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कोरोना के बाद अब दुनिया पर मंडराया इस वायरस का खतरा, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह..

कोरोना के बाद अब दुनिया पर मंडराया इस वायरस का खतरा, डब्ल्यूएचओ ने किया आगाह..
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नई दिल्ली : अभी तक लोग कोरोना वायरस से ठीक से उबर भी नहीं पाए थे कि दुनिया में एक और संक्रमण ने दस्तक देकर लोगों को दहशत में डाल दिया है। अब विश्व में मंकीपॉक्स नामक वायरस का खतरा मंडराने लगा है। कम से कम नौ यूरोपीय देशों बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम में चिंताओं को जन्म दिया है। इसके साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से भी मामले सामने आए हैं।

वहीं तेजी से मामले सामने आने के बाद WHO ने भी लोगों को आगाह कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा, मंकीपॉक्स आकस्मिक मानव संक्रमण के साथ एक सिल्वेटिक ज़ूनोसिस है, जो आम तौर पर मध्य और पश्चिम अफ्रीका के जंगली हिस्सों में होता है। यह मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है जो ऑर्थोपॉक्सवायरस परिवार से संबंधित है।

संचरण आमतौर पर “बड़ी बूंदों के माध्यम से छोटी बूंदों के संपर्क में आने और संक्रमित त्वचा के घावों या दूषित सामग्री के संपर्क में आने से होता है। मंकीपॉक्स की ऊष्मायन अवधि आमतौर पर 6 से 13 दिनों तक होती है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य निकाय का कहना है कि यह रोग अक्सर लक्षणों के साथ आत्म-सीमित होता है, जो आमतौर पर 14 से 21 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है।

क्या है मंकीपॉक्स वायरस
स्मॉल पॉक्स और चेचक से तो हर कोई परिचित होगा। कुछ इसी तरह मंकी पॉक्स भी है। मंकी पॉक्स को चेचक का ही एक हिस्सा माना जाता है। इस बीमारी पर एक्सपर्ट्स की राय मानें तो ये बीमारी काफी दुर्लभ है। लेकिन समय रहते अगर इलाज न हुआ तो यह गंभीर भी हो सकती है। बता दें कि फिलहाल इसका खतरा मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों में पाया जाता है।

जानिए कैसे फैलता है लोगों में
वहीं, अगर बात करें कि ये फैलता कैसे है, तो बता दें कि अगर कोई व्यक्ति मंकी पॉक्स से संक्रमित है। ऐसे में अगर स्वस्थ व्यक्ति पीड़ित के पास जाता है तो वह भी इस वायरस के चपेट में आ सकता है। जानकारी के मुताबिक, यह आपके नाक, आंख और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।

 


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