BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

भारत बायोटेक का कहना, टीके की दूसरी खुराक के इतने महीने बाद दी जानी चाहिए तीसरी खुराक

भारत बायोटेक का कहना, टीके की दूसरी खुराक के इतने महीने बाद दी जानी चाहिए तीसरी खुराक
Share

'भारत बायोटेक' के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है। साथ ही, उन्होंने नाक से दिए जाने वाले टीके (नेज़ल वैक्सीन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि उनकी कंपनी 'जीका' रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी है।
एल्ला ने 'टाइम्स नाउ समिट 2021' में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'कोवैक्सीन' टीका लगवाना उनका भारतीय विज्ञान में भरोसा दिखाता है। उन्होंने कहा, '' दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है।''
'भारत बायोटेक' नाक से दिए जाने वाली टीके को 'बूस्टर' खुराक के तौर पर लाने का भी विचार कर रहा है। 'नेज़ल वैक्सीन' के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। ''संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई 'इम्यूनोलॉजी' (प्रतिरक्षा विज्ञान) का पता लगाने की कोशिश कर रहा है और सौभाग्य से, भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है।''
एल्ला ने कहा, '' हम नाक से देने वाला टीका ला रहे हैं... हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या कोवैक्सिन की दूसरी खुराक को नाक से दिया जा सकता है, यह रणनीतिक रूप से, वैज्ञानिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दूसरी खुराक को यदि आप नाक से देते हैं तो आप संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।''
'जीका' रोधी टीके के बारे में एल्ला ने कहा कि 'भारत बायोटेक' ने 'जीका वायरस' रोधी टीका बना लिया है। प्रथम चरण पूरा हो गया है। सरकार को और अधिक परीक्षण (ट्रायल) करने होंगे क्योंकि मामले अधिक हैं। उन्होंने कहा '' हम 2014 में जीका रोधी टीका बनाने वाली विश्व की पहली कम्पनी थे। सबसे पहले हमने ही जीका रोधी टीके के वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन दिया था।''
 


Share

Leave a Reply