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 अजीबोगरीब मामला : पार्टनर के साथ संबंध बनाने के दौरान शख्स के साथ हुआ ऐसा खौफनाक हादसा, आनन-फानन में पहुंचा हॉस्पिटल

अजीबोगरीब मामला : पार्टनर के साथ संबंध बनाने के दौरान शख्स के साथ हुआ ऐसा खौफनाक हादसा, आनन-फानन में पहुंचा हॉस्पिटल

तेहरान: ईरान की राजधानी तेहरान से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. दरअसल यहां एक शख्स के प्राइवेट पार्ट में पार्टनर के साथ संबंध बनाने के दौरान गंभीर रूप से चोट लग गई, जिससे उसको काफी दर्द होने लगा और फिर आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल ले जाया गया.

प्राइवेट पार्ट के MRI स्कैन में सामने आई ये बात
रिपोर्ट के अनुसार, जब शख्स को हॉस्पिटल लाया गया, उस वक्त उसके प्राइवेट पार्ट से काफी खून बह चुका था. इसके बाद डॉक्टरों ने शख्स का MRI स्कैन करवाया, जिसमें पता चला कि शख्स का प्राइवेट पार्ट टूटा नहीं है बल्कि उसका एक लिगामेंट टूट गया है. प्राइवेट पार्ट लिगामेंट के जरिए ही Pubic Bone से जुड़ा होता है.

डॉक्टरों ने पीड़ित को दी ये सलाह
फिर डॉक्टरों ने फैसला किया कि वह शख्स का ऑपरेशन नहीं करेंगे. लिगामेंट कुछ दिनों में दवाई की मदद से अपने आप जुड़ जाएगा. डॉक्टरों ने पीड़ित को सलाह दी कि वह अगले 6 हफ्ते तक पार्टनर के साथ संबंध नहीं बनाए.

1 साल तक शख्स के प्राइवेट पार्ट होता रहा दर्द
लेकिन 1 साल बाद भी शख्स का लिगामेंट नहीं जुड़ा. शख्स ने बताया कि उसको प्राइवेट पार्ट में बहुत दर्द होता है. वह दोबारा डॉक्टरों के पास पहुंचा तो फिर से MRI स्कैन किया गया. इसमें लिगामेंट के नहीं जुड़ने की बात सामने आई.

इसके बाद डॉक्टरों ने पीड़ित की सर्जरी की और प्राइवेट पार्ट में टूटा हुआ उसका लिगामेंट जोड़ दिया. हालांकि डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि सर्जरी कितनी कामयाब होगी. वे अभी नहीं बता सकते कि शख्स आगे कभी अपने पार्टनर से संबंध बना पाएगा या नहीं.
 अगले महीने से होने जा रहे हैं ये 5 बड़े बदलाव! 1 अगस्त से ATM से पैसे निकालने पर देना होगा ज्यादा चार्ज

अगले महीने से होने जा रहे हैं ये 5 बड़े बदलाव! 1 अगस्त से ATM से पैसे निकालने पर देना होगा ज्यादा चार्ज

एक अगस्त से देशभर में कई बदलाव होने वाले हैं। इनका सीधा असर आपकी जेब और जिंदगी पर पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि इन बदलावों की जानकारी पहले ही अपने पास रखें। 1 अगस्त से बैंक से होने वाले लेन-देन रविवार और छुट्टियों के दिन भी हो सकेंगे। इसके अलावा अब ATM से पैसे निकालने के लिए आपको ज्यादा शुल्क चुकाना होगा। हम आपको ऐसे 5 बदलावों के बारे में बता रहे हैं जिनका असर आप पर पड़ेगा।

बैंक हॉलिडे वाले दिन भी मिलेगी सैलरी और पेंशन
बैंक से होने वाले लेन-देन रविवार और छुट्टियों के दिन भी हो सकेंगे। RBI ने नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) सिस्टम को सातों दिन चालू रखने का फैसला किया है। यानी अब आपको अपनी सैलरी या पेंशन के लिए शनिवार और रविवार यानी वीकेंड के गुजरने का इंतजार नहीं करना होगा।

इसके अलावा छुट्टी वाले दिन आपके अकाउंट से किस्त भी कटेगी। यानी 1 अगस्त से सैलरी, पेंशन और EMI पेमेंट जैसे जरूरी ट्रांजैक्शंस के लिए अब वर्किंग डेज का इंतजार नहीं करना होगा। 

ICICI बैंक के ग्राहकों को देना होगा ज्यादा चार्ज
ICICI बैंक पैसा निकालने, जमा करने और चेक बुक के चार्ज सहित कई नियमों में बदलाव करने जा रहा है। आप बैंक की ब्रांच में चेक से केवल 4 बार ही फ्री नकद लेन-देन कर सकेंगे। चार बार से ज्यादा जमा करने या निकालने पर हर बार 150 रुपए का चार्ज देना होगा।

ATM के जरिए आप 6 मेट्रो शहरों में महीने में 3 बार फ्री ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। इसके सिवा दूसरे शहरों में 5 ट्रांजैक्शन फ्री हैं। इसके ऊपर ट्रांजैक्शन करने पर चार्ज देना होगा। चार्ज के रूप में आपको मेट्रो शहरों में 20 रुपए और दूसरे शहरों में 8.50 रुपए हर ट्रांजैक्शन पर देने होंगे।

ATM से पैसा निकालना होगा महंगा
1 अगस्त से ATM की इंटरचेंज फीस 15 रुपए से बढ़ाकर 17 रुपए हो जाएगी। जबकि नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर भी शुल्क 5 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए हो जाएगा। बैंक ग्राहकों की सुविधा के लिए जगह-जगह ATM लगाते हैं। दूसरे बैंकों के ग्राहक भी इन मशीनों से पैसे निकालते या ट्रांसफर करते हैं। हर बैंक ने नि:शुल्क ट्रांजैक्शन की सीमा तय की हुई है। उससे ज्यादा लेनदेन करने पर ग्राहकों से फीस ली जाती है। इसी को इंटरचेंज फीस कहते हैं।

IPPB की डोर स्टेप बैंकिंग के लिए शुल्क देना होगा
1 अगस्त से इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) की डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा के लिए शुल्क देना होगा। IPPB के अनुसार अब हर बार डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा के लिए 20 रुपए प्लस GST देना होगा। अब तक डोर स्टेप बैंकिंग के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता है।

इसके अलावा किसी ग्राहक को पैसे ट्रांसफर करने और मोबाइल पेमेंट आदि के लिए भी 20 रुपए प्लस GST देना होगा। IPPB के खाते या किसी और बैंक के ग्राहक के खाते में मनी ट्रांसफर के लिए भी यही चार्ज देना होगा।

LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को केंद्र सरकार LPG सिलेंडर की नई कीमत की घोषणा करती है। पिछले महीने सरकार ने 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 25.50 रुपए की बढ़ोतरी की थी।
क्यों और कब मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे, जाने कैसे हुए थी शुरुवात जाने यहाँ

क्यों और कब मनाया जाता है फ्रेंडशिप डे, जाने कैसे हुए थी शुरुवात जाने यहाँ

फ्रेंडशिप डे हर साल कई देशों में मनाया जाता है। इस दिन दोस्ती के जश्न को मनाया जाता है। दुनिया में दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जो सबसे अनमोल होता है। यह भले ही खून का रिश्ता नहीं होता लेकिन दिल के सबसे करीब होता है। इसलिए अगर आपके पास ऐसा दोस्त है, जो हर वक्त और किसी भी स्थिति में आपके लिए हाज़िर होता है, तो अपने आपके खुशकिस्मत मानिएं।

भारत में इस साल 1 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा। भारत में हर साल इसे अगस्त के पहले रविवार को मनाया जाता है। वहीं कुछ देश इसे 30 जुलाई को मनाते हैं। यह दिन खासतौर पर बच्चों के लिए खास होता है, वे बड़े उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाने के लिए अपने दोस्तों को विश करते हैं। इस मौके पर दोस्त एक दूसरे को तोहफे देकर या फिर पार्टी करके सिलेब्रेट करते हैं। भारत में स्कूल के बच्चे एक दूसरे को फ्रेंडशिप बैंड्स गिफ्ट करके इस दिन को खास बनाते हैं।

कैसे हुई फ्रेंडशिप डे की शुरुआत
वैसे तो फ्रेंडशिप डे का जश्न दुनियाभर के कई देशों में मनता है, लेकिन असल में इसकी शुरुआत परागुआ में हुई। यहां पहली बार 1958 में अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे मनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। साथ ही यह भी माना जाता है कि 1930 में जॉयस हॉल ने हॉल्मार्क कार्ड्स से इसकी शुरुआत की थी। जिसके बाद ही संयुक्त राष्ट्र ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाने का ऐलान किया था। हालांकि, भारत में इसे अगस्त के पहले रविवार को ही मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे
अलग-अलग देशों में इस दिन को अलग तरह से मनाया जाता है। यूनाइटेड नेशन्स ने 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडिशप डे मनाने का ऐलान किया था। हालांकि, भारत सहित कई दक्षिण एशियाई देशों में अगस्त के पहले रविवार को ही फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। वहीं, ओहायो का ओर्बलिन इसे हर साल 8 अप्रैल को ही मना लेता है।

International Tiger Day : आज है अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जानिए इसका इतिहास और महत्व...

