CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

बड़ी खबर: खुफिया एजेंसियों ने जारी किया हाई अलर्ट, कश्मीर पर जैश और तालिबान की नजर

बड़ी खबर: खुफिया एजेंसियों ने जारी किया हाई अलर्ट, कश्मीर पर जैश और तालिबान की नजर
Share

नई दिल्ली: सीमा पार आतंकियों में गठजोड़ और नापाक साजिशों को लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके लिए राज्य के खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के साथ इनपुट साझा किया गया है, ताकि इन हमलों को नाकाम करने की तैयारी की जा सके।


एक अधिकारी ने बताया कि अगस्त के तीसरे सप्ताह में अफगानिस्तान के कांधार में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर और तालिबानी नेताओं के बीच मुलाकात की जानकारी मिलने के बाद सभी खुफिया एजेंसियों को हाई अलर्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में जैश ने तालिबानी नेताओं से भारत में हमलों को लेकर मदद मांगी। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तान के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हई। अधिकारी ने कहा कि हमने खुफिया एजेंसियों से कहा है कि सोशल मीडिया पर नजर रखें।


24 अगस्त को हमें पाकिस्तान के दो आतंकियों के मूवमेंट की जानकारी मिली जो श्रीनगर में ग्रेनेड अटैक करना चाहते हैं। सभी एजेंसियों को समन्वय के लिए अलर्ट किया गया है।'' सभी राज्यों को सुरक्षा बढ़ाने और आतंक-रोधी इकाइयों को हाई अलर्ट रहने को कहा गया है। 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया और अमेरिकी समर्थित सरकार गिर गई। इसके बाद कई देशों ने अपने नागरिकों और राजनयिकों को काबुल से निकालना शुरू कर दिया है। काबुल एयरपोर्ट पर हजारों लोग जमा हो गए हैं, जो देश छोड़कर भागना चाहते हैं। भारत भी मिशन 'देवी शक्ति' के तहत अपने नागरिकों के साथ ही हिंदू और सिख अफगान को निकालने में जुटा है। इस बीच गुरुवार को इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल ने एयरपोर्ट के बाहर फिदायीन हमले को अंजाम दिया जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक सहित कम से कम 169 अफगान नागरिक मारे गए हैं।


Share

Leave a Reply