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चुनाव का बहिष्कार : प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच हुई बैठक, मतदान नहीं करने के निर्णय पर अड़े ग्रामीण…

चुनाव का बहिष्कार : प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच हुई बैठक, मतदान नहीं करने के निर्णय पर अड़े ग्रामीण…
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 बलौदाबाजार। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बलौदाबाजार जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कुकुरदी के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। सांवरा जाति के लोगों को उनके ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 12 में शामिल किए जाने का लगातार विरोध करते हुए चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन लगातार ग्रामीणों को मनाने का प्रयास कर रही है। बलौदाबाजार में प्रशासनिक अधिकारियों व ग्रामीणों के बीच बैठक भी हुई पर ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हैं। वही उन्होंने यह भी कहा कि कोतवाली टीआई उन्हें थाना बुलाकर धमका रहे थे। बाद में अपर कलेक्टर व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई है, जिसमें मतदान करने से किसी को रोकने मना नहीं करने कहा गया पर ग्रामीण मतदान नहीं करने पर अड़े हुए हैं

ग्रामीणों का कहना है कि सांवरा जाति के लोग पहले बलौदाबाजार के इंदिरा कालोनी में रहते थे, यही वार्ड नंबर 2 में मतदान करते थे और वर्षों से नगर सहित विधानसभा व लोकसभा में मतदान करते आ रहे हैं। 2013 में इन्हें ग्राम पंचायत कुकुरदी के खाली पड़े जगह पर विस्थापित किया गया और उसके बाद भी ये बलौदाबाजार में मतदान कर रहे थे। इस बार इन्हें ग्राम पंचायत कुकुरदी में जोड़ दिया गया है, जिसका विरोध कर रहे हैं। पूर्व के चुनाव में भी बहिष्कार किया गया था, जिसके बाद ये लोग बलौदाबाजार में मतदान किए थे। अब पुनः इन्हें ग्राम पंचायत में जोड़कर प्रशासन विवाद को बढ़ावा देने का काम कर रही है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रशासन को चुनाव के समय यह बात याद आती है पर चुनाव संपन्न होते ही अधिकारी भूल जाते हैं। यह समस्या आज की नहीं सन 2013 से आ रही है और अब हमें धमकाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। हम मतदान दल का विरोध नहीं करेंगे। वे आयेंगे पर ग्राम पंचायत कुकुरदी के हम सब ग्रामीण मतदान नहीं करेंगे।



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