Corona Update 16 Nov : प्रदेश में आज मिले इतने नए कोरोना संक्रमित, इस जिले से सर्वाधिक मामलें, देखें जिलेवार आंकड़ें    |    Corona Update 15 Nov : प्रदेश में आज मिलने इतने नए कोरोना संक्रमित...देखें जिलेवार मरीजों की संख्या    |    Corona Update 12 Nov : प्रदेश में आज मिले 5 कोरोना संक्रमित, कुल एक्टिव मरीज सिर्फ इतने, देखें मेडिकल बु​लेटिन    |    Corona Update 09 Nov : प्रदेश में आज मिलने इतने नए कोरोना संक्रमित...देखें जिलेवार मरीजों की संख्या    |    Corona Update 2 Nov : प्रदेश में आज मिलने इतने नए कोरोना संक्रमित, पॉजिटिविटी दर 0.55 प्रतिशत, देखें जिलेवार मरीजों की संख्या    |    Corona Update 29 Oct : प्रदेश में आज मिले इतने मरीज, इस जिले से सर्वाधिक मामलें आए सामने, देखें जिलेवार आंकड़ें    |    Corona Update 22 Oct : छत्तीसगढ़ में आज सामने आए इतने नए कोरोना केस, 1 की मौत, देखें जिलेवार आंकड़े    |    Dhanteras 2022: धनतेरस पर सोना खरीदते वक्त इन 3 बातों का रखें खास ध्यान, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान    |    Corona Update 21 Oct : प्रदेश में आज मिले इतने नए कोरोना मरीज, 50 से अधिक हुए डिस्चार्ज...देखें जिलेवार आंकड़ें    |    Corona Update 20 Oct : प्रदेश में कोरोना से आज 1 मरीज की मौत, इतने नए मरीजों की हुई पुष्टि, देखें जिलेवार आंकड़ें    |
Previous123456789...6465Next
टोकन के लिए किसान हो रहे है परेशान, सरकार की नीयत ठीक नहीं- संदीप शर्मा

टोकन के लिए किसान हो रहे है परेशान, सरकार की नीयत ठीक नहीं- संदीप शर्मा

रायपुर। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कोरिया और मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी बैकुंठपुर जिले में टोकन तुंहर द्वार एप नहीं खुलने से किसानों को ऑफ लाइन टोकन के लिए किसानों को चक्कर लगाने मजबूर होने के कारण एक फीसदी किसानों की भी धान खरीदी न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार की मंशा ही नहीं थी कि एक नवंबर से धान खरीदी करे। जबकि सारा व्यय केंद्र सरकार करती है। भाजपा के दबाव में राज्य सरकार ने 1 नवंबर से धान खरीदी का ऐलान तो कर दिया लेकिन कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये। जिसकी वजह से किसान परेशान हैं।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा कि भाजपा अक्टूबर माह से ही लगातार चेताती आ रही है कि एक नवंबर से धान खरीदी की ठोस व्यवस्था की जाए। बारदाने के लिए भी भाजपा हर साल कई माह पहले से कहती रही है लेकिन भूपेश बघेल सरकार की नीयत की खोट सामने आ जाती है। इस बार भी यही स्थिति है। पूरे प्रदेश में किसान परेशान हैं।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा कि जिन समितियों में 35 हजार किसानों की धान खरीदी होना है, वहां पखवाड़े भर में मात्र 300 किसानों से धान खरीदी साबित कर रहा है कि सरकार की मंशा ठीक नही।
किसान जब टोकन लेने जाते हैं तो कहा जाता है कि ऑनलाइन टोकन ले लें, जब एप से टोकन के लिए किसान प्रयास करते हैं तो एप खुलता ही नही। कुल मिलाकर कांग्रेस की सरकार में किसानों के किस्मत में भटकना ही लिखा है।
किसान नेता संदीप शर्मा ने ऐसी किसान विरोधी सरकार को आगामी चुनाव में उखाड़ फेंकने का आव्हान राज्य के किसानों से की है
 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम  ने बोला भाजपा का विधायक भारत जोड़ो यात्रा रोकने धमकी भरा पत्र भेज रहा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बोला भाजपा का विधायक भारत जोड़ो यात्रा रोकने धमकी भरा पत्र भेज रहा

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को देशभर में अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा। भाजपा भारत जोड़ो यात्रा को मिल रहे जन समर्थन और राहुल गांधी द्वारा उठाये जा रहे मुद्दों से इतना ज्यादा घबरा गयी है कि भारत जोड़ो यात्रा को रोकने की भी मांग करने लगी है। मध्यप्रदेश भाजपा का विधायक यात्रा रोकने धमकी भरा पत्र भेज रहा। राहुल गांधी के देश जोड़ो अभियान शांति और सद्भाव फैलाने की कोशिशे बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ मुहिम को दबाने के लिये भाजपाई षडयंत्र करना शुरू कर रहे है। भारत जोड़ो यात्रा से भाजपा की झूठ और नफरत की राजनीति देश के सामने बेनकाब हो रही है। देश भर में भाजपा के नेता भारत जोड़ो यात्रा के बारे में अनर्गल बयानबाजी और अतार्किक सवाल खड़ा करने की कोशिश के बावजूद देश की जनता राहुल गांधी की पदयात्रा को अभूतपूर्व समर्थन दे रही है। भारत जोड़ो यात्रा का काफिला 10 किमी तक लंबा हो जाता है। राहुल गांधी की यात्रा में देश के हर वर्ग के लोग साथ आ रहे है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि इस यात्रा को 72 दिन हो गये, रोज वे सैकड़ों लोगों से मिल रहे, छात्रों, गरीबों, महिलाओं वंचित हर वर्ग से मिल रहे उनकी समस्या सुन रहे, सांत्वना दे रहे। मीडिया के साथियों से मिल कर भारत जोड़ो यात्रा में भारत के सामने मौजूद गंभीर विषयों पर देशवासियों के साथ सीधा संवाद किया जा रहा। अभी तक 6 राज्य तमिलनाडु, केरला, आंध्रप्रदेश, कर्नाटका, तेलंगाना, महाराष्ट्र के हजारों लोगो से राहुल गांधी मिल चुके है तथा 150 दिनों में कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3,500 किमी. का रास्ता तय करेंगे और देश भर में लाखों लोगों के साथ भारत जोड़ो यात्रा का मकसद भी यही है कि हम बच्चे, बूढ़े, नौजवान, महिलाएं, मजदूर, गरीब, किसान और आदिवासियों सबकी बात सुन सकें, उनकी समस्याओं का समाधान निकाल सकें। हम सफल भी हो रहें हैं, युवा खुल कर हमसे बात कर रहे हैं, साथ चल रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि देश के वर्तमान हालात में जब क्षेत्र धर्म सांप्रदायिकता के नाम पर देश की सत्ता में बैठे हुये लोग राजनीति कर रहे है वैसे में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा देश के लोगों के सामने एक नई उम्मीद लेकर सामने आई है। जब देश चलाने वाली दल सत्ताधीश और हुक्मरान आम आदमी की जरूरतों शिक्षा, रोजगार को परिदृश्य पीछे धकेल कर धार्मिक आधार पर धु्रवीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हो तब उस समय कांग्रेस जैसी जन सरोकारी वाली पार्टी का यह नैतिक और राजनैतिक कर्तव्य हो जाता है कि वह देश को बचाने देश की एकता और अखंडता को बचाने के लिये भारत जोड़ो जैसा महाअभियान चलाये भारत जोड़ो यात्रा का यही उद्देश्य है।
 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मोदी पर कसा तंज कहा “रूपया के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट पर बोलती क्यों हो गयी है बंद?”

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मोदी पर कसा तंज कहा “रूपया के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट पर बोलती क्यों हो गयी है बंद?”

