छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत रद्द करने से किया इनकार, हाईकोर्ट की टिप्पणियां हटाईं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित 2,161 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनकी जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने जांच एजेंसी के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर से की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को अनावश्यक बताते हुए हटा दिया।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इस मामले से जुड़े कानूनी सवाल अभी भी खुले रहेंगे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल जमानत आदेश में पर्याप्त कारण नहीं होने के आधार पर किसी आरोपी की जमानत रद्द की जा सकती है।
चैतन्य बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने जमानत रद्द करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल उठाए। वहीं, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी माना कि कानूनी रूप से गलत जमानत आदेश हमेशा आरोपी की स्वतंत्रता खत्म करने का आधार नहीं बन सकते।
सुप्रीम कोर्ट ने अंत में जमानत रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने हाईकोर्ट की ओर से जांच एजेंसी पर की गई सख्त टिप्पणियों को हटाते हुए कहा कि वे आवश्यक नहीं थीं।
बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले में जनवरी में चैतन्य बघेल को जमानत दी थी। इस आदेश के खिलाफ ईडी और राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। ईडी का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच कथित शराब घोटाले में सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया। मामले की जांच ईडी और सीबीआई दोनों कर रही हैं।




