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चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने कमलनाथ ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

 चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने कमलनाथ ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
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भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। चुनाव आयोग ने कमल नाथ का स्टार कैंपेनर का दर्जा छीन लिया था। शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश के उपचुनाव पर उनके द्वारा दिए गए विवादित बयानों को लेकर सख्ती  दिखाई थी। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता के उल्लंिघन पर मध्य  प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व दिग्गगज कांग्रेस नेता कमल नाथ पर सख्तर कार्रवाई की थी। आयोग ने कमल नाथ के स्टा्र कैंपेनर का दर्जा छीन लिया था। इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने त्वरित टिप्पणी करते हुए कहा था कि कि वह निर्वाचन आयोग के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।

स्टार कैंपेनर का दर्जा छीनने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा था कि अब आगे वह जिस विधानसभा में प्रचार करेंगे उनके उस चुनावी अभियान का पूरा खर्च संबंधित उम्मीबदवार के खाते में जाएगा। कमल नाथ के खिलाफ यह कार्रवाई उनके बार बार आचार संहिता के नियमों की अनदेखी के चलते की गई।

बता दें कि मध्य प्रदेश उपचुनाव के प्रचार के दौरान कमलनाथ ने भाजपा प्रत्यायशी इमरती देवी पर अमर्यादित बयान दिया था। इसे लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी। वहीं, महिला अयोग ने चुनाव आयोग से कमल नाथ पर उचि‍त कार्रवाई करने की अपील की थी। आयोग ने इस मामले में कमल नाथ को नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा था। बीते दिनों आयोग ने कहा था कि कमल नाथ ने भाजपा की महिला प्रत्याशी के खिलाफ अमर्यादित शब्द का इस्तेमाल कर आचार संहिता तोड़ी है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 3 नवंबर को 28 सीटों पर उपचुनाव हैं। राज्य में चुनावी सरगर्मी के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है। सभी पार्टी के नेता अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।

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