कोरोना अपडेट 18 मई : छत्तीसगढ़ में बढ़ने लगे कोरोना के मामले, मिले इतने मरीज, देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 17 मई : छत्तीसगढ़ में आज मिले इतने कोरोना संक्रमित मरीज, देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 16 मई : छत्तीसगढ़ में आज मिले इतने कोरोना संक्रमित मरीज , देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 15 मई : प्रदेश में आज 08 मरीजों ने जीती कोरोना से जंग, अब एक्टिव केस हुए इतने    |    कोरोना अपडेट 14 मई : प्रदेश में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या पहुंची इतनी, आज प्रदेश में इतने नए मरीज की हुई पहचान, देखें आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 13 मई : छत्तीसगढ़ में आज मिले इतने कोरोना संक्रमित मरीज , देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 12 मई : प्रदेश के इस जिले में मिलने लगे ज्यादा मरीज, अब एक्टिव मरीज हुए इतने, देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 11 मई : छत्तीसगढ़ में आज मिले इतने कोरोना संक्रमित मरीज , देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 10 मई : छत्तीसगढ़ में आज मिले इतने कोरोना संक्रमित मरीज , देखे जिलेवार आकड़ें...    |    कोरोना अपडेट 09 मई : छत्तीसगढ़ में मिले कोरोना के इतने मरीज, देखे कुल एक्टिव मरीजो की संख्या...    |
Previous123456789...6263Next
BREAKING: दिल्ली के उपराज्यपाल ने अचानक दिया इस्तीफा, इन कारणों का दिया हवाला

BREAKING: दिल्ली के उपराज्यपाल ने अचानक दिया इस्तीफा, इन कारणों का दिया हवाला

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। नजीब जंग के बाद वह दिल्ली के एलजी बने थे। उन्हें दिसंबर 2016 में उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। प्रशासन को लेकर अकसर उनके मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेद रहते थे।
30 दिसंबर 2021 को बैजल का कार्यकाल पूरा हो गया था लेकिन उन्हें सेवा में विस्तार दिया गया था। वह पांच साल तक दिल्ली के उपराज्यपाल रहे। अधिकारों को लेकर भी दिल्ली के सीएम केजरीवाल और एलजी के बीच विवाद होता रहा है।
बैजल 1969 बैच के आईएएस ऑफिसर रहे हैं। वह दिल्ली के 21वें उपराज्यपाल बनाए गए थे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह केंद्रीय गृह सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। गृह सचिव रहने के दौरान ही उन्होंने किरण बेदी पर कार्रवाई की थी और उन्हें हेड ऑफ जेल्स के पद से हटा दिया था। उनपर जेल के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप था।
अनिल बैजल ने कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पद संभाले। वह दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपसचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। साल 2006 में वह शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन से जुड़े रहे।

 

 सीएम भेंट-मुलाकात के दूसरे चरण में करेंगे बस्तर संभाग का दौरा…

सीएम भेंट-मुलाकात के दूसरे चरण में करेंगे बस्तर संभाग का दौरा…

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भेंट मुलाकात के दूसरे चरण में 18 मई से बस्तर संभाग का दौरा करेंगे। इससे पहले सीएम ने सरगुजा संभाग का दौरा किया था।

कांग्रेस पार्टी का दावा है कि सीएम के इस दौरे से प्रदेश कि जनता सीधे मुख्यमंत्री से रूबरू होकर अपनी समस्या साझा कर पा रही है।

 

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना अंतर्गत राशि अंतरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बनाए गए संदीप साहू

राजीव गाँधी किसान न्याय योजना अंतर्गत राशि अंतरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बनाए गए संदीप साहू

रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार के महत्पूर्ण योजनाओं में से एक राजीव गाँधी किसान न्याय योजना अंतर्गत प्रदेश के 28 जिलों में राज्य शासन के निर्णय अनुसार 21 मई 2022 को राशि अंतरण कार्यक्रम आयोजित किया जावेगा।जिस हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज मुख्य अतिथियों की सूची जारी की गई है ,जिसमें मंत्री,विधायक,निगम अध्यक्ष ,मंडल अध्यक्ष व बोर्ड के अध्यक्षों को भी मुख्य अतिथि बनाया गया है।

इसी तारतम्य में जनप्रिय युवा नेता,छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्ज़ा) व साहू समाज,युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप साहू को भी सुकमा जिले का मुख्य अतिथि बनाया गया है।जानकारी मिलते ही लोगों ने शुभकामनाए व बधाई दी।

अध्यक्ष साहू ने कहा कि - प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा मुझ पर भरोसा कर इतनी बड़ी जिम्मेदारी देते हुए सुकमा जिले का मुख्य अतिथि बनाने पर मै आभार प्रकट करता हूँ।

बता दे कि -इसके पूर्व में भी अध्यक्ष संदीप साहू को राजिम मांघी पुन्नी मेला के अवसर पर जल जीवन मिशन के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया गया था ,जिसमे साहू ने विभिन्न हितग्राहियों को 40 करोड़ रुपयों से लाभान्वित किया।यह साहू समाज के लिए गौरव की बात है।

BIG BREAKING : ये होंगे इस राज्य के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

BIG BREAKING : ये होंगे इस राज्य के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

त्रिपुरा | त्रिपुरा भाजपा इकाई के अध्यक्ष माणिक साहा राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. बिप्लब देब के शनिवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद, राज्य इकाई के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ माणिक साहा को विधायक दल की बैठक के बाद इस पद पर नियुक्त किया गया. राज्यसभा सांसद माणिक साहा के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वहां केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उन्हें बधाई दी. यादव ने कहा, “माणिक साहा को त्रिपुरा भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने की बहुत-बहुत बधाई. मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और आपके नेतृत्व में त्रिपुरा विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा.”

इससे पहले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिपल्ब देब ने शनिवार को अचानक राज्यपाल एसएन आर्या से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया. नए नेता के चयन के खातिर केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर अगरतला पहुंचे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वरिष्ठ नेता व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने विधायक दल की बैठक में हिस्सा लिया. इन दोनों नेताओं के अलावा भाजपा सांसद व त्रिपुरा के प्रभारी विनोद सोनकर भी इस बैठक में मौजूद रहे. भाजपा विधायक दल की बैठक में माणिक साहा के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी, जिसके बाद यह तय हो गया कि त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री वही होंगे.

