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सावन के पहले सोमवार पर धूम धाम से निकली 'बाबा महाकाल' की सवारी

सावन के पहले सोमवार पर धूम धाम से निकली 'बाबा महाकाल' की सवारी

उज्जैन, श्रावन मास के पहले सोमवार पर आज उज्जैन में बाबा महाकाल की भव्य सवारी निकाली गई।भगवान महाकाल राजसी ठाठ बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकले। सवारी की शुरुआत में महाकाल को गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। यहां कोरोना का असर बाबा महाकाल की सवारी पर साफ देखा गया। कोरोना गाइडलाइन के तहत सवारी मार्ग परिवर्तित कर दिया गया, तो वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया। ख़ास बात यह रही कि पहली बार बाबा महाकाल की सवारी मार्ग पर रेड कारपेट बिछाया गया।


महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे बाबा की पालकी का पूजन किया गया और इसके बाद बाबा नगर भ्रमण पर निकले। मंदिर से शुरू हुई बाबा की सवारी बड़े गणेश मंदिर होते हुए सिद्ध आश्रम से रामघाट पहुंची। इसके बाद शिप्रा नदी के रामघाट पर जल अभिषेक के बाद सवारी पुनः महाकाल मंदिर के लिए रवाना हुई।

 

शहीद देवेन्द्र मिश्रा की बेटी बोलीं- पुलिस ज्‍वाइन कर विकास दुबे जैसों को असली जगह भेजूंगी

शहीद देवेन्द्र मिश्रा की बेटी बोलीं- पुलिस ज्‍वाइन कर विकास दुबे जैसों को असली जगह भेजूंगी

कानपुर. गैंगस्‍टर विकास दुबे से एनकाउंटर में शहीद हुए यूपी पुलिस के डीएसपी देवेन्द्र मिश्रा (Devendra Mishra) की बेटी ने पुलिस फोर्स ज्वाइन करने की बात कही है. कानपुर के चौबेपु​र थाना क्षेत्र में बीते 3 जुलाई को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे के साथ हुई मुठभेड़ में डीएसपी देवेन्द्र मिश्रा समेत 8 पुलिसवाले शहीद हो गए थे. पुलिस टीम का नेतृत्व देवेन्द्र मिश्रा ही कर रहे थे. बीते शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने के बाद रविवार को बेटियों ने उनकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, देवेन्द्र मिश्रा की बड़ी बेटी वैष्णवी ​ने पुलिस ज्वाइन करने की बात कही है. वैष्णवी ने कहा कि वह डॉक्टर बनने के अपने सपने को छोड़ देंगी और अपने पिता की तरह ही पुलिस फोर्स ज्वाइन करेंगी. वैष्णवी ने कहा, 'मैं विकास दुबे जैसे अपराधियों को वहीं भेजूंगी, जहां उनकी असली जगह है.' शहीद देवेन्द्र की छोटी बेटी वैशाली सिविल सेवा में जाना चाहती हैं. 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही वैशाली ने कहा कि वो सिविल सेवा की तैयारी कर रही हैं. 

पाक पीएम इमरान खान बोले- हर कीमत पर पूरा करेंगे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा

पाक पीएम इमरान खान बोले- हर कीमत पर पूरा करेंगे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को किसी भी कीमत पर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि 60 अरब डॉलर की यह परियोजना दो देशों की सदाबहार दोस्ती की प्रतीक है।


स्थानीय अखबार डॉन की एक खबर के अनुसार, खान ने सीपीईसी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक में कहा कि यह पाकिस्तान के आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए शानदार परियोजना है। उन्होंने कहा कि यह विशाल व बहुआयामी मुहिम पाकिस्तान के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। खान ने सीपीईसी प्राधिकरण के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इसकी कार्यशैली और दक्षता बढ़ाने के लिए उपाय करने की जरूरत है।


उन्होंने कहा, ‘यह गलियारा पाकिस्तान तथा चीन की दोस्ती का प्रतीक है और मेरी सरकार इसे किसी भी कीमत पर पूरा करेगी व पाकिस्तान के हर नागरिक तक इसके फायदे पहुंचाएगी।’ खान का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एक ही दिन पहले पाकिस्तान के अपने समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ फोन पर हुई बातचीत में सीपीईसी परियोजना के बारे में चर्चा की थी।


वांग ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सीपीईसी की परियोजनाओं को तेज करने की जरूरत पर बल दिया था। उन्होंने यह भी उम्मीद व्यक्त की थी कि पाकिस्तान की सरकार वहां काम कर रही चीन की कंपनियों व चीन के लोगों को बेहतर सुरक्षा मुहैया कराएगी। सीपीईसी पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। यह चीन की कई अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की प्रमुख परियोजना है।


चीन के एक अधिकारी ने पिछले महीने स्वीकार किया था कि बीआरआई के तहत अधिकांश परियोजनाएं कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित हुई हैं। सीपीईसी पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर से होकर गुजरता है। इस कारण भारत शुरुआत से ही इस परियोजना का विरोध करता आया है।

 

लद्दाख: PM नरेंद्र मोदी ने चीन को दिए ये 5 कड़े संदेश

लद्दाख: PM नरेंद्र मोदी ने चीन को दिए ये 5 कड़े संदेश

नई दिल्ली, पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के भारतीय जवानों की हौसला अफजाई करने पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लेह पहुंच गए. अपने संबोधन में पीएम ने कुटिल चालें चल रहे चीन को कुछ कड़े संदेश भी दे डाले.
पीएम के संबोधन में चीन को दिए गए 5 कड़े संदेश

- चीन को संदेश देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा-विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है. विस्तारवाद विश्व शांति एवं पूरी मानवता के लिए ख़तरा है. विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया. पूरी दुनिया विस्तारवाद के ख़िलाफ़ मन बना चुकी है. विकासवाद का समय है.'' गौरतलब है कि चीनी कुटिल चाल चलते हुए दूसरे देशों की जमीन पर अपना दावा जताता रहा है.

- नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में जवानों से कहा-वीर भोग्य वसुंधरा. यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं. ये धरती वीर भोग्या है. इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा सामर्थ्य और संकल्प हिमालय जैसा ऊंचा है. ये सामर्थ्य और संकल्प में आज आपकी आंखों पर, चेहरे पर देख सकता हूं. आप उसी धरती के वीर हैं, जिसने हजारों वर्षों से अनेकों आक्रांताओं के हमलों और अत्याचारों का मुंहतोड़ जवाब दिया है. हम वो लोग हैं जो बांसुरीधारी कृष्ण की पूजा करते हैं, वहीं सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को भी अपना आदर्श मानते हैं.''

- पीएम ने कहा, भारत आज जल, थल, नभ और अंतरिक्ष तक अपनी ताकत का इजाफा कर रहा है. हम आधुनिक आयुधों का इस्तेलमाल कर रहे हैं और दुनिया की आधुनिक से आधुनिक तकनीक भारत की सेना में शामिल कर रहे है. युद्ध की बात हो या फिर शांति की बात, जब भी जरुरत पड़ी है तो विश्व ने हमारे वीरों का पराक्रम भी देखा है.

- जब देश की रक्षा आपके (देश के जवानों के)हाथों में है तो देश निश्चिंत है. आपके रहते देश निश्चिंत है. आपके त्याग, बलिदान के कारण हमारा आत्म निर्भर भारत का सपना और मजबूत होत रहा है. अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है उसने पूरी दुनिया में संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है?

- राष्ट्रतकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां दोहराते हुए पीएम ने कहा-जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी,धरती रही अभी तक डोल,कलम आज उनकी जय बोल.....प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय जवानों ने अपने अंदर की आग और गुस्सा दिखा दिया है. आपके पुरुषार्थ और साहस पर हमें नाज है.'महान तमिल कवि तिरुवल्लुथवर की कविता का उल्लेंख करते हुए पीएम ने कहा- तिरुवल्लु वर ने कहा था-शौर्य, सम्माउन, मर्यादापूर्ण व्य-वहार और विश्व सनीयता ये चार गुण किसी भी देश की सेना का प्रतिबिंब होते हैं भारतीय सेना हमेशा से इसी मार्ग पर चली है
 

ट्रेन और मिनी बस की टक्कर में 29 सिख तीर्थयात्रियों की हुई मौत, जाने कहा की है घटना

ट्रेन और मिनी बस की टक्कर में 29 सिख तीर्थयात्रियों की हुई मौत, जाने कहा की है घटना

लाहौर. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शुक्रवार को एक मिनी बस के ट्रेन से टकरा जाने के कारण 29 लोगों की जान चली गयी. मृतकों में अधिकतर सिख श्रद्धालु थे. अधिकारियों ने बताया कि कराची से लाहौर जा रही शाह हुसैन एक्सप्रेस ने दोपहर डेढ़ बजे फर्रूकाबाद में एक मानव रहित क्रॉसिंग पर मिनी बस को टक्कर मार दी. बस में सिख श्रद्धालु सवार थे. यह घटना जहां हुई वह लाहौर से करीब 60 किलोमीटर दूर है. इवैक्यू ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि हादसे में कम से कम 29 लोगों की मौत हो गयी. इनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी सिख थे.

हाशमी ने बताया, 'बस सिख श्रद्धालुओं को फर्रूकाबाद में गुरुद्वारा सच्चा सौदा ले जा रही थी. श्रद्धालु पेशावर से ननकाना साहिब आए थे. ननकाना साहिब में रूकने के बाद वे पेशावर जा रहे थे. ननकाना साहिब की सीमा तक उन्हें ईटीपीबी की सुरक्षा दी गयी थी.' रेल मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया. रेलवे ने कहा है कि एक संभागीय इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया और मामले में जांच शुरू की गयी है. रेल मंत्री शेख राशिद ने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कदम उठाने का आदेश दिया है

पाकिस्तान के डॉन न्यूज टीवी के अनुसार, पाकिस्ताान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस घटना पर दुख व्यशक्ता किया है. पाकिस्ताॉन के पंजाब प्रांत के शेखुपुरा के जिला पुलिस ऑफिसर गाजी सलाहुद्दीन ने कहा ‍यह घटना शेखुपुरा के फरूकाबाद की है. कराची से लाहौर जा रही शाह हुसैन एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन की एक वैन से टक्कार हो गई.
 

