शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक साल से अटका: नियुक्ति पाने चयनित अभ्यर्थियों ने राजधानी में किया प्रदर्शन
रायपुर। राजधानी में आज प्रदेश भर से जुटे सैकड़ों बेरोजगारों ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तत्काल पूरा करने की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। इन लोगों का कहना है कि कोरोना काल में जब अन्य सरकारी कामकाज हो रहा है तो शिक्षकों की भर्ती को आखिर किस कारण से रोका गया है?
राजधानी के बूढ़ातालाब किनारे प्रदर्शन कर रहे चयनित शिक्षकों ने बताया कि पिछले एक साल से उनकी भर्ती प्रक्रिया रूकी हुई है। शिक्षक भर्ती के लिए अन्य प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, यहां तक कि चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज आदि की जांच भी पूरी हो चुकी है, लेकिन नियुक्ति नहीं दी जा रही है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से भी कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही दिया गया है। लिहाजा अब वे अपने नियुक्ति को लेकर सशंकित हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश भर में शिक्षकों के करीब 14 जार 580 पदों पर नियुक्ति होनी है, इसके लिए विभागीय कार्यवारी पूरी हो चुकी है, चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज आदि की जांच भी हो चुकी है। लेकिनन उन्हें विभाग में नियुक्ति नहीं मिली है। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे पात्र व चयनित अभ्यर्थियों ने बताया कि शिक्षक पद हेतु वांछित दस्तावेजों की जांच उपरांत उनके बीएड, डीएड, अनुभव आदि की भी जांच की जा चुकी है। कोरोनाकाल में सभी कामकाज सुचारू रूप से हो रहा है तो आखिर उन्हें किस कारण से नियुक्ति नहीं दी जा रही है।




