नाराज हो गया और कहा कि तीजा में बेटी को ले जा रहे हो। हम लोगों को चोर समझते हो। इसके बाद गालियां देनी शुरू कर दी।


पत्नी पिटते देखती रही, सास ने किया बीच-बचाव
ससुर को गालियां देते देख देवानंद ने विरोध किया तो आरोप है कि परिवार के अन्य सदस्यों मोहन खांडे, लल्लू, केवरा बाई और भोंदा बाई ने उसे पकड़ कर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद शरीर पर मिर्च पाउडर मल दिया और लात-घूंसों से जमकर पीटा। इस दौरान फुलमनी वहीं खड़े-खड़े तमाशा देखती रही। शोर सुनकर देवानंद की सास पहुंची और बीच बचाव किया। इसके बाद देवानंद ने अपने परिजनों को सूचना दी और थाने जाकर FIR दर्ज कराई।

CG BREAKING: मामूली विवाद पर बेटे ने बाप की निर्मम हत्या की, जानिए पूरा मामला

CG BREAKING: मामूली विवाद पर बेटे ने बाप की निर्मम हत्या की, जानिए पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के कवर्धा शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, एक युवक ने बाइक के विवाद में अपने बाप की गला घोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर से करीब 100 मीटर दूर ले जाकर दफना दिया। दो दिन बाद बुधवार को सरपंच के घर आरोपी युवक पहुंचा और पिता के लापता होने की जानकारी दी। फिर ग्रामीणों और सरपंच पति के साथ तलाश करने निकल पड़ा। थोड़ी देर बाद जब एक जगह संदेह होने पर जमीन को खोदा गया तो शव देख युवक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। मामला रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र का है।


जानकारी के मुताबिक, ग्राम घानीखुंटा निवासी प्रभुलाल वर्मा (53) के दो बेटे कैलाश (22) और सोनू (6) हैं। कैलाश का अपने पिता से अकसर बाइक चलाने को लेकर विवाद होता था। प्रभुलाल उसे बाइक चलाने नहीं देता और टीवी देखने से रोकता था। रविवार सुबह भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर कैलाश ने रस्सी से अपने पिता का गला घोंट दिया। इसके बाद घर के पीछे करीब 100 मीटर दूर ले जाकर शव दफना दिया।

तीसरे दिन सरपंच पति को दी पिता के लापता होने की जानकारी
आरोपी कैलाश वारदात के तीसरे दिन यानी मंगलवार को सरपंच पति फगन सिंह के पास पहुंचा और पिता के लापता होने की जानकारी दी। बताया कि रिश्तेदारों के यहां पूछताछ की, लेकिन कहीं पता नहीं चला। इस पर सरपंच पति उसे और अन्य ग्रामीणों को लेकर गांव में ही प्रभुलाल को तलाश करने के लिए निकले। इस दौरान एक जगह मिट्‌टी खोदकर दोबारा पाटा गया था। संदेह होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।


पिता का शव देख हत्या की बात युवक ने की स्वीकार
इसके बाद पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में जमीन को खोदा गया तो उसमें से प्रभुलाल का शव बरामद हुआ। हालांकि, वह सड़ने की स्थिति में था। शव को देखते ही कैलाश चीखने लगा कि उसने ही अपने पिता की हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गई। वहां पूछताछ में बताया कि 4 सितंबर की रात वह नशे में घर पहुंचा था। इस बात को लेकर अगले दिन पिता से झगड़ा हुआ। उसके पिता शराब से चिढ़ते थे।

हत्या के बाद छोटे भाई के लिए खाना बनाया, फिर उसे खेलने भेजा
कैलाश ने पुलिस को बताया कि वह बैंगलुरु में काम करता है। वह करीब डेढ़ महीने पहले ही गांव लौटा था, लेकिन पिता से नहीं पटने के कारण ननिहाल में रहता था। इन दिनों उसकी मां भी वहीं है। वारदात से 4 दिन पहले कैलाश घर पहुंचा था। हत्या के बाद उसने शव को घर में ही छिपा दिया। छोटा भाई सोकर उठा तो उसके लिए खाना बनाया और खिलाया। फिर उसे खेलने भेज दिया। उसके जाने के बाद शव को बाहर ले गया और दफना दिया।

 छत्तीसगढ़: अचानक नदी में बाढ़ आने से पिकनिक मनाने गए लोग फंसे

छत्तीसगढ़: अचानक नदी में बाढ़ आने से पिकनिक मनाने गए लोग फंसे

कवर्धा  कबीरधाम जिले के पर्यटन स्थल रानी दहरा में  पिकनिक मनाने गए लोग अचानक नदी में बाढ़ आने से फं स गए। बोड़ला ब्लाक के ग्राम बैरख में है, जहां पहाड़ों के बीच लगभग 90 फ ीट की ऊंचाई से पानी गिरता है। 

