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मटके के पानी में छिपा है सेहत का खजाना, जानिए इसके हैरान करने वाले फायदों के बारे में

मटके के पानी में छिपा है सेहत का खजाना, जानिए इसके हैरान करने वाले फायदों के बारे में

भारतीय घरों में पहले जहां लोग मिट्टी के बर्तन का उपयोग पानी पीने से लेकर खानपान के लिए करते थे, वहीं आज इसका इस्तेमाल कम हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार मिट्टी के बर्तनों में पानी रखने से उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं, जो पानी की अशुद्धियों को दूर करते हैं और मिनरल्स प्रदान करते हैं इसलिए फ्रिज के पानी की अपेक्षा मटके का पानी अधिक फायदेमंद होता है. इससे आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती. आइए जानते हैं मटके का पानी पीने के फायदों के बारे में.

इस पानी में मौजूद खनिजों के कारण पाचन में सुधार होता है. इसे पीने से हमें कब्ज और गला खराब होने जैसी समस्याएं नहीं होती हैं.
मिटटी में शुद्धिकरण का एक ऐसा गुण पाया जाता है, जो सभी विषैले पदार्थ अपने अंदर सोख लेती है तथा पानी में सभी जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाती है.
मटके का पानी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है.
यह शरीर में पानी के पीएच संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है, जो गैस्ट्रिक और एसिडिटी से संबंधित समस्याओं को रोकता है.
मटके के पानी का सेवन करने से सर्दी, खांसी और अस्थमा समस्याओं बचा जा सकता है.
मिट्टी में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर में आयरन की कमी को दूर करता है.अगर किसी को एनीमिया की समस्या है तो उसके लिए मटके का पानी बहुत फायदेमंद है.
मटके का पानी मलेरिया, पीलिया, टायफाईड और डायरिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है.
गर्भवती महिलाओं के लिए मटके का पानी बहुत फायदेमंद होता है. यह पानी उनके मन को शांत रखता है.
मिट्टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में दर्द, ऐंठन और सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है.  

नयी दुल्हन से कभी न पूछें यह सवाल, इसका जवाब देना होता है काफी मुश्किल

नयी दुल्हन से कभी न पूछें यह सवाल, इसका जवाब देना होता है काफी मुश्किल

शादी से पहले हर लड़का और लड़की घबराए होते हैं. वहीं लड़के की फैमिली लड़की से बात करने के लिए इंतजार करते हैं. यह पल हर लड़की के लिए बहुत घबराहट वाला होता है. अपना घर छोड़कर वह नए लोगों से मिलना और उनके सवालों के जवाब देना दुल्हन के बहुत ही मुश्किल होता है. दुल्हन के साथ मजाक मजाक में बहुत सारे सवाल कर दिए जाते हैं, लेकिन कुछ सवालों के जवाब देना दुल्हन के लिए थोड़ा मुश्किल होता है. खैर, इन सब में सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि दुल्हन को न तो इन सवालों का जवाब देते बनता है और न ही नकारते. ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं यह सवाल जो सुसराल में दुल्हन से सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं.
घर संभाल सकती हो न ?
यह सवाल सबसे ज्यादा मुश्किल होता है. शादी के बाद दुल्हन के कदम घर पर पड़े नहीं कि बस सभी रिश्तेदार यही सवाल करने लगते हैं. इस के सवाल में नई नवेली दुल्हन अक्सर घबरा जाती है लेकिन यहां पर यह सोच भी आती है कि बहू के आते ही उसे घर संभालने के लिए क्यों कह दिया जाता है.
हनीमून कैसा रहा
अधिकांश लोग हनीमून जैसी प्राइवेट चीजों को भी पूछने से नहीं कतराते. हालांकि, इस तरह के सवाल ज्यादातर लड़के की बहनों या लड़की की दोस्तों की तरफ से ज्यादा किए जाते हैं. जहां आप गए वहां आपने क्या-क्या किया? तुम दोनों का साथ में टाइम कैसा था? समुद्र तट के किनारे रोमांटिक डिनर किया या नहीं? अब आप ही बताएं इन सवालों का जवाब एक लड़की के लिए कितना मुश्किल है.
खाने में क्या बढ़िया बनाती हो?
इस सवाल से तो हर महिला ही गुजरी होगी. पहली रसोई वाले दिन यह सवाल सुनते ही एक बार तो ऐसा लगता है कि हमें कुछ नहीं आता है. चाहे नई नवेली दुल्हन को सब कुछ खाने में बनाना आता हो लेकिन इस समय जवाब देने में वह सोच में पड़ जाती है.

गुड न्यूज कब सुना रहीं
भले ही शादी के बाद नई दुल्हन को घर आए जुम्मा-जुम्मा चार दिन हुए हों, लेकिन उसके चाहने वाले उससे गुड न्यूज़ की डिमांड पहले करने लग जाते हैं. हालांकि, वह अभी भी अपनी गृहस्थी को ज़माने की जद्दोजहद कर रही है, लेकिन गुड को लेकर सवालों का सिलसिला कभी खत्म नहीं होता. यही एक कारण भी है कि बहू घर आते ही कई बड़े मसलों में घिर जाती है.
 

मच्छर भगाने के लिए कहीं आप तो नहीं कर रहे ये उपाय? हो सकता है जानलेवा

मच्छर भगाने के लिए कहीं आप तो नहीं कर रहे ये उपाय? हो सकता है जानलेवा

गर्मी के मौसम में मच्छरों ने भी आतंक ढा रखा है। मच्छर मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैलाते हैं ऐसे में इनसे बचना भी जरूरी है। ज्यादातर घरों में मच्छर भगाने वाली क्वॉइल, अगरबत्ती या इलेक्ट्रिक रीफिल मशीन इस्तेमाल की जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों का धुआं न सिर्फ लंग्स को नुकसान पहुंचा सकता है बल्कि इनसे कैंसर भी हो सकता है। सिर्फ क्वॉइल ही नहीं बल्कि पूजा में इस्तेमाल की जाने वाली खुशबूदार अगरबत्ती भी सेहत के लिए इतनी ही नुकसानदायक होती हैं।
धुआं होता है कैंसर पैदा करने वाला

चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन की रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि मच्छर भगाने वाली क्वॉइल और अगरबत्ती के धुएं में कैंसर पैदा करने वाले के तत्व होते हैं। वहीं पहले चीन और ताइवान में हुई स्टडी में भी साबित हो चुका है कि इस धुएं का कनेक्शन लंग कैंसर से है। फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉक्टर सुदीप साल्वी बता चुके हैं कि बंद कमरे में मच्छर वाली एक क्वॉइल जलाना 100 सिगरेट पीने के बराबर होता है। क्वॉइल में पाया जाने वाला पायरेथ्रिन पेस्टीसाइड है जो कि फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।

नो स्मोक क्वॉइल से लंग्स होते हैं खराब

बाजार में अब नो स्मोक क्वॉइल भी आने लगी हैं इनसे धुआं तो नहीं होता लेकिन कार्बन मोनोऑक्साइड काफी मात्रा में निकलता है। यह लंग्स को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। मच्छर भगाने के लिए जो लिक्विड मशीन आती हैं उन पर शोध होनो बाकी हैं लेकिन ये भी लंग्स को नुकसान पहुंचाते हैं। हम इनको लगाकर कमरा बंद करते हैं फिर यह केमिकल खुद इनहेल कर लेते हैं जो कि हेल्थ के लिए अच्छा नहीं।
ये है बेस्ट तरीका

मच्छरों से बचना जरूरी है इसके लिए आप घर पर पानी इकट्ठा न होने दें। जहां पानी जमा होता है वहां मिट्टी का तेल डालें। घर पर साफ-सफाई रखें। बेस्ट तरीका है मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। खासकर जिनके बच्चे छोटे हैं और घर पर बुजुर्ग हैं वर्ना लंबे समय में लंग्स से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ एसेंशियल ऑइल्स भी यूज किए जा सकते हैं।

 

नए-नए प्यार में पड़े हैं तो भूलकर न करें यह गलतियां, नहीं तो बात बनने से पहले बिगड़ सकती है

नए-नए प्यार में पड़े हैं तो भूलकर न करें यह गलतियां, नहीं तो बात बनने से पहले बिगड़ सकती है