रायपुर, डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार डॉलर की कीमत 80 रू. हो गयी है। 2014 के पहले जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे तब 1 डॉलर की कीमत 58 रू. था तब मोदी ने देश के प्रधानमंत्री के लिये प्रयोग किये जाने वाले शब्दों की मर्यादा को तोड़कर तीन बयान दिया था।
1 भाइयों और बहनों, रुपया उसी देश का गिरता है जहां की सरकार भ्रष्ट और गिरी हुई हो!

2 कभी कभी तो लगता है दिल्ली सरकार और रुपए के बीच में कॉम्पटिशन चल रहा है - किसकी आबरू तेज़ी से गिरती चली जा रही है - कौन और आगे जाएगा?

3 रुपया सिर्फ़ काग़ज़ का टुकड़ा नहीं होता, सिर्फ़ करेन्सी नहीं होती-इसके साथ देश की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई होती है। जैसे जैसे रुपया गिरता है देश को प्रतिष्ठा गिरती है
यह हमारे शब्द नहीं हैं- यह वो जुमले हैं जो इस देश के सामने 2014 से पहले जुमला जीवी प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को खूब सुनाए थे। जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ, मोदी जी की कृपा से वो दिन भी देश ने देख ही लिया। भारत का रुपया अमरीकी डॉलर के मुक़ाबले 80 पार कर गया। यह वही रुपया है जिससे प्रधानमंत्री की आबरू और प्रतिष्ठा जुड़े होने का दावा खुद मोदी जी करते थे। पर आज तो डर यह है कि जिस तेज़ी से रुपया गिर रहा है - कहीं पेट्रोल की तरह यहाँ भी शतक की तैयारी तो नहीं?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2014 के पहले रुपए की मज़बूती के लिए मोदी ज़रूरी है का दावा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी तो हमारे रुपए के लिए बड़े हानिकारक साबित हुए। इन तथाकथित मजबूत सरकार का दावा करने वालों ने इतिहास में रुपए को सबसे कमजोर बना दिया। पिछले 6 महीने में रुपया 7 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा है। कभी कोरोना कभी यूक्रेन रूस की जंग के पीछे कब तक छिपते रहेंगे प्रधानमंत्री जी? क्योंकि यह वही रुपया है जिसकी क़ीमत 2014 में 1 डॉलर के मुक़ाबले मात्र 58 थी और पिछले 8 सालों में अब 80 के पार पहुँचा है - 8 साल में 1 डॉलर के मुक़ाबले 22 रुपए की गिरावट! प्रधानमंत्री जी अपनी उजड़ती आबरू और गिरती हुई साख की थोड़ी तो चिंता कीजिए। इस गिरावट पर प्रधानमंत्री क्यों मौन है देश की जनता जानना चाह रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रूपये के इतना गिरने से कमरतोड़ महंगाई और तेज़ी से बढ़ेगी। ज़रूरी चीज़ों के दाम बढ़ेंगे- पेट्रोल, डीज़ल रसोई गैस के दामों में और आग लगेगी। तेल महंगा होने की वजह से आवा गमन की क़ीमत - ट्रेन, बस का किराया बढ़ेगा। इसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर भी दिखेगा, खाना बनाने वाले तेल की क़ीमतें बढ़ेंगी। विदेशों से आयात किए जाने वाले छोटे से छोटे सामान पर रुपये के कमज़ोर होने का असर पड़ेगा. टीवी, फ़्रिज, मोबाइल फोन और बाक़ी इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर लगातार टूटते रुपये का सीधा असर पड़ेगा।
 

BIG BREAKING : उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने इस्तीफा किया स्वीकार

BIG BREAKING : उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, राज्यपाल ने इस्तीफा किया स्वीकार

नई दिल्ली | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल को इस्तीफे वाला खत सौंपा. राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इससे पहले उन्होंने फेसबवुक लाइव में कहा कि मुझे इसमें जाना ही नहीं था. इसलिए मैं विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं.उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का कोई दुख नहीं है कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं. उद्धव ने कहा कि मुझे इन सबमें आना ही नहीं था, इसलिए मैंने मुख्यमंत्री आवास को पहले ही छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि कल से मैं शिवसेना ऑफिस जाऊंगा.

मुझे अशोक चव्हाण ने कहा, अगर दिक्कत है तो हम एमवीए से बाहर आते हैं
उद्धव ठाकरे ने कहा, मैं आया भी अनपेक्षित रूप से था और जा भी अनपेक्षित रूप से रहा हूं. मतलब हमेशा के लिए नहीं जा रहा हूं मैं यहीं रहूंगा और शिवसेना भवन में फिर जा कर बैठूंगा, अपने सभी लोगों को एकत्र करूंगा. उन्होंने कहा, आज कैबिनेट समाप्त होने के बाद अशोक चव्हाण ने मुझे कहा कि हम आपके साथ हैं अगर इसलिए दिक्कत हो रही है तो हम महा विकास आघाडी के बाहर जाते हैं और आप को बाहर से समर्थन देते हैं लेकिन मैंने कहा नहीं ऐसा नहीं होता.

जिस पर लगा था भ्रष्टाचार का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिया ईमानदारी का सर्टिफिकेट :  साय

जिस पर लगा था भ्रष्टाचार का आरोप, मुख्यमंत्री ने दिया ईमानदारी का सर्टिफिकेट : साय

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के आरोप में हटाए गए आईएएस अधिकारी को मुंगेली कलेक्टर बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यह कौन सी दोहरी नीति है वो ईश्वर ही जाने। कुछ दिन पहले जिस आईएएस अधिकारी को सूरजपुर में अपने जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान हटाया था अब उन्हें ही मुंगेली जिले का कलेक्टर बनाया गया है। यह सवाल उठता है कि आखिरकार मुख्यमंत्री बघेल ने केवल भयादोहन के नाम पर उस आईएएस अधिकारी को हटाया था अब ऐसी कौन सी वजह है कि उसे ही ईमानदारी का सर्टिफिकेट देकर कलेक्टर बनाना कितना जायज है। उसी तरह से कोरबा के कलेक्टर पर प्रदेश के एक मंत्री ने ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था उन्हें अब रायगढ़ का कलेक्टर बनाकर उपकृत किया गया है। इस तरह से पूरे प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार आयी है तबादला को अधिकृत उद्योग का स्वरूप दिया गया है जिसके कई डीलर प्रदेश में नियुक्त किए गए है जो तबादला उद्योग के संचालन में सहयोगी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कथनी और करनी हमेशा अलग रही है। इसी का नतीजा है कि अपने लाभ के लिए वह हर फैसला लेते है। उनका सरोकार प्रदेश की जनता से नहीं है। मुख्यमंत्री बघेल अपनी दिल्ली के लिए व एक परिवार के लिए ही समर्पित हैं। किन कारणों से भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे आईएएस अधिकारी को मात्र कुछ दिनों में ही कलेक्टर बना देना मुख्यमंत्री के काम काज को बताता है कि वह अपने फैसले पर ही अडिग नहीं रहते हैं और जिस तरह के फैसले लेते है उस फैसले में समाज की जन भावनाओं की अनदेखी होता है। उन्होंनेे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इतने कम दिनों में ही आईएएस अधिकारी पर लगे आरोप यदि सत्य थे तो इतने जल्दी आरोप से मुक्त कैसे हुए और उन्हें कलेक्टर किन कारणों से बनाया गया। 

