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जीएसटी काउंसिल की बैठक में आज हो सकता है हंगामा: राज्यों को क्षतिपूर्ति समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के आसार

 जीएसटी काउंसिल की बैठक में आज हो सकता है हंगामा: राज्यों को क्षतिपूर्ति समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के आसार
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नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की आज 42 वीं बैठक होने वाली है। माना जा रहा है कि आज की बैठक हंगामेदार रह सकती है। दरअसल केंद्र सरकार ने राजस्व की भरपाई के लिए राज्यों को जो विकल्प चुनने को कहा था। उसपर अभी तक बात नहीं बन पाई है। खासकर केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल जैसे राज्य केंद्र सरकार के साथ पूरी राजस्व की क्षतिपूर्ति के मसले पर पूरी तरह असहमत है। इसलिए पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल जैसे विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों ने केंद्र सरकार द्वारा कर्ज उठाने के दिए गए विकल्प को अब तक नहीं चुना है।

काउंसिल की पिछली बैठक में अनुमान जताया गया था कि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी रेवेन्यू में 2.35 लाख करोड़ रुपए का शॉर्टफॉल हुआ है। इसमें जीएसटी इम्प्लीमेंटेशन के 97 हजार करोड़ रुपए और राज्यों के रेवेन्यू के 1.38 लाख करोड़ रुपए शामिल हैं।

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केंद्र ने राज्यों के रेवेन्यू शॉर्टफॉल की भरपाई के लिए दो विकल्प दिए थे जिसमें पहले विकल्प ये था कि राज्य 97 हजार करोड़ रुपए उधार आरबीआई से विशेष विंडो के तहत ले सकते हैं। दूसरे विकल्प में केंद्र की तरफ से बाजार से 2.35 लाख करोड़ रुपए उधार लेकर राज्यों को दिए जाने की बात कही गई थी। 

मिली जानकारी के अनुसार 97 हजार करोड़ रुपए उधार लेने के विकल्प पर 21 राज्यों ने सहमति जता दी है। वहीं गैर-भाजपा राज्य इसका विरोध कर रहे हैं। इसमें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों की मांग है कि केंद्र सरकार रेवेन्यू शॉर्टफॉल की भरपाई उधार लेकर करे। 

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बता दें इस पहले 27 अगस्त को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया था। दिल्ली सरकार ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी लागू करने में केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल रही है। दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, केंद्र ने राज्यों से टैक्स संबंधी अधिकार छीन लिए हैं। जीएसटी लागू करते वक्त भरोसा दिया गया था कि राज्यों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। लेकिन अब केंद्र सरकार अपनी वैधानिक जिम्मेदारी से भाग रही है।


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