नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच में बड़ा मोड़, 18 महीने बाद कब्र से निकाला गया शव, दोबारा होगा पोस्टमॉर्टम….

सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच में बड़ा मोड़, 18 महीने बाद कब्र से निकाला गया शव, दोबारा होगा पोस्टमॉर्टम….
Share

 बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से फर्जी सर्पदंश का मामला सामने आया है. लगभग 18 महीने बाद एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में दफन किए गए शव को बाहर निकाला गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स के मर्चूरी भेजा गया.

दरअसल, यह पूरा मामला बिल्हा थाना क्षेत्र के पोड़ी गांव के निवासी शिव कुमार घृतलहरे की मौत से जुड़ा हुआ है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शिव कुमार ने 12 नवंबर 2023 को जहर खा लिया था और 14 नवंबर को उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि मौत के बाद वकील और डॉक्टर ने परिजनों के साथ मिलकर सर्पदंश की झूठी रिपोर्ट तैयार की और इसके आधार पर सरकार से मुआवजा प्राप्त कर लिया.

इस मामले में पुलिस ने 8 मई को वकील, डॉक्टर और मृतक के परिजनों समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. बताया जा रहा है कि परिजनों और वकील ने मिलकर मौत को सर्पदंश का मामला बताने की कोशिश की ताकि शासकीय मुआवजा राशि चार लाख रुपये प्राप्त किया जा सके. इस साजिश का मास्टरमाइंड वकील कामता साहू है, जबकि सिम्स की डॉक्टर प्रियंका सोनी पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने का आरोप है.

पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 420 और 120बी समेत अन्य गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. घटना के लगभग 18 महीने बाद शव को कब्र से निकालकर सिम्स मरच्यूरी भेजा गया. इस प्रक्रिया के दौरान बिल्हा एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इसके बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा.



Share

Leave a Reply