नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

छत्तीसगढ़ में पुस्तक घोटाला, प्राचार्या ने कबाड़ में बेच दी बच्चों की नई पुस्तकें

छत्तीसगढ़ में पुस्तक घोटाला, प्राचार्या ने कबाड़ में बेच दी बच्चों की नई पुस्तकें
Share

 अभनपुर : गोबरा नवापारा के शासकीय हरिहर स्कूल में पुस्तक घोटाला (book scam) का मामला सामने आया है, जहां पर स्कूल की प्राचार्या संध्या शर्मा पर ही पुस्तक घोटाला कर उसे कबाड़ की व रद्दी पुस्तक बताकर बेचने आरोप लगा है। आपको बता दें कि शासकीय स्कूलों में गरीब छात्र छात्राओं के लिए शासन के द्वारा मुफ्त में पुस्तक उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन बच्चों का शैक्षणिक स्तर बढ़ सके व बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सके, और जब पुस्तके खराब हो जाए तो उसके लिए बाकायदा अपने उच्च अधिकारियों से दिशा निर्देश प्राप्त कर व शाला विकास समिति का अनुमोदन प्राप्त कर उसे बेचा जाता है, व उससे मिलने वाले पैसे को शासन को चालान के माध्यम से जमा किया जाता है, लेकिन हरिहर स्कूल की प्राचार्य के द्वारा नई नई पुस्तकों को जिसका बंडल खुला भी नहीं था, उसे बिना किसी आदेश के बेच दिया गया। साथ ही उसके पैसे भी कहा गए इसका भी कोई हिसाब किताब नहीं बताया जा रहा है।

वहीं जब स्कूल की प्राचार्या से बात किया गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब देते हुवे पुस्तक को दीमक लगा हुआ बता कर व बेचे गए पुस्तक को सन 2022 का बताकर उसे शासन के गाइड लाइन के अनुसार बेचना बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया, जबकि शासन के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही की जाती है, या केवल प्रिंसिपल को चेतावनी देकर उसे माफ कर दिया जाता है।

 


Share

Leave a Reply