जब आप नए-नए प्यार में पड़ते हैं तो रिलेशनशिप में बहुत ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. इसके बाद भी हम कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं वो टिप्स जिनकी मदद से आप अपने बिगड़ते रिश्ते की डोर संभाल सकते हैं. अपने पार्टनर से क्या बात करनी है? कैसे बोलना है? यहां तक कि कैसा व्यवहार करना है? ऐसे कई सवाल होते हैं जिनका ख्याल हम और आप जरूर रखते हैं, लेकिन इसके बाद भी गलतियां कर देते हैं और बात बनने से पहले ही बिगड़ जाती है.
अधिकार जमाना गलत है.
अगर आपका रिलेशनशिप अभी स्टार्ट ही हुआ है तो आप अपने इमोशन को शो करना बन्द कर दो और आप सबसे पहले अपने क्वालिटी शो करो. अगर आपके क्वालिटी को पहचान जाएगी तो आपको कभी भी प्यार का खोने का डर नहीं रहेगा .वहीं कुछ लोग तो प्यार स्टार्ट नहीं हुआ कि अधिकार जमाना शुरू कर देते है. यहां क्यों गया, कैसे गया या फिर आप फोन पर किससे बात कर रही थीं. यह सब सरासर ग़लत है .

ज्यादा उम्मीद न करें
नए-नए रिलेशनशिप में अपने पार्टनर से किसी भी तरीके की उम्मीद करना बेहद गलत है. कई बार कपल्स ऐसा सोच लेते हैं, जैसा वो अपने पार्टनर के लिए फील कर रहे हैं या केयर कर रहे हैं, वैसा ही पार्टनर भी करे.

हर बात पर टोका-टोकी नहीं
आपको अपने पार्टनर का दूसरे लोगों से बात करना ज्यादा पसंद ना हो, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप उन्हें बात-बात पर टोकना शुरू कर दें, या पार्टनर के कपड़े या पहनावे पर अपत्ति जताएं. 

क्या लड़का और लड़की सिर्फ एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं?

क्या लड़का और लड़की सिर्फ एक अच्छे दोस्त हो सकते हैं?

बदलते जामाने के साथ अब सबकुछ बदल रहा है. एक लड़का और लड़की अच्छे दोस्त हो सकते हैं. दोस्त बनाने के लिए जेंडर की नहीं सोच मिलने की जरूरत होती है. एक लड़का और लड़की का दोस्त होना कोई नई बात नहीं है. अक्सर हम फिल्मों में या फिर अपने आस-पास भी देखते हैं कि एक लड़का और लड़की सिर्फ दोस्त बनकर रहते हैं. एक लड़का और लड़की दोस्त नहीं हो सकते हैं. ऐसा सोचना और ऐसा कहना गलत है.
सोच मिलना जरूरी है जेंडर नही
एक सर्वे के मुताबिक, मेल्स और फीमेल्स के बीच दोस्ती बिल्कुल संभव है. हर आम फ्रेंडशिप की तरह ही इस दोस्ती की शुरुआत भी ज्यादातर मामलों में किसी चीज को लेकर कॉमन इंट्रेस्ट से होती है. ऐसे रिश्ते जो सिर्फ दोस्ती तक ही सीमित रहते हैं, उनमें लड़का और लड़की एक-दूसरे को लगभग उसी तरह ट्रीट करते हैं, जैसे वे अपने सेम सेक्स के फ्रेंड्स को करते हैं. हां, ये जरूर है कि मेल फ्रेंड्स अपनी फीमेल फ्रेंड्स को लेकर ज्यादा प्रोटेक्टिव होते हैं.
दोस्ती विश्वास के धागे से बंधा होता है
कहते हैं कई बार खून के रिश्तों पर दोस्ती का रिश्ता भारी पड़ जाता है, बिना किसी स्वार्थ के ये रिश्ता सच में बस विश्वास के धागे से बंधा होता है. ये जरूरी तो नहीं कि लड़का सिर्फ एक लड़के पर ही विश्वास कर सकता और लड़की सिर्फ लड़की पर ही विश्वास कर सकती है. असल जिंदगी में अब ऐसा नहीं रहा है. लड़के-लड़कियां अच्छे दोस्त भी बनते हैं और ये रिश्ता मजबूती से आगे भी बढ़ता है.
रोमांस के चांस?
जर्नल ऑफ सोशल ऐंड पर्सनल रिलेशनशिप्स में प्रकाशित एक स्टडी की मानें, तो ऐसे रिश्तों में कहीं न कहीं रोमांस के चांस भी मौजूद होते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार 'हमें लगता है कि हम सिर्फ दोस्त रह सकते हैं, लेकिन सच तो यह है कि किसी मौके पर इसमें रोमांस भी एंटर कर सकता है.' हालांकि, इसमें यह भी सामने आया कि ऐसे रोमांस के चांस में ज्यादातर वन साइड लव ही होता है, जिसके सफल होने के चांस दूसरे व्यक्ति के रिऐक्शन पर निर्भर करते हैं.

 

रसोई गैस पर गिरी महंगाई की मार, इन 5 उपायों से चलेगी लम्बे समय तक

रसोई गैस पर गिरी महंगाई की मार, इन 5 उपायों से चलेगी लम्बे समय तक

महिलाएं ज्यादातर समय किचन में ही गुजारती है। इसलिए उनका ज्यादातर ध्यान चीजों को बचाने या कम खर्च करने की ओर ही रहता है, जोकि होना भी चाहिए। बात अगर संसाधनों की करें तो तेल, पेट्रोल, रसोई गैस, जैसी चीजों का सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। रसोई गैस के दाम दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए इसकी बचत करना बहुत जरूरी हो गया हैं। सरकार की और से भी इसकी बचत के लिए समय समय पर जागरूक किया जाता है। हम आपको ऐसे ही कुछ आसान से टिप्स देंगे, जिनकी मदद से आप गैस की बचत आसानी से कर सकते हैं।
- खाना बनाने से पहले सारी सामग्री को तैयार कर लें। उसके बाद ही भोजन पकाना शुरू करें। इसके अलावा बर्तन या तवे को गर्म करते समय ही गैस को फुल मोड पर रखें और उसके बाद स्लो कर दें। क्योंकि खाना पकाने के लिए उतनी उष्मा नहीं चाहिए जितनी बर्तन गर्म करने के लिए चाहिए होती है।
- हमेशा खाने के बनाते समय गैस को मध्य आंच पर रखें। इसके अलावा फ्रिंज या बाजार से लाएं ठंडे प्रदाथों को कुछ देर पहले रख दें ताकि उसका तापमान सही हो जाएं। ऐसे पदार्थों को सीधे गैस पर रखने से इसकी अधिक खपत होती है।
- हमेशा खाने के बनाते समय गैय को मध्य आंच पर रखें। इसके अलावा फ्रिंज या बाजार से लाएं ठंडे प्रदाथों को कुछ देर पहले रख दें ताकि उसका तापमान सही हो जाएं। ऐसे पदार्थों को सीधे गैस पर रखने से इसकी अधिक खपत होती है।
- मैटल के बने बर्तन जैसे स्टेनलैस स्टील में खाना बनाने से भी गैस कम खर्च होती है। धातु या मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने से बचे। यह अधिक गैस खर्च करते हैं।
-भोजन पकाते समय कड़ाही सा पैन की बजाए प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करें। इससे खाना जल्दी भी बन जाता है और गैस की बचत भी हो जाती है।

 

Chanakya Niti: ये आदतें मनुष्य को कभी आगे नहीं बढ़ने देती हैं

Chanakya Niti: ये आदतें मनुष्य को कभी आगे नहीं बढ़ने देती हैं

चाणक्य नीति कहती है कि मनुष्य को यदि जीवन में सफल होना है तो गंदी आदतों से दूर रहना चाहिए. ये गंदी आदतें कौन सी हैं आइए जानते हैं-

समय को खराब नहीं करना चाहिए
चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति  समय की कीमत नहीं जानता है, उसे जीवन में लक्ष्यों को प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि समय कभी भी किसी के लिए नहीं रूकता है. इसलिए जो समय एक बार गुजर जाता है, वो लौट कर फिर नहीं आता है. सफलता में समय पर लिए गए उचित निर्णय का विशेष महत्व होता है. जो समय का लाभ उठाने के लिए तैयार रहते हैं, वे अपने लक्ष्यों को पूरा कर पाने में सक्षम होते हैं.

