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दीपिका चटर्जी को डॉक्टर ऑफ फिलॉसॉफी की उपाधि

दीपिका चटर्जी को डॉक्टर ऑफ फिलॉसॉफी की उपाधि
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रायपुर निवासी दीपिका चटर्जी ने पी.एच. डी. की उपाधि प्राप्त की है। बिलासपुर के डॉक्टर C V Raman University, करगी रोड, कोटा से दीपिका ने डॉक्टर स्मृति किरण साइमन्स, एसोसिएट प्रोफेसर के अधीन "महिला शिक्षिकाओं के भावनात्मक हिंसा का उनके सामाजिक स्वतंत्रता एवं समानता अभिवृत्ति पर प्रभाव का अध्ययन" जैसे-विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया। दीपिका चटर्जी द्वारा किया गया यह शोध समाज के लिए एवं शिक्षा जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हमारे देश की आबादी का आधा हिस्सा महिलाएं हैं। भारत मे महिलाओं की छबि बदल रही है। महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही है। आमधारणा यह है कि जो महिलाएं अशिक्षित हैं या कम पढ़ी-लिखी हैं। वही महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होती है। परंतु यह देखा गया है जो महिलाएं शिक्षित हैं, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है, उन्हें भी घर परिवार एवं कार्यस्थल पर अनेक प्रकार की भावनात्मक हिंसा का शिकार होना पड़ता है। जिससे उनकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है। दोनों ही स्थानों पर अनेक प्रकार का दबाव सहना पड़ता है। एक शिक्षित महिला किंस प्रकार सामंजस्य स्थापित करती है। क्योंकि दोनों ही क्षेत्र घर परिवार तथा कार्यस्थल पर उससे अत्यधिक अपेक्षाएं की जाती हैं। किसी एक पक्ष की अपेक्षाएं पूरी होती है तो अन्य पक्ष स्वयं को उपेक्षित महसूस करता है। इससे कई बार महिलाएं अवसाद, कुंठा की शिकार हो जाती है। इसी विषय पर यह शोध निर्मित है, जो सभी दृष्टि से अलग एवम विशेष है। उन्होंने वाणिज्य एवम समाजशास्त्र में मास्टर डिग्री के अलावा बी.एड., एम.एड. और एम.फील.(शिक्षा) की डिग्री प्राप्त की है।
 


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