 

छह जुलाई से फिर से जनता के लिए खुलेंगे एएसआई संरक्षित स्मारक : प्रह्लाद पटेल

छह जुलाई से फिर से जनता के लिए खुलेंगे एएसआई संरक्षित स्मारक : प्रह्लाद पटेल

केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने गुरुवार को कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित सभी स्मारक छह जुलाई से जनता के लिए फिर खुल जाएंगे। इससे पहले जून में संस्कृति मंत्रालय ने एएसआई के रखरखाव वाले 3,000 से अधिक स्मारकों में से 820 को फिर खोल दिया था जहां धार्मिक समारोह होते हैं।

कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर 17 मार्च से केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित 3,691 स्मारक और पुरातत्व स्थल बंद थे जिनकी देखभाल एएसआई करता है। मंत्री ने कहा कि स्मारक के अधिकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी कोरोना वायरस से संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।
सूत्रों के अनुसार ऐसे स्थलों पर पर्यटकों के लिए मास्क पहनने का नियम बनाया जा सकता है।

पटेल ने ट्वीट किया, ‘मैंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई के साथ मिलकर सभी स्मारकों को छह जुलाई से फिर से खोलने का निर्णय लिया है।’ हालांकि राज्य और जिला प्रशासन की अनुमति से ही ऐसा किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जो भी स्मारक फिर खुलेंगे, उनमें स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय द्वारा जारी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा।
 

प्रधानमन्त्री का था इस चीनी एप्प में अकाउंट, बेन के बाद डिलीट किये अपना अकाउंट

प्रधानमन्त्री का था इस चीनी एप्प में अकाउंट, बेन के बाद डिलीट किये अपना अकाउंट

नई दिल्ली, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने चीन पर नकेल कसने के लिए कमर कस ली है. इसी के मद्देनजर हाल में ही 59 चीनी एप्स को बैन कर दिया है. इन 59 एप्स में Tik Tok और Weibo जैसे एप भी शामिल हैं जो काफी पॉपुलर हैं. अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना अकाउंट Weibo से हटा दिया हैं. पीएम मोदी ने कुछ साल पहले ही Weibo ज्वाइन किया था.


सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वीआईपी खातों के लिए, Weibo को छोड़ना जटिल प्रक्रिया है. यही वजह है कि आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी अनुमति देने में बहुत देरी की जा रही है. बता दें कि Weibo पर पीएम मोदी के 115 पोस्ट थे. यह मैन्युअल रूप से उन्हें हटाने का निर्णय लिया गया और बहुत प्रयास के बाद 113 पोस्ट को हटा दिया गया है.

 

PM मोदी के की घोषणा के बाद अब इस राज्य की सरकार देने जा रही है जून 2021 तक फ्री राशन

PM मोदी के की घोषणा के बाद अब इस राज्य की सरकार देने जा रही है जून 2021 तक फ्री राशन

नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को देश की पूरी आबादी को मुफ्त राशन देना चाहिए. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने यह भी एलान किया कि जून 2021 तक राज्य में सभी लाभार्थियों को मुफ्त राशन दिया जाएगा. इसके अलावा ममता बनर्जी ने अपनी बात चीन के साथ जारी तनातनी पर भी रखी. उन्होंने कहा कि कुछ एप्स पर प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है, हमें चीन को करारा जवाब देना चाहिए.


इसके साथ ही ममता बनर्जी ने राज्य में एक जुलाई से शुरू हो रहे अनलॉक-2 के लिए कई छूटों की जानकारी भी दी. साथ निजी बस ऑपरेटर्स को चेताया कि वे किराया बढ़ाने की मांग छोड़ दें.


ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में सुबह 5.30 से 8.30 तक मॉर्निंग वॉक की छूट रहेगी. ऐसा करते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा.राज्य में होने वाली शादियों में 50 लोग एकत्रित हो सकेंगे. इसी तरह श्राद्ध में 25 लोगों के जमा होने की छूट होगी.


बता दें कि देश में एक जुलाई से अनलॉक-2 लागू हो रहा है. केंद्र सरकार ने इसके लिए सोमवार को ही गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. हालांकि, अनलॉक-1 की तरह अनलॉक-2 में भी राज्यों को यह छूट दी गई है कि वे अपनी जरूरतों के मुताबिक केंद्र के दिशानिर्देश में बदलाव कर सकते हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इसी आधार पर राज्य में कुछ अतिरिक्त छूट देने की घोषणा की है.

 

शादी में शामिल हुए 95 लोग निकले कोरोना संक्रमित, शादी के 2 दिन बाद हुई दुल्हे की मौत, जाने कहा की है यह खबर

शादी में शामिल हुए 95 लोग निकले कोरोना संक्रमित, शादी के 2 दिन बाद हुई दुल्हे की मौत, जाने कहा की है यह खबर

पटना | बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है | खबर मिली है कि पटना के पालीगंज गाँव के एक शादी समारोह में शामिल हुए 95 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं | इसके साथ ही खबर मिली है कि इस शादी के सिर्फ दो दिन बाद ही दूल्हे की मौत हो गई थी | जानकारी के अनुसार दूल्हा एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, जो गुरूग्राम में नौकरी करता था | चौकाने वाली बात यह है कि दूल्हे में कोविड-19 के लक्षण होने के बावजूद दुल्हे का अंतिम संस्कार बिना कोरोना टेस्ट के ही कर दिया गया |

