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बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुल्लई ने कहा कि कोई भी पार्टी किसी को बीफ खाने से नहीं रोक सकती, पढ़े पूरी खबर

बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुल्लई ने कहा कि कोई भी पार्टी किसी को बीफ खाने से नहीं रोक सकती, पढ़े पूरी खबर

मेघालय की एनडीए सरकार में मंत्री सनबोर शुल्लई के एक बयान की चारों ओर खूब चर्चा हो रही है. ये बयान बीफ को लेकर है. सनबोर शुल्लई ने राज्य के लोगों को चिकन, मटन और मछली की तुलना में ज्यादा से ज्यादा गोमांस यानी बीफ खाने के लिए प्रोत्साहित किया है. उन्होंने बीफ को लेकर बयान देते हुए इस आशंका को दूर किया है कि उनकी पार्टी बीफ के खिलाफ थी.

कोई भी पार्टी किसी को बीफ खाने से नहीं रोक सकती- शुल्लई


पिछले हफ्ते कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुल्लई ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में हर कोई जो चाहे खाने के लिए स्वतंत्र है. उन्होंने कहा, ‘’विशेष रूप से मेघालय में बीफ खाने के मुद्दे के बारे में मेरा कहना है कि बीफ खाने वाले समुदाय ज्यादा से ज्यादा बीफ खाने के लिए स्वतंत्र हैं, क्योंकि मेघालय में बीफ खाने वाले समुदायों को प्रतिबंधित करने वाला कोई कानून नहीं है.’’ शुल्लई ने आगे कहा, ‘’ऐसी कोई पार्टी नहीं है, चाहे वह बीजेपी हो या कांग्रेस या कोई भी पार्टी, जो लोगों को बीफ खाने से रोक सकती है.’’

असम के नए गाय कानून से प्रभावित न हों- शुल्लई


पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री शुल्लई ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से बात करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मेघालय में मवेशी परिवहन पड़ोसी राज्य में नए गाय कानून से प्रभावित न हो. 
मेघालय और असम के बीच जटिल सीमा विवाद और वहां 26 जुलाई को हुई हिंसा पर शुल्लई ने कहा, ‘’यह उचित समय है कि राज्य सीमा और अपने लोगों की सुरक्षा के लिए अपने पुलिस बल का उपयोग करें.’’ यह स्वीकार करते हुए कि मेघालय-असम सीमा पंक्ति एक लंबे समय से लंबित मुद्दा है, शुल्लई ने उल्लेख किया कि कोई भी पार्टी अब तक इसे हल करने में सक्षम नहीं है. उन्होंने महसूस किया कि राज्य के लोगों की रक्षा के लिए उन्हें समस्या का पोस्टमार्टम करना होगा और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर उस पर काम करना होगा.’’

 

 

इस BJP सांसद ने छोड़ी राजनीति, लोक सभा से भी दिया इस्तीफा

इस BJP सांसद ने छोड़ी राजनीति, लोक सभा से भी दिया इस्तीफा

बीजेपी सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रहे बाबुल सुप्रियो ने राजनीति को अलविदा कह दिया है. बाबुल सुप्रियो ने अपनी संसदीय सीट से इस्तीफा देने का भी फैसला किया है. बाबुल सुप्रियो ने राजनीति छोड़ने का ऐलान अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट डालते हुए किया. बाबुल सुप्रियो केंद्र सरकार में मंत्री थे. हाल ही में उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया था.
बाबुल सुप्रियो ने राजनीति छोड़ने की बात कहते हुए लिखा कि अलविदा, मैं किसी और पार्टी में शामिल होने नहीं जा रहा हूं. मुझे टीएमसी, कांग्रेस, सीपीआई (एम) किसी ने भी नहीं बुलाया है. मैं कहीं नहीं जा रहा हूं. समाज की सेवा करने के लिए राजनीति की ज़रूरत नहीं है. बाबुल सुप्रियो ने कहा- मुझे जो सरकारी आवास दिया गया है, अब मैं वो भी छोड़ने जा रहा हूं. मैं लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं.
बता दें कि कुछ दिन पहले ही बाबुल सुप्रियो को केंद्र के मंत्रिमंडल से हटाया गया था. तब उन्होंने लिखा था कि मुझसे मंत्रिमंडल छोड़ने को कहा गया और मैंने छोड़ दिया. अब बाबुल सुप्रियो ने राजनीति ही छोड़ दी है. बाबुल सुप्रियो बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल के अहम नेताओं में से एक माने जाते रहे हैं. वह बीजेपी से दो बार सांसद चुने जा चुके हैं.
 