सारा देश जानता है मोदी कितने सच्चे, कितने झूठे हैं- सुशील आनंद शुक्ला

सारा देश जानता है मोदी कितने सच्चे, कितने झूठे हैं- सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रदेश भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच्चा बताये जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि देश की जनता अच्छी तरह जान चुकी है कि मोदी कितने सच्चे और कितने झूठे हैं ।मोदी झूठ बोलने का विश्व कीर्तिमान बना चुके हैं। अपनी जनता से जितना झूठ मोदी बोलते हैं, उतना संसार के किसी नेता ने नहीं बोला। वर्ष 2014 में किसानों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों को झूठे ख्वाब दिखाकर सत्ता में आये और जनता के हर वर्ग को अपनी नीतियों के जरिये प्रताड़ित किया। किसानों को लागत का दोगुना दाम देने का झांसा देने वाले तीन काले कानून ले आये। इनका इरादा किसानों को चंद औद्योगिक घरानों का गुलाम बनाकर रख देने का था। एक अदालती फैसले से कोई महान नहीं बन जाता अदालत का फैसला शिरोधार्य है। गुजरात की तत्कालीन परिस्थितियों के मंजर को देश की जनता भूली नहीं है।इंसाफ की आखिरी एक और अदालत है ऊपर वाले कि अदालत उन हजारों हजार लोगों को वहाँ निराश नही होना पड़ेगा।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी ने हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का भरोसा दिलाया था और उनकी नीतियों के देश को बेरोजगारी की सौगात दे दी। लाखों युवाओं की नौकरी छीन ली गई। महिलाओं को महंगाई से निजात दिलाने का झांसा देकर महंगाई को आसमान पर पहुंचा दिया। पेट्रोल डीजल में जनता को लूट लिया। बुजुर्गों को मिलने वाली रेलवे रियायत छीन ली। देश की धरोहरों को नीलाम कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गुजरात दंगों में जो लोग मारे गए, वे भी इस देश के नागरिक थे। उनको जीवन जीने का सुरक्षित माहौल देना तत्कालीन सरकार का दायित्व था जो उस समय की गुजरात सरकार नहीं कर पाई थी वे हताहत लोग भी इस देश की संतान थे। इसके अलावा मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश भर में जिन किसानों और तंगहाली में जिन बेरोजगार युवाओं ने आत्महत्या की है, उसका हिसाब कौन देगा? देश की आम जनता जो तिल तिलकर मर रही है, उसका जवाब कौन देगा?
 

अग्निपथ की बात, युवाओं से विश्वासघात: एआईसीसी नेत्री एवं महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा की प्रेसवार्ता

अग्निपथ की बात, युवाओं से विश्वासघात: एआईसीसी नेत्री एवं महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा की प्रेसवार्ता

(1) हम अग्निवीर योजना को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग करते हैं। प्रधानमंत्री युवाओं की बात क्यों नहीं सुन रहे हैं? वह चुप क्यों है? हम उनसे उनके अहंकार को त्यागने का निवेदन करते हैं। उनके इसी अहंकार ने किसान आंदोलन के दौरान 700 किसानों की जान ली थी। देश हित में, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस इतिहास को दोहराया नहीं जाना चाहिए और प्रधानमंत्री द्वारा अपनी गलती मानते हुए इस युवा और राष्ट्र विरोधी योजना को वापस लिया जाए।

(2) यह तुगलकी सरकार पहले फैसला करती है, और बाद में सोचती है। अग्निपथ योजना के मामले में भी अनेक बदलाव आ चुके हैं, लेकिन भारत के युवा इसे वापिस लेने की मांग कर रहे हैं। आज देश को बचाने की जरूरत है, परंतु यह सरकार पैसे बचाने में लगी है। युवा, पूर्व सैनिक तथा रक्षा विशेषज्ञ, सभी हितधारकों (stakeholders) ने मोदी सरकार की इस अग्निपथ योजना को नकार कर दिया है। अनेक सेवारत अधिकारियों ने निजी तौर पर इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की है। हम सेना के विरुद्ध एक शब्द भी नहीं कहते। हम अपने सशस्त्र बलों के कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चिंतित हैं।

(3) अग्निपथ योजना अभी तक भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई एक अन्य गलत योजना है, जो मौजूदा समस्याओं का समाधान किए बिना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई समस्याएं पैदा करेगी। अग्निवीरों के लिए प्रशिक्षण की अल्प अवधि (6 महीने) का हमारे सशस्त्र बलों की गुणवत्ता, दक्षता और प्रभावशीलता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। व्यवहार और वेतन/लाभ के दो पैमाने निष्पक्षता के सभी मानदंडों का उल्लंघन है। यह भेदभाव सशस्त्र बलों और उनमें अनुशासन के लिए कई अप्रत्याशित और गंभीर समस्याएं पैदा करेगा।

(4) देश में निवेश नहीं हो रहा है, उद्योग नहीं लग रहे, अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है, लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। देश के करोड़ों युवा बेरोजगारी झेल रहे हैं, पर सरकार बिल्कुल बेपरवाह है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार आज देश में 62 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियों के पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 26 लाख तो केवल केन्द्र सरकार की नौकरियाँ हैं।

(5) यह सरकार जवानों को केवल चार साल के बाद रिटायर करके, जनरल बिपिन रावत, सीडीएस का भी अपमान कर रही है। उन्होंने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘सेना में सैनिक 17 साल के बाद में काम करके रिटायर हो जाते हैं, तो उनको रिटायरमेंट की एज बढ़ानी चाहिए। उन्होंने एक सर्कुलर भी निकाला था। इस प्रकार अग्निपथ स्कीम उनकी सोच और इच्छा का सीधा अपमान है।

(6) इन महत्वपूर्ण मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पूरे देश में आंदोलन कर रही है। पहले हमने 20 जून, 2022 को जंतर-मंतर और विभिन्न राज्यों में शांतिपूर्ण सत्याग्रह हुआ था। सांसदों ने संसद से शांतिपूर्ण मार्च निकाला और वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने भारत के माननीय राष्ट्रपति को इसे वापिस लेने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा। 27 जून, 2022 यानि कल सुबह 10 से 1 बजे सभी राज्यों के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शांतिपूर्ण सत्याग्रह करेंगे।

दावा 1 - इस योजना से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
सच्चाई - यह सरासर झूठ है, दरअसल रोजगार के अवसर कम हुए हैं। अब तक हर साल सेना में 50 से 80 हजार सीधे पक्की भर्तियां होती थीं। अग्निपथ में उन्हें ख़त्म कर दिया गया है। अब आगे से सेना में डायरेक्ट पक्की भर्ती नहीं होगी। पिछले दो साल में जो भर्तियां अधूरी थीं उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। उसके बदले हर साल 45 से 50 हजार कॉन्ट्रैक्ट की भर्तियां होंगी। उनमे से एक चौथाई यानि लगभग 12 हजार जवानो को हर साल पक्की नौकरी मिलेगी। अगर यह योजना 15 साल तक चली तो भारतीय सेना में कुल सैनिकों की संख्या 14 लाख से घटकर 6 लाख से भी कम रह जाएगी। आप खुद देख लो, रोजगार बढ़ेगा या घटेगा?

इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा किया जा रहा है और उनके भविष्य से बहुत बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। अग्निपथ य़ोजना के कारण 50,000 के आस-पास हमारे युवक, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था, जो दौड़ में पास हो गए थे, जो मैडिकल में भी पास हो गए थे और केवल लिखित की परीक्षा बाकी थी मैरिट बनने के लिए, उन 50,000 के लगभग युवाओं के साथ धोखा हुआ है और उनकी पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द किए जाने के समाचार छप चुके हंथ और उन युवाओं को नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया में भाग लेना पड़ेगा।

दावा 2 - हमारी सेना पहले से ज्यादा युवा, तकनीकी रूप से सक्षम और मजबूत हो जाएगी।
सच्चाई - कॉन्ट्रैक्ट की नौकरी पर 17 से 21 साल के जवानों को रखने से औसत आयु तो कम हो जाएगी, क्या वास्तव में इसकी जरूरत थी? अगर 30 साल का फौजी लड़ने लायक नहीं बचता तो तो 30 से अधिक उम्र के इतने सैनिकों को बहादुरी के लिए परमवीर चक्र कैसे मिला? जवानों को चार साल की कच्ची नौकरी पर रखने और उसके बाद एक चौथाई को निकाल देने से सेना का मनोबल मजबूत कैसे होगा? तकनीकी रूप से सक्षम होने के लिए लम्बी ट्रेनिंग के जरूरत होगी। दसवीं पास जवान को सिर्फ चार साल के लिए भर्ती करने से तकनीकी क्षमता कैसे बढ़ेगी?