International Tiger Day : आज है अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस, जानिए इसका इतिहास और महत्व...

एक समय देश में विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी बाघों की संख्या आज देश में तेजी से बढ़ रही है। बाघों को संरक्षण देने और उनकी प्रजाती को विलुप्त होने से बचाने के लिए विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में 29 जुलाई के दिन विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। बाघ भारत के राष्ट्रीय पशु है, इसके बावजूद भारत में साल 2010 में बाघ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए थे।

बता दें कि दुनियाभर के मात्र 13 देशों में ही बाघ पाए जाते हैं, वहीं इसके 70 प्रतिशत बाघ केवल भारत में हैं। साल 2010 में भारत में बाघों की संख्या 1 हजार 7 सौ के करीब पहुंच गई थी। इसके बाद लोगों में बाघों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए साल 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हर साल अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई। इस सम्मेलन में कई देशों ने 2022 तक बाघों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के जरिए लोगों को बाघ के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। इसके अलावा लोगों को पारिस्थितिक तंत्र में बाघों के महत्व को भी बताया जाता है। जिसका परिणाम यह है कि देश में तेजी से बाघों की संख्या बढ़ रही है। साल 2010 में की गई गणना के मुताबिक बाघों की संख्या 1706 थी, वहीं साल 2018 की गणना के अनुसार देशमें बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हो गई है।

फिलहाल देशभर में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ने के साथ ही उनके ऑक्युपेंसी एरिया भी बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में केरल, उत्तराखंड, बिहार और मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बता दें कि देशभर में बाघों की जनगणना हर चार साल में होती है, जिससे उनकी ग्रोथ रेट का पता लगाया जाता है। साल 1973 में देशभर में मात्र 9 टाइगर रिजर्व ही थे, जिसकी संख्या अब बढ़कर 51 हो गई है।

आपके नसों में नई जान आ जाएगी और कमजोरी की समस्या भी दूर हो जाएगी. लायें प्रयोग में यह यह नुस्खा

आपके नसों में नई जान आ जाएगी और कमजोरी की समस्या भी दूर हो जाएगी. लायें प्रयोग में यह यह नुस्खा

आज कल के वक्त में कमजोरी, नसों के ढीलेपन आदि की समस्या आम हो गई है. लोगों को अक्सर शरीर में दर्द, सीढ़ियां चढ़ने और उतरने पर सांस फूलना जैसी समस्याओं से रोजाना जूझना पड़ता है. इन सबके अलावा नसों में ढीलेपन की समस्या भी अब आम बात हो गई है. खास तौर पर पुरुषों में यह समस्या हमे देखने को मिलती है. यह समस्या कई जगहों पर आपसी कलह का कारण भी बन जाती है. आज हम आपके इसी समस्या को दूर करने का एक आसान घरेलु नुस्खा बताने जा रहे हैं. इस नुस्खे का प्रयोग अगर आप करेंगे तो बहुत जल्द ही आप इस समस्या से दूर हो जाएंगे और आपकी जिंदगी खुशहाल हो जाएगी. आइए जानते हैं कैसे बनता है यह नुस्खा.


इस नुस्खे को बनाने के लिए हमें तीन चीजों की आवश्यकता होती है-


1. मिश्री– आमतौर पर पूजा में इस्तेमाल होने वाली मिश्री के अंदर कई औषधीय गुण हैं. खासतौर पर धागे वाली मिश्री का सेवन काफी लाभकारी माना जाता है. मिश्री का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में भी किया जाता है. कई हेल्थ विशेषज्ञों ने अनुसार शरीर में त्वरित ऊर्जा लाने में मिश्री का इस्तेमाल करना काफी अच्छा माना जाता है. इसके अलावा मिश्री के सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा भी सही बनी रहती है. मिश्री के सेवन से पुरुषों के स्पर्म की मात्रा भी सुधरती है, तथा इसका इस्तेमाल खांसी, बुखार के इलाज में भी किया जाता है.


2. बादाम – बादाम के अंदर कई औषधीय गुण होते हैं. इसके नियमित इस्तेमाल से लोगों को कई फायदे होते हैं. रोज बादाम खाने से लोगों की कमजोरी दूर होती है. इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी ठीक रहता है. बादाम हमारे वजन को भी बढ़ने से रोकता है. यह हमारे चेहरे पर आने वाले झुररियों को भी रोकता है.

 

3. सौंफ – प्राचीन काल से ही सौंफ का प्रयोग हम घरेलु औषधि बनाने में करते आए है. इसका सेवन हम Mouth Freshner रूप में भी करते हैं. सौंफ के सेवन से पेट में गैस की समस्या दूर हो जाती है. इसके नियमित सेवन से आंखो के रोग, जुकाम, खांसी, सिरदर्द जैसे समस्या दूर होती हैं. इसके अलावा सौंफ इंसान में भूख की कमी को भी दूर करता है. इसका प्रयोग लोग कई व्यंजन में सुंगध लाने के लिए भी करते हैं.


जानिए कैसे बनता है नुस्खा


इस नुस्खे को बनाने के लिए हम मिश्री, बादाम और सौंफ को इमामदस्ता में डालेंगे और इसे अच्छे तरह से कूट कर इसका दरदरा पाउडर बना लेंगे. ध्यान रहें कि हम इसे मिक्सी में न पीसें.


जानिए कैसे करें सेवन


इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं. एक सुबह नाश्ते के बाद और दूसरा रात में खाने के बाद. इसका सेवन दूध में मिलाकर करें. एक ग्लास दूध में 1.5 चम्मच मिश्रण को मिलाकर इसका सेवन करें. इसके सेवन से बहुत जल्द ही आपके नसों में नई जान आ जाएगी और कमजोरी की समस्या भी दूर हो जाएगी. 

अब गैस सिलेंडर की बुकिंग कराना आसान इन सुविधाओ का प्रयोगकर कर सकते हैं, सिलेंडर की बुकिंग

अब गैस सिलेंडर की बुकिंग कराना आसान इन सुविधाओ का प्रयोगकर कर सकते हैं, सिलेंडर की बुकिंग

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद अब गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) की बुकिंग कराना आसान हो गया है। अब आप घर बैठे बिना किसी लाइन में लगे सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। लेकिन क्या हो अगर आपके मोबाइल में सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए कॉल या मेसेज करने के पैसे ही न हों। आज हम आपकी इसी मुश्किल को आसान करने वाले हैं। अगर आपके फोन में पैसे नहीं हो तो आप WhatsApp का यूज कर या मिस्ड कॉल गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनियां जैसे की भारत गैस (Bharat Gas), इंडेन गैस (Indane Gas) और एचपी गैस (HP Gas) ग्राहकों को वॉट्सऐप से सिलेंडर बुक करने की सर्विस दे रही हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप सेकंड्स में WhatsApp और मिस्ड कॉल के जरिए गैस बुकिंग करा सकते हैं और बुकिंग के नंबर क्या हैं: मिस्ड कॉल देकर भी बुक हो जाएगा सिलेंडर
अब आप मिस्ड कॉल देकर भी गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके लिए इंडेन एलपीजी के ग्राहक 8454955555 पर, BPCL के ग्राहक 7710955555 पर और एचपी ग्राहक 9493602222 मिस्ड कॉल दे सकते हैं। इंडेन गैस यूजर्स WhatsApp के जरिए ऐसे बुक करें सिलेंडर
इंडेन गैस के ग्राहक 7588888824 नम्बर पर बुकिंग कर सकते हैं। उपभोक्ता इस नम्बर 7588888824 को अपने मोबाइल में सेव करें। इसके बाद वाट्सऐप ओपन करें। सेव किये गये नम्बर को खोलें और अपने उस रजिस्टर्ड नम्बर से Book या REFILL# लिखकर भेज दें। REFILL# लिखकर भेजते ही ऑर्डर पूरा होने का जवाब आएगा। रिप्लाई में सिलेंडर बुकिंग की डिलीवरी कब होगी, इसकी डेट भी लिखी होगी।