रविवार को भी बड़ी संख्या में लोग यहां पिकनिक मनाने गए थे तभी अचानक से नदी में बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना अधिक था कि जो जहां था वही फं स गया। फं से लोगों में महिलाए और बच्चे भी शामिल थे। लोगों को लगा कुछ देर में पानी कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 4 से 5 घंटे तक नदी में बाढ़ की स्तिथि रही। 

इस बीच कुछ लोगो ने गाड़ी में रखे रस्सी के सहारे नदी पार करने की भी कोशिश की लेकिन सफ ल नही हो पाए। आश्चर्य की बात रही कि 5 घण्टे तक लोग फ ंसे रहे लेकिन जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी। अच्छी बात रही कि किसी प्रकार से कोई जनहानि नही हुई। वही रानी दहरा परिवार के साथ पिकनिक मनाने गए लोगों ने आज वीडियो वायरल किया। तब मामले की जनाकारी लोगों को लगी। जैसे तैसे लोगों की मदद से रस्सी के सहारे नदी से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
CG NEWS: राजपरिवार के सदस्य की हत्या की गुत्थी सुलझी, पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया

CG NEWS: राजपरिवार के सदस्य की हत्या की गुत्थी सुलझी, पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया

छत्तीसगढ़ के कवर्धा में राजपरिवार के सदस्य की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है, राजपरिवार के सदस्य विश्वनाथ नायर की हत्या मामले में पुलिस ने बुधवार को 4 नाबालिगों सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लूट की नीयत से फार्म हाउस के कमरे में घुसे थे। इस दौरान विश्वनाथ नायर जाग गए तो पहचाने जाने के डर से आरोपियों ने लोहे की रॉड से पीट-पीट कर उन्हें मार डाला। इसके बाद वहां से सामान लेकर भाग निकले। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल रॉड और लूट का सामान बरामद कर लिया है।


दरअसल, 26 जुलाई की देर रात पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम इंदौरी में पूर्व राजा योगेश्वर राज सिंह के कृषि फार्म हाउस के कमरे में विश्वनाथ नायर का शव मिला था। सुबह जब ग्रामीण खेत में पहुंचे तो फार्म हाउस के कमरे में खून से लथपथ उनका शव पड़ा देखा। इसके बाद राजपरिवार और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने जांच शुरू की। इस बीच मंगलवार को जानकारी मिली कि कुछ लड़के गांजे के नशे में हत्याकांड को लेकर बात कर रहे हैं।


दो बोरी अरहर दाल और सबमर्सिबल पंप चोरी करने घुसे
पुलिस ने घेराबंदी कर ग्राम मिरमिटटी से स्थानीय निवासी प्रेमलाल सिन्हा को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि वह अपने 4 अन्य नाबालिग साथियों के साथ राजाबाड़ा में लूट की नीयत से गए थे। इसके लिए दीवार के सहारे ऊपर चढ़े और फिर सीढ़ी से कमरे में घुसे। वहां विश्वनाथ को सोता हुआ देख दो बोरी अरहर दाल और सबमर्सिबल पंप चोरी कर लिया और भागने के लिए छत पर पहुंच गए।

नीयत खराब हुई तो लड़कों को लेकर फिर घुसा आरोपी
छत से भागने की जगह आरोपी प्रेमलाल की नीयत खराब हो गई। वह लूटने के इरादे से फिर लड़कों के साथ नीचे पहुंचा। इस दौरान आहट होने से विश्वनाथ जाग गए और शोर मचाने लगे। इस पर आरोपियों ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दिया। विश्वनाथ बेहोश होकर गिरे तो आरोपियों ने पहचाने जाने के डर से उन्हें रॉड से पीट-पीट कर मार डाला। इसके बाद गले से सोने की चेन, कैश, मोबाइल और गेट की चाबियां लेकर वहां से निकल गए।

कार में शव को ठिकाना लगाना था, लेकिन कीचड़ में फंस गई
इसके बाद पोर्च में खड़ी कार में आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने का सोचा। गाड़ी को स्टार्ट भी किया, लेकिन निकलने के दौरान वह कीचड़ में फंस गई। इसके चलते कार और शव वहीं छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त लोहे का रॉड, दो बोरी अरहर दाल, सबमसर्बिल पम्प, सोने की चेन, मोबाइल और रुपए बरामद कर लिए हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

सुबह ग्रामीण पहुंचे थे तो खून से लथपथ मिला था शव
विश्वनाथ नायर राजमाता शशि प्रभा का भांजा लगता था। वह करीब 10 साल से ग्राम इंदौरी में रहकर राजमाता की खेती-बाड़ी से जुड़े काम देखता था और रात को खेत में ही बने फार्म हाउस के कमरे में अकेले रहता था। सुबह जब ग्रामीण खेत में पहुंचे तो कमरे में खून से लथपथ उनका शव पड़ा देखा। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले थे। खेत में और बाहर सामान बिखरा होने के चलते पुलिस को शुरू से चोरी के चलते हत्या की आशंका थी।

