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फाइव स्टार होटल हयात रीजेंसी बंद, हजारों लोगों की नौकरी पर संकट के बादल, जाने क्या है वजह

फाइव स्टार होटल हयात रीजेंसी बंद, हजारों लोगों की नौकरी पर संकट के बादल, जाने क्या है वजह
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मुंबई, कोरोना और लॉकडाउन का असर हर इंडस्ट्री पर दिख रहा है. लेकिन हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म इंडस्ट्री पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. लॉकडाउन की वजह से होटल इंडस्ट्री को भारी घाटा हुआ है. यही वजह है कि मुंबई के मशहूर फाइव स्टार होटल में से एक हयात रीजेंसी को अपना ऑपरेशन बंद करने का फैसला लेना पड़ा है, जिसकी वजह से हजारों की संख्या में लोग लगभग बेरोजगार हो गए हैं. मैनेजमेंट के इस फैसले के खिलाफ कामगार संगठन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.


मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ठीक सामने स्थित पांच सितारा होटल हयात रीजेंसी को 7 जून से अगले आदेश तक बंद करने का फैसला मैनेजमेंट ने लिया है. इसका प्रमुख कारण बताया गया कि उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं. इसके चलते अगले आदेश तक होटल की सभी सेवाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई हैं. होटल मैनेजमेंट के इस आदेश से रातों-रात 800 से 1000 लोगों की नौकरी पर बन आई.


मैनेजमेंट की ओर से अचानक लिए गए इस फैसले ने पूरे कोरोना काल में आधी सैलरी पर काम करने वाले स्टाफ के पैरों तले जमीन खिसक गई. कई कामगारों को अब समझ नहीं आ रहा है कि करें तो क्या करें? यही वजह है शिवसेना की कामगार संगठन ने होटल के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.


फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (एफएचआऱएआई) का कहना है कि 8 करोड़ के करीब नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. एफएचआऱएआई का कहना है कि कोरना की पहली लहर में होटल और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में 25 से 50 फीसदी के करीब नौकरियां जा चुकी हैं जबकि दूसरी लहर में भी खतरा काफी बढ़ गया है. एफएचआऱएआई की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 में भारतीय होटल उद्योग का कुल रेवेन्यू 1.82 लाख करोड़ था. 2021 में होटल उद्योग का लगभग 75 फीसदी रेवेन्यू खत्म हो गया है.

 

होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि कोरोना संकट में इंडस्ट्री को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए सरकारों ने बेलआउट पैकेज का एलान करना चाहिए जिससे कि कामगारों की नौकरी को लेकर मंडरा रहा संकट कम हो सके. 


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