दावा 3 - इस योजना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को बहुत फायदे होंगे -- वेतन मिलेगा, बचत होगी, रोजगार प्रशिक्षण मिलेगा और स्थायी नौकरी के मौके मिलेंगे।
सच्चाई - चार साल की किसी भी नौकरी से कुछ न कुछ फायदा तो होगा ही। सवाल यह है कि क्या पक्की नौकरी में जो बचत थी, जो ट्रेनिंग मिलती उससे बेहतर चार साल की कच्ची नौकरी से मिलेगी? चार साल बाद पक्की सरकारी या प्राइवेट नौकरी की सब बातें झांसा है। सच यह है कि सरकार 15-20 साल की नौकरी करने वाले पूर्व सैनिकों को भी नौकरी नहीं दे पायी है। कुल 5,69,404 पूर्व सैनिकों ने नौकरी के लिए पंजीकरण कराया था, जिसमे से मात्र 14,155 पूर्व सैनिकों (यानी मात्र 2.5 प्रतिशत) को सरकारी, अर्ध सरकारी, निजी क्षेत्र में रोजगार मिल पाया। ऐसे में अग्निवीर को नौकरी दिलवाने की बात सिर्फ जुमला है।

दावा 4 - इस योजना से सेना में जातिवाद और क्षेत्रवाद समाप्त होगा।
सच्चाई - अग्निपथ में “आल इंडिया आल क्लास“ आधार पर नियुक्ति करने से सेना में सभी इलाके के युवाओं को मौका तो मिलेगा, लेकिन इससे रेजिमेंट का सामाजिक चरित्र बिगड़ जायेगा। “नाम, नमक, निशान“ के लिए प्राण न्यौछावर करने की भावना कमजोर होगी। मोदी सरकार ही ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा देकर यह यह तर्क दिया कि समुदाय आधारित भर्ती को समाप्त करने से रेजिमेंट के चरित्र और लड़ाई के जज्बे को नुकसान होगा। सशस्त्र बलों की भर्ती में सभी क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देना एक अपरिहार्य राष्ट्रहित है और प्रत्येक राज्य और क्षेत्र की भर्ती योग्य पुरुष आबादी के अनुसार भर्ती करके यह सुनिश्चित किया जाता रहा है। ऑनलाइन आवेदनों की प्रणाली यह कैसे सुनिश्चित करेगी?

दावा 5 - दुनिया के कई देशों में सेना में अल्पकालिक भर्ती होती है। हमारे यहाँ भी सेना में अफसरों की भर्ती में 5 साल का शार्ट सर्विस कमीशन है।
सच्चाई - सरकार के समर्थक इजराइल जैसे जिन देशों का उदाहरण देते हैं वहां सैन्य भर्ती अनिवार्य है, नहीं तो उन्हें सेना में भर्ती के लिए युवा नहीं मिलते। अनिवार्य सेवा दो चार साल से ज्यादा नहीं करवाई जा सकती। भारत में देशप्रेम और बेरोजगारी इतनी अधिक है कि यहां सेना में भर्ती होने के लिए लाखों युवा हमेशा खड़े हैं। वैसे भी इन देशों में अल्पकालिक भर्ती के इलावा डायरेक्ट पक्की भर्ती भी होती है, अग्निपथ योजना में इसे बंद किया जा रहा है। यही बात हमारे शार्ट सर्विस कमीशन पर भी लागू होती है। जब सेना को अफसरों की भर्ती में पर्याप्त अच्छे उम्मीदवार नहीं मिल रहे थे, उसकी कमी को पूरा करने के लिए यह योजना लाई गयी थे। उस योजना के कारण सेना में अफसरों की डायरेक्ट और पक्की भर्ती रोकी नहीं गयी है।

दावा 6 - कारगिल युद्ध के बाद बनी रिव्यु समिति और अन्य कई विशेषज्ञों ने इसकी सिफारिश की थी।
सच्चाई - कारगिल समिति ने कहीं यह नहीं कहा कि 4 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट की नियुक्तियां की जानी चाहिए। समिति ने यह सलाह दी थी कि जवानों को शुरू के 7 -10 वर्षों में सैनिकों में नियुक्त किया जाना चाहिए, उसके बाद उन्हें अन्य बलों जैसे सीआईएसएफ, बीएसएफ आदि में स्थानांतरित किया जा सकता है। कई विशेषज्ञों और समितियों ने जवानों की औसत आयु कुछ घटाने के बात कही है, लेकिन पक्की नौकरी खत्म कर कॉन्ट्रैक्ट के बात किसी ने नहीं की। इस योजना को संसद या संसद की रक्षा मामले की स्थायी समिति के सामने कभी नहीं रखा गया।

दावा 7 - थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुख इस योजना का समर्थन कर रहे हैं।
सच्चाई - हम सशस्त्र बलों का सम्मान करते हैं और सेवारत अधिकारियों की बाध्यताओं को भी समझते हैं। उनके पास और रास्ता ही क्या है? लेकिन हम अपने सेवारत अधिकारियों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। अगर अनुभवी देशभक्त सैनिकों की मन की बात सुननी है तो रिटायर्ड सेना अधिकारियों को सुनना चाहिए जिसमे अधिकांश इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। कई पूर्व जनरल और परमवीर चक्र विजेता बाना सिंह और योगेन्द्र सिंह यादव जैसे शूरवीर कह रहे हैं कि यह खतरनाक योजना है।

दावा 8 - अग्निवीर योजना को युवाओं का समर्थन है, वो इसके लिए रजिस्ट्रेशन करवाने को तैयार बैठे हैं।
सच्चाई - इस देश में बेरोजगारी की ऐसी हालत है की आप चार साल छोड़ो, चार महीने की नौकरी भी दोगे तो हर पोस्ट के लिए सैंकड़ों उम्मीदवार खड़े मिलेंगे। यहाँ चपरासी की नौकरी के लिए पीएचडी वाले अप्लाई करते हैं। इससे युवाओं की मजबूरी साबित होती है, योजना की मजबूती नहीं।

दावा 9 - इस योजना से सरकार के खजाने पर पेंशन और वेतन का बोझ कम होगा।
सच्चाई - सच्चा तर्क यही है, बाकी सब तो सच पर पर्दा डालने वाले तर्क हैं। यह सच है कि रक्षा बजट का लगभग 40 प्रतिशत वेतन और पेंशन में चला जाता है, लेकिन इसका समाधान यह नहीं है कि हम डायरेक्ट और पक्की भर्ती ही रोक दें, सेना बल की संख्या आधी कर दें। समाधान यह होगा कि रक्षा बजट को बढ़ाया जाए। लेकिन मोदी सरकार ने रक्षा बजट को 2017-18 में केंद्र सरकार के खर्च के 17.8 प्रतिशत से घटाकर 2020-21 में 13.2 प्रतिशत कर दिया है। समाधान यह भी हो सकता था कि रक्षा बजट में गैर सैनिक (सिविलियन) कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में कमी की जाए। एक झटके में पेंशनधारी नौकरियों को ही ख़त्म कर देना तो देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। सवाल है कि क्या हम देश की सुरक्षा पर कंजूसी कर सकते हैं, जब राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा बढ़ रहा है?

