CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

नगद लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ देशभर से मिल रही शिकायतों के बाद अब सरकार उठाने जा रही ये कदम

नगद लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ देशभर से मिल रही शिकायतों के बाद अब सरकार उठाने जा रही ये कदम
Share

केंद्र सरकार जल्द ही नगद लोन की पेशकश करने वाले ऐप्स पर कार्रवाई कर सकती है. इसको लेकर सरकार की ओर से योजना बनाई जा रही है. साथ ही नए नियम बनाने के बारे में भी एक्सपर्ट्स से सलाह ले रही है. नगद लोन देने वाले ऐप्स के खिलाफ देशभर से शिकायतें मिल रही है और अब सरकार ने नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब ऐसे ऐप्स सरकार को स्किम से संबंधित ब्यौरा देना होगा. इसके बाद ही सरकार से अनुमति मिल सकेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी कंपनियां गोपनीयता, डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचाती हैं, जो कस्टमर्स के लिए चिंता का विषय है. इस मामले पर बात करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के एक अधिकारी ने बताया, "ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 15 अप्रैल तक मौजूदा कानून में बदलाव कर सकती है या नया कानून लागू कर सकती है". उन्होंने आगे कहा, "उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा कदम उठाना बेहद जरूरी है. हम किसी निजी कंपनी को उपभोक्ताओं का डेटा नहीं दे सकते."


सरकार जल्द बना सकती है नया कानून


एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी कंपनियां लोन देने के बाद 300 फीसदी सालाना इंटरेस्ट रेट वसूलती है, जो मान्य नहीं है. उन्होंने कहा, "ऐसी कंपनियां पहले लोगों को ऑफर देती है और फिर उनका शोषण करने लगती है." निजी लोन कंपनियां कस्टमर्स पर दवाब डालती है और फिर लोन समय पर ना चुका पाने की स्थिति में उन्हें सुसाइड करने पर मजबूर करती है." उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है ताकि लोग इस तरह अपनी जान जोखिम ना डालें. साथ ही ऐसी लोन कंपनियां ज्यादा लाभ कमाने के चक्कर में कस्टमर्स की प्रॉपर्टी पर भी अपना कब्जा जमाना चाहती है." बता दें कि साल 2020 में लोन कंपनी के दवाब में आकर 12 लोगों ने आत्महत्या की है. 


Share

Leave a Reply