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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारी वर्षा को देखते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारी वर्षा को देखते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश
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 रेड एवं येलो अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी और समय पर राहत-बचाव सुनिश्चित करने के निर्देश

जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही वर्षा तथा मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए जारी रेड एवं येलो अलर्ट को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखें तथा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम तत्काल उठाएं। जिन क्षेत्रों में आवश्यकता हो, वहां लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना न रहे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में राहत एवं बचाव की समुचित तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, प्राथमिक उपचार, बिजली, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे। साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता बनाए रखें। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों, उपकरणों, नावों तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला एवं राज्य स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए तथा मौसम की स्थिति, जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों की स्थिति और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा की जाए। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनसहयोग से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।



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