दावा 10 - इस योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत अग्नि वीरों की सेना में भर्ती की जाएगी।
सच्चाई - बोल रहे हैं कि उसमें से 25 प्रतिशत लोगों को, 25 प्रतिशत नहीं, 25 प्रतिशत तक, ध्यान रखिएगा। ये है सेल्समैन, मेगा बम्पर ऑफर की मानसिकता। 25 प्रतिशत तक क्या होता है, मतलब 25 प्रतिशत की भी गारंटी नहीं है।

प्रेसवार्ता में संसदीय सचिव एवं विधायक विकास उपाध्याय, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री संगठन अमरजीत चावला, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, अजय गंगवानी, मणि प्रकाश वैष्णव उपस्थित थे।
 

राउत ने बागी विधायकों पर कसा तंज, आखिर कब तक छुपोगे गुवाहाटी में, आना ही पड़ेगा चौपाटी में

राउत ने बागी विधायकों पर कसा तंज, आखिर कब तक छुपोगे गुवाहाटी में, आना ही पड़ेगा चौपाटी में

मुंबई, शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को पार्टी के बागी विधायकों पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा कि आखिर कब तक वे (विधायक) असम के गुवाहाटी में छिपे रहेंगे, आखिरकार उन्हें चौपाटी (मुंबई के संदर्भ में) आना ही होगा। शिवसेना सांसद ने ट्वीट किया, कब तक छुपोगे गुवाहाटी में, आना ही पड़ेगा चौपाटी में। दक्षिण मुंबई में मंत्रालय (राज्य सचिवालय), विधान भवन (विधायिका परिसर), राजभवन और मुख्यमंत्री का आधिकारिक बंगला 'वर्षा सहित प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठान गिरगाम समुद्र तट के आसपास के क्षेत्र में स्थित हैं, जिसे गिरगाम चौपाटी भी कहा जाता है। शिवसेना के अधिकांश विधायकों ने मंत्री एकनाथ शिंदे के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है और वर्तमान में गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं, जिसने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को संकट में डाल दिया है। महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय ने शनिवार को शिंदे सहित शिवसेना के 16 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग को लेकर दी गई अर्जी के आधार पर उन्हें 'समन जारी कर 27 जून की शाम तक लिखित जवाब मांगा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने उद्धव ठाकरे को बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है।

 

सांसद पाण्डेय ने लगाया आरोप, मुख्यमंत्री युवाओं को भटकाने व उनका उपहास कर रहे हैं

सांसद पाण्डेय ने लगाया आरोप, मुख्यमंत्री युवाओं को भटकाने व उनका उपहास कर रहे हैं

रायपुर, सांसद संतोष पाण्डेय ने अग्निवीरों व अग्निपथ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री के दिए गए गैर जिम्मेदाराना बयान की घोर निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी हमेशा युवाओं को भटकाने व अटकाने का कार्य सदा करती है। प्रदेश के युवाओं को नशे व अंधकार में डुबने व छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने युवाओं की चिंता करने का अधिकार खो चुकी है। यहां के युवाओं को बेरोजगारी भत्ता के साथ नौकरी देने का वादा कर चुकी कांग्रेस की सरकार ने संविदा से नियमितीकरण की बात कहकर हमेशा छल किया है। प्रदेश की जनता को दगा देने वाली कांग्रेस सरकार ने रेडी टू ईट अभियान से जुड़े लोगों का अधिकार छीना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जिस तरह से युवाओं का उपहास कर रहे हैं और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे है यह बेहद ही निंदनीय है। जिस तरह से वे स्तरहीन बातें कर रहे हैं इसमें कांग्रेस की सोच साफ झलकती है। यही कारण है कि कांग्रेस राज्यों में सिमट कर रह गई है। जनता के जनादेश का अपमान करके केवल राहुल गांधी को बचाने के लिए पूरी कांग्रेस गांधी परिवार के प्रति वफादारी निभाने में जुटी हुई हैं। कांग्रेस ने देश के युवाओं को हमेशा भ्रमित करने का कार्य किया है।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि महान क्रांतिकारी सुभाषचंद बोस के सपने को साकार करने वाले प्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अग्निवीर व अग्निपथ अभियान के माध्यम से राष्ट्र के युवाओं को एक दर्शन व राष्ट्रभक्ति के दिशा में मजबूती से प्रशस्त किया है। उन्होंने मांग की है कि यूपी हिमाचल जैसे अन्य राज्यों में अग्निपथ अभियान से जुड़े युवाओं को स्थानीय पुलिस व सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में रोजगार की प्राथमिकता देने की बात कही गई है। उस की तरह की नीति छत्तीसगढ सरकार को बनानी चाहिए और युवाओं के उपहास से मुख्यमंत्री बघेल को बचना चाहिए।
 

घोषणावीर है भाजयुमो के नेता पहले भी दो बार बेरोजगारी का टेंट लगाने की घोषणा कर मैदान से भाग गये- धनंजय सिंह ठाकुर

घोषणावीर है भाजयुमो के नेता पहले भी दो बार बेरोजगारी का टेंट लगाने की घोषणा कर मैदान से भाग गये- धनंजय सिंह ठाकुर

रायपुर, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा युवा मोर्चा पर तंज कसते हुये पूछा इस बार पक्का बेरोजगारी का टेंट लगाएंगे ना? क्योंकि इसके पहले भाजयुमो दो बार बेरोजगारी का टेंट लगाने की घोषणा करके मैदान छोड़कर भाग गए थे। 2014 के पहले भाजयुमो ने गली-गली गांव-गांव शहर शहर घूम कर युवाओं को केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा और दावा किया था उसका क्या हुआ? अग्निपथ स्कीम में 4 साल की टेम्परेरी नियुक्ति दे रहे हैं? मोदी सरकार ने 8 साल में 16 करोड़ रोजगार को कहा फ्रिज करके रखा दिया है? और 23 करोड़ हाथों से जो रोजगार छीना गया है उसके लिए कौन जिम्मेदार है? केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद बेरोजगारी के मामले में देश 45 साल पुराने हालात में खड़ी हुई है। 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं के हाथ से काम छीना गया है 15,000 से अधिक उद्योगपति कारोबार समेट कर देश छोड़कर चले गए। मोदी सरकार के पास अभी भी एक करोड़ से अधिक सरकारी पद रिक्त है उसमें भर्ती कब होगी? सरकारी नौकरी में भर्ती के नाम से निरंतर मोदी सरकार देश के युवाओं को ठग रही है और लूट रही है सरकारी पदों में भर्ती का विज्ञापन निकालकर देश के बेरोजगार युवाओं से 1300 करोड़ों सलाना मोदी सरकार कमाती है। केंद्र सरकार के पास देश के युवाओं को रोजगार देने का कोई रोडमैप नहीं है देश के 45 करोड़ युवा रोजगार की तलाश करते करते इतना हताश और परेशान हो गए हैं की अब वो रोजगार ढूंढना ही बंद कर दिए हैं।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नये विश्वसनीय छत्तीसगढ़ मॉडल से 5 लाख से अधिक युवाओं के लिये रोजगार, स्वरोजगार और सरकारी नौकरी के द्वार खुले। सत्ता परिवर्तन के पहले 2018 में जहां राज्य का बेरोजगारी दर 22 प्रतिशत से ऊपर था। आज छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 0.6 प्रतिशत है। जबकि देश की बेरोजगारी दर 7.6 प्रतिशत है।
 

मोदी-शाह के डर से भाजपा सांसद राज्य के जनता की बात भी नहीं उठा पाते- सुशील आनंद शुक्ला