आलस मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है
चाणक्य नीति के अनुसार आलस एक ऐसा अवगुण है जो व्यक्ति को कभी सफलता प्राप्त नहीं करने देता है. आलस को अपनाने वाला व्यक्ति अवसरों का लाभ उठाने से वंचित रहता है. ऐसे लोगों को आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 

मेहनत से भागने वालों की किस्मत में सफलता नहीं होती है 
चाणक्य नीति के अनुसार जीवन में यदि सफलता प्राप्त करनी है तो परिश्रम यानि मेहनत करने से कभी नहीं घबराना चाहिए जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें कभी सफलता प्राप्त नहीं होती है. ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी का भी आशीर्वाद नहीं मिलता है. परिश्रम के बिना सफलता संभव नहीं है. इस बात को अच्छे ढंग से समझने का प्रयास करना चाहिए.

 

 

नशे की लत, सफलता में बाधक है
चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को हर प्रकार के नशे दूर रहने का प्रयास करना चाहिए. नशा करने से सेहत के साथ मन और मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव डालता है. नशा करने वाले कभी भी कुशल श्रम का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं. ऐसे लोगों को अन्य अवगुण भी घेर लेते हैं. नशे से दूर रहकर ही जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है. नशा करने वाले स्वयं की श्रेष्ठ प्रतिभा का भी लाभ नहीं उठा पाते हैं. नशे की लत से प्रतिभा भी नष्ट हो जाती है. लक्ष्मी जी भी ऐसे लोगों का त्याग कर देती हैं.

इन आदतों वाली लड़कियों से लड़के करना चाहते हैं शादी, जानिए क्या हैं वे

इन आदतों वाली लड़कियों से लड़के करना चाहते हैं शादी, जानिए क्या हैं वे

लड़की हो या लड़के दोनों ही अपने पार्टनर में कुछ खास आदतें पसंद करते हैं. किसी को केयरिंग नेचर पसंद होता है तो किसी को फनी नेचर. कोई सुन्दरता पर फिदा होता है तो कोई गुण वाले व्यक्ति को पसंद करता है. ऐसे में लड़के लड़कियों में कुछ खास आदतों को देख कर उन्हें अपना हमसफर बनाना चाहते हैं. आइए जानते हैं कि वो कौन सी आदत लड़कियों में ज्यादातर लड़कों को पसंद आती है.

परिवार को साथ लेकर चलने वाली
लड़कों को ऐसी लड़कियां बहुत जल्दी पसंद आती हैं, जो अपने पार्टनर के परिवार वालों को अपनी ही फैमिली समझती हैं. जिससे लड़को को अपनी फैमली और वाइफ के साथ तलामेल बनाने में कोई परेशानी नहीं होती है. लड़कियों से अक्सर यह उम्मीद की जाती है कि वह शादी के बाद पार्टनर के परिवार की दिल से देखभाल करें. ऐसे में जो लड़कियां बातों ही बातों में अपने पार्टनर के परिवार से घुलने-मिलने की कोशिश करती हैं वह लड़कों का दिल बहुत जल्दी जीत लेती हैं.

पार्टनर पर अपनी न थोपती हों
लड़कों को ऐसी लड़कियां बिल्कुल पसंद नहीं आती हैं, जो जिद्दी किस्म की हों और अपनी ही बात केवल थोपने की कोशिशि करती हैं या अपने कहे पर हीअटल रहती हों. ऐसी लड़कियां लड़कों को जल्द पसंद नहीं आती हैं. ऐसे में जो लड़कियां, लड़कों को समझती है और जिन्हें यह पता होता है कि उसके रिलेशन के लिए क्या सही और क्या गलत है, वे लड़कियां लड़कों को जल्दी इम्प्रेस करती हैे.

दोस्तों को स्वीकार करना
ऐसी लड़कियां लड़कों को कभी पसंद नहीं आती हैं जो अपने पति के दोस्तों को पसंद न करती हों. उनके बारे में बुराई करें. कई बार लड़के इस बात से चिढ़ जाते हैं, कि लड़कियां उनके दोस्तों के बारे हमेशा बूरा क्यों सोचती हैं. वह अक्सर अपने पार्टनर से इस बात की शिकायत करती हैं कि वह दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना पसंद करते हैं. ऐसा एक दो-दिन तो सही है, लेकिन फिर इन्हीं लड़कियों से लड़के कटने लगते हैं. 

जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके, काम होगा आसान

जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके, काम होगा आसान

हम सभी के घर में कुछ जरूरी कागजात होते ही हैं, जिन्हें हम फाइलों में रखते हैं। बच्चे की मार्कशीट से लेकर बिजली का बिल और पहचान के अन्य जरूरी कागजात व उनकी फोटोकॉपी को लोग फाइलों में संभालकर रखते हैं। इतना ही नहीं, पिछले कुछ वक्त से जब वर्क फ्रॉम होम का चलन काफी बढ़ा है तो घरों में इन फाइलों की संख्या भी बढ़ी है। ऑफिस के प्रोजेक्ट्स की फाइलों को भी लोग घर पर ही रख रहे हैं। हालांकि काफी सारी फाइलें हो जाने के बाद उन्हें सही तरह से आर्गेनाइज करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर घर में फाइलें सही तरह से आर्गेनाइज करके रखी जाती हैं, तो इससे घर भी बिखरा-बिखरा नजर नहीं आता और समय पर ढूंढने में भी आसानी होती है । तो चलिए जानते हैं कि घर में फाइलों को आर्गेनाइज करने के लिए आप किन तरीकों का सहारा ले सकती हैं-

बनाएं अलग कैबिनेट
अगर आपके पास काफी अधिक फाइलें हैं तो बेहतर होगा कि आप उन्हें टेबल पर रखने की जगह एक अलग कैबिनेट बनाएं और उसमें ही अपनी सभी जरूरी फाइलें रखें। इस तरह जब आपको कभी भी उन फाइलों की जरूरत होगी तो आप आसानी से कैबिनेट से निकाल पाएंगी।

करें लेबलिंग
अगर आपके पास फाइलों का भंडार है और आप उसे एक कैबिनेट में रखने की सोच रही हैं तो हर बार आपको अपनी जरूरी फाइल निकालने के लिए कुछ वक्त तो बर्बाद करना ही पड़ेगा। इस स्थिति से बचने और घर में फाइलों को बेहतर तरीके से आर्गेनाइज करने का सबसे अच्छा तरीका है लेबलिंग करना। इसके लिए आप फाइल के उपर कुछ तरह से लेबलिंग करें कि जब भी आप कैबिनेट खोलें, आपको दूर से ही समझ आ जाए कि कौन सी फाइल में कौन से डॉक्यूमेंट रखे हैं।

कलर कोड सिस्टम
अगर आप अपने घर में फाइलों का ढेर इक_ा नहीं करना चाहतीं और आपके इतने डॉक्यूमेंट भी नहीं है कि आपको कई सारी फाइलों की जरूरत पड़े, तो ऐसे में आप अपनी जरूरत के अनुसार तीन-चार अलग-अलग कलर की बड़ी फाइलें लें और कलर के आधार पर आप एक फाइल में घर के जरूरी कागजात, दूसरे में ऑफिस के डॉक्यूमेंट और तीसरे में पर्सनल आईडेंटिडी से जुड़े कागज रखें।

डेस्क आर्गेनाइजर का सहारा
कई बार कुछ डॉक्यूमेंट की जरूरत बार-बार पड़ती है, ऐसे में उठकर कैबिनेट से फाइल निकालना काफी इरिटेटिंग लगता है। ऐसे में अक्सर कागज को टेबल के कपड़े के नीचे या फिर साइड ड्राअर में रख देते हैं, जिससे उनके खोने का खतरा रहता है। इस स्थिति से बचने का एक तरीका है डेस्क आर्गेनाइजर। बेहतर होगा कि आप डेस्क पर एक डेस्क आर्गेनाइजर रखें और जरूरी कागजों को उसमें रखें।

 