इस्तीफा देने के बाद क्या बोले बिप्लब देब
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद देब ने संवाददाताओं से कहा, “पार्टी सबसे ऊपर है. मैं भाजपा का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं. मुझे उम्मीद है कि जो जिम्मेदारी दी गई, उसके साथ मैंने न्याय किया फिर चाहे राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष का पद हो या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी. मैंने त्रिपुरा के संपूर्ण विकास के लिए कार्य किया और सुनिश्चित किया कि राज्य के लोगों के लिए शांति हो.” उन्होंने कहा, “वर्ष 2023 में चुनाव आ रहा है और पार्टी चाहती है कि जिम्मेदार संयोजक यहां प्रभार संभाले. सरकार तभी बन सकती है जब संगठन मजबूत हो. चुनाव के बाद कोई निश्चय ही मुख्यमंत्री बनेगा.”

त्रिपुरा में भाजपा के पहले सीएम थे बिप्लब देब
उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा में वाम मोर्चे की 25 साल पुरानी सरकार को हराकर भाजपा ने वर्ष 2018 में प्रचंड जीत दर्ज की थी जिसके बाद देब को मुख्यमंत्री बनाया गया था. वहां पर कयास लगाए जा रहे थे कि त्रिपुरा की भाजपा इकाई में आपसी खींचतान चल रही है. त्रिपुरा में पार्टी के मामलों की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से चर्चा के लिए देब बृहस्पतिवार को नई दिल्ली भी गए थे.

छत्तीसगढ़ से कौन बनेगा राज्यसभा सांसद, दावेदारों में लॉबिंग शुरू, रामविचार और छाया वर्मा का जून में खत्म हो रहा कार्यकाल

छत्तीसगढ़ से कौन बनेगा राज्यसभा सांसद, दावेदारों में लॉबिंग शुरू, रामविचार और छाया वर्मा का जून में खत्म हो रहा कार्यकाल

भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 57 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी है, जिसमें छत्तीसगढ़ की 2 सीटें भी शामिल हैं। भाजपा के रामविचार नेताम और कांग्रेस की छाया वर्मा का कार्यकाल 29 जून को समाप्त हो रहा है। चुनाव की अधिसूचना 24 मई को जारी की जाएगी। राज्यसभा के लिए 31 मई तक नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। 1 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 2 जून तक उम्मीदवार को नामांकन पत्र वापस लेने का मौका दिया जाएगा। 10 जून को राज्यसभा के लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। 10 जून को ही परिणाम जारी किए जाएंगे। 

बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत राज्यसभा जाने की इच्छा जता चुके हैं। डॉ. महंत ने कहा था कि मैं विधानसभा और लोकसभा जा चुका हूं। 11 बार चुनाव लड़ चुका हूं। ऐसे मैं राज्यसभा में एक बार सेवा करना चाहता हूं। यह मैं आज करूं या 5 साल बाद करूं यह अलग बात है। 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 71 विधायक हैं। ऐसे में दोनों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत तय मानी जा रही है। चुनाव की घोषणा होते ही अब राज्यसभा ने के दावेदारों की लॉबिंग शुरू हो गई है। कौन राज्यसभा जाएगा इसका अंतिम फैसला सीएम भूपेश बघेल को ही लेना है। 

सीट के दावेदारों में यह नाम भी सामने 
राज्यसभा सीट के दावेदारों में कांग्रेस की तरफ से एक स्थानीय नेता और दूसरी राष्ट्रीय नेता के लिए आरक्षित किये जाने के आसार बन रहे हैं। सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद बनने वाले नेताओं में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और पी. चिदंबरम के नामों की भी चर्चा है। हालांकि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के नाम का दावा 2 साल पहले से किया जा रहा है। वहीं स्थानीय स्तर पर 6 चेहरे गिनाए जा रहे हैं। यह बात भी तय है कि कांग्रेस आलाकमान उन्ही नामों पर अपनी मुहर लगाएंगी, जिनकी सिफारिश सीएम भूपेश बघेल करेंगे।

जीत के लिए 31 विधायकों का समर्थन
राज्यसभा चुनाव में मतदान का फार्मूला है। रिक्त सीटों की संख्या में 1 जोड़कर कुल विधायकों की संख्या का विभाजन किया जाता है। आए नतीजों में फिर 1 जोड़कर न्यूनतम वोटरों की संख्या तय होती है। इसे इस तरह भी समझ सकते हैं। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा के लिए 2 सीटों पर चुनाव होने हैं। 2 में 1 जोड़कर संख्या 3 हो जाती है। अब विधायकों की कुल संख्या यानी 90 को 3 से भाग देने पर 30 भागफल आएगा। इस 30 में 1 जोड़ा तो संख्या 31 होगी। यानी किसी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 31 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।

 

source: Hindustan live

राजेश मूणत ने भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम को लेकर दिया ये बड़ा बयान....

राजेश मूणत ने भूपेश बघेल के भेंट मुलाकात कार्यक्रम को लेकर दिया ये बड़ा बयान....

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा है कि जनता का आक्रोश और सरकार की असलियत सामने आने से घबराये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भेंट मुलाकात अब प्रायोजित कार्यक्रम में बदल गया है। मुख्यमंत्री जन सामान्य का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे इसलिए अब पहले से ही तय लोगों को उनकी चौपाल में पेश किया जा रहा है। वह जनता मुख्यमंत्री के सामने सवाल नहीं कर सकती जो मुख्यमंत्री को उनकी सरकार की सूरत दिखाना चाहती है।

भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि सूरजपुर में एक दुखियारी बेटी ने जिस साहस के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अप्रत्याशित रूप से उनकी सरकार की असलियत बता दी और मुख्यमंत्री ने जिस तरह उस बेटी पर धौंस दिखाई, वह छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश ने देख लिया कि कांग्रेस ने किस मिजाज के शख्स को मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा रखा है। एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कहती हैं कि लड़की हूं, लड़ सकती हूं। दूसरी तरफ यूपी चुनाव में उनके ओएसडी की ड्यूटी पर तैनात रहे बघेल अपने राज्य की बेटी को धमकाते हुए कहते हैं कि ए लड़की नेतागिरी मत कर। यह सबने देख लिया तो भूपेश बघेल के मुलाकात मैनेजरों को समझा दिया गया कि इस तरह कोई भी भूपेश बघेल की कलई न खोलने पाये। भूपेश बघेल को उस वाकये से सांप सूंघ गया है। भूपेश बघेल जानते हैं कि राज्य सरकार से जनता बुरी तरह त्रस्त है और आक्रोश से उबल रही है। इसलिए अब भेंट मुलाकात को दिखावटी मजमे का रूप दे दिया गया है। आयोजन प्रायोजन मंडली को हुक्म दिया गया है कि भूपेश बघेल से वही बात करेगा जो उनके हिसाब से बात करे।

