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लाल मुंह के बंदर से परेशान थे कॉलोनीवासी, केले का लालच देकर वन विभाग ने पिंजरा में किया कैद

 लाल मुंह के बंदर से परेशान थे कॉलोनीवासी, केले का लालच देकर वन विभाग ने पिंजरा में किया कैद
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महासमुंद। पिथौरा क्षेत्र में विगत कई महीनों से लाल मुंह का बंदर उत्पात मचा रहा था। इसके उत्पात से क्षेत्र के लोग भी परेशान थे। शहर के कॉलोनी में निवास करने वाले भी इसके उत्पात से बेहद परेशान थे। इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। इसके बाद टीम ने एक उस बंदर को पकडऩे का प्रयास किया। पिंजरा लगाकर उसे पकड़ाया गया। वन विभाग के रेंजर यू आर बसंत ने बताया कि लाल मुंह का बंद पिछले 10-12 दिनों से यहां आया हुआ है। शहर के कॉलोनी व बस्तियों में उत्पात मचा रहा था। इससे लोग परेशान थी। एक दो दिन पूर्व ही कॉलोनी के रहने वाले लोगों ने इसकी जानकारी दी थी। जिसके बाद मंगलवार सुबह पिंजरे में केला रखकर उसे पकडऩे के लिए टीम डीपोपारा गई। जिस पेड़ में वह बंदर चढ़ा था उसी के नीच पिंजरे को रख दिया। केला खाने जब वह पिंजरें में घुसा तो पिंजरा बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस बंदर को टीम ने बार नयापारा के जंगलों में छोड़ दिया है। यह कहां से आया है, इसकी जानकारी विभाग को नहीं लग पा रही है। विभाग का कहना है कि अमूमन लाल मुंह के बंदर का दल पर्यटन व धार्मिक क्षेत्र में देखा जाता है। कयास लगाया जा रहा है कि इसकी प्रजाति बार के जंगलों में हो सकती है। वह दल के साथ घुमने के लिए निकला रहा था। बाद में यह अपने दल से भटक गया होगा और भोजन व पानी की तलाशी में रिहायशी इलाके में आ पहुंचा। इधर, विभाग के द्वारा लाल मुंह के बंदर को पकडऩे के बाद से देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। उसकी उम्र करीब 20 से 25 साल की बताई जा रही है।


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