मोदी-शाह के डर से भाजपा सांसद राज्य के जनता की बात भी नहीं उठा पाते- सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर। भाजपा नेताओं द्वारा अपातकाल के संदर्भ में दिये गये बयान का कांग्रेस ने कड़ा प्रतिवाद किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आपातकाल देश की तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार उठाया गया संवैधानिक कदम था। संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत तत्कालीन केंद्र सरकार ने आपातकाल लगाया था। आपातकाल को देश की संसद की मंजूरी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति के द्वारा लगाया गया था। वर्तमान में भाजपा की केन्द्र सरकार तो पूरे देश में अघोषित और संविधानेतर आपातकाल लगा कर रखी है। असहमति के स्वर को दबाने के लिये केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी का धौंस विपक्ष के नेताओं को दिखाया जाता है। देश की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं की स्वात्यता को नष्ट कर दिया गया है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि देश की सर्वोच्च न्यायालय के चार न्यायधीशों को अपनी बात कहने मीडिया और देश की जनता के सामने आना पड़ा। चुनाव आयोग की निष्पक्षता संदिग्ध हो गयी। समाचार माध्यमों की स्वतंत्रता लगभग समाप्त की दी गयी। मोदी सरकार की मंशा और यशोगान समाचार चैनलों पर जबरिया थोपा गया एजेंडा बन गया है। देश के किसानों को 8 महिने से अधिक समय तक आंदोलन करना पड़ा, सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थी। इससे बड़ा अलोकतांत्रिक कदम और आपातकाल क्या हो सकता है कि प्रजातंत्र की सबसे बड़ी पंचायत संसद के उच्च सदन में बिना बहस विधेयक पारित करवा दिया जाता है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गयी सरकारों और जनादेश को धन बल के सहारे तथा राजभवनों से संविधानेत्तर हस्तक्षेप करवा कर सरकारों को हड़पने की भाजपा और उसकी केन्द्र सरकार के अघोषित आपातकाल के सबसे बड़े उदाहरण है मध्यप्रदेश, कर्नाटका में कांग्रेस की सरकारों को विधायक खरीद कर हथियाना हो या गोवा, मणीपुर में बड़े दल होने के बावजूद कांग्रेस की सरकारें नहीं बनने देना भाजपा के अलोकतांत्रिक चरित्र को बताते है। महाराष्ट्र में शिवसेना के विधायकों की तोड़फोड़ क्या आपातकाल नहीं है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दरअसल समूची भाजपा इस समय खुद मोदी और शाह की तानाशाही के सामने डरी और सहमी हुई है। इसीलिये भाजपा नेताओं को देश की असली हकीकत नहीं दिख रही हैं। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता बिना मोदी-शाह की सहमति से एक शब्द नहीं बोल सकते। छत्तीसगढ़ के निर्वाचित सांसद छत्तीसगढ़ के जनप्रतिनिधि अपने राज्य की जनता किसानों के हित में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं रखते। धान की कीमत राज्य को खाद की आपूर्ति जैसे मसलों पर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता कुछ नहीं बोल पाते, उन्हें डर रहता है मोदी-शाह नाराज हो जायेंगे।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सेना में भर्ती की नई योजना अग्नीवीर क्या किसी आपातकाल से कम है। दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक भारतीय सेना में अनियमित भर्ती की योजना सरकार को लाने को क्यों मजबूर होना पड़ा है? क्या भारत सरकार नियमित सैनिकों का खर्चा उठाने में सक्षम नहीं है? क्या यह आपातकाल नहीं है देश के 40 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप सूखे है, वहां डीजल, पेट्रोल का संकट है? क्या यह हालात देश में आपातकाल की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं।
 

दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री बघेल को हिरासत में लिया…

दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री बघेल को हिरासत में लिया…

नई दिल्ली : सोनिया गाँधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में भेजे गए समन के विरोध में कांग्रेस के पैदल मार्च शामिल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस के तमाम सांसदों, महासचिवों और राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस मुख्यालय से ईडी कार्यालय तक पैदल मार्च कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सेंट्रल एजेंसीज का दुरुपयोग किया जा रहा है। विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम दबने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जब ईडी के सामने पेश होंगी, तब इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। कितनी भी दिल्ली पुलिस बैरिकेडिंग कर ले, कितना भी प्रयास करके देख ले. सत्य को जीत होगी। कानून का राज कहां है, तानाशाही हो रही है।
 

BIG BREAKING : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर BJP में शुरू हुई रणनीति, पार्टी ने जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

BIG BREAKING : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर BJP में शुरू हुई रणनीति, पार्टी ने जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह को सौंपी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

नई दिल्ली | बीजेपी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है. पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एनडीए और यूपीए के सभी दलों से विचार विमर्श करने के लिए अधिकृत किया है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को विचार-विमर्श के लिए अधिकृत किया है. वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के सभी घटक दलों के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों एवं निर्दलीय के साथ भी विचार विमर्श करेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शीघ्र ही विचार-विमर्श की प्रक्रिया को शुरू करेंगे.

बता दें कि, वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जलाई को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक अगर एक से ज्यादा व्यक्ति ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन किया तो नए राष्ट्रपति के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा और 21 जुलाई को मतों की गिनती की जाएगी. इस चुनाव में 4,809 निर्वाचक होंगे, जिनमें 776 सांसद और 4,033 विधायक होंगे. इनमें 223 राज्यसभा के और लोकसभा के 543 सदस्य शामिल हैं.

बीजेपी ने शुरू की घेराबंदी
बीजेपी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर घेराबंदी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले राजनीतिक गठबंधनों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन के पास फिलहाल 23 फीसदी के लगभग वोट हैं, वहीं एनडीए गठबंधन के पास लगभग 49 प्रतिशत वोट हैं. सूत्रों के मुताबिक, 15 जून के बाद बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा होगी. उससे पहले पार्टी ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी फिर हुई अस्पताल में भर्ती, कांग्रेस महासचिव रणदीप ने कहा ये

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी फिर हुई अस्पताल में भर्ती, कांग्रेस महासचिव रणदीप ने कहा ये

नई दिल्लीकांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को कोविड से संबंधित समस्याओं के कारण आज गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें अस्पताल में निगरानी के लिए रखा जाएगा. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, “कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को आज कोविड से संबंधित मुद्दों के कारण गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया. वह स्थिर हैं और उन्हें अस्पताल में निगरानी के लिए रखा जाएगा

उन्होंने कहा कि हम सभी कांग्रेसियों और महिलाओं के साथ-साथ सभी शुभचिंतकोंको उनकी चिंता और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हैं। सोनिया गांधी 2 जून को कोविड संक्रमित पाईं गईं थीं. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उन्हें और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में तलब करने के एक दिन बाद गांधी कोरोना से संक्रमित हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष को 8 जून को ईडी के सामने पेश होना था, लेकिन अब उन्हें 23 जून को पेश होने के लिए कहा गया है.

राज्यसभा चुनाव: हरियाणा का किला नहीं बचा पाई कांग्रेस; अजय माकन हारे

राज्यसभा चुनाव: हरियाणा का किला नहीं बचा पाई कांग्रेस; अजय माकन हारे

राजस्थान में भले ही कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार जीत गए, लेकिन हरियाणा में कांग्रेस विधायकों की पर्याप्त संख्या होते हुए भी राज्य सभा के लिए अपने उम्मीदवार अजय माकन को जीत नहीं दिलवा पाई। हरियाणा में दो सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार और उसके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने बाजी मार ली। वोटिंग होने के बाद विवाद की वजह से करीब 8 घंटे तक काउंटिंग नहीं हो सकी और देर रात करीब 2:30 बजे नजीते घोषित किए गए।
हरियाणा के 90 में से 89 विधायकों ने वोट डाला। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। प्राप्तो जानकारी के अनुसार भाजपा के पंवार को 31 वोट मिले और वह पहली सीट के लिए निर्वाचित हुए। दूसरे उम्मीदवार को भी जीत के लिए इतने ही विधायकों के वोट चाहिए थे। हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के पास 31 सदस्य हैं, लेकिन पार्टी से असंतुष्ट चल रहे कुलदीप बिश्नोई ने पार्टी के अधिकृत एजेंट को दिखाए बिना वोट डाला। माना जा रहा है कि उन्होंने पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया। भाजपा समर्थित कार्तिकेय शर्मा और अजय माकन को प्रथम वरीयता के 29-29 वोट मिले, लेकिन दूसरी वरीयता के वोट से कार्तिकेय जीत गए।
 

नूपुर शर्मा के बोल पर विवाद के बाद भाजपा ने खींची मर्यादा की लक्ष्मण रेखा, प्रवक्ताओं के लिए गाइडलाइन तय

नूपुर शर्मा के बोल पर विवाद के बाद भाजपा ने खींची मर्यादा की लक्ष्मण रेखा, प्रवक्ताओं के लिए गाइडलाइन तय

नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के बाद मचे बवाल के चलते भाजपा सतर्क हो गई है। अब उसने टीवी डिबेट में जाने वाले अपने नेताओं और प्रवक्ताओं के लिए नई गाइडलाइंस तय की हैं। उन्हें डिबेट में शामिल होने के दौरान इनका पालन करना होगा और ऐसा न होना पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन माना जाएगा। भाजपा के सूत्रों ने इन गाइडलाइंस के बारे में जानकारी दी है। प्रवक्ताओं को साफ हिदायत दी गई है कि वे चर्चा के दौरान किसी धर्म, उसके प्रतीकों और पूजनीय हस्तियों के बारे में कोई आपत्तिजनक बात न कहें। प्रवक्ताओं से साफ कहा गया है कि वे बहस के दौरान सीमा को लांघने से बचें।

प्रवक्ताओं को उकसावे में आने से बचने की दी गई सलाह

भाजपा ने पार्टी प्रवक्ताओं से कहा है कि वे बहस के दौरान उकसावे में आने से बचें। पार्टी की ओर से कहा गया है कि किसी भी तरह के उकसावे में आकर पार्टी की विचारधारा और आदर्शों का उल्लंघन न करें। इसके अलावा प्रवक्ताओं को नसीहत दी गई है कि टीवी पर जाने से पहले टॉपिक चेक करें और उसके लिए पूरी तैयारी करके ही जाएं। ऐसा करते वक्त पार्टी लाइन का भी ध्यान रखा जाए। पार्टी ने साफ किया है कि बहस के दौरान किसी के भी ट्रैप में न फंसें। सिर्फ विकास के मुद्दों पर ही बात करें। भाजपा ने प्रवक्ताओं से कहा है कि वे बहसों को दौरान सिर्फ सामाजिक कल्याण और विकास के मुद्दों पर ही रहें। सरकार की उपलब्धियों के बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी दें। कहा जा रहा है कि भाजपा ने 8 सूत्रीय गाइडलाइंस तैयार की है।

 

बात बात पर केंद्र को पत्र लिखने वाले मुख्यमंत्री हसदेव ब्लॉक निरस्तीकरण के लिए केंद्र को पत्र क्यों नही लिख रहे- बृजमोहन

बात बात पर केंद्र को पत्र लिखने वाले मुख्यमंत्री हसदेव ब्लॉक निरस्तीकरण के लिए केंद्र को पत्र क्यों नही लिख रहे- बृजमोहन

रायपुर | बृजमोहन अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि, हसदेव अरण्य का जंगल मध्य भारत का सबसे समृद्ध जंगल है, अगर बोलचाल की भाषा में कहा जाए तो यह मध्य भारत का फेफड़ा है, इस जंगल की कटाई एवं कोयले की खुदाई से, हाथी एवं मानव द्वंद तो बढ़ेगा ही, साथ ही जैव-विविधता भी समाप्त होगी, जल स्रोत भी सुखेगा।
छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सिंचाई बांध, हसदेव बांगो का कैचमेंट एरिया एवं जल भराव क्षेत्र भी समाप्त होगा, जिससे जलस्तर तो नीचे जाएगा ही, साथ ही सिंचाई के लिए 500000 हेक्टेयर सिंचाई करने वाले बांध की सिंचाई क्षमता भी कम होगी एवं 12000 मेगावाट विद्युत क्षमता भी समाप्त हो जाएगी।

आगे बृजमोहन ने कहा कि, इन जंगलों के चार-चिरौंजी एवं लघु वनोपज के आधार पर जीवन जीने वाले लाखों आदिवासी की जीवन जीना भी दूभर हो जाएगा एवं आदिवासी संस्कृति भी समाप्त हो जाएगी।

छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़िया की बात करने वाले मुख्यमंत्री तीन साल तक रोकी गई पर्यावरण स्वीकृति, तीन महीने में स्वीकृत कर, किसको उपकृत कर रहे हैं?

भाजपा छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है, छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार व भूपेश बघेल की है। बार-बार केंद्र के ऊपर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। बात बात पर केंद्र को पत्र लिखने वाले मुख्यमंत्री हसदेव ब्लॉक निरस्तीकरण के लिए केंद्र को पत्र लिखें।

बृजमोहन ने कहा कि, भूपेश ने कहा है कि आवंटन रद्द कराने के लिये जंतर मंतर पर धरना दें, भाजपा यह कह रही कि यूपीए ने यह आवंटन किया था। प्रदेश की कांग्रेस सरकार केवल पर्यावरण क्लीयरेंस वापस ले ले, किसी छत्तीसगढ़िया को जंतर मंतर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।

हसदेव वन के बारे में MoEFCC विशेषज्ञ निकाय की रिपोर्ट में भारतीय वन्यजीव संस्थान ने पहले से ही खुदे हुए क्षेत्र से आगे खनन की अनुमति नहीं देने की सिफारिश की है क्योंकि यह और अधिक मानव हाथियों के संघर्ष के लिए ट्रिगर के रूप में कार्य करेगा।

क्या छत्तीसगढ़ सरकार के बिना परमिशन व पर्यावरण स्वीकृति के जंगल की कटाई या कोयले की खुदाई हो सकती है?

विदेश में जाकर राहुल गांधी कहते हैं कि हसदेव अरण्य की जंगल कटाई के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दी गई अनुमति के पक्ष में मैं नहीं हूं, तो क्या राहुल गांधी जी भूपेश बघेल जी को हटाएंगे, भूपेश जी के ही एक मंत्री यह कहते हैं कि झाड़ो की कटाई के विरोध करने पर अगर गोली चलेगी तो पहली गोली मैं खाऊंगा, अगर वे भूपेश मंत्रिमंडल के विरोध में है तो गोली खाने की जरूरत नहीं, मंत्री पद से इस्तीफा देकर हिम्मत के साथ वे इस लड़ाई को लड़ेंगे या भूपेश बघेल मंत्रिमंडल के विरुद्ध जाने वाले मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करेंगे।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी अनेक ऐसे ब्लॉक हैं, जहां हसदेव जैसे सघन वन नहीं हैं, वहां ब्लॉक आवंटित किया जा सकता है।

हसदेव अरण्य के जंगल की कटाई के लिए भूपेश बघेल एवं उनकी सरकार जिम्मेदार है।
 

मोदी भाजपा की सरकार ने 8 साल में बेचने के अलावा कुछ नहीं किया, सिर्फ दो को मिला लाभ बाकी 135 करोड़ जनता बेहाल- मरकाम

मोदी भाजपा की सरकार ने 8 साल में बेचने के अलावा कुछ नहीं किया, सिर्फ दो को मिला लाभ बाकी 135 करोड़ जनता बेहाल- मरकाम