भाजपा प्रवक्ता राजेश मूणत ने कहा कि अब भूपेश बघेल कितने भी जतन कर लें, चौपाल में केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एंट्री करवा लें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। विधायकों का रिपोर्ट कार्ड बताने वाले बघेल को जनता ने उनका खुद का रिपोर्ट कार्ड दिखा दिया है। भूपेश बघेल की विदाई सुनिश्चित है। कांग्रेस नेतृत्व कितने दिन भूपेश की कुर्सी बचा पायेगा। अगले साल के आखिरी समय में जनता उनको सड़क पर लाने तैयार है।
 

ब्रेकिंग : देर रात लौटेंगे सीएम बघेल, बड़ी बैठक में हुए शामिल...

ब्रेकिंग : देर रात लौटेंगे सीएम बघेल, बड़ी बैठक में हुए शामिल...

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल दिल्ली दौरे से आज देर रात वापस लौट रहे हैं। वे रात 9 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल से मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे।


उल्लेखनीय है कि सीएम भूपेश बघेल अपने विधानसभा क्षेत्रों में जारी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम से आज दोपहर रायपुर से दिल्ली गए थे। दिल्ली में वे कांग्रेस सीडब्लूसी की बैठक में शामिल हुए।
 

तानाशाही सरकार की खुल रही पोल, भूपेश को जनता दिखा रही आइना : बृजमोहन...

तानाशाही सरकार की खुल रही पोल, भूपेश को जनता दिखा रही आइना : बृजमोहन...

रायपुर : भारतीय जनता पार्टी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि भूपेश के फैसला ऑन द स्पॉट से भूपेश सरकार की ही साढे़ तीन साल के कुशासन, प्रशासनिक अराजकता, भ्रष्टाचार, महंगाई, और छत्तीसगढ़ को अपराधगढ़ बनाने की भूपेश की खुद की पोल खुलती जा रही है, जनता हर जगह खुलकर सरकार की पोल खोलते हुए विरोध कर रही और भूपेश नायक की जगह, खलनायक की तरह जनता-महिलाओं को डांटते और चुप कराते नजर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की कमीशन सरकार की विदाई सुनिश्चित हो गई है। नायक बनने निकले भूपेश बघेल को जनता आइना दिखा रही है कि वे नायक नहीं, खलनायक गिरोह के महानायक हैं। यह सबसे ज्यादा भ्रष्ट और कमीशनखोर सरकार है, जिसमें दस फीसदी कमीशन नौकरशाही के निचले क्रम का कमीशन है। बढ़ते क्रम में स्थिति यह है कि राजीव गांधी के जमाने का कीर्तिमान ध्वस्त है। तब रुपये में पंद्रह पैसे का लाभ जनता तक पहुंच जाता था। भूपेश बघेल के राज में दस पैसे का लाभ भी जनता तक नहीं पहुंच रहा। यह सरकार छत्तीसगढ़ के लिए कलंक है। पंद्रह साल का विकास साढ़े तीन साल में कमीशन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

बृजमोहन ने कहा कि, ऑन द स्पॉट फैसला में स्वयं भूपेश ने राजस्व विभाग, वन विभाग, पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग आदि पर कार्यवाही करते हुए खुद अपने साढे़ तीन साल के सबसे ज्यादा भ्रष्ट कुशासन का सबूत दे रहे है।

जिस सरकार के मंत्रियों पर उसी के विधायक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं, जिस सरकार के मंत्री कलेक्टर को भ्रष्ट बताकर उस पर कार्रवाई न होने पर सहमति मानने की स्पष्ट भावना व्यक्त करते हैं, जिस सरकार में विधायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने पर सत्ताधारी दल से जुड़े युवा को पार्टी से निकाल दिया जाता है, वह सरकार जनता को लूटने वाले बड़े-बड़े महारथियों को संरक्षण देकर छोटे मोटे कर्मचारियों, अधिकारियों पर दिखावे की कार्रवाई करके अपनी असलियत छुपा नहीं सकती।

बृजमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झूठ का जो तानाबाना खड़ा किया है, वह उनके ही मैदानी दौरे में बेनकाब हो गया है। अभी तो पार्टी शुरू हुई है। पांच रोज में ही झूठी शान के परखच्चे उड़ गए। जहां-जहां भूपेश बघेल जा रहे हैं, वहां-वहां जनता उनको उनका असल चेहरा दिखा रही है। तीन साल में केंद्र की आर्थिक मदद से टिके भूपेश बघेल पैसों की तंगी का रोना रोने की बीमारी से पीड़ित हैं और दूसरी तरफ उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ को कमीशन प्रशासन दे रखा है।

भ्रष्टाचार तो कांग्रेस के डीएनए में ही है लेकिन भूपेश बघेल की सरकार ने इस मामले में नम्बर वन का खिताब जीतने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। दूसरों को अपना आइना दिखाने वाले भूपेश बघेल को जनता ने उनके ही आइने में उनकी बदरंग सूरत दिखा दी है।छत्तीसगढ़ की जनता को इस साफगोई के लिए बृजमोहन का सादर प्रणाम और आभार। अब जनता अगले 2023 के चुनाव में भूपेश सरकार को धूल चटायेगी।
 

याद रखें घर कांग्रेसियों के भी है और आंदोलन करना भाजपा को भी आता है - श्रीचन्द सुंदरानी

याद रखें घर कांग्रेसियों के भी है और आंदोलन करना भाजपा को भी आता है - श्रीचन्द सुंदरानी