राज परिवार के सदस्य की धारदार हथियार से हत्या, इलाके में मचा हड़कंप

राज परिवार के सदस्य की धारदार हथियार से हत्या, इलाके में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ के कवर्धा से दिल-देहला देने वाली खबर सामने आ रही है, गुरुवार देर रात घर में घुसकर राजपरिवार के सदस्य की हत्या कर दी गई। युवक का खून से लथपथ शव बेड पर पड़ा मिला है। ग्रामीणों ने शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। वारदात के बाद सारा सामान खेत में बिखरा मिला है। आशंका है कि चोरी की नीयत से हत्या की गई है। बताया जा रहा है कि मारा गया युवक राजमाता का भांजा था। मामला पिपरिया थाना क्षेत्र का है।


जानकारी के मुताबिक, विश्वनाथ नायर राजमाता शशि प्रभा का भांजा लगता था। वह करीब 10 साल से ग्राम इंदौरी में रहकर राजमाता की खेती-बाड़ी से जुड़े काम देखता था। रात को खेत में ही बने फार्म हाउस के कमरे में अकेले रहता था। सुबह जब ग्रामीण खेत में पहुंचे तो फार्म हाउस के कमरे में खून से लथपथ उनका शव पड़ा देखा। इसके बाद राजपरिवार को इसकी सूचना दी गई।


सिर पर धारदार हथियार से वार करने की आशंका
ग्रामीणों की सूचना के बाद राजा योगेश्वर राज सिंह भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि सिर पर गंभीर चोट के निशान है। आशंका है कि किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है। पुलिस को कमरे और खेत में सामान भी बिखरा मिला है। ऐसे में अंदेशा है कि चोरी की नीयत से हत्या की गई। हालांकि, राजपरिवार से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस फिलहाल कुछ बोल नहीं रही है।

 छत्तीसगढ़: छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाने और गंदी हरकरत करने वाला शिक्षक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाने और गंदी हरकरत करने वाला शिक्षक गिरफ्तार

कवर्धा। जिले के लोहारा थाना अंतर्गत सरकारी स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाने का मामला प्रकाश में आया है। छात्रों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक शिव प्रसाद पर आरोप है कि उसने मध्यावकाश में मोबाइल फोन पर बच्चों को अश्लील फिल्म दिखाई। जिसके बाद घर जाने पर छात्राओं ने अपने पालकों को इसकी जानकारी दी, जिसे वे आग बबूला हो गए और परिजनों ने शिक्षक की शिकायत मौजूद प्रधान पाठक से की। मामले को गंभीरता से लेते हुए शाला विकास प्रबंधन समिति के सदस्यों को बुलाकर इसकी जानकारी दी। तब शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने इस विषय पर असमर्थ जाहीर की। उसके बाद पूरे गांव वाले स्कूल परिसर में पहुंचकर नारे बाजी की। पुलिस को सूचना देने के बाद पुलिस स्कूल पहुँची और आरोपी शिक्षक शिव प्रसाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 
 
जिले के शिक्षकों ने डीईओ के खिलाफ मोर्चा खोला, इस आदेश को लेकर मामले ने तूल पकड़ लिया

जिले के शिक्षकों ने डीईओ के खिलाफ मोर्चा खोला, इस आदेश को लेकर मामले ने तूल पकड़ लिया

कबीरधाम । छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में डीईओ द्वारा सहायक शिक्षक (एलबी) की वेतनवृद्धि रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिले के शिक्षकों ने डीईओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए डीईओ की तीन वेतनवृद्धि रोकने की बात कह दी है। शिक्षकों का कहना है कि डीईओ ने सहायक शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश में “असमर्थता” शब्द को “असर्मथता” लिखने के कारण रोक देना चाहिए। शिक्षकगण आगे कहते है कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के पद पर रहते हुए सही वाक्य नही लिख व पढ़ पाने के कारण डीईओ को पद से भी हटा देना चाहिए। बता दे कबीरधाम डीईओ राकेश पांडेय ने 31 जुलाई को सहसपुर-लोहार विकासखण्ड के रक्से शासकिय प्राथमिक शाला के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कक्षा 4 के विद्यार्थियों द्वारा सही ढंग से किताबो का पठन और 2 का पहाड़ा न पढ़ पाने के कारण सहायक शिक्षक (एलबी) रेखलाल साहू के खिलाफ शिक्षा गुणवत्ता एवं पठन कौशल को विद्यार्थियों में विकसित करने के लिए प्रयास नहीं करने, शिक्षकीय कार्य के प्रति उदासीनता और संतोषप्रद जवाब नहीं दिये जाने के कारण आपकी आगामी एक वेतनवृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश बीते 8 अगस्त को दिया था।

 

 

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