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2030 तक 23 घरेलू जलमार्ग के संचालन का लक्ष्य: नरेंद्र मोदी

 2030 तक 23 घरेलू जलमार्ग के संचालन का लक्ष्य: नरेंद्र मोदी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने आज मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए किया। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया और 1.17 लाख से ज्यादा प्रतिभागी ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इस शिखर सम्मेलन भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाने वाला है। इस शिखर का आयोजन बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है। यह शिखर तीन दिन तक चलेगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि घरेलू जलमार्ग माल ढुलाई के लिए लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक 23 घरेलू जलमार्गों का संचालन शुरू हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने 2016 में सागरमाला परियोजना की घोषणा की थी ताकि बंदरगाहों पर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इसके तहत छह लाख करोड़ रुपये के 574 प्रोजेक्ट्स को चिन्हित कर लिया गया है और 2015-2035 के दौरान इनका कार्यान्वन करना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि घरेलू जहाज रिसाइकिल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।

`समुद्री नौवहन क्षेत्र में 82 अरब डॉलर के निवेश पर काम हो रहा है`-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में समुद्री नौवहन क्षेत्र के विकास में 2035 तक विभिन्न परियोजनाओं में 82 अरब डॉलर का निवेश किया जायेगा। बंदरगाहों के विकास के साथ ही जलमार्गों का विकास और लाइटहाउस के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तटीय सीमा के साथ 189 प्रकाशस्तंभ हैं इनमें से सरकार 78 प्रकाशस्तंभ के आसपास पर्यटन का विकास करने की योजना पर काम कर रही है।

2030 तक 23 घरेलू जलमार्ग के संचालन का लक्ष्य - पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि घरेलू जलमार्ग माल ढुलाई के लिए लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक 23 घरेलू जलमार्गों का संचालन शुरू हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने 2016 में सागरमाला परियोजना की घोषणा की थी ताकि बंदरगाहों पर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इसके तहत छह लाख करोड़ रुपये के 574 प्रोजेक्ट्स को चिन्हित कर लिया गया है और 2015-2035 के दौरान इनका कार्यान्वन करना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि घरेलू जहाज रिसाइकिल उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।

बंदरगाहों की क्षमता बढ़कर हुई 1,550 मिलियन टन-
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर में कहा कि 2014 में मुख्य बंदरगाहों पर की क्षमता 870 मिलियन टन की थी, जो अब बढ़कर करीब 1,550 मिलियन टन हो गई है। इससे ना सिर्फ हमारे बंदरगाहों को मदद मिली है बल्कि समस्त अर्थव्यवस्था भी मजबूत हुई है। हमारे बंदरगाहों पर अब कार्गो द्वारा आने-जाने का इंतजार करने का समय घटा है। हमने बंदरगाहों पर स्टोरेज क्षमता को बढ़ाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम अपने बंदरगाहों पर स्मार्ट शहरों और औद्योगिक पार्कों को एकीकृत कर रहे हैं। 

हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फुली हैं-
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र से संबंधित कई हितधारक एक साथ एक मंच पर आए हैं। एक साथ मिलकर हम समुद्री अर्थव्यवस्था में सफलता की उपलब्धि हासिल करेंगे। भारत इस क्षेत्र में प्राकृतिक तौर पर नेतृत्व करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फुली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि इस शिखर के जरिए मैं दुनिया भारत में आमंत्रित करता हूं। समुद्री क्षेत्र में विकास को लेकर भारत काफी ईमानदार है और दुनिया में नीली अर्थव्यवस्था के नेतृत्व के तौर पर आगे बढ़ रहा है।

 

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