अपराध से निपटने के लिए प्रयोग जरूरी : पीएम नरेंद्र मोदी

अपराध से निपटने के लिए प्रयोग जरूरी : पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के ट्रेनी आईपीएस अधिकारियों को संबोधित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने ट्रेनी अधिकारियों से कहा कि आप जैसे युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है। महिला अफसरों की भूमिका भी अहम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अफसरों की पढ़ाई देश सेवा में काम आती है। पीएम मोदी ने कहा कि आपको हमेशा ये याद रखना है कि आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत के भी ध्वजवाहक हैं, इसलिए आपकी हर गतिविधि में नेशन फर्स्ट, आलवेज फर्स्ट यानी राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना झलकनी चाहिए ।

उन्होंने कहा कि आपकी सेवाएं देश के अलग-अलग जिलों और शहरों में होगी। आपको एक मंत्र हमेशा याद रखना होगा कि फील्ड में रहते हुए आप जो भी फैसले लें, उसमें देशहित और राष्ट्रीय परिपेक्ष्य होना चाहिए। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद थे।

पीएम मोदी ने कहा कि इस साल की 15 अगस्त खास है। आजादी की 75वीं वर्षगांठ इस बार पूरा देश मनाएगा। बीते 75 सालों में भारत ने एक बेहतर पुलिस सेवा के निर्माण का प्रयास किया है। पुलिस ट्रेनिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में भी हाल के वर्षों में बहुत सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरा हर साल ये प्रयास रहता है कि आप जैसे युवा साथियों से संवाद करूं आपके विचारों को जानू, क्योंकि आपके विचार, सवाल, उत्सुकता, मेरे लिए भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे।

ट्रेनी अफसरों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नए संकल्प से इरादे से आगे बढ़ना है। अपराध से निपटने के लिए नया प्रयोग जरूरी है। पीएम मोदी ने सत्याग्रह आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि गांधीजी ने सत्याग्रह के दम पर अंग्रोजों की नींव हिलाई थी।

संवाद में 144 ट्रेनी पुलिस अधिकारी शामिल
प्रशिक्षु अधिकारी पीएम मोदी को भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही वह अपना अनुभव भी साझा कर रहे हैं। ये प्रशिक्षु अधिकारी आने वाले सालों में महत्वपूर्ण पुलिस जिम्मेदारियों को संभालेंगे। प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के साथ पीएम मोदी संवाद कर रहे हैं। इस संवाद में 144 ट्रेनी पुलिस अधिकारी शामिल हैं।

राहुल गांधी ने भी ले ली कोरोना वैक्सीन की खुराक

राहुल गांधी ने भी ले ली कोरोना वैक्सीन की खुराक

नई दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना रोधी टीके की पहली खुराक ले ली है. पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने बुधवार को टीके पहली खुराक ली. इसी वजह से गुरुवार और शुक्रवार को संसद नहीं पहुंचे.

सूत्रों का कहना है कि कोरोना से संक्रमित होने के तीन महीने बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने टीका लगवाया है. अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उन्होंने भारत में लगाए जा रहे किस टीके की खुराक ली है. उन्होंने गत 20 अप्रैल को ट्वीट कर खुद जानकारी दी थी कि वह कोरोना से संक्रमित हो गए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी पहले ही कोरोना की वैक्सीन ले चुकी हैं. बता दें कि बीजेपी ने कई मौके पर सवाल किया था कि राहुल गांधी ने कोरोना की वैक्सीन क्यों नहीं ली? वहीं कांग्रेस सरकार पर कोरोना को लेकर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए मुद्दों से भटकाने की बात कहती रही है.

16 जून को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा था, ''आज हम सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका गांधी से पूछना चाहते हैं कि आप तीनों बताएं कि आपने वैक्सीन का अपना पहला और दुसरा डोज कब लिया या लिया ही नही. गांधी परिवार को कोवैक्सीन पर विश्वास है, या नहीं. ये सवाल केवल बीजेपी का नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान का है.''
इसके जवाब में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यह कहा था कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने टीके की पहली खुराक ले ली है और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कोविड से पूरी तरह सेहतमंद होने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर टीका लगवाएंगे.

 

विस मानसून सत्र : सदन में उठा शिक्षा का अधिकार का मुद्दा

विस मानसून सत्र : सदन में उठा शिक्षा का अधिकार का मुद्दा

रायपुर: विधानसभा में जनता कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों के प्रवेश लक्ष्य पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि- शैक्षणिक सत्र 2019-20 , 2020-21 और 2021-22 में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत कितने बच्चों को प्रवेश कराने का लक्ष्य रखा गया है और अभी तक कितनों को प्रवेश दिया गया ? अल्पसंख्यक वर्ग के द्वारा संचालित निजी स्कूलों के लिए क्या RTE लागू होता है ? अगर हां तो क्यो ? अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रदेश मं2 कौन कौन से स्कूल संचालित है और यह स्कूल कहां-कहां चल रहे है और क्या इन स्कूलों में अल्पसंख्यक बच्चों को प्रवेश के लिए कितनी सीट आरक्षित है, अगर नहीं है तो क्यों ?