इन 5 तरीको से दे अपने टीवी पैनल को आकर्षक लुक

इन 5 तरीको से दे अपने टीवी पैनल को आकर्षक लुक

आजकल ज्यादातर घरों में टीवी को दीवार पर टांगा जाता है।वहीं, टीवी के आस-पास की दीवार को भी सजाने का चलन जोरो पर है। लोग अपनी पसंद और बजट के हिसाब से टीवी प्लेस को सजाते हैं।। वैसे टीवी पैनल को सजाने के लिए आजकल पेटिंग और प्रिंटेट माइका काफी चलन में है। इसके अलावा भी कई तरीको से इसे सजाया जाता है। तो आइए जानते हैं इसे डेकोरेट करने के कुछ तरीकों के बारे में।

प्रिंटेड मायका का इस्तेमाल
अगर हम पैनलिंग के लिए प्रिंटेट माइका की बात करें तो इससे दीवार को हाइलाइट किया जाता है। इससे 3ष्ठ स्टाइल में टीवी पैनलिंग को सजाया जाता है। ध्यान रखें कि अगर टीवी वाली दीवार लाइट कलर की है तो बाकी की दीवारों पर डार्क कलर करवाएं।

थ्री डी वॉलपेपर का इस्तेमाल
आजकल थ्री डी वॉलपेपर का चलन काफी जोरो पर है। आप चाहे तो जिस दीवार पर टीवी लगा है उस दीवार पर इस तरह का वॉलपेपर लगवा सकती हैं। ये आपके घर को बिल्कुल डिफरेंट लुक देगा और टीवी देखने का मजा भी बढ़ाएगा।

कुछ और तरीके
- टीवी पैनलिंग के लिए आप कप बोर्ड का इस्तेमाल कर सकती हैं। ये जहां दिखने में शानदार लगती है वहीं आप इसमें अपनी पसंद की चीजें भी सजा सकती हैं।
- टीवी एरिया को सजाने के लिए और कलरफुल लुक देने के लिए आप आप कॉपर पेंटिंग का इस्तेमाल कर सकती हैं। इस तरह की पेटिंग घर को ट्रेंडी और क्लासी लुक देती है।
- आजकल वुडन की दीवार का चलन जोरो पर है और ये दिखने में भी क्लासी लगती हैं। इस तरह की दीवार को आपको ज्यादा सजाने की जरूरत नहीं पड़ती। ये सिंपल ही अच्छी लगती हैं।

 

किसी भी स्त्री को बनाये अपनी दीवानी  . बस करना होगे ये एक काम

किसी भी स्त्री को बनाये अपनी दीवानी . बस करना होगे ये एक काम

दोस्तों आप सभी को आचार्य चाणक्य की नीति के बारे में पता होगा ही। संसार की सबसे सुन्दर और अच्छी तथा सर्वमान्य नीति है। आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ अर्थशास्त्री होने के साथ-साथ एक महान राजनीतिज्ञ और कुटनीतिज्ञ भी थे। वहीं चाणक्य नीति को सीखने से आप जीवन की किसी भी समस्या को आसानी से सुलझा सकते हैं।

साथ ही साथ चाणक्य नीति का ज्ञान आपके लक्ष्य को पूरा करने में लाभदायक सिद्ध हो सकता है। वहीं अगर आप किसी औरत या लड़की को अपने वश में करना चाहते हैं तो चाणक्य नीति के कुछ टिप्स आपको अपना प्यार दिलाने में मदद कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं किसी भी महिला या लड़की को वश में करने के बारे में...

किसी भी महिला या लड़की को वश में करने के लिए आपको सबसे पहले कोरा कागज लेना है और उस कागज पर जिस भी महिला अथवा लड़की को आप वश में करना चाहते हैं, उसका नाम लिख दें। उसके बाद उस कागज पर स्वास्तिक बनाएं। तथा स्वास्तिक के दूसरी तरफ आप अपना नाम लिख दें, वहीं उस स्त्री के नाम के पास आप उस महिला के जन्म की तारीख लिख दें और अपने नाम के पास आप अपने जन्म की तारीख लिख दें। उसके बाद आप उस कागज पर मंत्र लिख दें।

मंत्र

ओम सं आकर्षण अमुक वशं स्वाहा

इसके बाद आप इस मंत्र का 51 बार जाप करें। साथ ही साथ अमुक के स्थान पर उस स्त्री अथवा कन्या के नाम का उच्चारण करें। इसके बाद आप अपने घर के आंगन में मिट्टी खोदकर वहां कागज को दबा देना है। इसके बाद वो स्त्री अथवा कन्या आपके प्रति आकर्षित हो जाएगी और आपसे मिलने के लिए बैचेन हो जाएगी। तथा आपके बिना नहीं रह पाएंगी। इस उपाय को करने से आप अपने प्यार को अवश्य ही पा लोगें। 

तरबूज खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी दिक्कत

तरबूज खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी दिक्कत

जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है, वैसे ही रसीले फल बाजार में आना शुरू हो जाते हैं. इस मौसम में बाजार में तरबूज भी बहुत आता है. वैसे तो साल के पूरे 12 महीने में आपको तरबूज मिल जाएगा. लेकिन सबसे अच्छा पका हुआ और मीठा तरबूज आपको गर्मियों के मौसम में ही मिल सकता है. लेकिन सवाल यह उठता है कि कैसे जाने कि कौन सा तरबूज सबसे अच्छा रसीला और मीठा है. कई बार तरबूज खरीदते वक्त लोग केवल तरबूज की बनावट पर ही फोकस करते हैं और बिना सोचे समझे ही तरबूज को घर ले जाते हैं. ऐसे में तरबूज अंदर से कच्चा और बेस्वाद भी हो सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आप अच्छा और पका हुआ तरबूज खरीदें तो कुछ बातों को आप को ध्यान में रखना होगा. हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे टिप्स जिसके अनुसार आप लाल, मीठा, रसीला तरबूज खरीद सकते हैं. चलिए जानते हैं.
तरबूज का रंग –
तरबूज को खरीदते समय उसका रंग देखना जरूरी होता है. अगर तरबूज गहरे हरे रंग का है तो उसे बिल्कुल ना खरीदें क्योंकि या तो वह अंदर से कच्चा होगा या फिर कोल्ड स्टोरेज वाला तरबूज भी हो सकता है. अगर आप चाहते हैं कि आपको अच्छा पका हुआ मीठा तरबूज मिले तो आप हमेशा हल्के रंग की धारियों वाला तरबूज ही खरीदें. साथ ही तरबूज पर अगर पीले या फिर क्रीम कलर के स्पॉट होंगे तो उस तरबूज की मिठास भी अच्छी होगी.
तरबूज को ठोक कर देखे –
कई बार ऐसा होता है कि लोग तरबूज खरीदते वक्त उसे ठोक कर देखते हैं. आपको बता दें कि जो तरबूज पका हुआ होता है और साथ ही साथ मीठा भी होता है उसे ठोकने पर तेज आवाज आती है. वहीं कोई तरबूज अगर आधा पका हुआ है या फिर कच्चा है तो उसमें से कम आवाज आती है. इसलिए जब आप तरबूज खरीदें तो उसका रंग देखने के साथ आप तरबूज को ठोक कर ज़रूर देखें.
तरबूज के स्टेम पर दे ध्यान –
जो देसी तरबूज होते हैं, वह आपको गर्मियों के मौसम में ही मिल जाएंगे. ताजा होने के कारण इस मौसम में आने वाले तरबूज में आप उसकी स्टेम को भी देख सकते हैं. अगर आपको हरी स्टेम वाला तरबूज मिले तो उसको आप ना खरीदें. ऐसे तरबूज पूरी तरह से पके हुए नहीं होते हैं लेकिन जो तरबूज ब्राउन और सुखी हुई स्टेम वाले होंगे. उनको आप खरीद सकते हैं. ऐसे तरबूज अंदर से पका हुआ भी होगा और लाल और मीठा भी होगा.
वजन का रखें ख्याल –
तरबूज के वजन को तौलना भी जरूरी होता है. कई लोग हल्के वजन और साइज में बड़े तरबूज को ज्यादा अच्छा समझते हैं. मगर ऐसा नहीं होता. साइज में छोटे तरबूज भी काफी अच्छे और मीठे हो सकते हैं, लेकिन उनका वजन कम नहीं अधिक होना चाहिए जो तरबूज वजन में अधिक होते हैं. वह अधिक रसीले और मीठे होते हैं. इसलिए जब भी आप तरबूज खरीदने जाए तो अलग-अलग तरबूज लेकर उनका वजन ज़रूर नाप ले. फिर जो अधिक वजनदार हो उसी तरबूज को खरीदें.

