नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

केंद्र सरकार ने नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत देगी, पढ़िए पूरी खबर ...

केंद्र सरकार ने नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत देगी, पढ़िए पूरी खबर ...
Share

केंद्र सरकार ने स्क्रैप सर्टिफिकेट (scrappage certificate) जमा करने पर नए वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत कर रियायत का प्रस्ताव दिया है। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने स्क्रैप किये गये वाहनों के लिए मोटर वाहन कर में रियायत के बारे में मसौदा नियम प्रकाशित किए हैं। इन मसौदा नियमों के तहत, लोगों को वाहन स्क्रैच सर्टिफिकेट के साथ व्यक्तिगत वाहनों की खरीद पर 25 प्रतिशत रियायत मिलेगी, जबकि वाणिज्यिक वाहनों की खरीद पर कर राहत 15 प्रतिशत होगी। व्यक्तिगत वाहनों के मामले में, कर रियायतें आठ साल तक उपलब्ध रहेंगी जबकि वाणिज्यिक वाहनों के लिए, यह 15 वर्ष तक होगी। सरकार ने 30 दिनों की अवधि में मसौदा नियमों पर विभिन्न हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस वर्ष 1 अक्टूबर से यह नियम लागू होगा

नई वाहन स्क्रैपिंग नीति (Vehicle Scrapping Policy)
यह स्क्रैपिंग नीति वाहनों के उत्सर्जन को कम करके ऑटोमोबाइल क्षेत्र में परिवर्तन लाएगी। इस नीति को अयोग्य, पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को उपयोग से बाहर करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था। इस नीति के तहत, निजी वाहनों को 20 साल बाद स्वचालित केंद्रों पर फिटनेस परीक्षण से गुजरना होगा। दूसरी ओर, वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल बाद फिटनेस परीक्षण से गुजरना होगा। यदि वाहन तीन बार फिटनेस टेस्ट पास करने में विफल रहे, तो मालिक इसे सड़क पर नहीं चला पाएंगे।

नीति का महत्व

यह नीति पर्यावरण के अनुकूल, ईंधन कुशल वाहनों को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी। इस प्रकार, यह वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात बिल को कम करेगा। यह सड़क सुरक्षा में भी सुधार करेगा। इसके तहत पुनर्नवीनीकरण सामग्री जैसे स्टील, प्लास्टिक और तांबे का पुन: उपयोग किया जा सकता है। इस प्रकार, समग्र वाहन लागत कम हो जाएगी। एक बार जब पुराने वाहनों को हटा दिया जाता है, तो नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा जो देश के ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देगा। यह वाहनों की ईंधन दक्षता को भी बढ़ाएगा और निवेश को आकर्षित करेगा। 


Share

Leave a Reply