पालीगंज गांव की है घटना
बता दें कि यह घटना पटना जिले के पालीगंज गांव की है 
| यहां दूल्हे की मौत की खबर सामने आने के बाद जब प्रशासन ने समारोह में शामिल हुए लोगों का टेस्ट किया तो 95 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए| मामले के सामने आने के बाद से ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है| बिहार में यह पहला ऐसा मामला सामने आया है, जहां कोरोना वायरस के विस्तार का इतना बड़ा मामला देखने को मिला है| हालांकि, प्रशासन का कहना है कि दूल्हे का कोरोना टेस्ट इसलिए नहीं हो सका, क्योंकि परिजनों ने प्रशासन को सूचना देने से पहले ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया था|


15 जून को हुई थी शादी
आपको बता दें कि यह शादी समारोह 15 जून को संपन्न हुआ था और शादी के दो दिन बाद ही दूल्हे की मौत हो गई थी | पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर मृतक गुड़गांव से 12 जून को ही गांव पहुंचा था| जब दू्ल्हा गांव पहुंचा था, तब उसमें कोरोना के लक्षण थे, लेकिन उसके परिवार ने शादी का न टालने का फैसला लिया| शादी के सिर्फ दो दिन बाद ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और पटना के एम्स ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई|
जिला प्रशासन को जब दूल्हे की मौत के बारे में पता चला तो उसने शादी में शामिल हुए लोगों का कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें अब तक 95 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं | प्रशासन का कहना है कि कोरोना के लक्षण दिखने के बावजूद शादी कर परिवार वालों ने दिशा निर्देशों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया है|

निजी अस्पताल में लगी आग, कोरोना वायरस से संक्रमित सात लोगों की हुई मौत, जाने कहा की है यह खबर

निजी अस्पताल में लगी आग, कोरोना वायरस से संक्रमित सात लोगों की हुई मौत, जाने कहा की है यह खबर

काहिरा | मिस्र के एक अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में आग लगने से कोविड-19 के सात मरीजों की मौत हो गई। अलेक्जेंड्रिया के गवर्नर मेाहम्मद अल शरीफ ने बताया कि मिस्र के उत्तरी तट के पास अलेक्जेंड्रिया में एक निजी अस्पताल के कोरोना वायरस कक्ष में आग लग जाने से छह पुरुषों एवं एक महिला की मौत हो गई। नागरिक सुरक्षा विभाग ने कहा कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। लोक अभियोजकों ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में संकेत मिला है कि सबसे पहले आग कक्ष के एयर कंडिशनर में लगी। बाडरावी अस्पताल ने एक बयान में कहा, ''कुछ ही सेकंड में भयानक आग लग गई और तेजी से आग फैलने के कारण हमारा कोई कर्मी हालात पर काबू नहीं कर पाया।'' अभियोजकों ने बताया कि अन्य एक मरीज झुलस गया और शेष को बाहर निकाल लिया गया है।

 

 
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया

तेहरान, ईरान ने बगदाद में ड्रोन हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और दर्जनों अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी कर इसके लिए इंटरपोल से मदद मांगी है. एक स्थानीय अभियोजक ने सोमवार को यह जानकारी दी. ईरान के इस कदम से ट्रंप को गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है लेकिन इन आरोपों से ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव स्पष्ट होता है.


ईरान और विश्व की प्रमुख शक्तियों के साथ हुए परमाणु समझौते से ट्रंप के अलग हो जाने के बाद दोनों देशों के बीच का तनाव फिर बढ़ गया था. तेहरान के अभियोजक अली अलकासीमहर ने कहा कि ईरान ने तीन जनवरी को बगदाद में हुए हमले में ट्रंप और 30 से अधिक अन्य लोगों के शामिल रहने का आरोप लगाया है. उसी हमले में जनरल कासिम सोलेमानी की मौत हो गयी थी.


अर्ध-सरकारी संवाद एजेंसी आईएसएन की खबर के अनुसार अलकासीमर ने ट्रंप के अलावा किसी अन्य की पहचान नहीं की. लेकिन जोर दिया कि ईरान ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अभियोजन को जारी रखेगा.


फ्रांस के लियोन में स्थित इंटरपोल ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया. ऐसी संभावना नहीं है कि इंटरपोल ईरान के अनुरोध को स्वीकार करेगा क्योंकि उसके दिशानिर्देश के अनुसार वह किसी "राजनीतिक प्रकृति’’ के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.


अमेरिका ने हवाई हमले में कासिम सुलेमानी को मारा था


अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के के चलते अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई किया था. इस दौरान अमेरिकी स्ट्राइक में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के वरिष्ठ जनरल और क़ुद्स फोर्स कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी. साथ ही इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स के कमांडर अबू मेहंदी अल मुहंदीस भी मारा गया था.


खुफिया ऑपरेशन्स का प्रभारी माना जाता था जनरल सुलेमानी


ध्यान रहे कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ईरानी सशस्त्र सेना का ही अंग है. हालांकि अमेरिका ने अप्रैल 2019 में इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया था. हालांकि जनरल सुलेमानी की मौत का सबब बनी अमेरिकी कार्रवाई अपने तरह की एक रेयर घटना थी जिसमें अमेरिका ने किसी मुल्क के सैन्य कमांडर को मारा हो. जनरल सुलेमानी को IRGC के विदेशों में चल रहे खुफिया ऑपरेशन्स और ईरान समर्थित गुटों के संचालन का प्रभारी माना जाता था.


