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वेदांता प्लांट हादसे में कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर एफआईआर दर्ज

वेदांता प्लांट हादसे में कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल समेत 10 पर एफआईआर दर्ज
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 जांजगीर चंपा। सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुआ भीषण बॉयलर हादसा अब कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें से 16 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के श्रमिक शामिल हैं, जो रोज़ी-रोटी के लिए यहां काम कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए डभरा थाने में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 8 से 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, शुरुआती जांच में प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक मात्रा में फ्यूल जमा हो गया था, जिससे अचानक अत्यधिक दबाव बना। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के भीतर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया, जिससे बॉयलर के निचले हिस्से का पाइप अपनी स्थिति से हट गया और विस्फोट हो गया। 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे यह हादसा हुआ, जब 2028 टीपीएच क्षमता वाले वाटर ट्यूब बॉयलर में अचानक प्रेशर बढ़ा। इतनी तेज़ी से दबाव बढ़ा कि सिस्टम को बंद करने या किसी भी आपात नियंत्रण का समय ही नहीं मिला। परिणामस्वरूप अंदर विस्फोट हुआ और बाहरी पाइपलाइन भी इसकी चपेट में आ गई।



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