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जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मुर्गियों के परिवहन पर लगा प्रतिबंध, सीमा पर सख्त निगरानी

 जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मुर्गियों के परिवहन पर लगा प्रतिबंध, सीमा पर सख्त निगरानी
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बीजापुर। जिले में बर्ड फ्लू की संभावना को देखते हुए पड़ोसी राज्य तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर से मुर्गी और पोल्ट्री उत्पाद के परिवहन पर पाबंदी लगा दी गई है। भोपालपटनम एसडीएम उमेश कुमार पटेल ने इसके लिए सीमा पर निगरानी रखने का आदेश जारी किया है। दंतेवाड़ा में कौवों और मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिले में भी सतर्कता बरती जा रही है। मुर्गी और पोल्ट्री उत्पाद के परिवहन की पाबंदी का आदेश भारत सरकार ने भी जारी किया है। 

भारत सरकार के मत्स्य, पशुधन एवं दुग्ध विभाग के संयुक्त सचिव उपमन्यु बसू ने 17 जनवरी को बस्तर एवं दंतेवाड़ा जिले में एवियन इंन्फ्लूएंजा (एच 05 एन 08) की पुष्टि की है। आदेश में कहा गया है कि पावर हाऊस चौक जगदलपुर, आईटीआई बस्तर एवं वार्ड नंबर 16 बचेली में कौवों एवं कबूतरों के सेम्पल आरटीपीसीआर में पॉजीटिव पाए गए है। पोल्ट्री में इसके फैलाव को रोकने के लिए उन्होंने कुछ गाइड लाइन जारी की है। वन विभाग के सहयोग से जहां पक्षियों की मौत हुई है, उस पूरे इलाके डिसइनफेक्टेड किया जाना है। मरे पक्षियों को गहरे गड्ढे में पाटने कहा गया है। इसके अलावा परीक्षण एवं नमूना एकत्रित करने के लिए मृत पक्षियों को लैब भेजा जा सकता है। उचित जैव सुरक्षा एवं सफाई सुनिश्चित किए बगैर मृत पक्षियों को खुले में ना रखा जाए। पोल्ट्री में असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दी जानी चाहिए। इंसानों और पक्षियों में इस रोग का संक्रमण रोकने 28 सितंबर 2012 को भी गाइड लाइन जारी की गई थी। एवियन इंफ्लूएंजा वाइरस जनित रोग है और यह इंसानों व पक्षियों के लिए खतरनाक है। दूषित पोल्ट्री उत्पादों के जरिए पोल्ट्री एवं जंगली पक्षी इस वायरस को फैलाते हैं। मृत पक्षियों को या तो जला दिया जाना चाहिए या फिर इन्हें गहरे गड्ढे में पाट दिया जाना चाहिए ताकि दूसरे मांसभक्षी प्राणी इसे ना खा सकें या इसे घसीटकर ना ले जा सकें। मृत पक्षियों को नंगे हाथों से उठाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। 


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