रायपुर, कांग्रेस सरकार अपने विरुद्ध किसी आंदोलन के लिए काला कानून लाने के बाद विपक्षियों को भयभीत करने के लिए राजनीतिक मर्यादा को ताक में रखकर सीधे टकराव की स्थिति बना रहे हैं ।
आज युवक कांग्रेस द्वारा रायपुर सांसद सुनील सोनी के संसदीय कार्यालय के बजाय निजी निवास में जाकर आंदोलन करने व परिजनों को भयभीत करने के प्रयास पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि राजनीतिक आंदोलन की एक मर्यादा रहती है, परंतु कांग्रेसी सीमा रेखा लांघ रहे हैं । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य के आंदोलनों में भाजपा भी राजनीतिक मर्यादाओं का पालन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सांसद सुनील सोनी जी को रायपुर की जनता ने 3.50 लाख से अधिक मतों से विजयी बनाया हैं। मुट्ठी भर कांग्रेसियों के कुत्सिक मानसिकता से किये आंदोलनों से वे विचलित होने वाले नहीं।
जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि कांग्रेस ने किस से अनुमति लेकर उनके निजी निवास पर आंदोलन किया है सरकार इसकी प्रति सार्वजनिक करें, साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि शीघ्र से शीघ्र आंदोलन करने वाले युवक कांग्रेसियों की गिरफ्तारी अगर नहीं होती है । तो भारतीय जनता पार्टी रायपुर में निवासरत मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के निवास पर प्रदर्शन करेंगी।  

महंगाई और बेरोजगारी से लड़ रहे लाखों भारतीय परिवार : राहुल गांधी

महंगाई और बेरोजगारी से लड़ रहे लाखों भारतीय परिवार : राहुल गांधी

नई दिल्ली : घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि लाखों भारतीय परिवार अत्यधिक महंगाई, बेरोजगारी और खराब शासन के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी को वापस लेना चाहिए और इसे उसी स्तर पर लाना चाहिए जैसा कि 2014 में सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए था।


घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में शनिवार को 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नए सशोधन के साथ 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की कीमत अब शनिवार से 999.50 रुपये प्रति सिलेंडर होगी। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान एक रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 414 रुपये थी और हर सिलेंडर पर 827 रुपये की सब्सिडी दी जा रही थी।


राहुल ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने आम आदमी की सुरक्षा के लिए कांग्रेस द्वारा लागू सभी सुरक्षा उपाय हटा दिए हैं। राहुल ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, आज लाखों भारतीय परिवार अत्यधिक मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और खराब शासन के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने हैशटैग 'महंगाई मुक्त भारत' और 'बीजेपीफेल्सइंडिया' के साथ कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसा कभी नहीं होने दिया। हम जरूरतमंद परिवारों का समर्थन करते हैं और हमेशा करेंगे।


घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की खबर के बाद कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सब्सिडी वाली रसोई गैस की कीमत में 585 रुपये से अधिक की वृद्धि की है और दी जाने वाली सब्सिडी को भी समाप्त कर दिया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, भाजपा अमीर है, लोग लाचार हैं। भाजपा शासन में सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम ढाई गुना बढ़ गए हैं। एलपीजी सिलेंडर अब मध्यम वर्ग और गरीबों की पहुंच से बाहर है।
 

भूपेश के इशारे पर सिंहदेव का अपमान हो रहा : विष्णुदेव

भूपेश के इशारे पर सिंहदेव का अपमान हो रहा : विष्णुदेव

रायपुर : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इशारे पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का अपमान हो रहा है। बेहतर होगा कि वे मंत्रिमंडल की सदस्यता का परित्याग कर अपना सम्मान बचायें। मंत्री सिंहदेव छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ और सम्माननीय नेता हैं। वे कांग्रेस घोषणा पत्र के सूत्रधार और मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे हैं। कांग्रेस की सरकार न तो उनके घोषणा पत्र पर अमल कर रही और न ही ढ़ाई साल बीतने पर उन्हें सत्ता का नेतृत्व प्राप्त हुआ। कांग्रेस की सरकार का नेतृत्व कौन करे, यह कांग्रेस का मामला है लेकिन जिस तरह कांग्रेस के सत्ता संघर्ष में जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं, वह घोर आपत्तिजनक है।


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा कि सिंहदेव राज्य के पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री हैं। ये दोनों ही विभाग कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई से प्रभावित हो रहे हैं। जिससे लोक महत्व के काम ठप हैं। पंचायत विभाग की दुर्गति कर दी गई है तो स्वास्थ्य सेवा भी चरमरा गई है। इस पर भी सिंहदेव को काम करने नहीं मिल रहा। सरकारी तंत्र कहता है कि मंत्रियों को दौरे के लिए उड़ान की व्यवस्था की गई है तो सिंहदेव कह रहे हैं कि मुझे इस तरह की कोई सूचना नही है, और जबकि मेरा दौरा शुरू हुआ था, तब प्रक्रिया के तहत चॉपर की बात हुई थी, लेकिन तब उपलब्धता न होने की सूचना दी गई थी। अब यदि सरकारी चॉपर की व्यवस्था हो गई हो, तो भी मेरे लिए क्या उपयोग है, मैंने तो निजी चॉपर का पूरा भुगतान किया है। मुझे या मेरे कार्यालय को आज के इस हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जाने की न सूचना है न जानकारी है,और न ही इस दौरे में अब मेरे लिए उसका कोई उपयोग है। इससे साफ जाहिर है कि अन्य मंत्रियों के मुकाबले सिंहदेव के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा कि सिंहदेव को बस्तर दौरे में दंतेवाड़ा और जगदलपुर के एसपी कलेक्टर ने सामान्य शिष्टाचार के लायक भी नहीं समझा तो स्पष्ट है कि ऊपर के इशारे पर ही सिंहदेव का अपमान किया गया है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ। इसके पहले भी विधानसभा सत्र के दौरान सिंहदेव का अपमान कराया गया था और आहत होकर वे अपनी ही सरकार के खिलाफ बहिर्गमन कर गए थे। साय ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की अपमानजनक घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों जिलों के एसपी कलेक्टर के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। भूपेश बघेल से प्रशासन सम्हल नहीं रहा है। अफसर इतने बेकाबू हो गए हैं कि मंत्री के शिष्टाचार का पालन करना जरूरी नहीं समझते।
 

 राजनीति में एंट्री के लिए तैयार प्रशांत किशोर, बनाएंगे अलग पार्टी! ट्वीट कर कहा…..

