लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

अल नीनो की आशंका पर केंद्र अलर्ट, किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : शिवराज सिंह चौहान

अल नीनो की आशंका पर केंद्र अलर्ट, किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : शिवराज सिंह चौहान
Share

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभावित अल नीनो परिस्थितियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन समय रहते तैयारी करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और खरीफ सीजन को प्रभावित होने से बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

कम वर्षा वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश

बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कम वर्षा की आशंका वाले राज्यों और जिलों पर विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्बुवाई, जीवनरक्षक सिंचाई, कम अवधि वाली फसलें, वैकल्पिक बुवाई योजनाएं और जिला-विशिष्ट कृषि सलाह किसानों तक समय पर पहुंचाई जानी चाहिए।

बीज, नमी और जल प्रबंधन पर सरकार का फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संभावित मौसमीय चुनौतियों को देखते हुए बीजों की उपलब्धता, खेतों में नमी संरक्षण, जल प्रबंधन और वैकल्पिक फसल योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि बेहतर तैयारी के जरिए किसानों पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकेगा।

जलाशयों का जलस्तर सामान्य से बेहतर

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश के जलाशयों में जलस्तर सामान्य से बेहतर स्थिति में है, जो खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए एक बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

रोग और कीट प्रबंधन की अग्रिम तैयारी पर जोर

बैठक में रोग एवं कीट प्रबंधन को भी प्रमुखता से उठाया गया। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि मौसम में बदलाव, नमी के असंतुलन या वर्षा में अंतराल के कारण बढ़ने वाले संभावित रोगों और कीटों की अग्रिम पहचान की जाए। साथ ही उनकी निगरानी और उपचार संबंधी सलाह पहले से तैयार कर राज्यों और किसानों तक तेजी से पहुंचाई जाए।

मोबाइल एडवाइजरी और डिजिटल संचार तंत्र होगा मजबूत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त डेटा, तकनीकी प्लेटफॉर्म और संचार व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में किसानों तक सीधे मोबाइल संदेश, कृषि सलाह, चेतावनी और फसल संबंधी जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य स्तरीय तंत्र, कॉल सेंटर, स्थानीय अधिकारियों और डिजिटल माध्यमों को एकीकृत कर प्रभावी सूचना प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।

राज्यों की तैयारियों की होगी लगातार समीक्षा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्यों की तैयारियों की निरंतर समीक्षा की जाएगी। जिन राज्यों में तैयारियां बेहतर हैं, उनके अनुभव साझा किए जाएंगे और जहां अतिरिक्त सहयोग की जरूरत होगी, वहां केंद्र सरकार सक्रिय हस्तक्षेप करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

संयुक्त रणनीति के साथ काम करने की जरूरत

बैठक में मंत्री ने कहा कि मौसम, जल, बीज, फसल, रोग-कीट, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े विभाग अलग-अलग काम करने के बजाय साझा डेटा और संयुक्त रणनीति के साथ आगे बढ़ें। इससे जिला और राज्य स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

किसानों का आत्मविश्वास बनाए रखना लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल संभावित जोखिम का आकलन करना नहीं, बल्कि समय रहते ऐसे सभी कदम उठाना है जिससे किसानों का आत्मविश्वास बना रहे और खेती की निरंतरता प्रभावित न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर जल प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीकों, समय पर बीज उपलब्धता और मजबूत समन्वय के बल पर संभावित चुनौतियों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकेगा।


Share

Leave a Reply