BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

बड़ी खबर: उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को हाईकोर्ट ने भेजा अवमानना नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

 बड़ी खबर: उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को हाईकोर्ट ने भेजा अवमानना नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला
Share

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग से रिटायर्ड एकाउंटेंट कोरोना लॉकडाउन के चलते आर्थिक तंगी से जूझता रहा, लेकिन न तो उसे पेंशन मिली और न ही ग्रेच्युटी। यहां तक कि हाईकोर्ट का आदेश भी काम नहीं आया।
 

अब कोर्ट ने इस मामले में शुक्रवार को उच्च शिक्षा आयुक्त शारदा वर्मा को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में हुई। दरअसल, उमेश पाठक उच्च शिक्षा विभाग में एकाउंटेंट ग्रेड-1 पद से 31 अगस्त 2019 को रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने अधिवक्ता हर्षल चौहान के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की।
 

इसमें बताया कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें ग्रेच्युटी राशि नहीं दी गई। पेंशन का भी निर्धारण नहीं किया, बल्कि 8 माह बाद 1.56 लाख रुपए का वसूली आदेश निकाल दिया। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने 31 अगस्त 2020 को उच्च शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि याचिकाकर्ता का इंटैरिम पेंशन आदेश की कॉपी मिलने के 30 दिन के भीतर शुरू करें। साथ ही विवादित राशि छोड़कर शेष भुगतान किया जाए।याचिकाकर्ता ने 3 सितंबर को विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर विभाग के संचालक, आयुक्त सहित अन्य के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी।
 


Share

Leave a Reply