राजनीति में एंट्री के लिए तैयार प्रशांत किशोर, बनाएंगे अलग पार्टी! ट्वीट कर कहा…..

पटना : पिछले दिनों कांग्रेस में शामिल होनें के लेकर सुर्खियों में रहे चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पीके अब दूसरों के लिए रणनीति नहीं बनाएंगे, बल्कि वो अब अपनी पार्टी के लिए ही स्ट्रेटजी तैयार करने लगे हैं। दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि उनके द्वारा किए एक ट्वीट से कयास लगाए जाने लगे हैं कि प्रशांत किशोर ने अपनी अलग पार्टी बना सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने ट्वीट में लिखा- लोकतंत्र में प्रभावशाली योगदान देने की उनकी भूख और लोगों के प्रति कार्य नीति तैयार करने में मदद करने का सफर काफी उतार चढ़ाव वाला रहा है। आज जब वे पन्ने पलटते हैं तो लगता है कि समय आ गया है कि असली मालिकों के बीच जाएं। यानि लोगों के बीच ताकि उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकें और ‘जन सुराज’ की पथ पर अग्रसर हो सकें।’

अपने लिए रणनीति बना रहे प्रशांत किशोर
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी कब तक लॉन्च होगी। अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन PK जल्द ही देश भर में पार्टी लॉन्च करेंगे। प्रशांत किशोर फिलहाल पटना में ही हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रशांत किशोर अपने लिए नई रणनीति बना रहे हैं।


राजनीति में धमाल करेंगे PK !
प्रशांत किशोर की कांग्रेस से बात नहीं बनी। इसके बाद वे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर राजनीति में बड़ा धमाल कर सकते हैं। प्रशांत किशोर की पार्टी पूरी तरह से आधुनिक होगी। डिजिटल और जनसंपर्क की नई तकनीक के साथ लॉन्च की जाएगी। फिलहाल पार्टी का नाम फाइनल नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर एक-दो साल में अपनी पार्टी लॉन्च कर सकते हैं।


2014 में मोदी को सत्ता में लाए थे PK

प्रशांत किशोर 2014 में मोदी सरकार को सत्ता में लाए थे। वे जब 34 साल के थे तब अफ्रीका से संयुक्त राष्ट्र की नौकरी छोड़कर 2011 में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी की टीम से जुड़ गए थे। इसके बाद राजनीति में ब्रांडिंग का दौर चला। नरेंद्र मोदी की अच्छी मार्केटिंग, 3डी रैली, रन फॉर यूनिटी जैसे एड कैंपेन का श्रेय प्रशांत किशोर को जाता है। प्रशांत किशोर हमेशा से पर्दे के पीछे रहकर अपनी चुनावी रणनीति को अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं।

 

मुख्यमंत्री का श्रम दिवस पर शासकीय कमर्चारियों को दिया यह तोहफा...

मुख्यमंत्री का श्रम दिवस पर शासकीय कमर्चारियों को दिया यह तोहफा...

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रम दिवस के अवसर पर शासकीय कमर्चारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता का तोहफा दिया है। उन्होंने कमर्चारियों के हित में लिए गए इस फैसले की जानकारी ट्वीट कर दी है।

शासकीय कमर्चारियों को महंगाई भत्ते की यह दर एक मई से ही लागू होगी। उल्लेखनीय है कि वतर्मान में राज्य के कमर्चारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है, जो अब बढ़कर 22 प्रतिशत हो जाएगा। 

सीएम हाउस में अब से कुछ देर बाद शुरू होगी भूपेश कैबिनेट की बैठक, इन मुद्दों पर आ सकता है बड़ा फैसला...

सीएम हाउस में अब से कुछ देर बाद शुरू होगी भूपेश कैबिनेट की बैठक, इन मुद्दों पर आ सकता है बड़ा फैसला...

रायपुर : भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक आज, रविवार को होने वाली है। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों के डीए बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है।


वहीं कैबिनेट की मीटिंग में निगम मंडल की पुरानी बिल्डिंग और अतिशेष ज़मीनों के उपयोग के लिए नई योजना को मंजूरी मिल सकती है। हाउसिंग बोर्ड को ज़्यादातर ज़मीन देने का प्रस्ताव है।


इसके साथ ही कलेक्टर्स को और शक्तियां देने का प्रस्ताव भी है। लघु वनोपज खरीदी में निजी कंपनियों को जोड़ने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। राजीव गांधी भूमिहीन किसान मजदूर न्याय योजना की राशि बढ़ाए जाने के साथ ही 6000 से 7000 सालाना करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।
 

कमल नाथ ने दिया इस्तीफा, डॉक्टर गोविंद सिंह होंगे नए नेता प्रतिपक्ष

कमल नाथ ने दिया इस्तीफा, डॉक्टर गोविंद सिंह होंगे नए नेता प्रतिपक्ष

भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष होंगे । डॉक्टर गोविंद सिंह को कमल नाथ की जगह नेता नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। कमल नाथ अब तक प्रदेश अध्यक्ष के साथ नेता प्रतिपक्ष की दोहरी जि़म्मेदारी निभा रहे थे। नाथ अब सिफऱ् मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहेंगे।

डां. सिर्फ को नेताप्रतिपक्ष बनाने की मांग काफी समय से कांग्रेस चल रही थी. लहार भिंड से लंबे समय से विधायक रहे डां. गोविन्द सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समर्थक हैं.

 

राजेश मूणत को जन्मदिन की बधाई देने लगा तांता

राजेश मूणत को जन्मदिन की बधाई देने लगा तांता

रायपुर, पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने गुरुवार को अपना 59वा जन्मदिन मनाया. श्री मूणत के जन्मदिन को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नज़र आया। श्री मूणत के दीर्घायु की कामना करते हुए रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न आयोजन भी हुए.