रेड कॉर्नर का मतलब


यह नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए जारी किया जाता है. रेड कार्नर नोटिस की मदद से गिरफ्तार किए गए अपराधी को उस देश भेज दिया जाता है जहां उसने अपराध किया होता है. वहीं उस पर उस देश के कानून के हिसाब से मुकदमा चलता है और सजा दिलाई जाती है.


जिस व्यक्ति के खिलाफ “इंटरपोल” ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया है; इंटरपोल उस वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए किसी सदस्य देश को मजबूर नहीं कर सकता है. 

एक इशारे मात्र से  चीन को धूल चटाने को तैयार है हमारी वायुसेना

एक इशारे मात्र से चीन को धूल चटाने को तैयार है हमारी वायुसेना

जम्मू, लद्दाख के मोर्चे पर तैनात सेना और वायुसेना की कमान संभालने वाले अधिकारियों के अनुसार, बस सरकार के इशारे की देर है और वे चीन को धूल चटाने के लिए तैयार हैं। हालांकि उनका कहना था कि भारत अपनी तरफ से कभी भी पहल नहीं करेगा, पर चीनी सेना द्वारा की जाने वाली किसी भी शरारत का अब उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।


याद रहे पिछले हफ्ते ही भारत सरकार ने भारतीय सेना को लद्दाख के मोर्चे पर एलएसी पर अब उन समझौतों को दरकिनार करने का निर्देश दिया था जिसके तहत भारतीय जवान आवश्यकता पड़ने पर भी गोली नहीं चला पाते थे।

दरअसल एलएसी पर लद्दाख में लाल सेना द्वारा करीब 6 सेक्टरों में युद्ध की तैयारी के बीच, हमलावर फौज का चेहरा दिखाते हुए आक्रामक रुख अपना रखा है और ऐसे में भारतीय सेना के तीन डिवीजनों को इन सेक्टरों में तैनात कर अलर्ट और हमले का जवाब देने के मोड पर रखा गया है। पूरे लद्दाख में भारतीय वायुसेना को भी 2 से 8 मिनट की तैयारी वाले अलर्ट पर रखा गया है।


जानकारी के मुताबिक, वायुसेना ने एलएसी पर अपनी मिसाइलों को रेडी मोड में रखा है ताकि आदेश मिलते ही या फिर दुश्मन की नापाक हरकत का जवाब देने में कोई देर न की जाए। याद रखने योग्य तथ्य यह है कि लद्दाख सीमा पर तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे है और ऐसे तापमान में मिसाइल सिस्टम को रेडी मोड में ही रखा जाता है।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, एलएसी पर तनातनी वाले इलाकों से कुछ किमी पीछे भारतीय तोपखाना और टैंक अपने आप को गर्म रखने के लिए युद्धाभ्यास में जुटे हैं और उनकी गर्जना इलाके की खामोशी को तोड़ रही है। साथ ही उड़ान भरते भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान भी दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में चीन के मुकाबले भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। एक ओर तोपखाना जरूरत पड़ने पर सटीक वार करने के लिए मुस्तैद है तो भारतीय वायुसेना भी हवाई हमले को नाकाम करने में सक्षम है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों भारतीय सेनाओं ने तोपों और मिसाइलों की तैनाती करने के साथ ही पूर्वी लद्दाख में गत दिनों अपने मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम भी मजबूत किया है। इसके अलावा भी नए उपकरणों को शामिल करने का सिलसिला जारी है।


पिछले दो हफ्तों में चीन की वायुसेना वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब सुखोई-30 विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों में तेजी लाई है। चीन के हेलीकॉप्टर गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट 14, 15 व हॉट स्प्रिंग, पैंगोंग सो और फिंगर एरिया के काफी पास तक उड़ान भरते देखे गए हैं।

इसके जवाब में ही भारतीय वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में दुश्मन के विमानों को मार गिराने की क्षमता से युक्त अपने आधुनिक क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। दोनों देशों में समझौते के अनुसार, भारत व चीन के विमानों को उड़ते समय वास्तविक नियंत्रण रेखा से दस किलोमीटर की दूरी बनानी होती है। पर चीन अब ऐसा नहीं कर रहा है।

क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम पिछले वर्ष ही वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया है। इस मिसाइल सिस्टम को जाम नहीं किया जा सकता है। इसे वाहन के जरिए कम समय में ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। सिस्टम में लगी मिसाइल दुश्मन के विमान को फौरन तलाश कर त्वरित कार्रवाई कर उसे तबाह करने की ताकत रखती है। पूर्वी लद्दाख में अपने तीन एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाने वाली वायुसेना के फाइटर विमान चंद मिनटों में चीन पर घातक प्रहार करने की भी क्षमता रखते हैं।

 

बंगाल के बाद इस राज्य में भी लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा,पढ़े ये खबर

बंगाल के बाद इस राज्य में भी लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा,पढ़े ये खबर

मुंबई, महाराष्ट्र में लॉकडाउन 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है. इसे मिशन बिगेन अगेन का नाम दिया गया है. 31 जुलाई तक जो लॉकडाउन जारी रखा गया है उसमें जरूरी सामानों की दुकानों को खुला रखा जाएगा. हालांकि बाकी दुकानों को ऑड-ईवन सिस्टम के तहत ही खोला जाएगा.