 

छिपकली की पूंछ की गुत्थी...

छिपकली की पूंछ की गुत्थी...

जान पर बनती है तो कुछ जीव अपने अंग त्याग कर जान बचाने का विकल्प चुनते हैं। इस तरह स्वेच्छा से अंग त्यागने की क्षमता को आत्म-विच्छेदन (ऑटोटॉमी) कहते हैं। खतरा आने पर मकड़ियां अपने पैरों को त्याग देती हैं, केंकड़े पंजे त्याग देते हैं और कुछ छोटे कृंतक थोड़ी त्वचा त्याग देते हैं। कुछ समुद्री घोंघे तो परजीवी-संक्रमित शरीर से छुटकारा पाने के लिए सिर धड़ से अलग कर लेते हैं।


ऑटोटॉमी का जाना-माना उदाहरण छिपकलियों का है। शिकारियों से बचने के लिए कई छिपकलियां अपनी पूंछ त्याग देती हैं और पूंछ छटपटाती रहती है। यह व्यवहार शिकारी को भ्रमित कर देता है और छिपकली को भागने का समय मिल जाता है। हालांकि छिपकली के पूंछ खोने के घाटे भी हैं – पूंछ पैंतरेबाज़ी करने, साथी को रिझाने और वसा जमा करने के काम आती हैं - लेकिन उसे त्यागकर जान बच जाती है। और तो और, कई छिपकलियां में नई पूंछ बनाने में की क्षमता भी होती है।


वैज्ञानिकों के लिए छिपकली का यह व्यवहार अध्ययन का विषय रहा है। लेकिन यह अनसुलझा ही रहा कि ऐसी कौन सी संरचनाएं हैं जिनकी मदद से छिपकली अपनी पूंछ को एक पल में छिटक सकती है जबकि सामान्य स्थिति में वह कसकर जुड़ी रहती है? न्यूयॉर्क युनिवर्सिटी अबू धाबी के बायोमेकेनिकल इंजीनियर योंग-अक सोंग इसे ‘पूंछ की गुत्थी’ कहते हैं।


डॉ. सोंग और उनके साथियों ने कई ताज़ा कटी हुए पूंछों का अध्ययन करके गुत्थी हल करने का सोचा। उन्होंने तीन प्रजातियों की छिपकलियों पर अध्ययन किया: दो प्रकार की गेको और एक रेगिस्तानी छिपकली (श्मिट्स फ्रिंजटो छिपकली)।

 

 

 

अध्ययन के लिए उन्होंने छिपकलियों की पूंछ को अपनी अंगुलियों से खींचा, ताकि वे अपनी पूंछ त्याग दें। छिपकलियों की इस प्रतिक्रिया को उन्होंने 3,000 फ्रेम प्रति सेकंड की रफ्तार से कैमरे में कैद किया। फिर वैज्ञानिकों ने छटपटाती पूंछों का इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि हर वह जगह जहां से पूंछ शरीर अलग हुई थी, कुकुरमुत्तों जैसे खंभों से भरी हुई थी। अधिक ज़ूम करने पर उन्होंने देखा कि प्रत्येक संरचना की टोपी पर कई सूक्ष्म छिद्र थे। शोधकर्ता यह देखकर हैरत में थे कि पूंछ के शरीर से जुड़ाव वाली जगह इंटरलॉकिंग के बजाय प्रत्येक खंड पर सघनता से सूक्ष्म खंभे केवल हल्के से स्पर्श कर रहे थे।

हालांकि, पूंछ के विच्छेदन वाली जगह की कंप्यूटर मॉडलिंग करने पर पता चला कि ये सूक्ष्म संरचनाएं संग्रहित ऊर्जा को मुक्त करने में माहिर होती हैं। इसका एक कारण यह है कि इन संरचनाओं की टोपियों में सूक्ष्म रिक्त स्थान होते हैं। ये रिक्त स्थान हर झटके की ऊर्जा अवशोषित कर लेते हैं और पूंछ को जोड़े रखते हैं।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ये सूक्ष्म संरचनाए खींचने जैसे झटके तो झेल जाती हैं और पूंछ जोड़े रखती हैं लेकिन ऐंठनको नहीं झेल पाती हैंहल्की सी ऐंठन से ही पूंछ अलग हो सकती है। पूंछ खींचने की तुलना में पूंछ मोड़ने पर पूंछ अलग होने की संभावना 17 गुना अधिक थी। शोधकर्ताओं द्वारा लिए गए स्लोमोशन वीडियो में दिखा कि छिपकलियों ने शरीर से पूंछ को अलग करने के लिए बहुत ही सफाई से अपनी पूंछ को घुमाया था। साइंस पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्ष बताते हैं कि कैसे पूंछ में मज़बूती और नज़ाकत के बीच संतुलन दिखता है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी कानपुर के केमिकल इंजीनियर अनिमांगशु घटक बताते हैं कि छिपकली की पूंछ की संरचना गेको और पेड़ के मेंढकों के पैर की उंगलियों पर पाई जाने वाली चिपचिपी सूक्ष्म संरचनाओं की याद दिलाते हैं। वे बताते हैं कि चिपकने और अलग होने के बीच सही संतुलन होना चाहिए, क्योंकि यह इन जानवरों को खड़ी सतहों पर चढ़ने में सक्षम बनाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि छिपकली की पूंछ को अलग करने की प्रणाली को समझकर इस तंत्र उपयोग का कृत्रिम अंग लगाने, त्वचा प्रत्यारोपण वगैरह में किया जा सकता है। इससे रोबोट को टूटे हुए हिस्सों को अलग करने में भी सक्षम बनाया जा सकेगा।

क्या आपको भी पसंद हैं गर्मी में स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में घंटो बिताना, तो हो जाइये सावधान, आपके स्किन पर पड़ सकता है बुरा असर

क्या आपको भी पसंद हैं गर्मी में स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में घंटो बिताना, तो हो जाइये सावधान, आपके स्किन पर पड़ सकता है बुरा असर

जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है लोग स्विमिंग पूल और वाटर पार्क में घंटो बिताते नज़र आ रहे हैं. गर्मी में इन दोनों चीजों का क्रेज बच्चों से लेकर बड़ों सभी में होता है. गर्मियों में शरीर को ठंडा करके के लिए पानी से अच्छी कई चीज नहीं है. ऐसे में अधिकतर लोग घंटो स्विमिंग पूल या वाटर पार्क में बिताना पसंद करते है, जिससे कि शरीर को ठंडक भी पहुंती है और मन को भी शांति मिल जाती है. पानी में घंटो बिताने पर मजा तो आता है, लेकिन साथ ही स्किन को सजा भी मिलती है जिसका सबसे बड़ा कारण है क्लोरीन. जी हाँ, स्विमिंग पूल के पानी में क्लोरीन की मात्रा बहुत होती है जो स्किन के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होती है. ऐसे में स्किन को रूखेपन और नष्ट होने से बचाने के लिए लोग तरह तरह के उपाय ढूंढते है. अगर आप भी स्विमिंग पूल में समय बिताते हैं तो आपको स्किन टैन होने से बचाने के लिए ये उपाय जरूर करने चाहिए.

1- वाटरप्रूफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें- वैसे तो आप जानते ही होंगे की सनस्क्रीन सूरज की किरणों से बचाता है. ऐसे में गर्मियों में लोग बहार निकलने से पहले सनस्क्रीन तो लगाते ही लगाते हैं, ताकि सूरज की किरणें उनकी त्वचा को नुकसान न पहुंचा पाएं. ऐसे में स्विमिंग पूल में जाने से पहले भी आप वाटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाएं. दरअसल वाटरप्रूफ सनस्क्रीन न केवल सूरज की किरणों से बल्कि क्लोरीन वाटर से भी स्किन को प्रोटेक्ट करता है और नष्ट होने से बचाता है. ऐसे में ध्यान रहें, कि आप जब भी स्विमिंग पूल में जाएं सबसे पहले अपने चेहरे पर वाटरप्रूफ सनस्क्रीन लगा लें.