HP के ग्राहक इस तरह कर सकते हैं WhatsApp के जरिए सिलेंडर की बुकिंग
एचपी के ग्राहक इस नम्बर 9222201122 को अपने मोबाइल में सेव करें। इस नम्बर को सेव करने के बाद वाट्सऐप ओपन करें और सेव किया गया नम्बर खोलें। सेव किये गये एचपी गैस सिलिंडर के नम्बर पर Book लिखकर भेज दें। अपने रजिस्टर्ड नम्बर से एचपी गैस के इस नम्बर पर Book लिखकर भेजते ही वाट्सऐप पर ही आर्डर डिटेल आ जायेगी। इसमें सिलेंडर की डिलीवरी डेट सहित पूरी डिटेल लिखी होगी।

Bharat Gas के ग्राहक इस तरह WhatsApp पर बुक करें सिलेंडर
भारत गैस की बुकिंग के लिए आपको मोबाइल में 1800224344 नम्बर सेव करना पड़ेगा। नंबर सेव करने के बाद आपको WhatsApp पर जाना होगा। इसके बाद सेव किये भारत गैस यानी भारत पेट्रोलियम स्मार्ट लाइन नम्बर को खोलें। इसके बाद WhatsApp पर Hii, Hello लिखकर भेज दें। तुरंत ही रिप्लाई आएगा, जिसमें वाट्सऐप पर एजेंसी द्वारा स्वागत किया जायेगा। सिलेंडर जब भी बुक करना हो, बस आप वाट्सऐप पर Book लिखकर भेज दें। Book लिखकर भेजते ही आपको ऑर्डर डिटेल मिलेगी और किस दिन सिलेंडर डिलीवर होगा, ये भी व्हाट्स एप पर लिखकर आ जायेगा।

 


नंबर रजिस्टर कराने के बाद ही उठा पाएंगे ये सुविधा
आपको बता दें WhatsApp और मिस्ड कॉल के जरिए सिलेंडर बुक करने की सुविधा सिर्फ उसी नंबर पर मिलेगी जो नंबर आपका एजेंसी में रजिस्टर्ड है। बिना रजिस्टर्ड कराए आप गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं करा सकते हैं।

 

 

 सेक्स से पहले की ये आदत कर रही बेडरूम लाइफ तबाह, ऐसे पाएं निजात

सेक्स से पहले की ये आदत कर रही बेडरूम लाइफ तबाह, ऐसे पाएं निजात

परफॉर्मेंस एंग्जाइटी एक ऐसी समस्या है जो सेक्स लाइफ को खराब करने का काम करती है. बहुत ज्यादा मानसिक तनाव, डर और चिंता की वजह से कई लोग सेक्स को एन्जॉय नहीं कर पाते हैं. एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि परफॉर्मेंस एंग्जाइटी आखिर क्या होती है और इस समस्या से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है. कैलिफोर्निया के सेक्स थेरेपिस्ट जीन पप्पलार्डो ने सीएनएन को बताया, 'एंग्जाइटी की वजह से सेक्स के दौरान शरीर उत्तेजित नहीं हो पाता है. सेक्स और इंटीमेसी की चिंता जब बहुत ज्यादा हो जाती है तो ये परफॉर्मेंस एंग्जाइटी बन जाती है.' हालांकि ये चिंताएं आपकी रोजमर्रा की किसी आदत से भी जुड़ी हो सकती हैं जिसका असर सेक्स लाइफ पर पड़ता है.

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आप सेक्स के बारे में या उस दौरान परेशान हो सकते हैं लेकिन इसकी मुख्य वजह ये है कि लोग सेक्स के दौरान अपने परफॉर्मेंस के बारे में बहुत ज्यादा सोच लेते हैं. जैसे कि सेक्स से पहले बहुत लोगों के दिमाग में चलता है कि वो जैसा सोच रहे हैं, क्या बेड पर वो ऐसा ही परफार्मेंस कर पाएंगे या फिर क्या वो अपने पार्टनर को यौन रुप से संतुष्ट कर पाएंगे, या पार्टनर के सामने मेरी बॉडी कैसी दिखेगी, जैसी बातें. इन काल्पनिक खयालों की वजह से वो उस पल का वास्तविक आनंद नहीं ले पाते हैं.

सेक्स थेरेपिस्ट डेबोरा फॉक्स का कहना है, 'जो लोग एंग्जाइटी से गुजरते हैं, उन्हें अक्सर आराम करने में मुश्किल होती है, इसलिए उनकी यौन क्षमताओं पर पड़ता है. उन्हें इस बात का एहसास होता है और अपनी एंग्जाइटी दूर करने में वो इतनी ज्यादा कोशिश लगा देते हैं कि सेक्स लाइफ को एंजॉय नहीं कर पाते हैं.' परफॉर्मेंस एंग्जाइटी का बॉडी पर असर- जिन लोगों पर परफॉर्मेंस एंग्जाइटी का दबाव होता है, उनमें कुछ खास तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे कि दिल की धड़कन का तेज हो जाना, अधिक जोर से सांस लेना और पेट में दिक्कत महसूस होना. ज्यादा बढ़ जाने पर ये डिप्रेशन और यौन इच्छी की कमी में भी बदल जाता है. इसका असर सेक्स लाइफ के साथ डेली रूटीन पर भी पड़ने लगता है.

सेक्स थेरेपिस्ट का कहना है कि एंग्जाइटी की वजह से ब्लड फ्लो में रुकावट आने लगती है. वहीं, एंग्जाइटी की वजह से महिलाओं की वजाइना की मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है. इससे सेक्स के समय दर्द होने लगता है. ज्यादातर लोग अपने अगले अनुभव के बारे में पहले से ही सोच कर घबरा जाते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, एंग्जाइटी की वजह से स्ट्रेस हार्मोन बनता है जिसे एड्रेनालाईन कहा जाता है. ये एड्रेनालाईन ब्लड फ्लो को जननांगों में जाने से रोकता है. इसे एंटी इरेक्टाइल केमिकल भी कहा जाता है. सेक्स में एक बार असफल होने पर पुरुष एक तरह के दबाव में आ जाते हैं. इसकी वजह से शरीर में एड्रेनालाईन बनना शुरू होता है जो धीरे-धीरे इरेक्टाइल डिसफंक्शन में बदल जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ चीजों को ध्यान में रखकर परफॉर्मेंस एंग्जाइटी को दूर किया जा सकता है.

समस्या से भागे नहीं- अगर आपको परफॉर्मेंस एंग्जाइटी है तो इससे भागने की बजाए अपने पार्टनर को इस बारे में पहले से ही बता दें. इससे आपका रिश्ता खराब होने से बच सकता है. सेक्स से संबंधित कोई भी समस्या है तो अपने पार्टनर से इस पर बात करें. जब पार्टनर आपकी बात समझेगा तो इससे आपका तनाव कम होगा और आप बेड पर परफॉर्मेंस के प्रेशर से दूर रहेंगे. अगर आप पार्टनर से बात करने में झिझक रहे हैं तो आप किसी थेरेपिस्ट की भी मदद ले सकते हैं. उन पलों को महसूस करें- परफॉर्मेंस एंग्जाइटी की सबसे बड़ी वजह जरूरत से ज्यादा सोचना है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सेक्स के समय परफॉर्मेंस के बारे में सोचने की बजाय अपने पार्टनर के साथ उन खास पलों को महसूस करें और उसका आनंद लें. आपका तनाव अपने आप दूर हो जाएगा. सेक्सोलॉजिस्ट का कहना है कि परफॉर्मेंस एंग्जाइटी से बचने के लिए शारीरिक ही नहीं मानसिक तौर पर भी पूरी तरह पार्टनर के साथ रहना जरूरी है. ब्रीदिंग एक्सरसाइज से भी इस पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है क्योंकि ये एक्सरसाइज एकाग्रता बढ़ाती है और तनाव कम करती है.
 
