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बस्तर की सेवा-संस्कृति को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मुख्यमंत्री साय

बस्तर की सेवा-संस्कृति को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मुख्यमंत्री साय
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 बड़ी दीदी’ बुधरी ताटी, डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले का पद्मश्री के लिए चयन

रायपुर । छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गर्व और सम्मान का अवसर है कि बस्तर की समाजसेविका, स्नेह और ममता की प्रतिमूर्ति ‘बड़ी दीदी’ के नाम से विख्यात श्रीमती बुधरी ताटी, तथा जनजातीय अंचलों में निःस्वार्थ सेवा के जीवंत प्रतीक डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले का पद्म श्री सम्मान के लिए चयन किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाली इन तीनों विभूतियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ जीवन की कामना की है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल इन तीनों विभूतियों की तपस्या और समर्पण का सम्मान है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपार गौरव का विषय भी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर और जनजातीय अंचलों में मानव सेवा, करुणा और समर्पण की जो मिसाल इन विभूतियों ने प्रस्तुत की है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सेवा भाव से किया गया कार्य सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय पहचान बन जाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन तीनों विभूतियों ने वर्षों तक मौन साधना की तरह समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की सेवा की है और आज देश ने उस सेवा को सम्मान दिया है। यह छत्तीसगढ़ की मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक चेतना और जनजातीय संस्कृति की शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।



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