सुबह 10 बजे से ही श्री मूणत को जन्मदिन की बधाई देने बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता उनके मौलश्री विहार स्थित निवास पहुँचे। भाजपा नेताओं ने उन्हें फूल माला और गुलदस्ता भेंट कर जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान श्री मूणत ने सभी का आभार जताया और धन्यवाद ज्ञापित किया। दोपहर होते होते बड़ी संख्या में राजधानी के हर वार्ड से कार्यकर्ता अलग अलग टोलियों में पहुँचे। गुरुवार सुबह महादेव घाट के हटकेश्वर मंदिर में श्री मूणत के जन्मदिन के अवसर पर रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमे बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, इसी तरह युवाओं के एक टोली ने शहर में मिठाइयों का वितरण किया। राजधानी के सभी 16 मंडलों में अलग अलग कार्यक्रम हुए,डीडी नगर गोल चौक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने रेड क्रॉस ब्लड बैंक के लिए रक्तदान किया।

श्री मूणत अपने जन्मदिन के अवसर पर रामनगर के शीतला मंदिर में आयोजित पूजा- अर्चना कार्यक्रम में शामिल हुए, यंहा उनका आतिशबाजी कर स्वागत किया गया। इसके बाद शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत लोगों को प्रमाण पत्र का वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए, फिर बाल गंगाधर तिलक वार्ड में स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र की जनता ने श्री मूणत के विधानसभा में किये पंद्रह वर्षो के कार्यों के प्रति स्वागत कर आभार प्रकट किया और आतिशबाजी कर मिठाईयां बांटी। मालूम हो श्री मूणत ने कोरोना संक्रमण काल के चलते 2 साल तक अपना जन्मदिन नही मनाया था, इस बार कोविड19 मे छूट मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जन्मदिन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। 

धरना प्रदर्शन के नियम को लेकर भाजपा फैला रही है भ्रम, रमन सरकार खुद धरना प्रदर्शन के पहले 23 बिंदुओं का शपथ पत्र भरवाती थी- मोहन मरकाम

धरना प्रदर्शन के नियम को लेकर भाजपा फैला रही है भ्रम, रमन सरकार खुद धरना प्रदर्शन के पहले 23 बिंदुओं का शपथ पत्र भरवाती थी- मोहन मरकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि हम इस पत्रकारवार्ता के माध्यम से स्पष्ट कर देना चाहते है एक भ्रम जो भारतीय जनता पार्टी के द्वारा फैलाने की कोशिश की जा रही है उसमें साफ कर देना चाहते है कि छत्तीसगढ़ में किसी भी प्रकार के शांतिपूर्ण संवैधानिक धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, धार्मिक आयोजन में रोक नहीं लगाया गया है। इस संबंध में भाजपा भ्रम और झूठ फैला रही है जो पूरी तरह से मिथ्या और भ्रामक है।
ऽ हमारी सरकार ने धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, सार्वजनिक आयोजन के संबंध में जो निर्देश जारी किये है वह नये नहीं है इस प्रदेश में पहले से लागू है। पिछले कुछ दशकों से लागू है। पूर्ववर्ती रमन सरकार के समय से लागू है। आयोजनों के दौरान शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये पूर्ववत बने नियमों के पालन की ही बात है इस निर्देश में है। जो नियम भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में लागू थे और जिसका 15 साल तक स्वयं भाजपा की रमन सरकार कड़ाई से पालन करवाती रही उन्हीं नियमों के संबंध में जारी किये गये निर्देश अलोकतांत्रिक कैसे हो गये?
ऽ चार दिन पहले जिस कानून के पालन के निर्देश भाजपा की उत्तरप्रदेश सरकार अपने राज्य में करती है वही कानून उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक है और छत्तीसगढ़ में गैर प्रजातांत्रिक हो गया।
ऽ दरअसल भारतीय जनता पार्टी का चरित्र अलोकतांत्रिक हो गया। संवैधानिक मूल्य, संवैधानिक संस्थानों की अवहेलना करते-करते भाजपा अब नियमों कानूनों की व्याख्या भी अपनी सुविधा के अनुसार करने लगी है।
ऽ रमन सरकार ने तो बारात निकालने, डीजे बजाने और अखंड रामायण के लिये भी अनुमति लेने का नियम बनाया था।
ऽ धरना, प्रदर्शन के लिये अनुमति देने शर्तें लगाने का अधिकार पुलिस को भाजपा की रमन सरकार ने दिया था। पूर्ववर्ती रमन सरकार के द्वारा बनाये गये छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007 के धारा 34 में सभाओं, जुलूस एवं परिसरों के विनियमन के तहत पुलिस को यह कानून व्यवस्था के लिये धरना प्रदर्शन, आंदोलन, आयोजन की अनुमति के लिये यह अधिकार दिया गया है कि वह शर्तों के साथ अनुमति नियम भी भाजपा ने बनाया 15 साल पालन भी किया और अब विरोध भी कर रहे यह है भाजपा का दोहरा चरित्र।
ऽ भाजपा जिस नियमों के पालन के जारी निर्देश पर सवाल खड़ा कर आंदोलन की बातें कर जनता में भ्रम फैला रही है, वैसे ही उन नियमों को खुद रमन सरकार के द्वारा पालन करवाया जाता था। हम आपके समक्ष कुछ उदाहरण प्रस्तुत कर रहे है जिसमें राजनैतिक, सामाजिक, कर्मचारी वर्ग के द्वारा धरना प्रदर्शन के लिये जो अनुमति दी गयी है उसको उन्हीं नियमों शर्तों के साथ दी गयी है जो 22.04.2022 को हमारी सरकार के द्वारा जारी निर्देश में है-
1 श्याम प्रचार सेवा समिति के आवेदन पर 23/12/2017 से 24/12/2017 तक श्री श्याम महोत्सव के कार्यक्रम की अनुमति हेतु 23 बिंदुओं की शर्त लगाये गये यह आदेश 14/12/2017 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायपुर शहर द्वारा जारी किया गया था।
2 ईश्वरी साहू प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहकारी संघ को 23/12/2017 को धरना प्रदर्शन की अनुमति विजय अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा 13/12/2017 को जारी किया गया उसमें भी 19 शर्ते लगाई गयी।
3 अशरफ हुसैन युवा कांग्रेस, महासचिव द्वारा मांगे गये रैली की अनुमति दिनांक 18/07/2018 के संबंध में भी 17 बिंदु की शर्ते जोड़ी गयी।
4 विकास उपाध्याय शहर अध्यक्ष रायपुर के द्वारा विधानसभा की ओर जाने की अनुमति भी दिनांक 3/7/2018 के लिये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर द्वारा भी 17 बिंदुओं के शर्तों के साथ जारी किया गया।
ऽ इसी प्रकार भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार के तरफ से सभी पुलिस अधीक्षक और जिलाधीशों को निर्देश दिया है जिसमें उनके द्वारा धरना प्रदर्शन के लिये 9 बिंदु जारी कर उनका पालन सुनिश्चित करवाने को कहा गया है। साथ ही वहां पर भी अनुमति के पूर्व शपथ पत्र और सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उनका पालन नहीं करने पर माननीय न्यायालय की अवमानना जैसे शब्दों का भी उल्लेख है।
ऽ ऐसा ही सर्कुलर दिल्ली पुलिस कमिश्नर द्वारा 28.3.12 को जारी किया गया जिसे 19.1.20 से फिर यथावत रखा गया है जिसमें भी धरना प्रदर्शन, आंदोलन के आयोजन के लिये अनुमति का प्रावधान है तथा जिसमें अनुमति देने के पूर्व 21 बिंदुओं का अंग्रेजी में शपथ पत्र भरवाया जाता है।
दिल्ली पुलिस तो भाजपा की केंद्र सरकार के अधीन है।
ऽ गुजरात में हाल ही में प्रदेश कांग्रेस के सचिव महेश राजपूत के द्वारा आयोजित बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि के खिलाफ धरने को राजकोट में इसलिये बंद करवा दिया गया क्योंकि उन्होंने अनुमति नहीं लिया था।
ऽ जो नियम यूपी में लागू है, जो नियम दिल्ली में लागू है, जो नियम गुजरात में लागू है, लगभग देशभर में लागू है उसी नियम के लिये छत्तीसगढ़ में जारी निर्देश पर भाजपाई बेशर्मीपूर्वक आंदोलन की बात कर रहे हैं।
पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अमरजीत चावला, वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी. सिंह, घनश्याम राजू तिवारी, धनंजय सिंह ठाकुर, नितिन भंसाली, अमित श्रीवास्तव, अजय गंगवानी, सुबोध हरितवाल उपस्थित थे।
 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ने कसा तंज कहा- महंगाई पर चर्चा करने से भाग रहे भाजपा के सांसद और नेता