यह ड्रिंक इस बढ़ी हुई चर्बी को घंटों में खत्म कर सकती है...

यह ड्रिंक इस बढ़ी हुई चर्बी को घंटों में खत्म कर सकती है...

आंत की चर्बी पेट के आस-पास चारों ओर फैली रहती है. यह लीवर, पैनक्रियाज और आंत को प्रभावित करती है. यह शरीर में कई आंतरिक हिस्सों को अपनी गिरफ्त में ले लेती है जिससे कई तरह की जटिलताएं आ जाती हैं. अगर चर्बी की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन एक अच्छी खबर आई है. एक अध्ययन में दावा किया गया है कि एक प्रकार के चाय की ड्रिंक इस बढ़ी हुई चर्बी को घंटों में खत्म कर सकती है.


क्या कहा स्टडी में

हॉलेंड एंड बैरेट ने यह स्टडी की है. इसमें कहा गया है कि कैफिन का सेवन पेट की चर्बी को घटाने में मदद कर सकता है. American Journal of Clinical Nutrition में छपी एक अन्य स्टडी के मुताबिक मोटे लोगों पर कैफीन का असर प्रभावी होता है और उसमें मेटाबोलिज्म की दर को बढ़ाता है. मेटाबोलिज्म शरीर में होने वाली ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भोजन का ऊर्जा में रूपांतरण होता है. अगर मेटाबोलिज्म की दर अधिक रहेगी तो शरीर में ऊर्जी यानी कैलोरी की खपत भी ज्यादा होगी और अंततः शरीर की चर्बी भी घटेगी.


रिसर्च में सामने आई ये बात
रिसर्च में सामान्य वेट वाले लोगों को 8 ग्राम कैफीन ड्रिंक दी गई और उसकी जांच की गई. जांच में पाया गया कि कैफीन लेने के सिर्फ तीन घंटे बाद इन व्यक्तियों में मेटाबोलिक रेट बहुत ज्यादा बढ़ गई. एक दूसरी रिसर्च में कुछ मोटे लोगों और कुछ सामान्य लोगों को एक साथ 4 ग्राम की दर से कैफीन ड्रिंक दी गई. जांच में पाया गया कि दोनों तरह के लोगों में मेटाबोलिक रेट बढ़ी हुई है.


जांच के निष्कर्ष से यह पता चला कि कॉफी से हर तरह के लोगों में मेटाबोलिक रेट बढ़ती है. हालांकि सामान्य लोगों में कॉफी के कारण फैट बर्निंग रेट में ज्यादा तेजी आती है. एक अन्य स्टडी में भी यह पाया गया कि कॉफी का लगातार सेवन पेट के आस-पास की चर्बी को घटाने में मददगार है. अध्ययन में पेट की चर्बी घटाने के लिए यह भी सलाह दी गई है कि ज्यादा कैलोरी घटाने के लिए हेल्डी डाइट ली जाए. इसके लिए पर्याप्त मात्रा में बींस, दाल, अंडा और मछली का सेवन करें. अनसैचुरेटेड ऑयल को सीमित करें और दिन में 6 से 8 ग्लास पानी रोजाना पीएं.

 

  pornography : जानें क्या हैं भारत में पोर्नोग्राफी के कानून, किस तरह दंड के प्रावधान

pornography : जानें क्या हैं भारत में पोर्नोग्राफी के कानून, किस तरह दंड के प्रावधान

मशहूर बिजनेस मैन और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा (Raj Kundra) पोर्नोग्राफी (Pornography) के मामले में गिरफ्तार हो गए हैं. पुलिस का दावा है कि उनके पास कुंद्रा के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. उन्हें अश्लील फिल्म बनाने और उन्हें प्रकाशित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि राज ने दुबई में अपना ऑफिस बनाया था और पिछले साल के अंत में इस कंपनी से खुद को अलग भी कर लिया था, लेकिन वे फिर भी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गए. आइए जानते हैं भारत में पोर्नोग्राफी कानून क्या है और उसके दंड के प्रवाधान क्या हैं.

क्या कानून है इसके लिए
साइबर पोर्नोग्राफी कानून जिसके तहत राज कुंद्रा पर आरोप लगे हैं, वह कानून है जिसमें साइबरस्पेस का उपयोग कर या उसके जरिए अश्लील सामग्री बनाने, दिखाना, वितरित करना, आयातित करना, या प्रकाशित किया जाता है. साइबर स्पेस के आसने से परंपरागत अश्लील कंटेट बड़े पैमाने पर ऑन लाइन या डिजिटल पोर्नोग्राफिक कंटेट में बदल गई है.

साल 2000 के कानून का प्रावधान
साइबर पोर्नोग्राफी कई देशों में बैन है और कई देशों में वैध भी है. भारत के सूचना तकनीकी कानून 2000 के अंतर्गत यह कानून का वह काला हिस्सा है जहां ना तो यह प्रतिबंधित है और ना ही वैध है. इसी कानून की धारा 67 के तहत बहुत से कार्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में हैं जिसमें तीन साल के कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माना तक का प्रावदान हैं.

प्रकाशन या प्रसारण
इस कानून में प्रकाशन का के तहत वेबसाइट पर सामग्री अपलोड करना, व्हाट्सऐप ग्रुप या किसी अन्य डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करना जहां थर्ड पार्टी इस तरह के कटेंट को देख सकती हैं. इसके प्रसारण में ईमेल, मैसेजिंग, व्हाट्सऐप या किसी व्यक्ति को किसी भी तरह के डिजिटल मीडिया में अश्लील तस्वीरें, वीडियो या तस्वीरें भेजना शामिल है.

प्रकाशन या प्रसारण में कारण होना
इतना ही नहीं अगर कोई व्यक्ति इस तरह के प्रकाशन या प्रकाशन में कारण बनता है तो वह भी इस कानून के मुताबिक दंडात्मक कार्रवाई के योग्य माना जाएगा. इसमें उन पोर्टल के संचालक भी इस कानून के दायरे में आ जाएंगे जिनके जरिए अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित हुई है. सूचना तकनीक कानून की इंटरमीडियरी दिशानिर्देशों के तहत इंटरमीडियरी/सेवा प्रदाता की खुद की जिम्मेदारी बनती है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके पोर्टल का इन कार्यों के लिए दुरुपयोग नहीं हो.

कानून की कमियां?
लेकिन इस कानून के कुछ अन्य पहलू भी हैं जिन पर गौर करने की जरूरत है. इस कानून के प्रवाधान भारत में पोर्नोग्राफी के बारे में स्पष्ट रूप के दर्शाते हैं कि साइबर पोर्नोग्राफी भारत में गैरकानूनी नहीं है. केवल डाउनलोड करना और इन्हें देखना अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है. लेकिन अगर उस कंटेंट में बच्चे शामिल हैं तो ऐसे कंटेंट को देखना, डाउनलोड करना अपराध कीश्रेणी में जिसमें 5 साल की जेल और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है. बेशक अश्लील सामग्री को ऑनलाइन प्रकाशित करना अवैध है और कानूनी रूप से दंडात्मक है. लेकिन इस कानून की कमजोरी यह है कि साइबर पोर्नोग्राफिक कंटेट स्टोर कर रखना अपराध नहीं हैं.

फिर भी यह अपराध है कि
कुछ कमजोरियों के बाद भी इस कानून में यह प्रावधान है कि साइबर पोर्नोग्राफी को मैसेजिंग, ईमेल या अन्य माध्यमों के जरिए डिजिटल प्रसारण अपराध है. हाल ही में एक 21 साल का इंजीनियरिंग छात्र एक महिला को अश्लील तस्वीरें भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं जब किसी पोर्टलके प्रमुख को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया जब उनके पोर्टल के जरिए अश्लील सामग्री भेजी गई.

