अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा में टूटी नक्सलवाद की कमर, 76 लाख के इनामी 21 खूंखार माओवादियों ने डाले हथियार
सुकमा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुकमा जिले में 21 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
भारी हथियारों के साथ आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली पिछले कई वर्षों से बस्तर के जंगलों में सक्रिय थे। इनके पास से पुलिस को AK-47 राइफल, SLR (सेल्फ लोडिंग राइफल), BGL लॉन्चर (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) अन्य ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद अत्याधुनिक हथियार प्राप्त हुए हैं।
IG और SP के सामने टेके घुटने
नक्सलियों ने बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सुकमा एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआईजी आनन्द सिंह राजपुरोहित के समक्ष अपने हथियार डाले। आईजी पी. सुंदरराज ने इसे सुरक्षा बलों की ‘रणनीतिक जीत’ बताया है। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली बस्तर में हुई कई बड़ी और रक्तरंजित घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं।
अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों में खौफ
गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही बस्तर के दौरे पर आने वाले हैं। उनके आगमन से पहले इतने बड़े पैमाने पर इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना यह दर्शाता है कि शासन की ‘पुनर्वास नीति’ और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन अब बिखरने लगे हैं।




