नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विवाह के बाद अन्य से सम्बन्ध रखने वाली महिला को मिलेगा गुजारा भत्ता…..

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विवाह के बाद अन्य से सम्बन्ध रखने वाली महिला को मिलेगा गुजारा भत्ता…..
Share

 बिलासपुर। बिलासपुर में विवाह के बाद पत्नी के अन्य से संबंध और व्यभिचार के आधार पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि महिला पति से भरण पोषण व्यय प्राप्त करने की हकदार नहीं हो सकती। कोर्ट ने परिवार न्यायालय द्वारा 4000 रुपए भरण पोषण राशि देने के आदेश को निरस्त किया है। रायपुर निवासी याचिकाकर्ता का 2019 में विवाह हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद पति पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पत्नी मार्च 2021 में पति का घर छोड़कर अपने भाई के घर चली गई।

इसके बाद पति ने परिवार न्यायालय में तलाक एवं पत्नी ने पति से भरण पोषण प्राप्त करने प्रकरण प्रस्तुत किया। पत्नी ने आवेदन में कहा कि पति उसके साथ क्रूरता करता है। मानसिक रूप से प्रताड़ित कर चरित्र पर शंका करता है। इसके कारण वह घर छोड़कर अपने भाई के पास चली गई है। पति ने आवेदन में कहा कि पत्नी के उसके छोटे भाई से विवाहेतर संबंध हैं। उसने दोनों को पकड़ा एवं मना किया तो उसने लड़ाई की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। कुछ आपराधिक प्रकरण दर्ज भी कराया है। इसके अलावा पत्नी का अपने से कम उम्र के अन्य लड़कों के साथ भी संबंध हैं।
फैमिली कोर्ट का आदेश उचित नहीं

पत्नी के व्यभिचारी होने का पति ने परिवार न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किया। परिवार न्यायालय रायपुर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद व्यभिचार के आधार पर पति के पक्ष में तलाक का आदेश पारित किया। वहीं पत्नी के आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार कर पति को प्रतिमाह 4000 रुपए भरण पोषण देने का आदेश दिया। परिवार न्यायालय के आदेश के खिलाफ पति-पत्नी दोनों ने हाईकोर्ट में अलग अलग आपराधिक समीक्षा याचिका दायर की।



Share

Leave a Reply