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ने कसा तंज कहा- महंगाई पर चर्चा करने से भाग रहे भाजपा के सांसद और नेता

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के सांसद और नेता महंगाई पर चर्चा करने से भाग रहे हैं। आम जनता से मुंह छुपा रहे हैं। 100 दिनों में महंगाई कम कर सत्ता में आए मोदी सरकार ने 8 साल में देश की जनता का जीना दूभर कर दिया है। ‘‘एक ओर रोजगार का संकट दूसरी ओर महंगाई की मार, यही है मोदी सरकार’’ की नारा जनता लगा रही है। मोदी सरकार के गलत नीतियों कुप्रबंधन और हम दो हमारे दो के हित की सोच के चलते देश की जनता महंगाई बेरोजगारी और महामारी की चपेट में है। केंद्र में बैठी सरकार ने 8 साल के कार्यकाल में देश में यह हालात उत्पन्न कर दिए कि जनता अब सोच रही है कि इस स्थिति में कमाये क्या? खाय क्या और बचाये क्या? महंगाई और टैक्स दोनो देश की जनता के सुख चैन को निगल रही है। माता पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होते थे अब वर्तमान में उसका लालन-पालन कैसे करें इस बात को लेकर ज्यादा चिंतित होता नज़र आ रहे हैं महंगाई के चलते कुपोषण और भुखमरी की समस्याएं बढ़ रही है भुखमरी और कुपोषण के मामले में देश पड़ोसी देशों से भी नीचे है। बेरोजगारी के मामले में देश 45 साल पुराने हालात में खड़े हुए हैं दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष मिलना दूर की बात 23 करोड़ हाथों से रोजगार छीना गया है अब जो सरकारी आंकड़े बता रहे हैं देश में 45करोड़ युवा महिलाये वयस्क रोजगार खोजते खोजते इतने हताश और परेशान हो गए कि अब रोजगार खोजना ही बंद कर दिए और मायूस और उदास बैठे हुए हैं। मोदी सरकार के गलत नीतियों का प्रभाव हर सेक्टर में दिख रहा है सरकारी कंपनियों का बेधड़क निजीकरण किया जा रहा है प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां बंद हो रही है। 70 प्रतिशत एमएसएमई शुरू होने के एक वर्ष के भीतर बंद हो जा रहे है। व्यापार व्यवसाय ऑक्सीजन में है देश की अर्थव्यवस्था औंधे मुंह गिरी हुई है और केंद्र में बैठी सरकार जनता को इस विपत्ति से राहत दिलाने के बजाय चंद अपने अनुवांशिक संगठनों के सहारे हिंदू मुस्लिम का उन्माद फैलाकर जनता का ध्यान भटका रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मार्च 2014 से 2022 तक 299 वस्तु की एक सूची थी जिसमें से 235 चीजों का दाम करीब करीब 80 प्रतिशत बढ़ चुका है। 2014 से लेकर 2022 तक एक और विडंबना है कि जब क्रूड ऑयल के दाम गिरता था तो पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ते रहे हैं। कोविड के दौरान 1 समय ऐसा भी आया कि अमेरिका वायदा बाजार में कु्रड आयल इतिहास में पहली बार -1.41 डालर प्रति बैरल अर्थात कु्रड आयल भी ले लो पैसे भी ले लो उस समय में भी मोदी सरकार डीजल पेट्रोल में मुनाफाखोरी कर जनता के जेब डकैती करना नही छोड़ी।बीते 2 साल में घर चलाने के खर्चे में 44 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। मुर्गा मछली के दाम में 95 प्रतिशत से लेकर 57 प्रतिशतकी वृद्धि हुई है दूध में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है गेहूं के आटा में 27 प्रतिशतकी वृद्धि हुई है सरसों के तेल में करीब 96 प्रतिशतकी वृद्धि हुई है रिफाइंड आयल में 90 प्रतिशतबढ़ोतरी हुई है मूंगफली का तेल कई 48 प्रतिशत बढ़ गई है दाल अरहर तुवर दाल मूंग दाल में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है सब्जियों के दाम में आग लगी हुई है प्याज में 8 सालों में 68 प्रतिशत की वृद्धि हुई है बैगन जैसे सब्जी में 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है पालक और साग सब्जी में 40 प्रतिशत के दाम बढ़े हैं अस्पताल में इलाज का खर्चा में 71. 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है दवाइयों के दाम में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है होटल में खाना खाने में 55 प्रतिशत वृद्धि, बस का किराया 54 प्रतिशतबढ़ा है घर का किराया 46 प्रतिशत बढ़ा टियूशन फीस 51 प्रतिशत बढ़ा है । देश की 84 प्रतिशत आबादी की आय घटी है। 15 करोड़ परिवारों की आय आधी हुई है। आटा 30 रु किलो पकोड़े तलने का तेल 240 रु लीटर मदर डेयरी के दूध में 60 रु लीटर है ।
 