महाराष्ट्र सरकार ने 31 जुलाई तक लॉकडाउन को जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा कि दफ्तरों में सीमित स्टाफ के साथ कामकाज किया जाएगा. पहले ही खबर आ गई थी कि 30 जून के बाद राज्य में लॉकडाउन लागू तो रहेगा लेकिन इसमें कुछ शर्तों में ढ़ील देने की बात कही गई थी.


ठाणे में 10 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन
महाराष्ट्र के ठाणे में 2 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक कंप्लीट लॉकडाउन को लागू किया गया है. यहां पर ठीक उसी तरह की स्थिति होगी जैसे अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान थी. केवल इसेंशियल सर्विसेज की दुकानों को ही खुला रखा जाएगा.

 

बड़ी खबर : कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, 5 लोगों की मौत साथ ही 4 आतंकी ढेर

बड़ी खबर : कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, 5 लोगों की मौत साथ ही 4 आतंकी ढेर

कराची | कराची स्थित पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज पर आतंकी हमला हुआ | सूत्रों के अनुसार सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की इमारत में चार आतंकी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग की | आतंकियों की फायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है | पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक, चारों आतंकी मार गिराए गए हैं | जियो न्यूज से बात करते हुए कराची के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि हालात नियंत्रण में है और सभी आतंकियों को मार गिराया गया है| रेंजर्स और पुलिस के जवान इमारत के अंदर घुस गए हैं और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है|
कराची के आईजी का कहना है कि हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा पहने जाने वाले कपड़े पहने हुए थे, जो वो ऑफ ड्यूटी पर पहनते हैं |आतंकवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हमला किया और एक बैग ले जा रहे थे, जिसमें संभवत: विस्फोटक हो सकता है|

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का बड़ा आरोप, कहा- भारत कर रहा है पद से हटाने की साजिश

नेपाल के प्रधानमंत्री ओली का बड़ा आरोप, कहा- भारत कर रहा है पद से हटाने की साजिश

नई दिल्ली, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आरोप लगाया है कि भारत ने उन्हें पद से हटाने की साजिश की है, क्योंकि उन्होंने नेपाल का नया नक्शा जारी किया है जिसमें लिंपियाधुरा, महाकाली और लिपुलेख शामिल हैं. उन्होंने नेपाल के नेताओं पर भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया.


केपी शर्मा ओली ने कहा “हमने नक्शा सही किया है. हमने इसे संवैधानिक रूप दिया. उसके बाद आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं. आपने भारतीय मीडिया और बुद्धिजीवियों के बारे में सुना होगा.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत का राज्य तंत्र आश्चर्यजनक रूप से सक्रिय है." दूतावास में सक्रियता बढ़ी है.


आज, रविवार को नेपाल कि राजधानी काठमांडू में बोलते हुए ओली ने कहा, “आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं. आपने भारत की बौद्धिक बहसों के बारे में सुना होगा. भारत का मोदीतंत्र कैसे सक्रिय है?’’


ओली ने ये भी कहा कि जब वो पिछली बार प्रधानमंत्री थे तब भी चीन के साथ व्यापार और पारगमन समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें हटा दिया गया था. उन्होंने कहा कि अब जब नेपाल अपनी जमीन वापस लाने की कोशिश कर रहा है तो फिर से हटाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, “नेपाल के नेता शामिल हैं. एक बहस चल रही है कि ओली को तुरंत हटाया जाना चाहिए. इसका कोई विकल्प नहीं है.’’


इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नेपाल द्वारा नया नक्शा प्रकाशित किए जाने के बाद, कुछ लोगों ने कहा कि कोई वापसी की बात नहीं थी. उन्होंने कहा, "वापसी का कोई मतलब नहीं था. हमें हमारी जमीन चाहिए.'’ फिलहाल अभी तक नेपाल के प्रधानमंत्री के आरोप पर भारत सरकार कि तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

 

चीन के खिलाफ प्रदर्शन: जोमैटो कर्मचारियों ने विरोध में जलाई कंपनी की टी शर्ट

चीन के खिलाफ प्रदर्शन: जोमैटो कर्मचारियों ने विरोध में जलाई कंपनी की टी शर्ट

कोलकाता, ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप जोमैटो के कुछ कर्मचारियों ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर, चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शित करते हुए शनिवार को कोलकाता में कंपनी की टी-शर्ट फाड़ी और जलाई. कंपनी में चीनी निवेश के विरोध में कर्मचारियों ने ये प्रदर्शन किया.


बेहाला में प्रदर्शन के दौरान उसमें शामिल कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्होंने जोमैटो की नौकरी छोड़ दी है क्योंकि इसमें चीन का निवेश है. साथ ही, उन्होंने लोगों से जोमैटो के जरिये भोजन का ऑर्डर नहीं करने का अनुरोध किया.


