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कोरोना का कहर: रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां रह जाएंगी सूनी

 कोरोना का कहर: रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां रह जाएंगी सूनी
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रायपुर। भाई-बहन के अटूट और निश्चल प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन 03 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन रक्षाबंधन पर्व पर भी कोरोना का ग्रहण लगा रहेगा। रक्षाबंधन पर्व में जारी लॉकडाउन के चलते कई भाईयों की कलाईयां सूनी रह सकती है। 
 
 
रक्षाबंधन पर्व 03 अगस्त को मनाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन-प्रशासन ने अब 06 अगस्त तक लॉकडाउन जारी रखने का फैसला कर लिया है। रक्षाबंधन के पहले गुलजार रहने वाले शहर के बाजार पूरी तरह से वीरान हैं। कोरोना के ग्रहण ने लोगों को ऐसा प्रभावित किया है कि लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर मेंं कोरोना का कहर इस कदर टूट रहा है कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले में अब कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इसे विडंबना ही कहा जाए कि भाई-बहन के अटूट और निश्चिल प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार पूरी तरह से सूना रहेगा।
 
 
लॉकडाउन की सख्ती इतनी अधिक है कि लोगों को अपने-अपने घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी है। लिहाजा यह भी तय माना जा रहा है कि कोरोना के चलते इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां सूनी रहेगी। बहनें अपने भाईयों के घर नहीं जा सकेंगी तो वहीं भाई भी अपने-अपने घरों में कैद रहेंगे। कोरोना संकट को देखते हुए इस बार राखियों का बाजार भी नहीं लग पाया है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि बिना राखियों के लोग रक्षाबंधन पर्व कैसे मना सकेंगे। बहरहाल इस बीच जिला प्रशासन ने 29 और 30 जुलाई को केवल दो दिन के लिए सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विभिन्न दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। 


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