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GST इंटेलिजेंस के घेरे में नामी बिल्डर्स, छापे में पकड़ाई करोड़ों की जीएसटी चोरी...

GST इंटेलिजेंस के घेरे में नामी बिल्डर्स, छापे में पकड़ाई करोड़ों की जीएसटी चोरी...
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 रायपुर। डीजी जीएसटी (आई) इंटेलिजेंस विंग ने प्रदेश के एक बड़े रियल एस्टेट ग्रुप पर छापा मारकर करोड़ों की जीएसटी चोरी पकड़ी है। यह छापेमारी भुवनेश्वर से आई टीम ने की। इस टीम में भुवनेश्वर, बिलासपुर, रायगढ़, धमतरी और मध्यप्रदेश से भी आए अधिकारी शामिल थे।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक टीम ने सोमवार सुबह रामा ग्रुप के डायरेक्टर्स और ठिकानों को घेरा। इनमें विधानसभा रोड स्थित रामा ग्रीन्स बिजनेस पार्क और सामने स्थित स्वर्णभूमि टाउनशिप के दफ्तरों में यह छापेमारी की। यह ग्रुप फार्चुन रिर्सोसेस के नाम से मुख्य कंपनी के बैनरतले काम करता है। यह इस समय पंडरी कपड़ा मार्केट में एलएलपी के रूप में काम कर रहा है। इसके एमडी राजेश अग्रवाल, और उनके पांच भाई डायरेक्टर हैं। यह कारवाई करीब दो दिन चली। सभी टीमें बुधवार रात एक बजे लौटी है। जीएसटी अफसरों ने रामा ग्रुप मिले निवेश, आय-व्यय, खरीदी, बिक्री से संबंधित कच्चे, पक्के बिल, दस्तावेज जब्त कर उनसे संबंधित पूछताछ ग्रुप के  सभी कर्मचारियों और सीए से की।

सर्वाधिक दस्तावेज रामा ग्रीन्स दफ्तर से मिले हैं। बताया गया है कि इन लोगों ने ग्रुप के के कच्चे पक्के कारोबार की पूरी जानकारी दे दी। यह पूछताछ  रात एक बजे तक चली। इस दौरान सभी के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। सभी को नये नंबर लेने पड़े हैं। जब्त फोन के कॉल और चैटिंग, मैसेज से भी जानकारी जुटाई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि सीए से मिली जानकारी से जीएसटी अफसर इस छापेमारी को सफल बता रहे हैं। इस ग्रुप के दो सौ करोड़ से अधिक के अन एकाउंटेंड लेनदेन की जानकारी मिली है। इस पर टैक्स चोरी भी तीन अंकों से अधिक होना बताया गया है। जीएसटी विंग की पड़ताल जारी है। अफसर दो दिन में मिले इनपुट के आधार पर रामा ग्रुप के अन्य सहयोगी संस्थानों में भी कार्रवाई कर सकती है। बता दें कि इस ग्रुप पर पिछले साल आयकर का भी छापा पड़ चुका है जिसमें सैकड़ों करोड़ की अघोषित संपत्ति-निवेश का खुलासा हुआ था।

सूत्रों ने बताया कि डीजी जीएसटी (आई) इंटेलिजेंस विंग एक तरह का गुप्तचर शाखा है। इसके अधिकारी कर्मचारी जीएसटी एन नंबर के जरिए आनलाइन या मार्केट में फैले सूत्रों के जरिए कर चोरी पर नजर रखते हैं। यह विंग यहां 10 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं। देवपुरी स्थित डीजी दफ्तर, फिलहाल एडीजी के नेतृत्व में संचालित है और ओडिशा के डीजी देवाशीष के प्रभार में है।



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