2- स्विमिंग पूल में जाने से पहले और बाद में नहा लें- स्विमिंग पूल में जाने से पहले स्किन सेल्स का हाइड्रेटेड रहना बहुत ज्यादा जरुरी है. ऐसे में सेल्स को हाइड्रेटेड रखने के लिए नहा लें, ताकि जब आप क्लोरीन वाटर में कदम रखेंगे तो आपकी स्किन सेल्स रूखे नहीं बल्कि हाइड्रेटेड होंगे जो क्लोरीन वाटर के इफ़ेक्ट को रिवर्स इफ़ेक्ट बना देते है, जिसका असर स्किन पर नहीं पड़ता है. ऐसे में स्विमिंग पूल से निकलने के बाद भी गुनगुने पानी से नहाना चाहिए. इससे क्लोरीन का जो भी असर होगा वह खत्म हो जाएगा. नहाने के बाद स्किन को मॉइचराइस कर लें ताकि आपकी स्किन बिलकुल सही रहे.

3- सप्ताह में एक बार बॉडी मसाज लें- यदि आप हर दिन स्विमिंग करना पसंद करते है, तो जायज़ सी बात है कि न चाहते हुए भी क्लोरीन वाटर का थोड़ा सा असर तो शरीर पर पड़ेगा ही पड़ेगा. ऐसे में, क्लोरीन वाटर के इफ़ेक्ट से बचने के लिए कम से कम सप्ताह में एक बार डीप बॉडी मसाज जरूर लें, ताकि यह आपके स्किन को लाभ पहुंचाए.

4- विटामिन सी का सेवन करें- जब आप अक्सर स्विमिंग करने जाते है, तो स्विमिंग पूल के पानी से न केवल आपकी स्किन रुखी पड़ जाती है बल्कि स्किन का पीएच लेवल भी ऊपर नीचे हो जाता है. ऐसे में स्किन के पीएच लेवल को बनाएं रखने के लिए विटामिन सी का सेवन करें. यदि आप विटामिन सी का सेवन नहीं करना चाहते है तो विटामिन सी के रूप में किसी स्किन प्रोडक्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. डाइट में विटामिन सी से भरपूर फल या सब्जियों का सेवन करें.

5- हाइड्रेटेड रहें- दिन भर में इतना पानी पिएं कि आपकी त्वचा को नमी पूरा करने के लिए पूल के पानी का जरुरत न पड़ें. इस तरह से हाइड्रेटेड रहने से आप क्लोरीन के पानी से बच सकते है. तो ध्यान रहें की पूल में जाने से पहले आप पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं.

अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करें केला, मिलेंगे अनगिनत फायदे

अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करें केला, मिलेंगे अनगिनत फायदे

अमूमन लोग बालों की समस्याओं का कारण केमिकल्स युक्त हेयर प्रोडक्ट्स को मानते हैं, लेकिन इनकी वजह बालों को पर्याप्त पोषण न मिलना भी हो सकता है। खैर, वजह चाहें जो भी हो आप चाहें तो बालों की समस्याओं से राहत पाने और हेयर केयर प्रोडक्ट्स के विकल्प के तौर पर केले का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि आप किन-किन तरीकों से केले को अपने हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।

बतौर कंडीशनर करें इस्तेमाल
आप केले का इस्तेमाल कंडीशनर के तौर पर कर सकते हैं। इसके लिए पहले एक कटोरे में एक केले को मैश करें, फिर इसमें एक बड़ी चम्मच शहद और दो बड़ी चम्मच जैतून का तेल मिलाएं। अब इस मिश्रण को सिर पर लगाएं और शॉवर कैप पहन लें, फिर इसके आधे घंटे बाद सिर को गुनगुने पानी से धो लें। इसके बाद जब यह मिश्रण बालों से पूरी तरह निकल जाए तो उसको माइल्ड शैंपू से धो लें।

चमकदार और मुलायम बाल पाने के लिए केले से करें हेयर स्पा
इसके लिए सबसे पहले एक पके केले को ब्लेंड कर लें, फिर केले के पेस्ट को एक कटोरी में दो बड़ी चम्मच जैतून के तेल के साथ मिलाएं। इसके बाद बालों को भाप देने के लिए एक बड़े से बर्तन में पानी गर्म कर लें और तौलिया ढककर 10 मिनट तक भाप लें, फिर केले और जैतून का मिश्रण अपने सिर पर लगाएं। 30 मिनट के बाद अपने सिर को माइल्ड शैंपू और ठंडे पानी से धो लें।

दोमुंहे बालों से राहत पाने के लिए केले का हेयर मास्क बनाएं
अमूमन लोग दोमुंहे बालों से राहत पाने के लिए हेयरकट करवा लेते हैं, लेकिन आप चाहें तो केले के हेयर मास्क से भी इस समस्या से राहत पा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में एक मैश केला, तीन-चार चम्मच दही, दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी का पाउडर और इतना पानी मिलाएं कि इसका पेस्ट बन जाएं। अब इस पेस्ट को अपने बालों में लगाएं और 30 मिनट के बाद सिर को माइल्ड शैंपू से साफ कर लें।

बालों को पोषित कर सकता है यह हेयर मास्क
पर्याप्त पोषण न मिलने के कारण बाल खराब होने लगते हैं, इसलिए इन्हें पोषित करना महत्वपूर्ण है और केला आपकी इसमें भी मदद कर सकता है। इसके लिए सबसे पहले एक कटोरी में पके पपीते का एक चौथाई भाग (पिसा हुआ), एक पका केला और दो चम्मच शहद मिलाएं, फिर इस मिश्रण को सिर पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए सिर को शावर कैप से ढकें। इसके बाद सिर को पहले गुनगुने पानी से धोएं, फिर शैंपू से धोएं।

 

किसी की मृत्यु के बाद उसके PAN और आधार कार्ड का क्या करें? जानें नियम

किसी की मृत्यु के बाद उसके PAN और आधार कार्ड का क्या करें? जानें नियम

पैन कार्ड और आधार कार्ड आजकल के समय में सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स बन गए हैं. पैन कार्ड का इस्तेमाल वित्तीय कामों के लिए किया जाता है. वहीं आधार कार्ड का आईडी प्रूफ के रूप मं यूज होता है. आधार कार्ड में व्यक्ति का नाम, डेट ऑफ बर्थ, एड्रेस आदि जानकारी दर्ज की जाती है. ऐसे किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद सबसे बड़ा सवाल उठता है कि दोनों डॉक्यूमेंट्स का क्या करना चाहिए. पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर लोगों को साइबर अपराध का शिकार बनाया गया है. ऐसे में हम आपको बताने वाले हैं कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद आधार और पैन कार्ड का क्या करना चाहिए-
पैन कार्ड का मृत्यु के बाद क्या करना चाहिए?
पैन कार्ड एक जरूरी वित्तीय डॉक्यूमेंट हैं जिसका इस्तेमाल बैंक का खाता खोलने से लेकर आईटीआर दाखिल करने तक सभी कामों के लिए किया जाता है. ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पैन कार्ड को तब तक संभालकर रखें, जब तक कि आप सभी वित्तीय काम निपटा न लें. इन जरूरी काम में टैक्स रिटर्न दाखिल करना, पॉलिसी क्लेम करना आदि शामिल है. इसके बाद आप पैन कार्ड को सरेंडर कर दें.
पैन कार्ड सरेंडर करने की प्रोसेस
अगर आप अपने किसी परिजन का पैन कार्ड सरेंडर करना चाहते हैं तो इसके लिए असेसमेंट ऑफिसर को एक एप्लीकेशन लिखना होता है. एप्लीकेशन लिखने के बाद आपको पैन कार्ड सरेंडर करने का कारण भी बताना होगा. इसके साथ ही फिर मृतक का नाम, डेट ऑफ बर्थ, डेथ सर्टिफिकेट, पैन नंबर आदि सारी जानकारी भी लिखनी होगी. इसके साथ ही मृतक के डेथ सर्टिफिकेट को भी इस एप्लीकेशन के साथ अटैच करके जमा कर दें. अगर आपको लगता है कि मृतक का पैन कार्ड भविष्य में आपके कुछ काम आ सकता है तो ऐसी स्थिति में पैन कार्ड रख भी सकते हैं. मृतक का पैन कार्ड सरेंडर करना अनिवार्य नहीं हैं. लेकिन, इस बात का खास ध्यान रखें कि पैन कार्ड का कुछ गलत इस्तेमाल न हो इसलिए इसके डेटा को संभालकर रखें.
Aadhaar Card का मृत्यु के बाद क्या करना चाहिए?
आजकल हर जगह पर आधार कार्ड का इस्तेमाल आईडी प्रूफ के रूप में किया जाता है. किसी भी सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए भी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है. आधार कार्ड एक यूनिक नंबर होता है जो UIDAI किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किसी और को नहीं दे सकती है.
आधार कार्ड सरेंडर करने का प्रोसेस
किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड को डीएक्टिवेट नहीं किया जा सकता है. फिलहाल सरकार ने आधार नंबर को कैंसिल करने का कोई प्रावधान नहीं किया है लेकिन, आधार कार्ड को डेथ सर्टिफिकेट से लिंक कर सकती है. दोनों को लिंक कर देने की सूरत में मृतक के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

 

कपड़ों को महकाने के लिए धोते समय करें इन चीजों का इस्तेमाल, नहीं पड़ेगी परफ्य़ूम की जरूरत...

