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इंसानों के बाद अब मछलियों का भी बनेगा आधार कार्ड, जाने आखिर क्यों सरकार को उठाना पड़ा ये कदम

इंसानों के बाद अब मछलियों का भी बनेगा आधार कार्ड, जाने आखिर क्यों सरकार को उठाना पड़ा ये कदम
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 नई दिल्ली : सरकार ने देश के सभी नागरिकों के लिए आधार कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया है. यह एक पहचान पत्र है. अब पैन कार्ड और बैंक अकाउंट को सभी से लिंक करना जरूरी हो गया है. अब तक आपने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए आधार कार्ड के बारे में सुना होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अब मछलियों के भी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्रालय के मंत्री संजय निषाद ने यह जानकारी दी.

मछलियों का आधार कार्ड बनाया जा रहा है-
लखनऊ के मत्स्य अनुसंधान केंद्र में इंसानों की तरह मछलियों का भी आधार कार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है. इससे यह भी जानकारी मिल जाएगी कि मछली किस नदी की है. अटल घाट से एक लाख मछली के बच्चों को गंगा नदी में छोड़ने की योजना है.

गंगा नदी में आधार कार्ड के साथ मछली पकड़ें-
उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्रालय के मंत्री संजय निषाद का कहना है कि पूरे देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है जिसमें आधार कार्ड वाली मछलियां गंगा नदी में छोड़ी जा रही हैं. इससे नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा और मछली पालन को भी बढ़ावा मिलेगा.

इसके लिए छोटी-छोटी कमेटियां बनाकर काम किया जा रहा है. चिप में मछली के बारे में जानकारी होती है. जिससे यह पता लगाना आसान हो गया कि किस नदी में कौन सी मछली है.

संजय निषाद का कहना है कि गंगा नदी में बढ़ते प्रदूषण के कारण मछलियां छोड़ी जा रही हैं. जिससे जलीय जीवों का संतुलन बेहतर होगा, जिसका पर्यावरण पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ेगा.

माफिया राज ख़त्म करने की दिशा में कदम-
इस नई पहल के शुरू होने के बाद आने वाले समय में मत्स्य पालन मंत्रालय को काफी फायदा मिलेगा. इससे मछली पालन माफिया पर पूर्ण विराम लगेगा.


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