रायपुर, मोदी सरकार के 8 साल को देश की 135 करोड़ जनता के लिए नाकामी लाचारी और बेबसी भरा बताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आखिर भाजपा किस बात का जश्न मना रही है। जब देश के 133 करोड़ जनता का चेहरा मायूस और उदास लग रहा है। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां सीख आरएसएस और उनके अनुवांशिक संगठनों के अलावा किसी और को समझ नहीं आ रहा है। हकीकत यह है कि 8 साल के कार्यकाल में सिर्फ दो लोगों को छोड़कर 135 करोड़ जनता को भारी भरकम टैक्स अनियंत्रित महंगाई बेरोजगारी और भागमभाग के अलावा कुछ भी नहीं मिला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में किए गए वादे को 8 साल में नरेंद्र मोदी की सरकार पूरा नहीं कर पाई। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान जारी घोषणापत्र में एक मजबूत लोकपाल बनाने, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने, महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए अलग से कोष बनाने वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता देने 100 स्मार्ट शहर बसाने, बुलेट रेलगाड़ियों की हीरक चतुर्भुज परियोजना, पांच प परम्परा प्रतिभा पर्यटन पण प्रोधोगिकी सहित घोषणापत्र के अन्य विषयों पर भी भाजपा की सरकार ने कोई काम नहीं किया है। ऐसे में वादाखिलाफी के लिए जाने जाने वाली भाजपा किस बात का जश्न मना रही है। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल पूरा होने की खुशियां भाजपा से जुड़े लोगों के चेहरे में भी नहीं दिख रही है। दलिय प्रतिबद्धता के चलते भाजपा से जुड़े लोग मन मसोटकर सिर्फ नारा लगा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी भाजपा की सरकार ने 8 साल में कोई ऐसा काम नहीं किया है। जिससे देश की जनता को गौरवान्वित महसूस हो। कांग्रेस शासनकाल में बनी सरकारी उपक्रमों कल कारखाना, हवाई अड्डा, विमानन कंपनी, रेलवे स्टेशन, ट्रेन स्टेडियम, लाल किला सहित देश के ऐतिहासिक धरोहरों को अपने चंद पूंजीपति मित्रों को कौड़ी के दाम बेचने के अलावा इनके द्वारा कोई काम नहीं किया गया है। देश के ऊपर आज 153 लाख करोड़ का कर्ज का बोझ चढ़ गया है। देश के प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर 1 लाख का कर्ज है। रिजर्व बैंक के रिजर्व फंड से 1 लाख 76 हजार करोड़ पर निकाल लिया गया। 28 लाख करोड़ की कीमत की संपत्तियों को मात्र 60000 लाख करोड रुपए बेच दिया गया। विदेशी मुद्रा भंडार भी गिरावट की स्थिति में है ऐसे में भाजपा आखिर किस बात का जश्न मना रही है ? क्या 8 साल में देश की हालात जो खराब हुई है उसका जश्न मना रहे है? देश बेरोजगारी के मामले में 45 साल पुरानी स्थिति में खड़ी है उसका जश्न मना रहे है या अर्थव्यवस्था गर्त में चली गई है उसकी खुशियां मना रहे है देश में कर्ज बड़ा है महंगाई दुगनी हुई है क्या भाजपा का जश्न इसलिए हैं? भाजपा नेताओं को देश की जनता को बताना चाहिए कि लोकसभा चुनाव के दौरान 2014 एवं 2019 में किए गए वादे को कितना अब तक मोदी सरकार ने पूरा किया है।
 

छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के बाद भूपेश शर्मोहया भी बेच बैठे - विष्णुदेव

छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के बाद भूपेश शर्मोहया भी बेच बैठे - विष्णुदेव

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कांकेर में मीडिया से बातचीत के दौरान कश्मीर मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के बाद भूपेश बघेल शर्मोहया भी बेच बैठे हैं। वे जिस निम्न भाषा में स्तरहीन बातें कर रहे हैं, वह छत्तीसगढ़ की शालीन संस्कृति के प्रतिकूल तो है ही, मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति का ऐसा आचरण पद की गरिमा को कलंकित कर रहा है। भूपेश बघेल महिलाओं का कितना सम्मान करते हैं, यह तो उनके तथाकथित भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान तब सामने आ गया जब फरियाद सुना रही एक लड़की को धौंस दिखाते हुए वे हुक्म दे रहे थे कि ऐ लड़की नेतागिरी मत कर। अब वे कह रहे हैं कि कश्मीर में हिंदुओं की हत्या पर भाजपा मौन है। वे यह भी कह रहे हैं कि 370 हटने पर भाजपा कहती थी कि गोरी लड़की लायेंगे तो पहली बात वे अच्छी तरह समझ लें कि भाजपा की केंद्र सरकार मौन नहीं है। वह कश्मीर में शांति और सुरक्षा के सारे इंतजाम कर रही है। दूसरी बात यह कि भूपेश बघेल यह साबित करें कि भाजपा ने कब ऐसी ओछी बात कही? यह भूपेश बघेल की मानसिक गंदगी है। कांग्रेस के डीएनए में ही ऐसे विकार भरे पड़े हैं। कांग्रेस में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं, यह किसी से छुपा नहीं है। कांग्रेस के लोग भूल गए हैं तो नगमा से पूछ लें कि छत्तीसगढ़ के कांग्रेसियों ने उनका किस तरह सांस्कृतिक अभिनंदन किया था। दरअसल कांग्रेस की यही उद्दण्ड और उजड्ड फितरत है जो भूपेश बघेल जैसे नेताओं को मातृ शक्ति के विरुद्ध अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए उकसाती है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि कश्मीर के लिए कांग्रेस को शर्म से डूब जाना चाहिए लेकिन भूपेश बघेल लज्जा का परित्याग कर आंखें दिखा रहे हैं। धर्म के आधार पर देश के विभाजन की जिम्मेदार कांग्रेस यह बताये कि कश्मीर में धारा 370 क्यों लगाई थी। इसे हटाने के लिए देश को 70 साल तक इंतजार क्यों करना पड़ा। कांग्रेस के तुष्टिकरण का नतीजा कश्मीर ही नहीं, सारा देश भोगता रहा है। जब कश्मीर में हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा था, नृशंस हत्या हो रही थी, पलायन के लिए हिन्दू मजबूर थे, तब कांग्रेस क्या कर रही थी?

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तुष्टिकरण की कांग्रेस संस्कृति को बढ़ावा देने वाले भूपेश बघेल कवर्धा में हिंदुओं को प्रताड़ित करते हैं तब उनका हिंदुत्व कहां खो जाता है। हिन्दू और हिंदुत्व को बांट देने वाले यह बात नहीं समझ सकते कि यह हिन्दू मुस्लिम नहीं तुष्टिकरण का विवाद है और इसके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है। भूपेश बघेल कांग्रेस के पाप भाजपा के सिर पर थोपने की कोशिश न करें। देश और प्रदेश की जनता सब समझ रही है। 

नूपुर शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं, पूछताछ के लिए अब समन जारी करेगी मुंबई पुलिस

नूपुर शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं, पूछताछ के लिए अब समन जारी करेगी मुंबई पुलिस

पैगंबर मोहम्मद पर टीवी डिबेट के दौरान टिप्पणी कर घिरीं नूपुर शर्मा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनके खिलाफ इस बयान के मामले में पुलिस में केस दर्ज कराया गया था। अब मुंबई पुलिस जल्दी ही उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। मुंबई पुलिस के कमिश्नर संजय पांडे ने यह बात कही है। पांडे ने कहा कि ज्ञानवापी मसले पर टीवी डिबेट के दौरान टिप्पणी को लेकर मुंबई पुलिस जल्दी ही निलंबित की गईं भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को समन जारी करेगी और उनका बयान दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो भी जरूरी कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
संजय पांडे ने कहा कि इस मामले में भी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज करने के बाद की जो भी प्रक्रिया होती है, उसका पालन किया जाएगा। नूपुर शर्मा ने टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की थी और उसके बाद अगले ही दिन मुंबई पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। यह केस रजा अकादमी के जॉइंट सेक्रेटरी इरफान शेख ने दर्ज कराया था। पुलिस अधिकारी ने बताया था कि 29 मई की रात को नूपुर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। नूपुर शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 295A के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके तहत उन पर धार्मिक वैमनस्य को उकसाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा दो समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने के आरोपों में सेक्शन 153A के तहत केस दर्ज हुआ है।
नूपुर शर्मा की टिप्पणी के चलते भाजपा को बैकफुट पर आना पड़ा है। एक तरफ कतर, सऊदी अरब, कुवैत, यूएई, बहरीन समेत कई इस्लामिक देशों ने इस पर भारतीय राजदूत को तलब किया था तो वहीं भारत में भी कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है। यही नहीं बीते शुक्रवार को कानपुर में हुई हिंसा की वजह भी यही थी। यह हिंसा उस दौरान हुई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कानपुर में ही थे। गौरतलब है कि चौतरफा हमलों के बाद भाजपा ने रविवार को नूपुर शर्मा को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। उनके अलावा इस मसले पर ट्वीट करने वाले एक अन्य नेता नवीन जिंदल को भी पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है।

 

Previous123456789...6465Next