जोमैटो में 30 करोड़ से ज्यादा चीनी निवेश


गौरतलब है कि चीन की कंपनी अलीबाबा से जुडे एंट फाइनेंशियल ने 2018 में जोमैटो में 21 करोड़ डॉलर का निवेश कर उसकी 14.7 प्रतिशत साझेदारी (शेयर) खरीद ली थी. जोमैटो ने हाल ही में एंट फाइनेंशियल से 15 करोड़ डॉलर की राशि फिर से जुटायी है.


प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘चीनी कंपनियां यहां से मुनाफा कमा रही हैं और हमारे सैनिकों पर हमले कर रही हैं. वे हमारी भूमि हथियाना चाहती हैं. ऐसा नहीं होने दे सकते.’’

 

बीजेपी अध्यक्ष ने RGF से जुड़े 10 सवालो के माध्यम से सोनिया गांधी पर साधा निशाना

बीजेपी अध्यक्ष ने RGF से जुड़े 10 सवालो के माध्यम से सोनिया गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस और चीन की स्थिति की वजह से सोनिया गांधी मूल सवालों से बचने की कोशिश न करें. भारत की फौज हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है. इसके साथ ही उन्होंने राजीव गांधी फाउंडेशन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से दस सवाल पूछे.


1. राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से पैसा क्यों मिला? जेपी नड्डा ने दावा किया कि चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन में 2005-2009 के बीच पैसा दिया. लक्जमबर्ग ने इस फाउंडेशन में 2006 से 2009 के बीच पैसे दिए.


2. RCEP का हिस्सा बनने की क्या जरूरत थी? कांग्रेस सरकार में चीन के साथ व्यापार क्यों बढ़ा?


3. कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच क्या संबंध है. हस्ताक्षर किए गए और बिना हस्ताक्षर वाले एमओयू क्या हैं?


4. प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड जो लोगों की सेवा और उनको राहत पहुंचाने के लिए है, उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों गया? हमारे देश की जनता इसका जवाब जानना चाहती है. देश की जनता ने मेहनत की कमाई इसमें दी.


5. यूपीए शासन में कई केंद्रीय मंत्रालयों, सेल, गेल, एसबीआई, अन्य पर राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा देने के लिए दबाव बनाया गया. निजी संस्था में पैसा भेजने के लिए ऐसा क्यों किया गया? इसके पीछे क्या वजह थी?


6. इस फाउंडेशन में कॉर्पोरेट से बड़े डोनेशन लिए गए. बड़े डोनेशन के बदले कॉन्ट्रैक्ट्स दिए गए. ये क्विड प्रो को था. ये क्यों?


7. पीएम नेशनल रिलीफ फंड का ऑडिटर कौन है? ठाकुर वैद्यनाथन एंड अय्यर कंपनी ऑडिटर थीं. रामेश्वर ठाकुर इसके फाउंडर थे. वो राज्य सभा के सांसद थे और 4 राज्यों के राज्यपाल रहे. कई दशकों तक उसके ऑडिटर रहे. ऐसे लोगों को इस तरह का कॉन्ट्रक्ट देकर सरकार क्या करना चाह रही थी?


8. राजीव गांधी फाउंडेशन को जवाहर भवन के नाम पर करोडों की जमीन परपेक्चुअल लीज पर कैसे दी गई? राजीव गांधी फाउंडेशन के खाते सीएजी ऑडिटिंग से क्यों इनकार कर रहे हैं? इनकी ऑडिटिंग क्यों नहीं हुई? इस पर आरटीआई लागू क्यों नहीं था?


9. इस फाउंडेशन ने पैसे तो लिए ही साथ में देने का भी काम किया. मैं जानना चाहता हूं कि ये डोनेशन राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को कैसे दान किया गया, जो परिवार द्वारा नियंत्रित है.


10. मेहुल चोकसी ने राजीव गांधी फाउंडेशन से पैसा क्यों लिया? मेहुल चोकसी का इससे क्या संबंध है. आपने मेहुल चोकसी को लोन क्यों दिया. देश जानना चाहता है कि राजीव गांधी फाउंडेशन से मेहुल चोकसी का क्या संबंध है?

 

संयुक्त राष्ट्र UN की कार में अधिकारी और एक महिला बना रहे थे शारीरिक सम्बन्ध, विडियो हुआ वायरल, जाने कहा की है यह खबर

संयुक्त राष्ट्र UN की कार में अधिकारी और एक महिला बना रहे थे शारीरिक सम्बन्ध, विडियो हुआ वायरल, जाने कहा की है यह खबर

इजरायलइजरायल की राजधानी तेल अवीव से एक बड़ी खबर सामने आई है | इजरायल की राजधानी में संयुक्त राष्ट्र संघ के एक अधिकारी का महिला संग कार में शारीरिक संबंध बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है| यह वीडियो इजयारल की राजधानी तेल अवीव से सामने आया है| वीडियो वायरल होने के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा कि यह घटना बेहद हैरान और परेशान करने वाली है|

