नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

बृजमोहन ने राज्य सरकार पर बोला हमला किसी बाहरी को उनके अपने राज्य में जाने की अनुमति में देरी समझ से परे, साधारण निर्णय लेने में भी अक्षम है

बृजमोहन ने राज्य सरकार पर बोला हमला किसी बाहरी को उनके अपने राज्य में जाने की अनुमति में देरी समझ से परे, साधारण निर्णय लेने में भी अक्षम है
Share

रायपुर,कोरोना संकट में लाकडाउन के कारण राज्य के बाहर फंसे हुए प्रदेश के नागरिकों को वापस घर आने की अनुमति देने मे घोर लापरवाही बरते जाने पर विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य शासन पर सवाल खड़े किये है ।


उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में 10 मिनट से लेकर 12 घंटे के भीतर निर्धारित समय सीमा में परमिशन मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में कई लोगों का 15-17 दिनों से आवेदन लगा है पर उन्हें अब तक परमिशन नही मिला है। जो लोग राज्य से बाहर जाना चाहते है,उन्हें जाने देने में कोई दिक्कत नही होनी चाहिए वही हमारे राज्य लोग जो अपने साधनों से आना चाहते है उनको उचित निर्देशों के पालन के साथ तत्काल परमिशन मिलना चाहिए।


बृजमोहन ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि साधारण स्तर के निर्णय लेने में भी सरकार ने अदूरदर्शिता का परिचय दिया है। मसलन 23 मार्च के पहले जो लोग राज्य से बाहर पारिवारिक कारणों से या इलाज के लिए या घूमने गए थे। जो लॉक डाउन के कारण , वापस छत्तीसगढ़ नहीं आ पाए है उनके लिए सरकार ने कोई नीतिगत निर्णय नहीं लिया है। कई छोटे परिवार तो पूरे सदस्यों के साथ छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों में महीनों से अटके हुए हैं। वे अपने निजि साधनों से वापस अपने घर छत्तीसगढ़ आना चाहते हैं । पर सरकार है कि उन्हें ना तो छत्तीसगढ़ आने की अनुमति दे रही है, न हीं यह बता रही है कि वह कब तक छत्तीसगढ़ आ सकेंगे । यह दुर्भाग्य जनक है। देश के अन्य राज्यों में इसके लिए बहुत उपयुक्त व्यवस्था की गई है। वे अपने लोगो को निजि साधनों से घर आने की अनुमति दे रहे हैं , छत्तीसगढ़ सरकार कम से कम इन राज्यों से सीखे।श्री अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि राज्य का ऑनलाइन ई-पास एप्प सिर्फ औपचारिकता के लिए है


इस एप्प के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आने वाले नागरिकों को पास जारी ही नहीं किया जा रहा है । राज्य सरकार तत्काल इस दिशा में उचित कदम उठाए।
 


Share

Leave a Reply