विवाद के बाद ‘तनिष्क ’ ने हटाया विज्ञापन, शशि थरूर ने दिया ये ‘बयान’
एक अंतरधार्मिक शादी के बाद गोद भराई की रस्म दिखाने वाले विज्ञापन के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। यह विवाद ट्विवटर पर ट्रेंड कर रहा है। तनिष्क से माफी मांगने की मांग की जा रही है। विवाद को बढता देख तनिष्क ने अपना यह विज्ञापन हटा लिया है। हालांकि तब तक यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे 'लव ज़िहाद को बढ़ावा' देने वाला विज्ञापन बताया और तनिष्कं के बायकॉट के साथ ही इसे हटाने की मांग की थी।
सोमवार को ट्विटर पर #BoycottTanishq ट्रेंड हो रहा था। एक अंतरधार्मिक शादी के बाद गोद भराई की रस्म दिखाने वाला यह विज्ञापन कंपनी ने पिछले हफ्ते रिलीज किया था, कई लोगों ने नफरत और भेदभावपूर्ण ट्वीट्स की आलोचना की और इन्हें भारत के विचार के खिलाफ बताया।
आखिर क्यार है विज्ञापन में?
इस विज्ञापन में एक गर्भवती महिला की गोदभराई दिखाई गई है, जिसने साड़ी पहन रखी है और उसकी सास सेरेमनी में ले जा रही हैं। वीडियो खत्म होने के बाद महिला अपनी सास, जिन्होंने सलवार सूट पहन रखा है और सिर पर दुपट्टा डाल रखा है, उससे पूछती हैं- मां, लेकिन यह रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं न, इस पर सास का जवाब आता है- लेकिन बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न।
तनिष्क़ ने गोल्ड जूलरी कलेक्शन का नाम एकत्वम रखा है। लेकिन विवाद के बाद अब यह वीडियो कंपनी के यूट्यूब चैनल से भी हटा लिया गया है।
इसे लेकर अब पक्ष में भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। विज्ञापन पर विरोध को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को जबरदस्त नाराजगी जताई है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा,
So Hindutva bigots have called for a boycott of @TanishqJewelry for highlighting Hindu-Muslim unity through this beautiful ad. If Hindu-Muslim “ekatvam” irks them so much, why don’t they boycott the longest surviving symbol of Hindu-Muslim unity in the world -- India? pic.twitter.com/cV0LpWzjda
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 13, 2020
'अच्छा तो हिंदुत्व ब्रिगेड ने हिंदू-मुस्लिम एकता को खूबसूरती से दिखाने वाले इस विज्ञापन के चलते तनिष्क़ जूलरी का बायकॉट करने की मांग की है। अगर हिंदू-मुस्लिम के 'एकत्वम' से उन्हें इतनी दिक्कत है तो वो पूरी दुनिया में हिंदू-मुस्लिम की एकता के प्रतीक खुद भारत का बायकॉट क्यों नहीं कर देते?'
कांग्रेस नेता अभिषेक सिंघवी ने भी इस पर ट्वीट कर बायकॉट की मांग करने वालों की आलोचना की है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य शमीना शफीक़ ने भी इसका बचाव करते हुए लिखा, 'थैंक्यू डियर ट्रोल्स, हमारा ध्यान इस खूबसूरत ऐड की तरफ दिलाने के लिए'
ऐड के विरोध में कुछ यूजर्स ने लिखा था कि
'ऐड्स में हमेशा मुस्लिम पति और हिंदू पत्नी ही क्यों दिखाते हैं, हिंदू पति और मुस्लिम पत्नी क्यों नहीं?'
एक यूजर अनुराग सिंह ने कहा कि यह 'तनिष्क़ की हिपोक्रेसी है'
हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस ट्रेंड का विरोध किया और दुख जताया। एक यूजर मनीष ने लिखा कि 'दुख होता है देखकर कि हम किस तरह के देश में बदलते जा रहे हें। एक ऐसे देश में जो हमेशा से सेक्युलर कहा जाता रहा है, वहां दो धर्मों को जोड़ने वाले एक ऐड को विरोध के बाद हटाना पड़ रहा है'







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