वायरल हो रही क्लिप में साफ नजर आ रहा है कि लाल ड्रेस पहने एक महिला कार की पिछली सीट पर एक शख्स के साथ बैठी हुई है. इसके अलावा कार में ड्राइविंग सीट पर भी एक व्यक्ति नजर आ रहा है| वीडियो सामने आने के बाद यूएन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मामले की छानबीन जारी है| वीडियो में नजर आ रहे शख्स की पहचान करने के वे काफी करीब थे|
यूएन ने कहा, इजरायल में शांति संगठन के कर्मचारियों को भी शक के तौर पर देखा जा रहा है| वीडियो तेल अवीव की एक मेन सड़क का है|इससे पहले वीडियो में ड्राइवर का चेहरा साफ नजर आता, गाड़ी वहां से निकल गई| ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ी रुकने के बाद किसी ने यह वीडियो बिल्डिंग के ऊपर से लिया था|


संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि 18 सेकेंड का यह वीडियो व्यावहारिक रूप से बेहद घिनौना है| हम जिस चीज के खिलाफ खड़े हैं, उसके विरुद्ध जाकर संयुक्‍त राष्‍ट्र के कर्मचारियों द्वारा ऐसे मामले सामने आ रहे हैं|
उन्होंने कहा, अब तक सामने आई जानकारी में पता लगा है कि ये कार यूनाइटेड नेशंस ट्रूस सुपरविजन ऑर्गेनाइजेशन' की है. कार में सेक्स दो लोगों की सहमति से हुआ या इसके लिए पैसे दिए गए, इसकी गंभीरता से जांच की जा रही है|
डुजारिक ने कहा, इस वीडियो से जुड़े घटना स्थल की पहचान हो चुकी है| वीडियो में नजर आने वाली जगह हायारर्कोन सड़क की है. आमतौर पर इस जगह काफी भीड़ रहती है छानबीन में बहुत जल्द आरोपी का पर्दाफाश हो जाएगा|
यौन शोषण और दुर्व्यवहार को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ की नीति बेहद सख्त है |यदि संबंधित व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करने के लिए दोषी पाया जाता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है|

पैंगॉन्ग झील में बड़ी संख्या में दिखी चीनी सेना,सैटेलाइट इमेज से हुआ  खुलासा

पैंगॉन्ग झील में बड़ी संख्या में दिखी चीनी सेना,सैटेलाइट इमेज से हुआ खुलासा

वाशिंगटन, अमेरिका चीन से भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलिपींस जैसे एशियाई देशों के समक्ष उत्पन्न खतरे को देखते हुए और उसका उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए अपनी सेना की वैश्विक तैनाती की समीक्षा कर रहा है। यह बातें अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने गुरुवार को जर्मन मार्शल फंड के वर्चुअल ब्रसेल्स फोरम 2020 के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने जा रहे है कि हम चीन की सेना का उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए तैयार है। उधर, एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ने दावा किया है कि गलवान घाटी के बाद चीनी सेना ने पैंगॉन्ग झील के इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। अपने दावे में प्लेनेट लैब की सैटेलाइट इमेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि फिंगर-4 और फिंगर-5 के बीच चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। भारत द्वारा चीनी सेना को फिंगर-4 से फिंगर-8 को खाली करके पीछे जाने की बार-बार बात कही जा रही है, लेकिन चीनी सेना अपनी तैनाती बढ़ाती जा रही है। चिंता की बात ये है कि पैंगोंग लेक के पास मौजूदगी के साथ-साथ कुछ दूर पीछे चीन बैकअप भी तैयार कर रहा है। सैटेलाइट इमेज में यहां सैटेलाइट इमेज में भी भारतीय सेना के टैंट बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं।
चीन की मिलिट्री जिस दुस्साहस से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है, उससे उसके आत्मविश्वास और क्षमता का अंदाजा तो मिल ही रहा है, साथ ही यह इशारा भी मिल रहा है कि कोरोना की महामारी को लेकर अमेरिका और हॉन्ग-कॉन्ग जैसे मुद्दों पर उसके प्रभुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर दुनिया के आमने-सामने आने को तैयार है। चीन ने दावा किया है कि उसके हालिया ऑपरेशन बचाव की नीति हैं लेकिन हर ऑपरेशन के साथ सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ जाती है। 15 जून की रात भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प को इसका ही नमूना माना जा रहा है। 1967 से बाद से इसे सबसे भयानक घटना माना जा रहा है।

 

बड़ी खबर: इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 83 मौत

बड़ी खबर: इस राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 83 मौत

पटना, बिहार में आज आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान से भारी तबाही हुई है। बिजली गिरने से बिहार में 83 लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग झुलस गए. उत्तर प्रदेश में भी बिजली गिरने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। बिहार के 23 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से मानवीय क्षति हुई है। सबसे ज्यादा मौत गोपालगंज में हुई जहां पर 13 लोग मारे गए. जबकि मधुबनी और नबादा में 8-8 लोग मारे गए।
बिहार में एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में ठनका गिरने से पहली बार मौत हुई है। जानकारी के अनुसार, गोपालगंज. सीवान, मधुबनी, मोतिहारी, दरभंगा में वज्रपात से 83 लोगों की मौत हो गई है, इनमें गोपालगंज में 13, सीवान में पांच, मधुबनी व मोतिहारी में दो-दो और दरभंगा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कई जिलों में दूर-दराज शहरों में हादसे हुए हैं। प्रशासनिक स्तुर पर जानकारी ली जा रही है। कहा जा रहा है कि ज्यादातर लोग खेत में धान रोपने के काम में लगे हुए थे और बारिश के बाद वज्रपात से इनकी मौत हो गई है।

 

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