CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: भ्रष्टाचार के मामले में अब सीधे केस दर्ज कर सकती है सीबीआई

 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: भ्रष्टाचार के मामले में अब सीधे केस दर्ज कर सकती है सीबीआई
Share

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भ्रष्टाचार के हर मामले में प्रारंभिक जांच करने के लिए न्यायिक निर्देश की जरूरत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला देते हुए कहा कि सीबीआई भ्रष्टाचार मामले में विश्वसनीय जानकारी मिलने पर सीधे मुकदमे दर्ज कर सकती है। कोर्ट में दायर एक याचिका में कहा गया था कि बिना प्राथमिक जांच के एफआईआर आरोपी के अधिकार का हनन है। 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम उठाते सीबीआई को केन्या से एक बच्चे को भारत वापस लाने का निर्देश दिया है, साथ ही पिता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामले में पिता को अवमानना नोटिस भी जारी किया गया है। दरअसल, इस मामले में अदालत को गुमराह करबच्चे की कस्टडी ले ली गई थी। स्ष्ट का  यह फैसला एक दंपति के बीच 11 साल के लड़के को लेकर कस्टडी की लड़ाई के संबंध में आया है। अदालत ने फैसला सुनाया कि बच्चे के पिता ने धोखाधड़ी से गुमराह करके बच्चे की कस्टडी प्राप्त की थी और केन्या ले गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिता को अवमानना का नोटिस भी दिया है। 

Share

Leave a Reply