जवाब में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आकड़ो के साथ दिया जवाब –
शिक्षा का अधिकार के तहत वर्षवार आरक्षित सीटें - साल 2019-20 में 81,242 आरक्षित सीट रही जिसमें सिर्फ 48,167 बच्चों को प्रवेश मिला।
साल 2020-21 के लिये आरक्षित सीटें 81,242 थी जिसमे 52,689 बच्चों को प्रवेश मिला।
साल 2021-22 के लिए आरक्षण में 2246 सीटें बढ़ाई गई आरक्षण की कुल सीटों की संख्या हुई 83,688 हुई जिसके लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।
जबकि अल्पसंख्यक वर्ग की संस्थाओं में यह प्रक्रिया लागू नहीं होती। क्योंकि कानून में इसका प्रावधान नहीं है। इसलिए प्रश्न का पूरा उत्तर नहीं दिया जा सकता।

भाजयुमो ने फुका मुख्यमंत्री का पुतला, पुलिस से हुई झड़प

भाजयुमो ने फुका मुख्यमंत्री का पुतला, पुलिस से हुई झड़प

रायपुर । भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के आव्हान पर रायपुर के जिला अध्यक्ष और महामंत्री के नेतृव मं प्रदेश की लुटेरी सरकार ने चंदूलाल चंद्राकर निजी कॉलेज को सरकारी खर्च पर खरीद कर अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुचने के विरोध में भूपेश बघेल का सैकड़ो की संख्या में इंडोर स्टेडियम के समीप और बूढ़ेश्वर चौक दो जगह पर पुतला दहन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओ ने पुलिस की भारी संख्या के बावजूद भी पुतला जलाया और भूपेश बघेल के मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। पुतला जलाते समय भाजयुमो कार्यकर्ताओ का पुलिस वालों के साथ झूमा झटकी हुई। प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए इस निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने और चरणबद्ध आंदोलन करने को कहा। सरकार को ये निर्णय वापस लेना होगा सरकारी पैसे का दुरुपयोग अपने घर परिवार दामाद को लाभ पहुँचाने के लिए नही है। इस कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री अमित मैंशेरी, प्रदेश कोषाध्यक्ष हेमंत सेवलानी, विपिन साहू, उमेश गोरमोड़े, सौरभ जैन, वैभव ठाकुर, सुनिधि पांडेय, ऋतु महिलांगे, तुषार चोपड़ा, अनुराग साहू, गुंजन प्रजापति, किशोर सोनी, मनीष यादव, जिला उपाध्यक्ष विशाल पांडेय, हरिओम साहू, अम्बर अग्रवाल, प्रणय साहू, नीरज वर्मा, बिट्टू शर्मा, अश्वनी विश्वकर्मा, राहुल जैन, प्रिंस परमार, मुकेश पटेल, रितेश मोहरे, दीपक तन्ना, प्रखर साहू, सोनू यादव, अंकित देवांगन, विधि तिवारी, दीपा वर्मा, समीर फ़रिकर, तरुण गुप्ता, अतुल यादव, विजय लाहरवानी,राहुल यादव, सिद्धार्थ जैन, सुमित वर्मा, जयप्रकाश फुटन, प्रशांत शर्मा, अनिल शर्मा, मनीष साहू, भरत कुंडे, संदीप कसार, राज गायकवाड़, गौतम साहू, शुभांकर, राहुल सेन, राहुल ठाकुर, योगी साहू, अमन ताम्रकार, आकाश शर्मा, अमित संगेवार, मोहन पाठक, चंद्रप्रकाश शर्मा, सम्भव साह, हार्दिक, अनमोल तिवारी आदि बड़ी संख्या में शहर से कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

विस मानसून सत्र : सदन में उठा गोबर चोरी का मामला

विस मानसून सत्र : सदन में उठा गोबर चोरी का मामला

रायपुर: सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी का मामला उठाया। मुद्दे पर चर्चा के दौरान हंसी-ठहाके के बीच सरकार ने माना कि चार गोबर ख़रीदी केंद्रों से गोबर चोरी होने और बहने की शिकायत आई है। आखिर में बात गौठानों के संचालन में पंचायतों के अधिकार के हनन तक पहुंची, जिस पर सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि गोबर की चोरी भी हुई है और गोबर पानी में भी बहा है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि गोबर ख़रीदी योजना शुरू होने से अब तक 4 लाख 86 हज़ार 904 टन गोबर की ख़रीदी हुई है। 97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। खरीदे गए गोबर से वर्मी कॉम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट तथा अन्य सामग्री का उत्पादन किया जा रहा है। इन उत्पादों के विक्रय से 54 करोड़ की राशि सरकार को प्राप्त हुई है। राज्य में 11 हज़ार गौठान का काम चल रहा है. एक हजार से अधिक गौठान स्वालंबी हो गये है।

भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि गोबर को सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी किसकी है? मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पंचायतीराज अधिनियम के तहत गौठान बनाये गये हैं। ग़ौठान पंचायत की संपत्ति है, पंचायत समिति इसकी देखरेख करते हैं। इस पर भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि ग़ौठान समितियों में राजनीतिक लोगों की नियुक्ति कर दी गई है। सरकार पंचायत के अधिकार का अतिक्रमण कर रही है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि गौठान समितियों को भुगतान क्या हुआ है? कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिन के भीतर भुगतान किये जाने का कमिटमेंट किया है, निरंतर भुगतान हो रहा है। किसी का भुगतान नहीं रोका जायेगा। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल और नारायण चंदेल ने पूछा कि गौठानों के संचालन के लिये क्या पंचायतों को पूरा अधिकार दिया जायेगा? ये पंचायतों के अधिकार में दख़ल है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पंचायत के किसी अधिकार का हनन नहीं हुआ है।

कृषि रविंद्र चौबे ने कहा कि ये योजना सफल लग रही है। आज सदन में कई सवाल इसे लेकर लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और जनता कांग्रेस विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह दोनों के सवाल लगे हैं। मंत्री अमरजीत भगत ने टिप्पणी करते हुये कहा कि दोनों मिलकर गोबर कर रहे हैं। स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत ने चुटकी लेते हुये कहा कि ग़लत चीज़ मत बोलिये, दोनों गुड़ गोबर कर रहे हैं। अमरजीत भगत ने कहा कि पूरे विपक्ष के दिमाग़ में गोबर घुस गया है। कुछ समझ ही नहीं पा रहे हैं।

राज्य के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सीढ़ियों पर अपना मत्था टेका फिर आगे बढ़े

राज्य के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सीढ़ियों पर अपना मत्था टेका फिर आगे बढ़े

कर्नाटक , बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद बसवराज बोम्मई को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद बसवराज बोम्मई बुधवार को राज्य विधानसभा भी पहुंचे। जहां उन्होंने विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सीढ़ियों पर अपना मत्था टेका फिर आगे बढ़े। बता दें कि इससे पहले जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर पहली बार संसद पहुंचे थे तो उन्होंने भी सीढ़ियों पर मत्था टेका था। बोम्मई भी कुछ उसी अंदाज में नजर आए। बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने यहां राज भवन में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कर्नाटक में भाजपा के विधायक दल ने मुख्यमंत्री पद पर असमंजस को खत्म करते हुए मंगलवार शाम को 61 वर्षीय बोम्मई को अपना नया नेता चुना। बोम्मई ने कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा का स्थान लिया है। उत्तर कर्नाटक से लिंगायत समुदाय के नेता बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाने में वरिष्ठ भाजपा नेता की पूरी सहमति है। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एस आर बोम्मई के बेटे बोम्मई सोमवार को भंग हुई येदियुरप्पा की मंत्रिपरिषद में गृह मामलों, कानून, संसदीय मामलों और विधायी मामलों के मंत्री थे। कर्नाटक में एच डी देवगौड़ा और एच डी कुमारस्वामी के बाद यह पिता-पुत्र की दूसरी जोड़ी है जो मुख्यमंत्री बने हैं।

तीन बार के विधायक और दो बार पार्षद रहे हैं
बोम्मई हावेरी जिले में शिगगांव से तीन बार के विधायक हैं तथा दो बार वह पार्षद रहे हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रधान और जी किशन रेड्डी, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील और राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि तथा कई अन्य नेता मौजूद रहे। प्रधान और रेड्डी को विधायक दल की बैठक के लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

   छत्तीसगढ़ विधानसभा : सिंहदेव-बृहस्पत मामले का हुआ पटाक्षेप

छत्तीसगढ़ विधानसभा : सिंहदेव-बृहस्पत मामले का हुआ पटाक्षेप

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में हंगामे का कारण बना स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव एवं सत्ता पक्ष के विधायक बृहस्पत सिंह के बीच विवाद समाप्त हो गया। बृहस्पत सिंह ने सदन में स्वास्थ्य मंत्री पर हत्या का लगाये आरोप के लिए खेद जताते हुए कहा कि भावावेश में उन्होंने यह आरोप लगाया था। सरकार की ओर से गृहमंत्री ने भी वक्तव्य रखा, जिसमें विधायक पर हुए हमले में मंत्री श्री सिंहदेव के हाथ नहीं होने की बात कहीं गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में विधायक द्वारा खेद जताने पर उनके साथ-साथ विपक्ष की भूमिका की भी सराहना की। इस मामले का पटाक्षेप होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। 

मानसून सत्र शुरू होने के दिन से चले आ रहे स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह एवं विधायक बृहस्पत सिंह के बीच का विवाद आज खत्म हो गया। इस मामले में मंत्री श्री सिंहदेव पर हत्या करने का लगाये गये आरोप के लिए विधायक बृहस्पत सिंह ने विधानसभा में आज खेद जताते हुए कहा कि उन्होंने भावावेश में आकर आरोप लगा दिया था। 

