नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

अमित शाह के भाषण को एडिट करके भ्रम फैला रही कांग्रेस : विष्णुदेव साय

अमित शाह के भाषण को एडिट करके भ्रम फैला रही कांग्रेस : विष्णुदेव साय
Share

 रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वीडियो से छेड़छाड़ कर आरक्षण खत्म करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। कांग्रेस के ऐसे दुष्प्रचार पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसी हरकतें बर्दास्त नहीं की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा है कि अपनी बुरी हार सामने देख कर कांग्रेस अब कोई भी स्तरहीन हथकंडे अपनाने से बाज नहीं आ रही है। दशकों तक आदिवासियों, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग के लोगों को ठगती रहने वाली, वंचित समूहों का शोषण करने वाली कांग्रेस अब फिर से आरक्षण के खिलाफ  दुष्प्रचार कर रही है। गृहमंत्री शाह के भाषण को भी गलत तरीके से एडिट कर वह भ्रम फैला रही है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए लिखा कि आदिवासियों-पिछड़ों-दलितों के खिलाफ ऐसा भद्दा मजाक करने से बाज आये। ऐसी हरकतें बिल्कुल सहन नहीं की जाएगी।सीएम साय ने लिखा कि कांग्रेस शुरू से ही वंचित समूहों को आगे लाने का, आरक्षण का विरोध करती रही है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की जितनी निंदा की जाय वह कम है। कांग्रेस को मुस्लिम आरक्षण स्वीकार है लेकिन आदिवासियों और अनुसूचित जाति समूहों, पिछड़ों को मिल रहा अधिकार उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा।



Share

Leave a Reply