यहां गौर करने वाली बात है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी पूरी दुनिया में गैरकानूनी है और भारत में भी इस पर सख्त कानून है. भारत में साइबर पोर्नोग्राफी वैध नहीं हैं. इसका मतलब केवल इसकी ब्राउजिंग से है. लेकिन फिर भी सरकर को इस पर भी सख्त होने की जरूरत है क्योंकी पोर्नोग्राफी हर रूप में गलत और समाज के साथ व्यक्ति की मानसिक सेहत के लिए भी बहुत नुकसानदेह है.
 अजीबो गरीब मामला : इस गंदी हरकत के कारण ताले में फंसा युवक का प्राइवेट पार्ट

अजीबो गरीब मामला : इस गंदी हरकत के कारण ताले में फंसा युवक का प्राइवेट पार्ट

एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। एक व्यक्ति का प्राइवेट पार्ट अचानक ताले में फंस गया। फिर लोक लाज में चिल्ला भी नहीं पा रहा था। फिर किसी तरह घर वालों को बताया। फिर इलेक्ट्रिक कटर से काटा गया। उस व्यक्ति ने इस घटना की वजह से हमेशा के लिए अपना प्राइवेट पार्ट खो दिया।

बता दें कि थाईलैंड की राजधानी बैंकाक का मामला है। दरअसल 38 साल का एक कुंवारा युवक छोटे ताले के साथ मास्टरबेट कर रहा था और उसी दौरान उसने उस ताले की चाभी खो दी जिसके बाद लोहे के उस पैडलॉक में उसका प्राइवेट पार्ट जकड़ गया और वो फूलने लगा। युवक ने करीब दो हफ्ते तक दर्द में समय में बिताया और इस बात को अपनी मां से भी छुपा कर रखा।

इस दौरान युवक ने उस छोटे पैडलॉक को हटाने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफल रहा। 14 दिनों तक उस ताले में ही फंसे रहने की वजह से उसका प्राइवेट संक्रमित हो गया और असहनीय दर्द होने लगा। इसके बाद युवक को मां ने अस्पताल में भर्ती कराया।

अपने बेटे की इस हरकत से शमिंर्दा मां ने डॉक्टरों को बताया कि उसका बेटा कुंवारा है और उसे अपना प्राइवेट पार्ट छोटे-छोटे छेदों में डालना पसंद है जिस वजह से ये समस्या हुई है। युवक की मां ने घर पहुंचे आपातकालीन सेवा के सदस्यों को बताया कि उसके बेटे की कोई प्रेमिका नहीं थी और वह कोरोना महामारी के दौरान ज्यादातर समय घर पर रहने की वजह से ‘ऊब’ रहा था।

पीड़ित युवक की मां ने कहा, ‘मेरा बेटा अंतमुर्खी है और उसकी कोई प्रेमिका नहीं है। उसने मुझसे कहा कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह ऊब गया था और वह अपने प्राइवेट पार्ट को छोटे-छोटे छेदों में डालना पसंद करता था। मुझे इस तरह शमिंर्दा करने के लिए मैं उस पर गुस्सा थी और मैंने उसे दोबारा ऐसा नहीं करने के लिए कहा।

अस्पताल में दर्द से बेचैन युवक के प्राइवेट पार्ट को ताले से निकालने के लिए डॉक्टरों ने इलेक्ट्रिक कटर का उपयोग किया और तीस मिनट की मशक्कत के बाद लोहे की उस पतली शीट (ताला) को काटकर बाहर निकाला। इसके बाद भी दर्द को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक क्रीम पेनिसिलिन की गोलियां दीं गई।

 

पार्टनर से लड़ाई की कोई खास वजह नहीं,फिर भी रिश्ते के बीच तनाव दूर करने आपको इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत

पार्टनर से लड़ाई की कोई खास वजह नहीं,फिर भी रिश्ते के बीच तनाव दूर करने आपको इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत

कभी-कभी ऐसा होता है कि पार्टनर से लड़ाई की कोई खास वजह नहीं होती लेकिन फिर भी रिश्ते के बीच तनाव देखने को मिलता है। इसका सीधा-सा कारण होता है कि घर में पॉजिटिव वाइव्स की कमी हो जाती है और आपको हर एक छोटी चीज से इरिटेशन होने लगती है। आपके साथ भी अगर कुछ समय से ऐसा ही हो रहा है, तो आपको कुछ चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है।

तनाव घटाएगी खुशबू

सजावट में खुशबू और संगीत का भी अहम हिस्सा है। डेकोरेशन के दौरान आप उन जगहों को बंद करने का इंतजाम कर सकते हैं, जहां से शोर आता हो। इसी तरह कमरे व लिविंग एरिया में संगीत का इंतजाम भी कर लें। घर में अगर रूम फ्रेशनर या सेंट हो तो उसका भी इस्तेमाल करें।

 

फ्लोरल प्रिंट डेकोरेशन
घर की सजावट करते समय घर में फूल, पत्थर, लकड़ी का इस्तेमाल करें जिससे घर में रह रहे लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से अहसास हो कि वे हरियाली के करीब हैं। मिट्टी और आसमानी रंगों के साथ फ्लोरल प्रिंट वाले सजावटी सामानों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


जाले झाड़ने से होगी स्ट्रेचिंग
सजावट से पहले जरूरी है कि छत व दीवारों पर लगे जाले झाड़ लिए जाएं। यह एक अच्छी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज साबित होगी। पर सफाई करते समय मुंह कवर कर लें ताकि एलर्जी की समस्या न हो।

 

इन बातों का भी रखें ध्यान
आपके पास पहले से जिन रंगों के कपड़े, चादर, सजावटी सामान मौजूद हैं, उन पर दोबारा ध्यान दें और रंगों को प्राथमिकता देते हुए सजावट करें जिससे मन और शरीर पर सकारात्मक असर होगा।
हरा यह रंग आपको घर में रहते हुए भी हरियाली के करीब होने का अहसास देगा, साथ ही यह रचनात्मकता बढ़ाता है।
पीला यह रंग रचनात्मकता और ऊर्जा का परिचायक है, इस रंग की चादर बिछाएं या पीले रंग से दीवार पर चित्रकारी करें।

 

 इन देशों में Physical Relations बनाने के हैं अजब गजब नियम, जानकर रह जाएंगे हैरान

इन देशों में Physical Relations बनाने के हैं अजब गजब नियम, जानकर रह जाएंगे हैरान

नई दिल्ली: हर देश में सेक्स (Sex) को लेकर अलग-अलग कानून बने हुए हैं. इनमें से कई कानून तो ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरानी में पड़ जाएंगे. आइये जानते हैं कि किस देश में सेक्स को लेकर क्या कानून है. 

कोलंबिया: यहां पर सेक्स (Sex) को लेकर अजीब नियम का पालन किया जाता है. कोलंबिया के Cali इलाके में महिला सिर्फ अपने पति के साथ सेक्स कर सकती है. पहली बार पति के साथ सेक्स करते समय लड़की की मां गवाह के तौर पर कमरे में मौजूद रहती है. वह अपनी मां के सामने लाइट जलाकर पति से संबंध बनाती है.  

बोलिविया: इस देश के सांता क्रूज इलाके में पुरुषों को अधिकार है कि वह चाहे तो किसी महिला और उसकी बेटी दोनों से एक साथ सेक्स (Sex) कर सकता है. उसे यह अधिकार कानूनी तौर पर मिला हैं. ऐसा करने पर उस पुरुष के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती.

लेबनान: इस देश में नियम है कि पुरुष जानवरों से भी सेक्स कर सकतें हैं बशर्ते कि वे मादा हों. अगर कोई पुरुष नर जानवर के साथ सेक्स का दोषी पाया जाता है तो उसे कड़ी सजा मिलती है. इस अपराध के लिए उसे फांसी पर भी लटकाया जा सकता है. 

ब्रिटेन: इस देश की राजधानी में आप पार्किंग एरिया में खड़ी बाइक पर अपनी पार्टनर के साथ संबंध नहीं बना सकते. इसके साथ ही पब एरिया में किसी अनजान महिला को सेक्स (Sex) के लिए इन्वाइट नहीं कर सकते. ऐसा करने पर आपको 3 महीने की सजा और भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. 

अमेरिका के वर्जीनिया में सेक्स के दौरान कमरे की लाइट जलाना अपराध माना जाता है. ऐसा करने पर सेक्स करने वाले जोड़े के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है. वहां पर सेक्स (Sex) के दौरान सिसकियां निकलने पर भी पड़ोसी शिकायत कर सकते हैं.
Oppo ने में अपनी नई Oppo Reno 6 सीरीज लॉन्च करने जा रही है, जानिए स्पेसिफिकेशंस के बारे में

Oppo ने में अपनी नई Oppo Reno 6 सीरीज लॉन्च करने जा रही है, जानिए स्पेसिफिकेशंस के बारे में

चीन की पॉपुलर स्मार्टफोन कंपनियों में से एक Oppo आज भारत में अपनी नई Oppo Reno 6 सीरीज लॉन्च करने जा रही है. इसके तहत कंपनी Oppo Reno 6 और Oppo Reno 6 Pro 5G स्मार्टफोन्स को बाजार में उतारेगी. ये दोनों फोन फ्लिपकार्ट के जरिए सेल किए जाएंगे. लीक रिपोर्ट्स की मानें तो Oppo Reno 6 फोन की कीमत 30 से 35 हजार रुपये तक हो सकती है. वहीं Oppo Reno 6 Pro 5G को कंपनी 40 हजार रुपये के आस-पास लॉन्च कर सकती है. आइए जानते हैं दोनों फोन के स्पेसिफिकेशंस के बारे में.

