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वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे

वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे
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 रायपुर। खाद्य तेलों में करीब एक साल से वजन कम करके जो मनमाने दाम वसूलने का खेल चल रहा था, उस पर अब केंद्र सरकार ने पूरी तरह से बैन लगा दिया है। अब उत्पादक कंपनियों ने पहले की तरह ही एक लीटर का पाउच बनाना प्रारंभकर दिया है। कम वजन वाले पाउच की सप्लाई अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। छूट मिलने के बाद एक लीटर के स्थान पर 650, 750 और 800 एमएल के पाउच बनाकर ग्राहकों को भ्रम में डालकर ठगने का काम किया गया।

कम वजन की छूट जिस मकसद से दी गई थी, उसके स्थान पर ग्राहक लूट रहे थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने ग्राहकों को राहत देने के लिए वजनों का एक बार फिर से मानक तय कर दिया है। लेकिन इसी के साथ कंपनियों और कारोबारियों को अपना पुराना स्टाक खपाने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है। किसी भी हाल में एक सितंबर के बाद कम वजन वाले खाद्य तेलों के पाउच नहीं बिकेंगे। 

पारंपरिक पैकिंग व्यवस्था
खाद्य तेलों में पहले सभी कंपनियों के एक लीटर के ही पाउच आते थे। इसी के साथ पांच लीटर के साथ 15 किलो का टिन का तेल आता था। लेकिन गरीब परिवारों को जो एक लीटर का पाउच नहीं ले पाते हैं, उनको राहत देने के लिए तेल की उत्पादक कंपनियों को कम वजन करके पाउच बनाने की छूट दी गई थी, ताकि गरीब परिवार अपने बजट के हिसाब से कम वजन वाले तेल के पाउच लेकर अपना काम चला सके। 

अब एक लीटर का आएगा पाउच
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा ने बताया कि, केंद्र सरकार ने वापस एक बार सभी कंपनियों के खाद्य तेलों को एक लीटर का बनाने का आदेश जारी किया है। अब 31 अगस्त के बाद कम वजन वाले पाउच नहीं बिकेंगे। कंपनियों ने कम वजन वाले पाउच की सप्लाई बंद कर दी है।

छूट में होने लगी लूट
लूट केंद्र सरकार ने तो गरीब परिवारों को राहत देने के लिए खाद्य तेलों के पाउच को किसी भी वजन में बनाने की छूट दी थी। लेकिन इस छूट में कई कंपनियां करने लगी। छूट मिलने के बाद इसके पैक अलग-अलग कंपनियां अपनी मर्जी से कर रही थी तो इसमें कीमत का खेल हो रहा था। कम वजन के कारण दाम ज्यादा देने पड़ रहे थे। एक उदाहरण हरेली तेल का ही लेते हैं। इस तेल के दाम हमेशा कीर्ति गोल्ड के सोया तेल से कम से कम पांच रुपए कम रहते हैं, लेकिन कम वजन के कारण इसके दाम उससे ज्यादा हो गए है। इसके पीछे वजन का खेल है। 

1 लीटर के नाम पर 800 ML बेचना अब नहीं चलेगा
हरेली ने एक लीटर का पैक ही बंद कर दिया। एक लीटर के स्थान पर 730 ग्राम यानी 800 एमएल का पैक लाया गया। इसके चिल्हर में दाम 130 रुपए हैं। यानी एक लीटर के दाम हो गए 162.50 रुपए। इतने दाम तो कीर्ति गोल्ड के भी नहीं है। कीर्ति गोल्ड एक लीटर का इस समय चिल्हर में 150 से 155 रुपए बिक रहा है। ज्यादातर कंपनियों ने अपने एक लीटर के पैक को कम वजन का कर दिया था तो उसके दाम बढ़ गए थे। अब कंपनियों का यह खेल पूरी तरह से बंद हो जाएगा।



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