सदन मेंं खेद पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पत सिंह की सराहना की । साथ ही इस मामले में विपक्षी सदस्यों की भूमिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस मामले में गतिरोध खत्म करने में विपक्षी सदस्यों की भी भूमिका रही, जिसके लिए मैं उन्हें भी धन्यवाद देता हूं। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने भी बृहस्पत सिंह द्वारा सदन में खेद जताने पर उनकी प्रशंसा की। बृहस्पत सिंह द्वारा खेद जताने के बाद सरकार की ओर से गृहमंत्री ने भी विधायक बृहस्पत सिंह पर हुए हमले पर वक्तव्य दिया जिसमें स्वास्थ्य मंत्री को इस हमले में हाथ नहीं होने की बात कहीं गई। 
 
इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को जब इसकी जानकारी मिली तो वे अपने निवास से विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। 

ज्ञात हो कि श्री सिंंहदेव ने मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही के दौरान सदन से नाराज होकर चले गये थे। उन्होंने सदन में रहते हुए कहा था कि जब तक बृहस्पत सिंह व उनके मामले में सरकार की ओर से जब तक उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण नहीं आता वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। श्री सिंहदेव के सदन छोडऩे के बाद से प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया था। विपक्षी सदस्यों ने श्री सिंहदेव के सदन छोडऩे को लेकर बड़ा बयान दिया था कि जब एक मंत्री को सरकार पर विश्वास नहीं तो जनता कैसे करेगी।  विपक्षी सदस्यों ने यह भी कहा था कि जब तक इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं होती ऐसे में सदन का कोई औचित्य नहीं है।

सत्र के तीसरे दिन भी आज प्रश्रकाल काल में विपक्षी सदस्यों ने इसी मुद्दे पर हंगामा करते रहे, जिसके कारण प्रश्रकाल पूरी तरह बाधित रहा। 

प्रश्रकाल के दौरान सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित भी हुई। हालांकि प्रश्रकाल के बाद बृहस्पत सिंह द्वारा सदन में खेद जताने और सरकार की ओर से गृहमंत्री का आये वक्तव्य के बाद श्री सिंहदेव एवं बृहस्पत सिंह के बीच का विवाद का पटाक्षेप हो गया। 

नाराजगी दूर होने के बाद विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि यह मामला अब समाप्त हो गया है। उन्हें प्रदेश को देखना है। अब आगे भी वे टीम वर्क के साथ अपनी जिम्मेदारी निभायेंगे। 
बड़ी खबर : विधानसभा की कार्रवाई शुरू, सदन में सिंहदेव दे रहे अपना बयान

बड़ी खबर : विधानसभा की कार्रवाई शुरू, सदन में सिंहदेव दे रहे अपना बयान

रायपुर: विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन से बड़ी खबर सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सदन पहुंच गए है, और सदन में अपना वक्तव्य दे रहे हैं। ज्ञातव्य है कि विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों से आहात होकर स्वास्थ्य मंत्री सदन की कार्रवाई बीच में ही छोड़कर चले गए थे। उन्होंने कहा था कि जब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, वे सदन की कार्रवाई से अलग रहेंगे।

इसके बाद कल का विधानसभा सत्र स्थगित कर दिया गया था। आज की कार्रवाई शुरू होने के बाद विपक्ष ने इस मामले को लेकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद विधायक बृहस्पत सिंह ने सदन में खेद व्यक्त किया और कहा- मैने भावेश में आ कर आरोप लगा दिया था। किसी को ठेस पहुची हो तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।

इसके बाद गृह मंत्री ने भी टीएस सिँहदेव पर लगे आरोपों पर क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि साजिश और जान से मारने की कोशिश में सिंहदेव की कोई भूमिका नहीं थी। गृह विभाग ने सिंहदेव पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है।

विस मानसून सत्र : कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने उठाया सिंहदेव का मामला

विस मानसून सत्र : कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने उठाया सिंहदेव का मामला

रायपुर: विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने टीएस सिंहदेव के खुद को सदन की कार्रवाई से अलग रखने का मामला उठाया। विपक्ष ने की सदन की सभी कार्रवाई रोकते हुए सिंहदेव मामला स्पष्ट करने मांग की। भाजपा विधायक विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने टीएस सिंहदेव का मंगलवार को दिया हुआ बयान सदन में पढ़ा। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री का सदन के भीतर का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने का भी मुद्दा उठाया गया। विपक्ष ने सदन की जीपीसी कमेटी बनाकर जांच की मांग की है।

वहीं प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान स्पीकर डॉ. महंत ने संसद से लालकृष्ण आडवाणी की सदन छोड़कर जाने बात कही, जिस पर विपक्ष ने कहा कि आडवाणी इस्तीफा देकर निकले थे। विपक्ष ने सवाल किया कि बताएं टीएस सिंहदेव सदन के सदस्य हैं या नहीं। अगर हैं हैं तो सरकार कार्रवाई से पहले स्थिति को स्पष्ट करे।

आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे बसवराज, पूर्व मुख्यमंत्री के हैं करीबी

आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे बसवराज, पूर्व मुख्यमंत्री के हैं करीबी

बेंगलूरू: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे होगा। बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद मंगलवार शाम को केंद्रीय पर्यवेक्षकों धर्मेंद्र प्रधान, जी किशन रेड्डी और कर्नाटक भाजपा प्रभारी अरुण सिंह की देखरेख में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें येदियुरप्पा ने अपने करीबी और लिंगायत समुदाय से आने वाले राज्य के गृहमंत्री बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। देर रात बोम्मई ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की।

इससे पहले बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार ने मंगलवार शाम को ही बंगलूरू में पर्यवेक्षक व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जी किशन रेड्डी से मुलाकात की थी। येदियुरप्पा के कुर्सी छोड़ने के बाद बोम्मई के साथ-साथ कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, केंद्रीय कोयला खनन मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्रलाद जोशी और लिंगायत समुदाय से आने वाले कर्नाटक के कोयला और खनन मंत्री मुरुगेश निरानी का नाम भी चर्चा में था। बताया जा रहा है कि बोम्मई के नाम पर लिंगायत समुदाय भी राजी था।

2023 के चुनाव में लिंगायतों से ही सत्ता का गणित साधने की कोशिश
कर्नाटक की आबादी में लिंगायत समुदाय की भागीदारी करीब 17 फीसदी है। 224 सदस्यीय विधानसभा सीटों पर 100 से ज्यादा सीटों पर लिंगायत समुदाय का प्रभाव है। ऐसे में भाजपा ने येदियुरप्पा के हटने के बाद लिंगायत समुदाय के ही किसी व्यक्ति को नया सीएम बनाकर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता का गणित साधने की कोशिश की है।

12 साल पहले भाजपा में शामिल हुए, अब बने ‘नायक’
सादर लिंगायत समुदाय से आने वाले बसवराज पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। खेती से जुडे़ होने के नाते कर्नाटक के सिंचाई मामलों का जानकार माना जाता है। राज्य में कई सिंचाई परियोजनाएं शुरू करने की वजह से उनकी सराहना की जाती है। उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100 फीसदी पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी दिया जाता है। उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बसवराज 2008 में भाजपा में शामिल हुए और तभी लगातार पार्टी में ऊपर चढ़ते चले गए। वह पहले राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत जनता दल के साथ की थी।

येदियुरप्पा के समर्थक ने की खुदकुशी
कार्यवाहक मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपने एक समर्थक के खुदकुशी करने पर दुख जताया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चामराजनगर जिले का 30 वर्षीय राजप्पा रवि सोमवार को येदियुरप्पा के इस्तीफा देने से सदमे में था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। येदियुरप्पा ने कहा, मैं अपील करता हूं कि मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि इस संबंध में ऐसा कदम नहीं उठाएं। मैं रवि के परिवारवालों की पीड़ा में उनके साथ हूं।

बड़ी खबर : मुख्यमंत्री निवास में बैठक के बाद पीएल पुनिया ने बृहस्पत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर कारण बताओ नोटिस जारी किया

बड़ी खबर : मुख्यमंत्री निवास में बैठक के बाद पीएल पुनिया ने बृहस्पत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर कारण बताओ नोटिस जारी किया

रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में सीएम भूपेश ने एक बार फिर कैबिनेट की बैठक बुलायी। हलाकि इस बैठक में मंत्री सिंह देव शामिल नहीं हुए। इससे साफ जाहिर है कि बृहस्पत सिंह के साथ हुए विवाद में सिंह देव की तल्खी बरकरार है।

इस पुरे मामले में एआईसीसी ने हस्तक्षेप करते हुए प्रभारी पुनिया को निर्देशित किया। पीएल पुनिया ने बृहस्पत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप पर कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है। नोटिस जारी करते हुए पुनिया ने कहा की बृहस्पत सिंह कारण बताओ नोटिस का जवाब दें। यदि जवाब संतुष्टि पूर्ण नहीं होता है तो उन पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई निश्चित है। आपको बता दें कि बुधवार को विधानसभा में सरकार की ओर से इस मामले में पक्ष रखा जाएगा। इससे ठीक पहले विधायक पर शोकास नोटिस जारी किया गया है ताकि विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल को शांत किया जा सके। वहीं माना जा रहा है कि यह नोटिस टीएस सिंहदेव की नाराजगी को भी कम करने कोशिश हो सकती है।

आपको बता दें कि विधानसभा में मुख्यमंत्री की बैठक में (Show Cause Notice) सिंहदेव और बृहस्पत मामले पर निराकरण नहीं हो पाया। जिसके बाद सिंह देव ने कहा था कि उन्होंने बैठक के बाद सुलह के मुद्दे पर दो टूक कह दिया कि, ये भविष्य के गर्भ में है। वहीं सदन में कल शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि परिस्थिति जैसी रहेगी, उसके हिसाब से वो निर्णय लेंगे। सबसे बड़ी बात ये है कि सिंहदेव में सबसे ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की एकजुटता देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं ने भी बृहस्पत सिंह पर आलाकमान पर कार्रवाई करने लिखित शिकायत भी की है।