Oppo Reno 6 स्पेसिफिकेशंस
Oppo Reno 6 स्मार्टफोन में 6.43 इंच का फुल एचडी+ होल-पंच AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 90 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट है. ये फोन एंड्रॉयड 11 बेस्ड ColorOS 11 पर काम करता है. परफॉर्मेंस के लिए इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 900 प्रोसेसर का यूज किया गया है. फोन में 12 GB रैम और 256 GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है. फोन की कीमत 30 हजार रुपये के आस-पास हो सकती है. ओप्पो के मुताबिक इसमें दमदार बैटरी दी गई है, जो पांच मिनट की चार्जिंग में 4 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा देगी. यही नहीं महज 35 मिनट में फोन फुल चार्ज भी हो जाएगा.


कैमरा और बैटरी
फोटोग्राफी के लिए Oppo Reno 6 फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64 मेगापिक्सल का है. इसके अलावा सेकेंडरी कैमरा 8 मेगापिक्सल का और 2 मेगापिक्सल का तीसरा लेंस दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. पावर के लिए इसमें 4,300mAh की बैटरी दी गई है, जो 65 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है.


Oppo Reno 6 Pro 5G स्पेसिफिकेशंस
Oppo Reno 6 Pro 5G में 6.55 इंच फुल-एचडी+ OLED डिस्प्ले दिया गया है. परफॉर्मेंस के लिए इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 1200 प्रोसेसर का यूज किया गया है. फोन में 12 GB रैम और 256 GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है. फोटोग्राफी के लिए फोन में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 64 मेगापिक्सल का है, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर, दो 2 मेगापिक्सल के सेंसर दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. पावर के लिए इसमें 4,500mAh की बैटरी दी गई है, जो 65 वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है.


Realme X7 Max से होगा मुकाबला
Oppo Reno 6 Pro 5G का भारत में Realme X7 Max 5G से मुकाबला होगा. इस स्मार्टफोन में 6.43 इंच का HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 2400x1080 पिक्सल है. फोन एंड्रॉयड 11 बेस्ड Realme UI 2.0 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. ये फोन MediaTek Dimensity 1200 प्रोसेसर से लैस है. इसमें 12GB रैम और 256 GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से आप बढ़ा भी सकते हैं. इसके 12GB रैम और 256 GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को आप 29,999 रुपये है.

 

नहीं बनेंगे हैकर्स का निशाना, बस ऐसा रखे आप अपना पासवर्ड

नहीं बनेंगे हैकर्स का निशाना, बस ऐसा रखे आप अपना पासवर्ड

भारत में पिछले कुछ सालों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. अब जब इतने लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे तो जाहिर है हैकिंग का भी खतरा बना रहेगा. अक्सर लोग उनके साथ हुए फ्रॉड को लेकर शिकायत करते हैं लेकिन अपनी लापरवाही को नजरअंदाज कर जाते हैं. लोग ये नहीं जानते हैं कि आसान पासवर्ड रखने से हैकर्स का काम आसान हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को चाहिए किए अपना पासवर्ड ऐसा सेट करें कि उसे बडे़ से बड़ा हैकर्स भी न तोड़ पाए. आज हम आपको पासवर्ड के टिप्स बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.


ऐसा होना चाहिए पासवर्ड
आगर आप स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखना चाहते हैं तो कम से कम 8 कैरेक्टर का रखें और इसमें बड़े और छोटे अक्षर, नंबर और सिंबल्स का यूज करें. पासवर्ड ऐसा बिल्कुल न हो जिसका अंदाजा आसानी लगाया जा सके. अपने पासवर्ड में अपनी पर्सनल डीटेल्स जैसे नाम, एड्रेस, फोन नंबर, ईमेल आदि कभी नहीं डालें. साथ ही पासवर्ड टाइम टू टाइम बदलते रहें. अगर आपने किसी के साथ अपना पासवर्ड शेयर किया है तो उसे फौरन चेंज कर दें.


भूलकर भी न रखें ये पासवर्ड
पासवर्ड हमेशा याद रहे इसलिए ज्यादातर यूजर्स अपना मोबाइल नंबर, डेट ऑफ बर्थ या फिर अपना नाम पासवर्ड में डालते हैं. ऐसा करने से हैकर्स का काम और भी ज्यादा आसान हो जाता है. किसी भी पासवर्ड को तोड़ने के लिए हैकर्स सबसे पहले इन्हीं तीन चीजों को पासवर्ड के तौर पर अप्लाई करता है और वो इसमें सफल हो जाता है. याद रखें नाम, डेट ऑफ बर्थ या फिर मोबाइल नंबर को अपना पासवर्ड ना बनाएं. पासवर्ड हमेशा यूनिक और स्ट्रॉन्ग होना चाहिए.


अलग-अलग होना चाहिए पासवर्ड
अक्सर हम ये भी करते हैं कि एक अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में एक जैसा ही पासवर्ड डालते हैं. यही वजह है कि हैकर्स एक ही पासवर्ड से आपके सभी अकाउंट हैक कर लेते हैं. हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग पासवर्ड का इस्तेमाल करें. जिससे हैकिंग की संभावना कम हो सके. कॉमन पासवर्ड हैकर्स को आपके अकाउंट में सेंध लगाने में आसानी करता है.

 

नहीं बनेंगे हैकर्स का निशाना
अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैकर्स के बचाने के लिए पासवर्ड में लेटर्स और नंबर्स के अलावा स्पेशल कैरेक्टर का इस्तेमाल भी जरूर करें. अपने सभी पासवर्ड एक जगह लिखकर रखें ताकि अगर आप अपना पासवर्ड भूल भी जाएं तो वहां देख सकें. साथ ही साथ अपने सभी प्लेटफॉर्म में अलग-अलग पासवर्ड का यूज करें. इन बातों का ध्यान रखकर अपने अकाउंट्स को सेफ रख सकते हैं. 

शादीशुदा पुरुष रोजाना रात में सोने से पहले खा लें सिर्फ 1 पान, फिर देखें चमत्कार

शादीशुदा पुरुष रोजाना रात में सोने से पहले खा लें सिर्फ 1 पान, फिर देखें चमत्कार

भारत में पान का सेवन काफी मात्रा में किया जाता है. कुछ जगहों पर तो शादी-ब्याह में पान खाना काफी शुभ माना जाता है. पान कई तरह के होते हैं. पान में कई तरह की चीजें मिलाई जाती है. जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती हैं. पान का इस्तेमाल पूजा-पाठ आदि शुभ कार्यों में भी किया जाता है. पान एक जड़ी-बूटी की तरह भी काम करता है, और पान के कई सारे औषधीय गुण हैं. पुरुषों के लिए पान का सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में-

यौन शक्ति बढ़ाने में मददगार-
पान के पत्ते में एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-इंफेक्टिव, एंटी-सेप्टिक और दुर्गंध दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं. इसे खाने से टेस्टोस्टोरोन हार्मोन का स्तर भी बढ़ता है. इससे पुरुषों में लिबिडो बढ़ता है. पान पुरुषों की फिजिकल लाइफ को सीधे तौर पर प्रभावित करता है.

कब्ज-
अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है तो आप कुछ दिन तक लगातार खाना खाने के बाद पान का सेवन करें, आपको लाभ होगा. इसके लिए आप पान के पत्ते के टुकड़े करके एक गिलास पानी में डालकर रातभर रख दें. यह पानी अगली सुबह खाली पेट पी लें.

घाव भरने में करेगा मदद-
पान का इस्तेमाल चोट को ठीक करने के लिए भी किया जाता है. पान में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व घाव को जल्दी भरने में मदद करता है. चोट पर लगाने के लिए पान के पत्ते का रस निकाल कर घाव पर लगाएं और फिर इसी पत्ते से ढक कर पट्टी से बांध दें.

