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राजिम कुंभ कल्प 2026: महाशिवरात्रि पर निकलेगी नागा साधुओं की शोभायात्रा, शाही स्नान के साथ होगा समापन

राजिम कुंभ कल्प 2026: महाशिवरात्रि पर निकलेगी नागा साधुओं की शोभायात्रा, शाही स्नान के साथ होगा समापन
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राजिम :- राजिम  कुंभ कल्प मेला 2026 का समापन महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शाही स्नान के साथ होगा। इस अवसर पर देश भर से आए नागा साधु, महामंडलेश्वर और दंडी स्वामी पारंपरिक वेशभूषा में भव्य शोभायात्रा निकालेंगे। सुबह 7 बजे से शुरू होने वाली यह यात्रा नवापारा और राजिम के प्रमुख मार्गों से होते हुए त्रिवेणी संगम पहुंचेगी, जहाँ संत समाज की पहली डुबकी के साथ आस्था का महापर्व संपन्न होगा।

राजिम कुंभ का शाही स्नान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का सबसे बड़ा आयोजन है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ स्थानीय व्यापार, पर्यटन और ‘राजिम भक्तिन माता’ की इस पावन भूमि की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अखाड़ों का शौर्य और संतों का जयघोष

शोभायात्रा के दौरान नागा साधु अपने पारंपरिक हथियारों और शौर्य कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच रथों और घोड़ों पर सवार संत श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि संगम तट पर उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को सुगम दर्शन और स्नान का लाभ मिल सके।

शाही स्नान के लिए विशेष ‘स्वच्छ कुंड’

त्रिवेणी संगम पर शाही स्नान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। नदी क्षेत्र में ऐसे कुंड तैयार किए गए हैं जहाँ स्वच्छ जल का निरंतर प्रवाह (Inlet-Outlet) बना रहेगा। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले नागा साधु संगम में डुबकी लगाएंगे, जिसके बाद अन्य संत और फिर आम श्रद्धालु स्नान करेंगे। मान्यता है कि संतों के स्नान के बाद प्रसाद स्वरूप बरसे फूलों को प्राप्त करना अत्यंत शुभ होता है।

कुलेश्वरनाथ महादेव का विशेष श्रृंगार

महाशिवरात्रि के अवसर पर संगम के बीचों-बीच स्थित कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है। प्रातः 3 बजे से ही मंदिर के पट खुल जाएंगे, जहाँ महादेव का विशेष श्रृंगार और अभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु संगम तट पर रेत से शिवलिंग निर्मित कर दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।

  • समय: शोभायात्रा प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ।
  • प्रमुख प्रतिभागी: नागा साधु, महंत, महामंडलेश्वर और विभिन्न अखाड़े।
  • विशेष व्यवस्था: घाटों पर रेत की बोरियों से सुरक्षित उतरने का मार्ग और बैरिकेडिंग।
  • दर्शन समय: कुलेश्वरनाथ मंदिर में प्रातः 3:00 बजे से अभिषेक शुरू।

शाही स्नान के बाद देर रात तक महाशिवरात्रि के विशेष अनुष्ठान चलेंगे। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम के गहरे पानी में न जाएं और निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें। शाही स्नान के साथ ही 15 दिवसीय इस कुंभ कल्प मेले का औपचारिक समापन हो जाएगा।



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