 

बीजेपी नेता आपस में भिड़े,वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने चुटकी लेते हुए अपने ​ट्वीट में पोस्ट करते हुए लिखा

बीजेपी नेता आपस में भिड़े,वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने चुटकी लेते हुए अपने ​ट्वीट में पोस्ट करते हुए लिखा

भिलाई, हालही में भाजपा का एक वी​डियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें बेमेतरा जिले के नवागढ़ भाजपा में खुलकर गुटबाजी दिखी। खाद की किल्लत को लेकर सोमवार को बीजेपी ने प्रदेशभर में धरना किया। इसी दौरान नवागढ़ भाजपा में खुलेआम गुटबाजी देखने को मिली। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि बीजेपी नेता आपस में भिड़ गए।
इस वीडियो को कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने चुटकी लेते हुए अपने ​ट्वीट में पोस्ट करते हुए लिखा है कि रमन सरकार में संस्कृति मंत्री रहे दयाल दास बघेल और बीजेपी के महामंत्री के बीच सडक पर हुआ यह सार्थक संवाद बिना चेहरे वाली @BJP4CGState की प्रभारी @PurandeswariBJP जी और @drramansingh जी तक पहुंचे। सड़क पर भाजपा के संस्कार और सुवचनों का पाठ कीजिए और दूसरों को उपदेश देना बंद कीजिए। दरअसल नवागढ़ में खाद-बीज की कमी को लेकर बीजेपी किसान मोर्चा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन कर रही थी। तभी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

 

इसके बाद देखते ही देखते यह विवाद काफी बढ़ गया। बीच सड़क में ही कार्यकर्ता इकठ्ठा हो गए। घटना के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ, लेकिन तब तक हंगामे और आपसी विवाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बता दें कि छत्तीसगढ़ में आज से विधानसभा मानसून सत्र की शुरुआत हुई है। वहीं सत्र के शुरुआत के साथ-साथ राजधानी समेत पूरे प्रदेश में प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। किसानों के मुद्दों को लेकर BJP किसान मोर्चा ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बीजेपी किसान मोर्चा ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी समिति का कोटा कम कर निजी व्यापारी और दलालों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। साथ ही वर्मी कम्पोस्ट खाद में मिट्टी मिलाकर किसानों को बेचने का आरोप लगाया।

बड़ी खबर :  विधानसभा परिसर में चर्चा के बाद फिर अचानक सीएम हाउस में होने जा रही बैठक, लगाए जा रहे कई कयास

बड़ी खबर : विधानसभा परिसर में चर्चा के बाद फिर अचानक सीएम हाउस में होने जा रही बैठक, लगाए जा रहे कई कयास

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम हाउस में फिर सभी मंत्रियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक बुलाई है। विधानसभा में डेढ़ घंटे हुई मंत्री टीएस सिंहदेव से चर्चा के बाद फिर अचानक सीएम हाउस में होने जा रही इस बैठक के संबंध में कई कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिर से इस विवाद के मामले पर चर्चा होगी। हाईकमान से मिले निर्देशों के बाद मामले का पटाक्षेप करने का प्रयास किया जाएगा। बुधवार को सरकार इस पूरे मामले पर अपना वक्तव्य भी देगी। इसकी तैयारी के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। सदन में विपक्ष के हमलों से बचने की भी पूरी रणनीति तय की जाएगी। 

कांग्रेस विधायक पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सिंहदेव का पक्ष लिए बिना किसी भी धारणा को स्थापित करना उचित नहीं : भाजपा

कांग्रेस विधायक पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सिंहदेव का पक्ष लिए बिना किसी भी धारणा को स्थापित करना उचित नहीं : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के संसद सदस्य सुनील सोनी ने मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के आरोपों के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश सरकार के वक्तव्य को नाकाफ़ी बताते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के सदन छोड़कर जाने की घटना को संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज़ से गंभीर विचारणीय विषय बताया है। श्री सोनी ने कहा कि मंत्री सिंहदेव के कथन और सदन छोड़कर जाने पर प्रदेश सरकार गंभीर हो और मंत्री सिंहदेव पर विधायक सिंह के आरोपों पर सारी स्थिति स्पष्ट कर इस प्रकरण की सूक्ष्मता से जाँच कराए ताकि प्रदेश इस प्रकरण के तमाम पहलुओं से अवगत हो। मंगलवार को विधानसभा में प्रदेश सरकार के वक्तव्य पर मंत्री सिंहदेव का यह कथन अनदेखा-अनसुना नहीं किया जा सकता कि अब भी बहुत कुछ छिपाया जा रहा है।