पाचन क्रिया सही रखता है-
पान के पत्ते से पाचन सही रहता है. खाने के बाद अगर कोई एक पत्ता पान का खाता है तो उसके पेट में दर्द, गैस और सीने में जलन जैसी समस्याओं से राहत मिल जाएगी.

(डिस्केलमर: लेख में दी गई सलाह केवल सामान्य जानकारी है. ये एक्सपर्ट की राय नहीं है.)

 

 सावधान! रोजाना 17 मिनट मोबाइल इस्तेमाल करने से हो सकता है कैंसर

सावधान! रोजाना 17 मिनट मोबाइल इस्तेमाल करने से हो सकता है कैंसर

कैलिफोर्निया. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि स्मार्टफोन कैंसर (Cancer) का खतरा बढ़ाता है. अगर 10 साल तक हर रोज 17 मिनट तक मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल करते हैं तो कैंसर की गांठ बनने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है. यह दावा मोबाइल फोन और इंसान की सेहत से जुड़़ी 46 तरह की रिसर्च के विश्लेषण के बाद किया गया है. 

रिसर्च करने वाली कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, मोबाइल सिग्नल से निकलने वाला रेडिएशन शरीर में स्ट्रेस प्रोटीन को बढ़ाता है जो डीएनए को डैमेज करता है. हालांकि, अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन इस बात से इंकार करता है कि मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी से सेहत को खतरा है.

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अमेरिका, स्वीडन, ब्रिटेन, जापान, साउथ कोरिया और न्यूजीलैंड में हुईं रिसर्च के आधार पर यह दावा किया है. रिसर्च कहती है, दुनियाभर में मोबाइल फोन यूजर्स बढ़ रहे हैं. 2011 तक 87 फीसदी घरों में एक मोबाइल फोन था. 2020 में यह आंकड़ा 95 फीसदी हो गया. शोधकर्ता जोएल मॉस्कोविट्ज कहते हैं, लोगों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करना चाहिए. इसे अपने शरीर से दूर रखना चाहिए और जितना हो सके लैंडलाइन का इस्तेमाल करें. फोन के अधिक इस्तेमाल और कैंसर का कनेक्शन विवादित है, यह एक सेंसेटिव पॉलिटिकल टॉपिक है.

मॉस्कोविट्ज कहते हैं, वायरलेस डिवाइस रेडिएशन एनर्जी को अधिक एक्टिव बनाती है. ऐसा होने पर कोशिकाओं के काम करने के रास्ते में बाधा पैदा होती है. नतीजा, शरीर में स्ट्रेस प्रोटीन और फ्री-रेडिकल्स बनते हैं. इससे डीएनए भी डैमेज हो सकता है. मौत भी हो सकती है. रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन का सेहत पर क्या असर होता है, इस पर अधिक रिसर्च नहीं हो पाई है क्योंकि अमेरिकी सरकार ने 1990 में ही रिसर्च के लिए दी जाने वाली फंडिंग पर रोक लगा दी थी.

2018 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ साइंस की रिसर्च में सबूत मिले थे, जो बताते हैं कि मोबाइल फोन के रेडिएशन से कैंसर हो सकता है. हालांकि इसे एफडीए ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इसे इंसानों पर नहीं अप्लाय किया जा सकता​​​​​​. शोधकर्ताओं की टीम ने एक रिसर्च साउथ कोरिया नेशनल कैंसर सेंटर और सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के साथ भी मिलकर की है.
बच्चे का कद नहीं बढ़ने के पीछे उसके भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की होती है कमी, इन्हें करें बच्चों की डाइट में शामिल, फिर देखें रिजल्ट

बच्चे का कद नहीं बढ़ने के पीछे उसके भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की होती है कमी, इन्हें करें बच्चों की डाइट में शामिल, फिर देखें रिजल्ट

ज्यादातर लोग ये विचार छोड़ देते हैं कि उनके बच्चे का कद कभी अच्छा होगा. आम तौर से माता-पिता भूल जाते हैं कि मुनासिब डाइट और सक्रिय लाइफस्टाइल बच्चों को लंबा करने में मदद कर सकते हैं. जी हां, खाद्य पदार्थों की एक पूरी श्रृंखला है जो बच्चों में ऊंचाई को बढ़ा सकती है. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, बच्चे की डाइट और उसके कद के बीच प्रत्यक्ष संबंध है. न सिर्फ ये बल्कि पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन में प्रकाशित दूसरी रिसर्च बताती है कि दूध, चिकन, मवेशी आधारित फूड्स का इस्तेमाल बच्चे को लंबा करने का सबसे अच्छा तरीका है.


बच्चे का कद नहीं बढ़ने के पीछे उसके भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है. संतुलित डाइट से जरूरतें पूरी होती हैं और नियमित अंतराल पर उनको खिलाएं क्योंकि बच्चे व्यस्कों के मुकाबले अधिक सक्रिय रहते हैं. ऊंचाई बढ़ाने में मददगार प्रमुख पोषक तत्व प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं. इन पोषक तत्वों से भरपूर फूड को बच्चों की डाइट में शामिल करना चाहिए. यहां आपको कुछ फूड्स की लिस्ट बताई जा रही है जिसे आप अपने बच्चे को रोजाना खिला सकते हैं.


दूध- ये सबसे अधिक साबुत फूड्स में से एक है जिसे आपके बच्चे को ठीक ढंग से बढ़ने के लिए जरूरी होता है. उसमें सबसे आवश्यक पोषक तत्व आपके बच्चे को जल्दी ऊंचाई प्राप्त करने में मदद करते हैं. उसके अलावा, दूध आपके बच्चे की हड्डियों को विकसित करने में भी मदद करेगा और साथ ही उनकी मांसपेशियों को मजबूत बनाएगा.


अंडे- 'संडे हो या मंडे, रोज खाओ की कहावत याद है'? ये आपके लिए नहीं है, बल्कि आपके बच्चे के लिए. अंडे प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी12 में भरपूर होते हैं. उसके कुछ पोषक तत्वों दूसरे फूड में पाना मुश्किल होता है. ये सबसे बहुमुखी फूड्स में से एक है.

 

सोया- सोया एक दूसरा प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स का स्रोत है. उसके अलावा, अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो अंडों का सबसे अच्छा विकल्प है.


केला- केला की शक्ति को हम अक्सर नजरअंदाज करते हैं, लेकिन ऐसे ही फूड की आपके बच्चे को सबसे अधिक जरूरत होती है. अगर आपका बच्चा पूरा केला खाने का विरोध करता है, तो उसे बनाना शेक या स्मूदी से लुभा सकते हैं. इस तरह, केला और दूध दोनों का इस्तेमाल बिना किसी समस्या के कराया जा सकता है.


ड्राई फ्रूट्स- विकसित हो रहे बच्चों को ऊर्जा और पोषण दोनों की जरूरत होती है. उनके लिए ड्राई फ्रूट्स से बेहतर कोई अन्य फूड नहीं है. नट्स और सीड्स मिनरल्स, गुड फैट्स और एमिनो एसिड के अच्छे स्रोत हैं. उसका इस्तेमाल बच्चों को बढ़ने कते लिए जरूरी है.  

