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लैंड बैंक की वर्तमान स्थिति एवं आगामी आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना करें प्रस्तुत : मुख्य सचिव

लैंड बैंक की वर्तमान स्थिति एवं आगामी आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना करें प्रस्तुत : मुख्य सचिव
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 मुख्य सचिव ने विभिन्न प्राधिकरणों, आवास विकास परिषद के अर्जित, विकसित एवं आवंटित भूमि की प्रगति की समीक्षा की

उद्योगों एवं मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक को सुदृढ़ एवं विस्तारित करना अत्यंत आवश्यक

प्रदेश में निवेश के बढ़ते रुझान को देखते हुए समयबद्ध भूमि अधिग्रहण, विकास एवं आवंटन की प्रक्रिया की जाए सुनिश्चित

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने सोमवार को विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों एवं आवास विकास परिषद द्वारा अर्जित, विकसित तथा आवंटित भूमि की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को गति देने तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सशक्त बनाने हेतु भूमि उपलब्धता की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों एवं मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक को सुदृढ़ एवं विस्तारित करना अत्यंत आवश्यक है। सभी प्राधिकरण आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के बढ़ते रुझान को देखते हुए समयबद्ध भूमि अधिग्रहण, विकास एवं आवंटन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं—सड़क, विद्युत, जलापूर्ति एवं लॉजिस्टिक्स—की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्य सचिव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में भूमि आवंटन हेतु 78 हजार एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले वित्तीय वर्ष तक औद्योगिक मांग के अनुरूप कितनी अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, इसका आकलन कर लक्ष्य तय किया जाए।

बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा), बुन्देलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईडा), गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे लैंड बैंक की वर्तमान स्थिति एवं आगामी आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित एवं निवेशक-अनुकूल बनाया जाए, ताकि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में किसी प्रकार की बाधा न आए।

बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास पी0गुरुप्रसाद, सीईओ इन्वेस्ट यूपी विजय किरन आनंद समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे


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