कपड़ों को महकाने के लिए धोते समय करें इन चीजों का इस्तेमाल, नहीं पड़ेगी परफ्य़ूम की जरूरत...

आमतौर पर देखा जाता हैं कि कपड़ों से खुशबु आए इसके लिए लोग परफ्य़ूम का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। जो कुछ देर तक ही टिकता हैं और इसके बाद कपड़ों से पसीने की बदबू आने लगती हैं। ऐसे में आप चाहे तो कपड़ों को धोते वक्त ही कुछ ऐसा काम कर सकते हैं कि इनमें एक खुशबु बस जाए जो लंबे समय तक इनको महकाने का काम करें। आज इस कड़ी में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें कपड़े धोते समय ही इस्तेमाल किया जाता हैं ताकि धुलाई के बाद भी कपड़ों की महक बनी रहे। तो आइये जानते हैं इन चीजों के बारे में..


फ़ैब्रिक सॉफ़्टनर
कपड़ों को ख़ुशबू से महकाने के लिए फ़ैब्रिक सॉफ़्टनर का इस्तेमाल भी एक बढिय़ा उपाय है। इसके लिए अगर आप वॉशिंग मशीन में कपड़े धो रहे हैं तो रिंस के दौरान 1 बड़ा चम्मच फ़ैब्रिक सॉफ़्टनर डालें। अगर आप हाथ से कपड़े धो रहे हैं तो कपड़ों को धोने के बाद खंगालें। बाल्टीभर पानी में आधा बड़ा चम्मच फ़ैब्रिक सॉफ़्टनर मिलाएं और इसमें धोए हुए कपड़ों को 15 मिनट के लिए भिगोकर रखें। फिर कपड़ों को निचोड़कर सुखाएं।
बेकिंग सोड़ा
कई बार डिटर्जेंट से कपड़े धोने के बाद भी उनमें से बदबू नहीं जाती। ऐसे में आप कपड़ों को धोने के लिए डिटर्जेंट के साथ पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिला दें। ऐसा करने से आपके कपड़ों से आने वाली बदबू दूर हो जाएगी और ये महकने लगेंगे।


ख़ुशबूदार डिटर्जेंट
कपड़ों को सुगंधित बनाने का सबसे आसान तरीक़ा है ख़ुशबूदार डिटर्जेंट। जी हां, बाज़ार में उपलब्ध भीनी ख़ुशबू वाले डिटर्जेंट का चुनाव कर आप अपने कपड़ों को महका सकते हैं। इसके लिए कपड़ों को धोने से पहले बाल्टीभर पानी लें। अब कपड़े के हिसाब से ख़ुशबूदार डिटर्जेंट डालें और आधे घंटे बाद कपड़ों को धोएं। इसे कपड़े ख़ुशबू से महकेंगे


नींबू का रस
नमी होने की वजह से कई बार गीले कपड़ों में से बदबू आनी शुरू हो जाती है। ऐसे में यदि आप कपड़े धोते समय नींबू के रस का इस्तेमाल करेंगे, तो कपड़ों में से बदबू की जगह खुशबु आएगी।


विनेगर
अगर आप कपड़ों को महकाने के लिए घरेलू उपाय की खोज में हैं तो समझें अब आपकी खोज ख़त्म हो गई है। जी बिल्कुल, आपके किचन में उपलब्ध विनेगर से भी आप अपने कपड़ों को सुगंधित बना सकते हैं। इसके लिए कपड़ों को धोने से पहले गुनगुने पानी में विनेगर सहित कपड़ों को भिगोएं, जैसे बाल्टीभर गुनगुने पानी में आधा कप विनेगर मिलाकर और उसमें कपड़ों को आधे घंटे के लिए भिगोकर रख दें।


लैवेंडर वॉटर
धोते समय कपड़ों को ख़ुशबूदार बनाने के लिए आप लैवेंडर वॉटर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप वॉशिंग मशीन में कपड़े धो रहे हैं तो रिंस के दौरान मशीन में 1 बड़ा चम्मच लैवेंडर वॉटर डालें। इसी तरह हाथ से कपड़े धोते समय कपड़ों को खंगालने के बाद बाल्टीभर पानी में 1 बड़ा चम्मच लैवेंडर वॉटर मिलाएं और कपड़ों को 15 मिनट के लिए उसमें भिगोएं। इससे कपड़ों से भीनी ख़ुशबू आएगी।
 

कही आप भी तो नहीं करते मोबाइल चार्ज करते समय यहाँ 5 गलतियां, तो हो जाऐ सावधान...

कही आप भी तो नहीं करते मोबाइल चार्ज करते समय यहाँ 5 गलतियां, तो हो जाऐ सावधान...

आज के दौर में मोबाइल हर किसी के लिए एक बहुत ही जरूरी साधन बन चुका है। यदि मोबाइल न हो तो आप खुद को दुनिया से कटा हुआ महसूस करने लगते हैं। इसलिए मोबाइल का हर वक्त चार्ज रहना बहुत जरूरी होता है। मगर, मोबाइल चार्जिंग से जुड़ी कुछ गलतियां हैं, जिन पर आमतौर पर लोग ध्यान नहीं देते हैं। इन गलतियों को यदि आप बार-बार दोहराते हैं तो आपका मोबाइल खराब भी हो सकता है। तो चलिए आज हम आपको मोबाइल चार्जिंग से जुड़ी कुछ गलतियों के बारे में बताते हैं, जिन पर यदि आप ध्यान दें तो आपके मोबाइल की लाइफ बढ़ सकती हैं।
-मोबाइल फोन से जुड़ी सबसे आम गलती है की लोग अपने मोबाइल को चार्ज करने के लिए किसी भी चार्जर का प्रयोग कर लेते हैं। मगर, ऐसा करने से आपके मोबाइल की बैटरी बहुत ज्यादा गरम हो जाएगी। इससे आपके मोबाइल की लाइफ कम होती है। बेस्ट है कि आप मोबाइल के साथ मिले चार्जर से ही उसे चार्ज करें।


- मोबाइल को हर वक्त 100 प्रतिशत चार्ज रखने की भूल मत करें। आपको बता दें कि इससे आपके मोबाइल की बैटरी की लाइफ कम हो जाती है। इस बात का भी ध्यान रखें कि कभी भी मोबाइल की चार्जिंग को 0 प्रतिशत न होने दें। यह स्थिति भी आपके मोबाइल की बैटरी की लाइफ को कम करती है।


-ज़्यदातर लोग रात में सोने से पहले मोबाइल को चार्जिंग पर लगा देते हैं और फिर उसे रात भर के लिए लगा छोड़ देते हैं। मोबाइल को चार्ज करने का यह सही तरीका नहीं है। इससे फिजूल की बिजली तो खर्च होती ही है साथ ही इतने लंबे समय के लिए चार्जिंग पर लगाने से मोबाइल की बैटरी भी बहुत अधिक गरम हो जाती है।