इन 5 बातों को सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च करते हैं मर्द, हैरान कर देगी ये रिसर्च

इन 5 बातों को सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च करते हैं मर्द, हैरान कर देगी ये रिसर्च

सेहत की बात हो या फिर खूबसूरती निखारने की, ज्यादातर लोग गूगल की सलाह पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं। कोरोना की वजह से पिछले कुछ समय से लोगों का अधिकतर समय इंटरनेट पर ही बीत रहा है। ऐसे में वो अपनी हर समस्या को सुलझाने के लिए गूगल की मदद ले रहे हैं। हाल ही में frommars.com की तरफ से एक रिसर्च की गई है, जिसमें पता लगा है कि पुरुष गूगल पर क्या-क्या सबसे ज्यादा सर्च करते हैं। आइए जानते हैं पुरुषों से जुड़े वो 5 सवाल जिनके जवाब वो अकेले में गूगल से चुपके से पूछते हैं।
गूगल पर क्या-क्या सर्च करते हैं मर्द?
हाल ही में frommars.com की तरफ से एक रिसर्च हुई है जिसमें पता चला है कि गूगल पर मर्द किन चीजों को सबसे ज्यातदा सर्च करते हैं। हालांकि. ये सभी 5 चीजें मर्दों के सबसे बड़े 5 मिथ हैं और इनसे बचकर रहने में ही उनकी भलाई हैं। ऐसा इसलिए पुरुषों की सेक्स लाइफ से लेकर उनके बालों के झड़ने तक सोशल मीडिया पर कई गलत चीजें मौजूद हैं। जिनको फॉलो करने के चक्कर में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं वो कॉमन बातें जो पुरुषों के स्वास्थ को लेकर प्रचलित हैं-
-हर साल गूगल पर 68,600 लोगों ने सर्च किया कि कमजोर इरेक्शन नपुसंकता की निशानी है या कहीं में नपुंसक तो नहीं?
-हर साल औसतन 68,400 लोगों ने गूगल पर सर्च किया कि क्या शेविंग करने से आपकी दाढ़ी के बाल ज्यादा बढ़ते हैं।
-हर साल 61,200 लोगों ने इस बात को गूगल पर सर्च किया कि क्या पुरुषों को ब्रेस्टस कैंसर नहीं हो सकता है।
-टोपी लगाने और चोटी बढ़ाने की वजह से पुरुषों के बाल झड़ते हैं इस पर औसतन 52,100 लोग हर साल सर्च करते हैं।
-51,000 लोगों ने इस बात पर सर्च किया कि प्रोटीन को वर्कआउट के तुरंत बाद लेना चाहिए या नहीं या फिर उन्हें कौन सा प्रोटीन खाना चाहिए।
इन सवालों के क्या हैं सही जवाब-
यदि कोई पुरुष कमजोर इरेक्शंन महसूस करता है तो ये जरूरी नहीं कि इसकी वजह नपुसंकता ही हो। इस तरह की समस्या बुजुर्गों में बहुत आम होती है। इसके अलावा कई बार डायबिटीज, ओबेसिटी और उच्चत रक्तचाप जैसे हेल्थस इश्यूज भी इसका कारण बन जाते हैं। ऐसे में लोग अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव करके इस समस्या को दूर कर सकते हैं।
शेविंग से बाल बढ़ते हैं-
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि शेविंग से आपके बाल घने होते हैं। अगर आप अपने बालों या चेहरे पर कोई बदलाव महसूस कर रहे हैं तो, इसकी कई वजहें हो सकती हैं। कभी-कभी अधिक दवा का सेवन करने से भी ऐसा हो सकता है।
पुरुषों में ब्रेस्‍ट कैंसर -
विशेषज्ञों के मुताबिक पुरुषों में महिलाओं जितना तो नहीं लेकिन हां उन्हें भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। यह पुरुषों में होने वाले बाकी कैंसर की तुलना में बहुत अलग होता है। 60 साल की उम्र के बाद मर्द इस समस्या से ग्रसित हो सकते हैं।
 

 Physical Relation : इन लोगों का होता है सबसे कमाल का फिजिकल रिलेशन

Physical Relation : इन लोगों का होता है सबसे कमाल का फिजिकल रिलेशन

सफल शादीशुदा जिंदगी की पीछे केवल प्यार ही नहीं होता है। और भी कई चीजें होती हैं जो रिश्ते को मजबूत बनाती हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि रिश्ते में प्यार और भरोसा के अलावा भी एक चीज मायने रखती है। शादीशुदा जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए अच्छे फिजिकल रिलेशनशिप की जरूरत होती है। वहीं एक रिसर्च सामने आया है कि लोग जितना अपने रिश्ते में आभार फील करते हैं वो फिजिकल रिलेशन के वक्त उतना बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। 

शादीशुदा जिंदगी में फिजिकल रिलेशना बहुत ही मायने रखता है। इसके बिना रिश्ता मजबूत नहीं रहता है। रिश्ते में एक उदासीनता आ जाती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि जो लोग अपने साखी को इमोशनली सपोर्ट करते हैं, उनका फिजिकल रिलेशनशिप उतना ही बेहतर होता है। जो लोग पार्टनर का इमोशनली और फिजीकली ख्याल रखते हैं। उनका फिजिकल रिलेशनशिप उतना ही कमाल का होता है। हाल ही में हुई एक रिसर्च से सामने आया है कि लॉकडाउन के कारण लोगों के फिजिकल रिलेशनशिप में काफी गिरावट आई है। लोगों को अपना रिश्ता बेहतर बनाने के लिए कई छोटी - छोटी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

 

आपका आने वाला जीवन स्वस्थ और खुशहाल रहे, इसके लिए शादी से पहले करवा लेने चाहिए कुछ जरूरी टेस्ट

आपका आने वाला जीवन स्वस्थ और खुशहाल रहे, इसके लिए शादी से पहले करवा लेने चाहिए कुछ जरूरी टेस्ट

भारत में शादी सबसे बड़ा फंक्शन माना जाता है. जिस परिवार में किसी की शादी होने वाली होती है, वहां महीनों पहले से रौनक छाने लगती है. कपड़ों की खरीददारी से लेकर कार्ड बंटने तक, हलवाई की बुकिंग से लेकर होटल तक सारी तैयारियां करनी होती हैं. ऐसे में दूल्हा-दुल्हन भी शादी के दिन सबसे खास दिखने की तैयारियों में लग जाते हैं. इतने कामों के चक्कर में कई बार हम कुछ जरूरी कामों को भूल भी जाते हैं. पंडित जी कुंडली और भविष्य देख लेते हैं शादी रचा देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं एक खुशहाल और स्वस्थ वैवाहिक जीवन जीने के लिए सिर्फ यही चीजें जरूरी नहीं है. क्या आप जानते हैं कि जिसके साथ आप अपनी पूरी जिंदगी बिताने जा रहे हैं वो स्वस्थ है? क्या आपको अपने पार्टनर की सेहत से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी हैं? अगर ऐसा नहीं है तो आपको शादी से पहले कुछ टेस्ट जरूर करावा लेने चाहिए. जिससे आपका आने वाला जीवन स्वस्थ और खुशहाल रहे.


शादी से पहले करा लें ये 4 टेस्ट


इनफर्टिलिटी टेस्ट- शादी के बाद लोग बच्चे की प्लानिंग करते हैं ऐसे में आपको शादी से पहले इनफर्टिलिटी टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए. इस टेस्ट में प्रजनन अंगों के स्वास्थ्य और स्पर्म काउंट के बारे में जानकारी मिलती है. ये टेस्ट इसलिए जरूरी है कि अगर आपको रिपोर्ट में किसी तरह की कोई समस्या आए तो आप उसका समय से पहले इलाज करवा लें.


एसटीडी टेस्ट- आजकल शादी से पहले रिलेशन बनाना आम बात है. इसलिए इस टेस्ट के जरिए आप कई तरह की यौन बीमारियां जैसे एचआईवी/ एड्स, दाद, गर्मी और हेपेटाइटिस सी जैसी बीमारियों के बारे में पता लगा सकते हैं. इनमें से कई रोगों का इलाज नहीं है ऐसे में आपको शादी से पहले एसटीडी टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए.


ब्लड ग्रुप कंपैटिबिलिटी टेस्ट- भले ही शादी से पहले ब्लड टेस्ट आपको जरूरी नहीं लगे, लेकिन इस टेस्ट के जरिए आप और आपके पार्टनर का आरएच फैक्टर के बारे में पता लगाया जा सकता है. बच्चे के लिए दोनों का आरएच फैक्टर समान होना चाहिए. ऐसे में अगर आप दोनों का ब्लड ग्रुप एक-दूसरे के साथ कंपैटेबल नहीं है तो प्रेगनेंसी में आपको परेशानी हो सकती है. ये समस्या बच्चे के लिए और भी घातक हो सकती है. इसमें प्रेगनेंट महिलाओं के ब्लड में मौजूद एंटी-बॉडिज अपने बच्चे की रक्त कोशिकाओं को ही नष्ट कर देती हैं.


जेनेटिकली ट्रांसमिटेड कंडीशंस टेस्ट- इस टेस्ट के जरिए आप बहुत सारी जेनेटिक बीमारियों के बारे में पता लगा सकते हैं. इसका फायदा ये है जि आप अपनी बीमारियों को आसानी से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में संचरित होने से रोक सकते हैं. इस टेस्ट के जरिए आप ब्रेस्ट कैंसर, किडनी रोग, कोलोन कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों के बारे में पता लगा सकते हैं और समय पर इनका इलाज भी करवा सकते हैं. 

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