कांग्रेस और प्रशांत किशोर में इन तीन मुद्दों पर फंस गया पेच, बनते-बनते बिगड़ गई बात

कांग्रेस और प्रशांत किशोर में इन तीन मुद्दों पर फंस गया पेच, बनते-बनते बिगड़ गई बात

लंबे समय से चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस के जाने की अटकलें थीं और इसे लेकर तीन राउंड की मीटिंग भी हुई। लेकिन अंत में बात बेनतीजा रही। कांग्रेस और खुद पीके ने ही ऐलान कर दिया कि दोनों साथ नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही लंबे समय से चुनावी पराजयों का दंश झेल रही कांग्रेस को प्रशांत किशोर के जरिए बूस्टर डोज मिलने की संभावनाएं भी समाप्त हो गईं। कांग्रेस औैर प्रशांत किशोर के बीच बात बिगड़ने के पीछे मुख्य तौर तीन वजहें मानी जा रही हैं। पहली बात यह कि कांग्रेस चाहती थी कि प्रशांत किशोर सिर्फ कांग्रेस के लिए काम करें, जबकि उनकी संस्था आईपैक हाल ही में तेलंगाना में केसीआर के साथ भी काम करने के लिए तैयार हो गई है।
इसके अलावा प्रशांत किशोर महासचिव का पद और अहमद पटेल जैसा दर्जा चाह रहे थे, जबकि कांग्रेस उन्हें Empowered Action Group 2024 में शामिल करने भर के लिए तैयार थी। प्रशांत किशोर इस भूमिका में नहीं उतरना चाहते थे बल्कि कांग्रेस में अहम परिवर्तन करने और सुझाव देने के रोल में खुद को लाने की बात कर रहे थे। तीसरा, कांग्रेस प्रशांत किशोर के सांगठनिक फेरबदल के प्रस्ताव को भी अपनाने के लिए तैयार नहीं थी। प्रशांत किशोर का एक प्रस्ताव यह भी था कि 'गांधी' के बजाय किसी और को अध्यक्ष बनाया जाए। इस पर भी कांग्रेस में सहमति नहीं थी।
इसके अलावा एक समस्या कांग्रेस के नेताओं के एक गुट की ओर से प्रशांत किशोर पर सवाल खड़ा किया जाना था। कांग्रेस के कई नेताओं ने प्रशांत किशोर की विश्वसनीयत पर सवाल उठाया था और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान का हवाला भी दिया कि उन्होंने कहा था कि अमित शाह के कहने पर उन्हें जदयू का उपाध्यक्ष बनाया था। हालांकि, सोनिया गांधी इन सवालों को दरकिनार करके प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने के लिए तैयार थीं, लेकिन कुछ दूसरे बड़े और सैद्धांतिक मुद्दे पर बात अटक गई।
भले नहीं आए साथ, पर कांग्रेस को समस्या बता गए प्रशांत किशोर
भले ही प्रशांत किशोर कांग्रेस का हिस्सा नहीं बने हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी की मुख्य समस्या जरूर सामने रख दी है। पीके ने कांग्रेस से न जुड़ने की जानकारी देने वाला जो ट्वीट किया है, उसमें साफ बताया है कि कांग्रेस को मेरे से ज्यादा सामूहिक लीडरशिप की जरूरत है। यह बात काफी हद तक सही है। दरअसल कांग्रेस इन दिनों राष्ट्रीय स्तर से लेकर तमाम राज्यों तक में लीडरशिप की कमी से जूझ रही है। उसके पास फिलहाल ऐसे कद्दावर चेहरों का अभाव दिखता है, जो अपने दम पर मतदाताओं को लुभा सकें। ऐसे में बिना लीडरशिप के नैरेटिव तैयार करना आसान नहीं है।

 

PCC चीफ मरकाम ने घेरा DRM दफ्तर, कहा- छत्तीसगढ़ में ट्रेनें नहीं चली तो कोयला भी नहीं ले जाने देंगे

PCC चीफ मरकाम ने घेरा DRM दफ्तर, कहा- छत्तीसगढ़ में ट्रेनें नहीं चली तो कोयला भी नहीं ले जाने देंगे

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 ट्रेनों को एक महीने के लिए रद्द किया गया है। इससे प्रदेश के यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है तो वहीं भाजपा व कांग्रेस के बीच राजनीति भी तेज हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में DRM कार्यालय का घेराव कर दिया। कांग्रेस ने कोयला लेकर जाने वाली गाड़ियों को रोकने की चेतावनी दी है। इधर सीएम भूपेश बघेल ने रेल मंत्री अश्वनी कुमार से फोन पर बात कर सभी ट्रेनों को फिर से चलाने की मांग की। मंत्री ने इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में डीआरएम कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि यात्री ट्रेनों को बहाल नहीं किया गया तो कांग्रेस यहां से कोयला लेकर जाने वाली मालगाड़ियों को रोकेगी और देश में कोयले की सप्लाई ठप कर देगी। वहीं एक दिन पहले सीएम भूपेश बघेल ने ट्रेनों को बंद करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सीएम के अपर मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर यात्री ट्रेनों को जारी रखने का आग्रह किया गया है।
एसीएस दो बार लिख चुके हैं रेलवे को पत्र
सीएम भूपेश बघेल के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र में लिखा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के 31 मार्च 2022 के आदेश द्वारा कुल 10 रेलों का परिचालन बंद कर दिया गया था। इन ट्रेनों को शुरू करने राज्य शासन द्वारा 5 अप्रैल को पत्र लिखा गया था, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं किया गया। अब 23 अप्रैल को 23 ट्रेनों को एक माह के लिए बंद किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को परेशानी हो रही है। एसीएस ने रेलवे से सभी ट्रेनों को तत्काल बहाल करने का आग्रह किया है।
 

Previous123456789...6263Next