भाजपा सांसद श्री सोनी ने कहा कि भारतीय राजनीति का यह संभवत: पहला ऐसा प्रकरण होगा कि एक विधायक ने अपनी ही सरकार के मंत्री पर हत्या कराने का आरोप लगाया हो। इससे प्रदेश का सौहार्द्रपूर्ण लोकतांत्रिक राजनीतिक वातावरण पर प्रतिकूल असर होगा। प्रदेश कांग्रेस में सत्ता-संघर्ष से उपजे गैंगवार के हालात प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का काला अध्याय है। प्रदेश की जनता कांग्रेस की अंतर्कलह में बेवज़ह पिस रही है। श्री सोनी ने सवाल किया कि क्या अपनी सरकार की विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने, विभिन्न मोर्चों पर आदिवासियों की नाराज़गी से बचने और ढाई-ढाई साल के फ़ार्मूले से पीछा छुड़ाने के लिए यह साजिश रची गई है? श्री सोनी ने इस समूचे प्रकरण को ख़ूनी सत्ता संघर्ष और सियासी साजिशों का कॉकटेल बताते हुए कहा कि इस मामले का इस्तेमाल करके राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते राजनीतिक छवि को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश करके वर्षों पुराने रामअवतार जग्गी हत्याकांड की याद दिलाकर ‘बहुत-से संदेश और संकेत’ देने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कांग्रेस विधायक सिंह का कथन ही इस घटना का पूरा सच है? या फिर, कथित तौर पर विधायक के काफ़िले को ओवरटेक करने को लेकर हुए विवाद का अपने प्रतिद्वंद्वी खेमे की छवि नेस्त-ओ-नाबूद करने के लिए साजिशान राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है?
 

बड़ी खबर : चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मामले में मुख्यमंत्री के तीन ट्वीट, जानिए क्या है मामला

बड़ी खबर : चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मामले में मुख्यमंत्री के तीन ट्वीट, जानिए क्या है मामला

रायपुर । मुख्यमंत्री ने चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मामले में लगातार तीन ट्वीट किये। ट्वीट 1- चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वे सब निराधार है। यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है। इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा व हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे। ट्वीट 2 -जहां तक रिश्तेदारी और निहित स्वार्थ का सवाल है तो मैं अपने प्रदेश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि भूपेश बघेल उसके प्रति उत्तरदायी है और उसने हमेशा पारदर्शिता के साथ राजनीति की है, सरकार में भी हमेशा पारदर्शिता ही होगी। सौदा होगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा। ट्वीट 3-यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है। जिसे मैं चुनौती देता हूं। अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी ख़रीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी। हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे। हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा तब तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे जब तक.....

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की घोषणा तब तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे जब तक.....

रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव ने आज विधानसभा में घोषणा की कि वे तब तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे जब तक राज्य सरकार एक आदिवासी विधायक के उन पर लगाये गये आरोपों से उन्हें मुक्त नहीं करती। शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्योंक ने सदन की एक समिति ने उस मामले की जांच की मांग की जिसमें आदिवासी विधायक बृहस्पोति सिंह ने आरोप लगाया था कि अम्बिकापुर में कुछ युवकों ने उनके वाहन पर हमला किया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि वह तब तक सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेंगे जब तक कि सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं कर देती। इससे पहले गृह मंत्री ताम्रद्वज साहू ने इस घटना पर बयान दिया।

इतिहास में आज तक कभी किसी सदन में ऐसी घटना नहीं हुई : बृजमोहन

इतिहास में आज तक कभी किसी सदन में ऐसी घटना नहीं हुई : बृजमोहन

रायपुर। विधानसभा मानसून सत्र में आज स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के वाकआउट के बाद विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ लिया। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विश्व के इतिहास में लेजिस्लेटिव में आज तक कभी किसी सदन में ऐसी घटना नहीं हुई। इस दौरान विपक्ष ने स्पीकर से आग्रह किया कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती सदन की कमेटी बनाकर जांच करवानी चाहिए। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन की कमेटी बनाकर जांच करवाने मांग की है। इनके अलावा शिवरतन शर्मा सहित भाजपा और जनता कांग्रेस के सभी सदस्यों ने भी जांच की मांग की है।

बड़ी खबर : सिंहदेव के बंगले के बाहर लगा `नो एंट्री` का बोर्ड...

बड़ी खबर : सिंहदेव के बंगले के बाहर लगा `नो एंट्री` का बोर्ड...

रायपुर। विधानसभा में हंगामे के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने वाकआउट कर दिया। उन्होंने कह कि जब तक विधायक बृहस्पत सिंह के मामले में पूर्ण जांच नहीं हो जाती है, वे सदन की कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बाद खबर आ रही है कि सिंहदेव ने अपने बंगले के बाहर `नो एंट्री` का बोर्ड लगवा दिया है। अभी फिलहाल वे किसी से मुलाकात नहीं करेंगे।

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