नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

कोरोना का कहर: रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां रह जाएंगी सूनी

 कोरोना का कहर: रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां रह जाएंगी सूनी
Share

रायपुर। भाई-बहन के अटूट और निश्चल प्रेम के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन 03 अगस्त को मनाया जाएगा। लेकिन रक्षाबंधन पर्व पर भी कोरोना का ग्रहण लगा रहेगा। रक्षाबंधन पर्व में जारी लॉकडाउन के चलते कई भाईयों की कलाईयां सूनी रह सकती है। 
 
 
रक्षाबंधन पर्व 03 अगस्त को मनाया जाएगा, लेकिन वर्तमान में चल रहे लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन-प्रशासन ने अब 06 अगस्त तक लॉकडाउन जारी रखने का फैसला कर लिया है। रक्षाबंधन के पहले गुलजार रहने वाले शहर के बाजार पूरी तरह से वीरान हैं। कोरोना के ग्रहण ने लोगों को ऐसा प्रभावित किया है कि लोग अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। शहर मेंं कोरोना का कहर इस कदर टूट रहा है कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले में अब कोरोना संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इसे विडंबना ही कहा जाए कि भाई-बहन के अटूट और निश्चिल प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार पूरी तरह से सूना रहेगा।
 
 
लॉकडाउन की सख्ती इतनी अधिक है कि लोगों को अपने-अपने घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी है। लिहाजा यह भी तय माना जा रहा है कि कोरोना के चलते इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व में कई भाईयों की कलाईयां सूनी रहेगी। बहनें अपने भाईयों के घर नहीं जा सकेंगी तो वहीं भाई भी अपने-अपने घरों में कैद रहेंगे। कोरोना संकट को देखते हुए इस बार राखियों का बाजार भी नहीं लग पाया है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि बिना राखियों के लोग रक्षाबंधन पर्व कैसे मना सकेंगे। बहरहाल इस बीच जिला प्रशासन ने 29 और 30 जुलाई को केवल दो दिन के लिए सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विभिन्न दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। 


Share

Leave a Reply