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इस राज्य में वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म होने के कगार पर अगले तीन दिनों का ही स्टॉक,शेष

इस राज्य  में वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म होने के कगार पर अगले तीन दिनों का ही स्टॉक,शेष
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नईदिल्ली। देश में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा हो रहा है. पूरे देश के केस लोड का आधे से अधिक महाराष्ट्र में है. इस बीच वहाँ के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि महाराष्ट्र में वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म होने के कगार पर है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक उन्होंने कहा है कि राज्य के पास कोविड-19 वैक्सीन की लगभग 14 लाख खुराकें ही बची हुई हैं जो वर्तमान वैक्सीन देने की रफ़्तार के हिसाब से अगले तीन दिनों का स्टॉक ही है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से कई वैक्सीन सेंटर बंद करने पड़े हैं और वहाँ लोगों को वापस जाना पड़ा है. उन्होंने केंद्र से वैक्सीन की आपूर्ति करने में महाराष्ट्र को प्राथमिकता देने का आग्रह किया और कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ मरने वालों की संख्या 50 हज़ार को पार कर चुकी है. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अब संक्रमित हो रहे लोगों में अधिकतर की उम्र 25 से 40 साल के बीच है.

हर्षवर्धन ने क्या कहा?
हालाँकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस तरह के वक्तव्यों को ध्यान भटकाने का प्रयास बताया. उन्होंने कहा कि "हाल के दिनों में मैंने कुछ राज्य सरकारों की ओर से कोरोना महामारी को लेकर गैर ज़िम्मेदाराना बातें सुनी हैं. कुछ राज्य सरकारें अपने यहाँ महामारी को काबू करने के उपायों को लागूं करने में विफल रही हैं. ऐसे वक्तव्य लोगों का ध्यान भटकाने और उनमें दहशत फ़ैलाने का काम कर सकते हैं." साथ ही उन्होंने कहा कि देश में जब कोराना वैक्सीन की आपूर्ति सीमित तब प्राथमिकता के आधार पर ही वैक्सीन देना विकल्प है. भारत सरकार पारदर्शिता के साथ सभी राज्यों को वैक्सीन की मांग और आपूर्ति के बारे में बताती रही है. वैक्सीनेशन अभियान की पूरी रूपरेखा राज्यों के साथ बातचीत के बाद ही तैयार किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने वैक्सीन दिए जाने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष करने के कुछ राज्यों की उस मांग को ख़ारिज करते हुए कहा कि जब राज्य यह कहते हैं तो यह माना जाना चाहिए कि उन्होंने इससे अधिक उम्र के वर्गों को वैक्सीन लगा दिया होगा. जबकि आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं. इसके बाद उन्होंने सभी राज्यों के वैक्सीनेशन की ताज़ा स्थिति के आंकड़े साझा किए जिसके मुताबिक महाराष्ट्र के 86 फ़ीसद स्वास्थ्यकर्मियों को ही अभी वैक्सीन का पहला डोज़ दिया जा सका है. 


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