नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

10वीं और 12वीं के खराब प्रदर्शन पर लेक्चरर्स और प्राचार्यों से मांगा गया जवाब

10वीं और 12वीं के खराब प्रदर्शन पर लेक्चरर्स और प्राचार्यों से मांगा गया जवाब
Share

 बिलासपुर। बिलासपुर जिले में इस वर्ष छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा के निराशाजनक परिणामों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिले के लचर प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल कड़े एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।

ताजा निर्देशों के अनुसार, जिले के कुल 183 सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली गई है, जिनमें 12वीं कक्षा के 44 और 10वीं कक्षा के 139 स्कूल शामिल हैं। कलेक्टर ने न केवल प्राचार्यों बल्कि संबंधित विषयों के लेक्चरर और व्याख्याताओं को भी विषयवार नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि इस साल के परीक्षा परिणामों में बिलासपुर जिला प्रदेश स्तर पर काफी पिछड़ गया है, जहां 10वीं की रैंकिंग में जिला 30वें और 12वीं में 27वें स्थान पर सिमट कर रह गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता में आई गिरावट के कारणों का पता लगाना और भविष्य में बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करना है। कलेक्टर के इस सख्त रुख से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


Share

Leave a Reply