- अधिकतर लोग मोबाइल की बैटरी 0 प्रतिशत होने तक उसे यूज करते रहते हैं,जो की बहुत गलत है। मगर, उससे भी ज्यादा गलत बात है, चार्जिंग के दौरान मोबाइल को यूज करना। कई लोग तो चार्जिंग पर मोबाइल को लगा कर बात भी करते हैं। इससे मोबाइल की बैटरी ओवरहीटेड हो जाती है। यह स्थिति मोबाइल को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आपको भी हानि पहुंचा सकती है, इसलिए ऐसा करने से बचें।


- आजकल डिजाइनर मोबाइल केस लगभग हर किसी के मोबाइल में देखे जा सकते हैं। बेशक यह मोबाइल की खूबसूरती को बढ़ाते हैं मगर, जब आप मोबाइल चार्ज करते हैं तो इन्हें हटाना न भूलें। यदि आप मोबाइल को केस लगा कर चार्ज करेंगे तो इससे बैटरी और मोबाइल के अंदर के कॉम्पोनेंट्स ज्यादा गरम हो जाएंगे इससे आपके मोबाइल को नुकसान पहुंच सकता है।
 

इन तरीकों से करें अपने मोबाइल की स्क्रीन साफ़, काम होगा आसान

इन तरीकों से करें अपने मोबाइल की स्क्रीन साफ़, काम होगा आसान

कोरोनोवायरस फैलने से दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। संक्रमित व्यक्ति से कोरोनावायरस आसानी से फैल सकता है। वायरस के एक से दूसरे में फैलने के लिए स्वच्छता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। हैंडवाशिंग या हैंड सैनिटाइटर जैसे सरल कदम संक्रमण से लडऩे में आपकी मदद कर सकते हैं। आपके हाथ दिन भर में कई सतहों को छूते हैं। अगर आप किसी भी सतह को छूते हैं जिसमें संक्रमित बूंदें हैं, तो यह आपके शरीर के अंदर वायरस को प्रवेश करना आसान बना सकता है।

हैंडवाशिंग या हैंड सैनिटाइटर का उपयोग करने से आपको उस वायरस को मारने में मदद मिल सकती है जो आपके हाथों पर हो सकता है।आपका मोबाइल फ़ोन दिन भर में कई घंटों के लिए आपके हाथों में ही रहता है। इससे संक्रमण का खतरा अधिक होता है। किसी भी सतह को छूने के बाद अपना मोबाइल फोन पकडऩा, जिसमें कोई भी वायरस हो, इससे वायरस फोन पर आ सकता है। वायरस के इस ट्रासफॉर्मेशन को रोकने के लिए, आपको अपने मोबाइल फोन को बार-बार कीटाणुरहित करना होगा।

आइये जानें कैसे-

माइक्रोफाइबर कपड़े का यूज
स्मार्टफोन या टैब की टचस्क्रीन को साफ करने के लिए हमेशा माइक्रोफाइबर कपड़े का ही इस्तेमाल करें। यह काफी सॉफ्ट होता है और इससे स्क्रीन पर स्क्रैच नहीं आती। जब आप अपने मोबाइल पर स्क्रीन गार्ड लगवाते है तो दुकानदार से माइक्रोफाइबर कपड़ा लेना न भूले। चश्मे को साफ करने में भी इसी तरह के कपड़े का यूज किया जाता है। इसमें साधारण कपड़े के मुकाबले काफी मुलायम रेशे होते हैं। बाजार में यह अलग से भी मिल जाता है।

गोलाकार करें सफाई
जब आप स्क्रीन की सफाई कर रहे हो तो याद रखे कि कपड़े को स्क्रीन पर नीचे से ऊपर या ऊपर से नीचे की तरफ साफ न करें। ऐसा करने से स्क्रीन में नमी जाने का खतरा बना रहता है। कपड़े को स्क्रीन के ऊपर गोल-गोल घुमाकर साफ करें तो अच्छा होगा।

इयर बड
इयर बड वैसे तो इन्हें हम कान साफ करने के लिए यूज़ करते हैं लेकिन जैसा की मैने आपको बताया हेडफोन जैक और यूएसबी पोर्ट जैसी जगह कपड़े से नहीं साफ की जा सकतीं इनके लिए इयरबड सबसे अच्छाक तरीका है जिसकी मदद से फोन के पोर्ट आसानी से साफ किए जा सकते हैं।

की पैड है तो क्या करें
अगर आपके फोन में की पैड और बटन हैं तो रबिंग एल्कोहहल में क्यू -टिप डुबोकर बटनों के बीच के स्थाहन को साफ करें। ध्योन रहे बहुत आराम से साफ करें। और इस बात का ध्याोन रखें कि लिक्विड फोन के अंदर न जाए।

एंटीवायरल वाइप
एक एंटीवायरल वाइप का उपयोग करें या स्क्रीन पर और अपने फोन पर सैनिटाइजर की कुछ बूंदें डालें और जल्दी रगड़ें। वैकल्पिक रूप से साफ करने के लिए एक कपड़ा अपनो पास रखें। कपड़ा से फोन साफ करने के लिए कपड़े को पानी और साबुन के घोल से गीला करके आप फोन को पोंछ सकते हैं। ध्यान रखें की फोन को इस्तेमाल करने से पहले आप उसकी सफाई कर लें।


 

पीने के अलावा भी कई काम आती हैं वाइन, चौंका देंगे इसके इस्तेमाल

पीने के अलावा भी कई काम आती हैं वाइन, चौंका देंगे इसके इस्तेमाल

कई लोग ड्रिंक करते हैं जिसमें से कुछ वाइन पीना पसंद करते हैं। विदेशों में तो देखने को मिलता हैं कि खाने के दौरान वाइन सर्व की जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वाइन का इस्तेमाल सिर्फ पीने के लिए ही नहीं होता हैं बल्कि इसे कई तरीकों से काम में लिया जा सकता हैं। जी हां, वाइन आपकी दैनिक जीवन की कई समस्याओं को भी आसान बना सकती हैं। आज इस कड़ी में हम आपको वाइन के गजब के इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जान आप भी हैरान रह जाएंगे। तो आइये जानते हैं इसके बारे में...

मैरीनेट के लिए इस्तेमाल करें
अभी तक आपने नॉनवेज को दही और तमाम तरह के मसालों सहित कई और चीजों से मैरीनेट किया होगा। लेकिन इनको मैरीनेट करने के लिए लिए आप वाइन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे नॉनवेज का का स्वाद दो बढ़ेगा ही, साथ ही ये अच्छी तरह से ग्रिल भी हो सकेंगी। इसके लिए आप नॉनवेज को कुछ देर के लिए वाइन में डिप करके मैरीनेट करें फिर इसको पकाएं।

फैब्रिक डाई करें
फैब्रिक को रेड और लाइट मरून कलर में डाई करने के लिए आप वाइन की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आप एक बड़े बर्तन में वाइन को उबलने के लिए रख दें। जब ये उबलने लगे तो गैस को बंद कर दें। फिर कपड़े को वाइन में डालकर चिमटे की मदद से इसको अच्छी तरह से अलट-पलट दें, जिससे कपड़ा अच्छी तरह से वाइन में डिप हो सके। फिर इस कपड़े को वाइन में बीस मिनट तक रखा रहने दें। इसके बाद ठंडा होने पर कपड़े को निचोड़ कर सुखा लें।

सब्जिय़ों की सफाई करें
फल और सब्जिय़ों को धोने के लिए भी आप वाइन को इस्तेमाल में ला सकते हैं। जिस तरह से फल और सब्जियों की सफाई के लिए आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह से वाइन का इस्तेमाल भी आपको करना होगा। यह नेचुरल क्लीनर की तरह से काम करेगी। दरअसल वाइन में अल्कोहल की मात्रा काफी होती है जो फल और सब्जिय़ों की सफाई करने और जर्म्स को मारने में मदद करती है।

स्किन के लिए इस्तेमाल करें
अपनी स्किन की सेहत सुधारने के लिए भी आप वाइन की मदद ले सकते हैं। ये स्किन को सॉफ्ट बनाने के साथ ही ड्राइनेस को ख़त्म करने और स्किन की रंगत को निखारने में आपकी मदद करेगी। इसका इस्तेमाल फेस पैक और टोनर की तरह से किया जा सकता है। लेकिन इसको इस्तेमाल करने से पहले आप स्किन पर इसका पैच टेस्ट जरूर कर लें।

 


 

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